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यहां हैं किसानों के सपनों के खेत, बिना खाद पानी के होती हैं भरपूर फसलें


अजय खरे। नरसिंहपुर । खेत में बीज डालो और भूल जाओ। न पानी देने की झंझट और न किसी तरह की खाद डालने की जरूरत। जब फसल पके तो काटने पहुंच जाओ। यह बात किसानों के लिए केवल कल्पना ही हो सकती है पर नरसिंहपुर जिले के कलमेटा हार में यह एक सच्चाई है। किसानों के सपनों के खेत यहां देखने को मिलते हैं। यहां न केवल एशिया की सबसे ज्यादा उपजाऊ भूमि है बल्कि ऐसी अनमोल भूमि के बड़े लैंडलॉर्ड भी हैं जहां एक परिवार के पास २५० एकड़ तक जमीन है। मिट्टी की क्वालिटी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लोग सीधे दंत मंजन और शैंपू की तरह इस्तेमाल करते हैं।कुछ लोग यहां की मिट्टी भी बाहर बेचते हैं जिसे लोग साबुन की तरह उपयोग करते हैं।

देश में सर्वाधिक कृषि उत्पादकता वाले नरसिंहपुर जिले के कलमेटा हार की करीब ३५० एकड़ भूमि एशिया की सर्वाधिक उत्पादक भूमि मानी गई है। यहां सैकड़ों साल से बिना पानी और जैविक व रासायानिक खाद के प्राकृतिक खेती होती आ रही है। एशिया की ऐसी अनमोल भूमि के सबसे बड़े लैंडलॉर्ड भी इसी नरसिंहपुर जिले में रहते हैं जिसमें महाजन परिवार के पास लगभग २५० एकड़ भूमि है। यह हार जिला मुख्यालय से करीब ५५ किमी दूर राजमार्ग के पास स्थित है।

जबलपुर के सेठ गोविंददास की मालगुजारी भूमि थी कलमेटा हार
देश की आजादी से पहले जबलपुर के सेठ गोविंददास यहां के मालगुजार थे और यह कलमेटा हार उन्हीं का था। बाद में उन्होंने मालगुजारी भवानीप्रसाद महाजन को सौंप दी तभी से पीढ़ी दर पीढ़ी यह भूमि महाजन परिवार के पास है। महाजन परिवार के अखिलेश महाजन ने बताया कि करीब १०० एकड़ भूमि उनके दादा, परदादा ने दूसरे लोगों को बेच दी थी जिसके बाद अब २५० एकड़ भूमि उनके परिवार के पास बची है।

नर्मदा नदी के वरदान स्वरूप मानी जाने वाली नर्मदा कछार की इस मिट्टी की विशेषता यह है कि यहां उपचारित बीज काम नहीं करते और देसी व परंपरागत खेती ही सफल मानी गई है। तीन माह तक कलमेटा हार की कृषि भूमि पानी में डूबी रहती है। खेतों में ३ से ४ फीट तक पानी भरा रहता है। प्रमुख रूप से यहां गुलाबी चना, मसूर और बटरी की फसलें ली जाती हैं। यहां की भूमि में एक एकड़ में चना का उत्पादन १० से १५ क्विंटल, मसूर का १५ से २५ क्विंटल और बटरी का ८ से १० क्विंटल तक प्राप्त किया गया है। कंकड़ रहित इस मिट्टी का उपयोग लोग दंत मंजन बनाने में और शैंपू की तरह भी करते हैं। यहां के किसान बीज डालने से लेकर फसल पकने तक किसी तरह के रासायनिक खाद और पानी का उपयोग नहीं करते।

कलमेटा बना ब्रांड
चना, मसूर और बटरी के व्यापारियों के बीच कलमेटा एक ब्रांड बन चुका है। यहां का गुलाबी चना अपने स्वाद और गुणवत्ता के कारण पूरे देश में प्रसिद्ध है। मसूर की क्वालिटी और अच्छे उत्पादन की वजह से कोलकाता की एक कंपनी ने कलमेटा के आसपास तीन दाल मिलें स्थापित कर दी हंै। यहां का चना, मसूर और बटरी कलमेटा ब्रांड के नाम से जाने जाते हैं।
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सहेली के घर पर लड़की ने बुलाया बॉयफ्रेंड को और चली गई कमरे में, फिर अचानक वायरल होने लगा MMS


कोरबा/रायपुर. सहेली का घर खाली था तो लड़की ने अपने बॉयफ्रेंड को वहां बुला लिया। सहेलियों को छोड़कर वो बॉयफ्रेंड के साथ कमरे में चली गई। उसके बाद कमरे में क्या - क्या पूरी दुनिया को पता चल गया। सहेलियों ने ही उसे धोखा दे दिया। आइए जानते है क्या हुआ ?

ये था पूरा मामला
पुलिस ने बताया कि 4 लड़कियों का एक ग्रुप है। जिनमे से एक लड़की के माता-पिता घर से बाहर गए हुए थे। मकान में लडक़ी अकेली थी। इस बीच एक दिन लड़की ने अपनी सहेलियों को घर बुला लिया। अब घर में 4 लड़कियां थी। उनमे से एक लड़की ने अपने ब्वॉय फ्रेंड को भी सहेली के घर बुला लिया। जिसके बाद बातचीत के बहाने दोनों ने खुद को एक कमरे मेंं बंद कर लिया। थोड़ी देर बाद कमरे से बाहर निकले।जिसके बाद सब लड़कियां अपने अपने घर चली गई।

वायरल हो गया MMS
घटना के कुछ दिन बाद कमरे में उनकी बातचीत और शारीरिक संबंधों का एक अश्लील वीडियो वायरल हुआ। मामले की जानकारी पीड़ित लड़की के परिवार तक पहुंच गई। जिसके बाद उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी गई।

पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ आइपीसी की धारा 376 दुष्कर्म, 376 डी (घर पर मौजूद व्यक्ति की सहमति से दुष्कर्म), 506 बी धमकी, 509 ख लडक़ी को अपमानित करना, 120 बी साजिश और लैंगिक अपराध से बालको का संरक्षण अधिनियम की धारा चार और छह के तहत केस दर्ज किया है। आरोपियों में चार लड़कियां भी शामिल हैं। सभी आरोपी कक्षा नौवीं के छात्र हैं।

इलेक्ट्रानिक डिवाइज का उपयोग
पुलिस केस दर्जकर मामले की जांच कर रही है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस को प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वीडियो मोबाइल कैमरे से बनाया गया था। पुलिस मोबाइल हैंडसेट की तलाश कर रही है। ताकि सबूत जुटकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

पतासाजी कर रहे
अश्लील वीडियो वायरल करने का मामला सामने आया है। इस मामले में केस दर्ज कर पतासाजी की जा रही है।
पुष्पेन्द्र बघेल, सीएसपी, दर्री


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जनवरी से शुरू हो जाएगा शादियों का मुहूर्त, सोने की कीमतों में आई इतने रुपए की गिरावट


धमतरी. शादी का सीजन शुरू होने के साथ ही सराफा बाजार ग्राहकों से गुलजार हो गया है। बाजार में शादी और सगाई के लिए सोना और चांदी से बने जेवरात की डिमांड बनी हुई है। इसके अलावा कपड़ा और फैंसी सामानों की बिक्री बढ़ गई है।सराफा बाजार में सोना की कीमत में 2 सौ रूपए की कमी बताई गई है।ज्योतिषयों की मानें तो शादी के लिए जनवरी-2019 से दिसंबर तक करीब 47 शुभ मुहूर्त बन रहा है।

बता दे कि 19 नववंबर को प्रबोधनी एकादशी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इसी के साथ ही शादी का सीजन भी शुरू हो गया है। हालांकि जनवरी-2019 से ही शादी के लिए शुभ मुहूर्त बन रहा है। इसके एक माह पहले ही शादी योग्य युवक-युवतियों के परिजनों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है, जिसके चलते कपड़ा, फैंसी और सराफा व्यापार में तेजी आ गई है।


ग्राम सनौद के गणेशराम साहू ने बताया कि घर में वैवाहिक कार्यक्रम है, जिसके लिए वे अभी से तैयारी में लगे हुए हैं। सराफा व्यापारी अनिल पारख, धनराज लुनिया ने बताया कि 22 कैरेट सोना 29 हजार 890 रूपए प्रति तोला और 24 कैरेट सोना 31 हजार 3 सौ में बिक रहा है।24 कैरेट सोना की कीमत में 2 सौ रूपए की कमी आई है।


फैंसी आभूषण कर रही महिलाएं पसंद
वर्तमान में सोने से बने फैंसी मराठा मंगलसूत्र समेत अन्य समानोंं की डिमांड ज्यादा है। इसी तरह चांदी 385 रूपए प्रति तोला बिक रही है। चांदी से बने फैंसी पायल, करधन, चाबी गुच्छा की डिमांड ज्यादा है। इसके अलावा सगाई के लिए अंगूठी और रस्म के लिए फैंसी चांदी से बने हैड घड़ी की भी डिमांड है।

पिंक कलर की साड़ी पहली पसंद
इसी तरह फैंसी और कपड़ा दुकानों में भी खरीददारी के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई है। कपड़ा व्यवसायी हरेश आहुजा ने बताया कि शादी के लिए सिफॉन, कॉटन और फैंसी वर्क वाली साडिय़ों की मांग ज्यादा है। उन्होंने बताया कि शादी और सगाई के लिए ज्यादातर मेहरून रेड, यलो और पिंक कलर की साड़ी महिलाओं की पहली पसंद बनी हुई है, जो 15 सौ से लेकर 10 हजार की रेंज में उपलब्ध हैं।


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मी-टू: एमजे. अकबर ने खबर पर चर्चा के लिए होटल में बुलाया फिर मेरे साथ रेप किया


एम.जे अकबर जिन्हें मैं जानती हूं और वे अंग्रेजी अखबार द एशियन एज के एडिटर इन चीफ होने के साथ एक बेहतरीन और तेज तर्रार पत्रकार थे। उन्होंने अपने पद का इस्तेमाल मेरे लिए गलत ढंग से किया। मेरी जिंदगी की सबसे दर्दनाक कहानी है जिसे आज दुनिया के सामने रख रही हूं जिसे मैने 23 साल पहले सहा था। हाल ही कुछ दिन पहले मैं अमरीका स्थित अपने घर पर थी। खबरों में देखा कि कुछ महिला पत्रकार एम.जे अकबर द्वारा किए गए यौन शोषण का खुलासा कर रही हैं। इसे देख मेरा सिर चकरा गया और मैने भारत में रहने वाली दो दोस्तों को फोन किया। मेरे इन दोनों दोस्तों को अच्छे से पता था कि अकबर ने मेरे साथ क्या किया था और मैने उस पीड़ा को कैसे सहा था। दोस्तों के बाद जिससे मेरी शादी होने वाली थी उनसे मुलाकात के कुछ हफ्तों बाद ये वाक्या बताया था और फूट फूट कर रोई थी।

मैं जब एशियन एज अखबार में काम कर रही थी उस वक्त मेरी उम्र महज 22 साल थी जहां महिलाओं की संख्या अधिक थी। अधिकतर लोगों ने अखबार कॉलेज खत्म होते ही जॉइन किया था। ये वे दौर था जब किसी को पत्रकारिता और खबरों की समझ नहीं थी। दिल्ली में अकबर के साथ काम करना सभी के लिए सौभाग्यशाली मौका था क्योंकि तेज तर्रार पत्रकार होने के साथ उन्हें राजनीति पर दो किताबें लिखने का भी अनुभव था। इसी का नतीजा रहा कि उन्होंने बहुत कम समय में भारत में संडे मैगजीन, द टेलीग्राफ जैसे अखबारों की सफल लॉन्चिंग की। अंतरराष्ट्रीय स्तर के अखबार द एशियन एज उनका आखिरी अखबार था जिसमें उन्होंने काम किया था।

अकबर उस वक्त 40 की उम्र में थे जो पत्रकारिता की दुनिया में आने वाले नए लोगों को तराशने का काम करते थे। वे हमारी लिखी खबरों को मॉन्ट ब्लैंक कंपनी के लाल पेन से गलतियों को मार्क करते थे। कई बार वे खबरों के प्रिंट को मोड़ कर कूड़े के ढेर में फेंक देते थे। ऐसा कोई दिन नहीं जाता था जब वे अपनी ऊंची आवाज में चिल्लाते नहीं थे। हम बहुत मुश्किल से ही उनकी उम्मीदों पर खरा उतर पाते थे।

जब वे भुनभुनाते थे तो मैं समझती थी कि वे क्या बोल रहे हैं। काश मैं वो सब लिख पाती कि कैसे वे अपशब्दों का इस्तेमाल करते थे। फिर भी मैं यही सोचती थी कि मैं एक अच्छे व्यक्ति से कुछ सीख रही हूं और सब सहती चली गई। 23 साल की उम्र में मुझे एशियन एज अखबार के संपादकीय पृष्ठ के साथ आने वाले ओप-एड पेज का संपादक बना दिया गया। इसके बाद मुझे देश के जाने माने टिप्पीणीकारों, लेखकों और देश के चुनिंदा राजनेताओं के साथ संपर्क साधकर काम करने का मौका मिला। इसमें जसवंत सिंह, अरुण शौरी, नलिनि सिंह जैसे बड़े नाम थे जो मेरे जैसे युवा पत्रकार के लिए एक बड़ी बात थी।

जब मुझे इसके लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ी

कम उम्र में कामयबी की कीमत मुझे बहुत जल्दी चुकानी पड़ी। मेरी दोस्त तुशिता को इसके बारे में अच्छे से पता है। ये बात 1994 की है। मैं उनके दफ्तर जिसका दरवाजा अक्सर बंद रहता था उसमें ओप-एड पेज दिखाने के लिए गई जिसे मैने अच्छे से तैयार किया था और हैडिंग अपने हिसाब से बेहतर लगाई थी। उन्होंने मेरी तारीफ की और मुझे चूमने के लिए मेरी तरफ बढ़ गए। मैं हैरान रह गई। मैं जल्दबाजी में ऑफिस से बाहर निकली। मेरा चेहरा लाल था, मैं पूरी तरह से असमंजस की स्थिति में थी। अपाानित महसूस करने के साथ पूरी तरह टूट चुकी थी। तुशिता को याद है कि उस दिन कैसे मेरा चेहरा लाल हो गया था क्योंकि मैने उसी के साथ इस घटना को साझा किया था।

कुछ महीने बाद फिर से मुंबई में हुई दूसरी कोशिश

अकबर ने दूसरी बार मेरे साथ घिनौनी हरकत पहली घटना के कुछ महीने बाद की। मुझे एक मैगजीन की लॉन्चिंग के लिए मुंबई बुलाया गया था। उन्होंने मुझे ताज होटल के कमरे में मैगजीन के ले-आउट के साथ बुलाया था। वहां भी उन्होंने मुझे चूमने की कोशिश की। इसके बाद मैं उनके साथ लड़ी और धक्का दे दिया। मैं वहां से भागने लगी तो उन्होंने मेरा चेहरा नोच दिया। मैं वहां से रोते हुए भाग निकली। मेरी दोस्त ने चेहरे के दाग के बारे में पूछा तो बताया कि मैं होटल के सीढिय़ों पर फिसल गई थी जिस वजह से चोट लग गई।

दिल्ली आई तो नौकरी से निकालने की धमकी

जब मैं मुंबई से दिल्ली वापस आई तो अकबर मेरे ऊपर काफी गुस्सा थे। उन्होंने मुझे धमकी दी कि दोबारा मैने उनका विरोध किया तो नौकरी से निकाल दिया जाएगा। इसके बाद भी मैने नौकरी नहीं छोड़ी। मैं सुबह आठ बजे ही दफ्तर पहुंच जाती थी। ये वो वक्त था जब दफ्तर में बहुत कम लोग आते थे। जल्दी जाने का मेरा लक्ष्य ओप-एड पेज को सुबह ग्यारह बजे से पहले तैयार कर लेना था। इसके बाद मैं रिपोर्टिंग पर जाने के लिए दफ्तर छोड़ देती थी।

जयपुर में हुई घटना ने मुझे तोडकऱ रख दिया

मुंबई की घटना के बाद एक खबर करने के लिए मुझे दिल्ली से दूर एक गांव गई थी। यहां पर एक प्रेमी जोड़े को फांसी पर लटका दिया गया था क्योंकि वे दोनों अलग-अलग जाति धर्म के थे। खबर जयपुर में जाकर पूरी हुई। अकबर ने मुझे कहा कि वे जयपुर के होटल में आएं वे खबर को लेकर कुछ चर्चा करना चाहते हैं। होटल के कमरे में मैने उनके साथ संघर्ष किया लेकिन वे शारीरिक रूप से मुझसे काफी मजबूत थे इसलिए मैं उनके सामने थक गई। उन्होंने मेरे कपड़े फाड़ दिए और मेरा रेप किया। मैने शर्म के मारे पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी। इस घटना के बारे में मैने किसी को कुछ नहीं बताया क्योंकि मुझे लगता था कि कोई मेरी बात पर विश्वास नहीं करेगा। मैने अपने आप को दोषी माना और खुद से कहा कि मैं क्यों होटल के कमरे में गई थी।

इसके बाद उन्होंने मुझे काफी प्रताड़ित किया

अकबर का दुव्र्यवहार मेरे खिलाफ समय के साथ बढ़ता ही चला गया। मैने उनके साथ लडऩा छोड़ दिया। मैं पूरी तरह असहाय महसूस कर रही थी। वे लगातार मुझे कोसते रहे। कुछ महीने तक उन्होंने भावनात्मक रूप से, मौखिक रूप और यौन रूप से शोषण किया। अगर वे मुझे किसी हम उम्र पुरुष साथी के साथ बात करते हुए देखते थे तो तेज आवाज में चिल्लाकर गुस्सा करते थे जो मेरे लिए काफी डरावना था।

मैं बता नहीं सकती वे मुझपर कैसे हावी हो गए

मैं उनके इस बर्ताव पर लड़ क्यों नहीं सकी? मैं हमेशा से हर परिस्थिति में खुद से लडऩे को तैयार थी लेकिन मैं अब ये नहीं बता सकती की वे मुझपर कैसे इतना हावी हो गए जिसका विरोध मैं नहीं कर सकी। मैं उस वक्त मरणासन्न स्थिति में कैसे चली गई। क्या वे मुझसे ताकतवर थे इसलिए मेरे साथ ऐसा हुआ। क्या ये कारण था कि मुझे स्थिति से निपटने का तरीका नहीं पता था। या इसलिए उस इंसान को लेकर ऐसा सोचा ही नहीं था कि वो ऐसा हो सकता है। क्या मुझे नौकरी खोने का डर था? मैं अपने अभिभावकों को ये कैसे बताती जो मुझसे काफी दूर थे। मुझे बस यही पता था कि मुझे खुद से नफरत हो गई थी। मैं धीरे-धीरे घुट-घुट कर मर रही थी।

दफ्तर से दूर रहने के लिए बाहर जाने का मौका तलाशती थी

मैं दफ्तर से बाहर रहने के लिए रिपोर्टिंग से जुड़े कार्यक्रम की तलाश में रहती थी जिससे मैं अकबर से दूर रह सकूं। मुझे याद है जब 1994 के चुनावों को कवर करने का मौका मिला था। दिल्ली से दूर कर्नाटक में मैने रैली कवर कर खबरें लिखीं। इन दिनों मैने बड़े राजनेताओं के साक्षात्कार किए और ग्रामीणों से बात कर खबरें लिखी। ये तजुर्बा मेरे लिए बेहद खास था जब मैने राजनीतिक घटनाक्रम को कवर किया। चुनाव की कवरेज मेरे लिए खास इसलिए थी क्योंकि मैं ही वे रिपोर्टर थी जिसने उस समय हुए चुनाव के परिणाम का सटीक विश्लेषण किया था।

जब अकबर ने मुझे विदेश जाने का मौका दिया

चुनाव परिणाम आने के बाद मेरे काम से खुश होकर अकबर ने मुझे अमरीका या ब्रिटेन भेजने के लिए कहा था। मुझे दोनों देशों स काम का वीजा मिल गया। मैं इसको लेकर काफी रोमांचित थी। मैं आश्वस्त हो गई कि अब दिल्ली ऑफिस से बाहर निकलने के बाद मेरे साथ हो रहा शारीरिक और मानसिाक शोषण बंद हो जाएगा। हालांकि मुझे इसका भी डर था कि वे मुझे इसलिए विदेश भेज रहे हैं जिससे मेरे पास खुद का बचाव करने का कोई आधार न रहे। वे जब चाहें अनजान शहर में आएं और मेरे साथ वो करें जो वे चाहते हैं।

लंदन ऑफिस में जब अकबर ने मुझे मारा

मुझे याद है कि जब वे एक बार लंदन ऑफिस आए थे और मैं अपने एक पुरुष दोस्त के साथ थी। वहां उन्होंने मुझसे बड़े अच्छे से बात की। शाम को जब मेरा दोस्त दफ्तर से चला गया तो अकबर ने मुझे मारा और टेबल पर रखे सामान को इधर से उधर फेंकना शुरू कर दिया। इसमें कैंची, पेपरवेट और दूसरी चीजें थीं जो हाथ में आया उसे फेंक दिया। मैं दफ्तर से भाग गई और हाइड पार्क में करीब एक घंटे तक छुपी रही। अपनी दोस्त तुशिता को ये कहानी अगले दिन बताई। इसके बाद मैने अपनी मां और बहन से भी बात की लेकिन उनसे कोई बात साझा नहीं की। मैं उन्हें नहीं बताना चाहती थी कि मैं किसी परेशानी में हूं ताकि वे मुझे वापस बुलाने लगे। मैं भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुकी थी। मुझे अहसास हो गया था कि अब मुझे लंदन छोडऩा होगा। तुशिता के अलावा इस पूरी घटना की जानकारी अपनी दोस्त सूपर्णा को भी बताया और कहा कि मैं इस कष्ट से दूर भागना चाहती हूं। मेरे पास अमरीका के लिए विदेश संवाददाता का वीजा था। मेरे साथ कुछ वरिष्ठ संपादक थे जिनके साथ मैं काम करती थी। लेकिन अकबर प्रभारी थे इसलिए उन्होंने मुझे बिना देर किए मुंबई तलब कर लिया लेकिन इस बार मैं अच्छे के लिए बच गई।

जब न्यूयॉर्क में मुझे रिपोर्टिंग की नौकरी मिली

इसके बाद मुझे न्यूयॉर्क के डॉजोन्स प्रकाशन में रिपोर्टिंग असिस्टेंट की नौकरी मिल गई और वहां पर मैने काम करना शुरू किया। आज मेरे पास अमरीकी नागरिकता है। मैं एक पत्नी के साथ एक मां हूं और पत्रकारिता के लिए प्रेम आज भी बना है। मैने अपनी जिंदगी को टुकड़े-टुकड़े में पूरी मेहनत के साथ एकत्र किया है। इसी का नतीजा है कि डॉजोन्स के बाद बिजनेस वीक, यूएसए टुडे, एसोसिएटेड प्रेस से होते हुए सीएनएन के लिए काम किया। आज मैं नेशनल पब्लिक रेडियो (एनपीआर) की लीडर हूं। मुझे ये अच्छे से पता है कि नौकरी पाने और सफल होने के लिए किसी को अपमानित करने और किसी पर हमला करने की जरूरत नहीं है।

अकबर कानून और न्याय से ऊपर हैं

कई वर्षों के बाद भी अकबर से कोई बात नहीं हुई। मुझे हमेशा लगता रहा है कि अकबर कानून और न्याय से ऊपर हैं जिनपर ये दोनों लागू नहीं होते। मुझे लगता था कि उन्हें इसके लिए कभी कीमत नहीं चुकानी पड़ेगी जो उन्होंने मेरे साथ किया था।

अकबर ने मी-टू के खिलाफ दी सफाई

मालूम हो कि दो हफ्ते पहले एमजे. अकबर ने मी-टू अभियान के तहत लगे आरोपों के बाद केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने इसपर सफाई देते हुए कहा था कि उनके ऊपर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं और साजिश के तहत लगाए जा रहे हैं। अकबर ने अपने ऊपर लगे आरोप के बाद एक महिला पत्रकार पर मानहानि का केस भी किया है। अकबर के इस फैसले से मैं हैरान नहीं हूं। वे मानते हैं कि वे सच अपने हिसाब से तैयार करते हैं। उन्हें लगता है कि हमारे शरीर को इस्तेमाल करने का अधिकार प्राप्त है।

मुझे पता है मेरे बोलने से कोई फायदा नहीं होगा

मुझे पता है कि मेरे बोलने से मेरा कोई फायदा नहीं होगा। लेकिन ये दिल दहलाने वाला है क्योंकि जो लोग मेरे करीब हैं उन्हें मेरे दर्द का अहसास होगा। अकबर ने ऐसी कई महिलाओं को धमकाया होगा लेकिन उम्मीद है वे भी आगे आएंगी और उनके खिलाफ और घिनौने सच दुनिया के सामने होंगे। मैं ये इसलिए लिख रही हूं क्योंकि मुझे बेहतर ढंग से पता है कि अकबर जैसे शक्तिशाली लोग कैसे किसी का शोषण करते हैं। मैं ये लेख उन महिलाओं के आरोपों को सही साबित करने के लिए लिख रही हूं जो मेरी जैसी ही पीड़ा से गुजरी हैं। मैं अपनी बेटी और बेटे के लिए लिख रही हूं ताकि वे सिख सकें कि अगर उन्हें कोई परेशान करें तो अपना बचाव कैसे करना है। 23 साल पहले हुई घटना के काले सच से मैं बाहर निकल चुकी हैं और अब निरंतर आगे बढऩा चाहती हूं।

लेख पर अकबर की ओर से सफाई

वाशिंगटन पोस्ट ने जब इस खबर पर एमजे. अकबर से सफाई मांगी तो उनके वकील संदीप कपूर ने लिखित में कहा कि मेरे मुवक्किल ने इन आरोपों को गलत बताया है और सिरे से खारिज किया है।

पल्लवी गोगोई की आपबीती उन्हीं की जुबानी (वाशिंगटन पोस्ट से विशेष अनुबंध के तहत)


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तेल की कीमत और सरकार की मंशा समझ चुकी है जनता


भारत में पिछले दिनों जो कुछ घटित हुआ है उसपर ध्यान देना लाजिमी है। देश की जनता को पता चला कि देश की समस्या कितनी गहरी और गंभीर है। कैसे सरकार ने कुछ खास बिंदुओं को दरकिनार कर दिया है। केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का वो निर्णय जिसमें उसने ब्याज दरों पर रोक लगा दी वे भी उस स्थिति में जब रुपया डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर होता चला गया।

दूसरा सरकार की तेल की बढ़ती कीमतों को दबाने के प्रयास और चुप्पी ने सभी को इन परिस्थितियों पर सोचने को मजबूर कर दिया। क्या ये कहा जाए कि ब्याज दरों पर रोक आरबीआई ने इसलिए लगाया क्योंकि बैंकों के लक्ष्य पूरे नहीं हो पाते ? इसके लिए कोई राजी नहीं होगा। पर सवाल उठता है कि क्या केंद्रीय बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी क्या वो काम कर रही है जो उसे करना चाहिए। बढ़ावा आरबीआइ के फैसले से मिला और रुपया कमजोर हुआ। उम्मीद थी कि ब्याज दरें बढ़ेंगी तो विदेशी निवेशक अपनी रुपए वाली संपत्तियों को नहीं बेचेंगे पर ऐसा कुछ नहीं हो सका।

पर बहुत देर हो गई

तेल सस्ता करने के लिए सरकार ने टैक्स कम किया है लेकिन इससे सरकारी राजकोष को घाटा होना तय है। बीजेपी शासित कई राज्यों में चुनाव होने हैं। केंद्र के फैसले के बाद राज्य सरकारें भी अपने स्तर से तेल की कीमतें कम करने में लगी हैं। हालांकि इसमें बहुत देर हुई और जनता को तेल की कीमत और सरकार की मंशा का गणित काफी हद तक समझ में आ चुका है। 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार में मोदी ने पिछली सरकार को तेल पर ही घेरा था। लोकसभा चुनावों में भारी मतों से जीत के बाद जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट आई तो मोदी ने इसका पूरा श्रेय लिया, पर अब वे खुद घिर गए हैं।

तेल पर विपक्ष के तेवर

विपक्ष सरकार से सस्ते तेल और रुपए की मजबूती की मांग कर रहा है और सरकार दावा कर रही है कि वे दोनों मुहैया करा रही है जबकि हकीकत को दबाया जा रहा है। तेल की कीमतें बढ़ेंगी रुपया कमजोर होगा और तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव का दौर जारी रहेगा। सरकार को रेनेयूबल एनर्जी, डैम और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर ध्यान देना होगा जिससे परेशानी कम होगी। जब भी तेल की कीमतें बढ़ेंगी रुपया कमजोर होगा और तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव का दौर ऐसे ही जारी रहेगा। ऐसे में केंद्रीय बैंक को महंगाई दर को लेकर हमेशा चिंचित रहना पड़ेगा।

मिहिर शर्मा, ब्लूमबर्ग ओपिनियन,वाशिंगटन पोस्ट से विशेष अनुबंध के तहत


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कुकर में भी बना सकते हैं टेस्टी खरवस


खरवस पारंपरिक माहराष्ट्रीयन डिश है। यह खाने में बहुत ही स्वादिष्ट लगती है। आप चाहें तो इसे मेहमानों को भी परोस सकते हैं। यहां पढ़ें टेस्टी खरवस बनाने की रेसिपी -

सामग्री -

दूध - 1 कप (250 ग्राम)
हंग कर्ड - 1 कप (250 ग्राम)
कंडेन्स मिल्क - 1 कप (250 ग्राम)
कॉर्न फ्लोर - 2 टेबल स्पून
जायफल - 1/4 छोटी चम्मच से कम
इलायची - 1/4 छोटी चम्मच
पिस्ते - 6-7 (बारीक पतले कटे हुए)
केसर - 6-7 धागे

विधि -

छलनी में सूती का कपड़ा रख कर इसमें दही डाल कर इससे दही का पानी निचोड़ लीजिए कुछ देर दही को कपड़े में ही बांध कर लटका दीजिए और एक प्याला उसके नीचे रख दीजिए ताकि दही से पानी निचुड़कर प्याले में ही गिरे। दही से पानी निकल जाने के बाद टंगे हुए दही (हंग कर्ड) को एक बड़े से प्याले में निकाल लीजिए।

मिक्सर जार में हंग कर्ड को डाल दीजिए साथ ही इसमें कार्न फ्लोर डाल कर मिक्सर बंद कीजिए और चला दीजिए। अब मिक्सर जार को खोलें इसमें दूध और कंडेन्स मिल्क डाल कर सभी चीजों को मिक्सर जार में चला कर अच्छी तरह मिक्स कर लीजिए (ध्यान रहे की मिक्सर में गांठें नहीं बननी चाहिए एकदम चिकना मिक्सर बनना चाहिए)।

अब एक ढोकला बनाने जैसा बरतन लीजिए उसमें इस मिक्सर को डाल दीजिए। अब इस मिश्रण में 1/4 छोटी चम्मच इलायची पाउडर बुरक दीजिए। 1/4 छोटी चम्मच से भी कम कद्दूकस किया हुआ जायफल भी इस पर बुरक दीजिए। पतले पतले कटे हुए पिस्ते भी इस पर डाल दीजिए और केसर के धागे को भी इस पर डाल दीजिए।

अब एक कुकर लीजिए, कुकर में 2 कप पानी डाल दीजिए और इसे गैस पर रख कर पानी गरम होने लगे इसमें अच्छी भाप बनने लगे तब तक कुकर को ढक कर इसे गरम कर लीजिए।

पानी में भाप बनने लगी है कुकर का ढक्कन हटा दीजिए और कुकर के अंदर जाली स्टैंड रख दीजिए। अब मिश्रण वाले बरतन को जाली स्टैंड के ऊपर रख दीजिए और कुकर को ढक्कन से ढक दीजिए। आंच मीडियम और मीडियम हाई ही रखिये और मिश्रण को 30 मिनट तक पकने दीजिए। इसे चैक कीजिए। अब खरवस में चाकू गड़ा कर देख लीजिए, अगर चाकू में मिश्रण नहीं चिपकता है, तब खरवस पक गया है। गैस बंद कर दीजिये और मिश्रण के बर्तन को बाहर निकालकर जाली स्टैंड पर रख दीजिए ताकि यह जल्दी से ठंडा हो जाए।

मिश्रण के ठंडा हो जाने पर इसे १ घंटे के लिए फ्रिज में रख दीजिए यह सैट हो जाएगा। 1 घंटे के बाद इसे फ्रिज से निकाल करे अपने मन पसंद के टुकड़ों में काट कर सर्व कीजिए। स्वाद से भरपूर खरबस आप खाएं ओर खिलाएं आपको इसका स्वाद बहुत पसंद आएगा।

अगर आप भी खाना बनाने के शौकीन हैं और कुछ ऐसी डिशेज बनाते हैं जिन पर आपको हर बार तारीफें मिलती हैं तो अब हम आपको अपनी इस कला के प्रदर्शन के लिए प्लैटफॉर्म देने जा रहे हैं। आप अपनी खास रेसिपीज पत्रिका डॉट कॉम के साथ शेयर कर सकते हैं। कंमेंट बॉक्स में अपनी रेसिपी हमें लिख भेजें। आप अपनी रेसिपी का वीडियो भी हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। चुनिंदा रेसिपीज को पत्रिका डॉट कॉम पर फीचर भी किया जाएगा। तो देर किस बात की, लिख भेजिए हमें अपनी स्पेशल रेसिपी।


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डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था फिर बेपटरी होने लगी है, सरकार को इसपर ध्यान देना होगा


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले को करीब दो साल होने को हैं। इस कठिन निर्णय से लोगों को फायदा तो सीमित हुआ लेकिन परेशानियों का सामना अधिक करना पड़ा। नोटबंदी की यादों पर अब धूल की परत जम चुकी है। लोगों को जिन परेशानियों का सामना करना पड़ा था वे कुछ हद तक धुंधली भी पड़ गई हैं लेकिन राजनीतिक भूचाल और कुछ आर्थिक विश्लेषकों की रिपोर्ट इस जख्म को हरा कर देती है। इस फैसले का सबसे बड़ा कारण कालाधन व जाली नोट पर अंकुश लगाना था जो गैरकानूनी ढंग से बाजार में लेनदेन का जरिया बनी थी।

रिपोर्टों और विश्लेषकों की मानें तो सरकार को उसमें सफलता नहीं मिली जिसकी योजना उसने बनाई थी। गैरकानूनी ढंग से बाजार में आए पैसे के इस्तेमाल को रोकना ही उसका पहला मकसद था लेकिन उसमें वह सफलता नहीं मिल पाई जैसी उम्मीद प्रधानमंत्री मोदी और देश की जनता ने की थी। हालांकि दूसरी तरफ इसका बड़े पैमाने पर फायदा भी हुआ। देश में टैक्स जमा करने वालों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। घर में पैसा रखने का प्रचलन भी कुछ हद तक कम हुआ है। डिजिटल पेमेंट से भुगतान की व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। इसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा जो उसके लिए काफी सकारात्मक है।

86 फीसदी भारतीय मुद्रा को अवैध करार दिया
नवंबर 2016 में लागू नोटबंदी से बाजार में प्रचलन वाली 86 फीसदी भारतीय मुद्रा अवैध घोषित हो गई थी। उम्मीद यह थी कि जिन लोगों ने काला धन अपने पास जमाकर रखा है वे उसे नए नोट से बदलने के लिए बैंकों तक न पहुंचे। हालांकि हुआ इसके उलट। 500 और 1000 के 99.7 फीसदी नोट वापस बैंकों में पहुंच गए जबकि करोड़ों की रकम विभिन्न एजेंसियों ने छापेमारी में जब्त की। इससे स्पष्ट है कि उद्देश्य पूरा नहीं हो सका।

आर्थिक सुधार
नोटबंदी को लेकर देश के पूर्व वित्त मंत्री और अर्थव्यवस्था के जानकार पी. चिदंबरम का कहना था कि बाजार में नकदी की कमी से अर्थव्यवस्था में भूचाल जैसी स्थिति बन गई और जून 2017 की तिमाही में अर्थव्यवस्था अपने न्यूनतम स्तर 5.7 फीसदी पर पहुंच गई थी हालांकि बाद में अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ और पिछली तिमाही में 8.2 फीसदी तक पहुंच गई।

कर राजस्व
भारत में कर वसूली की व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है। वित्तीय वर्ष मार्च 2017 के आंकड़ों के अनुसार व्यक्तिगत आयकर जमा करने वालों की संख्या में 27 फीसदी का इजाफा हुआ। पिछले कई दशकों से ये आंकड़ा 21 फीसदी के करीब था। मोदी सरकार में करदाताओं की संख्या का बढऩा अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है। सरकार को ध्यान देना होगा।

काला धन
2014 के आम चुनावों में कालेधन के इस्तेमाल को देखते हुए संभवत: नोटबंदी का फैसला लिया गया। देश की जनता ने इसे सकारात्मक कदम बताया भले ही उसे बैंकों और एटीएम के बाहर लाइन में लगना पड़ा था। इस उम्मीद में कि इस फैसले से भ्रष्टाचार से पैसा कमाने वालों की रकम पूरी तरह डूब गई लेकिन उम्मीद के अनुसार जैसा कुछ खास नहीं हुआ।

डिजिटल भुगतान
नोटबंदी के बाद लोगों के पास कोई विकल्प नहीं था तो डिजिटल भुगतान को अपनाया। ये व्यवस्था फिर से बेपटरी होने लगी है जिसको लेकर सरकार को ध्यान देना होगा। भारत में नकद लेनदेन का चलन है। एक रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी से पहले जनता के पास 17 लाख करोड़ रुपए की रकम कैश में थी जो इस वर्ष अगस्त में 18 लाख करोड़ तक पहुंच गई है।

नकली नोटों का भंडार हुआ पूरी तरह खत्म
सरकार ने संसद में पिछले महीने बताया था कि नोटबंदी के बाद असली नोट को सीज करने का प्रतिशत भी कम हुआ है। जिन एजेंसियों ने नोट को सीज करने की कार्रवाई की थी उसमें से अधिकतर नोट स्कैन या फोटोकॉपी किए हुए थे। कैश बैन ‘अल्पकालीन लाभ’ की स्थिति थी जिसमें नकली नोटों का भंडार देश मे इस फैसले से पूरी तरह खत्म हुआ था।


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प्रोटीन व कैल्शियम से भरपूर है यह रोटी


अगर आप नैचुरल तरीके से शरीर में कैल्शियम और प्रोटीन की कमी को पूरा करना चाहते हैं, तो आपको अपनी डायट में रागी रोटी को शामिल करना चाहिए। यह न केवल पाचन के लिए अच्छी है, बल्कि यह आपको कई पोष्टिक तत्व भी देती है। आप दिन के एक मील में रागी रोटी को शामिल कर सकते हैं। इसे बेलने में आपको अगर परेशानी आती है तो आप रागी आटे में थोड़ा सा गेंहू का आटा मिला सकते हैं। इससे आपके लिए रागी रोटी बेलना आसान हो जाएगा। इसे आप तवे पर कुरकुरा करने के बाद खाएंगे तो आपको यह ज्यादा स्वादिष्ट लगेगी। यहां पढ़ें रागी रोटी की रेसिपी -

सामग्री -

1/2 कप रागी आटा
1/4 कप बारीक कटा हुआ हरा प्याज का सफेद भाग
1/4 कप कसे हुए गाजर
1 1/2 टेबल-स्पून लो फैट दही
1/2 टी-स्पून हरी मिर्च की पेस्ट
नमक , स्वादानुसार
रागी का आटा , बेलने के लिए

विधि -

- एक गहरे बाउल में सारी सामग्री मिलाकर प्रर्याप्त पानी का उपयोग करके नरम आटा गूंथ लीजिए।
- गूंथे हुए आटे को 4 बराबर भागों में बांट लीजिए।
- आटे के एक भाग को थोडे रागी के आटे का प्रयोग करते हुए 100 मि। मी। (4 इंच) व्यास के गोल आकार में बेल लीजिए।
- बेली हुई रोटी को एक गरम नॉन-स्टिक तवे पर रख दीजिए और कुछ सेकंड बाद पलट दीजिए।
- दूसरी तरफ रोटी को कुछ और सेकंड तक पका लीजिए।
- रोटी को चिमटे से उठाकर सीधे आच पर रखकर दोनों तरफ से सुनहरे दाग पड़ने तक पका लीजिए।
- विधि को दोहराकर 3 और रोटी बना लीजिए।
- तुरंत परोसिए।

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अगर नाश्ते में खाएंगे ये चीज तो पा सकते हैं कटरीना कैफ जैसी पतली कमर


साउथ इंडियन व्यंजन न केवल स्वादष्टि होते हैं, बल्कि यह सेहत के लिहाज से भी बहुत फायदेमंद होते हैं। ज्यादातर साउथ इंडियन व्यंजनों की खासियत है कि इससे वजन नहीं बढ़ता, हालांकि खाने में तेल या घी के इस्तेमाल और आप कितनी मात्रा में इसे खा रहे हैं, इसका भी फर्क पड़ता है। यहां आज हम आपको टेस्टी साउथ इंडियन ब्रेकफास्ट अवियल की रेसिपी बताने जा रहे हैं। यह बहुत ही स्वादिष्ट बनती है और यह बहुत हैल्दी भी है। यहां पढ़ें अवियल की रेसिपी -

सामग्री -

पीसकर मुलायम पेस्ट बनाने के लिए
3/4 कप ताजा कसा हुआ नारियल
1 टी-स्पून जीरा
4 हरी मिर्च , कटी हुई
1/4 कप पानी

अन्य सामग्री

1/2 कप सहजन फल्ली , 25 मिमी (1 इंच) के टुकड़ो में कटी हुई
1/2 कप चवली , 25 मिमी (1 इंच) के टुकड़ो में कटी हुई
1/2 कप गाजर , 25 मिमी (1 इंच) के टुकड़ो में कटी हुई
1/2 कप रतालू , 25 मिमी (1 इंच) के टुकड़ो में कटी हुई
1/4 कप कद्दू के टुकड़े
1 कचा केला , छिलकर 25 मिमी (1 इंच) के टुकड़ो में कटा हुआ
1/2 कप ताजे हरे मटर
1/2 कप बैंगन के टुकड़े
1/4 टी- स्पून हल्दी पाउडर
नमक स्वादअनुसार
1/2 कप ताजा दही , फेंटा हुआ (ऐच्छिक)
2 टेबल- स्पून नारियल का तेल/ अन्य तेल
1 टी- स्पून जीरा
7-8 कड़ी पत्ता

विधि -

- सहजन फल्ली को 1/4 कप पानी के साथ मिलाकर, मध्यम आंच पर, ढ़ककर उनके आधे पक जाने तक पका लें।
- बची हुई सब्जियां, हल्दी पाउडर, जरूरत हो तो पानी और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें और सब्जियों के नरम होने तक, धिमी आंच पर ढ़ककर पका लें (लगभग 12 से 15 मिनट के लिए)।
- तैयार पेस्ट और 1/4 कप पानी डालकर अच्छी तरह मिला लें और धिमी आंच पर 12 से 15 मिनट या मिश्रण के आधे सूख जाने तक उबाल लें।
- दही, तेल, जीरा और कड़ी पत्ता डालकर 2 से 3 मिनट तक धिमी आंच पर उबाल लें।
- गरमा गरम परोसें।

अगर आप भी खाना बनाने के शौकीन हैं और कुछ ऐसी डिशेज बनाते हैं जिन पर आपको हर बार तारीफें मिलती हैं तो अब हम आपको अपनी इस कला के प्रदर्शन के लिए प्लैटफॉर्म देने जा रहे हैं। आप अपनी खास रेसिपीज पत्रिका डॉट कॉम के साथ शेयर कर सकते हैं। कंमेंट बॉक्स में अपनी रेसिपी हमें लिख भेजें। आप अपनी रेसिपी का वीडियो भी हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। चुनिंदा रेसिपीज को पत्रिका डॉट कॉम पर फीचर भी किया जाएगा। तो देर किस बात की, लिख भेजिए हमें अपनी स्पेशल रेसिपी।


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अगर चाहते हैं स्किन पर नेचुरल ग्लो, तो खाएं ये चीज


दाल में प्रोटीन और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जिसके सेवन से स्किन हैल्दी होती है और इस पर नेचुरल ग्लो आता है। दाल को अगर आप पारंपरिक तरीके से पका कर नहीं खाना चाहते तो आप इसके कटलेट बना कर खा सकते हैं। मसूर दाल के कटलेट बहुत ही स्वादिष्ट बनते हैं और यह झटपट तैयार भी हो जाते हैं। यहां पढ़ें मसूर दाल की रेसिपी -

सामग्री -

साबुत मसूर दाल - ½ कप (100 ग्राम) (भीगो कर ली हुई)
आलू - 2 (150 ग्राम) (उबले हुए)
पनीर - 100 ग्राम
पुदीने के पत्ते - 1/4 कप (बारीक कटे हुए)
हरा धनिया - 1/4 कप (बारीक कटा हुआ)
भुने चने - 1/4 कप
तेल - 1/4 कप
हरी मिर्च - 2 बारीक कटी हुई
अदरक - 1 इंच टुकडा़ (कद्दूकस किया हुआ)
गरम मसाला - 1/4 छोटी चम्मच
लाल मिर्च पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच
अमचूर - 1/4 छोटी चम्मच
धनिया पाउडर - 1 छोटी चम्मच
जीरा - ½ छोटी चम्मच (भूना हुआ)
नमक - 1 छोटी चम्मच

विधि -

आधा कप छिलके वाली साबुत मसूर दाल को अच्छे से साफ करके धोकर साफ पानी में 7-8 घंते के लिए भीगो कर रख दीजिए इसके बाद इसमें से अतिरिक्त पानी हटा कर इसे ले लीजिए।

दाल को कुकर में डाल दीजिए और 1/4 कप पानी डालकर कुकर का ढक्कन बंद कर दीजिए ओर दल को 1 सीटी आने तक पकने दीजिए। कुकर में सीटी आने पर गैस बंद कर दीजिए और कुकर का प्रैशर खत्म होने पर कुकर का ढक्कन खोलिए। दाल में पानी होने पर इसे छान लीजिए जिससे की दाल का पानी अलग हो जाए।

मिक्स जार में भुने हुए, छिले हुए चने डल कर बारीक पाउडर बना लीजिए। उबले हुए आलू को छील कर कद्दूकस कर लिजिए। आलू में ही पनिर को कद्दूकस कर लिजिए अब इसमें दाल डाल दीजिए, साथ में बारीक कटा हुआ पुदीना, बारीक कटा हरा धनिया, बारीक कटी हरी मिर्च, कद्दूकस किया हुआ अदरक, गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर, अमचूर पाउडर, धनिया पाउडर, भुना जीरा पाउडर, नमक और भुने चने का पाउडर डाल कर सभी चीजों को अच्छे से मिक्स कर लीजिए। टिक्की बनाने के लिए मिश्रण तैयार है।

टिक्की शैलो फ्राई करने के लिए पैन में 2-3 टेबल स्पून तेल डाल कर गरम कीजिए। अब हाथ पर थोडा़ सा तेल लगा कर हाथ को चिकना कर लीजिए और थोडा़ सा मिश्रण निकालिए, हाथ से दबाकर, गोल आकार देकर हथेली से दबा कर टिक्की का शेप दीजिए और प्लेट में रख दीजिए। सारी टिक्की इसी तरह बनाकर तैयार करके, प्लेट में रख लीजिए।

तेल गरम होने पर गैस धीमा कीजिए और पैन में टिक्की सिकने के लिए एक-एक करके लगा दीजिए। धीमी मध्यम आंच पर टिक्की को नीचे से गोल्डन ब्राउन होने तक सिकने दीजिए।

टिक्की को चैक कीजिए लगभग 5 मिनिट में टिक्की नीचे से गोल्डन ब्राउन होकर सिक कर तैयर है इसे पलट दीजिए ओर 4 मिनिट इस ओर से भी इसे गोल्डन ब्राउन होने तक सिकने दीजिए। टिक्की दोनों ओर से अच्छी गोल्डन ब्राउन सिक कर तैयार है। टिक्की को सिकने में 10 मिनिट क असमय लगा है। टिक्की को प्लेट में निकाल लीजिए। अब बाकी की टिक्की भी इसी तरह से सेक कर तैयार कर लीजिए।

इतने मिश्रण में लगभग 15 टिक्की बन कर तैयार हो जाती हैं। मसूर दाल की स्वादिष्ट क्रिस्पी टिक्की बनकर तैयार हैं। मसूर दाल से बनी टिक्की को हरे धनिए की चटनी या टमैटो सॉस के साथ परोस सकते हैं। इन टक्की को चाहें तो बर्गर में सैंडविच में या चपाती, परांठे में भी लपेट कर खाने के लिए दे सकते हैं। परोसिए और खाईए आप सभी को इस का स्वाद बहुत पसंद आएगा।

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दीपिका पादुकोण जैसा फिगर चाहिए तो नाश्ते में जरूर खाएं ये चीज


यह तो सब जानते हैं कि दीपिका साउथ इंडियन हैं और उन्हें उपमा, डोसा, इडली बहुत पसंद है। वे अपने नाश्ते में भी इसे जरूर शामिल करती हैं। यह न केवल लाइट रहता है, बल्कि उन्हें फिट रहने में भी मदद करता है। इसे खाने से उनका वजन भी नहीं बढ़ता, हालांकि सही मात्रा में और सही समय पर खाना बहुत जरूरी है। यहां पढ़ें उपमा इडली उपमा की रेसिपी। इसे आप बची हुई इडलियों से भी बना सकते हैं।

सामग्री-

5 से 6 इडली मसली हुई
1 चम्मच तेल
½ चम्मच सरसों
½ चम्मच जीरा
½ चम्मच उड़द दाल
5 से 6 करी पत्ते
½ चम्मच बारीक कटा अदरक
1 हरी मिर्च कटा
1 सूखी लाल मिर्च
हींग की एक चुटकी
1 छोटा प्याज कटा हुआ
नमक स्‍वादअनुसार
1 से 2 चम्मच कटा हुआ हरा धनिया

बनाने की विधि-

सबसे पहले इडली को हाथों से मसल लें और किनारे रख दें। फिर पैन में १ चम्‍मच तेल गरम करे और उसमें राई डालें। जब राई फूट जाए तब उसमें उरद दाल और जीरा डालें। फिर करी पत्‍ते, अदरक, सूखी लाल मिर्च और चुटकीभर हींग डालें। इसे चलाइए और फिर इसमें कटी प्‍याज डालें। फिर मसली हुई इडली और ऊपर से नमक छिड़किए। इसे दो मिनट के लिए अच्‍छी तरह से मिक्‍स करें। आखिर में आंच बंद कीजिए और ऊपर से २ चम्‍मच हरी धनिया छिड़किए। अगर आप चाहें तो ऊपर से घिसा हुआ नारियल भी डाल सकती हैं। इसे नारियल चटनी या नींबू के अचार के साथ सर्व करें।

सुझाव -

अगर आप ताजी मटर डाल रहे हैं तो उन्हें थोडा़ सा उबाल कर नरम कर लीजिए इसक बाद इसका उपयोग कीजिए।
आप इडली उपमा में अपनी पसंद अनुसार जो भी सब्जी डालना चाहें डाल सकते हैं।

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कूकर में ऐसे बनाएं जीरा राइस


जीरा राइस तो आमतौर पर सब ही घर में बनाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि अगर आप जीरा राइस कूकर में बनाते हैं तो यह बहुत जल्दी पक जाते हैं और इनका स्वाद भी अलग आता है। यहां पढ़ें जीरा राइस की रेसिपी -

सामग्री -

बासमती चावल - ½ कप से थोडा़ ज्यादा (125 ग्राम)
घी - 1.5-2 टेबल स्पून
नमक - ½ छोटी चम्मच या स्वादानुसार
जीरा - 1 छोटी चम्मच
दालचीनी - 1 टुकडा़
बडी़ इलायची - 1 (छील कर दाने निकाल लीजिए)
लौंग - 2
काली मिर्च - 5-6
हरा धनिया - 1 टेबल स्पून (बारीक कटा हुआ)

विधि -

चावल को साफ कीजिए और धोकर ½ घंटे के लिए पानी में भिगो दीजिए। आधा घंटे बाद चावल से अतिरिक्त पानी निकाल कर हटा दीजिए।

कुकर में घी डालकर गरम कीजिए, घी गरम होने पर जीरा डालकर हल्का सा भूनिए, साबुत मसाले- दाल चीनी, काली मिर्च, लौंग और इलायची के बीज निकाल कर डाल दीजिए और हल्का सा भून लीजिए, अब भीगे हुए चावल डाल दीजिए।

चावलों को मसाले में मिलाते हुए और चमचे से लगातार चलाते हुए भून लीजिए। अब 1 कप पानी डाल दीजिए, नमक भी डाल दीजिए और अच्छी तरह मिला दीजिए।

कुकर का ढककन लगाकर चावलों को सीटी आने से पहले तक पकने दीजिए (लगभग 2.5 मिनिट में कुकर में सीटी का प्रैशर बन जाता है) और जैसे ही प्रैशर बने गैस बंद कर दीजिए।

कुकर का प्रैशर खत्म होने पर चावलों को खोलिये और चावलों को चैक कीजिए। चावल नरम और लम्बे हो गए हैं, चावलों को अच्छी तरह चला दीजिए। चावल बन चुके हैं इन्हें प्याले में निकाल लीजिए। जीरा राइस के ऊपर हरा धनिया डालकर सजा दीजिए। खिले-खिले जीरा राइस तैयार हैं, इन्हें आप किसी भी ग्रेवी वाली सब्जी या दाल के साथ परोसिए और खाइए।

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छोटी छोटी भूख को मिटाने के लिए खाएं बेसन का चीला


बेसन का चीला हैल्दी है, टेस्टी है और यह फास्टफूड भी नहीं है। इसलिए जब भी आपको छोटी छोटी भूख लगे तो आप इसे बना कर खा सकते हैं। यह झटपट तैयार हो जाता है और इसे बे्रकफास्ट या फिर शाम के समय नाश्ते में खा सकते हैं। इसे दही, टमेट कैचअप, हरी मिर्च धनिया की चटनी या फिर जैम के साथ खाया जा सकता है। यहां पढ़ें बेसन का चीला बनाने की रेसिपी -

सामग्री -

बेसन- 1 कप
टमाटर- 1 (बारीक कटा हुआ)
तेल- 2 से 3 टेबल स्पून
हरा धनिया- 2 टेबल स्पून (बारीक कटा हुआ)
अदरक का टुकड़ा- ½ इंच (कद्दूकस किया हुआ)
नमक- ⅓ छोटी चम्मच या स्वादानुसार
लाल मिर्च पाउडर- 1 से 2 पिंच
हरी मिर्च- 1 (बारीक कटी हुई)

विधि -

बेसन को किसी बर्तन में निकाल लीजिए। पहले थोड़ा पानी डालकर बेसन की गुठलियां खतम होने तक घोल लीजिए। फिर इसमें थोड़ा सा पानी और डालकर घोल लीजिए। इस बेसन के घोल में अदरक, नमक, लाल मिर्च पाउडर, हरी मिर्च और हरा धनिया डाल दीजिए। सारे मसालों को मिलने तक फैंट लीजिए। मिश्रण को 5 मिनिट के लिए ढककर रख दीजिए।

5 मिनिट बाद, घोल गाढ़ा लगे, तो इसमें थोड़ा सा पानी और डालकर मिक्स कर लीजिए। इस पूरे घोल में 1 कप से थोड़ा कम पानी का इस्तेमाल हुआ है। बेसन का चीला बनाने के लिए घोल तैयार है।

तवे को गरम होने के लिए गैस पर रखिए। तवे के थोड़ा ऊपर हाथ लगाकर देखिए, हाथ पर हल्की गर्माहट लग रही है, तो तवा गरम हो गया है। तवे पर आधा छोटा चम्मच तेल लगाकर चिकना कर लीजिए। तवे २ चमचा घोल डालिए और चमचे से ही गोल-गोल घुमाते हुए घोल को पतला फैला लीजिए। थोड़ा सा तेल चीले के किनारे और इसके ऊपर डाल दीजिए।

चीले के ऊपरी सतह का रंग हल्का सा बदलते ही, इसे पलट दीजिए और हल्का सा दबाकर इसे दोनों तरफ से अच्छा ब्राउन होने तक सेककर प्लेट पर निकाल लीजिए।

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किट्टी पार्टी में सर्व करें सूजी की कचौरी


अगर आपने भी घर में किट्टी पार्टी रखी है और स्नैक्स या स्टार्टर्स में क्या सर्व करें यह तय नहीं कर पा रहे हैं, तो सूजी की कचौरी बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। यह बहुत ही स्वादिष्ट बनती है और आप चाहें तो इसे छोटे आकार में बना सकते हैं, ताकि हर कोई बेहिचक इसे खा सके। यहां पढ़ें सूजी की कचौरी की रेसिपी -

सामग्री -

सूजी - 1 कप (180 ग्राम)
आलू - 4 (300 ग्राम) उबले हुए
तेल - कचौरी तलने के लिए और सूजी में डालने के लिए
हरा धनिया - 1-2 टेबल स्पून
धनिया पाउडर - 1 छोटी चम्मच
अमचूर पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच
लाल मिर्च पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच से कम
अजवायन - 1/4 छोटी चम्मच
गरम मसाला - 1/4 छोटी चम्मच से कम
हरी मिर्च - 1 (बारीक कटी हुई)
अदरक - 1 इंच (बारीक कटा हुआ)
नमक - 1 छोटी चम्मच या स्वादानुसार

विधि -

उबले हुए आलूओं को प्याले में डालकर मैश कर लीजिए और इसमें 1/2 छोटी चम्मच नमक, अदरक, धनिया पाउडर, अमचूर, लाल मिर्च पाउडर, हरी मिर्च, गरम मसाला और थोडा़ सा हरा धनिया डालकर सभी चिजों को अच्छे से मिला लीजिए, स्टफिंग तैयार है।

सूजी को गूंथने के लिए, भगोने में 2 कप पानी डाल कर, गरम करने के लिये रख दीजिए, पानी में उबाल आने पर, इसमें अजवायन, 1/2 छोटी चम्मच नमक और १ टेबल स्पून तेल डाल दीजिए और अब इसमें धीरे-धीरे सूजी डालकर मिक्स करते जाएं।

सूजी को लगातार चलाते हुए धीमी गैस पर गाढा़ होने तक पका लीजिए। सूजी के गाढा़ होने पर गैस बंद कर दीजिए और इसे नीचे उतार, चलाते हुए हल्का ठंडा होने दीजिए। जब यह हल्का ठंडा होने लगे और हाथ से गूंथा जा सके तब हाथ पर थोडा़ सा तेल लगाते हुए इसे अच्छे से गूंथ कर तैयार कर लीजिए। आटा तैयार है, अब इस आटे से एक छोटे नींबू के बराबर लोइयां तोड़ कर तैयार कर लीजिए।

अब एक लोई को हाथ से बढ़ाएं, और थोडा़ सा गड्ढा़ करते हुए इसमें 1-1 1/2 छोटी चम्मच स्टफिंग भर कर बन्द कर दीजिए। अब इस भरी हुई लोई को दूसरी हाथ की हथेली से दबा कर चपटा करके कचौरी का आकार दीजिए और थाली में एक ओर रख दीजिए। सारी लोई इसी तरह भरकर चपटा करके रख लीजिए।

कढ़ाई में तेल डालकर मीडियम गरम कीजिए। गरम तेल में कचौरी को डालिए। एक बार में कढा़ई में जितनी कचौरी आ जाएं उतनी कचौरी डाल दीजिए। कचौरी को पलट-पलट कर गोल्डन ब्राउन होने तक तलिए, तली हुई कचौरी निकाल कर, प्लेट में बिछे नेपकिन पेपर पर रखिए। इसी तरह सारी कचौरीयां तल कर तैयार कर लीजिए। सूजी की कचौरी बनकर के तैयार हैं, इन्हें आप हरे धनिए की चटनी या टमैटो सॉस के साथ परोसिए और खाइए।

अगर आप भी खाना बनाने के शौकीन हैं और कुछ ऐसी डिशेज बनाते हैं जिन पर आपको हर बार तारीफें मिलती हैं तो अब हम आपको अपनी इस कला के प्रदर्शन के लिए प्लैटफॉर्म देने जा रहे हैं। आप अपनी खास रेसिपीज पत्रिका डॉट कॉम के साथ शेयर कर सकते हैं। कंमेंट बॉक्स में अपनी रेसिपी हमें लिख भेजें। आप अपनी रेसिपी का वीडियो भी हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। चुनिंदा रेसिपीज को पत्रिका डॉट कॉम पर फीचर भी किया जाएगा। तो देर किस बात की, लिख भेजिए हमें अपनी स्पेशल रेसिपी।


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मूड करना है ठीक तो खाएं ये चीज


बेसन फाइबर, आयरन, पोटेशियम, मैंगनीज, कॉपर, जिंक, फॉसफोरस, मैग्नीशियम, फोलेट और विटामिन बी 6 से भरपूर होता है। इसे अपनी डायट में कई तरीके से शामिल किया जा सकता है। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं बेसन के गट्टे की नमकीन की रेसिपी-

सामग्री -

बेसन - 2 कप (250 ग्राम)
कसूरी मेथी - 1 टेबल स्पून
जीरा - ½ छोटी चम्मच
अजवायन - 1/2 छोटी चम्मच
धनिया - 1 छोटी चम्म्मच (दरदरा कुटा हुआ)
हल्दी पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच

लाल मिर्च पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच
काली मिर्च - ½ छोटी चम्मच (दरदरी कुटी हुई)
लौंग - 5 (दरदरी कुटी हुई)
हींग - 1 पिंच
हरी मिर्च - 2 (बारीक कटी हुई)
बेकिंग सोडा - 1/4 छोटी चम्मच
तेल - 2 टेबल स्पून
नमक - 1 छोटी चम्मच
तेल - तलने के लिए

विधि -

बेसन में जीरा, अजवायन, कसूरी मेथी, काली मिर्च, लौंग, धनिया, लाल मिर्च पाउडर, बारीक कटी हरी मिर्च, हल्दी पाउडर, हींग, बेकिंग सोडा, नमक और तेल डालकर सारी चीजों को मिक्स कर लीजिए, थोड़ा थोड़ा पानी मिलाइए और थोड़ा सा सख्त आटा गूंथ कर तैयार कर लीजिए। हाथ पर थोड़ा सा तेल डालकर चिकना कर लीजिए और आटे को मसल कर चिकना तैयार कर लीजिए। इतना आटा लगाने में ½ कप पानी का उपयोग हुआ है। आटे को ढककर 10 मिनिट के लिए रख दीजिए, आटा सैट हो जाएगा।

10 मिनिट बाद आटा तैयार है। हाथ पर थोड़ा सा तेल लगाकर आटे को छोटे-छोटे टुकड़े में बांट लीजिए। बोर्ड को तेल लगाकर चिकना कीजिए। अब एक टुकड़ा उठाएं इसे अच्छे से मसल कर गोल कीजिए और बोर्ड पर रख कर आधा इंच के व्यास में लम्बाई में लम्बा रोल कर लीजिए इसे किनारे रख दीजिए अब बाकी के टुकड़ों से भी इसी तरह रोल बना कर तैयार कर लीजिए और प्लेट में रख दीजिए। अब इस लम्बाई में बने हुए रोल को छोटे छोटे टुकड़ों में काट लीजिए।

गट्टे तलने के लिए कड़ाही में तेल गरम होने रख दीजिए। गट्टे तलने के लिए तेल मध्यम गरम ही चाहिए। तेल गरम होने पर इसमें तेल में एक गट्टा डालकर देख लीजिए कि गट्टा सिक रहा है। तेल सही गरम है, तेल में बाकी के गट्टे डाल दीजिए। 5 मिनिट मध्यम फ्लेम पर तलने के बाद गट्टे अच्छे कुरकुरे हो जाते हैं अब गैस तेज कर दीजिए और गट्टों को गोल्डन ब्राउन होने तक सेक कर तैयार कर लीजिए।

गट्टे सिक कर तैयार हैं। इनमें से अतिरिक्त तेल निकालने के लिए इन्हें कड़ाही के किनारे पर कल्छी पर रोक कर रखिए और फिर इन्हें प्लेट में निकाल लीजिए। एक बार के गट्टा नमकीन तलने में 7 से 8 मिनिट का समय लग जाता है। सारे गट्टा नमकीन इसी तरह तल कर तैयार कर लीजिए।

स्वादिष्ट और क्रिस्पी गट्टा नमकीन बनकर तैयार हैं। आप इन्हें किसी भी समय स्नैक्स की तरह सर्व कर सकते है। गट्टा नमकीन को पूरी तरह ठंडा होने के बाद किसी कन्टेनर में भरकर रख लीजिए और पूरे 1-2 माह तक खा सकते हैं।

अगर आप भी खाना बनाने के शौकीन हैं और कुछ ऐसी डिशेज बनाते हैं जिन पर आपको हर बार तारीफें मिलती हैं तो अब हम आपको अपनी इस कला के प्रदर्शन के लिए प्लैटफॉर्म देने जा रहे हैं। आप अपनी खास रेसिपीज पत्रिका डॉट कॉम के साथ शेयर कर सकते हैं। कंमेंट बॉक्स में अपनी रेसिपी हमें लिख भेजें। आप अपनी रेसिपी का वीडियो भी हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। चुनिंदा रेसिपीज को पत्रिका डॉट कॉम पर फीचर भी किया जाएगा। तो देर किस बात की, लिख भेजिए हमें अपनी स्पेशल रेसिपी।


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चाट के लिए घर में ही बनाएं सूजी आलू भुजिया सेव


आलू और सूजी से बनी भुजिया सेव को किसी भी चाट पर डाल कर सर्व किया जा सकता है। इसमें टमाटर, प्याज, हरी मिर्च काट कर ऊपर से नींबू निचोड़ कर भी खाया जा सकता है। यहां पढ़ें सूजी आलू भुजिया सेव की रेसिपी -

सामग्री -

उबले आलू - 3 (300ग्राम)
सूजी - 1 कप (180 ग्राम)
नमक - 1 छोटी चम्मच
तेल - तलने के लिए

विधि -

आलू सेव बनाने के लिए कोई बरतन लीजिए , इसमें सवा कप पानी डाल कर गैस पर गरम होने के लिए रख दीजिए। पानी में 1 छोटी चम्मच नमक और 2 छोटे चम्मच तेल डालकर पानी को ढक कर उबाल आने दीजिए। पानी मे उबाल आने पर गैस बंद कर दीजिए और बरतन पर से ढक्कन हटाएं, अब इस पानी में सूजी डाल कर मिक्स कर दीजिए। सूजी को ढक कर 5 मिनिट रख दीजिए सूजी फूल कर तैयार हो जाएगी। उबले हुए आलू को छील कर बारीक कद्दूकस कर लीजिए।

5 मिनिट बाद सूजी फूल कर तैयार है, इसे प्लेट में निकाल लीजिए। अब हाथ पर थोड़ा सा तेल लेकर सूजी को मसल-मसल कर एकदम चिकना गूंथ कर तैयार कर लीजिए।

अब इस सूजी के चिकने किए हुए मिश्रण में कद्दूकस किए हुए आलू डाल दीजिए और हाथ पर थोड़ा सा तेल लगा कर एक बार फिर से इन दोनों चीजों को अच्छे से मिलने तक और चिकना होने तक गूंथ लीजिए।

सेव बनाने के लिए गैस पर कढा़ई रखें और इसमें तेल डालकर गरम कीजिए। सेव तलने के लिए मध्यम तेज गरम तेल होना चाहिए। तेल गरम हुआ है या नहीं इसे चैक करने के लिए जरा सा आटा तेल में डालकर देखें अगर आटा सिककर ऊपर आ रहा है, तो तेल मध्यम गरम है।

सेव की मशीन लीजिए और इसमें बारीक सेव वाली जाली लगा दीजिए। आटे से थोड़ा सा आटा तोड़कर लंबा रोल बनाइए और मशीन के सिलेन्डर के अंदर भर दीजिए। मशीन के कवर को मशीन पर फिट कीजिए। गरम तेल में मशीन से सेव गोलाई में तोड़ लीजिए और मध्यम आंच पर तल लीजिए।

जैसे ही तेल में से झाग खत्म हो जाएं और सेव सिककर ऊपर आ जाएं, वैसे ही इन्हें पलट दीजिए और क्रिस्प होने तक सेक लीजिए। सेव के गोल्डन ब्राउन होते ही, इन्हें कल्छी से उठाकर थोड़ी देर कढ़ाही पर ही रोकिए और फिर एक प्लेट में निकालकर रख दीजिए। एक बार के सेव तलने में 4 से 5 मिनिट का समय लग जाता है। इसी प्रक्रिया के अनुसार सारे सेव बनाकर तैयार कर लीजिए।

सेव को 1 से 2 घंटे खुली हवा में रहने दे और अच्छे से ठंडा होने के बाद किसी भी कन्टेनर में भरकर रख दीजिए, फिर महीने भर तक सुबह या शाम की चाय के साथ कभी भी कन्टेनर से सेव निकाले और खाएं।

अगर आप भी खाना बनाने के शौकीन हैं और कुछ ऐसी डिशेज बनाते हैं जिन पर आपको हर बार तारीफें मिलती हैं तो अब हम आपको अपनी इस कला के प्रदर्शन के लिए प्लैटफॉर्म देने जा रहे हैं। आप अपनी खास रेसिपीज पत्रिका डॉट कॉम के साथ शेयर कर सकते हैं। कंमेंट बॉक्स में अपनी रेसिपी हमें लिख भेजें। आप अपनी रेसिपी का वीडियो भी हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। चुनिंदा रेसिपीज को पत्रिका डॉट कॉम पर फीचर भी किया जाएगा। तो देर किस बात की, लिख भेजिए हमें अपनी स्पेशल रेसिपी।


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मेहमानों के लिए घर में ही बनाएं रोस्टेड बादाम


अगर आपको भी मेहमानों के सामने रोस्टेड बादाम सर्व करने का शौक है तो इस बार आप इन्हें घर में भी बना सकते हैं। घर में रोस्टेड बादाम बनाने का एक फायदा यह भी है कि आप इसमें नमक अपने मन मुताबिक रख सकते हैं और यह ज्यादा क्रिस्पी भी बनते हैं। यहां पढ़ें क्रिस्पी रोस्टेड बादाम की रेसिपी -

सामग्री -

बादाम- १ कप (२०० ग्राम)
नमक- ½ छोटी चम्मच
नमक- २ कप (बादाम भूनने के लिए)

विधि -

एक प्याली में ½ छोटी चम्मच नमक लीजिए। इसमें २ छोटी चम्मच पानी डालिए और नमक को घोल लीजिए। इस पानी को बादाम के ऊपर डालकर अच्छे से मिला लीजिए।

भारी तले की कढ़ाही लीजिए। इसमें यूज किया हुआ नमक डाल दीजिए और पूरे ५ मिनिट तक गरम कीजिए। इसको एक-एक मिनिट में चलाते रहिए ताकि नमक ऊपर तक अच्छे से गरम हो जाए। नमक का पानी मिले हुए बादाम को भी एक-एक मिनिट में चलाते रहिए ताकि जो पानी नीचे बैठ गया है, वो भी अच्छे से बादाम में मिल जाए।

५ मिनिट बाद, बादाम को गरम नमक में डाल दीजिए और इन्हें लगातार चलाते हुए मध्यम आंच पर भून लीजिए। बादाम के फूलने और अच्छी सी खुशबू आने पर बादाम भुनकर तैयार हैं। इन्हें छानकर एक अलग प्लेट में रख लीजिए और ठंडा होने दीजिए ताकि ये क्रिस्पी हो जाएं। इन बादाम को भूनने में ३ मिनिट लगे हैं।

एकदम क्रिस्पी और टेस्टी बादाम तैयार हैं। इन्हें पूरी तरह से ठंडा होने के बाद एअर टाइट कन्टेनर में भरकर रख लीजिए और जब आपका मन करे, तब इन्हें निकालकर खाइए।

अगर आप भी खाना बनाने के शौकीन हैं और कुछ ऐसी डिशेज बनाते हैं जिन पर आपको हर बार तारीफें मिलती हैं तो अब हम आपको अपनी इस कला के प्रदर्शन के लिए प्लैटफॉर्म देने जा रहे हैं। आप अपनी खास रेसिपीज पत्रिका डॉट कॉम के साथ शेयर कर सकते हैं। कंमेंट बॉक्स में अपनी रेसिपी हमें लिख भेजें। आप अपनी रेसिपी का वीडियो भी हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। चुनिंदा रेसिपीज को पत्रिका डॉट कॉम पर फीचर भी किया जाएगा। तो देर किस बात की, लिख भेजिए हमें अपनी स्पेशल रेसिपी।


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Chhattisgarh Pollpedia Episode-2: प्रत्याशी और वोटर


रायपुर. छत्तीसगढ़ में असेंबली इलेक्शन होने में अब बस कुछ ही दिन बचें हैं। राजनीति पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो चुका हैं।पत्रिका छत्तीसगढ़ ने 1 सितम्बर 2018 से chhattisgarh pollpedia के नाम से नया एपिसोड लांच किया है जिसमे हम जनता को छत्तीसगढ़ चुनाव से जुड़ी हर वो बात आपको बताएंगे जो बहुत मायने रखता हैं।Chhattisgarh Pollpedia की हर वीडियो और ख़बर के लिए गूगल पर इंग्लिश में Chhattisgarh Pollpedia टाइप करें।

यह Episode-2 है इस वीडियो में आपको छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद हुए अब तक के तीन चुनावों के बारे में पता चलेगा की कब किस प्रत्याशी को कितने वोट मिले और कौंन कितने पानी में था। इन 10 पॉइंट्स में सारी बातें आप समझ जाएंगे। इससे पहले वाले एपिसोड में हमने छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद की राजनीति के बारे में चर्चा की थी।

1. 2003 विधानसभा चुनाव में 28 दलों ने भाग लिया 2008 में 40 ने और 2013 में 45 ने।

2. पहली बार NOTA(None Of The Above) बटन का उपयोग 2013 चुनाव में किया गया।

क्या है NOTA ? साल 2009 में चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से नोटा का विकल्प उपलब्ध कराने संबंधी अपनी मंशा से अवगत कराया था. बाद में नागरिक अधिकार संगठन पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज़ ने भी नोटा के समर्थन में एक जनहित याचिका दायर की. जिस पर 2013 को न्यायालय ने मतदाताओं को नोटा का विकल्प देने का निर्णय किया था. हालांकि बाद में चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि नोटा के मत गिने तो जाएंगे पर इसे रद्द मतों की श्रेणी में रखा जाएगा .

3. 2003 में 819 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, 2008 में 1066 और 2013 में 986 ने।

READ MORE: Chhattisgarh Pollpedia - छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना से जुड़ी 10 जरुरी बातें

4. सबसे अधिक महिला उम्मीदवार 2008 के चुनाव में थे उनकी संख्या 94 थी।

5. 2013 में 83 महिलाएं चुनाव लड़ी 2003 में 62 में भाग लिया।

 

6. 2003 में 615 उम्मीदवारों की जमानत जप्त हो गई 2008 में 871 की और 2013 में 796 की।

7. तीन चुनावों में से सबसे ज्यादा मतदान 2013 में हुआ 77.12 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट किया।

READ MORE: Chhattisgarh Pollpedia - छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना से जुड़ी 10 जरुरी बातें

8. 2008 में 70.51% प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया।

9. 2003 में 71.30% मतदाताओं ने वोटिंग किया।

10. 2003 में 15,767 मतदान केंद्र बनाए गए 2008 में 20,971 और 2013 में 21,802.


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/indian-regional/chhattisgarh-pollpedia-episode-2-election-candidates-and-votes-3381098/

जन्माष्टमी पर बनाएं ये फलाहार


जन्माष्टमी का त्योहार है तो आप भी श्रीकृष्ण को रिझाने के लिए व्रत तो रखेंगी। साधना और तपस्या उन घडिय़ों में आपका साथ निभाएंगे ये फलाहार -

कुट्टू-अखरोट के पकौड़े

सामग्री -

अखरोट की गिरी-2 कप
कुट्टू का आटा-3 बड़े चम्मच
बारीक कटी हरी मिर्च-एक बड़ा चम्मच
बारीक कटा हरा धनिया-एक बड़ा चम्मच
कुटी काली मिर्च-एक छोटा चम्मच
सेंधा नमक-स्वादानुसार
नींबू का रस-2 छोटे चम्मच
हरी चटनी-सर्विंग के लिए
पोदीना पत्ती-सजाने के लिए
घी-250 मिली

यूं बनाएं -

एक बड़े कटोरे में कुट्टू का आटा, हरी मिर्च, हरा धनिया, काली मिर्च, सेंधा नमक और नींबू का रस मिलाएं। आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर गाढ़ा घोल तैयार करें। घी को गरम करें। अब अखरोट की गिरियों को घोल में डुबोकर कुरकुरे होने तक तलें। कटोरे में निकाल कर पोदीना पत्ती से सजाएं और चटनी के साथ परोसें।

सामा केक

सामग्री -

उबले हुए सामा चावल-एक कप
उबली हुई अरबी-आठ से दस
अदरक पेस्ट-2 छोटे चम्मच
कटी हरी मिर्च-एक छोटा चम्मच
खरबूजे की गिरी-एक बड़ा चम्मच
सेंधा नमक-स्वादानुसार
दही-1/2 कप
काली मिर्च पाउडर-1/2 छोटा चम्मच
तेल-एक बड़ा चम्मच
हरा धनिया
अनार के दाने-सजाने के लिए

यूं बनाएं -

अरबी छीलकर मैश कर लें। उबले सामा चावल भी अच्छी तरह मैश कर लें। तेल को छोडक़र सारी सामग्री मिला लें। आवश्यकतानुसार थोड़ा पानी मिला लें। तैयार मिश्रण को दो-तीन घंटे के लिए रख दें। चिकनाई लगे केकटिन में डालकर ओवन में रखें और 180 डिग्री सें.ग्रे. पर 25 मिनट तक पकाएं। हरे धनिए और अनार के दानों से सजाएं।

तिलमिल पटेटो स्लाइसेस

सामग्री -

उबले आलू-2
सिंघाड़े का आटा-1/4 कप
धुले तिल-1/4 कप
सेंधा नमक-स्वादानुसार
काली मिर्च पाउडर-1/4 छोटा चम्मच
नींबू का रस-स्वादानुसार
तेल-1/4 कप

यूं बनाएं -

आलुओं को छीलकर पतले स्लाइस काट लें। सिंघाड़े के आटे में आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर घोल बना लें। घोल में सेंधा नमक और काली मिर्च मिलाएं। एक प्लेट में तिल फैला लें। प्रत्येक स्लाइस को घोल में डालकर तिल में लपेटें। चिकनाई लगे गर्म तवे पर चारों ओर थोड़ा-थोड़ा तेल छोड़ते हुए उलट-पलट कर सुनहरी होने तक सेकें। नींबू का रस निचोडक़र परोसें।

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पनीर से बने शाही समोसे से हड्डियां मजबूत


पनीर में कैल्शियम, मैग्नेशियम, फॉस्फोरस, जिंक प्रचुर मात्रा में होता है, जिससे हड्डियां मजबूत होने के साथ-साथ कैंसर से बचाव, पाचन तंदरुस्त और मधुमेह नियंत्रित रहता है।

सामग्री -

मैदा 2 कप
अजवायन एक चौथाई छोटी चम्मच
नमक आधा छोटी चम्मच
घी एक चौथाई कप
4 उबले कच्चे केले
एक चौथाई कप हरे मटर
100 ग्राम पनीर
10 -12 काजू
1 टेबल स्पून किशमिश
2-3 टेबल स्पून हरा धनिया
छोटी चम्मच जीरा
आधा छोटी चम्मच धनिया पाउडर
एक छोटी चम्मच अदरक पेस्ट
बारीक कटी हरी मिर्च
छोटी चम्मच से गरम मसाला
अमचूर पाउडर व लाल मिर्च पाउडर

समोसे का आटा तैयार करने के लिए

मैदा, घी, नमक और अजवायन डालकर आटे को थोड़ा थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथकर तैयार कर लें। गूंथें आटे को फर्मेंट होने के लिए ढककर आधा घंटे के लिए रख दें।

विधि -

स्टफिंग के लिए पनीर को क्यूबस में काट लें, केले मैश करें, काजू के टुकड लें। कढ़ाई में तेल डालकर गरम करके, तडक़े के लिए जीरा, अदरक, हरी मिर्च और मटर डालकर भूनें। धनियां पाउडर, पनीर के टुकड़े, केला, काजू, किशमिश, नमक, लाल मिर्च पाउडर, अमचूर पाउडर, गरम मसाला और हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिक्स होने तक भूनें। समोसे के आटे को मसलकर चिकना करें और छोटी लोई लेकर पतला 8-9 इंच में बेल लें। अब बेली पूरी को बीच से लम्बाई में 2 भागों में काटकर बांट लें। कटे एक किनारे के आधे भाग पर पानी लगाएं। दूसरे आधे भाग को उसके ऊपर रखते हुए कोन बनाकर उसमें स्टफिंग का मिश्रण भर दें। अब दोंनो किनारे मिलाकर चिपका लें। कढ़ाई में तेल डालकर धीमी आंच पर समोसे हल्के भूरे होने तक तले। गरमा-गरम टोमैटो सॉस और हरे धनिये की चटनी के इसके स्वाद का मजा ले सकते हैं।

बाजरे की कचौरी

सामग्री -

2 कप बाजरे का आटा
नमक
तीन चौथाई मटर
आधा बडा चम्मच टुकड़ों में पनीर
1 चम्मच कटा धनिया पत्ती
एक कटी हरी मिर्च
बारीक कटा एक टमाटर
एक चौथाई चम्मच लाल मिर्च पाउडर
तेल

विधि -

बाजरे के आटे में थोड़ा नमक और पानी डालकर गूंथ लें। अब एक भगोने में उबली मटर, पनीर, टमाटर, हरी मिर्च, हरा धनिया, लाल मिर्च पाउडर, नमक मिलाकर मिश्रण रख दें। अब दो छोटी पूरी बेल लें। एक पूरी पर भरावट के लिए मिश्रण रखें और दूसरी पूरी से कवर कर दें। अब पैन में कुछ बूंद तेल गर्म करें व कचौरी को दोनों तरफ से सेक लें।

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