educratsweb logo


 कुंभकर्ण से जुड़ी ये बातें नहीं जानते होंगे आप

रावण का छोटा भाई कुंभकर्ण रामायण का प्रमुख पात्र माना जाता था। बचपन से ही लंबे कान होने के कारण इनका नाम कुंभकर्ण पड़ा। इसकी माता कैकसी राक्षस कुल से थी और पिता विश्वश्रवा ब्राह्मण कुल से।

रावण का छोटा भाई कुंभकर्ण रामायण का प्रमुख पात्र माना जाता था। बचपन से ही लंबे कान होने के कारण इनका नाम कुंभकर्ण पड़ा। इसकी माता कैकसी राक्षस कुल से थी और पिता विश्वश्रवा ब्राह्मण कुल से। कुंभकर्ण की मां को सत्ता का लोभ था और पिता ज्ञानी और शांत स्वभाव के थे। इसलिए कुंभकर्ण में माता और पिता दोनों के गुण थे। अधिक शक्तिशाली होने के बावजूद भी उसने कभी अपने भाई का विरोध नहीं किया था। कुंभकर्ण 6 महीने सोता था और एक बार में उठकर इतना खाना खा लेता था जितने में हजारों लोग संतुष्ट हो जाए। ये बात तो लगभग सभी लोग जानते ही हैं लेकिन आज हम आपको कुंभकर्ण से जुड़ी कुछ और एेसी बातें बताने जा रहें हैं जिसके बारे में आपने  शायद कभी सुना भी नहीं होगा।
PunjabKesari
किसने दिया कुंभकर्ण को सोने का वरदान-
जब रावण,विभीषण और कुंभकर्ण तीनों मिलकर ब्रह्मा जी की तपस्या कर रहे थे। तो ब्रह्मा जी उनकी कठोर तपस्या से बहुत प्रसन्न हो गए थे और प्रसन्न होकर तीनों को दर्शन दिए और उन्हें वरदान मांगने को कहा। ब्रह्मा जी रावण और विभीषण को उनकी इच्छा अनुसार वरदान देकर कुंभकर्ण के पास पहुंचे। लेकिन कुंभकर्ण की इच्छा सुनकर ब्रह्म जी बहुत परेशान हो गए थे और सोचने लगे कि अगर वो इतना भोजन खाता रहा तो सृष्टि खत्म हो जाएगी। इसी कारण से ब्रह्मदेव ने कुंभकर्ण के वरदान मांगने से पहले ही देवी सरस्वती के द्वारा कुंभकर्ण की बुद्धि को हर लिया। जिससे कि कुंभकर्ण जो चाहता था वह न मांग सका और उसने छह माह तक सोते रहने का वरदान ब्रह्मदेव से मांग लिया था।

PunjabKesari
रावण से भी ज्यादा बलवान था कुंभकर्ण-
कुंभकर्ण बहुत बलवान था और उससे टक्कर लेने वाला कोई भी योद्धा पूरे जगत में नहीं था। ब्रह्मा जी के वरदान के कारण वह मदिरा पीकर 6 महीने तक सोता रहता था। लेकिन जब कुंभकर्ण जागता था तो तीनों लोकों में हाहाकार मच जाता था। उसका शरीर भी बहुत ही विशाल था।


माता सीता के हरण से कुंभकर्ण को हुआ था दुख-
माता सीता के हरण के बाद जब श्री राम रावण के साथ युद्ध करने लंका पहुंचे। दोनों सेनाओं के बीच घमासान युद्ध होने लगा था। तब कुंभकर्ण सो रहा था। श्रीराम की सेना के हाथों रावण के कई योद्धा मारे गए तो रावण की सेना कुंभकर्ण को उठाने की कोशिश कर रही थी। कई प्रयत्नों के बाद जब कुंभकर्ण अपनी नींद से जागा,तो उसे पता चला कि उसके बड़े भाई रावण ने सीता का हरण कर लिया है। जब उसे यह बात पता चली तो कुंभकर्ण को बहुत ही दुख हुआ और उसने रावण को बहुत समझाया यहां तक कि सीता को कश्रीराम को लौटाकर उनसे माफी मांगने को कहा लेकिन रावण न माना।

PunjabKesari
देवर्षि नारद से मिला था कुंभकर्ण को तत्वज्ञान-
जैसे कि हमने आपके उपरोक्त में बताया है कि कुंभकर्ण  6 महीने तक सोता था। उसका पूरा एक दिन भोजन करने में और सभी का हाल-चाल जानने में ही चला जाता था। रावण जो भी पाप करता था उसमें कुंभकर्ण का कोई सहयोग नहीं होता था। इसी कारण कुंभकर्ण को पाप-पुण्य और धर्म-अधर्म से कोई लेना-देना नहीं था। इसी वजह से स्वयं देवर्षि नारद ने जाकर कुंभकर्ण को तत्वज्ञान का महान उपदेश दिया था।


रावण के मान-सम्मान के लिए किया था श्रीराम से युद्ध-
कुंभकरण के लाख समझाने पर भी रावण न माना और प्रभु श्री राम से युद्ध करने के लिए उन्हें ललकारने लगा। ये जानते हुए भी कि श्रीराम भगवान विष्णु के अवतार हैं और उनसे जीतना असंभव है लेकिन अपने भाई का मान रखते हुए कुंभकरण श्री राम से युद्ध करने के लिए तैयार हो गया। रामचरित्र मानस के अनुसार कुंभकरण श्री राम के सामने युद्ध करने गया तो था लेकिन उसके मन में श्री राम के प्रति अनन्य भक्ति थी। भगवान के बाण लगते हीं कुंभकरण में अपना शरीर त्याग दिया और उसकी मृत्यु हो गई। ऐसे उसका जीवन सफल हो गया।
PunjabKesari

Content Source https://www.punjabkesari.in/dharm/news/interesting-facts-related-to-kumbhakarna-898359

educratsweb.com

Posted by: educratsweb.com

I am owner of this website and bharatpages.in . I Love blogging and Enjoy to listening old song. ....
Enjoy this Author Blog/Website visit http://twitter.com/bharatpages

if you have any information regarding Job, Study Material or any other information related to career. you can Post your article on our website. Click here to Register & Share your contents.
For Advertisment or any query email us at educratsweb@gmail.com

RELATED POST
1. जनसुनवाई -समाधान
सूचना तकनीक का प्रयोग कर सुशासन के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु उ०प्र० सरकार द्वारा विकसित 'ई-संवाद' एक समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली है| यह प्रणाली नागरिकों एवं शासन/विभागों/शासकीय कार्यालय
2. Science in Vedas
Science in Vedas   Science in Vedas The core foundation of Hindu belief is that Vedas contain source of all knowledge – physical or metaphysical. However in last 100 odd years, this belief has come under scrutiny due to the advances that modern science claims to make.
3. राहत इन्दौरी (1 जनवरी 1950 - 11 अगस्त 2020 )
राहत इन्दौरी (उर्दू: ڈاکٹر راحت اندوری) (जन्म: 1 जनवरी 1950-11 अगस्त 2020 ) एक भारतीय उर्दू शायर और हिंदी फिल्मों के गीतकार थे थे। वे देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में उर्दू साहित्य के प्राध्यापक भी रह चुके ह
4. यूरी गगारिन (१२ अप्रैल, १९६१ को अंतरिक्ष में जाने वाले वे प्रथम मानव थे।)
यूरी गगारिन (Yuri Gagarin) (9 मार्च 1934 – 27 मार्च 1968), भूतपूर्व सोवियत संघ के हवाबाज़ और अंतरिक्ष यात्री थे।१
5. कुंभकर्ण से जुड़ी ये बातें नहीं जानते होंगे आप
 कुंभकर्ण से जुड़ी ये बातें नहीं जानते होंगे आप रावण का छोटा भाई कुंभकर्ण रामायण का प्रमुख पात्र माना जाता था। बचपन से ही लंबे कान होने के कारण इ
6. कुंवर सिंह (1777 - 1857) सन 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सिपाही और महानायक
कुंवर सिंह (1777 - 1858) सन 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सिपाही और महानायक थे। अन्याय विरोधी व स्वतंत्रता प्रेमी बाबू कुंवर सिंह कुशल सेना नायक थे। इनको 80 वर्ष की उम्र में भी लड़ने तथा
7. हिन्दू पंचांग
हिन्दू पञ्चाङ्ग से आशय उन सभी प्रकार के पञ्चाङ्गों से है जो परम्परागत रूप प्राचीन काल से भारत में प्रयुक्त होते आ रहे हैं। ये चान्द्रसौर प्रकृति के होते हैं। सभी हिन्दू पञ्चाङ्ग, कालगणना
8. हिजरी या इस्लामी पंचांग
हिजरी या इस्लामी पंचांग को (अरबी: التقويم الهجري; अत-तक्वीम-हिज़री; फारसी: تقویم هجری قمری ‎'तकवीम-ए-हिज़री-ये-क़मरी) जिसे हिजरी कालदर्शक भी कहते हैं, एक चंद्र कालदर्शक है, जो न सिर्फ मुस्लिम देशों में प्रय
9. पञ्चाङ्गम्
पञ्चाङ्गम् परम्परागत भारतीय कालदर्शक है जिसमें समय के हिन्दू ईकाइयों (वार, तिथि, नक्षत्र, करण, योग आदि) का उपयोग होता है। इसमें सारणी या तालिका के रूप में महत्वपूर्ण सूचनाएँ अंकित होतीं है
10. चन्द्रवाक्य
चंद्रवाक्य (संस्कृत में : चन्द्रवाक्यानि) सूची (लिस्ट) के रूप में व्यवस्थित संख्याओं के एक समूह को कहते हैं जिनका उपयोग प्राचीन भारतीय गणितज्ञों द्वारा चन्द्रमा की पृथ्वी के चारो ओर
11. चीनी कालदर्शक
चीनी कालदर्शक (official Chinese name: Rural Calendar (सरलीकृत चीनी: 农历; परंपरागत चीनी: 農曆; पिनयिन: Nónglì; अनुवाद "farming calendar"),[a] alternately Former Calendar (सरलीकृत चीनी: 旧历; परंपरागत चीनी: 舊曆; पिनयिन: Jiùlì), Traditional Calendar (सरलीकृत चीनी: 老历;
12. मोहनजोदड़ो की खोज करने वाले प्रसिद्ध इतिहासकार राखलदास बनर्जी
राखालदास वंद्योपाध्याय (बंगला: রাখালদাস বন্দোপাধ্যায় / आर. डी. बनर्जी, 1885-1930) प्रसिद्ध पुरातत्वज्ञ एवं इतिहासकार थे। आप भारतीय पुराविदो
13. ग्रेगोरियन कैलेंडर (Gregorian calendar)
ग्रेगोरियन कैलेंडर (Gregorian calendar) {ग्रेगोरी कालदर्शक}, दुनिया में लगभग हर जगह उपयोग किया जाने वाला कालदर्शक या तिथिपत्रक है। यह जूलियन कालदर्शक (Julian calendar) का रूपान्तरण है।[1] इसे पोप ग्रेगोरी (P
14. One Nation One Ration Card Apply Online Format – Aadhar-Rashan Card Linking by Central Govt.
One Nation One Ration Card Apply Online Format – Aadhar-Rashan Card Linking by Central Govt. एक देश एक राशन कार्ड योजना - राशन कार्ड को आधार कार्ड नंबर से लिंक करना होगा जरुरी Central govt. designed standard One Nation One Ration Card Apply Online Format, linking of rashan card with aadhar number to start to provide inter-state portability
15. 16 अप्रैल का इतिहास, बम्बई से ठाणे के बीच चली थी पहली छुक छुक गाड़ी
16 अप्रैल 1853 को 3:35 बजे ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे की पहली रेलगाड़ी बंबई (अब मुम्बई) के बोरी बंदर से थाने (अब ठाणे) जाने के लिए रवाना हुई।रेलगाड़ी को इस 21 मील (33.8 किमी) क
16. One Nation One Ration Card Apply Online Format – Aadhar-Rashan Card Linking by Central Govt.
One Nation One Ration Card Apply Online Format – Aadhar-Rashan Card Linking by Central Govt. एक देश एक राशन कार्ड योजना - राशन कार्ड को आधार कार्ड नंबर से लिंक करना होगा जरुरी Central govt. designed standard One Nation One Ration Card Apply Online Format, linking of rashan card with aadhar number to start to provide inter-state portability
17. तात्या टोपे (1814 - 18 अप्रैल 1859) भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के एक प्रमुख सेनानायक
तात्या टोपे (1814 - 18 अप्रैल 1859) भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के एक प्रमुख सेनानायक थे। सन १८५७ के महान विद्रोह में उनकी भूमिका सबसे महत्त्वपूर्ण, प्रेरणादायक और बेजोड़ थी। सन् सत्तावन क
18. भारतीय राष्ट्रीय पंचांग
भारतीय राष्ट्रीय पंचांग या 'भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर' भारत में उपयोग में आने वाला सरकारी सिविल कैलेंडर है। यह शक संवत पर आधारित है और ग्रेगोरियन कैलेंडर के साथ-साथ 22 मार्च 1957 से अपनाया ग
19. हिन्दी पत्रकारिता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं … May 30
हिन्दी पत्रकारिता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं … May 30 आज ही के दिन 1826 में पंडित युगुल किशोर शुक्ल ने प्रथम हिन्दी समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ का प्रकाशन व संपादन आरम्भ किया था। इस प्रकार
20. बिहार किसान सम्मान निधि ऑनलाइन आवेदन | पंजीकरण, रजिस्ट्रेशन फॉर्म 2019, स्टेटस देखें | PM Kisan Bihar
बिहार के किसान किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन ऑनलाइन कैसे करें | किसान सम्मान निधि बिहार (PM Kisan Bihar) ऑनलाइन पंजीकरण, Check Status नोट : अगर आप बिहार के नहीं हैं तो ऑनलाइन
21. आयुष्मान भारत योजना लिस्ट 2019 | Search Online आयुष्मान भारत योजना लाभार्थी सूची (नाम खोजें) | Ayushman Bharat-Jan Arogya List
आयुष्मान भारत योजना लिस्ट 2019 | Search Online आयुष्मान भारत योजना लाभार्थी सूची (नाम खोजें) | Ayushman Bharat-Jan Arogya List आयुष्मान भारत योजना सूची (List) |Ayushman Bharat Jan Arogya List 2019 इस लेख में आपको आयुष्मान भारत योजना की लिस्
22. शक सम्वत और विक्रम सम्वत में क्या अंतर हैं?
शक सम्वत और विक्रम सम्वत में क्या अंतर हैं? सम्वत को समय की गणना का भारतीय मापदंड माना जाता है. भारत में दो सम्वत प्रचलित हैं, शक और विक्रम सम्वत.
23. एक परिवार एक नौकरी योजना |ऑनलाइन आवेदन | एप्लीकेशन फॉर्म – Ek Parivar Ek Naukri Yojana
एक परिवार एक नौकरी योजना |ऑनलाइन आवेदन | एप्लीकेशन फॉर्म – Ek Parivar Ek Naukri Yojana Ek Parivar Ek Naukri Yojana|एक परिवार एक नौकरी योजना एक परिवार एक नौकरी योजना : युवाओं के लिए सरकारी नौकरियां द
24. बिहार महादलित विकास मिशन की योजनाएँ
बिहार महादलित विकास मिशन की योजनाएँ दशरथ माँझी कौशल विकास योजना योजना का उद्धेश्य महादलित युवकों एवं युवतियों को नि:शुल्क व्यवसायिक प्रशिक्षण देकर उनके लिए रोजगार स
25. हिन्दी और इंग्लिश में जानिये 81 फलो के नाम Fruits Name in Hindi
हिन्दी और इंग्लिश में जानिये 81 फलो के नाम Fruits Name in Hindi 1. Acai Berry = काला जामुन  
26 बिहार तकनीकी सेवा आयोग | आयुष चिकित्सा पदाधिकारी की नियुक्ति हेतु विज्ञापान #Bihar 0 Days Remaining for Apply
बिहार तकनीकी सेवा आयोग | आयुष चिकित्सा पदाधिकारी की नियुक्ति हेतु विज्ञापान बिहा ...
We would love to hear your thoughts, concerns or problems with anything so we can improve our website educratsweb.com ! visit https://forms.gle/jDz4fFqXuvSfQmUC9 and submit your valuable feedback.
Save this page as PDF | Recommend to your Friends

http://educratsweb(dot)com http://www.educratsweb.com/content.php?id=1805 http://educratsweb.com educratsweb.com educratsweb