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1 फरवरी से अब सवर्णों को मिलेगा आरक्षण, बस करना होगा ये काम


नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आदेश जारी करते हुए बताया कि सामान्य वर्ग के गरीब तबके को 1 फरवरी 2019 से शिक्षा और नौकरी में आरक्षण मिलने लगेगा। गुजरात और झारखंड में ये कानून पहले ही लागू हो चुका है, लेकिन अब 1 फरवरी से ये काननू उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी लागू हो जाएगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस बिल को 13 जनवरी को अपनी मंजूरी दे दी थी। इससे पहले ये बिल 9 जनवरी को संसद से पास हुआ था।


शिक्षा और नौकरी में मिलेगा आरक्षण

आपको बता दें कि मोदी सरकार के इस कानून के तहत सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा। इसलिए अब गरीब सवर्णों को शिक्षा और नौकरी के लिए बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है।


आरक्षण लेने के लिए आपको कुछ नियमों का पालन करना होगा-

1. 1000 वर्म फीट से बड़ा घर ना हो

2. म्यूनिसिपिटी एरिया में 100 गज से बड़ा घर ना हो

3. 5 एकड़ से ज्यादा खेती लायक जमीन ना हो

4. नॉन नोटिफाइड म्यूनिसिपल एरिया में 200 गज से बड़ा घर ना हो

5. 10 फीसदी आरक्षण पर ये राज्य लगा चुके हैं मुहर


इन लोगों ने आरक्षण का किया विरोध

10 फीसदी आरक्षण देश के कुछ राज्यों में मुहर लग गई है, जिसमें उत्तर प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और झारखंड शामिल हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस व्यवस्था को लागू करने से इनकार कर दिया है। वहीं, डीएमके प्रमुख ने एमके स्टालिन ने भी गरीबी आधारित आरक्षण का विरोध किया है।


चाहिए होगा संपत्ति का प्रमाण पत्र

आपको बता दें कि अगर कोई भी सवर्ण उम्मीदवार आरक्षण लेना चाहता है तो उसे संपत्ति का प्रमाण पत्र देना होगा। इसके बाद ही वह इस आरक्षण का लाभ उठा सकता है। यह प्रमाण पत्र तहसीलदार या इससे उच्च अधिकारी द्वारा जारी होना चाहिए।

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एटीएम कार्ड की चोरी और क्लोनिंग से अब नहीं होगा आपके पैसों को खतरा, बस करना होगा ये काम


नई दिल्ली। अब ग्राहक अपना एटीएम कार्ड केवल एक स्‍मार्टफोन के जरिए कंट्रोल कर सकते हैं। कंट्रोलिंग यानी वह ATM कार्ड को ब्‍लॉक, ऑन या ऑफ और ATM पिन जनरेट करने जैसे काम कर सकते हैं। यानी कार्ड की सिक्‍योरिटी का पूरा इंतजाम केवल स्‍मार्टफोन के माध्‍यम से किया जा सकता है। इसके बाद आपके एटीएम का सारा कंट्रोलिंग आपके हाथों में होगा। अगर आपका एटीएम कार्ड चोरी हो गया, क्लोनिंग हो गई या कहीं गिर भी गया तो चिंता की कोई बात नहीं हैं। क्योंकि बैंक ऐप के इस विशेष फीचर्स के जरिए आपना कार्ड खुद
कंट्रोलिंग कर सकेंगे।

ऐसे लगता है लाखों का चूना

एसबीआई केनरा बैंक, बैंक आफ बड़ौदा और आईसीआईसीआई जैसे कई ऐसे बैंक हैं जो अपने ग्राहकों को ये सुविधा दे रहे हैं। दरअसल देश में हर दिन साइबर क्राइम बढ़ता ही चला जा रहा है। ठग एटीएम कार्ड की क्लोनिंग के जरिए या धोखे से पासवर्ड मांगकर ग्राहकों को लाखों का चूना लगा रहे हैं। ऐसे में बैंक के इन ऐप के जरिए आप खुद धोखाधड़ी को काफी हद तक रोक सकते हैं।

ये हैं बैंकों के एप

ग्राहकों के लिए केनरा बैंक एम सर्व एप चल रहा है तो बैंक आफ बड़ौदा का एम कनेक्ट प्लस एप है। अब स्टेट बैंक एसबीआई क्विक ऐप लाया है। इन ऐप से रुपए निकाले या जमा नहीं किए जा सकते लेकिन खाताधारक अपने एटीएम कार्ड को मोबाइल से ही किसी भी समय ब्लाक या ऑन, ऑफ कर सकता है। एटीएम कार्ड जिस समय ऑन होगा, उसी समय उससे धन निकाला जा सकेगा। इसमें भी पांच ऑप्शन दिए हैं। इनमें से खाताधारक जो ऑप्शन चाहे उसे बंद कर सकता है, जो चाहे चालू रख सकता है। खाताधारक चाहे तो एटीएम बूथ, पोस मशीन, ऑनलाइन किसी भी तरह धन नहीं निकलेगा, चाहे कार्ड व पासवर्ड चोरी हो गए हों। इसके अलावा देश या विदेश जहां भी वह अपने कार्ड को जब चाहे बंद कर सकता है और जब चाहे चालू कर सकता है।

 

 


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बजट विशेषः 40 फीसदी एेलानों पर नहीं हो सका है कोर्इ काम, सरकार ने की हैं पांच सालों में 600 घोषणाएं


नर्इ दिल्ली। जब से पीएम नरेंद्र मोदी आैर उनकी सरकार ने केंद्र में सत्ता संभाली है, आैर बजट पेश किया है। तब से अब तक तमाम बजटों में करीब 600 घोषणाएं एवं एेलान किए हैं। ताज्जुब की बात तो ये है कि उन तमाम घोषणाआें एवं एेलानों में से 40 फीसदी में कोर्इ काम तक नहीं हो सका है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पांच सालों में आए बजट में करीब एेसी 350 घोषणाएं हैं जिनमें एक भी आगे भी नहीं बढ़ सका है। कुछ एेलान एेसे हैं जिनकी घोषणा 2014-2015 के बजट में हुर्इ थी। लेकिन उनपर कोर्इ काम नहीं हुआ। जानकारों की मानें तो आचार संहिता लगने से पहले एेसी योजनाअों पर काम शुरू हो सकता है जिन पर कोर्इ काम नहीं हुआ। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर एेसी कौन सी योजनाएं हैं जिनकी घोषणा एवं एेलान तो बजटों में हुआ, लेकिन काम नहीं हो सका…

250 एेलानों पर नहीं हो सका अमल
सरकार भले ही अपने आखिरी बजट की तैयारी में जुट गई हो। लेकिन पिछले 5 बजट में सरकार ने जितने ऐलान किए उनमें से 40 फीसदी अभी तक लागू नहीं हो पाए हैं। सूत्रों के मुताबिक बजट पर समीक्षा बैठक के दौरान ये बात सामने आई है। पिछले 5 बजट में करीब 600 ऐलान हुए हैं। जिन ऐलानों पर अमल हुआ है उनकी संख्या करीब 350 है। जानकारी के अनुसार सूत्रों के मुताबिक करीब 250 ऐलान अब तक जमीन पर नहीं उतरे हैं। करीब 175 ऐलानों पर कदम उठे लेकिन अमल नहीं हुआ है। करीब 10 ऐलानों पर कोई कदम ही नहीं उठाया गया है।

इन एेलानों पर नहीं हो सका काम
जानकारी के अनुसार लेबर रिफॉर्म से जुड़े दो ऐलानों पर कोई अमल नहीं हुआ है। वहीं दूसरी आेर पब्लिक पोर्ट के आधुनिकीकरण का बिल संसद में लंबित पड़ा हुआ है। 2018-19 में हर कंपनी को यूनिक एंटिटी नंबर देने का ऐलान किया गया था लेकिन अभी तक इस प्रस्ताव को मंजूरी भी नहीं मिली है। इन्हीं तरह के एेसे कर्इ तरह के बड़े एेलान थे, जिनपर काम होना था, लेकिन काम शुरू नहीं हो सका है।

एेलानों पर हो सकता है काम शुरू
प्राप्त जानकारी के अनुसार अब मोदी सरकार एेसे कर्इ एेलानों पर काम शुरू कर सकती है जिनपर पर अभी तक अमल नहीं लाया जा सका है। खास तौर पर उन प्रोजेक्ट्स पर जो आम जनता से जुड़े हुए हैं। नाम ना प्रकाशित करने पर सरकार से जुड़े सुत्रों ने बताया है कि सरकार एेसे कामों को जल्द शुरू सकती है जिनसे जनता को काफी फायदा होगा। एेसे कर्इ प्रोजेक्ट्स को चुनाव आचार संहिता शुरू होने से पहले स्टार्ट किया जा सकता है। अब देखने वाली बात होगी कि मोदी सरकार के लिए यह प्रोजेक्ट्स किस तरह से फायदे का सौदा साबित होंगे।


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6 महीने तक नहीं भरा GST रिटर्न, तो सरकार छीन सकती है ये अधिकार


नई दिल्ली। मोदी सरकार जीएसटी में होने वाली चोरी को रोकने के लिए एक अहम कदम उठाने जा रही है। दरअसल सरकार तकनीकी मदद से एक एस सिस्टम बनाने जा रही है। जो लगातार छह महिने तक जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले कारोबारियों को ई-वे बिल जेनरेट नहीं करेगा।

लागू होगा ये नया नियम

अधिकारियों के मुताबिक सरकार के ऐसा करने का मकसद जीएसटी चोरी रोकना है। एक शीर्ष अधिकारी का कहना है कि जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) ऐसा आइटी सिस्टम तैयार कर रहा है। यह सिस्टम तैयार हो जाने के बाद उन सभी कारोबारियों के लिए ई-वे बिल निकालना असंभव हो जाएगा, जिन्होंने लगातार दो तिमाहियों का जीएसटी रिटर्न फाइल नहीं किया होगा। आपको बता दें कि पिछले साल अप्रैल से दिसंबर के दौरान जीएसटी चोरी के लगभग 3626 मामले सामने आए थे।

ये होता है ई-वे बिल

टैक्स चोरी रोकने के लिए सरकार ने 1 अप्रैल 2018 को ई-वे बिल की सुविधा शुरू की गई थी। 50,000 रुपए से अधिक का सामान एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजे जाने के लिए ई-वे बिल सुविधा का उपयोग किया जा सकता है। राज्यों के भीतर ही इस सेवा को शुरू करने के लिए 15 अप्रैल से इसे लागू किया गया था।

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बैंकिंग सेक्टर आैर कैपिटल गुड्स में गिरावट से सेंसेक्स आैर निफ्टी की कमजोर शुरूअात


नर्इ दिल्ली। बैंकिंग सेक्टर आैर कैपिटल गुड्स सेक्टर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन काफी कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा है। इन दोनों सेक्टर की वजह से सेंसेक्स आैर निफ्टी की कमजोर शुरूआज हुर्इ है। मौजूदा समय में सेंसेक्स 5.33 आैर निफ्टी 12.10 अंकों पर कारोबार कर रहे हैं। इससे पहले आज सेंसेक्स 64.65 अंकों की मजबूती आैर निफ्टी 15.90 अंकों की कमजोरी के साथ खुले थे। आइए आइए आपको भी बताते हैं कि आज सेंसेक्स आैर निफ्टी किस तरह से कारोबार कर रहे हैं।

सेंसेक्स आैर निफ्टी में देखने को मिल रही रिकवरी
ताजा अांकड़ों के अनुसार सेंसेक्स आैर निफ्टी में रिकवरी देखने को मिल रही है। मौजूदा समय में बांबे स्टाॅक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 57.80 अंकों की बढ़त के साथ 36444.41 अंकों पर कारोबार कर रहा है। वहीं दूसरी आेर नेशनल स्टाॅक एक्सचेंज के प्रमुख सूचकांक निफ्टी 13.15 अंकों की बढ़त के साथ 10920.10 अंकों पर कारोबार कर रही है। वहीं दूसरी आेर बीएसई स्मॉल कैप अौर बीएसई मिड-कैप दोनों दबाव में दिखार्इ रहे हैं। बीएसई स्मॉल कैप14.75 आैर बीएसई मिड-कैप 6.65 अंकों की गिरावट पर हैं।

बैंकिंग सेक्टर में आर्इ गिरावट
अगर बात सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो बैंकिंग सेक्टर बड़ी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। मौजूदा समय में बैंक एक्सचेंज 54.04 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। वहीं बैंक निफ्टी 50.90 अंकों पर कारोबार कर रहा है। कैपिटल गुड्स में 226.29 अंकों की बडी गिरावट देखने को मिल रही है। बीएसर्इ पीएययू में 12.41 अंकों की गिरावट देखने को मिल रही है। एक्सिस बैंक 0.90, इंडसइंड बैंक में 0.72 आैर कोटक महिन्द्रा बैंक 0.55 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही है।


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बड़ा खुलासा, दुनिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क नौकरी देने के मामले रहा फिसड्डी, करीब तीन लाख भर्तियां रिक्त


नर्इ दिल्ली। भारतीय रेलवे को दुनिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क माना जाता है। एेसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि यहां पर नौकरियां सबसे ज्यादा हैं। साथ ही सबसे ज्यादा लोग इस रेल नेटवर्क में काम करते हैं। लेकिन पिछले दस सालों में नौकरियां देने के मामले में भारतीय रेल नेटवर्क सबसे ज्यादा फिसड्डी साबित हुआ है। आंकड़ों के अनुसार रेलवे में मौजूदा समय में करीब तीन लाख नौकरियां रिक्त पड़ी हुर्इ हैं। पिछले 10 सालों में रेलवे में जितने लोग रिटायर हुए उसके मुकाबले में नौकरियाें पर नहीं रखा गया है। आरटीआर्इ में कर्इ बातों का खुलासा हुआ है। आइए आपको भी बताते हैं…

रेलवे विगत वर्षो में नौकरियां देने में विफल रहा है, जबकि कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति से रिक्तियां बढ़ती गईं। आंकड़ों पर गौर करें तो नवंबर 2018 तक रेलवे में ग्रुप-सी और डी के 2,66,790 पद रिक्त थे। वर्ष 2016-17 के दौरान रेलवे में कुल 13,08,323 कर्मचारी कार्यरत थे। इससे पहले 2008-09 में रेलवे में कर्मचारियों की कुल संख्या 13,86,011 थी। इस प्रकार हर साल जितने कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए, उसके मुकाबले नई भर्तियां कम हुईं।

गौरलतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश के सामान्य वर्ग के गरीबों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने के लिए अलग से विधेयक पारित किया है। सरकार ने यह कदम हाल ही में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पराजय के बाद उठाया है, क्योंकि आगे इस साल लोकसभा चुनाव है।

लिहाजा, विपक्ष सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहा है। मौजूदा सरकार रोजगार सृजन में विफल रही है और देश में बेरोजगारों की तादाद साल दर साल बढ़ती जा रही है। इसलिए रोजगार देश की प्राथमिकता और प्रमुख चुनावी मुद्दा बन गया है।

क्या सरकार ने सरकारी पदों की मौजूदा रिक्तियां भरने की दिशा में अपेक्षित कोशिश की है? दुनिया का सबसे बड़ा नियोक्ता प्रतिष्ठान भारतीय रेल भी नौकरियां देने में विफल रहा है।

सूचना का अधिकार कानून के तहत मांगी गई जानकारी से जो जवाब मिला है, वह चौंकाने वाला है। वर्ष 2008 से लेकर 2018 तक एक भी साल ऐसा नहीं रहा, जब रेलवे के जितने कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए, उससे अधिक नई भर्तियां हुईं हों। इसलिए रेलवे में रिक्त पदों की संख्या करीब तीन लाख हो गई है।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों और नई भर्तियों के आंकड़े इस प्रकार हैं
- वर्ष 2007-08 में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संख्या 42,149 और नई भर्तियों के आंकड़े अनुपलब्ध।
- वर्ष 2008-09 में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संख्या 40,290 और नई भर्तियां 13,870
- वर्ष 2009-10 में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संख्या 41,372 और नई भर्तियां 11,825
- वर्ष 2010-11 में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संख्या 43,251 और नई भर्तियां 5,913
- वर्ष 2011-12 में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संख्या 44,360 और नई भर्तियां 23,292
- वर्ष 2012-13 में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संख्या 68,728 और नई भर्तियां 28,467
- वर्ष 2013-14 में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संख्या 60,728 और नई भर्तियां 31,805
- वर्ष 2014-15 में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संख्या 59,960 और नई भर्तियां 15,191
- वर्ष 2015-16 में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संख्या 53,654 और नई भर्तियां 27,995
- वर्ष 2016-17 में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संख्या 58,373 और नई भर्तियां 19,587
- वर्ष 2017-18 में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संख्या के आंकड़े अनुपलब्ध और नई भर्तियां 19,100


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युवाआें के लिए खुशखबरी, फॉउंडरी उद्योग में 5 साल में मिलेंगी 3 लाख नौकरियां


नर्इ दिल्ली। इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन फॉउंडरी के अध्यक्ष शशि कुमार जैन ने कहा कि फॉउंडरी उद्योग आगामी पांच सालों में तीन लाख अतिरिक्त रोजगार पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि उद्योग में फिलहाल पांच लाख लोगों को प्रत्यक्ष तथा दो लाख लोगों को परोक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ है। इंडियन फॉउंडरी कांग्रेस के 67वें वार्षिक अधिवेशन के समापन पर जैन ने रविवार को यहां कहा कि केंद्र सरकार द्वारा रक्षा, रेलवे, एयरोस्पेस आदि क्षेत्रों को निजी क्षेत्र के लिए खोल देने से तथा विदेशी निवेश को सुगम बनाने से आगामी पांच वर्षो में फॉउंडरी उद्योग की वृद्धि दर दोगुनी होने की संभावना है।

जैन ने कहा कि इस इस समय फॉउंडरी उद्योग में 20 लाख मजदूरों को रोजगार उपलब्ध करवाया गया है तथा आगामी पांच सालों में अतिरिक्त 20 लाख श्रमिकों को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा, "पिछले दो सालों में फॉउंडरी उद्योग में निर्यात में कमी के मुकाबले वर्ष 2017-18 में वर्ष 2016-17 के मुकाबले निर्यात में 40 करोड़ डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि आयात में 19 करोड़ डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई है।"

उन्होंने बताया, "वर्ष 2017-18 में 274.1 करोड़ डॉलर कीमत का निर्यात किया गया, जबकि 115.2 करोड़ डॉलर कीमत का आयात किया गया। वर्ष 2016-17 के दौरान 236.6 करोड़ डॉलर कीमत का निर्यात किया गया, जबकि 96.2 करोड़ डॉलर कीमत का आयात किया गया।"

जैन ने कहा, "फॉउंडरी उद्योग ने वर्ष 2016-17 में 1.13 करोड़ टन औद्योगिक उत्पादन दर्ज किया था, जोकि वर्ष 2017-18 में छह प्रतिशत वृद्धि दर से बढ़ कर 1.20 करोड़ टन दर्ज किया गया। अगले पांच सालों में फॉउंडरी उद्योग में 14 प्रतिशत बृद्धि दर से वर्ष 2021 में औद्योगिक उत्पादन 1.5 करोड़ टन तक पहुंच जाएगा, जोकि वर्ष 2025 तक दो करोड़ टन का रिकॉर्ड पार करेगा।"

उन्होंने कहा, "चीन के बाद भारत फॉउंडरी उद्योग में दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा देश है तथा भारत में 19 अरब डॉलर कीमत के उत्पादन तथा 2.7 अरब डॉलर कीमत के औद्योगिक उत्पाद निर्यात किए जाते हैं तथा निर्यात में भारत की हिस्सेदारी लगभग दो प्रतिशत दर्ज की गई है। फॉउंडरी उद्योग के विस्तार, आधुनिकीकरण पर पिछले दो सालों में 60 करोड़ डॉलर का निवेश दर्ज किया गया, जबकि निर्यात बढ़ाने के लिए लगभग आठ अरब डॉलर की जरूरत है।"

उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश के फॉउंडरी उद्योग में निर्मित कॉपर क्राफ्ट, कॉपर हैंडीक्राफ्ट, कॉपर आर्ट बेयर तथा ब्रास बेयर के सामानों की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पहचान तथा बिक्री बढ़ाने के लिए ई-कॉमर्स का सहारा लिया जाएगा, तथा छोटे उद्यमियों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार के ट्रेंड, मांग तथा अन्य जानकारी प्रदान करके निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा।"


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पेट्रोल के दाम में 19 पैसे आैर डीजल की कीमत में 26 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी


नर्इ दिल्ली। पेट्रोल आैर डीजल के दाम में लगातार बढ़ोतरी जारी है। जहां एक आेर पेट्रोल के दाम एक बार फिर से दिल्ली में 71 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच चुके हैं। वहीं दूसरी आेर डीजल की कीमत भी 66 रुपए प्रति लीटर के करीब पहुंच चुकी है। आर्इआेसीएल से मिली जानकारी के अनुसार आज पेट्रोल की कीमत में 19 पैसे आैर डीजल के दाम में 26 वैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी देखने को मिली है। जानकारों की मानें तो क्रूड आॅयल की प्रोडक्शन की कमी आने की वजह से पेट्रोल आैर डीजल के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। आइए आपको भी बताते हैं कि आज पेट्रोल आैर डीजल के दाम में बढ़ोतरी होने के बाद आपको कीमत कीमत चुकानी होगी…

पेट्रोल के दाम में 19 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी
आर्इआेसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चार प्रमुख महानगरों में पेट्रोल आैर डीजल के दाम में 19 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी देखने को मिली है। नर्इ दिल्ली आैर मुंबर्इ में पेट्रोल के दाम में 19 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल के दाम क्रमश 71.14 आैर 76.77 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। वहीं दूसरी आेर कोलकाता में पेट्रोल के दाम में 18 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुर्इ, जिसके बाद यहां पर पेट्रोल के दाम 73.23 रुपए प्रति लीटर हो गर्इ है। वहीं चेन्नर्इ में पेट्रोल के दाम में 20 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद दाम 73.85 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं।

डीजल के दाम में 26 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी
आर्इआेसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चार प्रमुख महानगरों में डीजल के दाम में 26 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुर्इ है। जिसके बाद नर्इ दिल्ली आैर कोलकाता में डीजल के दाम में 26 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुर्इ है। जिसके बाद दोनों महानगरों में डीजल के दाम क्रमशः 65.71 आैर 67.49 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। वहीं मुंबर्इ आैर चेन्नर्इ में डीजल के दाम में 28 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोजरी हुर्इ है। जिसके बाद दोनों महानगरों में डीजल के दाम क्रमशः 68.81 अौर 69.41 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं।

शहर पेट्रोल के दाम (रुपए में) डीजल के दाम (रुपए में)
नर्इ दिल्ली 71.14 65.71
कोलकाता 73.23 67.49
मुंबर्इ 76.77 68.81
चेन्नर्इ 73.85 69.41
जयपुर 71.92 68.13
जोधपुर 72.31 68.50
उदयपुर 72.06 68.27
अलवर 72.24 68.41
इंदौर 74.44 67.23
भोपाल 74.11 66.91
ग्वालियर 74.02 66.83
जबलपुर 74.16 66.98
रीवा 76.34 68.98
इलाहाबाद 71.32 65.37
बनारस 71.35 65.40
लखनऊ 70.87 64.93
नाेएडा 70.73 64.77
गाजियाबाद 70.55 65.59
गुड़गांव 71.89 65.51

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सेंसेक्स की छह कंपनियों का बढ़ा बाजार पूंजीकरण, हुआ 1,08,274 करोड़ का फायदा


नई दिल्ली। सेंसेक्स की शीर्ष दस में से छह कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह 1,08,274.79 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। सबसे अच्छा प्रदर्शन रिलायंस इंडस्ट्रीज का रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के अलावा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी, इन्फोसिस और कोटक महिंद्रा बैंक के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी हुई। वहीं समीक्षाधीन सप्ताह में हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, एसबीआई तथा आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण घटा।


सबसे ज्यदा लाभ मिला रिलायंस को

सप्ताह के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्यांकन 53,918.87 करोड़ रुपये बढ़कर 7,49,829.58 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। सबसे अधिक लाभ में रिलायंस इंडस्ट्रीज ही रही। इसी तरह टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 21,932.69 करोड़ रुपये बढ़कर 7,13,103.19 करोड़ रुपये, इन्फोसिस का बाजार पूंजीकरण 20,663.7 करोड़ रुपये बढ़कर 3,19,348.16 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।


एचडीएफसी बैंक का बढ़ा बाजार मूल्यांकन

एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्यांकन 5,180.65 करोड़ रुपये बढ़कर 5,79,580.13 रुपये, एचडीएफसी की बाजार हैसियत 3,507.73 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 3,45,278.43 करोड़ रुपये तथा कोटक महिंद्रा बैंक का बाजार पूंजीकरण 3071.15 करोड़ रुपये बढ़कर 2,36,029.97 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर एसबीआई का बाजार मूल्यांकन 6,559.58 करोड़ रुपये के नुकसान से 2,63,453.82 करोड़ रुपये पर आ गया।


हिंदुस्तान यूनिलीवर की घटा बाजार मूल्यांकन

हिंदुस्तान यूनिलीवर की बाजार हैसियत 5,335.86 करोड़ रुपये घटकर 3,77,449.84 करोड़ रुपये तथा आईटीसी की बाजार हैसियत 5,266.17 करोड़ रुपये के नुकसान से 3,56,507.73 करोड़ रुपये पर आ गई। आईसीआईसीआई बैंक का बाजार मूल्यांकन 4,274.17 करोड़ रुपये के नुकसान से 2,39,547.97 करोड़ रुपये पर आ गया।


रिलायंस इंडस्ट्रीज रही पहले स्थान पर

शीर्ष दस की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर रही। उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, एचडीएफसी, इन्फोसिस, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक तथा कोटक महिंद्रा बैंक का स्थान रहा। बीते सप्ताह बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स एक प्रतिशत के लाभ से 36,386.61 अंक पर पहुंच गया।

(ये कॉपी भाषा से ली गई है।)

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सिर्फ 3000 रुपए का निवेश आपको बना देगा अमीर, बस करना होगा ये काम


नई दिल्ली। आज के दौर में जहां महंगाई बढ़ने के साथ आर्थिक जिम्मेदारियां बढ़ रही हैं, कमाई के साथ बचत के विकल्प भी खोजने बहुत जरूरी हैं। हर शख्स के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वह अपनी बचत कहीं ऐसी जगह निवेश करे, जहां वह भविष्य के लिए मोटा फंड तैयार कर सके। ताकि वो अपनी आने वाली जिंदगी आराम से बिता सकें। आज हम आपको ऐसे ही निवेश के बारे में बताने जा रहे हैं। जहां पर निवेश करके आप कम समय में ही अमीर बन सकते हैं।

ऐसे करें निवेश

अगर आप सिर्फ थोड़े पैसे निवेश करके बड़ा फायदा पाना चाहते है। तो आपको अभी से सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान यानी में निवेश करना शुरू कर दीजिए। ये कम समय में अमीर बनने का सबसे आसान तरीका हैं। मान लिजिए आप एसआईपी में निवेश करना शुरू करते है और हर माहीने सिर्फ 3 हजार रुपए ही निवेश करते हैं। बदले में आपके निवेश पर सालाना 12 फीसदी का रिटर्न मिलता है और आप इस निवेश को 25 साल तक बरकार रखते हैै। तो 25 साल बाद आपके पास लगभग 56 लाख का फंड बन जाएगा। इसके लिए आप कभी भी एसआईपी अकाउंट खुलवा सकते हैं।

मिलेगा बड़ा फायदा

अगर आपने हर माहीने 3,000 रुपए निवेश किए हैं तो 25 साल में कुल आपने 9 लाख रुपए निवेश किए। आपको 12 फीसदी रिटर्न मिलता है तो 25 साल में लगभग 47 लाख रुपए आपको रिटर्न मिलेगा। यानी आपका निवेश और रिटर्न मिला कर 25 साल के बाद कुल फंड लगभग 56 लाख रुपए होगा।

500 रुपए से शुरू करे एसआईपी में निवेश

आप कर निवेश करने का मन बना रहे है और 3,000 रुपए निवेश नहीं करना चाहते। आप अपनी शुरुआत कम पैसो से करना चाहते है तो आप 500 रुपए से एसआईपी में निवेश शुरू कर सकते हैं। इतना ही नहीं आप चाहें तो हर साल अपना निवेश बढ़ा भी सकते हैं। इससे आप कम समय में बड़ा फंड बना सकते हैं।

बड़ा फायदे के लिए करे यह काम

अगर आप बड़ा फायदा चाहते है तो आपको अपना पैसा लंबे समय के लिए एसआईपी में निवेश करना होगा। ऐसा करने से आपको कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है।कंपाउंडिंग का मतलब है कि आपके निवेश पर हर साल जो रिटर्न मिलता है अगले साल आपके निवेश और रिटर्न को मिला कर उस पर रिटर्न मिलता है। इस तरह से आपका निवेश जितना अधिक समय तक बना रहता है आपको कंपाउंडिंग का फायदा उतना ज्‍यादा मिलता है। यानी आपका फंड तेजी से बढ़ता है।

एसआईपी में लगाया पैसा कैसे करता है काम

वैसे आपको बता दे की एसआईपी में आप जो पैसा लगाते है वो अलग अलग सेक्‍टर के म्‍युचुअल फंड में निवेश किया जाता है जिससे बाजार के उतार चढ़ाव का असर एसआईपी पर कम पड़ता है। यानी बाजार में निवेश का जोखिम कम हो जाता है और आपको ज्यादा फायदा होता है।

 


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LIC की इस पॉलिसी में करेंगे निवेश तो मिलेगी 1 करोड़ रुपए की गारंटी


नई दिल्ली। एलआईसी हम सभी लोगों का ध्यान रखने के लिए पॉलिसी तैयार करता है और इन सभी पॉलिसी में हमारी सुरक्षा के साथ-साथ सेविंग्स की सुविधा भी देता है। वैसे तो एलआईसी की बहुत सारी पॉलिसी आजकल उपलब्ध हैं, लेकिन इसकी एक पॉलिसी जीवन शिरोमणि (Jeevan Shiromani) है, जिसमें कम से कम 1 करोड़ रुपए एश्योर्ड सम की गारंटी मिलती है।


एक करोड़ रुपए का मिलेगा सम एश्योर्ड

जीवन शिरोमणि पॉलिसी एक नॉन लिंक्ड प्लान है, जिसमें आपको कम से कम एक करोड़ रूपए के सम एश्योर्ड की गारंटी मिलती है। सम एश्योर्ड वह राशि होती है, जो किसी भी कंपनी की ओर से एक बीमा कस्टमर को निश्चित तौर पर दी जाती है। आज हम आपको इस पॉलिसी के बारे में विस्तार से बताते हैं-


2017 में शुरू हुई थी ये पॉलिसी

एलआईसी की जीवन शिरोमणि पॉलिसी की शुरूआत 19 दिसंबर 2017 से हुई थी। यह सरकार की एक मनी बैंक योजना है। इस योजना में आपकी सुरक्षा के साथ-साथ अच्छी सेविंग्स भी होती हैं। यह योजना एचएनआई (उच्च नेटवर्थ व्यक्तियों) लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसके साथ ही इस पॉलिसी में आपको गंभीर बीमारियों के लिए कवर इंश्योरेंस भी मिलता है। वहीं अगर पॉलिसी धारक की असमय मृत्यु हो जाती है तो कंपनी की ओर से उसके परिवार वालों को फाइनेंशियल सपोर्ट दिया जाता है।


पॉलिसीहोल्डर्स को मिलेगा पेमेंट

आपको बता दें कि इस पॉलिसी में निश्चित समय सीमा के बाद जीवित रहने की स्थिति में पॉलिसीहोल्डर्स को पेमेंट की सुविधा भी दी जाती है। साथ ही मैच्योरिटी पर भी एकमुश्त रकम भी दी जाती है। आज हम आपको इस पॉलिसी के फायदों के बारे में बताते हैं।


इस पॉलिसी में सरवाइवल बेनिफिट की भी सुविधा है। सरवाइवल बेनिफिट का मतलब यह है कि अगर आप पॉलिसी के खत्म होने तक जीवित रहते हैं तो आपको एक निश्चित राशि का भुगतान कंपनी के द्वारा किया जाता है।

1. 14 साल की पॉलिसी में 10वें और 12वें साल सम एश्योर्ड का 30-30 फीसदी।

2. 16 साल की पॉलिसी में 12वें और 14वें साल सम एश्योर्ड का 35-35 फीसदी।

3. 18 साल की पॉलिसी में 14वें और 16वें साल सम एश्योर्ड का 40-40 फीसदी।

4. 20 साल की पॉलिसी में 16वें और 18वें साल सम एश्योर्ड का 45-45 फीसदी।


इसके साथ ही आपको बता दें कि मैच्योरिटी पर आपकी अधिकतम उम्र सीमा समय के हिसाब से अलग-अलग होती है। इसके साथ ही प्रीमियम का भुगतान सालाना, छमाही, तिमाही या मासिक अंतराल पर किया जाता है। आइए हम आपको इसकी समय सीमा के बारे में बता देते हैं-

1. 14 साल की पॉलिसी के लिए 69 साल।

2. 16 साल की पॉलिसी के लिए 67 साल।

3. 18 साल की पॉलिसी के लिए 66 साल।

4. 20 साल की पॉलिसी के लिए 65 साल।


पॉलिसी में मिलेगा लोन भी

इसके साथ ही आपको इश पॉलिसी पर लोन भी मिलता है। ये लोन आप अपनी सरेंडर वैल्यू के आधार पर ले सकते हैं। लोन लेते समय आपको एलआईसी के नियमों और शर्तों को ध्यान में रखना होगा। साथ ही पॉलिसी पर लोन आपको तय किए गए ब्याज पर मिलेगा और यह ब्याज दर लगभग 9.5 फीसदी होती है। वहीं, इस पॉलिसी में आपको इलाज कराने के लिए भी बेसिक सम एश्योर्ड का 10 फीसदी धनराशि का एकमुश्त भुगतान भी किया जाता है।


इस पॉलिसी को लेने के लिए आपको कुछ नियम और शर्तें का पालन करना होता है-

1. इस पॉलिसी में न्यूनतम सम एश्योर्ड 1 करोड़ रुपए का होता है।

2. वहीं, अधिकतम सम एश्योर्ड की कोई सीमा नहीं नहीं होती है।

3. पॉलिसी टर्म 14, 16, 18 और 20 साल है।

4. आपको इस पॉलिसी का प्रीमियम 4 साल तक जमा करना होता है।

5. इस पॉलिसी को लेने के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल है।

6. इसके साथ ही इस पॉलिसी की एंट्री के लिए अधिकतम उम्र साल के हिसाब से अलग-अलग है।

14 साल की पॉलिसी के लिए 55 साल।

16 साल की पॉलिसी के लिए 51 साल।

18 साल की पॉलिसी के लिए 48 साल।

20 साल की पॉलिसी के लिए 45 साल।

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जानिए बजट पेश करने से पहले क्यों मनाई जाती है हलवा सेरेमनी, ये है वजह


नई दिल्ली। मोदी सरकार का कर्यकाल कुछ ही महीनों में पूरा होने को हैं। ऐसे में वित्त मंत्री अरुण जेटली इस सरकार का पहला अंतरिम बजट 1 फरवरी 2019 को पेश करेंगे। लेकिन बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री एक अहम परंपरा को निभाते हैं। इसके बाद ही बजट को संसद में पेश किया जाता हैं। ये है हलवा सेरेमनी इस सरेमनी में वित्त मंत्री हलवा बनाकर अपने विभाग में बांटते हैं। इसके बाद ही आधिकारिक तौर पर बजट छपाई के लिए भेजा जाता है।

इतने दिन पहले होती है हलवा सेरेमनी

बजट की छपाई से पहले हर साल वित्तमंत्री ये हलवा तैयार करते हैं। हलवा सेरेमनी में वित्तमंत्री अरुण जेटली के अलावा मुख्य वित्त सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन, वित्त मामलों के सचिव सुभाष गर्ग, राज्य वित्तमंत्री शिव प्रताप शुक्ला और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहते हैं। यह रस्म दिल्ली ने नॉर्थ ब्लॉक में हर साल मनाई जाती है। आमतौर पर हलवा सेरेमनी बजट से 10 दिन पहले होती है।

इसलिए मनाई जाती है हलवा सेरेमनी

आपको बता दें कि हलवा सेरेमनी को बजट दस्‍तावेजों की छपाई की शुरुआत से पहले मनाया जाता है। इस रस्‍म में एक बड़ी कढ़ाही में हलावा तैयार किया जाता है। इस हलवे को मंत्रालय के सभी कर्मचारियों के बाटा जाता है। इस हलवा सेरेमनी को मनाने के पीछे की मुख्य वजह यह है कि हर शुभ काम को करने से पहले कुछ मीठा खाना चाहिए। इसलिए ही बजट को प्रिंटिंग के लिए भेजने से पहले इस परंपरा को निभाया जाता है। साथ ही भारतीय परंपरा में हलवे को काफी शुभ भी माना जाता है।

कर्मचारियों को सारी दुनिया से कर दिया जाता है अलग

हलवा बांटे जाने के बाद वित्‍त मंत्रालय के ज्‍यादातर अधिकारी और कर्मचारियों को मंत्रालय में ही पूरी दुनिया से अलग रहना होता है। ये वे कर्मचारी होते हैं जो बजट की प्रिंटिंग करते हैं। बजट की छपने की प्रक्रिया के शुरू होने से लेकर बजट के संसद में रखे जाने तक इन अधिकारियों को किसी से भी संपर्क करने की इजाजत नहीं होती है। उन्हें फोन करने की भी इजाजत नहीं होती और किसी को उनसे मिलने की मंजूरी नहीं होती है।

 


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शादियों के सीजन में इतना महंगा हुआ सोना-चांदी, जानिए अपने शहर के दाम


नई दिल्ली। विदेश में कमजोरी के रुख के बावजूद स्थानीय आभूषण कारोबारियों और फुटकर विक्रेताओं की मांग बढ़ने के कारण बीते सप्ताह भी दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने में तेजी बनी रही। इसी प्रकार उपभोक्ता उद्योगों और सिक्का निर्माताओं का उठाव बढ़ने के कारण चांदी के भाव में भी तेजी आई और इसकी कीमत 40,000 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर से ऊपर बंद हुई। राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 और 99.5 फीसदी शुद्धता वाले सोने की सप्ताह के दौरान क्रमश: 33,100 रुपए और 32,950 रुपए प्रति 10 ग्राम पर मजबूत शुरुआत हुई और यह क्रमश: 33,300 रुपए और 33,150 रुपए प्रति 10 ग्राम की ऊंचाई को छू गई।


ये रहा सोने का दाम

बाद में सोने को जरूरी लिवाली समर्थन नहीं मिला और कीमतों में कुछ गिरावट आई। इसके बावजूद सप्ताहांत में ये कीमतें कुल मिला कर 285-285 रुपए की तेजी दर्शाती क्रमश: 33,160 रुपए और 33,010 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई। गिन्नी भी सप्ताहांत में तेजी के साथ 25,500 रुपए प्रति आठ ग्राम पर बंद हुई।


इतना रहा चांदी का दाम

हाजिर चांदी सप्ताह के अधिकांश भाग में सकारात्मक क्षेत्र में रहने के बाद सप्ताहांत में 250 रुपए की तेजी के साथ 40,100 रुपए प्रति किग्रा पर बंद हुई। जबकि चांदी साप्ताहिक डिलिवरी सप्ताहांत में कुल मिला कर 273 रुपए की हानि के साथ 39,198 रुपए प्रति किग्रा पर बंद हुई। हालांकि चांदी सिक्कों के भाव सप्ताहांत में चांदी सिक्का लिवाल 77,000 रुपए और बिकवाल 78,000 रुपए प्रति सैकड़ा पर स्थिरता के रुख के साथ बंद हुए।


इसलिए बढ़े सोने के दाम

बाजार सूत्रों ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी के बीच चालू शादी विवाह के सीजन की वजह से स्थानीय आभूषण विक्रेताओं और फुटकर कारोबारियों की मांग बढ़ने से सोने की कीमतों में तेजी बरकरार रही। हालांकि विदेशों में कमजोरी के रुख के कारण यहां तेजी पर कुछ अंकुश लग गया। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना हानि प्रदर्शित करता सप्ताहांत में 1,282.30 डॉलर प्रति औंस और चांदी 15.41 डॉलर प्रति ट्राय औंस पर बंद हुई। पिछले सप्ताहांत सोना 1,287.80 डॉलर प्रति औंस और चांदी 15.67 डॉलर प्रति ट्राय औंस थी।


(ये कॉपी भाषा से ली गई है।)

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आयकर विभाग की सख्ती, एक छोटी सी गलती के लिए इस महिला को हो सकती है जेल


नई दिल्ली। आजकल आयकर विभाग काफी सख्ती से पेश आ रहा है। छोटी-छोटी गलतियों के लिए विभाग की ओर से लोगों को नोटिस जारी कर दिया जाता है। लोगों को जब से विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है तब से सभी लोग चिंता में आ गए हैं। जारी किए गए इन नोटिस में जो धाराएं लगाई गई हैं। उनमें कई सालों की जाल का प्रावधान भी है।


महिला को सता रहा जेल जाने का डर

आपको बता दें कि हाल ही में एक महिला को नोटिस जारी किया गया है। ये नोटिस महिला को इसलिए जारी किया गया है क्योंकि उसने अपना टीडीएस देरी से जमा किया था। उस महिला को नोटिस मिलने के बाद से ही जेल जाने का डर सता रहा है। महिला को दिए गए नोटिस में 276बी और 278बी धाराओं का प्रावधान है। साथ ही महिला ने जानकारी देते हुए बताया कि उसने टीडीएस एख महीने की देरी से जमा किया था, लेकिन वित्त वर्ष के दौरान ही जमा करा दिया था फिर भी सरकार की ओर से उसे नोटिस भेजा गया है।


2018 में कई लोगों के घर पहुंचा नोटिस

आयकर विभाग ने टीडीएस जमा न कराने वालों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं और इन नोटिस में तीन महीने से सात साल तक की सजा के प्रवधान हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2018 में हजारों लोगों को ये नोटिस भेजा गया है।


आईटी अधिकारियों को नोटिस भेजने का मिला टारगेट

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि टीडीएस जमा कराने में डिफॉल्ट करने वालों पर सीबीडीटी एक्शन प्लान के तहत महाभियोग चलाया जाए। साथ ही आईटी अधिकारियों को भी नोटिस भेजने का टारगेट दिया गया है।


नहीं होनी चाहिए ऐसी कार्रवाई

सरकार की ओर से वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। वहीं, कई लोग इस कार्रवाई का विरोध भी कर रहे हैं। लोगों का मानना हैं कि टीडीएस के लिए सरकार को दंडात्मक कार्रवाई नहीं करनी चाहिए औऱ लोगों के पास नोटिस के बदले जवाब देने के लिए भी बहुत ही कम समय दिया गया है।

 

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लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने इन लोगों को दी खुशखबरी, बढ़ाई 48 लाख लोगों की पेंशन


नई दिल्ली। सरकार ने 48 लाख पेंशन भोगियों को खुशखबरी दे दी है। दरअसल सरकार ने मधु बाबू पेंशन योजना (MBPY) के तहत 48 लाख लाभार्थियों की पेंशन में बढ़ोतरी का ऐलान किया। ओडिश के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने खुद की इस बात की घोषणा की है। अब से पेशनधारियों को हर महीने अधिक पेंशन मिलेगी।

मिलेगी बढ़ी हुई पेंशन

आपको बता दें कि अब से पेंशनधारियों को 500 रुपए तक संशोधित पेंशन मिलेगी। जबकि पहले पेंशनधारियों को सिर्फ 300 रुपए प्रति माह तक मिलती थी। इसी के साथ ही 80 साल के अधिक उम्र के लोगों को अब 700 रुपए प्रति माह तक पेंशन मिलेगा, जो पहले 500 रुपए प्रति माह तक मिलती थी। ओडिश के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अमा गांव अमा विकास कार्यक्रम में इस बात की घोषणा की है।

इन लोगों को मिलेगी पेंशन

इन 48 लाख लाभार्थियों में बुर्जुग, दिव्यांग और विधवा महिलाएं शामिल है। इन लाभार्थियों को बढ़ी हुई पेंशन
15 फरवरी से ये मिलना शुरू हो जाएगी। तो वहीं पटनायक सरकार का इस कदम को लेकर कहना है कि हमारी सरकार का लक्ष्य एमबीपीवाई के तहत लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। इसको को देखते हुए हाल ही में हमारी सरकार ने इस योजना में पांच लाख अतिरिक्त लाभार्थियों को शामिल किया गया है।


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कुंभ मेले से 6 लाख लोगों को मिलेगी नौकरी, सरकारी खजाने में आएंगे 1.2 लाख करोड़ रुपए


नई दिल्ली। हिन्दू धर्म में सबसे अधिक महत्वपूर्ण और पवित्र कुंभ मेले की शुरुआत हो चुकी है। 15 जनवरी को शुरू हुआ ये कुंभ मेला 4 मार्च तक चलेगा। इस पावन पवित्र कुंभ मेले में देश ही नहीं बल्की पूरी दुनिया से श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में स्नान कर पुण्य के भागी बनने के लिए आते हैं। इंडस्ट्री बॉडी कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) की रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा किया है। सीआईआई का कहना है कि इस आयोजन से उत्तर प्रदेश के लिए 1.2 लाख करोड़ रुपए का राजस्व उत्पन्न होगा और इससे 6 लाख लोगों को रोजगार भी मिलेगा।


6 लोगों को मिलेगा रोजगार, कमाई में भी होगी वृद्धि

CII की रिपोर्ट के अनुसार, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में 2.5 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और एयरलाइन्स और एयरपोर्ट्स पर करीब 1.5 लाख लोगों के लिए अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही टूर ऑपरेटर्स भी 45 हजार लोगों को काम पर रखेंगे। इको टूरिजम और मेडिकल टूरिजम में 85 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इतना ही नहीं टूर गाइड्स, टैक्सी ड्राइवर्स, उद्यमी सहित असंगठित क्षेत्र में भी 50 हजार नई नौकरियां उत्पन्न होंगी। इससे निश्चित रूप से सरकारी एजेंसियों और व्यापारियों की कमाई में वृद्धि होगी। कुंभ एक वैश्विक मेला है इसलिए श्रद्धालु ऑस्ट्रेलिया, यूके, कनाडा, मलेशिया, सिंगापुर, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड, जिम्बावे और श्रीलंका से आएंगे।


पड़ोसी राज्यों को भी फायदा

मेले से सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के राजस्व में भी वृद्धि होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि बड़ी संख्या में देश और विदेश से आने वाले पर्यटक इन राज्यों में भी घूमने जा सकते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने 50 दिनों के कुंभ मेले के लिए 4,200 करोड़ रुपए का आवंटन किया है, जोकि 2013 महाकुंभ मेले की तुलना में तीन गुना अधिक है। यह अब तक का सबसे महंगा कुंभ है।

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पेट्रोल-डीजल के बाद अब हेलमेट खरीदना भी होगा महंगा, सरकार लाने जा रही नया नियम


नई दिल्ली। दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए हेलमेट बहुत ही जरूरी है। यह लोगों की सुरक्षा करने में अहम भूमिका निभाता है, लेकिन आप जानते हैं क्या अब आपको हेलमेट खरीदने के लिए पहले से ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे।


बढ़ जाएगी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट

आपको बता दें कि सरकार ने साल 1993 के भारतीय मानक ब्यूरो (आईएसआई) नियमों में बदलाव करके नए 2015 यूरोपियन मानक को लागू किया है। इन नए नियमों के लागू होने के बाद सभी हेलमेट की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ जाएगी और आपको हेलमेट खरीदने के लिए पहले से ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे।


खर्च करने होंगे 5 से 10 हजार रुपए

हेलमेट मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेट्री सुभाष चंद्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि अगर सरकार इन नियमों में बदलाव नहीं करती है तो जल्द ही आने वाले समय में आपको हेलमेट खरीदने के लिए आपको 5 से 10 हजार रूपए खर्च करने होंगे।


कुछ कंपनियों तक सीमित रह जाएगा ये काम

आपको बता दें कि हेलमेट की फैक्ट्री के साथ ही एक टेस्टिंग लैब भी बनाई जाती है, जहां पर बने हुए हेलमेट की टेस्टिंग की जाती है। इस लैब पर आजकल लगभग 6 से 7 लाख रुपए का खर्च आता है, लेकिन अब इन नए नियमों के बाद इनकी टेस्टिंग पर लगभग 1 से 2 करोड़ का खर्च आएगा। इतने ज्यादा खर्च के कारण लोग आसानी से लैब नहीं लगा पाएंगे और हेलमेट मैन्युफैक्चरिंग का काम बड़े लोगों तक ही सीमित होकर रह जाएगा।


बढ़ेंगी दुर्घटना की संभावनाएं

अब आपको हेलमेट खरीदने के लिए पेट्रोल से भी ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। वहीं, दोपहिया वाहनों के लिए इतने ज्यादा महंगे हेलमेट खरीदना मुश्किल हो जाएगा, जिसका सीधा असर लोगों की सुरक्षा पर पड़ेगा औऱ दुर्घटना की संभवनाएं भी बढ़ जाएंगी।

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रेलवे टिकट बुकिंग में हुआ बड़ा बदलाव, इस वजह से आॅनलाइन टिकट बुक नहीं कर पाएंगे आप


नर्इ दिल्ली। अगर आप भी रेलवे यात्रा के लिए IRCTC की आधिकारिक साइट से टिकट बुक करते हैं तो ये खबर आपके लिए है। अब अगली बार आपको रेलवे टिकट बुकिंग करने से पहले यह देखना होगा कि जिस कंप्यूटर से आप टिकट बुक कर रहे हैं, उसमें कौन सा आॅपरेटिंग सिस्टम इंस्टाॅल है। अब यदि आपके कंप्यूटर में windows XP या विंडोल सर्वर 2003 है तो इससे आप टिकट नहीं बुक कर सकते हैं। दरअसल, IRCTC की साइट पर एक नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह वेबसाइट सिक्योरिटी फीचर्स को ध्यान में रखते हुए TLS 1.2 सिस्टम को अपना रही है। चूंकि, TLS 1.2 पुराने में आॅपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट नहीं करता, एेसे में इन अोएस से आप रेलवे टिकट बुक नहीं कर पाएंगे।


इसी बात को ध्यान में रखते हुए IRCTC अपने यूजर्स को सलाह दिया है कि वो अपने आॅपरेटिंग सिस्टम को अपडेट कर लें। हम आपको पहले ही इस बात की जानकारी दे रहे हैं कि किन आॅपरेटिंग सिस्टम से आप आसानी से टिकट बुक कर सकते हैं। लिस्ट कुछ इस प्रकार है।

- विंडोज विस्टा आैर विंडोज सर्वर 2008
- विंडोज 7 आैर विंडोज सर्वर 2008R2
- विंडोज 8 आैर विंडोज सर्वर 2008
- विंडोज 8.1 आैर विंडोज सर्वर 2012 R2
- विंडोज 10 आैर विंडोज सर्वर 2016

दरअसल, आॅनलाइन टिकट बुक करने के लिए अधिकतर यूजर्स डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड या फिर मोबलइ वाॅलेट के माध्यम से करते हैं। लेकिन आॅनलाइन लेनदेने को पहले से अधिक सुरक्षित करने के लिए, IRCTC ने उपरोक्त बदलाव किया है। हालांकि, वर्तमान समय में भारत में विंडोज XP के बहुत कम ही यूजर्स हैं।
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चुनाव से पहले आपकी जेब पर बड़ा झटका, अब 120 रुपए का मिलेगा 1 लीटर दूध


नई दिल्ली। पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड दिल्ली-एनसीआर के बाजार में प्रीमियम क्वालिटी का शुद्ध दूध सप्लाई करने जा रहा है, जो सीधे पुणे के डेयरी फार्म से आएगा। कंपनी ने दिल्ली के बाजारों में हर दिन 10,000 लीटर प्रीमियम ताजा गाय के दूध की सप्लाई करने की घोषणा की है। इसके साथ ही कंपनी ने बताया है कि रोजाना प्लेन से सप्लाई किए जाने वाले इस दूध को 'प्राइड ऑफ कॉउज' (Pride Of Cows) ब्रांड के नाम से बेचा जाएगा और इसकी कीमत 120 रुपए प्रति लीटर होगी।


सूरत में 95 रुपए प्रति लीटर से मिल रहा है दूध

इस संदर्भ में पराग मिल्क फूड्स के अध्यक्ष देवेंद्र शाह ने कहा कि, 'हम अब दिल्ली-एनसीआर के बाजार में अपने प्रीमियम दूध ब्रांड 'प्राइड ऑफ कॉउज' को पेश करने जा रहे हैं। प्रीमियम क्वालिटी का ये गाय का दूध 120 रुपए प्रति लीटर के दाम से मिलेगा। कंपनी हर दिन 10,000 लीटर और अगले छह महीनों में बढ़ाकर प्रति दिन 20,000 लीटर दूध की आपूर्ति करेंगी।' इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कंपनी पहले से ही इस प्रीमियम गाय दूध का हर दिन औसतन 34,000 लीटर सीधे तौर पर मुंबई, पुणे और सूरत में ग्राहकों को बेच रही है। गाय के प्रीमियम दूध की कीमत मुंबई और पुणे के बाजारों से अधिक है, जहां ये 95 रुपए प्रति लीटर के दाम पर बिक रहा है।


देश का सबसे बड़ा दूध बाजार है NCR

इतना ही नहीं, शाह ने यह भी कहा कि, 'प्राइड ऑफ कॉउज' ब्रांड से कंपनी का राजस्व वित्त वर्ष 2013-18 में 28 फीसदी की वार्षिक विकास दर से बढ़ा था और यह इसी गति से आगे भी बढ़ता रहेगा। एनसीआर देश का सबसे बड़ा दूध बाजार है जो कि करीब 11,000 करोड़ रुपए का है। इसके साथ ही कंपनी की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अक्षाली शाह ने कहा कि, 'जैसे-जैसे ताजे दूध की प्रत्यक्ष खपत में वृद्धि हुई है, उपभोक्ता अपने उपभोग वाले दूध के स्रोत और पोषक तत्वों की मात्रा के प्रति सावधान हो गए हैं, जिसके कारण वे प्रीमियम गुणवत्ता वाले दूध के लिए अधिक निवेश करते है।'

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बजट से पहले सुरेश प्रभु ने भारत को लेकर ठोका सबसे बड़ा दावा! जानकर गर्व से चौड़ा हो जाएगा आपका सीना


नई दिल्ली। भारत को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने के लिए मोदी सरकार ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रभु ने भारत को 2027 तक 5000 डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के मास्टर प्लान के बारे में बताया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रभु ने कहा कि भारत के पास अगले 7-8 साल में 5,000 अरब अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है। साथ ही भारत 2035 से पहले 10 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगी।

निर्यात को दोगुना करने की चुनौती

प्रभु ने शिखर सम्मेलन में बताया कि भारत को सबसे आगे ले जाने का उनका मास्टर प्लान पूरी तरीके से तैयार है। उन्होंने बताया कि उनके मंत्रालय ने विनिर्माण, सेवा और कृषि क्षेत्र पर जोर देते हुए उन्होंने अपना लक्ष्य तैयार किया है। उनका कहना है कि विनिर्माण क्षेत्र को सबसे ज्यादा ध्यान निर्यात पर देना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इस समय हमारा कुल निर्यात करीब 500 अरब डॉलर का है और हमारी चुनौती इसे दोगुना करने की है। प्रभु आगे कहते है कि अभी हमारे पास अपना निर्यात बढ़ाने का काफी अच्छा मौका है। दुनिया में पुरानी चीजें खत्म हो रही हैं और नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। भारत को इसका पूरा लाभ उठाना चाहिए।

बनेगें दो नए एयरपोर्ट

वाणिज्य के अलावा केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहे प्रभु ने बताया कि भविष्य में 65 अरब डॉलर के निवेश से 100 नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। गुजरात सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच धोलेरा और अंकलेश्वर में दो नए एयरपोर्ट का विकास किया जाएगा। इसके लिए गुजरात सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच दो करार पर हुए हैं। धोलेरा के लिए हुए करार के अनुसार उस पर 1500 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

 


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