Patrika : Leading Hindi News Portal - Dharma Karma #educratsweb
HOME | LATEST JOBS | JOBS | CONTENTS | STUDY MATERIAL | CAREER | NEWS | BOOK | VIDEO | PRACTICE SET REGISTER | LOGIN | CONTACT US

Patrika : Leading Hindi News Portal - Dharma Karma

http://api.patrika.com/rss/dharma-karma 👁 2739

चैत्र नवरात्र- 6 से 14 अप्रैल तक भूलकर भी नहीं करें ये काम, वरना पड़ेगा जीवन भर पछताना


चैत्र नवरात्र- 6 से 14 अप्रैल तक भूलकर भी नहीं करें ये काम, वरना पड़ेगा जीवन भर पछताना

फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथी (6 से 14 अप्रैल 2019) से चैत्र नवरात्र का शुभारंभ होगा, इन नौ दिनों तक आद्यशक्ति मां दुर्गा की विशेष पूजा आराधना की जाती हैं । देश के कोने कोने में आस्था व श्रद्धा का माहौल दिखाई देता है । लोग उपवास रखते है, माता का सोलह श्रंगार करते हैं, हर दूसरा व्यक्ति अलग अलग तरीके से पूजा भी करते, कन्याभोज कराते हैं । लेकिन इन सब के बाद अगर नवरात्र के दिनों में कुछ ऐसे काम है जिन्हें करना निषेध माना जाता हैं अगर भूलवस ये कार्य हो जाये तो माता से क्षमा याचना करके प्रायश्ति किया जा सकता हैं । प्रायश्ति स्वरूप मां दुर्गा के बीज मंत्र का नवरात्र के आखरी दिन 251 बार जप करना चाहिए ।

 

नवरात्र में इन कामों को करने से बचें ।

1- नवरात्र प्रतिपदा से लेकर एकादशी तिथि तक अपने नाखूनों को बिलकुल भी नहीं काटे ।

2- नवरात्र के दिनों में अपने बाल भी नहीं कटवाना चाहिए ।

3- नवरात्रि काल की इस शुभ अवधि में सिलाई-बुनाई का काम भी नहीं करना चाहिए ।


4- नवरात्र की इस विशेष अवधि में किसी निंदा भी नहीं करना चाहिए, झूठ नहीं बोलें एवं मुधभाषी बने रहे ।

5- प्रयास करें की नवरात्र के नौ दिनों तक सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू नहीं लगाएं, या कम से कम पूजा घर और रसोई में नहीं लगाने का प्रण ले ।

6- नौ दिनो तक यदि संभव है तो घर में चप्पल मत पहनो या पूजा कक्ष में चप्पल पहन कर प्रवेश करने से बचो, चमड़े से बनी वस्तुओं का भूलकर भी प्रयोग ना करे ।

7- नवरात्र के नौ दिनों तक शराब, मांस, तंबाकू जैसी अन्य पदार्थों का सेवन नहीं करें ।

8- नवरात्र के नौ दिनों तक किसी भी महिलाओं का अपमान नहीं करें ।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/navratri-puja-me-na-kare-ye-kam-4318223/

हनुमान जी हैं तो सब कुछ संभव हैं, यह छोटा सा काम बना देगा मालामाल


जी हां हनुमान जी हैं तो सब कुछ संभव है, जिसके उपार इनकी कृपा हो जाये वह हो जाता हैं मालामाल, केवल शनिवार और मंगलवार ही नहीं कुछ भक्त तो हनुमान चालीसा का पाठ हर दिन करते हैं । हनुमान चालीसा को सिद्ध करके कोई मनवाछिंत फल प्राप्त कर सकता हैं । हनुमान चालीसा की शुरुआत से अंत तक सफलता के कई सूत्र हैं । जाने हनुमान चालीसा से अपने जीवन में क्या-क्या बदलाव लाये सकते है ।

 

हनुमान चालीसा के पाठ से व्यक्ति के जीवन में आते हैं ये अद्भूत बदलाव

1- श्रीगुरु चरन सरोज रज ।
निज मनु मुकुरु सुधारि ।।

अर्थात - अपने गुरु के चरणों की धूल से अपने मन के दर्पण को साफ करता हूं- गुरु का महत्व चालीसा की पहले दोहे की पहली लाइन में लिखा गया है । जीवन में गुरु नहीं है तो आपको कोई भी आगे नहीं बढ़ा सकता । गुरु ही आपको सही रास्ता दिखा सकते हैं । आज के दौर में गुरु हमारा मेंटोर भी हो सकता है, बॉस भी । माता-पिता को पहला गुरु ही कहा गया है । अगर तरक्की की राह पर आगे बढ़ना है तो विनम्रता के साथ बड़ों का सम्मान करें ।

 

2- कंचन बरन बिराज सुबेसा ।
कानन कुंडल कुंचित केसा ।।
अर्थात - हनुमान जी के शरीर का रंग सोने की तरह चमकीला है, सुवेष यानी अच्छे वस्त्र पहने हैं, कानों में कुंडल हैं और बाल संवरे हुए हैं । आज के दौर में व्यक्ति की तरक्की इस बात पर भी निर्भर करती है कि वह रहता और दिखता कैसे हैं । इसलिए, रहन-सहन और पहनावा हमेशा अच्छा रखें ।

 

3- बिद्यावान गुनी अति चातुर ।
राम काज करिबे को आतुर ।।
अर्थात - हनुमान जी विद्यावान हैं, गुणों की खान हैं, चतुर भी हैं । राम के काम करने के लिए सदैव आतुर रहते हैं । आज के दौर में एक अच्छी डिग्री होना बहुत जरूरी है । लेकिन चालीसा कहती है सिर्फ डिग्री होने से व्यक्ति सफल नहीं होंगे । विद्या हासिल करने के साथ उसे अपने गुणों को भी बढ़ाना पड़ेगा, बुद्धि में चतुराई भी लानी होगी । हनुमान में तीनों गुण हैं, वे सूर्य के शिष्य हैं, गुणी भी हैं और चतुर भी ।

 

4- सूक्ष्म रुप धरि सियहिं दिखावा ।
बिकट रुप धरि लंक जरावा ।।
अर्थात - हनुमान जी ने अशोक वाटिका में सीता को अपने छोटे रुप में दर्शन दिए, और लंका जलाते समय हनुमान जी ने बड़ा स्वरुप धारण किया । व्यक्ति को कब, कहां, किस परिस्थिति में खुद का व्यवहार कैसा रखना है, ये कला हनुमानजी से सीखी जा सकती है ।

 

5- तुम्हरो मंत्र बिभीसन माना ।
लंकेस्वर भए सब जग जाना ।।
अर्थात - विभीषण ने हनुमान जी की सलाह मानी, और वे लंका के राजा बने ये सारी दुनिया जानती है । हनुमान जी सीता की खोज में लंका गए तो वहां विभीषण से मिले, विभीषण को राम भक्त के रुप में देख कर उन्हें राम से मिलने की सलाह दे दी । विभीषण ने भी उस सलाह को माना और रावण के मरने के बाद वे राम द्वारा लंका के राजा बनाए गए । किसको, कहां, क्या सलाह देनी चाहिए, इसकी समझ बहुत आवश्यक है । सही समय पर सही इंसान को दी गई सलाह सिर्फ उसका ही फायदा नहीं करती, आपको भी कहीं ना कहीं फायदा पहुंचाती है ।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/hanuman-chalisa-ke-benefits-4317618/

चैत्र नवरात्रि होती सबसे अधिक फलदायी, इन नियमों के साथ करें मां दुर्गा की पूजा उपासना


चैत्र नवरात्र को पूजा, उपासना, साधना की दृष्टि से सबसे अधिक फलदायी बताया गया हैं । हिन्दू धर्म के शास्त्रों में छ: ऋतुएँ जिन्हें नारी-रूप में बताया गया हैं, और प्रत्येक ऋतु एक विशेष नवरात्रि के रूप में मनाई जाती है । इनमें चैत्र नवरात्र को शक्ति रूप मां दुर्गा की आराधना के सर्वोपरी माना जाता हैं, इसी के साथ हिन्दू वर्ष का आरंभ भी होता है । जाने इस चैत्र नवरात्र में माता की कृपा पाने के लिए कौन कौन से नियमों का पालन करना चाहिए । इस साल 6 अप्रैल से चैत्र नवरात्र शुरू होंगे जो 14 अप्रैल तक रहेंगे ।

 

नवरात्र में इन नियमों का पालन करने से माता दुर्गा के अनेक आशीर्वाद मिलते है ।


1- नौ दिनों तक प्रतिदिन सुबह 6 बजे तक स्नान कर ही लेना चाहिए, एवं हर दिन धुले हुए वस्त्रों को ही धारण करें ।
2- दिन में केवल एक बार सात्विक भोजन करना चाहिए ।
3- नौ दिनों तक घर का बना हुआ भोग ही माता रानी को अर्पित करनी चाहिए, ओर अगर संभव नहीं हैं तो दूध और फलों का भोग लगा सकते हैं ।
4- नौ दिनों तक घर के पूजा स्थल एवं नजदीक के मंदिर में सुबह एवं शाम को गाय के घी का दीपक जलायें ।


5- संभव हो तो नौ दिनों तक 7 साल से छोटी दो कन्याओं को फल या अन्य कोई उपहार भेंट, शाम के समय अवश्य करें ।
6- नौ दिनों तक माता के बीज मंत्रों, चालीसा, स्त्रोत आदि जप, पाठ अनिवार्य रूप से करें ।
7- संभव हो नौ दिनों तक गाय के घी का अखण्ड दीपक अवश्य जलाना चाहिए ।
8- दुर्गा सप्तशती या देवी माहात्म्य पारायण कराने से जीवन में उत्कृष्ट प्रगति, समृद्धि और सफलता मिलती हैं ।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/chaitra-navratri-2019-puja-ke-niyam-4315560/

इस तारीख से शुरू होगी चैत्र नवरात्र, अभी से कर लें मां सिंह वाहिनी को प्रसन्न करने की ऐसे तैयारी


माँ दुर्गा के चैत्र नवरात्रे आते ही चारों ओर खुशियों और उल्लास का महौल स्वतः ही बन जाता है । चैत्र नवरात्रि में जहां जहां नजर पड़े वहां वहां हर कोई मां सिंह वाहिनी की भक्ति में लीन नजर आने लगता हैं । मान्यता हैं कि रंग भरी होली के सप्ताह भर बाद चैत्र नवरात्र प्रारंभ हो जाते हैं । इस चैत्र नवरात्र पर्व की सुंदरता तो रंगो में ही होती है, चारों दिशाओं में इन्द्रधनुषी परिधान मनमोहक से लगते हैं । नौ दिनों तक माता दुर्गा के 9 अलग अलग रूपों की आराधना माता को प्रिय लगने वाले नौं रंगों के कपड़ों को पहन कर करने से माता अति प्रसन्न हो जाती हैं । अगर आप भी माता को प्रसन्न करके उनकी कृपा पाना चाहते हो तो ऐसा जरूर करें ।

 

चैत्र नवरात्र महापर्व का आरंभ आगामी 6 अप्रैल शनिवार से शुरू होकर 14 अप्रैल रविवार 2019 तक रहेगा । इन नौ दिनों में इन नौरंगों के माध्यम से माता की करें आराधना, प्रसन्न होकर इच्छा पूरी कर देगी मां सिंह वाहिनी जगदंबा ।

 

1- पहले दिन - शनिवार को लाल या हरे रंग के कपड़े पहनकर माता की पूजा करें ।

2- दूसरे दिन - रविवार को पीला या सुनहरे रंग के कपड़े पहनकर माता की पूजा करें ।

3- तीसरे दिन - सोमवार को सफेद या गुलाबी रंग के कपड़े पहनकर माता की पूजा करें ।
4- चौथे दिन - मंगवार को आसमानी या जामुनी रंग के कपड़े पहनकर माता की पूजा करें ।
5- पांचवें दिन - बुधवार को नारंगी रंग के कपड़े पहनकर माता की पूजा करें ।
6- छठवें दिन - गुरुवार को नीला या क्रीम रंग के कपड़े पहनकर माता की पूजा करें ।
7- सातवें दिन - शुक्रवार को लाल या सफेद रंग के कपड़े पहनकर माता की पूजा करें ।
8- आठवें दिन - शनिवार को हल्का हरा या पीले रंग के कपड़े पहनकर माता की पूजा करें ।
9- नौंवें दिन - रविवार को पीला या लाल रंग के कपड़े पहनकर माता की पूजा करें ।

************


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/chaitra-navratri-2019-in-india-4314793/

जो यह पढ़े हनुमान चालीसा.... सिर्फ ये 5 चौपाई ही बदल देगी आपकी जिन्दगी


अनेक हनुमान भक्त अपनी दिनचर्या की शुरूआत हनुमान चालीसा के पाठ से ही करते हैं । श्री हनुमान चालीसा में कुल 40 चौपाइयां हैं, ये उस क्रम में लिखी गई हैं जो एक आम आदमी की जीवन क्रम होता है और इसे शायद बहुत ही कम लोग जानते होंगे । माना जाता है कि तुलसीदास जी ने चालीसा की रचना श्री रामचरित्र मानस की रचना से पूर्व श्रीहनुमान को गुरु बनाकर राम जी को पाने के लिये की थी ।

 

अगर व्यक्ति सिर्फ हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं तो यह व्यक्ति को भीतरी शक्ति तो दे रही है लेकिन अगर आप इसके अर्थ में छिपे जिंदगी के सूत्र समझ लें तो आपको जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिला सकते हैं । हनुमान चालीसा सनातन परंपरा में लिखी गई पहली चालीसा है, शेष सभी चालीसाएं इसके बाद ही लिखी गई । हनुमान चालीसा की शुरुआत से अंत तक सफलता के कई सूत्र हैं । जाने हनुमान चालीसा से अपने जीवन में क्या-क्या बदलाव ला सकते है ।

 

हनुमान चालीसा की शुरुआत गुरु से हुई हैं..


श्रीगुरु चरन सरोज रज ।
निज मनु मुकुरु सुधारि ।।

अर्थात - अपने गुरु के चरणों की धूल से अपने मन के दर्पण को साफ करता हूं- गुरु का महत्व चालीसा की पहले दोहे की पहली लाइन में लिखा गया है । जीवन में गुरु नहीं है तो आपको कोई भी आगे नहीं बढ़ा सकता । गुरु ही आपको सही रास्ता दिखा सकते हैं । आज के दौर में गुरु हमारा मेंटोर भी हो सकता है, बॉस भी । माता-पिता को पहला गुरु ही कहा गया है । अगर तरक्की की राह पर आगे बढ़ना है तो विनम्रता के साथ बड़ों का सम्मान करें ।

 

1- पहनावें का रखें ख्याल..

कंचन बरन बिराज सुबेसा ।
कानन कुंडल कुंचित केसा ।।
अर्थात - हनुमान जी के शरीर का रंग सोने की तरह चमकीला है, सुवेष यानी अच्छे वस्त्र पहने हैं, कानों में कुंडल हैं और बाल संवरे हुए हैं । आज के दौर में व्यक्ति की तरक्की इस बात पर भी निर्भर करती है कि वह रहता और दिखता कैसे हैं । इसलिए, रहन-सहन और पहनावा हमेशा अच्छा रखें ।

 

2- सिर्फ डिग्री काम नहीं आती..

बिद्यावान गुनी अति चातुर ।
राम काज करिबे को आतुर ।।
अर्थात - हनुमान जी विद्यावान हैं, गुणों की खान हैं, चतुर भी हैं । राम के काम करने के लिए सदैव आतुर रहते हैं । आज के दौर में एक अच्छी डिग्री होना बहुत जरूरी है । लेकिन चालीसा कहती है सिर्फ डिग्री होने से व्यक्ति सफल नहीं होंगे । विद्या हासिल करने के साथ उसे अपने गुणों को भी बढ़ाना पड़ेगा, बुद्धि में चतुराई भी लानी होगी । हनुमान में तीनों गुण हैं, वे सूर्य के शिष्य हैं, गुणी भी हैं और चतुर भी ।

 

3- अच्छा स्रोता बनें..

प्रभु चरित सुनिबे को रसिया ।
राम लखन सीता मन बसिया ।।
अर्थात - हनुमान जी राम चरित यानी राम की कथा सुनने में रसिक है, राम, लक्ष्मण और सीता तीनों ही हनुमान जी के मन में वास करते हैं । जो व्यक्ति की प्रायोरिटी है, जो काम है, उसे लेकर सिर्फ बोलने में नहीं, सुनने में भी व्यक्ति को रस आना चाहिए । अच्छा श्रोता होना बहुत जरूरी है । अगर किसी के पास सुनने की कला नहीं है तो वह कभी भी अच्छे लीडर नहीं बन सकते ।

 

4- कहां, कैसे व्यवहार करना है ये ज्ञान जरूरी है..

सूक्ष्म रुप धरि सियहिं दिखावा ।
बिकट रुप धरि लंक जरावा ।।
अर्थात - हनुमान जी ने अशोक वाटिका में सीता को अपने छोटे रुप में दर्शन दिए, और लंका जलाते समय हनुमान जी ने बड़ा स्वरुप धारण किया । व्यक्ति को कब, कहां, किस परिस्थिति में खुद का व्यवहार कैसा रखना है, ये कला हनुमानजी से सीखी जा सकती है ।

 

5- अच्छे सलाहकार बनें

तुम्हरो मंत्र बिभीसन माना ।
लंकेस्वर भए सब जग जाना ।।
अर्थात - विभीषण ने हनुमान जी की सलाह मानी, और वे लंका के राजा बने ये सारी दुनिया जानती है ।- हनुमान जी सीता की खोज में लंका गए तो वहां विभीषण से मिले, विभीषण को राम भक्त के रुप में देख कर उन्हें राम से मिलने की सलाह दे दी । विभीषण ने भी उस सलाह को माना और रावण के मरने के बाद वे राम द्वारा लंका के राजा बनाए गए । किसको, कहां, क्या सलाह देनी चाहिए, इसकी समझ बहुत आवश्यक है । सही समय पर सही इंसान को दी गई सलाह सिर्फ उसका ही फायदा नहीं करती, आपको भी कहीं ना कहीं फायदा पहुंचाती है ।

 

6- आत्मविश्वास की कमी ना हो

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माही ।
जलधि लांघि गए अचरज नाहीं ।।
अर्थात - हनुमान जी ने राम नाम की अंगुठी को अपने मुख में रखकर समुद्र को लांघ लिया, इसमें कोई अचरज नहीं है । अगर किसी व्यक्ति में खुद पर और अपने परमात्मा पर पूरा भरोसा है तो आप कोई भी मुश्किल से मुश्किल समय को आसानी से पूरा कर सकते हैं । आज के युवाओं में एक कमी ये भी है कि उनका भरोसा बहुत टूट जाता है । आत्मविश्वास की कमी भी बहुत है । प्रतिस्पर्धा के दौर में आत्मविश्वास की कमी होना खतरनाक है, इसलिए अपनेआप पर पूरा भरोसा रखे ।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/hanuman-chalisa-ke-faide-4314300/

शनिवार के दिन केवल 21 बार पढ़ लें इस मंत्र को- धन ही नहीं व्यक्ति भी होगा वश में


अगर आप धनवान बनने के साथ किसी व्यक्ति विशेष को भी अपने वश में करने की इच्छा रखते हो तो ये छोटा सा उपाय आपकी हर मनोकामना पूरी कर देगा । मंगल भवन अमंगल हारी, शनिवार करें सब इच्छा पूरी । जी हैं शनिवार के दिन से शुरू करके 31 दिन तक इस छोटे से वशीकरण मंत्र को हर रोज केवल 21 बार जपने से कोई भी अथाह धन का स्वामी बनने के साथ जिसे चाहे उसे अपने वश में कर सकता है ।

 

शनिवार के दिन सूर्योदय के बाद उत्तर दिशा की ओर मुंह करके लाल मूंगे की माला से नीचे दिये गये मंत्र को कुल 31 दिनों तक 3 माला का जप करने से मंत्र सिद्ध हो जायेगा । सिद्ध होने के बाद उक्त वशीकरण मंत्र को 21 बार अभिमंत्रित करके इच्छित व्यक्ति या वस्तु पर प्रयोग करने से वे आपकी हो जायेगी । मंत्र में अमुक शुव्द के स्थान पर जिसे भी वश में करना हो उसका नाम 3 बार उच्चारण करें ।

 

मंत्र–

।। ऊँ नमो भास्कराय त्रिलोकात्मने अमुक महीपति में वश्यं कुरू कुरू स्वाहा ।।

- अनार के पंचांग में सफेद घुघची मिला-पीसकर तिलक लगाने से समस्त संसार वश में हो जाता है ।
- कड़वी तूंबी (लौकी) के तेल और कपड़े की बत्ती से काजल तैयार करें । इसे आंखों में लगाकर देखने से वशीकरण हो जाता है ।
- बिल्व पत्रों को छाया में सुखाकर कपिला गाय के दूध में पीस लें । इसका तिलक करके साधक जिसके पास जाता है, वह वशीभूत हो जाता है ।
- कपूर तथा मैनसिल को केले के रस में पीसकर तिलक लगाने से साधक को जो भी देखता है, वह वशीभूत हो जाता है ।


- केसर, सिंदूर और गोरोचन तीनों को आंवले के साथ पीसकर तिलक लगाने से देखने वाले वशीभूत हो जाते हैं ।
- प्रातःकाल काली हल्दी का तिलक लगाएं । तिलक के मध्य में अपनी कनिष्ठिका उंगली का रक्त लगाने से प्रबल वशीकरण होता है ।
- कौए और उल्लू की विष्ठा को एक साथ मिलाकर गुलाब जल में घोटें तथा उसका तिलक माथे पर लगाकर जिस भी मनचाही स्त्री के सम्मुख जाओगे वह सम्मोहित होकर जान तक न्योछावर करने को उतावली हो जाएगी ।

******************


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/shanivar-ka-vashikaran-mantra-in-hindi-4314029/

रंग होली की शाम को इस उपाय से, महीनों बाद पूरी होने वाली मनोकामना साई करेंगे तुरंत


आज रंग होली का दिन गुरुवार हैं, अगर इस दिन शाम के दिन भक्त साईं बाबा के मंदिर में जाकर इस विशेष मंत्र का जप करने के साथ इस छोटे से उपाय कर लेता हैं श्री सदगुरू साईँ नाथ उन सभी भक्तों की झोली सभी खुशियों से भरने के साथ जीवन भर उनकी रक्षा भी करते हैं श्री साईं बाबा । आज के इस उपाय से प्रसन्न होकर साई नाथ महीनों बाद पूरी होने वाली मनोकामना को तुरंत ही समय से पहले पूरी कर देंगे ।


इस दिन बाबा का ध्यान करने से मनचाहे कामों में आ रही बाधाएं शीघ्र ही दूर हो जायेगी । भक्त का भाग्य संवर जायेगा । इस दिन साईं भक्त बाबा के दरबार शिर्डी सहित देश के सभी साईं मंदिर में जाकर अपने कष्टों के हरने की गुहार लगाते हैं, औऱ बाबा भी उनकी इच्छा पूरी करते हैं । यह उपाय आपके जीवन की समस्त दुख और परेशानियां दूर करने में आपकी मदद अवश्य करेगा ।


सबसे पहले साईं बाबा के मंदिर में जाकर इस चमत्कारी प्रार्थना का पाठ करें, इससे बाबा जीवन भर रक्षा करते हैं ।


।। साईं प्रार्थना ।।
1- पल-पल जो रक्षा कें, सद रहें जो साथ ।
सो हमरी रक्षा करें, समर्थ साई नाथ ॥
जो निज तन में दिखलायें, राम, कृष्ण, हनुमान ।
सो हमरी रक्षा करें, साईनाथ भगवान ।।

2- जिनकी धूनी जले निरंतर, वर दे जिनके हाथ ।
सो हमरी रक्षा करें, सद्गुरु साई नाथ ॥
जिनकी जीवन लीला से मिलते निर्मल ज्ञान ।
सो हमरी रक्षा करें, साई क़ृपानिधान ॥

 

3- जो हैं शामा के सखा, म्हालसापति के नाथ ।
सो हमरी रक्षा करें, सद् गुरु साई नाथ ॥
रोग-शोक जो दूर करें, दें संकट को टाल।
सो हमरी रक्षा करें, दीनानाथ दयाल ॥

4- जो बांटें उदी सदा, रक्ख़े सिर पे हाथ ।
सो हमरी रक्षा करें, रहें सर्वदा साथ ॥
जिनके चरणों में बसें सारे तीर्थ महान ।
सो हमरी रक्षा करें, साई करुणावान ॥

 

उपरोक्त प्रार्थना का पाठ पूरा होने के बाद श्री साईं बाबा की मुर्ति के सामने बैठकर नीचे दिये गये साईं बाबा के दिव्य चमत्कारी मंत्रों का जप कम से कम 108 बार जरूर करें । ऐसी मान्यता हैं की इन मंत्रों का जप करने से श्री साईं देव महाराज अपने प्रिय भक्तों की सारी मनोकामना पूरी कर देते हैं ।

 

1- ॐ शिर्डी वासाय विद्महे सच्चिदानंदाय धीमहि तन्नो साईं प्रचोदयात
2- ॐ साईं गुरुवाय नम:
3- ॐ शिर्डी देवाय नम:
4- ॐ सर्वदेवाय रूपाय नम:
5- ॐ अजर अमराय नम:
6- ॐ सर्वज्ञा सर्व देवता स्वरूप अवतारा
7- ॐ साईं राम
8- ॐ साईं देवाय नम:


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/holi-par-sai-baba-ki-kripa-ke-upay-4312292/

आज रात 9 बजे इस वैदिक कर्मकांड विधि से ऐसे करें होलिका दहन और पूजन


आज 20 मार्च 2019 को रात 8 बजकर 50 मिनट तक भद्रा रहेगा उसके बाद रात 9 बजे के बाद करें होलिका दहन एवं पूजन इस कर्मकांड वैदिक विधि से । होली पर्व सारे भारत में हर्षोल्लास का पर्व है, जिसमें छोटे- बड़े का भेद भुलाकर जनमानस एकाकार होकर तरंगित होने लगता है। यह यज्ञीय पर्व है । नई फसल पकने लगती है। उसके उल्लास में सामूहिक यज्ञ के रूप में होली जलाकर नवीन अन्न का यज्ञ करके, उसके बाद में उपयोग में लाने का क्रम बनाया गया है। कृषि प्रधान देश की यज्ञीय संस्कृति के सर्वथा अनुकूल यह परिपाटी बनाई गई है ।

 

1- भगवान नृसिंह का पूजन-
हाथ में अक्षत पुष्प लेकर- नृसिंह भगवान् का आह्वान मन्त्र बोलें । भावना करें कि दुर्बल, साधनहीन, आदर्शवादियों के समर्थक, समर्थ, सम्पन्न, अनाचारियों के काल भगवान् नृसिंह की चेतना यहाँ अवतरित होकर समाज का कायाकल्प करेंगे ।
मंत्र-
ॐ नृसिंहाय विद्महे, वज्रनखाय धीमहि। तन्नो नृसिंहः प्रचोदयात्॥ ॐ श्री नृसिंहभगवते नमः। आवाहयामि, स्थापयामि, ध्यायामि ।

 

2- मातृभूमि पूजन
मृत्तिका पूजन करने के लिए पुष्प, रोली, कलावा, चन्दनादि लसे निम्न मन्त्र बोलते हुए उसकी पूजा करें ।
मंत्र-
ॐ मही द्यौः पृथिवी च न ऽ, इमं यज्ञं मिमिक्षताम्। पिपृतां नो भरीमभिः। ॐ पृथिव्यै नमः। आवाहयामि, स्थापयामि, ध्यायामि ।

 

3- त्रिधासमतादेवी पूजन
फूल चावल लेकर भावना करें कि पूजन के साथ विषमता को निरस्त करने वाले समत्व भाव का, सबमें संचार हो रहा है ।
मंत्र-
ॐ अम्बेऽअम्बिकेऽम्बालिके, न मा नयति कश्चन ।
ससस्त्यश्वकः सुभद्रिकां, काम्पीलवासिनीम् ॥

 

4- होलिका दहन करें
अनीति के विनाश की भावना से होलिका दहन करें ।
मंत्र-
ॐ भूर्भुव: स्वर्द्यौरिव भूम्ना पृथिवीव वरिम्णा ।
तस्यास्ते पृथिवि देवयजनि पृष्ठेऽग्निमन्नादमन्नाद्यायादधे ॥


5- क्षमावाणी
सभी लोग अपने- अपने हाथों को अञ्जलिबद्ध करके निम्न मन्त्र बोलते हुए द्वेष- दुर्भाव छोड़ने के रूप में जलांजलि दें और किसी के प्रति भी मन में जो द्वेष- दुर्भाव हों, उसे त्याग दें ।
मंत्र-
ॐ मित्रस्य मा चक्षुषेक्षध्वमग्नयः, सगराः सगरास्थ सगरेण नाम्ना, रौद्रेणानीकेन पात माऽग्नयः। पिपृत माग्नयो गोपायत मा नमो, वोऽस्तु मा मा हि ऽ सिष्ट ॥

 

6- नवान्न यज्ञ
जलती हुई होली में नवान्न की 11 आहूति प्रदान करें एवं थोड़ा बचाकर उसी का प्रसाद बनाकर सभी को बांट दे ।
मंत्र
ॐ अन्नपतेऽन्नस्य नो, देह्यनमीवस्य शुष्मिणः ।
प्रप्रदातारं तारिषऽऊर्जं, नो धेहि द्विपदे चतुष्पदे ॥


7- भस्म धारण

होलिका की भस्म को मस्तक, कण्ठ, हृदय, भुजाओं में धारण करे और बाद में प्रसाद और जयघोष के बाद पूजन क्रम समाप्त करें ।
मंत्र-
ॐ त्र्यायुषं जमदग्नेः, इति ललाटे ।
ॐ कश्यपस्य त्र्यायुषम्, इति ग्रीवायाम् ।
ॐ यद्देवेषु त्र्यायुषम्, इति दक्षिणबाहुमूले ।
ॐ तन्नोअस्तु त्र्यायुषम्, इति हृदि ॥


********


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/holika-dahan-vaidik-puja-vidhi-in-hindi-4310411/

होली पर सदियों बाद बना महायोग, ये 5 उपाय बना देंगे महाकरोड़पति


आज 20 मार्च 2019 दिन बुधवार को होलिका दहन होगी और 21 मार्च गुरुवार को रंग होली खेली जायेगी । इस होली पर सदियों बाद रवि योग बना हैं, जिसके बारे में ज्योतिष शास्त्र के ज्ञाता कहते हैं कि अगर होली के दिन यह महायोग बन जाये तो इस दिन अगर कुछ होली की राख के कुछ उपाय कर लिये जाये तो व्यक्ति को बहुत बड़ा धनवान बनने से कोई भी नहीं रोक पाता । जाने आखिर होली की राख के उपाय करके कैसे बना जा सकता है महाकरोड़पति ।

 

होलिका दहन के बाद जब होली जलकर भस्म में बदल जाये तो उसमें सो थोड़ी सी भस्म के ये 5 उपाय करने से मनचाही मनोकामना पूरी हो जाती है ।

 

1- होली दहन के दूसरे दिन होली की राख को घर लाकर उसमें थोडी सी राई और खड़ा नमक मिलाकर किसी बर्तन में रख लें । अब बर्तन घर में किसी पवित्र व सुरक्षित स्थान पर रख दें । इस उपाय से बुरे समय से मुक्ति मिल जाती है और व्यक्ति कुछ ही दिनों में बन सकता हैं धनवान ।

2- अगर आप या आपके घर पर किसी भी तरह की नकारात्मक ऊर्जा हावी है तो होली की राख को ताबीज में बांधकर पहनने से उसके ऊपर बुरी आत्माओं का साया नहीं रहता और किसी भी तरह के टोने-टोटके का असर भी नहीं होता ।

 

3- अगर किसी की कुंडली में ग्रह दोष है तो होली की राख को जल में मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए । इस उपाय से ग्रह दोष समाप्त हो जाता है ।

5- होली की रात को हनुमान चालीसा का पाठ करें । इसके बाद लगातार 40 दिनों तक रोज एक बार हनुमान चालीसा का पाठ करें । इस उपाय से हनुमानजी भक्त की सभी परेशानियां दूर कर देते है ।

 

5- होली के दिन किसी गरीब को भोजन कराकर कुछ दक्षिणा देने से धन आवक में आने वाली सभी बधाएं दूर हो जाती हैं ।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/holi-par-dhan-prapti-ke-achuk-upay-4309649/

होली के दिन नौकरी हो या व्यापार, धन प्राप्ति हो या अन्य मनोकामना- एक मंत्र जप से होगी पूरी


होली के दिन शाबर मंत्रों का प्रयोग तुरंत फलदायक होता है । शाबर मंत्रों की खासियत यह है कि इन्हें विद्वान ही नहीं अपितु अनपढ़ या कम पढ़े लिखे भी आसानी से सिद्ध कर सकते हैं । अगर नौकरी में तरक्की, व्यापार में वृद्धि, अपार धन की कामना यो फिर हो अन्य कोई मनोकामनाएं नीचे दिये मंत्रों में से किसी एक को भी होली के दिन एवं रात में जप करने से सैकड़ों कार्य सिद्ध किये जा सकते है ।

 

होली के दिन इनमें से जप किसी भी एक मंत्र को और पाये मनचाही मनोकामना की पूर्ति, इन्हें सिद्ध करने पर व्यापार, काम-धंधे में अप्रत्याशित वृद्धि होने लगती है ।

 

1- होली की रात में इस मंत्र 21 माला जप करने पर यह सिद्धि हो जाता है और इससे व्यापार में आश्चर्यजनक रूप से वृद्धि करती है ।
मंत्र-
भंवर वीर ! तू चेला मेरा । खोल दुकान कहा कर मेरा ।
उठे जो डंडी, बिके जो माल भंवर की सौ नहीं जाए ।।

2- होली के इस मंत्र की 17 माला जप कर- जप के बाद गाय के घी, दुर्वा और पुष्प से 108 आहुतियां देने पर अथाह धन की प्राप्ति होती हैं ।
मंत्र-
कुबेर त्वं धनाशीश, गृहे ते कमला स्थिता,
ता देवी प्रशमांशु त्वं पद गृहे ते नमो नमः ।।

 

3- होली के दिन कमलगट्टे की माला से 11 माला जप करने पर जिस भी चीज की कामना करेंगे, वह दोगुना होकर मिलगी ।
मंत्र-
ऊँ ह्रीं क्लीं क्रौं ओम् घंटाकर्ण महावीर !
लक्ष्मीं पूरम पूरम सुख सौभाग्यं कुरू कुरू स्वाहा ।

4- होली के दिन इस मंत्र का जप 11 माला करने कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिलने के साथ हर तरह की मनोकामना पूरी हो जाती है ।
मंत्र-
आए देवि दक्षिणी ! तिन वर्ण की लक्ष्मी, गे लक्ष्मी ब्रह्मा के मात्र रिद्ध सिद्ध हमारे हाथ । आव लक्ष्मी कर जाप, जन्म जन्म के हर पाप ।
अन्न पुराने अन्नपूर्ण, घ्रीत पुरावे महेश। नीलेश्वर के नेउंता दिन्हा। दस पावे पंच दृय होय जय । दोहाई सिद्ध पुरूष काहा, लक्ष्मी काहा ।।
***********


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/holi-ke-achuk-mantra-jap-in-hindi-4305330/

ये हैं होलिका दहन एवं पूजन का शुभ मुहूर्त- 20 मार्च 2019


आखिर होली का इंतजार हुआ खत्म, बुधवार 20 मार्च 2019 को फाल्गुन मास की पूर्णिंमा तिथि है, इसी दिन होलिका दहन किया जाता हैं । इस दिन रवि योग, बुधवार कन्या राशि में चन्द्रमा रहेगा । शास्त्रोंक्त वैदिक पूजा विधि के अनुसार होलिका दहन से पहले होली का पूजन किया जाता है । विधिवत पूजन सामग्रियों के साथ पूजा करने से होती हर मनोकामना पूरी । जाने होलिका दहन एवं पूजन का सही शुभ मुहूर्त ।

 

सबसे पहले इन सामग्रियों को करें इकट्ठा-
पूजा सामग्री में एक लोटा गंगाजल या ताजा शुद्ध जल, रोली, खुले फूल व 4 फूल माला, सात रंग में रंगे रंगीन चावल, सुगंधित धूप, गुड़ या मिठाई, कच्चा सूत, साबूत हल्दी, मूंग, बताशे, नारियल एवं नई फसल के अनाज गेंहू की बालियां, पके चने एवं गोबर से बनी ढाल आदि ।


ऐसे करें होलिका दहन से पहले और बाद में पूजन
- होलिका दहन के शुभ मुहूर्त के समय चार मालाएं- मौली, फूल, गुलाल, ढाल और खिलौनों से बनाई हुई ।
- एक माला पितरों के नाम की, दूसरी श्री हनुमान जी के लिये, तीसरी शीतला माता के लिए और चौथी घर परिवार के नाम की ।
- सभी पूजन सामग्री को नीचे रखकर होली के चारों ओर सात परिक्रमा करते हुए कच्चा सूत को सात बार लपेटे ।
- अब पंचोपचार विधि से होलिका का पूजन कर जल से अर्घ्य दें ।
- पूजन के बाद 5 बार गायत्री मंत्र बोलते हुये होलिका को अग्नि से दहन करें ।
- होलिका दहन के बाद पहले थोड़ा सा शुद्ध जल अर्पित करने के बाद सभी अन्य पूजा सामग्रियों को एक एक कर जलती होलिका में अर्पित करें ।
- पूजन के बाद भगवान नरसिंह के निमित्त जलती होलिका में कच्चे आम, नारियल, गेहूं, उड़द, मूंग, चना, चावल जौ और मसूर, चीनी के खिलौने, नई फसल आदि को एक साथ मिलकार 11 आहुति प्रदान करें ।

 

होलिका दहन एवं पूजन का शुभ मुहूर्त

होलिका दहन तिथि - 20 मार्च 2019 बुधवार फाल्गुन पूर्णिमा
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त - रात्रि 9 बजे से लेकर रात्रि 12 बजे तक ।
नोट- ( 20 मार्च 2019 बुधवार को रात्रि 8 बजकर 50 मिनट तक भद्राकाल रहेगा, जिसमें होलिका दहन करना निषेध माना जाता है ।)


******************


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/holi-pujan-muhurt-2019-4304994/

होली पर अपनी राशि के इन रंगों के रंगीन उपाय से ऐसे बनाये अपना जीवन रंगीन


होली के दिन हर कोई अपनों को रंग लगाते, भीगते-भिगोते नजर आयेंगें ऐसे में यदि इस कुछ छोटे मगर असरदार उपाय अपनी राशि के अनुसार कोई करता है तो उसका जीवन भी हमेशा के लिए रंगीन बन जाता हैं ।

जाने कौन सी है आपकी राशि और कौन से रंग से जिन्दगी बनेगी रंगीन

 

मेष राशि : चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ ।
मेष राशि के जातक उत्साही होते हैं। इस बार होली के पर्व पर यदि आप लाल और गुलाबी रंग का इस्तेमाल करेंगें तो यह आपके लिये काफी भाग्यशाली रहेगा। क्योंकि ये रंग साहस, विश्वास और प्यार के रंग माने जाते हैं जो कि इस राशि के जातकों के विलक्षण भी हैं इसलिये इन रंगों से होली खेलना आपके लिये मंगलदायक रहेगा और आपमें निरंतर उत्साह और उर्जा का संचार रहेगा।

वृषभ राशि : ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो ।
वृषभ जातकों के लिए यदि कोई रंग सबसे अधिक अनुकूल है तो वह है हल्का नीला और आसमानी रंग। यह रंग उनमे सहजता प्रदान करता है और उनके जीवन में स्थिरता और सौहार्द लेकर आता है।

 

मिथुन राशि : का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह ।
मिथुन राशि के जातक इस होली पर हल्के हरे रंग से खेल सकते हैं। वैसे नारंगी व गुलाबी रंग भी इनके लिये सही रहेंगें। ये रंग इनमें रोमांच, उत्साह व उर्जा का संचार तो करेंगें ही साथ ही समृद्धि लाने वाले भी साबित होंगें। इस रंग के प्रभाव से आप अपने प्रियजनों और मित्रों के साथ सुखमय और उत्साहपूर्ण त्यौहार का आनंद लेंगे।

कर्क राशि : ही, हू, हे, हो, डा, डी, डु, डे, डो ।
कर्क राशि के जातक भावुक होते हैं इसलिये इन्हें हल्का नीला, चांदी और सफ़ेद रंग से होली का त्यौहार मनाना चाहिये। इससे इन्हें शांति और धीरज तो मिलेगा ही साथ ही इनके चंचल स्वभाव को सफेद रंग काबू में रख संयमी बनायेगा और आपका त्यौहार काफी अच्छे से मनेगा ।

 

सिंह राशि : मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे ।
सिंह जातक काफी उर्जावान होते हैं, इनकी प्रचडंता को काबू में रखने के लिये महरुम रंग कारगर होगा। इसके अलावा सुनहरा और तांबा रंग भी इस अग्नि राशि के लिए अनुकूल हैं। इन रंगों के प्रभाव से आपके जीवन में सुखसाधन और संपन्नता आयेगी। साथ ही आपके गतिशील व्यक्तित्व से भी इन रंगों की चमक दमक मेल खाती है।

कन्या राशि : ढो, प, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो ।
आपके लिये गहरा हरा रंग काफी शुभ रहेगा। इस रंग के प्रयोग से आप अपने अंदर एक नई स्फूर्ति एक नये जोश को महसूस करेंगें। यह रंग आपके स्वभाव को भी सौम्य बनायेगा जिससे आप इस जोशीले त्यौहार का खुशी के पूरे उन्माद से आनंद ले पायेंगें।

 

holi rashifal

तुला राशि : र, री, रू, रे, रो, ता, ति, तू, ते ।
सफेद रंग के अलावा आप बैंगनी, भूरा और नीले रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। अपने आपको धीर और संयमी बनाये रखने के लिये आप हल्के नीले रंग के वस्त्राभूषण धारण कर सकते हैं। इन रंगों के प्रभाव से आप अपने अंदर आश्चर्यजनक रुप से सुधार महसूस करेंगें।

वृश्चिक राशि : तो, न, नी, नू, ने, नो, या, यि, यू ।
गहरे लाल, मरून, और भूरे रंग से ही वृश्चिक रंग पर बेहतर प्रभाव रहेगा| उनमें से अधिक व्यक्तियों को गहरा लाल रंग चुनना चाहिए क्योंकि यह रंग उनके सशक्त व्यक्तित्व को उजागर करेगा| इस रंग को धारण कर होली पर्व पर कहीं भी जाएंगे तो बेहतर महसूस करेंगे ।

 

धनु राशि : य, यो, भा, भि, भू, ध, फा, ढ, भे ।
पीला और संतरी रंग धनु राशि के जातकों के लिये बहुत अच्छा रहेगा इस होली पर क्योंकि इस राशि के जातक अति उत्साही होते हैं इसलिये यह रंग इनके लिये बहुत उपयोगी होंगें। इससे आपका स्वभाव खुशनुमा तो होगा ही साथ ही उसमें नम्रता का समावेश भी रहेगा ।

मकर राशि : भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी ।
इस राशि के जातक हल्के नीले व आसमानी रंगों का इस्तेमाल करें। इन रंगों के इस्तेमाल से आपमें सकारात्मक उर्जा का संचार होगा व व्यक्तित्व में स्थिरता भी आयेगी।

 

कुम्भ राशि : गू, गे, गो, स, सी, सू, से, सो, द ।
इस राशि के जातक गहरे नीले रंग को काफी शुभ माना जाता है। कुम्भ जातक हमेशा कुछ न कुछ नया करने के प्रयास में रहते हैं। इसलिये यह इनमें उर्जा का संचार तो करेगा ही साथ ही व्यस्ता भरे जीवन में शांति व सुकून भी लेकर आयेगा। इस रंग में उपचारात्मक गुण भी मौजूद है जो कुम्भ जातकों के घर के वातावरण में सुधार लाता है ।

मीन राशि : दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची ।
मीन राशि के जातकों के व्यक्तित्व में अक्सर चटकते-भड़कते रंग भावनात्मक रुप से अच्छा प्रभाव डालने में सक्षम होते हैं। लेकिन पीले या हल्के पीले रंग के इस्तेमाल से इनमें अतिउत्साह व जोश का संचार होगा ।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/holi-par-rashi-ke-achuk-upay-4304430/

छप्पर फाड़ के बरसेगा धन, फाल्गुन मास के अंतिम मंगलवार कर लें ये आसान उपाय


छप्पर फाड़ के मिलेगा धन, फाल्गुन मास के अंतिम मंगलवार कर लें ये आसान उपाय


आज 19 मार्च 2019 को फाल्गुन मास का अंतिम मंगलवार है । इस दिन शाम के समय हनुमान जी की विशेष पूजा अर्चना करने से महावीर हनुमान जी सारे संकटों का नाश कर देते हैं साथ व्यक्ति की इच्छानुरूप छप्पर फाड़ के धन की वर्षा भी करते हैं, हर मनोकामना पूरी कर देते हैं । आज शाम जरूर करें ये छोटा सा उपाय ।


1- किसी प्राचीन हनुमान मंदिर में बैठकर इस मंत्र का 108 बार जप करने से आप बन सकते करोड़पति ।
मंत्र- ऊँ रामदूताय नम: ।।
2- इस तिथि पर सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करने, श्री हनुमानजी की पूजा करेंगे तो सभी पापों से मुक्ति मिल सकती है ।
3- मंगलवार के दिन हनुमानजी के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं और दीपक में 2 लौंग भी डाल दें । इस उपाय से धन संबंधित सभी समस्या खत्म हो जायेगी ।
4- हनुमानजी की प्रतिमा के सामने बैठकर रामायण और श्रीराम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें से मानसिक शक्ति बढ़ने लगती है ।
5- हनुमानजी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाने से जीवन में सकारात्मकता बढ़ने लगती है ।


6- अगर संभव हो सके तो इस दिन रक्त दान जरूर करें, ऐसा करने से दुर्घटना के योग टल जाते है ।
7- मंगलवार के दन शत्रुओं पर विजय पाने के लिए हनुमानजी के सामने गाय के घी के 5 दीपक आटे वाले जलाये ।
8- अगर आपका व्यापार नहीं चल रहा हो तो मंगलवार के दिन हनुमानजी को लाल लंगोट चढ़ाएं, शीघ्र ही व्यापार में वृद्धि होने लगेगी ।
9- किसी गरीब बीमार व्यक्ति को दवाओं का दान जरूर करें, ऐसा करने से आपको बीमारियों से मुक्ति मिल जायेगी ।
10- मंगलवार के दिन किसी हनुमान मंदिर की छत पर लाल झंडा लगाने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं ।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/hanuman-ji-ke-saral-upay-in-hindi-4304028/

यहां रंग बिरंगे रंगों से नहीं.. मुर्दो की भस्म से खेली जाती हैं होली, पापों से मुक्ति ही नहीं हर मनोकामना भी होती हैं पूरी


होली के दिन देश दुनिया में लोग रंग बिरंगे रंगों से होली खेलते हैं लेकिन हिन्दूस्तान में एक जगह ऐसी भी जगह भी हैं जहां लोग होली के दिन मूर्दों को जलाने के बाद जो राख भस्म होती है उससे होली खेलने में सौभाग्य मानते हैं । जी हां काशी के महाश्मशान पर जलती चिताओं के बीच चिता की भस्म से होली खेलते है । इस साल 2019 में होली का पर्व 20 मार्च बुधवार को होलिका दहन होगी एवं 21 मार्च गुरुवार को होली खेली जायेगी ।

 

एक ओर होली के दिन जहां पूरा देश रंग और गुलाल से सराबोर होता है वहीं बाबा विश्वनाथ की नगर काशी बनारस में रंगों से नहीं शमशान की राख से होली खेली जाती है । बनारस के मणिकर्णिका घाट पर भगवान शिव के भक्त श्मशान की राख से होली खेलते हैं इस दौरान वो एक दूसरे पर चिता की राख फेंकते हैं, जिसे चिता भस्म की होली कहा जाता है । कहा जाता है कि मां पार्वती के लौट आने पर भगवान शिव ने चिता की राख के साथ होली खेली थी, तभी से भगवान शिव के अनन्य भक्त चिता की राख से होली खेलते हैं ।

 

होली के दिन चिता भस्म होली की शुरूआत श्मशान घाट का देवता महाशमशानाथ की प्रार्थना से शुरू होती है, और भक्त ढोल नगाड़ों के साथ श्मशान घाट की राख से होली खेलते हैं। इस अनोखी होली को देखने के लिए देश-विदेश श्रद्धालु काशी में आते हैं । ऐसी मान्यता है कि इस होली को खेलने से महादेव शिव की कृपा से मनुष्यों के जन्म जन्मांतरों के पापों से मुक्ति मिल जाती एवं अनेक भौतिक, आध्यात्मिक मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं ।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/holi-festival-2019-in-hindi-4301120/

होली भर देगी इस छोटे से उपाय को करने वाले की खाली झोली


होली के त्यौहार पर ज्योतिष के अनुसार हर तरह की मनोकामना पूर्ति के लिए किये गये छोटे बड़े सभी तरह के उपाय शीघ्र ही शुभ फल प्रदान करते है । अगर आपकी कोई ऐसी मनोकामना है जो अधूरी है और अनेक प्रयास के बाद भी पूरी नहीं हो पा रही हो तो होली के दिन इस छोटे से उपाय को एक बार जरूर कर लें, ऐसा करने पर होली भर देगी आपकी खाली झोली ।

 

1- होली की रात सरसों के तेल का चौमुखी दीपक घर के मुख्य द्वार पर जलाकर उसकी पूजा घर परिवार में सुख-समृद्धि की कामना से करें । इस उपाये से धन आवक के सारे रास्ते खुल जायेंगे ।

2- व्यापार या नौकरी में उन्नति के लिए 21 गोमती चक्र लेकर होलिका दहन की रात को शिवलिंग पर चढ़ा दें, औऱ सुबह उनको उठाकर अपनी तिजोरी या गल्ले में रख दें । कुछ ही दिनों में संबंधित समस्या खत्म हो जायेगी ।


3- एक नारियल के गोले में अलसी का तेल, थोड़ा सा गुड़ डालें डालकर इस गोले को अपने उपर से एक बार उतारकर जलती हुई होलिका में डालने से राहु का बुरा प्रभाव हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा ।

4- जलती हुई होलिका में गाय के घी में भिगोई हुई दो लौंग, एक बताशा और एक पान का पत्ता डालकर होली की 11 परिक्रमा लगाने से घर परिवार में सुख समृद्धि बनी रहती हैं ।


5- अगर किसी को रोजगार नहीं मिल रहा हो तो ओर बेरोजगार हो तो होली की रात 12 बजे से पहले एक नींबू लेकर चौराहे पर जाएं और उसके चार टुकड़े कर चारों दिशाओं में फेंककर वापिस घर आ जाएं, वापिस आते समय पीछे मुड़कर न देखें ।

6- यदि आपका पैसा कहीं फंसा है तो होली के दिन 11 गोमती चक्र हाथ में लेकर जलती हुई होलिका की 11 बार परिक्रमा करते हुए धन प्राप्ति की प्रार्थना करें, फिर एक सफेद कागज पर उस व्यक्ति का नाम लाल चन्दन से लिखें जिससे पैसा लेना है एवं उस सफेद कागज में 11 गोमती चक्र लपेटकर किसी एकांत जगर गड्ढा खोदकर दबा दें । कुछ ही दिनों में पैसा वापस मिल सकता है ।


7- एक काला कपडा लें और उसमें काले तिल, 7 लौंग, 3 सुपारी, 50 ग्राम सरसों और किसी स्थान की मिट्टी लेकर एक पोटली बना लें, इसे खुद पर से 7 बार वार लें और होलिका दहन में डालें इससे आपकी गरीबी खत्म हो जायेगी ।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/holi-par-dhan-prapti-ke-achuk-upay-4290152/

क्या हैं आपकी राशि, इस होली सबसे पहला रंग अपनी राशि के इस रंग को ही लगायें, बन जायेंगे सुख-समृद्धि के योग


अगर आप रंग होली खेलते हो तो ध्यान रखे इस होली पर सबसे पहले अपनी राशि के इस रंग को लगाये और उसके बाद ही कोई दूसरा रंग लगवाये, ज्योतिष के अनुसार इसे एक तरह का उपाय बताया गया है, ऐसा करने से जीवन में खुशियों के रंग आजीवन बने रहेंगे. और हमेशा के लिए आपकी जिन्दगी रंगीन हो जायेगी । जाने आपकी राशि कौन सी है और आपको सबसे पहले इस होली पर कौन सा रंग लगाना चाहिए ।

 

1- मेष राशि- मेष राशि के लोगों को होली पर गुलाबी या पीले रंग से होली खेलनी चाहिए, ऐसा करने से इस राशि के लोगों का ऊर्जा-उत्साह का प्रवाह होगा और इनके सुख-समृद्धि के योग बनेंगे ।

2- वृषभ राशि- हरा, श्वेत मिश्रित रंग, नीला, स्लेटी, काला, आसमानी, जामुनी रंग अनुकूल हैं | लाल, पीला, नारंगी, श्वेत ,गुलाबी रंग का प्रयोग कम करें ।

3- मिथुन राशि- हरा, श्वेत, मिश्रित रंग, नीला, स्लेटी, काला, आसमानी, जामुनी रंग अनुकूल हैं | लाल, पीला, नारंगी, श्वेत, गुलाबी रंग का प्रयोग कम करें ।

4- कर्क राशि- लाल, पीला, नारंगी, श्वेत, गुलाबी रंग अनुकूल हैं। नीले, स्लेटी, हरे और काले रंग के प्रयोग से बचें ।

 

5- सिंह राशि- लाल, पीला, हरा , नारंगी, श्वेत, गुलाबी रंग अनुकूल हैं । नीले, स्लेटी और काले रंग के प्रयोग से बचें ।

6- कन्या राशि हरा, नीला, स्लेटी, काला, आसमानी, जामुनी रंग अनुकूल हैं, लाल, पीला, नारंगी, श्वेत, गुलाबी रंग का प्रयोग कम करें ।

7- तुला राशि- हरा, श्वेत, मिश्रित रंग, नीला, स्लेटी, काला, आसमानी, जामुनी रंग अनुकूल हैं, लाल, पीला, नारंगी, गुलाबी रंग का प्रयोग कम करें ।

8- वृश्चिक : लाल, पीला, नारंगी, श्वेत , गुलाबी रंग अनुकूल हैं । नीले, स्लेटी और काले रंग के प्रयोग से बचें, मंगल बहुत मजबूत हो तो गहरे लाल रंग से परहेज करें ।

 

9- धनु राशि- लाल, पीला, नारंगी, श्वेत, गुलाबी रंग अनुकूल हैं । नीले, स्लेटी, हरे और काले रंग के प्रयोग से बचें ।

10- मकर राशि- हरा, श्वेत, नीला, स्लेटी, काला, आसमानी, जामुनी रंग अनुकूल हैं, लाल, पीला, नारंगी, गुलाबी रंग का प्रयोग कम करें ।

11- कुम्भ राशि- हरा, श्वेत, नीला, स्लेटी, काला, आसमानी, जामुनी रंग अनुकूल हैं, लाल, पीला, नारंगी, गुलाबी रंग का प्रयोग कम करें ।

12- मीन राशि- लाल, भूरा, पीला, नारंगी,श्वेत, गुलाबी रंग अनुकूल हैं । नीले, हरे, स्लेटी और काले रंग के प्रयोग से बचें ।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/holi-special-horoscope-in-hindi-4289555/

बड़ी भविष्यवाणी- चुनाव परिणाम आयेगा चौकाने वाला, ये बैठेंगे गद्दी पर और इनका.....


ज्योतिषों ने 2019 के चुनाव को लेकर की बड़ी भविष्यवाणी, ज्योतिषियों का मानना हैं कि इस बार 23 मई को जो लोकसभा चुनाव के परिणाम आयेंगे वे बहुत रोचक हो सकते है जो भी इस बार विजयी होगा वह पूर्ण बहूमत से राज गद्दी पर विराजमान होगा । जाने क्या कहती है ज्योतिष्यों की चुनावी भविष्यवाणी ।

 

9 मार्च रविवार को शाम 5 बजकर 29 मिनट से लोकसभा चुनाव 2019 की घोषणा हो चुकी है । ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस समय क्षितिज पर सिंह राशि उदित थी, चंद्रमा मेष राशि में विद्यमान था और राहुकाल भी बना हुआ था । ज्योतिषाचार्य पं. अरविंद तिवारी ने पत्रिका डॉट कॉम को बताया कि राहुकाल में लोकसभा चुनाव की घोषणा होने से यह चुनाव बहुत ही उथल पुथल भरा होगा । साथ ही जिन तारीखों में चुनाव होंगे उस दिन भी ग्रह नक्षत्र की जो चाल रहेगी उनके अनुसार परिणाम के बाद तो कुछ दलों का अस्तित्व ही खत्म होने के ज्योतिषीय गणना के अनुसार योग बन रहे ।



पं. अरविंद तिवारी के अनुसार राहुकाल में लिये गये निर्णय बड़े ही दिलचस्प माने जाते है । राहुकाल कुछ लोगों को आसमान पर बैठा देता है तो वहीं कुछ का विनाश भी कर देता है । चुनावी घोषणा राहुकाल में होन के मायनों को ऐसे समझ सकते है, लग्न राशि सिंह स्थिर स्वभाव रखती है, स्वामी सूर्य है, लग्नचक्र में यह वर्गात्तम है, यह स्पष्ट संकेत है कि प्रशासन चुनाव प्रक्रिया पर हावी रहने वाला है । इससे शासन-प्रशासन के सहयोगियों को राहत होगी और विरोधी को संघर्ष करना होगा । अतः चुनाव में व्यवधान की सोच रखने वाले लोग शांत रहें, यही उनके लिए अच्छा है ।

 

ज्योतिषाचार्य पं. अरविंद तिवारी के अनुसार, घोषणा के दौरान चंद्रमा का केतु के नक्षत्र अश्विनी में संचरण था, इसका प्रभाव यह होगा कि चुनाव पर जन भावनाओं का गहरा प्रभाव रहेगा जो भी दल और गठबंधन सत्ता में आएगा बहुच अच्छा बहुमत लेकर आएगा । पहला मतदान 11 अप्रैल को आद्रा नक्षत्र में होगा । दूसरा मतदान 18 अप्रैल को हस्त नक्षत्र में होगा । तीसरा मतदान 23 अप्रैल को ज्येष्ठा नक्षत्र में होगा । चौथा मतदान 29 अप्रैल को शतभिषा नक्षत्र में होगा । पांचवां मतदान 6 मई को कृतिका नक्षत्र में होगा । छटवां मतदान 12 मई को मघा नक्षत्र में होगा, एवं आखरी मतदान 19 मई को अनुराधा नत्रक्ष में होगा ।

 

उक्त नक्षत्र और उस समय ग्रहों की चाल के अनुसार साथ 23 मई को जब परिणाम आयेंगे गुरुवार का दिन चद्रंमा मकर राशि में रहेगा जो सत्तापक्ष दल की राशि है, और उत्तरा नक्षत्र रहेगा । जिन तिथियों में मतदान हुआ है उसके अनुसार जो भी दल या गठबंधन जीतेगा वह पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनायेंगा । लेकिन ज्योतषीय गणना के अनुसार इस चुनाव के बाद कुछ दलों का अस्तित्व ही खत्म होने के योग बन रहे । लग्न चक्र में चंद्रमा का भाग्य स्थान में होना जताता है कि आस्था और विश्वास की प्रबलता मतदान पर हावी रहेगी, और वोटिंग परसेंटेज उम्मीद से अच्छा रहेगा ।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/astro-news-in-election-2019-4288244/

भगवान साई नाथ के करना हैं साक्षात दर्शन तो तुरंत करें ये छोटा सा काम, बन जायेंगे मन चाहे सारे काम


अगर भगवान साई नाथ के करना हैं साक्षात दर्शन तो तुरंत करें ये छोटा सा काम, बन जायेंगे मन चाहे सारे काम


अगर आपके के जीवन में कोई कष्ट कठिनाई हो तो आज ही अपने आराध्य गुरु भगवान साई नाथ को प्रसन्न करने के लिए ये छोटा सा उपाय करें । ऐसी मान्यता हैं कि इसे करते ही गुरु साई नाथ प्रसन्न होकर साक्षात दर्शन दे सकते हैं और अपने भक्त की मनचाही सारी मुरादे पूरी कर दे हैं ।

 

गुरू की कृपा केवल श्रद्धा औऱ विश्वास के बल पर ही प्राप्त होती हैं । किसी भी साई मंदिर में जाकर या अपने आस पास अगर कोई गरीब या असहाय व्यक्ति मिल जाये तो उन्हें साई का नाम लेकर पीले फलों का दान करें । साथ बाबा साई की प्रतिमा को भी पीले फूलों की ऐसी माला पहनायें जिसमें 51 या 108 फूल लगे हो, माला पहनाने के बाद 108 बार साई मंत्र का जप एवं एक बार साई चालीसा का पाठ भी करें । इससे प्रसन्न होकर इस खास दिन साई नाथ साक्षात दर्शन किसी न किसी रूप में देते ही हैं ।

साईनाथ महामंत्र-

।। ॐ शिर्डी वासाय विद्महे सच्चिदानंदाय धीमहि तनो साईं प्रचोदयात ।।
इसके अलावा भी गुरु की विशेष कृपा पाने के लिए इनमें से किसी भी एक मंत्र का 108 बार जप तुलसी की माला से करें- मंत्र का जप ऊन के सफेद आसन पर बैठकर ही करें । जप के समय अपनी मनोकामनां पूर्ति का स्मरण मन ही मन गुरुदेव भगवान से करते रहे । श्री गुरूदेव भगवान की कृपा से कुछ ही दिनों में सभी इच्छायें पूरी होने लगेगी ।


गुरुमंत्र
1- ऊँ देवानां च ऋषीणां च गुरुं का चनसन्निभम ।
2- ऊँ बुद्धि भूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पितम ।
3- ऊँ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम: ।
4- ऊँ बृं बृहस्पतये नम: ।
5- ऊँ अंशगिरसाय विद्महे दिव्यदेहाय धीमहि तन्नो जीव: प्रचोदयात् ।
*************


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/sai-baba-ko-prasan-karne-ke-upay-4288084/

आज से 21 मार्च 2019 तक भूलकर भी ना करे ये काम, कामदेव जैसा हो जायेगा हाल


होली से 8 दिन पहले होलाष्‍टक लग जाते हैं, होलाष्टक फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से शुरू होकर फाल्गुन मास की पूर्णिमा तक रहता है, इस समय कोई भी शुभ कार्य करने की शास्त्रोंक्त मनाही है । ऐसा माना जाता है कि इन 7 दिनों में सभी नवग्रहों का स्वभाव अत्यधिक गुस्से वाला हो जाता है । ऐसी मान्यता है की होलाष्टक की शुरुआत से ही प्रकृति में नकारात्मक ऊर्जा का संचार बहुत तेजी से होने लगता है । इस समय होलिका दहन के लिए लकड़ियां एकत्रित की जाती है । इस साल 2019 में होलाष्टक के साथ मीन संक्रांति भी है इसलिए खरमास भी लग रहा है जो 15 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल 2019 तक रहेगा ।

 

कहा जाता है कि फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को ही कामदेव को शिवजी ने भस्म किया था, और आठ दिन बाद उनके पुनर्जीवन का आशीर्वाद प्राप्त हुआ । होलाष्टक में इन कामों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए ।


1- खर मास शुरू होने की वजह से इस दौरान 14 अप्रैल तक विवाह, मुंडन, ग्रहप्रवेश या अन्य शुभ कार्यों को करना निषेध माना जाता हैं ।

2- होलाष्टक पर नए घर का निर्माण और विवाह जैसे शुभ कार्य ना करें, ऐसा करने से घर में हमेशा कलह-क्लेश और विवाह के टूटने के आसार हो जाते हैं ।

3- होलाष्टक पर नए व्यापार की शुरुआत भी ना करें, इससे व्यापार में अनेक मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है ।

4- होलाष्टक पर नए वस्त्र आभूषण खरीदने से भी बचना चाहिए, ऐसा करने से चोरी होने की आशंका बढ़ जाती है ।

5- होलाष्टक के दौरान नया वाहन भी खरीदने से बचें, अन्यथा वाहन के अंदर बार-बार खराबी आ सकती है ।

holashtak 2019

Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/holashtak-2019-in-hindi-4284820/

राहु ऐसे बिगाड़ेगा 2019 का चुनावी खेल, दल हो या गठबंधन, ऐसी हो जायेगी हालत


9 मार्च रविवार को शाम 5 बजकर 29 मिनट से लोकसभा चुनाव 2019 की घोषणा हो चुकी है । ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस समय क्षितिज पर सिंह राशि उदित थी, चंद्रमा मेष राशि में विद्यमान था और राहुकाल भी बना हुआ था । ज्योतिषाचार्य पं. अरविंद तिवारी ने पत्रिका डॉट कॉम को बताया कि राहुकाल में लोकसभा चुनाव की घोषणा होने से यह चुनाव बहुत ही उथल पुथल भरा होगा । साथ ही जिन तारीखों में चुनाव होंगे उस दिन भी ग्रह नक्षत्र की जो चाल रहेगी उनके अनुसार परिणाम के बाद तो कुछ दलों का अस्तित्व ही खत्म होने के ज्योतिषीय गणना के अनुसार योग बन रहे ।

पं. अरविंद तिवारी ने बताया की राहुकाल में लिये गये निर्णय बड़े ही दिलचस्प माने जाते है । राहुकाल कुछ लोगों को आसमान पर बैठा देता है तो वहीं कुछ का विनाश भी कर देता है । चुनावी घोषणा राहुकाल में होने के मायनों को ऐसे समझ सकते है, लग्न राशि सिंह स्थिर स्वभाव रखती है, स्वामी सूर्य है, लग्नचक्र में यह वर्गात्तम है, यह स्पष्ट संकेत है कि प्रशासन चुनाव प्रक्रिया पर हावी रहने वाला है । इससे शासन-प्रशासन के सहयोगियों को राहत होगी और विरोधी को संघर्ष करना होगा । अतः चुनाव में व्यवधान की सोच रखने वाले लोग शांत रहें, यही उनके लिए अच्छा है ।

2019 chunav

पं. अरविंद तिवारी के अनुसार, चुनाव की घोषणा के दौरान चंद्रमा का केतु के नक्षत्र अश्विनी में संचरण था, इसका प्रभाव यह होगा कि चुनाव पर जन भावनाओं का गहरा प्रभाव रहेगा जो भी दल और गठबंधन सत्ता में आएगा बहुच अच्छा बहुमत लेकर आएगा । पहला मतदान 11 अप्रैल को आद्रा नक्षत्र में होगा । दूसरा मतदान 18 अप्रैल को हस्त नक्षत्र में होगा । तीसरा मतदान 23 अप्रैल को ज्येष्ठा नक्षत्र में होगा । चौथा मतदान 29 अप्रैल को शतभिषा नक्षत्र में होगा । पांचवां मतदान 6 मई को कृतिका नक्षत्र में होगा । छटवां मतदान 12 मई को मघा नक्षत्र में होगा, एवं आखरी मतदान 19 मई को अनुराधा नत्रक्ष में होगा ।

 

 

उक्त नक्षत्र और उस समय ग्रहों की चाल के अनुसार साथ 23 मई को जब परिणाम आयेंगे गुरुवार का दिन चद्रंमा मकर राशि में रहेगा जो सत्तापक्ष दल की राशि है, और उत्तरा नक्षत्र रहेगा । जिन तिथियों में मतदान हुआ है उसके अनुसार जो भी दल या गठबंधन जीतेगा वह पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनायेंगा । लेकिन ज्योतषीय गणना के अनुसार इस चुनाव के बाद कुछ दलों का अस्तित्व ही खत्म होने के योग बन रहे । लग्न चक्र में चंद्रमा का भाग्य स्थान में होना जताता है कि आस्था और विश्वास की प्रबलता मतदान पर हावी रहेगी, और वोटिंग परसेंटेज उम्मीद से अच्छा रहेगा ।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/2019-chunav-jyotish-bhavishyavani-4284331/

SHARE THIS


Subscribe via Email


Explore Jobs/Opportunities
West Bengal Jobs / Opportunities / Career
Sarkari Naukri Jobs / Opportunities / Career
Assam Jobs / Opportunities / Career
Explore Articles / Stories
Education
Government Schemes
News
Career
Admit Card
Study Material
Bihar
State Government Schemes
Technology
DATA
Public Utility Forms
Travel
Sample Question Paper
Exam Result
Employment News
Scholorship
Business
Astrology
Syllabus
Festival
Explore more
Main Page
Register / Login
Like our Facebook Page
Follow on Twitter
Subscrive Our Newsletter Via Nuzzle
Get Updates Via Rss Feed
Sarkari Niyukti
Free Online Practice Set
Latest Jobs
Feed contents
Useful Links
Photo
Video
Post Jobs
Post Contents
Supremedeal : India Business Directory
Find IFSC Code
Find Post Office / Pincode
Contact us
Best Deal

Disclaimer: we only provide job information. we are not associated with any job website. Although we take extreme care for accuracy of the information provided, but you must check the authenticity of the website before applying for the job. We are not responsible for your operation , once you leave our website and apply thereafter. Please recheck the genuineness of the job website from yourself also.

Copyright © 2018. Website template by WebThemez.com