Patrika : Leading Hindi News Portal - Europe #educratsweb
HOME | LATEST JOBS | JOBS | CONTENTS | STUDY MATERIAL | CAREER | NEWS | BOOK | VIDEO | PRACTICE SET REGISTER | LOGIN | CONTACT US

Patrika : Leading Hindi News Portal - Europe

http://api.patrika.com/rss/europe-news 👁 976

भारतीय अरबपति ने एक जेल को बना दिया आलीशान होटल, रूम लेने के लिए लोगों के बीच मच गई होड़


ग्रेट स्कॉटलैंड यार्ड। लंदन की वर्ष 1890 में बनी एक इमरात आज सुर्खियो में है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस की इस इमारत को भारतीय अरबपति ने आलीशान होटल में तब्दील कर दिया है। करीब 110 मिलियन पॉउड की लीज पर लेकर 2015 में भारतीय ने इसे अपने संरक्षण में लिया था। अब यह इमारत नए रूप में तैयार खड़ी है। यह होटल रातोरात मशहूर हो चुका है। होटल के कमरों का रेट एक रात के लिए हजार पाउंड रखा गया है यानि दस हजार रुपये।

2013 में लीज पर लिया गया था

गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक इमारत को दिसंबर 2013 में लीज पर लिया गया था। इसे रक्षा मंत्रालय द्वारा गलियार्ड होम नाम की कंपनी को दिया गया था ताकि फंड जुटाया जा सके। केरल निवासी कैदर ने कंपनी से 2015 में लीज पर ले लिया था। 150 कमरे वाला यह होटल ट्राफलगर स्क्वायर पर स्थित है। यहां पर मुजरिमों को बंद किया जाता था। होटल के मेहमानों को उनके प्रवास के दौरान लंदन के प्रसिद्ध अपराधियों की याद दिलाई जाएगी। कैदियों द्वारा सैन्य वर्दी और कलाकृति के साथ-साथ,ग्लास शार्प्स से बना एक झूमर भी शामिल है। कक्ष किराए के कमरे और कार्यक्षेत्र में बदल दिए गए हैं, जिन्हें किराए पर लिया जा सकता है। मेहमानों ने एक गुप्त व्हिस्की बार, एक चाय पार्लर,एक बॉलरूम और एक रेस्तरां का उपयोग करने में सक्षम है। कैदर ने इसकी बिक्री के समय कहा कि ग्रेट स्कॉटलैंड यार्ड होटल असाधारण सेवा और परिष्कृत लक्जरी और गुणवत्ता का एक ब्रांड पर्याय बन जाएगा।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/indian-billionaire-changed-scotland-yard-to-luxury-hotel-4322275/

चीन की BRI परियोजना में शामिल हुआ इटली, अमरीकी चेतावनी के बाद भी बढ़ रही सदस्य देशों की संख्या


रोम। संयुक्त राज्य अमरीका की ओर से चेतावनी जारी करने के बाद भी शनिवार को इटनी ने एक बड़ा फैसला लेते हुए चीन के BRI यानी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव परियोजना में शामिल हो गया। सबसे बड़ी बात कि आधिकारिक तौर पर चीन के इस नीति के साथ शामिल होने वाला इटली G7 राष्ट्र का पहला देश बन गया है। इस संबंध में एक प्रेस वार्ता के दौरान इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला ने कहा कि इटली और चीन प्राचीन सिल्क मार्ग के दो छोरों पर बसे देश हैं जो कि दोनों देशों को बहुत ही करीब से जोड़ता है। उन्होंने आगे कहा कि इटली संयुक्त रूप से बेल्ट एंड रोड का निर्माण के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के इस पहल को सपोर्ट करता है और उन्हें यह विश्वास है कि यह यूरेशियन कनेक्टिविटी और सामान्य विकास के लिए अनुकूल होगा। साथ ही साथ आधुनिकता के साथ प्राचीन सिल्क रोड को पुनर्जीवित किया जा सकेगा।

40 से अधिक देश BRI में शामिल

बता दें कि चीन और इटली ने इस संबंध में एक समझौता ज्ञापन भी एक-दूसरे को सौंपा। BRI सहयोग समझौते में इससे पहले ही 40 से अधिक देशों ने हस्ताक्षर किए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इस क्षेत्र में विशेष रूप से चीन के बढ़ते प्रभाव से इटली के अन्य सहयोगी देश जिसमें अमरीका और अन्य यूरोपीय देश शामिल हैं को काफी परेशानी हो सकती है। क्योंकि इस क्षेत्र में चीन का आर्थिक वर्चस्व बढ़ जाएगा। इससे पहले अमरीका ने चीन के वन बेल्ट वन रोड (OBOR) पहल का हवाला देते हुए इटली से यह आग्रह किया था कि चीन के 'अवसंरचना वैनिटी परियोजना' को कोई वैधता यानी 'लेंड लेजीटीमेसी' न दें। हालांकि अब इटली ने अमरीका के इस आग्रह को दरकिनार करते हुए चीन के BIR परियोजना के साथ समझौता कर लिया है। इटली का मानना है कि बीते तीन दशकों से वह मंदी का सामना कर रहा है और अब अपने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि उनके देश के लिए चीनी निवेश अच्छा है। इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को ही रोम पहुंच गए हैं। जिनपिंग इटली के बाद मोनाको और फ्रांस के दौरे पर जाएंगे। बता दें कि चीन ने भारत को भी BRI में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन भारत ने साफ-साफ इनकार कर दिया है। इसके अलावा भारत ने OBOR में भी शामिल होने से इनकार कर दिया है।

 

Read the Latest India news hindi on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले India news पत्रिका डॉट कॉम पर.


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/italy-is-first-g7-nation-to-join-china-s-bri-4321622/

जर्मन पुलिस ने आतंकी साजिश के संदेह में 10 लोगों को किया गिरफ्तार


बर्लिन। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है, इन लोगों पर आतंकवाद फैलाने का आरोप है। इनके पास से एक कार और कई बंदूकें बरामद हुई हैं। पुलिस को संदेह है कि इसके सहारे वह आतंक फैलाने की योजना बना रहे थे। इनकी आयु 20 से 42 वर्ष बताई जा रही थी। हमले के दो मुख्य संदिग्ध 21 और 31 वर्षीय युवक हैं। एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया। इस दौरान जांच एजेंसियों ने 20,000 डॉलर नकद बरामद किए। कई धारधार हथियार के साथ छोटी मात्रा में ड्रग्स, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए।

बड़ा आतंकी हमला हो सकता था

जांच टीम का कहना है कि पूछताछ जारी है। माना जा रहा है कि अगर यह युवक अपनी करतूतों में कामयाब हो जाते तो बड़ा आतंकी हमला हो सकता था। इनका संबंध इस्लामिक स्टेट से हो सकता है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि इनकी मंशा आम जनता को नुकसान पहुंचाना था। वह सड़क पर आते-जाते राहगीरों पर हमला कर सकते थे। इस तरह से भारी जानमाल का नुकसान हो सकता था।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/german-police-arrested-10-people-in-suspected-terror-plot-4319132/

यूरोपीय संघ से ब्रिटेन को राहत, 22 मई तक ब्रेक्जिट स्थगित करने का प्रस्ताव


लंदन। तीन साल तक अनिर्णय की स्थिति के बाद अब यूरोपीय संघ के नेताओं ने गुरुवार को स्पष्ट रूप से यूके को अधिक समय देने की पेशकश की है। बुधवार दोपहर से देर रात होने वाली बैठक के बाद यूरोपीय ब्लॉक ने कहा कि ब्रिटेन 29 मार्च के अपने प्रस्थान को 22 मई तक स्थगित कर सकता है बशर्ते संसद ब्रेक्जिट डील को पास कर दे। यूरोपीय संघ ने यह भी कहा है कि यदि ब्रेक्जिट पास नहीं हुआ तो ब्रिटेन को इस स्थिति में केवल 12 अप्रैल तक की छूट मिलेगी।

22 मई तक ब्रेक्जिट स्थगित करने का प्रस्ताव

यूरोपीय संघ ने प्रधानमंत्री थेरेसा मे की अगले सप्ताह ब्लाक के साथ होने वाली बैठक में इस बाबत अंतिम फैसला होने की उम्मीद जताई है। यूरोपीय देशों के सम्मेलन के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने कहा कि अब ब्रिटिश राजनीतिक प्रणाली को स्पष्ट जवाब देना है। ब्रिटिश पीएम थेरेसा मे ने कहा है कि अगले हफ्ते ब्रेक्सिट सौदा हाउस ऑफ कॉमन्स के फ्लोर पर रखा जाना है। यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन के मेजबान डोनाल्ड टस्क ने ब्रिटेन को मिली इस राहत पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैं वास्तव में संतुष्ट हूं, विशेषकर इसलिए कि हमने अभी भी बहुत सारे विकल्प खुले रखे हैं।" आज प्रधानमंत्री थेरेसा मे ब्रसेल्स में यूरोपीय नेताओं के शिखर सम्मेलन में ब्रेक्सिट के बारे में बयान दे सकती हैं।

किस करवट बैठेगा ऊंट

प्रधानमंत्री द्वारा EU के प्रस्तावों को स्वीकार करने के बाद इतना तो तय है कि ब्रेक्जिट 12 अप्रैल तक टल चुका है। कुछ दिन पहले थेरेसा मे को ब्रेक्सिट सौदे को लेकर हाउस ऑफ कॉमन्स में दो भारी हार का सामना करना पड़ा रहा है। नए प्रस्ताव के बाद ब्रिटेन को 22 मई को यूरोपीय संघ छोड़ने से छूट मिल सकती है। अगर संसद ने मई के सौदे को स्वीकार कर लिया तो यह ब्रिटेन के लिए अधिक हितकारी होगा। और अगर यह नहीं होता है, तो ब्रेक्सिट तीन सप्ताह में प्रभावी हो जाएगा। ब्रिटिश प्रधानमंत्री इस आशय की पुष्टि करने में विफल रहीं कि वह नो-डील ब्रेक्सिट से बचने में सक्षम थीं। श्रमिकों और व्यवसायों के प्रतिनिधियों ने बयान जारी करने के लिए एक साथ मिलकर कहा कि देश ब्रेक्सिट पर "राष्ट्रीय आपातकाल" का सामना कर रहा है। श्रमिक नेताओं ने अनुच्छेद 50 को निरस्त करने से इनकार कर दिया।

Read the Latest World News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले World News in Hindi पत्रिका डॉट कॉम पर.


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/europe-offers-britain-little-more-time-for-brexit-4313616/

ब्रिटेन में 5 मस्जिदों पर हमला, आतंकी साजिश की आशंका


लंदनक्राइस्टचर्च गोलीकांड के बाद नए मुस्लिम विरोधी हमलों में ब्रिटेन की चार मस्जिदें क्षतिग्रस्त क्र दी गई हैं। ब्रिटेन के बर्मिंघम शहर में चार मस्जिदों में तोड़फोड़ की गई। इस हमले को ब्रिटेन में इस्लामोफोबिक हमला माना जा रहा है। पुलिस ने कहा है कि बर्मिंघम में चार मस्जिदों में खिड़कियों के शीशे तोड़े जाने के बाद आतंकवाद निरोधक अधिकारी जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया है कि गुरुवार तड़के एक मस्जिद में हथोड़े से एक शख्स को खिड़कियों को तोड़ते हुए देखा गया।

5 मस्जिदों पर हमला

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये हमले बुधवार देर रात से गुरुवार सुबह के बीच किया गया। बताया जा रहा है कि जैसे ही इस हमले की सूचना मिली उसके बाद ही पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने बताया है कि ये हमले अर्डिंगटन, एस्टन और पेरी बार में हुए हैं। इसके अलावा अलबर्ट रोड पर भी ऐसा ही हमला हुआ। ब्रिटेन के होम सेक्रटरी ने इस हमले को गंभीर और चिंता में डालने वाला बताया है। पुलिस ने कहा है कि कि अभी तक इन हमलों का असल पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि इन हमलों का आपस में संबंध है।

आतंकी हमले की आशंका

ब्रिटेन की आतंकवाद विरोधी पुलिस ने इस घटना के बाद मस्जिदों तथा प्रभावित इलाकों में गश्त करनी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि यह एक मुस्लिम विरोधी हमला है। बता दें कि पिछले शुक्रवार को न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में एक मस्जिद पर आतंकवादी हमला हुआ था जिसमें 50 लोग मारे गए हैं। वेस्ट मिडलैंड्स के पुलिस प्रमुख डेव थॉम्पसन ने कहा कि घटना के लिये जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए आतंकवाद-रोधी इकाई काम कर रही है। वेस्ट मिडलैंड पुलिस के चीफ कांस्टेबल डेव ने कहा, "क्राइस्टचर्च में हुई दुखद घटनाओं के बाद से वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी मस्जिद, चर्चों और प्रार्थना स्थलों के सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं।"

Read the Latest World News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले World News in Hindi पत्रिका डॉट कॉम पर.


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/5-mosques-damaged-in-britain-4313486/

इटली में ड्राइवर ने स्कूल बस का अपहरण कर आग लगाई, शीशा तोड़कर बचाए गए 51 बच्चे


रोम। उत्तरी इटली में एक बस चालक ने बुधवार को 51 बच्चों और स्कूल स्टाफ को अगवा कर लिया। उसके बाद उसने बस में आग लगा दी। बस का शीशा तोड़कर किसी तरह स्कूल के बच्चों को बचा लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि बस के पिछले हिस्से में खिड़कियां तोड़कर सभी यात्रियों को बिना किसी नुकसान के बाहर निकाल लिया गया। इस घटना के बाद पुलिस ने स्कूल बसों की सुरक्षा बढ़ा दी है।

क्या है मामला

स्कूली बच्चों को ले जा रही एक बस का उसके चालक ने अपहरण कर लिया और इटली के मिलान के निकट उसमें आग लगा दी। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त बस में 51 बच्चे सवार थे। बच्चों को बस के पीछे की खिड़की को तोड़कर बचा लिया गया। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। कुछ बच्चों को हल्की खरोंच जरूर आई है। पुलिस ने बस चालक को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि वह मूलतःसेनेगल का रहने वाला है।

बचाए गए 51 बच्चे

चालक ने बस का अपहरण किया और धमकी दी कि कोई भी जिंदा नहीं बचेगा। मिलान के मुख्य अभियोजक फ्रांसेस्को ग्रीको ने कहा, "यह एक चमत्कार है। बहुत बड़ी घटना होते होते रह गई।" एक शिक्षक ने कहा कि संदिग्ध इटली की प्रवासी नीति को लेकर नाराज था। जब चालक को बस के रोके जाने का अंदेशा हुआ तो उसने पेट्रोल छिड़क कर बस में आग लगा दी।लेकिन पुलिस ने खिड़की तोड़कर बच्चों को बचा लिया। चालक को पकड़ लिया गया और जलने के बाद उसका इलाज किया गया। उनकी पहचान ओशसेनौ सी के रूप में की गई है। उस पर अपहरण, हत्या करने के इरादे से अपहरण, आगजनी और कानून प्रवर्तन का विरोध करने के मामले में आरोप तय किया गया है।

Read the Latest World News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले World News in Hindi पत्रिका डॉट कॉम पर.


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/driver-hijacked-and-burned-a-bus-with-students-in-italy-4312673/

ब्रिटेन: 30 जून तक ब्रेक्सिट टालने की अपील, पीएम थेरेसा मे यूरोपीय संघ को लिखेंगी चिट्ठी


लंदन। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने अपील की है कि ब्रेक्जिट डील कम से कम 30 जून तक टाल दिया जाए। थेरेसा मे ने यूरोपीय संघ से कहा है कि 30 जून तक ब्रिटेन के संघ से प्रस्थान का फैसला ले लिया जाएगा। पीएम थेरेसा मे ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क को एक पत्र लिखकर इस आशय का प्रस्ताव दिया है।

ब्रेक्सिट टालने की अपील

पीएम थेरेसा में ने ब्रेक्जिट डील ली समयसीमा में विस्तार की मांग करते हुए कहा है कि वह इस सौदे को मंजूरी देने के लिए तीसरी बार प्रयास करने का इरादा रखती हैं। ब्रेक्सिट में देरी के लिए यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देशों से अनुमोदन की आवश्यकता है। गुरुवार को ब्रसेल्स में ब्रेक्जिट मुद्दे पर यूरोपीय संघ की बैठक हो रही हैं। ब्रिटेन की प्रेस एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री कार्यालय का हवाला देते हुए कहा है कि बुधवार को थेरेसा मे ने यूरोपीय संघ के नेताओं को ब्रेक्जिट डील टालने के लिए औपचारिक रूप से अनुरोध करने का फैसला किया है। आपको बता दें कि संसद ने पिछले सप्ताह ब्रेक्जिट टालने के लिए मतदान किया था।

क्या होगा भविष्य

यूरोपीय संघ के कुछ नेताओं ने सुझाव दिया है कि असल में ब्रेक्जिट को एक या दो साल के लिए टाल दिया जाए। शिक्षा सचिव डेमियन हिंड्स ने बुधवार को कहा कि यह डील पहले ही दो साल से अधिक समय तक विलम्बित हो चुकी है। उन्होंने कहा, " मुझे लगता है कि लोग हमारे अधिनियम को प्राप्त करने और सौदा पारित होने के लिए संसद का इंतजार करते हुए थोड़ा थक गए हैं।" उधर यूरोपीय संघ की कार्यकारी शाखा के प्रमुख का कहना है कि इस सप्ताह यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन में ब्रेक्सिट में देरी पर निर्णय की संभावना नहीं है और नेताओं को अगले सप्ताह फिर से मिलना पड़ सकता है।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/theresa-may-asks-for-delay-of-brexit-until-june-30-4311093/

जब पुलिसवालों की आंख में पड़ा काली मिर्च का स्प्रे, देखें वीडियो


सोफिया। बुल्गारियाई संसद के बाहर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की कोशिश करते हुए पुलिस कर्मियों ने मिर्ची स्प्रे का इस्तेमाल किया, लेकिन चीजें योजना के अनुसार नहीं हुईं। जब प्रदर्शनकारियों पर रासायनिक केमिकल छिड़काव किया जा रहा था, तो हवा की दिशा में उल्टी थी। इसके चलते स्प्रे प्रदर्शनकारियों पर न जाकर पुलिस कर्मियों के ऊपर पड़ गया। उसके बाद से आंखों से आंसू बहा रहे पुलिस कर्मियों का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

पुलिसवालों की आंख में पड़ा काली मिर्च का स्प्रे

प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की कोशिश में पुलिस वालों की आंख में कालीमिर्च का स्प्रे चला गया। घटना के एक वीडियो में एक अधिकारी को हवा में काली मिर्च का केमिकल छिड़कते देखा जा सकता है। उसके तुरंत ही बाद अन्य पुलिसकर्मी अपनी आंखों को रगड़ते हुए नजर आते हैं। पुलिस कर्मियों को पानी से अपनी आंखें धोनी पड़ीं। असल में आंदोलनकारियों का समूह राजधानी सोफिया में एक विरोध रैली के लिए इकट्ठा हुआ था। शुरुआत में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस अधिकारियों ने बैरिकेड्स का इस्तेमाल किया। लेकिन कुछ समय बाद प्रदर्शनकारी अनियंत्रित हो गए। उसके बाद उन पर पर काली मिर्च स्प्रे का उपयोग करने का फैसला किया गया।

वायरल हुआ वीडियो

स्प्रे करने के समय किसी ने यह नहीं जांचा कि हवा किस रास्ते से बह रही थी। घटना के वीडियो में एक अधिकारी को हवा में केमिकल छिड़कते दिखाया गया है। स्थानीय मीडिया आउटलेट बीटीवी नोवाइट के अनुसार प्रदर्शनकारी लोकतंत्र में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए सरकार की प्रणाली को बदलने के लिए एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारी एक नए संविधान की भी मांग कर रहे थे। अब इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोग बुल्गारियाई पुलिस की समझ पर ही सवाल उठाने लगे हैं।

Read the Latest World News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले World News in Hindi पत्रिका डॉट कॉम पर.


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/bulgarian-police-pepper-spray-themselves-4310204/

तुर्की में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 6.4 मापी गई तीव्रता


इस्ताम्बुल। तुर्की में बुधवार सुबह भूकंप के जबरदस्त झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6.4 मापी गई। भूकंप ने पश्चिमी तुर्की का डेनिज़ली का इलाका सबसे अधिक प्रभावित हुआ। तुर्की के आपदा और आपातकालीन प्रबंधन प्राधिकरण (एएफएडी) ने कहा कि भूकंप के झटके स्थानीय समयानुसार सुबह 9:34 बजे महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र 11 किलोमीटर की गहराई पर था। डेनिज़ली के अकायपाम जिले में भूकंप का असर सबसे अधिक देखा गया। इस इलाके में भूकंप के झटकों से कई घरों में दरारें पड़ गई।

तुर्की में भूकंप के तेज झटके

तुर्की के आपदा और आपातकालीन प्रबंधन प्राधिकरण (एएफएडी) की रिपोर्ट में कहा गया है कि भूकंप के बाद 4.8 और 5.5 की तीव्रता वाले दो आफ्टरशॉक्स भी रिकॉर्ड किए गए। डेनिज़ली के साथ ही इज़मिर और अंताल्या प्रांतों में भी भूकंप महसूस किया गया। तुर्की के ब्रॉडकास्टर एनटीवी से बात करते हुए एक्सीपायम शहर के मेयर हुलसी वेकन ने कहा कि फिलहाल किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है और न ही कोई घायल हुआ है। हालांकि ऐसी खबरें हैं कि कुछ लकड़ी के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। आपदा और आपातकालीन प्रबंधन प्राधिकरण (एएफएडी) ने कहा है कि संरचनात्मक क्षति से बचने के लिए सावधानी बरती जा रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि तुकी में अभी कई और झटके आ सकते हैं।

Read the Latest World News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले World News in Hindi पत्रिका डॉट कॉम पर.


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/earthquake-measuring-6-4-magnitude-strikes-western-turkey-4309498/

ब्रिटेन: स्पीकर जॉन बर्कोव ने प्रस्ताव में बदलाव के बिना ब्रेग्जिट खारिज किया


ब्रिटेन। ब्रिटिश संसद ने बीते हफ्ते गुरुवार को ब्रेक्जिट डील को कुछ समय तक टालने का प्रस्ताव किया था, लेकिन अब सोमवार को ब्रिटिश संसद के स्पीकर जॉन बर्कोव ने संसद में पेश मोशन में बदलाव के बिना ब्रेक्जिट के वोटों को खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि जबतक पेश किए गए मोशन में बदलाव नहीं किया जाता है, तब तक ब्रेक्जिट के लिए आगे के वोट नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह एक आश्चर्य करने वाला फैसला है, लेकिन वे नहीं चाहते कि जिस तरह से बीते हफ्ते सांसदों ने इसे रिजेक्ट किया था, वैसे ही इस बार हो। उन्होंने कहा कि आप 11 दिन पहले देखें तो यूरोपियन युनियन से यूके के अलग होने के कारण मंत्रियों ने साफ चेतावनी दी है कि संवैधानिक संकटों का सामना करना पड़ सकता है। बता दें कि ब्रेक्जिट को 29 मार्च की निर्धारित तिथि से लागू् किया जाना है। इससे पहले सदन ने ब्रेग्जिट प्रक्रिया में देरी के पक्ष में मतदान करते हुए एक दूसरे जनमत संग्रह की मांग को खारिज कर दिया था। ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने में देरी का प्रस्ताव हाउस ऑफ कॉमन्स में 202 के मुकाबले 412 वोट से पारित किया गया था। ब्रिटिश सांसदों ने स्वीकार किया कि ब्रेक्जिट को लेकर जारी गतिरोध को तोड़ने के लिए और अधिक समय की आवश्यकता है।

ब्रेक्जिट: मतदान से 24 घंटे पहले ब्रिटिश पीएम और ईयू के बीच सहमति, थेरेसा मे को राहत

ईयू से अलग होने के समर्थन में हैं पीएम थेरेसा मे

बता दें कि यूपोरियन यूनियन से अगल होने के पक्ष में प्रधानमंत्री थेरेसा मे रही हैं। वे चाहती हैं कि यूरोपियन यूनियन के साथ वापसी के लिए समझौते पर बातचीत हो, लेकिन इसके लिए सभी सांसदों की भी समहति जरूरी है। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने रविवार को बागी सांसदों से ब्रेक्जिट पर समझौता करके देशभक्ति निभाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि वह संसद में अगले सप्ताह वह एक बार फिर ब्रेक्जिट समझौता पेश करने जा रही है जो पहले ही दो बार विफल हो चुका है। उन्हें उम्मीद है कि तीसरी बार यह उनके लिए सफल साबित होगा। उनका कहना कि सभी सांसद एकजुट होकर इस समझौते का समर्थन जरूर करें। अगर ऐसा नहीं होता है तो बड़ा नुकसान सहना पड़ सकता है। सोमवार को स्पीकर बर्कोव ने 1604 के एक सम्मेलन का हवाला देते हुए कहा कि यदि कोई प्रस्ताव सदन में गिर जाता है तो उसे फिर से संसद सत्र में उसी स्वरूप में नहीं लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री के साथ सौदे पर जो दूसरा वोट था वह क्रम में था, जो कि पहले वाले से अलग था, लेकिन अब कोई भी वोट को टेस्ट के बाद ही पास होना चाहिए, जिसे उन्होंने अनुमति दी थी। हालांकि स्पीकर के इस बयान के बाद प्रधानमंत्री के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा है कि उनके किसी भी बयान पर कोई चेतावनी नहीं दी गई है। यह वास्तव में तथ्य है या फिर वे खुद बनाकर बोल रहे हैं, उन्हें नहीं पता।

 

Read the Latest India news hindi on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले India news पत्रिका डॉट कॉम पर.


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/speaker-john-bercow-rejects-further-brexit-votes-without-changes-to-motion-4303200/

ब्रिटेन की पीएम थेरेसा मे ने सांसदों से की अपील, बिना समझौते के बड़ा नुकसान सहना होगा


लंदन। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने बागी सांसदों से ब्रेक्जिट पर सम्माननीय समझौता करके देशभक्ति निभाने की रविवार को अपील की। संसद में अगले सप्ताह वह एक बार फिर ब्रेक्जिट समझौता पेश करने जा रही है जो पहले ही दो बार विफल हो चुका है। उन्हें उम्मीद है कि तीसरी बार यह उनके लिए सफल साबित होगा। उनका कहना कि सभी सांसद एकजुट को इस समझौते का समर्थन जरूर करें। अगर ऐसा नहीं होता है तो बड़ा नुकसान सहना पड़ सकता है।

बिना समझौते के अलग हो सकता है

थेरेसा मे ने अपनी पार्टी में ब्रेक्जिट को लेकर अलग-अलग राय रखने वाले सांसदों और हाउस ऑफ कॉमन्स के सभी सांसदों को आगाह किया कि उनके समझौते के फिर से विफल हो जाने का मतलब होगा कि ब्रिटेन कई महीनों तक ईयू से अलग नहीं हो पाएगा और यहां तक कि वह बिना समझौते के ही अलग हो सकता है। ब्रेक्जिट समझौते का प्रस्ताव जनवरी में 230 मतों और बीते सप्ताह 149 मतों के अंतर से गिर गया था। उन्होंने कहा कि अगर संसद यूरोपीय परिषद के सम्मेलन से पहले ब्रेक्जिट समझौते का समर्थन करने का रास्ता तलाश लेती है तो ब्रिटेन यूरोपीय संघ के चुनावों में भाग लिए बगैर इस गर्मी में यूरोपीय संघ से अलग हो जाएगा। अगर ऐसा नहीं होता तो ब्रिटेन कई महीनों तक यूरोपीय संघ नहीं छोड़ पाएंगे।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/british-theresa-may-appeal-to-mps-on-brexit-4298488/

सर्बिया: सरकारी टेलीविजन के दफ्तर में जबरन घुसे विपक्षी पार्टी के सैकड़ों समर्थक


बेलग्रेड। सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुकिक के विरोधी प्रदर्शनकारी सरकारी टेलीविजन आरटीएस की इमारत में घुस आए। उन्होंने लोगों को संबोधित करने की मांग की। इसके बाद पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को इमारत से बाहर निकाला। गौरतलब है कि सर्बिया में दिसंबर 2018 से विपक्षी हर सप्ताह वर्तमान सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राष्ट्रपति वुकिक शासन को निरंकुश तरह से चला रहे हैं और आरटीएस टेलीविजन सत्तारूढ़ पार्टी की मदद कर रहा है।

इमारत से बाहर निकाल दिया

आरटीएस की इमारत में शनिवार को जबरन प्रवेश करने वालों में बेलग्रेड के पूर्व मेयर ड्रेगन डिजिलस और दक्षिणपंथी देवरी पार्टी के नेता बोस्को ओब्रादोविक थे। पुलिस ने इन प्रदर्शनकारियों को बाद में इमारत से बाहर निकाल दिया। विकिक निरकुंश होने के आरोपों को खारिज कर चुके हैं और वे इन प्रदर्शनों के विरोध में 'सर्बिया का भविष्य' आंदोलन चला रहे हैं। यूरोपीय संघ ने गत वर्ष सर्बिया में मीडिया की आजादी को लेकर चिंता प्रकट की थी।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/serbia-supporters-of-the-opposition-party-enter-television-office-4294089/

तुर्की से जुड़ रहे न्यूजीलैंड आतंकी हमले के तार, सरकार कराएगी हमलावर के आने-जाने की जांच


अंकारा। न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों पर हुए हमले को लेकर जांच में सामने आया है कि हमलावर के तार तुर्की से जुड़े हुए हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार को दोपहर की प्रार्थना के दौरान मस्जिदों में हथियारों से लैस दक्षिणपंथी समर्थक हथियारबंद हमलावरों ने 49 लोगों की हत्या कर दी और दर्जनों को घायल कर दिया। तुर्की के एक अधिकारी ने कहा कि हमलावर 28 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई माना जाता है- जिसे न्यूजीलैंड में हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वह कई बार तुर्की का दौरा कर चुका था और देश में लंबे समय तक रहा।

घटना पर शोक व्यक्त किया है

तुर्की के राष्ट्रपति रेसपे ताइपे इर्दोगन ने इस दौरान घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अगर हमलावर के तार तुर्की से जुड़े हैं तो इसकी जांच जरूर करानी चाहिए। तुर्की मीडिया ने बताया कि हमलावर द्वारा कथित तौर पर ऑनलाइन प्रकाशित किए गए एक घोषणापत्र में तुर्की के विशिष्ट संदर्भ शामिल थे। इस्तांबुल में उसने मीनारों में प्रसिद्ध हागिया सोफिया का मजाक उड़ाया था। माना जाता है कि हमलावर ने देश में एक सप्ताह बिताने के दौरान ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया। इस दौरान बाल्कन देश के इतिहास का अध्ययन भी किया।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/turkey-investigates-alleged-visits-by-new-zealand-mosque-attacker-4290062/

भारत को मिला फ्रांस का साथ, जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर की संपत्ति जब्त


पेरिस। जैश-ए-मोहम्मद जैश के संस्थापक मसूद अजहर को बड़ा झटका लगा है। फ्रांस सरकार ने मसूद अजहर की संपत्ति को सीज करने का फैसला किया है। साथ ही फ्रांस ने यह भी कहा है कि वह मसूद अजहर को यूरोपीय संघ की काली सूची में डालने पर भी विचार करेगा। आपको बता दें कि यूरोपीय संघ की काली सूची में ऐसे लोगों के नाम शामिल होते हैं जिन पर आतंकवाद में शामिल होने का संदेह होता है।

मसूद अजहर की संपत्ति जब्त

फ्रांस सरकार ने शुक्रवार को जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) के संस्थापक और नेता मसूद अजहर की संपत्ति को फ्रीज करने का फैसला किया है। फ्रांसीसी आंतरिक मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि फ्रांस, मसूद अजहर को यूरोपीय संघ की काली सूची में शामिल करने पर चर्चा करेगा। आपको बता दें कि चीन ने मसूद अजहर को बचाने के लिए चौथी बार वीटो का प्रयोग किया था। मसूद अजहर को आतंकी नामित करने का प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर में पुलवामा आतंकी हमले के बाद अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा लाया गया था। गौरतलब है कि जैश ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद उसकी जिम्मेदारी ली थी। सुरक्षा परिषद में इस बार लगभग 11 देशों ने मसूद पर प्रतिबंध लगाने का समर्थन किया था।

चीन ने लगाया अड़ंगा

भारत ने चीन के कदम पर निराशा व्यक्त की थी। भारत ने कहा था कि हम इस परिणाम से निराश हैं। असल में चीन कई बार इस मामले में अजहर मसूद का साथ दे चुका है। इसके पीछे चीन और पाकिस्तान का अपना समीकरण है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चीन का हाथ पाकिस्तान के साथ रहता है। भारत ने उन सभी देशों को भी धन्यवाद दिया है जो भारत के समर्थन में सामने आए और आतंकवाद की निंदा की।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/france-freezes-assets-of-jaish-chief-masood-azhar-4283705/

ब्रेग्जिट: ब्रिटिश संसद ने डील को टालने के लिए किया वोट, दूसरे जनमत संग्रह की मांग खारिज


लंदन। ब्रिटिश संसद ने गुरुवार को ब्रेग्जिट डील को कुछ समय तक टालने का प्रस्ताव किया है। संसद ने अपील की है कि ब्रेग्जिट को 29 मार्च की निर्धारित तिथि से लागू न किया जाए। सदन ने ब्रेग्जिट प्रक्रिया में देरी के पक्ष में मतदान किया और साथ ही एक दूसरे जनमत संग्रह की मांग को खारिज कर दिया। ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने में देरी का प्रस्ताव हाउस ऑफ कॉमन्स में 202 के मुकाबले 412 वोट से पारित किया गया। ब्रिटिश सांसदों ने स्वीकार किया कि ब्रेग्जिट को लेकर जारी गतिरोध को तोड़ने के लिए और अधिक समय की आवश्यकता है।

डील को टालने के लिए वोट

ब्रिटिश संसद का यह प्रस्ताव अब ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे को अनुच्छेद 50 के तहत अन्य विकल्पों को खोजने का निर्देश देता है। कानूनी प्रक्रिया जिसके तहत ब्रिटेन यूरोपीय संघ छोड़ रहा है, उस पर यूरोपीय संघ के सदस्य देशों से सर्वसम्मत अनुमोदन की आवश्यकता है। अगर यूरोपीय संघ के सदस्य इस बात का अनुमोदन करते हैं तो ब्रेग्जिट की सीमा 29 मार्च से आगे बढ़ाई जा सकेगी। मंगलवार को दूसरी बार हाउस ऑफ कॉमन्स द्वारा पीएम मे के विवादास्पद सौदे को खारिज किए जाने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। 21 मार्च को ब्रसेल्स में एक यूरोपीय परिषद के शिखर सम्मेलन में अब नए प्रस्ताव पर विचार होगा। इससे पहले सांसदों ने ब्रेक्सिट प्रक्रिया को नियंत्रित करने के लिए ब्रिटिश संसद को शक्ति देने वाले एक संशोधन को भी अस्वीकार कर दिया था।

दूसरे जनमत संग्रह की मांग खारिज

ब्रिटिश सांसदों ने दूसरे जनमत संग्रह की मांग खारिज कर दी। इससे पहले बुधवार को ब्रिटिश सांसदों ने नो-डील ब्रेग्जिट को अस्वीकार करने के पक्ष में मतदान किया। नो डील ब्रेग्जिट यूके को बिना किसी समझौते के यूरोपीय संघ छोड़ने की अनुमति देता है। पीएम थ्रेसा मे ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर समझौते को तीसरी बार खारिज कर दिया गया तो ब्रेक्सिट प्रक्रिया लंबी खिंच जाएगी। अगर ऐसा होता है, तो यह ब्रिटेन मई में होने वाले चुनावों में यूरोपीय संसद के सदस्यों का चुनाव करने के लिए मजबूर हो जाएगा। इससे उनके यूरोपीय संघ से बाहर निकलने की कानूनी छूट को गहरा धक्का लगेगा।

Read the Latest World News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले World News in Hindi पत्रिका डॉट कॉम पर.


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/british-parliament-voted-in-favour-of-delaying-the-brexit-4282713/

ब्रिटेन: संसद ने खारिज किया नो-डील ब्रेग्जिट का प्रस्ताव, पीएम थेरेसा मे की मुश्किलें बढ़ीं


लंदन। ब्रिटिश सरकार को संसद में एक और महत्वपूर्ण हार का सामना करना पड़ा। ब्रेग्जिट की समय सीमा से केवल दो सप्ताह पहले ब्रिटिश संसद बिना किसी सौदे के यूरोपीय संघ छोड़ने का प्रस्ताव खारिज कर किया है। राजनेताओं द्वारा ब्रिटिश प्रधान मंत्री थेरेसा के प्रस्ताव को मंगलवार को दूसरी बार खारिज करने के बाद सरकार ने बुधवार को 29 मार्च को लागू होने वाली "नो-डील" ब्रेग्जिट की वर्तमान समय सीमा तय करने के लिए एक प्रस्ताव रखा।

नो-डील ब्रेग्जिट मंजूर नहीं

सांसदों ने यूरोपीय संघ से बिना किसी समझौते से बाहर निकलने के प्रस्ताव को 308 के मुकाबले 312 वोटों से नकार दिया।हालांकि यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है, लेकिन इससे थेरेसा मे को गहरा झटका लगा है। इसका मतलब यह नहीं है कि ब्रिटेन यूरोपीय संघ से बाहर नहीं निकलेगा। लेकिन अब सांसद इस मुद्दे का निर्धारण कर सकते हैं कि क्या ब्रेक्सिट को टाल दिया जाए। इस मुद्दे पर गुरुवार को होगा। अगर गुरुवार को ब्रेग्जिट को लागू करने पर मतदान होगा, अगर सदन में इसे टालने का प्रस्ताव पारित हो गया तो इसे यूरोपीय संघ के पास भेजा जाएगा। अगर यूरोपीय संघ भी इसके लिए तैयार हो जाता है तो ब्रिटेन ईयू से बाहर नहीं जाएगा।

जल्द होगा अंतिम फैसला

सरकार ने बिना किसी समझौते के 29 मार्च को यूरोपीय संघ से निकलने का प्रस्ताव रखा था मगर सांसदों ने इस बात को लेकर वोट दिया है कि वे किसी भी शर्त पर बिना समझौते के ब्रेक्सिट से बाहर नहीं जाएंगे। बुधवार का वोट कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है, लेकिन यह पूरी तरह से नो-डील ब्रेक्सिट को खारिज भी नहीं करता है। बुधवार को प्रधानमंत्री ने पुष्टि की कि ब्रेग्जिट से संबंधित अनुच्छेद 50 का विस्तार करने पर वोट अपने पूर्व निर्धारित समय के अनुसार होगा। आशंका है कि "नो-डील" ब्रेग्जिट से यूके की अर्थव्यवस्था और यूरोपीय संघ के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं। छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय नो-डील ब्रेग्जिट के लिए तैयार नहीं हैं।

Read the Latest World News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले World News in Hindi पत्रिका डॉट कॉम पर.


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/uk-parliament-rejects-no-deal-brexit-4276616/

ब्रेग्जिट डील: ब्रिटिश संसद में PM थेरेसा मे को मिली बड़ी हार, 149 वोटों से गिरा प्रस्‍ताव


नई दिल्‍ली। ब्रेग्जिट मुद्दे पर ब्रितानी संसद में प्रधानमंत्री थेरेसा मे को एक बार फिर बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। ब्रिटिश सांसदों ने ब्रेग्जिट करार पर प्रधानमंत्री मे के संशोधित प्रस्‍ताव को इस बार भी पूरी तरह से खारिज कर दिया है। बता दें कि दो महीने के अंदर यह दूसरा मौका है जब सांसदों ने पीएम मे के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के समझौते के मसौदे को खारिज कर दिया है।

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर बोला हमला, कहा- 'गांधीजी इस पार्टी को 1947 में ही भंग करना चाहते थे'

पार्टी सांसदों ने भी नहीं दिया साथ
सरकार की ओर से सदन में पेश ब्रेग्जिट समझौते के मसौदे को सांसदों ने 242 के मुकाबले 391 वोटों से खारिज किया है। इस बार मसौदे को खारिज करने का अंतर जनवरी से भी ज्‍यादा है। कंजरवेटिव पार्टी के 75 सांसदों ने अपनी सरकार के विरोध में मतदान किया। लेबर पार्टी के कुछ सांसदों ने भी अपनी पार्टी के स्‍टैंड का समर्थन नहीं किया। इसके बाजवूद थेरेसा मे की सरकार को हार का सामना करना पड़ा है। इस मुद्दे पर ब्रिटिश संसद दो खेमों में बंटी नजर आई। यही कारण है कि इस समस्‍या के समाधान का फार्मूला छाया मंत्रिमंडल भी नहीं दे पाई।

नरोदा पाटिया केस: सुप्रीम कोर्ट ने प्रकाश राठौर की जमानत याचिका पर फैसला कल के लिए सुरक्ष‍ित रखा

डील से बाहर होने का रास्‍ता साफ
आपको बता दें कि ब्रेग्जिट डील पर सोमवार देर रात यूरोपीय संघ के नेताओं से बातचीत कर रहीं थेरेसा मे ने सांसदों से अपील की थी कि वो संशोधित मसौदे का समर्थन करें या फिर ब्रेग्जिट को ही नकार दें। ब्रिटिश सांसदों ने उनकी इस अपील को ठुकराते हुए डील को सिरे से खारिज कर दिया। इस हार से साफ हो गया है कि ब्रिटेन 16 दिनों बाद डील से बाहर हो जाएगा और उसे यूरोपियन यूनियन से संबंधों को लेकर नई सिरे से प्रक्रिया शुरू करनी होगी।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/british-parliament-again-reject-brexit-deal-pm-theresa-may-big-defeat-4271087/

UNHRC में भारत ने पाक को किया बेनकाब, ‘पाकिस्तान ने POK में लोगों को मूल अधिकारों से किया वंचित’


जेनेवा। स्विट्जरलैंड के जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 40 वें सत्र के दौरान भारत ने एक बार फिर से पाकिस्तान को बेनकाब किया है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से सीमा पार आतंकवाद का लगातार समर्थन किया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव मिनी देवी कुमाम ने कहा कि भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर में हमारे नागरिकों के मानवाधिकारों की रक्षा हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है। हम भारत के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण प्रचार के लिए पाकिस्तान की ओर से परिषद के दुरुपयोग करने पर गहरा अफसोस जताते हैं।

पाक ने पीओके के लोगों को उनके मूल अधिकारों से वंचित कर दिया है: कुमाम

कुमाम ने आगे कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है और वहां के लोगों को परेशान कर रहा है। पीओके में रहने वाले लोगों को पाकिस्तान की सेना का अत्याचार का सामना करना पड़ रहा है। कुमाम ने कहा कि पीओके के लोगों को पाकिस्तान उनके मूल अधिकारों से वंचित रख रहा है। अब समय आ गया है कि तत्काल इसका समाधान निकाला जाना चाहिए।

'भारत के खिलाफ प्रॉपेगैंडा फैलाने के लिए दुनिया के मंचों का दुरुपयोग कर रहा है पाक'

बता दें कि मिनी कुमाम ने यूएनएचआरसी में एक-एक करके पाकिस्तान को बेनकाब किया। कुमाम ने संयुक्त राष्ट्र में पीओके के अलावा बलूचिस्तान, सिंध और खैबर पख्तूनख्वा में रह रहे अल्पसंख्यकों पर पाकिस्तान की सेना की ओर से किए जा रहे अत्याचार का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ दुनिया के अलग-अलग मंचों का इस्तेमाल केवल दुर्भावनापूर्ण प्रॉपेगैंडा फैलाने के लिए कर रहा है। कुमाम ने कहा कि आज हमें पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्से पर अवैध कब्जे पर बहस करने की जरूरत है, जहां पर रह रहे लोगों पर पाकिस्तान अत्याचार कर रहा है उन्हें पीड़ा पहुंचा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आज सीमा पार आतंकवाद को पाकिस्तान लगातार बढ़ावा दे रहा है, इसलिए जम्मू-कश्मीर में हमारे नागरिकों के मानवाधिकारों की रक्षा करना हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

'सैन्य अदालतों के जरिए नागरिकों का शोषण कर रहा है पाक'

बता दें आगे मिनी देवी कुमाम ने कहा कि पाकिस्तान लगातार सैन्य अदालतों के जरिए नागिरकों को परेशान करने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में नागरिकों का शोषण करने वाली सैन्य अदालतें बनाई गई। ईशनिंदा कानून के माध्यम से अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न, जबरन धर्म परिवर्तन और अल्पसंख्यकों का विवाह कराया जा रहा है। धार्मिक असहिष्णुता और मुस्लिम अल्पसंख्यकों जैसे शिया, अहमदिया, इस्माइलिया और हजारा समुदाय के लोगों पर बर्बरता किया जा रहा है। उत्तरी पश्चिमी पाक में लोगों के गायब होने के बड़े मामले सामने आए हैं।

 

Read the Latest India news hindi on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले India news पत्रिका डॉट कॉम पर.


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/in-unhrc-india-has-exposed-pakistan-pakistan-has-deprived-people-of-fundamental-rights-in-pok-4270987/

ब्रेक्जिट: मतदान से 24 घंटे पहले ब्रिटिश पीएम और ईयू के बीच सहमति, थेरेसा मे को राहत


लंदन। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे की ब्रेक्जिट समझौते में कानूनी से रूप से बाध्यकारी बदलावों के लिए यूरोपीय संघ के साथ सहमति बन गई है। दोनों पक्षों के बीच ब्रिटिश संसद में मतदान से महज 24 घंटे से भी कम समय पहले यह सहमति बनी है। इसे पहले तक यह कयास लगाए जा रहे थे कि थेरेसा मे के लिए सांसदों को मनाना काफी कठिन हो सकता है। गौरतलब है कि ब्रिटेन और यूरोपीय यूनियन के बीच ब्रेक्जिट को लेकर अभी तक कोई आम सहमति नहीं बन पाई है। ब्रिटेन की पीएम थेरेसा मे ने कुछ प्रस्ताव ईयू के सामने पेश किए थे।

भविष्य में संघ के साथ ब्रिटेन का रिश्ता भी बेहतर होगा

इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। अगर इस मामले में ब्रिटिश पीएम को असफलता हाथ लगती तो ब्रिटेन को 29 मार्च को 46 साल बाद ईयू की सदस्यता से हाथ धोना पड़ सकता है। इससे दोनों पक्षों को काफी नुकसान सहना पड़ सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटिश कैबिनेट कार्यालय मंत्री डेविड लिडिंगटन ने सोमवार को हाउस ऑफ कॉमन्स को बताया कि संसद में इस संशोधित और बेहतर समझौते पर मतदान होगा। उप प्रधानमंत्री लिडिंगटन ने कहा कि इन बदलावों के साथ ईयू से ब्रिटेन के अलग होने का समझौता बेहतर और मजबूत हुआ है और साथ ही इससे भविष्य में संघ के साथ ब्रिटेन का रिश्ता भी बेहतर और मजबूत बनेगा।

Read the Latest World News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले World News in Hindi पत्रिका डॉट कॉम पर.


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/theresa-may-and-eu-are-agree-before-voting-4267623/

तालिबान सरगना को लेकर बड़ा खुलासा, अमरीकी सैन्य अड्डे के करीब रहता था आतंकी मुल्ला उमर


एम्सटर्डम। दुनिया भर में अपने आतंकी मनसूबों को अंजाम देने वाले आतंकवादी संगठन तालिबान के सरगना को लेकर एक बड़ी बात सामने आई है। दरअसल यह खुलासा हुआ है कि तालिबान के सरगना मुल्ला उमर अफगानिस्तान में वर्षों तक अमरीकी सैन्य अड्डे से महज कुछ कदमों की दूरी पर रहा करता था और वह पाकिस्तान में कभी नहीं छिपा। अमरीका हमेशा से मानता रहा था कि वह पाकिस्तान में छिपकर रह रहा है। बता दें कि यह खुलासा एक नई किताब में किया गया है। समाचारपत्र 'द गार्डियन' के मुताबिक, डच पत्रकार बेट्टी डैम की किताब 'द सीक्रेट लाइफ ऑफ मुल्ला उमर' में दावा किया गया है कि अमरीकी सैनिकों ने तो एक बार मुल्ला उमर के घर को ढूंढ़ भी लिया था, जहां वह छिपा पड़ा था लेकिन वे उस सीक्रेट रूम को ढूंढ़ पाने में असफल रहे जो उसके लिए बना था।

भारत ने रूसी हथियारों के आयात में की कमी, बीते 9 वर्षों में 42 फीसदी तक की गिरावट

2013 को हुई थी मुल्ला उमर की मौत

वर्ष 2006 से अफगानिस्तान से रिपोर्टिंग कर रहीं डैम ने पांच वर्ष से ज्यादा समय तक बायोग्राफी पर काम किया और तालिबान के सदस्यों के भी इंटरव्यू लिए, जो फरवरी में डच भाषा में प्रकाशित हुआ और जल्द ही अंग्रेजी में उपलब्ध होगा। किताब के मुताबिक, मुल्ला उमर कभी भी पाकिस्तान में नहीं छिपा, जबकि अमरीका उसके पाकिस्तान में छिपने की बात मानता रहा। वह अफगानिस्तान के जाबुल प्रांत में अमरीकी सैन्यअड्डे से महज तीन मील की दूरी पर रहा करता था। इधर मीडिया संगठन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि जब्बार ओमारी से बात करने में डैम कामयाब रहीं जो उस समय मुल्ला उमर का बॉडीगार्ड बना जब उमर 2001 में तालिबान का शासन खत्म होने के बाद छिपने के लिए गया। रिपोर्ट में डैम के हवाले से कहा गया है कि ओमारी ने उमर को 2013 में बीमारी से उसकी मौत होने तक छिपाया। किताब में आगे लिखा गया है कि तालिबान के पतन के फौरन बाद मुल्ला उमर अमरीकी सैन्यअड्डे के करीब बने घर के एक सीक्रेट रूम में छिपकर रहने लगा था। अमरीका ने उसके सिर पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। बताया जा रहा है कि मुल्ला उमर की मौत 23 अप्रैल, 2013 को हुई।

 

Read the Latest India news hindi on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले India news पत्रिका डॉट कॉम पर.

 


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/europe-news/a-big-disclosure-about-the-taliban-chief-terrorist-mullah-omar-lived-near-the-us-military-base-4265791/

SHARE THIS


Subscribe via Email


Explore Jobs/Opportunities
West Bengal Jobs / Opportunities / Career
Sarkari Naukri Jobs / Opportunities / Career
Assam Jobs / Opportunities / Career
Explore Articles / Stories
Education
Government Schemes
News
Career
Admit Card
Study Material
Bihar
State Government Schemes
Technology
DATA
Public Utility Forms
Travel
Sample Question Paper
Exam Result
Employment News
Scholorship
Business
Astrology
Syllabus
Festival
Explore more
Main Page
Register / Login
Like our Facebook Page
Follow on Twitter
Subscrive Our Newsletter Via Nuzzle
Get Updates Via Rss Feed
Sarkari Niyukti
Free Online Practice Set
Latest Jobs
Feed contents
Useful Links
Photo
Video
Post Jobs
Post Contents
Supremedeal : India Business Directory
Find IFSC Code
Find Post Office / Pincode
Contact us
Best Deal

Disclaimer: we only provide job information. we are not associated with any job website. Although we take extreme care for accuracy of the information provided, but you must check the authenticity of the website before applying for the job. We are not responsible for your operation , once you leave our website and apply thereafter. Please recheck the genuineness of the job website from yourself also.

Copyright © 2018. Website template by WebThemez.com