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घर से एक किलोमीटर दूर इजरायली छात्रा की हत्या, बहन से कर रही थी वीडियो चैट


कैनबेरा। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। वहां एक इजारायली छात्रा की बेरहमी से हत्या कर दी गई। ये वारदात उस वक्त सामने आया जब छात्रा अपनी बहन के साथ वीडियो चैट कर रही थी। इस घटना के बारे में पुलिस ने गुरुवार को जानकारी दी।

एक राहगीर को मिला शव

ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कार्पोरेशन की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित लड़की शंघाई यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली अरबी-इजरायली छात्रा थी। अइया मासर्वे नाम की इस लड़की पर बुधवार सुबह हमला कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक उसका शव उत्तरी उपनगर बुंडूरा में ट्राम स्टॉप पर एक राहगीर को मिला।

शो देखकर लौट रही थी छात्रा

मामले की जांच करनेवाले अधिकारियों का मानना है कि उसपर 86 नंबर की ट्राम से उतरने के बाद अचानक से हमला किया गया, जिसमें उसकी मौत हो गई। ये हमला उसके घर से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर किया गया। बताया जा रहा है कि उस वक्त वो उत्तरी मेलबर्न में 'द कॉमिक्स लाउंज' शो देखकर लौट रही थी।

दुष्कर्म की संभावना की भी जांच कर रही है पुलिस

घटना के बारे में जानकारी देते हुए जासूस पुलिस निरीक्षक एंड्र्यू स्टांपर ने कहा कि मासर्वे बुधवार को रात लगभग 12.10 बजे अपनी बहन जो कि दूसरे देश में रह रही है उससे बात कर रही थी, तभी किसी ने उस पर हमला दिया। उन्होंने कहा कि हमले होने के बाद उसका फोन गिर गया जिससे वह अपनी बहन से दोबारा संपर्क नहीं कर सकी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और साथ ही लड़की की हत्या से पहले उसके साथ दुष्कर्म की संभावना की भी जांच कर रही है।

 

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अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया: पाकिस्तान पहुंचे अमरीका के विशेष दूत


अफगानिस्तान में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत जाल्मे खलीलजाद गुरुवार को पाकिस्तान पहुंचे। वह युद्ध से तबाह अफगानिस्तान में शांति बहाली की हालिया कोशिशों के मद्देनजर प्रमुख नेताओं और सैन्य अधिकारियों से बातचीत करेंगे। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमरीकी दूत पहले मंगलवार को यहां आने वाले थे लेकिन काबुल में बैठकों में शामिल होने के कारण उनके दौरे के कार्यक्रम में बदलाव किया गया।

उम्मीद है कि वह अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया, तालिबान के साथ वार्ता और अफगानिस्तान से अमरीकी सेना की वापसी के मसलों पर बातचीत करेंगे।

स्थानीय मीडिया ने पाकिस्तान में अमरीकी राजनयिकों के हवाले से बताया कि खलीलजाद शांति प्रक्रिया में अफगान तालिबान को शामिल करने को लेकर पाकिस्तानी अधिकारियों पर दबाव डाल सकते हैं।

अखबार के अनुसार, उन्होंने कहा कि अमरीकी विदेश विभाग की वरिष्ठ अधिकारी लीसा कुर्टिस भी बैठक में शामिल होंगी।

खलीलजाद ने पिछले महीने अबु धाबी में तालिबान के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। वह अफगानिस्तान में विवाद का हल तलाशने के मद्देनजर 8-21 जनवरी के दौरान बातचीत के लिए भारत, चीन, अफगानिस्तान और पाकिस्तान का दौरा कर रहे अंतर-एजेंसी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे हैं।

उनका यह दौरा अमरीकी राष्ट्रपति की ओर से अफगानिस्तान से 14,000 अमरीकी सैनिकों में से आधे की वापसी के संकेत दिए जाने के बाद हो रहा है।

ट्रंप ने पिछले दिनों यह कहते हुए भारत की आलोचना की थी कि भारत, अफगानिस्तान में शांति व स्थिरता लाने की दिशा में पर्याप्त कार्य नहीं कर रहा है।

इस पर नई दिल्ली की ओर से कहा गया कि भारत संयुक्त राष्ट्र के विशेष आदेश के सिवा अपनी सेना विदेश नहीं भेजता है।


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जल्द मिलेंगे ट्रंप-किम, उत्तर कोरिया के शीर्ष वार्ताकार वॉशिंगटन रवाना


अमरीका और उत्तर कोरिया के बीच जल्द ही दोबारा द्विपक्षीय वार्ता होने की संभवाना है। अमरीका के साथ परमाणु वार्ता के लिए उत्तर कोरिया के शीर्ष वार्ताकार किम योंग चोल गुरुवार को वॉशिंगटन पहुंच सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि गुरुवार को उनके पहुंचने के बाद किम योंग चोल अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और उतर कोरिया के लिए अमरीका के विशेष प्रतिनिधि स्टीव बिगन से शुक्रवार को मुलाकात कर सकते हैं।

सार्वजनिक नहीं हुईं हैं मुलाकात की जानकारियां

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह वाइट हाउस का दौरा करेंगे या नहीं। उत्तर कोरिया के शीर्ष वार्ताकार और वॉशिंगटन के अमरीकी अधिकारियों की मुलाकात की तारीखों की पुष्टि सिर्फ अमरीकी पक्ष की ओर से ही मीडिया को की गई। अमरीका, उत्तर कोरिया परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता से जुड़े एक सूत्र ने मीडिया को बताया कि यह बैठकें इस हफ्ते के अंत में होंगी। अभी इस बारे में कोई भी जानकारी सार्वजनिक तौर पर नहीं दी गई है।

ट्रंप की चिट्ठी

वाइट हाउस के प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि- 'बहुत सारी सकारात्मक चीजें हो रही हैं। ट्रंप और चेयरमैन किम जोंग उन ने अच्छे संबंध बनाए हैं और दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।' आपको बता दें कि इसी हफ्ते अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन को एक पत्र भी भेजा था। बीते सप्ताह उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने भी कहा था कि उनका देश अमरीका के साथ दूसरी बैठक को लेकर भरसक प्रयास करेगा। यही नहीं दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन ने ट्रंप, किम जोंग की बैठक के प्रति समर्थन जताते हुए कहा था कि यह एक टर्निग पॉइंट होगा, जिससे कोरियाई प्रायद्वीप में शांति सुनिश्चित होगी।


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बिहार: ट्रक से टकराई टूरिस्ट बस, हादसे में 10 पर्यटक घायल


नई दिल्ली। बिहार के सुपौल जिले से बड़ी खबर सामने आई है। यहां किशुनपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को हुए सड़क हादसे में 10 लोग घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब सुबह पर्यटकों से भरी एक टूरिस्ट बस ने सड़क के किनारे एक ट्रक में टक्कर मार दी। इस घटना में करीब 10 पर्यटक घायल हो गए। बस भूटान से गया जा रही थी।

करीब 10 पर्यटक घायल

किशुनपुर के थाना प्रभारी उदय कुमार ने बताया कि भूटान से पर्यटकों को लेकर गया जा रही एक टूरिस्ट बस ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 57 पर कोसी टॉल प्लाजा के समीप सड़क के किनारे खड़े एक ट्रक को टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि कोहरे के कारण हुए इस हादसे में करीब 10 पर्यटक घायल हो गए।

बस में करीब 60 यात्री सवार थे

उन्होंने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने सभी घायल पर्यटकों को स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा दिया है, जहां सभी कि हालत स्थिर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि इस बस में करीब 60 यात्री सवार थे, जो भूटान से बौद्घ संप्रदायों के प्रमुख तीर्थस्थल बोधगया जा रहे थे।

 

 


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दक्षिण कोरिया ने अपने रक्षा दस्तावेज से उत्तर के लिए हटाया ‘दुश्मन’ शब्द


प्योंगयांग। दक्षिण कोरिया ने अपने द्विवार्षिक रक्षा दस्तावेज में उत्तर कोरिया के लिए पहले इस्तेमाल होने वाले ‘दुश्मन’ शब्द को हटा दिया है। इसे प्योंगयांग के साथ सुलह करने की दक्षिण कोरियाई कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर अंतरराष्ट्रीय गतिरोध को खत्म करने के लिए वाशिंगटन और प्योंगयोंग नेताओं के बीच होने वाली दूसरी बैठक से ठीक पहले यह कदम उठाया गया है।

ये शब्द शत्रुता के कारण थे

दक्षिण कोरिया के मंगलवार को प्रकाशित हुए रक्षा श्वेत पत्र में उत्तर कोरिया के लिए ‘दुश्मन’, ‘मौजूदा दुश्मन’ या ‘प्रमुख दुश्मन’ जैसे शब्द को हटा दिया गया है। ये शब्द कोरियाई देशों के बीच शत्रुता का एक कारण रहे हैं। दरअसल सदियों से दोनों के बीच करवाहट और दूरियां इतनी बढ़ गई थी कि उसे पाटने के लिए खुद अमरीका को पहल करनी पड़ी। युद्ध के खतरों से हमेशा ये देश प्रभावित रहे हैं। बीते सालों में उत्तर कोरिया के तानाशाह ने कई परमाणु परीक्षण किए थे। जिसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। दक्षिण कोरिया ने पहली बार उत्तर कोरिया को 1995 में अपने दस्तावेज में ‘प्रमुख दुश्मन’ बताया था, जिसके एक साल बाद ही उत्तर कोरिया ने सियोल को ‘आग के दरिया’ में बदलने की धमकी दी थी।

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13 बार चाकुओं का हमला झेल चुके बॉयफ्रेंड ने कोर्ट से मांगी भीख, कहा- शादी करने से पहले फैसला न सुनाएं


मास्को। रूस की कोर्ट में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे।एक महिला पर आरोप है कि उसने बॉयफ्रेंड पर करीब 13 बार चाकू से हमला कर उसे गोद डाला था। महिला ने इतने वार किए थे कि बॉयफ्रेंड का बचना मुश्किल था। मगर सही समय पर इलाज मिलने के कारण उसकी जान बचा ली गई। इसके बावजूद बॉयफ्रेंड ने अदालत में अपनी गर्लफ्रेंड को सजा न देने की भीख मांगी है। उसका कहना है कि कोर्ट अभी कोई फैसला न सुनाए ताकि वह अपनी शादी की तारीख तय कर सके। इस मामले में कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए सुनवाई की अगली तारीख तक इंतजार करने को कहा है।

युवक की हालत बहुत खराब हो गई थी

गौरतलब है कि महिला ने चाकुओं से इतने वार किए थे उसके बॉयफ्रेंड को करीब तीन सप्ताह तक अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। सरकारी वकील का कहना है कि इस दौरान युवक की हालत बहुत खराब भी हो गई थी। ऐसे में वह इस मामले में कोर्ट से महिला को छह साल की सजा सुनाने की अपील करते हैं। इस दौरान महिला ने कोर्ट के सामने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि वह उस समय काफी नशे में थी जब उसने यह कृत किया था। ऐसे में उसकी हालत को देखते हुए उसे रियायत मिलनी चाहिए। उसने कहा कि वह अपने बॉयफ्रेंड को मारना नहीं चाहती थी। अभी तक दोनों बीच हुई उस बात का खुलासा नहीं हुआ है, जिसके कारण महिला ने चाकू से हमला किया था।

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पेंटागन मेक्सिको सीमा पर सैनिकों की तैनाती की अवधि बढ़ाएगा पेंटागन


 मेक्सिको से लगी सीमा पर सक्रिय-ड्यूटीवाले अमरीकी सैनिकों की तैनाती को सितंबर तक बढ़ाया जा सकता है। पेंटागन ने इसकी घोषणा की है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पेंटागन के सीमा मिशन को पहले 15 दिसंबर को समाप्त होना था और बाद में रक्षा विभाग ने इसे बढ़ाकर जनवरी तक कर दिया।

पेंटागन ने कहा कि 'डिपार्टमेंटऑफ होमलैंड सिक्योरिटी' के अनुरोध पर पेंटागन का 'सहयोग' 30 सितंबर तक जारी रहेगा और यह सहायता मोबाइल निगरानी व जांच और प्रवेश द्वारों के बीच कंटीली तार लगाने पर केंद्रित होगा।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वर्तमान में सीमा पर कितने सैनिक तैनात हैं या सैनिकों की संख्या में कितना बदलाव होने के आसार हैं। पेंटागन ने इस संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स में पेंटागन के हवाले से कहा गया है कि- अमरीका-मेक्सिको सीमा मामले पर सेना नई और पहले से बड़ी भूमिका निभाने जा रही है। अधिकारियों के अनुसार- गृह सुरक्षा विभाग के अनुरोध पर पेंटागन प्रवेश के आधिकारिक बंदरगाहों के बीच सुरक्षा कैमरे चलाने और लगभग 240 किलोमीटर लंबी कॉन्सर्टिना तार बिछाने के लिए अतिरिक्त जवान मुहैया कराने को भी तैयार है।

रिपोर्ट के अनुसार- सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा कर्मियों की मदद के लिए सेना विमान सेवा मुहैया कराना भी जारी रखेगी। कार्यवाहक रक्षा मंत्री पैट शनाहन के इस योजना को मंजूरी देने के बाद एक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि पेंटागन ने अभी इस बात पर फैसला नहीं किया कि अतिरिक्त कार्य के लिए कितने जवानों की जरूरत होगी। बता दें, सीमा अभियान पर अभी लगभग 2350 सक्रिय-ड्यूटी जवान तैनात हैं।


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इंडोनेशिया में दुर्घटनाग्रस्त विमान का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर मिला


इंडोनेशियाई खोजी दलों ने सोमवार को लॉयन एयर विमान का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर बरामद कर लिया। विमान अक्टूबर 2018 में जावा समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें सवार सभी 189 यात्रियों की मौत हो गई थी। मृतकों में विमान के भारतीय कैप्टन भी शामिल थे।

बरामद किए गए कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर के डेटा से जांचकर्ताओं को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किस कारण बोइंग 737 मैक्स 8 जेटलाइनर जकार्ता से उड़ान भरने के कुछ मिनटों बाद ही समुद्र में गिर गया। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर विमान का दूसरा रिकॉर्डर होता है, जिसे 'ब्लैक बॉक्स' भी कहा जाता है।

भारतीय कैप्टन भव्य सुनेजा विमान के पायलट थे। विमान 29 अक्टूबर को पंग्कल पीनंग शहर की छोटी यात्रा पर था। पायलट ने विमान को वापस हवाईअड्डे पर लाने की आज्ञा मांगी थी, जिसके चंद मिनट बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान केवल दो महीने पुराना था।

विमान का पहला ब्लैक बॉक्स फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर नवंबर में बरामद किया गया था, जो जावा समुद्र तल पर विमान के मलबे में दबा हुआ था।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में इंडोनेशियाई नौसेना के हाइड्रोग्राफी एंड ओशनोग्राफी सेंटर के प्रमुख रियर एडमिरल हरजो सुसमोरो के हवाले से कहा गया है कि- ‘नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी कमेटी की सहायता से सेंटर ने कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर बरामद किया है।‘

 

अधिकारी के अनुसार- रिकॉर्डर नौसेना के एक गोताखोर की ओर से सुबह करीब 8:40 बजे बरामद किया गया। जावा समुद्र में मजबूत लहरों ने खोज अभियान के साथ-साथ दुर्घटना की तीव्रता को और जटिल बना दिया, जिसके कारण विमान का मलबा जकार्ता के पास तट के गहरे पानी में इधर-उधर फैल गया।

छोटा, चमकीला नारंगी उपकरण समुद्र के अंदर 108 फुट की गहराई में पाया गया। यह कीचड़ में दबा हुआ था। जांच से पता चलता है कि लॉयन एयर ने विमान को सेवा में वापस रख लिया था, जबकि पहले से ही इसकी उड़ानों में समस्या आ रही थी। जांचकर्ताओं के अनुसार- विमान उड़ने लायक नहीं था और इसे वापस उतारा जाना चाहिए था।


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बोलीविया से इटली लाया जाएगा भगोड़ा आतंकवादी सीजर बैटिस्टी, 70 के दशक में कई हत्याओं का जिम्मेदार


रोम। पूर्व कम्युनिस्ट आतंकवादी सीजर बैटिस्टी को इटली वापस लाया जाएगा। बोलीविया के अधिकारियों ने सीजर बैटिस्टी को इतालवी अधिकारियों को सौंप दिया। रविवार को बैटिस्टी को हवाई जहाज से रोम के लिए रवाना कर दिया गया। बता दें कि हाल में ही एक अंतरराष्ट्रीय पुलिस दस्ते ने बोलीविया से उसे पकड़ लिया। बाद में उसे बोलीविया में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। 64 साल के बैटिस्टी को बोलीविया के सांताक्रूज़ डे ला सिएरा शहर में गिरफ्तार किया गया था। ब्राजील के नव निर्वाचित राष्ट्रपति बोल्सनरो, जिन्होंने 1 जनवरी को पदभार संभाला था, ने घोषणा की थी कि यदि वह निर्वाचित होते हैं तो वे इटली के पक्ष में बैटिस्टी का तुरंत प्रत्यर्पण करेंगे।

इटली आएगा भगोड़ा आतंकी

बोलीविया के स्थानीय अधिकारियों द्वारा 64 वर्षीय भगोड़े आतंकी को उनके इतालवी समकक्षों को सौंपने के तुरंत बाद लोकल टाइम के अनुसार शाम 5:00 बजे उसे हवाई जहाज से बोलिविया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से रोम लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इटली के गृह मंत्री माटेओ साल्विनी ने ट्वीट किया, "बैटिस्टी को लेकर हवाई जहाज अभी इटली के लिए रवाना हुआ है। मुझे इस बात का गर्व और खुशी है।" इतालवी राज्य पुलिस ने कहा कि इटली के खुफिया विभाग की मदद से इतालवी और बोलिवियाई अधिकारियों की एक संयुक्त टीम द्वारा चलाए गए ऑपरेशन में शनिवार देर रात सांताक्रूज में बैटिस्टी को गिरफ्तार कर लिया गया। बैटिस्टी लगभग चार दशक से फरार था। 1979 में कम्युनिज्म समूह के लिए गैरकानूनी सशस्त्र सर्वहारा वर्ग से संबंधित होने के कारण उसे जेल भेज दिया गया था। 1970 के दशक में उस पर इटली में कई हत्याओं का दोषी पाया गया था ।

इटली को बड़ी सफलता

इटली ने बार-बार ब्राज़ील से बैटिस्टी के प्रत्यर्पण की मांग की थी। अनुमान लगाया जाता है कि वह ब्राजील के पूर्व वामपंथी राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा के संरक्षण में वर्षों से रह रहा था। इटली के आंतरिक मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि कुछ साल पहले 64 साल के बैटिस्टी को एक झूठी दाढ़ी और मूंछ में कथित रूप से पकड़ा गया था। लेकिन उसे संघर्ष के बिना छोड़ दिया गया था। इटली के प्रधानमंत्री ग्यूसेप कोंटे ने फेसबुक पर पोस्ट किया, "मैंने अभी हाल ही में ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसनारो से टेलीफोन पर बात की। मैं पूरी इतालवी सरकार की ओर से उन्हें प्रभावी सहयोग के लिए धन्यवाद देना चाहता था।"

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सूडान में सड़क दुर्घटना, 14 लोगों की मौत


खार्तूम। पश्चिमी सूडान में रविवार को सड़क दुर्घटना में 14 लोगों की मौत हो गई। बयान के मुताबिक, यह दुर्घटना उत्तरी दार्फूर और पश्चिमी कोरडोफान के बीच सीमा पर वेस्टर्न साल्वेशन रोड पर हुई। उम कडाडा के आयुक्त मोहम्मद ओस्मान ने कहा कि घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। अभी घायलों की सही संख्या का पता नहीं चल पाया है। उन्होंने बताया कि एक यात्री बस के पार्किंग में खड़े ट्रक से टकराने की वजह से यह दुर्घटना हुई।

दुर्घटनाओं में लोगों की मृत्यु दर सबसे ज्यादा

इससे पहले भी सूडान के उत्तरी दार्फूर प्रांत में ही एक सड़क दुर्घटना में 16 लोगों की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हो गए थे। यह दुर्घटना उत्तरी दार्फूर शहर की राजधानी अल फेशर के पूर्व में वेस्टर्न साल्वेशन सड़क पर हुई, जहां एक छोटा वाहन विपरीत दिशा से आ रही एक यात्री बस से टकरा गया। सूडान उन देशों में शामिल है, जहां सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की मृत्यु दर सबसे ज्यादा है। यहां लापरवाही से वाहन चलाने, खराब सड़क व यातायात प्रणाली की वजह से लोग सड़क दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। सूडान के गृह मंत्री ने हाल ही में कहा था कि उनका मंत्रालय सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में काम कर रहा है, जिसके अंतर्गत देश के राजमार्गो पर वाहनों की गति पर नजर रखने के लिए रडार लगाए जा रहे हैं।

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ट्रंप ने तुर्की को दी धमकी, कहा- अगर कुर्दों के इलाके पर हमला किया तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम


नई दिल्ली। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को तुर्की को आर्थिक रूप से बर्बाद करने की धमकी दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि अगर तुर्की कुर्द पर हमला करता है तो वह उसे आर्थिक रूप से तबाह कर देंगे। इस दौरान उन्होंने सीरिया मामले को लेकर भी टिप्पणी की। ट्रंप ने कहा कि सीरिया में सेना को वापस बुलाने का काम शुरू कर दिया गया है, बीते काफी समय से इस काम को किया जाना था।

सीरिया में दोबारा हमला करेंगे

उन्होंने कहा कि सीरिया में आईएस के बचे हुए हिस्से को खत्म करने के साथ-साथ उन्होंने सेना को यहां से वापस बुलाना शुरू कर दिया है। इस पूरे क्षेत्र में आईएस के स्थानीय खलीफा और हर तरफ से नुकसान पहुंचाया गया है। ट्रंप ने कहा कि अगर सीरिया में एक बार फिर से आईएस अपने पैर फैलाता है तो फिर से इस क्षेत्र पर हमला किया जाएगा। इसी तरह अगर तुर्की ने कुर्द पर हमला किया तो वह उसे आर्थिक रूप से पूरी तरह से बर्बाद कर देंगे। इस पूरे क्षेत्र में 20 मील तक सुरक्षित क्षेत्र का निर्माण किया गया है,वह नहीं चाहते हैं कि तुर्की के खिलाफ कुर्द का गुस्सा भड़के।

सेना से मतभेद देखने को मिला

गौरतलब है कि तुर्की कुछ कुर्द संगठनों को आतंकी संगठन मानता है। कुर्द सीरिया, ईराक, ईरान और तुर्की के हिस्सो में मुख्य रूप से रहते हैं जोकि सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद के कार्यकाल में सिविल वॉर में अमरीका की साझा सेना का हिस्सा थे। इससे पहले अमरीका ने सीरिया से अपनी सेना को वापस बुलाने का ऐलान कर दिया था। ट्रंप के इस ऐलान के बाद ट्रंप और सेना के बीच मतभेद देखने को मिला था।

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70 साल बाद रेप के आरोप से बरी हुए चार अश्वेत, सरकार ने मांगी माफी


नई दिल्ली। फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डिसाटिस और कैबिनेट ने वर्ष 1949 में एक श्वेत महिला के रेप और हत्या के मामले में चार अश्वेत लोगों को निर्दोष बताया है। ग्रोवलैंड चार नाम से मशहूर इस मामले में एक महिला के साथ चार अश्वेतों को दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया था। इस मामले में एक अश्वेत की जेल में ही मौत हो गई थी। आरोप है कि पुलिस ने उसको गुनाह कबूलने के लिए कठोर यातनाएं दी थीं। वहीं तीन अश्वेत को आजीवन कारावास की सजा काटनी पड़ी। कैबिनेट का कहना है कि महिला के साथ बलात्कार की पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में वह सभी आरोपियों को आरोप मुक्त करते हैं। इस तरह मामले के सभी आरोपियों की मौत हो चुकी है। उनके परिवार वालों का कहना है कि पुलिस ने चारों को काफी यातनाएं दीं और उन्हें बिना किसी अपराध के लंबी सजा काटनी पड़ी।

चार लोगों ने गनप्वाइंट पर बलात्कार किया

बताया जाता है कि 17 साल की लड़की ने अपने बयान में कहा था कि उसे कार में खींच लिया गया और उसके साथ चार लोगों ने गनप्वाइंट पर बलात्कार किया। जबकि इस दौरान महिला वीलचेयर पर थी। इस बयान ने मामले को पलट दिया। कैबिनेट के अनुसार इन चार युवकों ने बलात्कार किया, इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं था। इन्हें मार पीट कर गुनाह कबूल कराया गया। दरअसल महिला के साथ रेप हुआ ही नहीं था। यह मामला आपसी रंजिश का था,जिसमें इन युवकों को फंसाया गया था। इस मामले में सरकार ने पीड़ित परिवार से माफी मांगते हुए उनकी हर संभव सहायता करने को कहा है।

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घर से भागी सऊदी महिला को आस्ट्रेलिया में शरण की पेशकश, थाई अधिकारी ने दी जानकारी


बैंकॉक। परिवार की प्रताड़ना से बचने के लिए थाईलैंड भाग कर आई 18 वर्षीय सऊदी महिला की कहानी में नया ट्विस्ट आया है। जानकारी के मुताबिक अब उसे ऑस्ट्रेलिया में शरण देने की पेशकश की गई है। थाई आव्रजन के एक अधिकारी ने शुक्रवार को इस बारे में बताया।

कनाडा ने भी शरण देने का दिया प्रस्ताव

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आव्रजन पुलिस प्रमुख सुराचेत हाकपर्न ने बताया, 'हां, ऑस्ट्रेलिया ने उसे शरण दी है, लेकिन हम यह जानने के लिए इंतजार कर रहे हैं कि वास्तव में वह कहां जा रही है।' हाकपर्न ने कहा कि कनाडा ने भी रहाफ मोहम्मद अल-कुनून को शरण की पेशकश की है। वे उसके फैसले का इंतजार कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने बुधवार को कूनुन के संरक्षण अनुरोध को आस्ट्रेलिया को दिया था, हालांकि अब से पहले इसकी पुष्टि नहीं की गई थी कि कनाडा भी उसके मामले पर विचार कर रहा था।

जल्द छोड़ेंगी थाईलैंडः अधिकारी

हाकपर्न ने कहा कि बैंकॉक में एक अज्ञात स्थान पर रह रही कुनून अंतिम फैसला होते ही जल्द से जल्द थाईलैंड छोड़ देगी। उन्होंने मीडिया को बताया कि हम उसे आवश्यक सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। फिलहाल ऑस्ट्रेलियाई गृह विभाग ने इस मामले पर प्रगति के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है। गौरतलब है कि कुनून ने अपने परिवार से बचने के लिए कुवैत से थाईलैंड के लिए उड़ान भरी थी। उसका कहना था कि उसे डर है कि वे उसे मार देंगे क्योंकि उसने इस्लाम त्याग दिया है। वह ऑस्ट्रेलिया के लिए उड़ान लेना चाहती थी, लेकिन थाई आव्रजन अधिकारियों द्वारा उसे मध्य पूर्व वापस भेजने का प्रयास करने पर उसने खुद को बैंकॉक हवाईअड्डे के एक होटल के कमरे में खुद को बंद कर लिया था।

 

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आर्थिक संकट के बीच दूसरी बार वेनेजुएला के राष्ट्रपति बने निकोलस मादुरो


कराकस। वेनेजुएला में भयानक आर्थिक संकट के बीच राष्ट्रपति निकोलस मादुरो गुरुवार को अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन पर पद छोड़ने का दबाव था। एक दर्जन लैटिन अमरीकी देशों की सरकारों और कनाडा ने मादुरो के अगले कार्यकाल को खारिज कर दिया है, जबकि अमरीका ने उनकी सरकार के शीर्ष अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

राष्ट्रपति का समर्थन किया

क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल और बोलीविया के राष्ट्रपति इवो मोरालेस अपना समर्थन जताने के लिए कराकस पहुंचे। चूकिं देश में चल रही आर्थिक तंगी,अत्याधिक महंगाई और बढ़ती तानाशाही के बीच मादुरो की प्रसिद्धि से बड़े पैमाने पर लोगों का पलायन शुरू है, जबकि सरकारी अनुदान प्राप्त करने वाले उनके समर्थकों ने राष्ट्रपति का समर्थन किया है।

मादुरो के शासन से उम्मीद खो चुके हैं

सरकारी अनुदान में मिले चावल,आटा और खाना पकाने के तेल पर जीवित दो बच्चों की 43 वर्षीय मां फ्रांसिस वेलाज़्केज़ के अनुसार यह राष्ट्रपति की गलती नहीं है। वेलाज़्केज़ ने उन अवसरवादियों को दोषी ठहराया है, जो दुर्लभ वस्तुओं की कीमतें बढ़ाकर उनके जैसे अन्य परिवारों के लिए जीवन कठिन बना रहे हैं। वहीं दूसरी ओर,निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले रेमन बरमूडेज़ पेशे से मजदूर हैं। वे मादुरो के शासन से उम्मीद खो चुके हैं। उनका कहना है कि अब सब कुछ ईश्वर पर छोड़ दिया है और ईश्वर से मदद की प्रार्थना करता हूं। इससे पहले मादुरो ने बुधवार को एक मीडिया सम्मेलन में कहा कि न पहले, न अब, और न ही वेनेजुएला में कभी तानाशाही होगी।

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ऑस्ट्रेलिया: एक ही दिन में कई दूतावासों में भेजे गए संदिग्ध पैकेट, आरोपी गिरफ्तार


कैनबेरा। ऑस्ट्रेलिया में राजनयिक मिशनों को संदिग्ध पैकेट भेजने के संदेह पर एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 48 वर्षीय इस व्यक्ति को बुधवार रात विक्टोरिया के शेपार्टन से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक बयान में बताया गया है कि शख्स पर दूतावासों में 'डाक सेवा द्वारा खतरनाक लेख भेजे जाने' का आरोप है।

हो सकती है दस साल की कैद

आपको बता दें कि इसके लिए अधिकतम 10 साल की कैद की सजा सुनाई जा सकती है। उसे गुरुवार को अदालत में पेश किया जाना था। इस संदिग्ध ने मेलबर्न, कैनबरा और सिडनी में स्थित दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में 38 पार्सल भेजे थे। माना जा रहा है कि यह पैकेट खतरनाक एस्बेस्टस युक्त हैं जिसे उसके घर से लाया गया था।

इन दूतावासों पर भेजे गए थे पार्सल

पुलिस ने 29 पैकेटों को बरामद कर लिया है और इसकी सामग्री की सटीक संरचना निर्धारित करने के लिए फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। बयान में कहा गया है कि पुलिस बाकी पैकेटों को प्राप्त करने की कोशिश कर रही है और इससे जनता को कोई खतरा नहीं है। पैकेट बुधवार को भारत, अमरीका, ग्रीस, फ्रांस, इटली, हांगकांग, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, दक्षिण कोरिया और स्विट्जरलैंड के वाणिज्य दूतावासों को भेजे गए थे।


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महिला के सामने बंदूक तानी, पड़ गया मुसीबत में, मांगता रहा जान की भीख


ब्रासीलिया। ब्राजील में एक शख्‍स को महिला के साथ छेड़छाड़ करना भारी पड़ गया। महिला के गुस्से के शिकार व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। दरअसल घर के बाहर कैब का इंतजार कर रही महिला को चोर ने बंदूक दिखाकर लूटना चाहा और छेड़छाड़ करने की कोशिश की। मगर चंद मिनट में ही चोर को समझ में आ गया कि उसने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया है। महिला ने इस दौरान उस पर मुक्के की बरसात कर डाली। इससे वह लहूलुहान हो गया। यूएफसी (अल्टीमेट फाइटिंग चैपियनशिप) फाइटर पोलीयाना वियाना ने चोर को पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस ने उसे अस्‍पताल में भर्ती करा दिया है।

मुक्के की बरसात कर दी

फाइटर पोलीयाना रात में अपने घर के बाहर कैब का इंतजार रह रही थीं। इसी दौरान उनके पास एक शख्‍स आया और उसने टाइम पूछा। पोलीयाना ने जैसे ही मोबाइल निकाला चोर ने उस पर बंदूक तान दी। बंदूक दिखाकर शख्‍स ने पोलीयाना को लूटना चाहा। इसके बाद चोर की शामत आ गई। पोलीयाना को शख्‍स पर इस कदर गुस्‍सा आया कि उन्‍होंने चोर पर मुक्‍कों की बरसात कर दी। घायल हालत में चोर को अस्‍पताल में भर्ती कराना पड़ा।

बंदूक से नहीं डरीं

यूएफसी प्रेसीडेंट दाना वाइट ने एक तस्वीर शेयर कर पोलियाना की काफी तारीफ की है। वाइट ने कहा कि पोलीयाना ने जिस साहस और बहादुरी का परिचय दिया है उसे देखकर उन्हें काफी गर्व है। पोलियाना बंदूक देखकर भी पीछे नहीं हटीं और लगातार चोर पर मुक्‍के बरसाती रहीं।

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इस्लाम छोड़ने वाली सऊदी की युवती को मानवीय शरण दे सकता है ऑस्ट्रेलिया


सिडनी। इस्लाम छोड़ने पर परिवार द्वारा हत्या की आशंका ने सऊदी अरब की 18 वर्षीय युवती रहाफ को लेकर ऑस्ट्रेलिया ने बुधवार को कहा कि वे उसे मानवीय शरण दे सकता है। गौरतलब है कि रियाद और उसके परिवार की ओर से उसे घर वापस बुलाने की लगातार कोशिश की जा रही है। युवती फिलहाल संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार एजेंसियों की देखरेख में है।

वीजा देने को लेकर गंभीरता से विचार कर रहे

सोशल मीडिया पर युवती रहाफ मोहम्मद अलकुनान ने आशंका व्यक्त की थी कि सऊदी अरब वापस जाने पर परिवार वाले उसकी हत्या कर देंगे। इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे अभियान के बाद ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को इस संबंध में बयान जारी कर कहा था कि वह युवती को अपने यहां शरण देने पर विचार कर रहा है। इसे लेकर ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट ने कहा कि एक शरणार्थी के तौर पर वे उसे मानवीय वीजा देने को लेकर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। हंट ने कहा कि उन्होंने देर शाम क्यून के मामले के बारे में आव्रजन मंत्री डेविड कोलमैन से मंगलवार को बात की थी।

कमरे में खुद को बंद कर लिया

गौरतलब है कि युवती ने कहा है कि वह सऊदी अरब से ऑस्ट्रेलिया जा रही थी,लेकिन थाई और सऊदी अधिकारियों द्वारा उसे रोक दिया गया था। उसकी दयनीय हालत पर लोगों का ध्यान तब गया जब उसने निर्वासन से बचने के लिए बैंकाक हवाई अड्डे के होटल के कमरे में खुद को बंद कर लिया। थाई अधिकारियों ने शुरूआत में कहा था कि उसे वापस भेज दिया जाएगा, लेकिन सोशल मीडिया पर इस मामले के तूल पकड़ने के बाद उन्होंने अपने फैसले को बदल लिया। पीटर डुटन ने बुधवार को कहा कि इस मामले को वह विशेष मामले की तरह नहीं देख रहे हैं,लेकिन कोई भी इस युवती को संकट में नहीं देखना चाहता है और वो इस वक्त थाईलैंड में सुरक्षित है।

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मेलबर्न में भारतीय दूतावास के बाहर मिला संदिग्ध सामान, सुरक्षा एजेंसी हुईं अलर्ट


मेलबर्न। आॅस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में मंगलवार को एक साथ दस दूतावास के बाहर संदिग्ध पैकेट मिले हैं। इनमें भारतीय दूतावास भी शामिल है। इस तरह के पैकेट मिलने की खबरों के बाद आॅस्ट्रेलिया की सुरक्षा एजेंसी अलर्ट हो गई हैं। देर शाम तक सभी दूतावास के बाहर भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई। करीब एक दर्जन एंबुलेंस और फायर फाइटर यहां लगा दिए गए हैं।

इन पैकटों को ढूंढ़ने में लगी पुलिस

पुलिस के अनुसार सभी पैकटों की जांच की जा रही है। मेट्रोपोलिटन फायर ब्रिगेड लगातार पुलिस के साथ इन पैकटों को ढूंढ़ने में मदद कर रही है। इस तरह के पैकेट जर्मन, यूके, इटालियन, स्विस, पाकिस्तान, ग्रीस, इंडोनेशिया दूतावास के पास भी पाए गए हैं। सभी दूतावास के बाहर सफेद रंग का पाउडर पाया गया। आॅस्ट्रेलियाई सरकार के अनुसार इन सभी पकैटों को एकत्र कर जांच के लिए भेज दिया गया है। यह पहला मौका है जब एक साथ सभी दूतावास के सामने इस तरह का संदिग्ध सामान पाया गया। अभी तक किसी तरह की अनहोनी की कोई खबर नहीं है।

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नार्वे की पीएम ने मोदी से की मुलाकात, आतंकवाद के मुद्दे पर सहयोग की अपील की


नई दिल्ली। नॉर्वे के प्रधानमंत्री एर्ना सोलबर्ग ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार, बहुपक्षीय निर्यात, नियंत्रण व्यवस्था और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर सहयोग और सहमति पर चर्चा हुई। इससे पहले मीडिया से बातचीत के दौरान सोलबर्ग ने कहा कि भारत और पाकिस्तान बड़े देश हैं और वे बगैर किसी बाहरी मदद के खुद ही द्विपक्षीय तनावों को कम कर सकते हैं। दिल्ली में नार्वे के दूतावास में एक नए हरित परिसर का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने यह बाते कहीं।

प्रक्रिया वार्ता के साझेदार देश ही तय करेंगे

न्होंने कहा कि अगर व्यापक वार्ता के लिए भारत और पाकिस्तान में कोई गतिविधि हो रही है तो अन्य देश मदद कर सकते हैं लेकिन उसकी प्रक्रिया वार्ता के साझेदार देश ही तय करेंगे। भारत में नियुक्त नॉर्वे के राजदूत निल्स रैगनर काम्सवाग ने बाद में एक ट्वीट में यह स्पष्ट किया कि सोलबर्ग ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थ बनने की पेशकश नहीं की है। जब सोलबर्ग से यह पूछा गया कि क्या कश्मीर घाटी में सैन्य समाधान संभव है, तो उन्होंने जवाब दिया कि वह व्यक्तिगत रूप से यह नहीं मानती कि सैन्य तरीके से समस्याओं का हल हो सकता है।

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विश्व बैंक प्रमुख का इस्तीफा, ट्रंप कर सकते हैं उत्तराधिकारी का चुनाव


संयुक्त राष्ट्र। विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम योंग किम ने ऐलान किया है कि वह संस्था के प्रमुख के पद से इस्तीफा दे रहे हैं। इस आशय की खबर बाहर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस पद पर उनके उत्तराधिकारी का चुनाव कर सकते हैं। ट्रंप की भूमिका से विश्व बैंक के प्रमुख पद पर नियुक्ति के लिए अमरीका के एकाधिकार को लेकर चुनौतियां एक बार फिर मजबूत होने की संभावना है।

विश्व बैंक प्रमुख का इस्तीफा

किम ने सोमवार को अपने फैसले का ऐलान करते हुए ट्वीट कर कहा, "इस बेहतरीन संस्थान के समर्पित स्टाफ का नेतृत्व करने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात रही। बता दें कि किम एक फरवरी को यह पद छोड़ रहे हैं। किम एक निजी कंपनी से जुड़ेंगे और विकासशील देशों के बुयिनादी ढांचागत निवेश पर ध्यान केंद्रित करेंगे। बताया जा रहा है बैंक की सीईओ क्रिस्टालिना जियोरजिवा तब तक इस पद पर अंतरिम अध्यक्ष के रूप में तब तक बनी रहेंगी, जब तक इस पद के लिए नई नियुक्ति नहीं हो जाती। आपको बता दें कि बैंक के सबसे बड़े शेयरधारक होने की वजह से अमरीका परंपरा के अनुरूप वर्ल्ड बैंक के प्रमुख की नियुक्ति करता है जबकि यूरोपीय देश अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रमुख का चुनाव करते हैं। इसी के तहत किम को 2012 में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस पद पर नामित किया था।

ट्रंप को मिलेगा मौका

ट्रंप के चुनाव से पहले किम को दूसरे कार्यकाल के लिए सितंबर 2016 में दोबारा नियुक्त किया गया। जुलाई 2017 में किम को दोबारा वर्ल्ड बैंक में नियुक्त किया गया। अब उनके इस्तीफे के बाद ट्रंप को विश्व बैंक के प्रमुख पद के लिए उम्मीदवार को नामित करने का अवसर मिलेगा।189 सदस्यीय विश्व बैंक के नेतृत्व के द्वितीय विश्व युद्ध के बाद होने वाले अध्यक्ष का फैसला हमेशा अमरीका लेता रहा है। बता दें कि पीछे चुनाव में कोलंबिया के अर्थशास्त्री जोस एंटोनियो ओकाम्पो गाविरिया इस दौड़ से बाहर हो गए थे जबकि नाइजीरिया के तत्कालीन वित्त मंत्री नगोजी ओकोन्जो इवेला किम से चुनाव हार गए थे।

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