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MP BUDGET की 10 वो बड़ी बातें, जो आपके लिए जानना जरूरी हैं


भोपाल। निवेश को उच्च स्तर तक पहुंचाने को अपना उद्देश्य बताते हुए वित्त मंत्री जयंत मलैया ने सदन में बजट पेश करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश दूसरी बार राष्ट्रीय विकास दर में आगे है। इस बार बजट में सातवें वेतनमान से लेकर उच्च शिक्षा के बजट में बढ़ोत्तरी तक और नई सिंचाई परियोजनाओं से लेकर कैशलेस सिस्टम को बढ़ावा देने तक की बातें वित्त मंत्री ने कही हैं। आइए एक नजर डालते हैं मध्य प्रदेश सरकार के बजट 2017-18 की 10 बड़ी बातों पर। 

1 - बनेंगे 9 नए इंडस्ट्रियल एरिया
प्रदेश में नवीन उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ ही इस बार 10 हजार लोगों को बजट से फायदा भी मिलेगा। सरकार ने प्रदेश में 9 नए इंडस्ट्रियल एरिया बनाने के लिए 161 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। स्मार्ट सिटी के पहले फेज के लिए 700 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आईटी पार्क बनाने के लिए 58 करोड़ रुपए के बजट प्रावधान को मंजूरी मिली है। 




2 - मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी
1 जुलाई 2017 से प्रदेश के 8 लाख कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। वित्त मंत्री जयंत मलैया ने इसके लिए भी बजट में ऐलान किया है। हालांकि एरियर कब से जुड़कर मिलेगा इस बारे में अभी भी कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है।

3 - उच्च शिक्षा का बजट बढ़ा
इस बार उच्च शिक्षा के बजट में बढ़ोत्तरी हुई है। 2965 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी गई है। प्रदेश में 7 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे प्रदेश में 7 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। जिनके इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 115 करोड़ का प्रावधान है। प्राथमिक शिक्षा के लिए 3400 करोड़ रुपए का प्रावधान है। 




4 - लागू होंगा एनसीईआरटी का सिलेबस
राष्ट्रीय शिक्षा मिशन ने लिए 742 करोड़ का प्रावधान के साथ ही इस बात का ऐलान किया गया है कि कक्षा 1 से 11 तक एनसीईआरटी की बुक्स ही मान्य होगी। प्राइमरी शिक्षा के लिए 3400 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान है। इसके अलावा सरकार ने आगामी वर्ष में 520 हाईस्कूल और 240 नए हायर सेकेंडरी स्कूल खोलने का ऐलान किया है। इसके अलावा 36000 नए शिक्षकों की भर्ती को भी मंजूरी मिली है।

5- शुरू होगी मेधावी छात्र योजना
इस बार बजट में 1000 करोड़ की मेधावी छात्र योजना को भी हरी झंडी दे दी गई है। इस योजना के मुताबिक 12वीं में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले प्रदेश के छात्र-छात्राओं को ट्यूशन फीस पर ऋण से मुक्ति मिलेगी। 




6 - दो नई सिंचाई परियोजनाएं
सरकार ने इस बजट में प्रदेश में दो नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। सरकार ने उम्मीद जताई है कि साल 2019 तक गंभीर डैम का काम पूरा हो जाएगा। इसके अलावा बीना में एक वृहद सिंचाई परियोजना का भी ऐलान किया गया है। 25 नवीन लघु सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित है साथ ही सिंचाई के लिए 9850 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। 
7 - नर्मदा किनारे शराबबंदी
सरकार ने नर्मदा किनारे शराब दुकानों को बंद करने का फैसला लिया है। वित्त मंत्री ने नर्मदा किनारे बनी ऐसी 66 शराब दुकानों को 1 अप्रैल 2017 से पहले बंद करने का ऐलान किया है। इसके अलावा नर्मदा किनारे वृक्षारोपण के लिए भी सरकार ने 1500 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है।




8 - नल जल योजना
1000 से अधिक आबादी वाली बस्तियों को नल जल योजना से जोड़ा जाएगा। इस योजना के अंतर्गत ऐसी बस्तियों तक साफ पानी नल के जरिए पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा निर्मल भारत मिशन के तहत 23 लाख शौचालय का पहुंचने का सरकार का लक्ष्य है।

9 - कहीं महंगा, कहीं सस्ता हुआ हवाई सफर
बजट में भोपाल और इंदौर में एटीएफ 4 से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं ग्वालियर और खजुराहो को इससे राहत मिली है। यानि भोपाल और इंदौर से उड़ने वाली फ्लाइट्स का किराया बढ़ा है, जबकि छोटे एयरपोर्टस पर किराए में कमी की गई है।

10 - कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा
ई स्टाम्प और ई पंजीयन को कैशलेस बनाया जाएगा। इसके अलावा कैशलेस सिस्टम के लिए POS मशीनों को करमुक्त किया गया है।

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'हमसे' किए वादों पर खरी नहीं उतरी सरकार, शहर की Budget 2017 से हैं ये 8 मांगें


ग्वालियर। वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए बजट का काउंट-डाउन शुरू हो चुका है। प्रदेश की भांति ग्वालियर अंचल के लोगों की निगाहें इस बजट पर टिकी हैं। उम्मीदें भी हैं कि ग्वालियर अंचल के विकास को लेकर कुछ अहम घोषणाएं की जाएंगी। दरअसल बजट से उम्मीदों की ठोस वजह भी हैं।



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अंचल से प्रदेश मंत्रिमंडल में पांच मंत्री हैं। अलबत्ता इससे पहले के बजट में अंचल के लिए कुछ अहम घोषणाएं पर नजर डालें तो पता चलता है कि अपवाद एक दो को छोड़ दें तो कोई भी योजना धरातल पर नहीं है। अधिकतर घोषणाएं छलावा साबित हुईं। दरअसल अधिकतर घोषणाएं केवल कागजों में हैं। इनमें सर्वाधिक घोषणाएं ग्वालियर के संदर्भ में थीं।

2016-17 के बजट में की गई घोषणाए और हालत

1- दूसरा आईटी पार्क
दूसरे आर्ईटी पार्क का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। प्रदेश सरकार इस आईटी पार्क के तकनीकी पेंच सुलझा नहीं सकी है। दिलचस्प बात ये है कि ग्वालियर के पहले आईटी पार्क में अब तक एक भी आईटी कंपनी ने दस्तक नहीं दी है। अब फोर स्टार नाम की कंपनी ने एक हफ्ते पहले काम शुरू किया है।



 



2- जेएएच की अधोसंरचना
जेएएच सहित प्रदेश के अस्पतालों की अधोसंरचना विकसित करने के लिए पिछले बजट में 650 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया था। ये घोषणा विशेष रूप से एक हजार बिस्तरों वाले अस्पताल के लिए रही थी।
वर्तमान स्थिति: ग्वालियर के जेएएच अस्पताल में इसका कोई फायदा नहीं हुआ है। एक हजार बिस्तरों वाला अस्पताल अभी भी हवा में हैं।

3- मनोरंजन कर की मार
किले के लाइट एण्ड साउण्ड शो व तिघरा में पैडल वोटिंग के मनोरंजन कर से चालू वित्तीय वर्ष से मुक्ति की घोषणा की गई थी।
वर्तमान स्थिति: इस घोषणा के मुताबिक मनोरंजन कर माफ हो चुका है।






4-नत्रजन उत्पादन संस्थान की स्थापना
ग्वालियर में नत्रजन उत्पादन बढ़ाने के लिए बहुचर्चित घोषणा की गई। इसका मकसद अंचल में दुग्ध उत्पादन को बूस्टर डोज देने का था।
वर्तमान स्थिति- इस दिशाम में कुछ भी नहीं है। यहां तक की जमीन का आवंटन भी नहीं किया जा सका है।

5- आदर्श को नहीं मिली जमीन
श्योपुर में एक आदर्श महाविद्यालय खोलने की घोषणा की गई थी। दस करोड़ का बजट तय किया गया।
वर्तमान स्थिति: वर्तमान स्थिति ये है कि अभी तक घोषित आदर्श महाविद्यालय की स्थापना के लिए जमीन तक तलाशी नहीं जा सकी है।

6- प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र
शिवपुरी में कुछ प्राथमिक चिकित्सा केन्द्रों की स्थापना की घोषणा की गई। हालांकि इसमें धनराशि का उल्लेख नहीं किया गया था।
वर्तमान स्थिति: शिवपुरी में इस साल किसी भी प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र की स्थापना नहीं की गई है।

7- सुपर स्पेशलिटी
गजराराजा मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशिलिटी की सुविधा विकसित करने की घोषणा की थी।
वर्तमान स्थिति: अभी मेडिकल कॉलेज में किसी तरह की सुपर स्पेशलिटी की सुविधा हासिल नहीं हो सकी है। दो साल बाद उसकी बिल्डिंग निर्माण की शुरुआत हो सकी है। सूत्र बताते हैं कि जब तक इसकी बिल्डिंग बनेगी, उसकी लागत में करीब तीस फीसदी का इजाफा हो चुका होगा। 

8- मॉडल बनाने की घोषणा
ग्वालियर के औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र को मॉडल बनाने की घोषणा की गई थी। ताकि बेहतर प्रशिक्षण की जरूरत पूरी की जा सके।
वर्तमान स्थिति- अभी तक धरातल पर इस घोषणा का कोई असर नहीं है। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तक नहीं बनाई जा सकी है।

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बजट को लेकर ये है पब्लिक की डिमांड,जानिए कैसा बजट चाहते हैं लोग


ग्वालियर। मध्य प्रदेश सरकार का बजट सत्र 1 मार्च से शुरू होने वाला है। ऐसे में लोगों को इस बजट से कई आशाएं है। प्रदेश में वैट हो या फिर मूलभूत सुविधाएं , पब्लिक चाहती है कि आने वाला बजट सभी की आशाओं के अनुरूप हो।

आम आदमी के लिए हो बजट
शहर के युवा अनुज सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार को बजट आम आदमी को ध्यान में रखते हुए बनाना चाहिए। बजट में महंगाई और सुविधाओं दोनो का खास ख्याल रखना होगा। प्रदेश में वैट की दर अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा है। ऐसे में सरकार को वैट पर कटौती करना चाहिए।


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वैट में मिले राहत
सराफा व्यापारी रविन्द्र सोनी का कहना है कि जैसा कि विदित है कि जीएसटी 2017 की जुलाई से लागू होगा। ऐसे में वाणिज्यिक कर विभाग में अनेक वर्षो से जिनकी बकाया राशि लंबित है, उनके लिए स्कीम लाई जाना चाहिए जिससे व्यापारी इसका लाभ ले पाएं।



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शहर की विकास योजनाओं पर ध्यान दे सरकार
शहर के व्यापारी मनोज जैन, अनुपम शर्मा, विकास उपाध्याय आदि कहना है कि शहर में विकास की दर काफी धीमी है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट हो या अमृत सिटी सभी प्रोजेक्ट ग्राउंड पर प्रगतिशील नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में सरकार को ग्वालियर के विकास को लेकर अलग से योजना बनाया जाना चाहिए।



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प्रस्तावित उद्योगों पर हो अमल
शहर के उद्योगपति सुदीप शर्मा ने बताया कि ग्वालियर-चंबल अंचल से जो टैक्स वसूला जाता है, उसके अनुपात में अंचल की विकास दर काफी कम है। अंचल में छोटे-बड़े उद्योग समाप्त हो रहे हैं। छोटे उद्योग भी पलायन कर रहे हैं। ऐसे में जो उद्योग ईकाइयां अंचल में प्रस्तावित है उन पर अमल जल्द ही होना चाहिए। जिससे अंचल के उद्योगपतियों में विश्वास आए।

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 बजट 2017: किसी ने सराहा तो किसी ने कहा उम्मीदों पर फिरा पानी


जबलपुर। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश कर दिया है। बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि हम नीतिगत प्रशासन की ओर बढ़े हैं। हमारा फोकस युवाओं की तरक्की पर है। बजट में कई बड़े फैसले भी शामिल हैं, लेकिन अधिकांश लोगों को बजट रास नहीं आया है। इसकी मुख्य वजह है यह कि बजट में लोग जो उम्मीद लगाकर बैठे थे, उसपर पानी फिर गया है। रेलवे में नई लाइन, सुरक्षा पर फोकस, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा में सुधार की सराहना की जा रही है। संस्कारधानी सहित कटनी और नरसिंगपुर से लोगों की जो प्रतिक्रिया है उसमें कुछ वर्ग तो खुश है, लेकिन कुछ को संतुलित बजट नहीं लगा। मिडिल क्लास को राहत देते हुए अब 2.5 लाख से 5 लाख तक की आयकर सीमा 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत और कृषि क्षेत्र में लिए गए फैसल सराहनीय बताए हैं।


स्पेयर पाट्र्स में छूट से होगा फायदा
आम बजट में ट्रांसपोट्र्स सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 2.41 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान की घोषणा सरकार ने की है। इसमें ये नहीं बताया गया कि आम बस ऑपरेटरों को किस तरह से फायदा होगा। टैक्स स्लैब का दायरा महज तीन लाख किया गया, जबकि महंगाई की तुलना में इसे पांच लाख होना चाहिए था। स्पेयर पाट्र्स में छूट से कुछ राहत मिलेगी। डीजल पर लगने वाले वैट और टोल टैक्स पर कोई घोषणा नहीं की गई। बजट पर बस ऑपरेटर एसोसिएशन के सदस्यों की कुछ इसी तरह प्रतिक्रिया आई।

बजट में ट्रांसपोर्टेशन को बढ़ावा देने के लिए 2.41 लाख का प्रावधान किया गया है। इससे सिटी व इंटर सिटी बस सेवाओं को बढ़ाने में मदद मिलेगी। नई मेट्रो नीति से जबलपुर को भी फायदा मिलेगा।
सचिन विश्वकर्मा, सीईओ

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नोटबंदी के बाद लोग टैक्स छूट की सीमा पांच लाख किए जाने की उम्मीद लगाए बैठे थे। एेसे मध्यम वर्ग के लोगों को झटका लगा है। महंगाई बढऩे की वजह से महज 50 हजार की छूट नाकाफी है।
शंकर दयाल शर्मा

कारोबारियों व व्यवसायियों को ढाई से पांच लाख आय पर पांच प्रतिशत की छूट भी दी और फिर धीरे से तीन प्रतिशत शिक्षा और उच्चशिक्षा उपकर लगाकर छूट वापस भी ले ली गई।
कमल किशोर तिवारी

बजट में हाइवे के लिए 64 हजार 900 करोड़ रुपए का फंड दिया गया है। प्रदेश में हाइवे की हालत काफी खस्ताहाल है। इससे परिवहन में काफी वक्त लग रहा है। अब सड़कों को जल्द सुधारा जाए।
दिलीप मंगलानी

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बजट में पेट्रोलियम पदार्थों पर वेट और टोल टैक्स को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई। पेट्रोलियम पदार्थों को भी जीएसटी में शामिल करना चाहिए था। बजट से लोगों की अपेक्षाएं कम पूरी हुई।
वीरेंद्र साहू

स्पेयर पाट्र्स के दामों में कमी से परिवहन सेवा से जुड़े लोगों को राहत होगी। महंगाई के चलते अभी बस मालिकों को काफी घाटा उठाना पड़ रहा है। परिवहन संबंधी सेवाओं के टैक्स में कमी की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हुई।
नसीम बेग


और सशक्त होंगी महिलाएं
बलट नि:संदेश सराहनी है। बजट में विशेष बात यह है कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बहुत अधिक ध्यान दिया गया है। ग्रामीण महिलाओं को साक्षारता के बारे में बताया जाएगा। डिजिटल इंडिया के बारे में बताया जाएगा। सशक्तिकरण, पोषण आहार, कम उम्र में शादी न कराने की शिक्षा सहित बहुत सारी बातें हैं जिसमें गांव पिछड़े हैं उन पर काम करने ध्यान दिया जाएगा। बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा जाना सराहनीय कदम है।
समिता जग्गी, शिक्षिका, एमएलबी गल्र्स हॉयर सेकंडरी स्कूल जबलपुर


ज्यादा संतोष जनक नहीं बजट
बजट पर कामकाजी महिलाओं की मिलीजुली प्रतिक्रिया आ रही है। कोई इसे खास बता रहीं है तो कोई इसे निराशाजनक ठहरा रहीं हैं। आम बजट और रेल बजट जो साथ में दिया गया है उसमें महिलाओं को कोई राहत नहीं है। इनकम टैक्स में राहत नहीं दिया गया है। हर सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। महिलाओं को घर और बाहर दोनों देखना है साथ में नौकरी भी करना है उनपर बड़ी जिम्मेदारी है। इनकों खास रियायत देना था ताकि वे काम अच्छे से कर सकें। अन्य लाभ भी बढ़ाएं जाएं। बजट ज्यादा संतोष जनक नहीं है। ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर सर्विस चार्ज नहीं लगेगा यह अच्छा कदम है। 
माधवी मिश्रा, कामकाजी महिला।


संतुलित है बजट
जेटलीजी का बड़ा संतुलित बजट है। इसमें हर वर्ग के लोगों का ख्याल रखा गया है। इससे उद्योगों को सपोर्ट मिलेगा। छोटे सेक्टर में लिमिट बढ़ाई है इससे व्यक्तिगत लोगों को फायदा मिलेगा। इनकम टैक्स पेयर्स को जो सपोर्ट किया है उससे भी काऊपी मदद मिलेगी। जो कैपिटल है जितनी बढ़ेगी आदमी उतनी ज्यादा चैन से जिंदगी बिता सकेगा।
सुधीर कुमार मिश्रा, अध्यक्ष जिला उद्योग संघ कटनी


बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
आज देश के वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा जो बजट पेश किया गया है वह उम्मीदों के अनुसार भले ही न हो, लेकिन काफी अच्छा है। खास बात यह है कि स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, उच्च शिक्षा में सुधार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी सहित रोजगार को बढ़ावा देने वाली योजनाएं शामिल हैं। इससे युवाओं को लाभ मिलेगा। सरकारी की यह सराहनीय पहल है। थोड़ा और बेहतर की उम्मीदें थी, फिर भी बेहतर है। 
छात्र निखिल दुबे, नरसिंहपुर


स्वागत योग्य कदम
जेटलीजी का बजट शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों को पसंद आया है। बजट में शासकीय कर्मचारियों, अधिकारियों एवं मध्यम व छोटे व्यापारियों को आयकर से 5 प्रतिशत की दूट स्वागत योग्य कदम है। 3 लाख तक नकद भुगतान की सीमा भविष्य में कालेधन को हतोत्साहित करने और नकदीविहीन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का अच्छा कदम है।
सीआर कौरव, प्राचार्य गल्र्स स्कूल करेली


यादव कॉलोनी में बजट पर चर्चा करते लोग

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Budget 2017: पांच लाख तक की इनकम वालों को राहत, 315 ऑनलाइन कोर्स होंगे शुरू



इंदौर। समय से पहले और नोटबंदी के बाद घोषित बजट में सरकार ने सभी के लिए कुछ न कुछ प्रावधान किए हैं। एक तरफ जहां विशेषज्ञ खुश हैं, वहीं दूसरी ओर वे इस बजट को जीएसटी की नींव मान रहे हैं। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने संसद में जो बजट पेश किया है उसमें शिक्षा, किसान, छोटे उद्योगों समेत लगभग सभी का विशेष ध्यान रखा है। बजट में रेलवे के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। टैक्स स्लैब की बात करें तो छोटे उद्योगों को राहत देते हुए सरकार ने बड़े उद्योगों पर अतिरिक्त कर का बोझ डाला है। इससे बड़े और छोटे के बीच की खाई की भरपाई करने की कोशिश की गई है।

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बजट में ऑनलाइन कोर्सेस को बढ़ावा

टैक्स प्रैक्टिस एसोसिएशन के जॉइंट सेक्रेटरी राजेश जोशी ने बजट की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इन बदलावों में ऑनलाइन कोर्स को प्रमोट किया गया है। सरकार जल्द ही 600 जिलों में प्रदेश कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही फॉरेन लैंग्वेज को भी बढ़ावा दिया गया है ताकि देश के युवाओं को देश के बाहर भी रोजगार के अवसर पैदा करें। डीटीएच के माध्यम से ऑनलाइन कोर्सेस को बढ़ावा दिया जाता है। 

budget2017

टैक्स स्लेब में काफी हद तक दिया रिलीफ

टीपीए के वाइस प्रेसिडेंट विजय बंसल चर्चा में बताया कि टैक्स स्लैब में भी सरकार ने बड़े बदलाव किए हैं। इन बदलावों से कम आय वालों को सरकार ने फायदा देने की कोशिश की है। टैक्स स्लैब में बदलाव करते हुए 2.5 से 5 लाख तक के आय वालों को 5 प्रतिशत की टैक्स में छूट दी गई है। देश की इकॉनोमी को इससे जो नुकासन होगा उसकी भरपाई के लिए सरकार ने बड़े उद्योगपतियों पर एक्स्ट्रा सरचार्ज लगाया है। जो उद्योगपति 30 प्रतिशत कर के साथ रिटर्न फाइल करते थे उन्हे भी इस बजट में 5 प्रतिशत की छूट दी गई है। इससे बड़े और छोटे उद्योगों के बीच की खाई को पाटने की कोशिश की गई है। इससे देश की इकॉनोमी को फायदा होगा।

budget 2017

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मेडिकल स्टूडेंट्स की हालत सुधरेगी

मेडीकल स्डूडेंट्स को राज्य सरकार के बजट में बहत बडा तोहफा मिला हैं। मेडिकल कॉलेजों में वर्तमान में 150 सीटें थी जिन्हें बढाकर अब 250 कर दिया गया है जिससे सीधा-सीधा फायदा मेडिकल स्टूडेंट्स को होगा। भारत में 2200 लोगों पर सिर्फ एक डॉक्टर है लेकिन सरकार के इस नए बजट से स्थिति जरूर सुधरेगी ऐसी उम्मीद है। इससे इंदौर के स्टूडेंट्स को भी पूरा-पूरा फायदा मिलेगा क्योंकि स्टूडेंट्स को रीजनल लेवल पर ही फायदा हुआ है।
- डॉ. पंकज गुप्ता, ब्रैन मास्टर्स क्लासेस

यहां जानिए एक्सपर्ट्स की राय...





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#BUDGET 2017: सीनियर सिटीजन ने कहा स्वासथ कार्ड स्कीम है बढिय़ा


ग्वालियर। वित्तमंत्री ने साल 2017-18 का आम बजट पेश कर दिया है। आम बजच के साथ रेल बजट भी पेश किया गया। इस साल के बजट को वरिष्ठ नागरिकों के लिए देखा जाए तो उनके लिए कई सुविधाएं दिये जाने की घोषणाएं हुई हैं। जिसमें सीनियर सिटीजन के लिए स्वास्थ कार्ड योजना और सराकरी बीम कंपनी एलआईसी के द्वारा 8 परसेंट का पॉलिसी पर रिटर्न देने की बात कही गई है।

इस साल के बजट में सरकार के द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष घोषणाएं की गई हैं। बजट भाषण में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि सरकार देश के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक स्वास्थ्य कार्ड बनाने की योजना बना रही है। यह नया स्वास्थ्य कार्ड आधार कार्ड से बनाया जाएगा।

स्मार्ट बनाने के भी योजना बताई गई है। जिससे वरिष्ठ जनों को कैश न होने की स्थिति में इस कार्ड का उपयोग करने सामान खरीदने में आसानी होगी। इस स्मार्ट कार्ड का कनेक्शन भी आपके आधार कार्ड से ही होगा। इस घोषणा के बाद अब सीनियर सिटीजन को बिना कैश के राशन से लेकर कई सामान खरीदने में आसानी हो जाएगा।

वित्त मंत्री ने बताया कि इस स्वास्थ्य कार्ड में संबंधित वरिष्ठ नागरिक के स्वास्थ्य की सारी जानकारी होगी। सरकार इस कार्ड के जरिए देश के वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य पर और अधिक ध्यान देना चाहती है। इसके अलावा एक अन्य घोषणा में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक नई एलआईसी योजना लाए जाने का प्लान है। इस नई योजना में वरिष्ठ नागरिकों को 8 पर्सेंंट का निश्चित रिटर्न दिया जाएगा।

केंद्र सरकार का वरिष्ठ नागरिकों के लिए जो फैसले लिए गये हैं वह सराहनीय हैं। जिसमें स्वास्थ कार्ड स्किम और एलआईसी पॉलिसी पर मिलने वाला रिटर्न में बडो़तरी अच्छी है।
- हरीओम शिवहरे, दुकानदार

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बजट 2017: अब घुसते ही नहीं टकराएंगी दीवारें, ऐसा होगा सस्ता घर


भोपाल। अरुण जेटली ने आम बजट की घोषणा करते हुए गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए राहत की भी कई घोषणाएं कीं। इनमें महत्वपूर्ण रहा कि सस्ता घर। क्योंकि अब ये घर छोटे नहीं बल्कि बड़े और सुंदर होंगे। इन सस्ते घरों के बढ़े दायरे के बाद एक्सपट्र्स ने कहा कि एफोर्डेबल हाउसिंग बहुत टाइम से डिमांड थी। इसलिए ये तो होना ही था...जानें बजट+एमपी रियल एस्टेट= एक्सपर्ट की राय...

अब बड़ा हो गया घर 
अब तक सस्ते में मिलने वाला घर बहुत छोटा होता था। इसका कार्पेट एरिया 25-30 स्क्वायर मीटर था, जो अब बढ़कर 65 स्क्वायर मीटर किया गया है। 

* एमपी में रियल एस्टेट का काफी बड़ा सेक्टर अब उभर कर आ रहा है।  दिक्कत ये है कि अभी तक आम आदमी के सस्ते घर का सपना पूरा करने की जिम्मेदारी केवल हाउसिंग बोर्ड को ही दी गई है।
* दो मुद्दे पर प्रदेश सरकार से चर्चा का विषय हैं इनमें... 
1. रजिस्ट्री चार्ज का बेनिफिट  प्राइवेट बिल्डर्स को भी दिया जाए। रजिस्ट्री के वक्त टैक्स के रूप में उन पर काफी लोड बढ़ जाता है।
2. यदि ऑल ऑवर बिल्डर्स की बात की जाए, तो सभी बिल्डर्स 10,000 मकान बना रहे हैं। इसकी डिमांड काफी ज्यादा है। जबकि हर साल 40-45 हजार मकानों की डिमांड है। ऐसे में सरकार का प्रोत्साहन मिलना चाहिए। ताकि ज्यादा से ज्यादा मकान बनाए जाए। इसी से मप्र में भी प्रधानमंत्री का अपना घर का सपना पूरा हो सकेगा।


एमपी में एफॉर्डेबल हाउस की जितनी डिमांड है, उतनी संख्या में उनका निर्माण ही नहीं हो रहा। क्योंकि अब तक इसकी जिम्मेदारी केवल हाउसिंग बोर्ड के पास है। जबकि प्रदेश सरकार को निजी बिल्डर्स को भी प्रोत्साहन देना चाहिए।
- सुनील मूलचंदानी, बिल्डर

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 Budget: टूटी राहत की आस, नहीं मिला कुछ खास, यहां पढ़ें विशेषज्ञों की राय


जबलपुर। केंद्रिय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने चौथा बजट पेश किया। जिसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया। ये पहली बार ऐसा हुआ जब रेल बजट भी साथ में पेश किया गया। वित्त मंत्री ने बजट में मध्य-वर्ग को राहत देते हुए 3 लाख रुपये की इनकम को टैक्स की श्रेणी से बाहर रखा है। वहीं, 5 लाख तक की इनकम पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा। राजनीतिक पार्टियों के चंदे पर भी उनका फैसला ऐतिहासिक कदम कहा जा रहा है। आइए  यहां जानते हैं बजट को लेकर एक्सपर्टस ने क्या कहा...


व्यवस्थित बजट
व्यवस्थित बजट आया है। सभी छोटे व्यापारी चाहते थे कि इनकम टैक्स का समीकरण हो जो बहुत हद तक किया है। उद्योग, व्यापार के लोगों को टैक्स रिफॉर्म में लाने का प्रयास किया है। बजट में वित्तमंत्री ने प्रयास किया है कि लोग ज्यादा टैक्स सिस्टम के अंदर आसानी से आएं। बजट में भ्रष्ट व्यवस्था को रोक लगाने के लिए बेहतर कदम उठाए गए हैं। 
- प्रेम दुबे, चेयरमैन, जबलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स 

छोटे व्यापारियों को भी लाभ 
मुद्रा योजना में एक लाख 22 हजार करोड़ का प्रावधान बढ़ाया गया। इससे छोटे व्यापारियों को भी लाभ प्राप्त होगा। जीएसटी में कस्टम और एक्साइज की दर को यथावत रखा गया। एफडीआई को और ज्यादा परिभाषित किया जाता। किन सेक्टर्स में लाना है। डिफेंस क्लस्टर को चिंहित करके और डिटेल में बताते तो बेहतर होता।  
- हिमांशु खरे, उपाध्यक्ष जबलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स 

 
यूजीसी के सुधार भी शामिल
मैं इसे प्रोगे्रसिव बजट कहुंगा। खासतौर से किसान, एजुकेशन, रोजगार, डेरी फॉर्मर्स के लिए भी जो स्कीम हैं वह फायदेमंद है। स्किल इंडिया और कोशल इंडिया का प्रोग्राम, किसानों के लिए हैल्थ कार्ड, पशुपालन के साथ ही एफॉर्डेबल हाउसिंग की बात भी बेहतर है। यूजीसी के सुधार भी बजट में लिए गए हैं। इसमें वर्ग का ध्यान रखा गया है।
- डॉ. पीडी जुयाल, कुलपति वेटरनरी विश्वविद्यालय


राजनीतिक क्षेत्र में पारदर्शिता
इस बार विकासोन्मुखी बजट रख गया है। खासकर राजनीतिक क्षेत्र में पारदर्शिता का, अभी तक चंदे में 20 हजार तक की राशि का हिसाब नही होता था लेकिन अब 2 हजार या उससे अधिक का जो भी चंदा मिलेगा अब उससे राजनीतिक दलों में पारदर्शिता के साथ काम होगा। यह एक अच्छा कदम है। इससे कालेधन पर रोक लगेगी। बजट में ये ऐतिहासिक कदम है। 
शशांक श्रीवास्तव, महापौर कटनी


सर्विस टैक्स में परिवर्तन नही
सर्विस टैक्स में कोई परिवर्तन नही किया क्योंकि जीएसटी आने वाला है। 1 जुलाई से जीएसटी लागू हो जाएगा। जो उम्मीद की थी इस क्षेत्र में बजट में लगभग वही देखने मिला। कुल मिलाकर ये बहुत अच्छा बजट है। 
- शिशिर नेमा, टैक्स अधिवक्ता


आम रेल कर्मचारी के लिए कुछ नहीं
रेलवे को 1 लाख 31 हजार करोड रुपए का बजट दिया है। जिसमें अलग से 1 लाख करोड़ में रेलवे की सेफ्टी शामिल है। आज के दौर में टैक्स में कोई बड़ी छूट नही दी गई। स्लैब (3 से 5 लाख के बीच) में कोई बड़ी छूट नहीं दी गई है। सीनियर सिटीजन और आम रेल कर्मचारी के लिए कुछ नही है। रेलवे को लेकर और भी जो घोषणाएं थीं इसमें शामिल नही हैं। आगे देखना होगा कि रेलमंत्री इसमें कितना विस्तार लाते हैं। 
- अशोक शर्मा, जनरल सेके्रटरी वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ  


विकास में मदद
बजट में आंगनबाड़ी के माध्यम से महिलाओं के विकास के लिए दी जाने वाली 500 करोड़ की राशि से बच्चों के विकास में मदद मिलेगी। जरुरत है तो सिर्फ सही क्रियान्वयन की। माताएं काम में व्यस्तता के कारण बच्चों को पढ़ा नहीं पाती हैं। बच्चों को पोषण भी नहीं मिल पाता है। लगातार जनसंख्या बढ़ रही है। मां को इतनी मात्रा में पोषण आहार मिले जिससे कि बच्चों को पर्याप्त आहार मिल सके। 

-अंजू अग्रवाल, सामाजिक कार्यकर्ता

 
मृत्युदर में होगा सुधार
प्रसव उपरांत महिलाओं को मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 6 हजार रुपए कर दिया गया है। बजट में 6 हजार रुपए दिए जाने का प्रावधान तय किया गया है। गर्भवती महिलाओं को योजनाओं का फायदा मिलेगा। बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पोषण आहार मिल सकेेगा। सरकारी अस्पताल में बच्चों और महिलाओं की स्थिति खराब रहती थी वह सुधरेगी। मृत्युदर की संख्या भी घटेगी। सरकार का यह अच्छा फैसला है।
-आभा जैन, इनरव्हील क्लब    

 


किसानों की राय पढऩे के लिए इस लिंक पर क्लिक करें:  Budget 2017: बजट में किसानों के लिए हुई ये घोषणाएं, ये कहा किसानों ने  

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रेलवे में सीनियर सिटीजन के लिए  50% रिजर्वेशन, ऐसा है हमारा बजट


भोपाल/रतलाम। वर्ष 2017-18 के आम बजट में शामिल रेल बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मध्यप्रदेश को हर बार के मुकाबले अधिक धन दिया है। ई टिकट की बुकिंग पर सर्विस चार्ज खत्म करने की घोषणा की है। फिलहाल आईआरसीटीसी ने इसे 31 मार्च तक स्थगित किया हुआ है।

इससे प्रदेश में करीब 10 लाख यात्रियों को बड़ा लाभ होगा। इसके अलावा 2020 तक मानवरहित रेल फाटक को समाप्त करने की घोषणा की है। इससे ट्रेन दुर्घटना में कमी आएगी। तीर्थ दर्शन ट्रेन चलाने से प्रदेश में उज्जैन को बड़ा लाभ होगा। इन सब के बाद भी प्रदेश की उम्मीदे जो थी, उससे काफी कम मिला है। ट्रेन का किराया बढऩे की संभावना खत्म हो गई है।

प्रदेश को पहली बार अधिक बजट
2009 से 2014 तक के रेल बजट की तुलना की जाए तो 2017-18 में मध्यप्रदेश को 5376 करोड़ रुपए की राशि पहली बार मिली है। इसमे रेल लाइन का डबलीकरण, नई रेल लाइन का विस्तार, यात्री सुविधा, सुरक्षा व संरक्षा पर रेलवे काम करेगी। 2013-14 में प्रदेश को 632 करोड़, 2016-17 में 2871 करोड़ रुपए व 2017-18 में 5376 करोड़ रुपए की राशि मिली है। 

पहले पढ़िए ई टिकट के बारे में
अब आईआरसीटीसी के ई टिकट बुकिंग पर किसी प्रकार का सर्विस चार्ज नहीं लगेगा। दिसंबर माह से रेलवे ने इस पर लगगे वाले सर्विस चार्ज 14 प्रतिशत को स्थगित कर रखा है। ये 31 मार्च तक नहीं लगेगा। अकेले मध्यप्रदेश में ही ्रप्रतिदिन करीब 1 लाख से अधिक यात्री ई टिकट से यात्रा करते है। इससे बड़ा लाभ ये होता हैं कि टिकट खरीदी की लाइन में नहीं लगना होता है। कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए रेलवे में इस सुविधा को शुरू करने की घोषणा की गई है।

arun jetly with suresh prabhu

ये है रेल बजट में खास बिंदु
- सभी आरक्षित कोटा में महिलाओं को 33 प्रतिशत का आरक्षण।
- सिनीयर सिटीजन को 50 प्रतिशत आरक्षण।
- रेल किराए में वृद्धि नहीं।
- 100 रेलवे स्टेशन पर वाई-फाई।
- रेलबंधु मेगजीन को सभी भाषा में जारी करना।
- ई टिकट को विदेशी डेबिट व के्रडिट कार्ड से भी मंजूरी।
- कुली को सहायक का दर्जा।
- 2019 तक रेल के सभी डिब्बों में बॉयो टॉयलेट।
- 500 स्टेशन पर लिफ्ट व एेस्केलेटर की बात।
- प्रदेश में इसके लिए सिर्फ 6 स्टेशन का चयन।
- सोलर लाइट को बढ़ावा।

2020: नहीं होंगे मानव रहित रेल फाटक
वित्त मंत्री ने एक और बड़ी घोषणा की है। इसमे आगामी तीन वर्षो में रेलवे ट्रैक पर मानव रहित रेल फाटक को बंद करने की घोषणा की है। इससे रेलवे में इस प्रकार के फाटक पर होने वाली दुर्घटना समाप्त होगी। प्रदेश में करीब 10000 से अधिक रेल फाटक है। इनमें से प्रदेश में करीब 2158 रेल फाटक मानवरहित है।

इनमें रतलाम मंडल के धोंसवास व माननखेड़ा फाटक पर 2016 में ही दुर्घटना हुई थी। इसी प्रकार खंडवा, बेतुल, छिदवाडा आदि में आए दिन अलग-अलग तरह से ट्रेन दुर्घटना होती रहती है। इस प्रकार के फाटक नहीं होने पर रेलवे के साथ यात्रियों को भी लाभ होगा। इस तरह होगा मंडल में इनसे लाभप्रदेश के रतलाम, इंदौर, उज्जैन, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, भोपाल,आदि शहरों में प्रतिमाह एक लाख से अधिक ई टिकट की बुकिंग व इससे ट्रेन में यात्रा होती है।

इस पर करीब 14 प्रतिशत सर्विस चार्ज लगता था। अब इसको स्थायी रुप से समाप्त करने की घोषणा की गई है। इससे अब प्रदेश में ट्रेन से ऑनलाइन टिकट की यात्रा के टिकट के यात्रियों के द्वारा दिए जाने वाले भुगतान में करीब 14 प्रतिशत कम किराया देना होगा। उदाहरण के लिए अगर कही का टिकट 100 रुपए का है तो वो 114 रुपए में यात्री को मिलता था। अब ये टिकट 100 रुपए में उपलब्ध होगा। इससे यात्रियों को लाभ होगा।

सोलर लाइट से बिजली की बचत
रेल बजट में देश के 7 हजार रेलवे स्टेशन पर सोलर लाइट लगाने की घोषणा की गई है। इसमे प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, भोपाल, रतलाम, खंडवा, उमरिया, कटनी के अलावा अन्य पांच रेलवे स्टेशन शामिल किए गए है। सोलर बिजली का उद्देश्स रेलवे में बिजली की खपत को कम करना व इसकी बचत कर स्वयं का उत्पादन करना है। हालाकि इसके लिए निविदा होने से लेकर लगने तक में छह से आठ माह का समय लगेगा।

दुर्घटना में आएगी कमी
मानव रहित रेल फाटक समाप्त होने से मंडल में ट्रेन दुर्घटना में कमी आएगी। प्रदेश में भोपाल, ग्वालियर, सतना, सागर, उज्जैन, रतलाम, इंदौर-मक्सी सेक्शन में सबसे अधिक मानवरहित रेल फाटक है। इनमे से रतलाम-नामली सेक्शन व जावरा-मंदसौर सेक्शन में 2016 में ट्रेन दुर्घटना हुई थी। दोनों बार की दुर्घटना में इंजन चालक आदि को चोट आई थी। मानव रहित रेल फाटक नहीं होने से मंडल में ट्रेन दुर्घटना में कमी आएगी व सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा। हालाकि ये काम तीन वर्ष में करने की बात कही गई है। पिछले रेल बजट में भी इसी बात को कहा गया था।

उज्जैन ले सकता बड़ा लाभ
तीर्थ दर्शन के लिए ट्रेन चलाने की बात बजट में कही गई है। प्रदेश में सबसे अधिक तीर्थ यात्री उज्जैन में महाकाल दर्शन के लिए आते है। इसके अलावा मय्या मैहर वाली के दर्शन को आते है। रेलवे के अनुसार देश के चारों कोनों से उज्जैन को जोडऩे से जहां तीर्थ यात्री बढे़ंगे वहीं रेलवे के साथ-साथ उज्जैन का राजस्व भी बढेग़ा। इस समय उज्जैन को दक्षिण व उत्तर के अलावा पुर्वी राज्यों से जोडऩे की जरूरत है। यहां मंगलनाथ मंदिर में होने वाली भात पुजा के लिए असम से लेकर त्रिपुरा तक के श्रद्धालु आते है। 

ये आस रही अधूरी
प्रदेश के रुप में देखे तो इंदौर-मनमाड़ लाइन के लिए बजट, इंदौर-देवास-उज्जैन लाइन का डबलीकरण, रतलाम-बांसवाड़ा-डूंगरपुर रेल लाइन के लिए फिलहाल कुछ सामने नहीं आया है। भोपाल में एेस्क्ेलेटर से लेकर लिफ्ट, ग्वालियर में स्टेशन का विकास व जबलपुर- भोपाल लाइन पर तीसरी लाइन के लिए प्रस्ताव के बाद भी कुछ नहीं कहा गया। इतना ही नहीं, 500 स्टेशनों को दिव्यांगों के लिए सुविधाजनक बनाने की बात तो कही गई, लेकिन उसमे प्रदेश के सिर्फ दो रेलवे स्टेशन का शामिल किया गया, लेकिन इस कार्य की शुरुआत सबसे पहले उत्तर प्रदेश से होगी। इसका मतलब मध्यप्रदेश को अभी इंतजार करना होगा।

इस बारे में नहीं कहा कुछ
गत बजट तक स्वच्छता पर जोर दिया गया था। इस बार के बजट में ये गायब हो गया है। इसके अलावा संरक्षा, सुरक्षा व सुविधा याने के ट्रिपल एस को गायब कर दिया गया है। सुरक्षा के लिए अलग से राशि की बात तो कही गई है, लेकिन पुरानी हो गई पटरियों व 1960 से चल रहे संसाधन से दुर्घटनाओं को कैसे कम किया जाएगा, इस बारे में कुछ साफ नहीं किया गया है। रेलवे में पटरी की सुरक्षा, सुरक्षित यात्रा के बारे फिलहाल साफ नहीं बताया गया है। इसके अलावा स्टेशनों के विकास के बारे में पिछले बजट में कहा गया था। इसकी शुरुआत भी हुई, लेकिन वित्तीय वर्ष की समाप्ती तक सिर्फ दो स्टेशन का विकास हो पाएगा, उनमे भी मध्यप्रदेश का एक भी स्टेशन शामिल नहीं है।

नई ट्रेन से बेहतर सुधार
बजट काफी बेहतर है। नई ट्रेन की घोषणा से बेहतर ट्रैक का सुधार है। सभी को इस बजट में कुछ न कुछ दिया गया है।
- मनोज सिन्हा, रेल राज्य मंत्री

आमजन को दूर कर दिया
इस बजट ने आमजन को खुद से दूर कर दिया है। अब तक जो सामने आया है इससे ये साफ है कि रेलवे को तेजी से नीजिकरण की और ले जाया जा रहा है।
- कांतिलाल भूरिया, संसद सदस्य, रतलाम

रेल कर्मचारी गायब है बजट में
रेल बजट में कर्मचारी के हित को गायब कर दिया गया है। लंबित मांग पर कुछ नहीं कहा गया। इसका मतलब साफ हैं कि सरकार सिर्फ पंजीपतियों के लिए बजट बनाई है। राशि देने से क्या होता है। उसकी घोषणा हर बार होती है, लेकिन काम कितना होता है, उस पर निर्भर है।
- गोविंदलाल शर्मा, प्रदेश महामंत्री, हिंद मजदूर सभा

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  Budget 2017: बजट में किसानों के लिए हुई ये घोषणाएं, किसानों ने कहा


जबलपुर। बुधवार को वित्तमंत्री अरूण जेटली ने लोकसभा में केन्द्र सरकार का आम बजट पेश किया। यह बजट इसलिए खास था क्योंकि इसे नोटबंदी के बाद पेश किया गया है। नोटबंदी से परेशान हुई जनता को केन्द्र सरकार ने कई तोहफे दिए। कृषि जगत के लिए कई घोषणाएं की गई। इन घोषणाओं का जबलपुर पर क्या असर होगा जानते हैं आम लोगों की राय।


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shrikant pachouri

कृषि ऋण लक्ष्य को एक लाख करोड़ रुपए से बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपए किया गया है। इससे किसानों को असानी से लोन सुविधा मिलेगी। कृषि स्तर में सुधार होगा।
श्रीकांत पचौरी, कृषक

ajay upadhyay

वर्ष 2017-18 में फार्म लोन टारगेट नौ लाख करोड़ से बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपए किया गया है। इससे किसानों को सुविधा और जीवन स्तर में सुधार के अवसर मिलेंगे।
अजय उपाध्याय, कृषक

manu narala

भले ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 9 हजार करोड़, नाबार्ड के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। लेकिन इसका लाभ कम किसानों को ही मिल पाएगा। पूर्व में भी फसल बीमा योजना थी, जिसका लाभ किसानों को नहीं मिल पाता था।
मनु नारला, किसान

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नाबार्ड के तहत सिंचाई के लिए आवंटित राशि 30 हजार करोड़ रुपए से बढ़ाकर 40 हजार करोड़ कर दी गई है। इससे सिंचित क्षेत्र में बढ़ोत्तरी होगी। जिसका सीधा लाभ किसान को मिलेगा।
निर्भय सिंह, कृषक 

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गांव में शौचालय बढ़ाने की बात वित्तमंत्री ने की है,लेकिन अभी भी बहुत से ऐसे गांव हैं जहां पानी की सुविधा नहीं है। ऐसे में शौचालय कितने कारगर होते हैं? और लोग इनका उपयोग कितना होता है, यह देखने वाली बात होगी।
कल्लूदास बैरागी, ग्रामीण

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नोटबंदी से सबसे ज्यादा प्रभावित किसान हुए थे। उनकी फसलों के भी सही दाम नहीं मिल रहे हैं। पिछले सीजन में सब्जियों के इतने दाम गिर गए कि किसानों को फसल नष्ट करनी पड़ी। ऐसे में कर्ज माफी की उम्मीद सरकार से थी, जो पूरी नहीं हुई।
अजय राय, कृषक

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एक करोड़ लोगों को पक्का घर देने की बात की गई है, 120 करोड़ की आबादी वाले देश में यह घोषणा ऊंट के मुंह में जीरा के समान है, अभी भी लोग झोपड़ी में रह रहे हैं। इसका लाभ गरीब को ही मिले इसमें भी संशय है।
शहजाद खान रिजवी, कृषक

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#BUDGET 2017: आम बजट से ये मिला रेलवे को, सिक्योरिटी और सर्विस पर फोकस


ग्वालियर। बसंत पंचमी पर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने संसद में सालाना बजट(रेल/आम) सुबह 11 बजे पेश किया। इससे पहले ये आशंका जताई जा रही थी कि सांसद ई. अहमद के निधन के बाद बजट को गुरुवार तक के लिए टाला जा सकता है, लेकिन जेटली के बजट के दस्तावेज वाले बैग के साथ वित्त मंत्रालय पहुंचने के बाद ऐसे कयासों पर विराम लग गया है।

हालांकि इस दौरान कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि आज बजट पेश करना अमानवीय होगा। लेकिन स्पीकर ने स्पष्ट कर दिया है कि बजट तो पेश करना ही होगा, ये संवैधानिक जिम्मेदारी है। ऐसा पहली बार हो रहा है जब रेल और आम बजट एक साथ पेश किए जाएंगे। नोटबंदी को साहसिक कदम बताते हुए संसद में जेटली ने कहा कि इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। बैंकों के कर्ज सस्ते कर सकेंगे। वहीं जीएसटी से महंगाई पर लगाम लगाई जा सकेगी।

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रेलवे की जरूरी बातें-
1. रेलवे सुरक्षा के लिए 1 लाख करोड़ का फंड
2. शेयर बाजार में उतरेगी आईआरसीटीसी
3. ई-टिकट पर सेवा प्रभार समाप्त
4. मानवरहित क्रासिंग 2020 तक खत्म किए जाएंगे।
5. आईआरसीटीसी से टिकट बुक कराने पर नहीं लगेगा सर्विस चार्ज
6. चुनिंदा 25 स्टेशनों का विकास किया जाएगा।
7. 3500 किमी की नई पटरियां बिछाने का लक्ष्य व तीर्थ स्थलों के लिए अलग से ट्रेन चलाई जाएगी।
8. सभी ट्रेनों में 2019 तक बॉयो टॉयलेट लगाए जाएंगे।
9. रेलवे से जुड़ी 3 कंपनियां शेयर बाजार में उतरेंगी

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#BUGDET: सस्ता होगा रेल टिकट, IRCTC से बुकिंग कराने पर मिलेगा ये फायदा


भोपाल। इस साल का बजट आम आदमी के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर लेकर आया है। ये खबर रेल यात्रा से जुड़ी है। जी हां, अब आपके रेल टिकट पर सरचार्ज नहीं लगेगा। आईआरसीटीसी से टिकिट बुक कराने पर कोई भी सरचार्ज नहीं लगेगा। इससे आपकी यात्रा 20 से लेकर 40 रुपए तक सस्ती हो जाएगी। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि ये सहूलियत आपको सिर्फ ई-टिकिट पर ही मिलेगा।

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अभी तक स्लीपर क्लास में यात्रा करने पर प्रति टिकिट 20 रुपए और एसी क्लास में यात्रा करने पर 40 रुपए प्रति टिकिट के हिसाब से सरचार्ज लगता है। बजट में हुए इस ऐलान के बाद आपको ई-टिकिट पर 20 से 40 रुपए का फायदा मिलेगा।

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आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फैसले और देश में कैशलेस व्यवस्था को बढ़ावा देने के मकसद से साथ ही यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के मकसद से नोटबंदी के बाद 23 नवंबर से 31 दिसम्बर तक इस सरचार्ज में छूट दी गई थी। लेकिन इसके बाद इसे फिर से शुरू कर दिया गया था। अब वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ऐलान कर दिया है कि इसे पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।

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#Budget: ई-टिकट पर सर्विस चार्ज खत्म, 2020 तक मानवरहित होंगे फाटक


रतलाम। वर्ष 2017-18 के आम बजट में शामिल रेल बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ई टिकट की बुकिंग पर सर्विस चार्ज खत्म करने की घोषणा की है। फिलहाल आईआरसीटीसी ने इसे 31 मार्च तक स्थगित किया हुआ है। इससे रतलाम मंडल को बड़ा लाभ होगा। इसके अलावा 2020 तक मानवरहित रेल फाटक को समाप्त करने की भी घोषणा की है।

पहले पढे़ ई टिकट के बारे में
अब आईआरसीटीसी के ई टिकट बुकिंग पर किसी प्रकार का सर्विस चार्ज नहीं लगेगा। दिसंबर माह से रेलवे ने इस पर लगगे वाले सर्विस चार्ज 14 प्रतिशत को स्थगित कर रखा है। ये 31 मार्च तक नहीं लगेगा। रतलाम मंडल में ही प्रतिदिन करीब 1200 से 1500 लोग ई टिकट से यात्रा करते है। इससे बड़ा लाभ ये होता हैं कि टिकट खरीदी की लाइन में नहीं लगना होता है। कैषलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए रेलवे में इस सुविधा को शुरू करने की घोषणा की गई है।

2020: नहीं होंगे मानव रहित रेल फाटक
वित्त मंत्री ने एक और बड़ी घोषणा की है। इसमे आगामी तीन वर्षो में रेलवे ट्रैक पर मानव रहित रेल फाटक को बंद करने की घोषणा की है। इससे रेलवे में इस प्रकार के फाटक पर होने वाली दुर्घटना समाप्त होगी। रतलाम मंडल में करीब 55 मानव रहित रेल फाटक है। इनमे धोंसवास व माननखेड़ा फाटक पर 2016 में ही दुर्घटना हुई थी। इस प्रकार के फाटक नहीं होने पर रेलवे के साथ यात्रियों को भी लाभ होगा।

इस तरह होगा मंडल में इनसे लाभ
रतलाम मंडल के रतलाम, इंदौर, उज्जैन, इंदौर, देवास, नागदा, चित्तौडग़ढ़, दाहोद आदि शहरों में प्रतिदिन एक हजार से अधिक ई टिकट की बुकिंग व इससे ट्रेन में यात्रा होती है। इस पर करीब 14 प्रतिशत सर्विस चार्ज लगता था। अब इसको स्थायी रुप से समाप्त करने की घोषणा की गई है। इससे अब रतलमा मंडल के यात्रियों को यात्रा के लिए दिए जाने वाले भुगतान में करीब 14 प्रतिशत कम किराया देना होगा। उदाहरण के लिए अगर कही का टिकट 100 रुपए का है तो वो 114 रुपए में यात्री को मिलता था। अब ये टिकट 100 रुपए में उपलब्ध होगा। इससे यात्रियों को लाभ होगा।

दुर्घटना में आएगी कमी
मानव रहित रेल फाटक समाप्त होने से मंडल में ट्रेन दुर्घटना में कमी आएगी। रतलाम से चित्तौडग़ढ़-चंदेरिया सेक्शन में सबसे अधिक मानवरहित रेल फाटक है। इनमे से रतलाम-नामली सेक्शन व जावरा-मंदसौर सेक्शन में 2016 में ट्रेन दुर्घटना हुई थी। दोनों बार की दुर्घटना में इंजन चालक आदि को चोट आई थी। मानव रहित रेल फाटक नहीं होने से मंडल में ट्रेन दुर्घटना में कमी आएगी व सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा। 

रेलवे को होगा नुकसान
इस प्रकार सर्विस चार्ज खत्म करने से यात्रियों को लाभ होगा, लेकिन पहले से हजारों करोड़ के घाटे में चल रही रेवे को नुकसान होगा। इसका खामियाजा अंत: रेलवे कर्मचारी को उठाना पड़ता है।
- बीके गर्ग, मंडल मंत्री वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ

अब तक निराश किया
अब तक जो बजट देखा है उससे निराशा हुई है। रेलवे कर्मचारियों को लाभ हो इसके लिए कोई ठोस कदम की घोषणा नहीं हुई है।
- एसबी श्रीवास्तव, मंडल मंत्री वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाईज यूनियन

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अब जिलों के डाकघरों में भी बन सकेंगे पासपोर्ट, भोपाल-इंदौर आने की जरूरत नहीं


भोपाल। बजट में पासपोर्ट बनवाने से जुड़ा नया फैसला लिया गया है। अब देश भर के प्रधान डाकघरों में पासपोर्ट बनवाए जा सकते हैं, रीजनल पासपोर्ट ऑफिस में बढ़ते दबाव को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। पासपोर्ट एसवीसी के लिए हेड पोस्ट ऑफिस का फ्रंट ऑफिस के रूप में इस्तेमाल होगा।

प्रदेश में इसका सबसे ज्यादा फायदा ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा। मध्यप्रदेश के वे ग्रामीण युवा जो पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं, अब उन्हें बार-बार राजधानी भोपाल या इंदौर के चक्कर काटने पड़ते थे। अब वित्त मंत्री के इस ऐलान के बाद उनके जिले के प्रधान डाकघर में ही आसानी से पासपोर्ट बन जाएगा।


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प्रदेश में पहले ही चल रही थी कवायद
हालांकि इससे पहले ही मध्यप्रदेश के प्रमुख डाकघरों में पासपोर्ट बनाने की सेवा शुरू करने की कोशिश शुरू हो चुकी थी। हाल ही में खबर सामने आई थी कि विदेश मंत्रालय ने इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली है। इसके लिए देशभर के प्रमुख डाकघरों का चयन किया गया है। वर्तमान में 38 डाकघरों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो रहा है। 

पायलट प्रोजेक्ट के तहत 5 दिसंबर से डाकघरों में पीएसके जैसा काम शुरू हो जाएगा। आवेदन जमा करने से लेकर सारी प्रक्रिया डाक विभाग द्वारा ही पूरी की जाएगी। इस संबंध में मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स और मिनिस्ट्री ऑफ कम्युनिकेशन (डिपार्टमेंट ऑफ पोस्टल बिजनेस डेवलपमेंट एंड माकेज़्टिंग डायरेक्टरेट) के बीच दिल्ली में बैठक हो चुकी है। देशभर के 830 डाकघरों में पासपोर्ट सेवा केंद्र जैसी सुविधा बहाल करने की तैयारी है।


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पायलट प्रोजेक्ट के तहत 38 लोकेशन के डाकघरों में यह केंद्र खोले जाएंगे। दूसरे चरण में मप्र सहित अन्य जगहों के डाकघरों में पीएसके जैसी सुविधा शुरू की जाएगी।

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इनकम टैक्स में मिली छूट से मिडिस क्लास को राहत


भोपाल। भोपाल में करीब एक लाख लोग इन्कम टैक्स देते हैं। टैक्स कम देना पड़े इसके लिए कई तरह की छूट लेने या फिर कमाई को कम करके दिखाने की कोशिश करते हैं। लेकिन अब टैक्स में रछूट होने ेस लोगों को राहत मिलेगी। इससे अब लोगों में टैक्स का भय कम होगा। गौरतलब है कि मप्र से सालाना करीब साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए इन्कम टैक्स वसूला जाता है। 

अभी औसत आयकर कमाई का 30 फीसदी बनता है। लोकसभा में वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए बजट 2017-18 में इनकम टैक्स में मिली छूट से मिडिल क्लास को अब राहत मिलेगी।



Budget





पहले कितना था टैक्स

 0 - 2.5 लाख - 0 प्रतिशत
2.5 से 5 लाख - 10 प्रतिशत
5 लाख से 10 लाख - 20 प्रतिशत
10 लाख से अधिक - 30 प्रतिशत

अब कितना टैक्स

 0 - 2.5 लाख - 0 प्रतिशत
2.5 से 5 लाख - 5 प्रतिशत
5 लाख से 10 लाख - 20 प्रतिशत
10 लाख से अधिक - 30 प्रतिशत

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#Budget: 3 लाख से ज्यादा ट्रांजेक्शन पर रोक, बड़े व्यापारियों को होगी परेशानी


भोपाल। वित्त मंत्री अरुण जेटली संसद में आम बजट पेश कर रहे हैं। जेटली ने बजट में कई प्रमुख घोषणाओं में कैश ट्रांजेक्शन के लिए भी सीमा तय कर दी है। अब कोई भी 3 लाख से ज्यादा कैश ट्रांजेक्शन नहीं कर सकेगा। 

अरुण जेटली ने बजट घोषणा में कहा कि अब 3 लाख से ज्यादा कैश ट्रांजेक्शन नहीं किया जा सकेगा। वहीं आईटी एक्ट में बदलाव भी किया जाएगा। न तो कोई इतनी राशि ले सकेगा न ही दे सकेगा। यदि कोई इससे ज्यादा का कैश ट्रांजेक्शन करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। एक्सपर्ट विनय श्रीवास्तव का कहना है कि इसका सीधा असर बड़े व्यापारियों पर पड़ेगा। जिन्हें हर दिन बड़ी रकम का ट्रांजेक्शन की जरूरत पड़ती है। इसका सीधा असर बड़े व्यापारियों पर पड़ेगा। जिन्हें हर दिन बड़ी रकम का ट्रांजेक्शन की जरूरत पड़ती है।

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इनकम टैक्स के दायरे पॉलिटिकल पार्टीज, भरना होगा इनकम टैक्स रिटर्न


भोपाल। लंबे समय से मांग उठाई जा रही थी कि राजनीतिक दलों को इनकम टैक्स के दायरे में लाया जाए। 2017-18 के आम बजट में केंद्र सरकार ने अब इन राजनीतिक दलों को भी इनकम टैक्स के दायरे में ला दिया है। यानी अब हर राजनीतिक दल को हर साल इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना होगा।

जानें ये फैक्ट भी
* केंद्र सरकार देश के सभी राजनीतिक दलों को इनकम टैक्स के दायरे में ले आई है। 
* अब प्रत्येक राजनीतिक दल को हर साल इनकम टैक्स रिटर्न देना होगा।
* अब तक मनमानी चंदा वसूली करने पर वाले राजनीतिक दलों की इस प्रवृत्ति पर भी अब रोक लग गई है। 
* अब राजनीतिक दल चंदे के नाम पर 2000 रुपए से ज्यादा की वसूली नहीं कर सकेंगे। 
* इससे ज्यादा डोनेशन बॉन्ड के जरिये हो सकेगा। जो आरबीआई से जारी किए जाएंगे।

इनका कहना है
बजट में राजनीतिक दलों को पारदर्शिता के दायरे में लाने का प्रयास किया गया है, जो कि जरूरी था। ये बजट का एतिहासिक फैसला है।
विनोद शर्मा, भोपाल

राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे के हेर-फेर में ही ब्लैक मनी के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को बट्टा लग रहा था, ये स्वागत योग्य फैसला है।
- सुनील साहू, भोपाल

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Live Budget: मध्यप्रदेश के लोग चाहते हैं महंगाई पर लगे लगाम



भोपाल। आम बजट के साथ ही रेल बजट भी पेश हो रहा है। दोनों बजट साथ-साथ पेश होने से मध्यप्रदेश के लोगों की अपेक्षाएं काफी बढ़ी हुई हैं। नोटबंदी और लगातार ट्रेन हादसे होने के बाद सरकार अब आम जनता को कैसे साधेगी यह बुधवार के पेश होने वाले बजट भाषण से स्पष्ट होगा। दोनों बजट से महिलाओं को भी काफी अपेक्षाएं हैं।

उनका कहना है कि नोटबंदी के बाद से घर का बजट गड़बड़ा गया है। कुछेक वस्तुओं को छोड़ दें तो घरेलू वस्तुएं महंगी हुई हैं। इसलिए सरकार को किचन का भी ध्यान रखना होगा। इसी प्रकार रेलवे में महिलाओं को सफर में होने वाली परेशानियों तथा दुर्घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा कोष का अलग से प्रावधान करना चाहिए। इसके साथ ही रेल किराए में वृद्घि नहीं की जानी चाहिए। इधर, रेल बजट पर भोपाल की चार्डर्ट अकाउंटेंट सुनीता बाहेती का कहना है कि रेलवे में भी महिलाओं के सुरक्षित सफर के लिए अलग से पैकेज की घोषणा नहीं की है। यह ठीक नहीं है।

Budget Live coverage


12:40 PM
कॉरपोरेट टैक्स में कमी से भारत की 96% कंपनियों को फायदा होगा। मैट के लिए कैरी फार्वर्ड की अवधि 10 साल से बढ़ाकर 15 साल की गई। 50 करोड़ टर्नओवर तक की कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट कर घटाकर 25 फीसदी कर दिया गया।


12:33 PM
कैपिटल टैक्स गेन के लिए होल्डिंग पीरियड घटाकर 2 साल किया गया। 1.09 करोड़ अकाउंट्स में 2 लाख से 80 लाख के बीच जमा हुए। पर्सनल इनकम में एडवांस टैक्स 2016-17 में अभी तक 34.8 फीसदी बढ़ाया।

12:31 PM
जेटली ने कहा कि नेट टैक्स रेवेन्यू लगातार दूसरे साल 17 फीसदी बढ़ा। नॉन कर कम्पलायंट इकोनॉमी है भारत, टैक्स बेस बढ़ाएगी सरकार।

12:25 PM
बैंकों के रीकैपिटलाइजेशन के लिए 10 हजार करोड़ रुपए पयार्प्त नहीं। 2017-18 में रेवेन्यू डेफिसिट 1.9 फीसदी का अनुमान। भारत नेट के लिए अधिक आवंटन से डिजिटल कनेक्टिविटी बूस्ट होगी।

12:22 PM
2019 में इंडियन रेलवे के लिए सभी बोगियों में बायो टायलेट। साइंटिफिक मिनिस्ट्रीज के लिए 37435 करोड़ रुपए का आवंटन।

12:20 PM
वित्तमंत्री ने घोषणा की कि पेंशन को छोड़कर डिफेंस के लिए 2.74 लाख करोड़ का आवंटन किया जाएगा। कुछ ट्रिब्यूनल का मर्जर किया जाएगा। 2017-18 के लिए कैपेक्स आवंटन में 25.4 फीसदी का इजाफा।

12:18 PM
2017-18 के लिए 21.47 लाख करोड़ के कुल खर्च का प्रस्‍ताव। डिफेंस पेंशन के लिए ऑनलाइन सिस्‍टम शुरू करने का प्रस्‍ताव।

12:17 PM
पिछले साल के मुकाबले इंफ्रास्ट्रक्चर पर 16 फीसदी आवंटन बढ़ने से खर्च होंगे 3 लाख 96 हजार करोड़ रुपए।

12:17 PM
पासपोर्ट एसवीसी के लिए हेड पोस्‍ट ऑफिस का होगा फ्रंट ऑफिस के रूप में इस्‍तेमाल।

12:15 PM
मुख्यमंत्री डिजिटल पेमेंट पैनल के प्रस्‍तावों को किया जाएगा लागू। लेस कैश इकोनॉमी के लिए डिजिटल कनेक्टिविटी अहम।

12:14 PM
डिजिटल पेमेंट स्‍कीम्‍स के जरिए 25 अरब डिजिटल ट्रांजैक्‍शन का लक्ष्‍य, डिजिटल पेमेंट इन्‍फ्रा को बनाया जाएगा मजबूत।

12:13 PM
मार्च तक बैंकों के 10 लाख नए पीओए टर्मिनल बनाए जाएंगे। भीम ऐप को बढ़ावा देने के लिए रेफरल बोनस और कैशबैक प्‍लान की होगी शुरुआत।

12:12 PM
अफोर्डेबल हाउसिंग को इंफ्रा स्टे ट्स मिलने से इनविट्स (InVITs) और आईडीएफएस (IDFs) के लिए मौके बढ़ेंगे। आधार इनेबल्‍ड पेमेंट स्‍कीम का जल्‍द आएगा मर्चेंट वर्जन।

12:11 PM
सरकारी बैंकों के लिए अलग-अलग ईटीएफ फंड बनाया जाएगा। मुद्रा योजना के लिए 1.22 लाख करोड़ रुपए का आवंटन।

12:09 PM
पीएसयू बैंकों को रिकैपिटलाइज करने के लिए होगा अतिरिक्‍त फंड का आवंटन। साइबर सिक्‍युरिटी के लिए बनाई जाएगी कंप्‍यूटर इमर्जेंसी रिस्‍पांस टीम। इंटीग्रेटेड पब्लिक सेक्‍टर ऑयल कंपनी बनाने का प्रस्‍ताव। आईआरसीटीसी,आईआरसीओएन और आईआरएफसी को लिस्ट कराया जाएगा।

12:07 PM
इलीगल डिपॉजिट पर रोक के लिए मसौदा लाएगी सरकार। पीएम ग्रामीण आवास योजना के लिए अधिक आवंटन हाउसिंग फाइनेंस सेक्‍टर के लिए पॉजिटिव। रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन में 50 फीसदी बढ़ोतरी से पावर डिमांड बढ़ेगी और डिस्ट्रिब्यूशन लॉस कम होगा।

12:05 PM
इलेक्‍ट्रॉनिक मैन्‍युफैक्‍चरिंग के लिए 1.26 लाख करोड़ रुपए के 250 प्रस्‍ताव मिले।

12:04 PM
एफआईपीबी2017-18 में खत्‍म हो जाएगा। राजस्‍थान और ओडिशा में बनाए जाएंगे दो नए स्‍ट्रैटजिक क्रूड ऑयल रिजर्व।

12:03 PM
नेशनल हाउसिंग बैंक का रिफाइनेंसिंग टारगेट बढ़ाने से हाउसिंग सेक्टर को होगा फायदा। सभी गांवों में बि‍जली पहुंचाने के लक्ष्य से बि‍जली की मांग बढ़ेगी और डि‍स्ट्रीब्यूशन में नुकसान घटेगा।

12:03 PM
ट्रेड इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर एक्‍सपोर्ट स्‍कीम लॉन्‍च करेंगे। इन्‍फ्रा के लिए 3.96 लाख करोड़ रुपए का आवंटन।

12:02 PM
भारत नेट के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का आवंटन। अफोर्डेबल हाउसिंग को इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेटस मिलने से रियल एस्टेट सेक्टर के लिए फंडिंग कॉस्ट कम होगी।

12:01 PM
सभी गांवों में बि‍जली पहुंचाने के लक्ष्यो से बि‍जली की मांग बढ़ेगी और डि‍स्ट्री ब्यूकशन में नुकसान घटेगा। नेशनल हाइवे के लिए 64000 करोड़ रुपए का आवंटन। रूरल हाउसिंग में अलोकेशन में 50 फीसदी बढ़ोतरी से सीमेंट की डिमांड बढ़ेगी।

11:59 AM
2017-18 में ट्रांसपोर्ट सेक्‍टर के लिए कुल 2.41 लाख करोड़ रुपए का आवंटन। पीएमजीएसवाई और पीएमएवाई में आवंटन बढ़ने से कंस्‍ट्रक्‍शन सेक्टर को फायदा होगा। 2020 तक मानवरहित रेलवे क्रासिंग की जाएंगी खत्म।

11:58 AM
7000 रेलवे स्‍टेशन सोलर पावर्ड किए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना का आउटले बढ़ने से कंस्ट्रक्शन सेक्टर को फायदा। रेलवे के लिए 55000 करोड़ का आवंटन। पांच साल के लिए बनाया 1 लाख करोड़ रुपए रेल सेफ्टी फंड: जेटली

11:57 AM
ग्रामीण इलाकों की सड़कों की दशा सुधारने से रोजगार और उपभोग बढ़ेगा। 2017-18 में 3500 किमी रेलवे लाइन बिछाई जाएंगी: जेटली

11:55 AM
रेलवे के कैपेक्स के लिए 2017-18 में 1.31 लाख करोड़ रुपए का आवंटन। कोच मि‍त्र सुवि‍धा लॉन्‍च। एससी वेलफेयर के लिए 52400 करोड़ रुपए का आवंटन।

11.55 AM
रेल बजट भी साथ-साथ शुरू।

11:54 AM
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए अलोकेशन बढ़ना हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर के लिए पॉजिटिव। माइनारिटी अफेयर्स के लिए 4195 करोड़ रुपए का आवंटन। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए अलोकेशन बढ़ना हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर के लिए पॉजिटिव। सीनियर सिटीजन के लिए पेश किए जाएंगे आधार बेस्‍ड हेल्‍थ कार्ड। मेडिकल डिवाइसेस के लिए बनाए जाएंगे नए नियम।

11:52 AM
दवाओं और कॉस्‍मेटिक्‍स की कीमतों पर कंट्रोल के लिए रूल्‍स में संशोधन का प्रस्‍ताव। लेप्रोसी को 2018 और टीबी को 2025 तक खत्म करने का लक्ष्य। रूरल डि‍मांड टोटल डि‍मांड का करीब 35 फीसदी।

11:50 AM
झारखंड और गुजरात में बनेंगे दो नए एम्स। अफोर्डेबल हाउसिंग को मिलेगा इन्फ्रास्ट्रक्चर का स्‍टेटस। 2017-18 में महिलाओं और बच्‍चों के लिए 1.84 लाख करोड़ रुपए का आवंटन। वुमन एम्‍पावरमेंट के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रस्‍ताव। नेशनल हाउसिंग बैंक के लिए 20000 करोड़ रुपए का प्रस्‍ताव। 

11:47 AM
कृषि कर्ज, मनरेगा, सिंचाई और दूसरे ग्रामीण स्की‍मों को ज्यादा आवंटन टू-व्ही‍कल और ट्रैक्टर सेक्टर्स के लि‍ए पॉजि‍टि‍व।


11:47 AM
जेटली ने कहा कि हायर एजुकेशन में एंट्रेंस एक्‍जाम के लिए एजेंसी बनाई जाएगी। स्क्लि एक्‍वीजिशन प्रोग्राम के लिए 4000 करोड़ रुपए का प्रस्‍ताव। लेदर और फुटवेयर सेक्‍टर के लिए स्‍पेशल जॉब क्रिएट की जाएंगी।



11:44 AM
बेघरों और कच्‍चे मकानों में रहने वालों के लिए 2019 तक 1 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्‍य। सेकेंडरी एजुकेशन के लिए बनेगा इनोवेशन फंड।


11:43 AM
दीनदयाल आवास योजना के लिए 4500 करोड़ रुपए का प्रस्‍ताव। रूरल एग्री और इससे जुड़े सेक्‍टर्स के लिए 1.87 लाख करोड़ का प्रस्‍ताव। 1 मई 2018 तक 100 फीसदी रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन का टारगेट।


11:40 AM
वित्तमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के लिए 19 हजार करोड़ रुपए का प्रस्‍ताव। कृषि सेक्टर के लि‍ए 10 लाख करोड़ रुपए का कर्ज देने से ट्रैक्टर सेल्स को बूस्ट मि‍लेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए फंड आवंटन बढ़ाकर 23000 करोड़ करने का प्रस्‍ताव।


11:36 AM
जेटली ने कहा कि 2019 तक 50 हजार ग्राम पंचायतों को गरीबी से मुक्‍त किया जाएगा। पीएम सड़क योजना के तहत रोजाना 133 किमी सड़क बनाई जाएगी।


11:35 AM
जेटली ने अपने भाषण में कहा कि ई-नैम के तहत हर APMC के लिए 75 लाख रुपए का प्रावधान। मनरेगा के लिए 48,000 करोड़ रुपए का प्रस्‍ताव। रूरल प्रोग्राम्स के लिए हर साल 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के खर्च का प्रस्ताव।

11:34 AM
वित्तमंत्री ने कहा कि एग्री को-ऑपरेटिव्‍स के डिजिटाइजेशन के लिए तीन साल में 1900 करोड़ का प्रस्‍ताव।

11:33 AM
जेटली ने कहा कि नाबार्ड के अंतर्गत 8000 करोड़ रुपए का डेयरी प्रोसेसिंग इन्‍फ्रा फंड बनाया जाएगा।

11:32 AM
वित्तमंत्री ने कहा कि फसलों की बीमा के लिए 9000 करोड़ रुपए का प्रावधान।

11:31 AM
नाबार्ड के तहत इरिगेशन फंड को बढ़ाकर 20 हजार करोड़ तक बढ़ा दिया गया। एग्रीकल्‍चर सेक्‍टर की ग्रोथ इस साल 4.1 फीसदी रहने का अनुमान। एग्री क्रेडिट के लिए इस साल 10 लाख करोड़ का टारगेट।

11:28 AM
जेटली ने अपने भाषण में कहा कि एडवांस्‍ड इकोनॉमी की ग्रोथ 1.6 से 1.9 फीसदी रहने का अनुमान है। जबकि, इमर्जिंग इकोनॉमी की ग्रोथ 4.1 से 4.5 फीसदी के बीच रहने का अनुमान। खरीफ और रबी सीजन में रकबा बढ़ा है।

11:24 AM
वित्तमंत्री ने कहा कि किसानों की इनकम 5 साल में दोगुनी की जाएगी। इस बजट में 3 रिफॉर्म अहम हैं। इसमें रेल बजट का मर्जर किया गया और बजट की तारीख पहले करना शामिल है।

11:22 AM
जोटली ने कहा कि नोटबंदी से आने वाले समय में जीडीपी बढ़ेगी। इकोनॉमिक रिफॉर्म्‍स को जारी रखेंगे और सरकारी खर्चे में बढ़ोतरी करेंगे। पिछले एक साल में बैंकरप्‍सी बिल, आधार बिल, एफडीआई छूट लिमिट बढ़ाने जैसे कई बड़े रिफॉर्म किया गए।


11:20 AM
जेटली ने कहा कि नोटबंदी के चलते टैक्‍स कलेक्‍शन बढ़ा है। नोटबंदी एक साहसिक फैसला। इससे बैंकों की लेंडिंग कैपेसिटी बढ़ेगी। नोटबंदी से ब्लैकमनी, फेक करंसी और टेरर फंडिंग पर लगाम लगेगी।

11:17 AM
वित्तमंत्री बोले-ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सुधारने पर काफी कम किया गया। मैन्‍युफैक्‍चरिंग के मामले में भारत दुनिया का छठां सबसे बड़ा देश। सरकार फिस्‍कल कंसॉलिडेशन की राह पर है। करंट अकाउंट डेफिसिट में कमी आई है।

11:14 AM
जेटली ने कहा- युवा वर्ग और रोजगार पर बजट का पूरा फोकस

11:13 AM
वर्ष 2017 के दौरान ग्रोथ में रि‍कवरी आने की उम्‍मीद: जेटली

11:12 AM
ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच यह बजट पेश हो रहा है-जेटली
वित्तमंत्री ने कहा- ब्लैकमनी पर काबू करने के लिए सरकार ने काफी काम किया।

11:10 AM
हंगामे के बीच अरुण जेटली ने शुरू किया बजट भाषण।

11:09 AM
लोकसभा में विपक्ष का भारी हंगामा। विपक्ष सदन की कार्यवाही स्‍थगित करने की मांग कर रहा है।

11:07 AM
लोकसभा स्‍पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा- मैं सदन को स्‍थगित करना चाहती थी, लेकिन राष्‍ट्रपति की मंजूरी के बाद बजट पेश करने का फैसला लिया गया। यह एक्‍सेप्‍शनल केस है। इसलिए सदन को स्‍थगित नहीं किया जा रहा है।

11:05 AM
दिवंगत सांसद ई.अहमद को दो मिनट मौन रखकर सभी ने दी श्रद्धांजलि।

11:04 AM
लोकसभा की कार्यवाही शुरू।

11:02 AM
कैबिनेट ने दी बजट को मंजूरी।

10:41 AM
पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने बोला है कि आज आम बजट पेश नहीं होना चाहिए।

10:38 AM
लोकसभा स्‍पीकर और इंदौर की सांसद सुमित्रा महाजन ने भी कहा कि बजट आज ही पेश होगा, जिसकी औपचारिक घोषणा कुछ देर में पूरी हो जाएगी।

10.36AM
एसपी लीडर नरेश अग्रवाल ने कहा है कि मौजूदा सांसद के निधन पर सदन को स्‍थगित करने की परंपरा रही है। लेकिन, यह सरकार परंपराओं का निर्वहन नहीं करती।

10.26 AM
वित्तमंत्री ने किया ट्वीट, कहा-11 बजे पेश होगा बजट।

10.24 AM
कांग्रेस पार्टी का आरोप, सांसद ई-अहमद की मृत्‍यु की घोषणा देर से की गई।

10.15AM
कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बजट की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की।


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बजट से आस,शहरवासी बोले- टैक्स में कमी कर राहत दे सरकार


इंदौर. केंद्र सरकार 1 फरवरी को आम बजट पेश करने वाली है। नोटबंदी के बाद पेश हो रहे पहले बजट से हर वर्ग को खासी उम्मीदें हैं। पत्रिकाने मंगलवार को रीगल तिराहा से घंटाघर चौराहे के बीच छात्र, व्यापारी, वरिष्ठ नागरिक, लघु उद्यमी, ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े लोग आदि से चर्चा की। इस दौरान सभी से पूछा कि बजट के उनके लिए क्या मायने हैं? 

बदल गया पान का जायका

महंगाई ने पान का जायका बदल दिया है। सरकार के प्रयास कम नजर आते हैं। सरकार को छोटे व्यापारियों के लिए बजट में राहत का ऐलान करना चाहिए। 

- प्रकाश इसरानी मामा, पान मसाला व्यवसायी

 

खान-पान पर मिले राहत

हमारा चाय-नाश्ते का कारोबार है। खान-पान की सामग्री पर राहत मिलना चाहिए। मसाले, खाद्य सामग्री महंगी होने से हमें भी कीमत बढ़ाना पड़ती है। ऐसे में चाय का जायका बिगड़ रहा है। 

- चंद्रकांत शर्मा, होटल व्यवसायी 



उम्मीद है राहत मिलेगी

मैं मार्केटिंग करता हूं। हर महीने कीमतें घटने-बढऩे से घर चलाने में परेशानी होती है। उम्मीद है सरकार बजट में मध्यम वर्ग को राहत देगी। 

- मातादीन चौरसिया, मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव


 

महंगी स्टेशनरी पर लगाम लगे

पढ़ाई करवाना बेहद कठिन हो गया है। बढ़ती फीस और महंगी होती पढ़ाई के चलते गरीब और मध्यम वर्ग अच्छी शिक्षा से वंचित है। बजट में इससे राहत मिलना चाहिए।

- उज्ज्वल दांगी, स्टूडेंट

 

 लोन हो सस्ता

स्टूडेंट्स पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन उन्हें अच्छी पढ़ाई के लिए लेना महंगा मिलता है। सरकार को बजट में एजुकेशन लोन सस्ता करना चाहिए। 

- मयंक शर्मा, स्टूडेंट


 

आम आदमी के लिए हो फैसला

बजट में एेसी घोषणाएं होना चाहिए, जिससे मंदी से जूझ रहे सराफा व्यवसाय को रफ्तार मिले। सरकार को टैक्स में कमी करना चाहिए। 

- चेतन परमार, सराफा कारोबारी

 

बजट सबके लिए हो

अमीर-गरीब सभी के लिए अच्छा बजट बनाया जाना चाहिए। किसी के साथ एक तरफा व्यवहार न हो। खाद्य पदार्थ व रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर लगाम जरूरी है। 

- हिमांशु भट्ट, एंटरप्रेन्योर


 

 टैक्स में कमी हो

केंद्र व राज्य सरकारों ने व्यापारियों पर कई तरह के टैक्स लगाकर कमर तोड़ दी है। एेसे में परेशानी यह है कि प्रतिस्पर्धा के दौर में कीमत कम कैसे रखी जाए। सरकार मंदे व्यापार में जान फूंके। 

- देव कौल, कैफे संचालक


 बेरोजगारों को राहत मिले

सरकार बजट में बेरोजगारों को राहत दे। कुछ ऐसी व्यवस्था करना चाहिए कि लोन लेने वालों की नौकरी लगने के बाद ही उनसे लोन की वसूली होना चाहिए। 

- सर्वेश जैन, इंजीनियर

 

 टैक्स में मिले राहत

कपड़ा उद्योग की हालत ठीक नहीं है। सरकार को इनकम टैक्स में राहत देकर व्यवसायियों की परेशानी को कम करना चाहिए। सर्विस टैक्स भी कम हो। 

- मुकेश वर्मा, कपड़ा व्यवसायी


  

मोबाइल मार्केट को पंख लगे

सरकार को मोबाइल की कीमतें हर दुकान पर एक जैसी करना चाहिए। उम्मीद है कि मोबाइल बाजार में तेजी लाने के प्रयास सरकार करेगी। 

- कमलेश पंवार, मोबाइल व्यवसायी

 

 उम्मीद है राहत मिलेगी

सरकार को बजट में सर्विस टैक्स में कमी करना चाहिए। सर्विस टैक्स से वाहनों में लगने वाले कल-पुर्जे भी महंगे हो जाते हैं। बजट में थोड़ी राहत मिलना चाहिए।

- राकेश मेहता, ऑटोमोबाइल व्यवसायी


  पेट्रोल व गैस पर हो राहत

सरकार को बजट में पेट्रोल-डीजल पर टैक्स में कमी करना चाहिए। पेट्रोल-डीजल के महंगे होने का असर सीधे उपभोक्ता पर पड़ता है। 

- यूसुफ खान, ऑटो चालक


 बुजुर्गों का ख्याल रखें

सरकार बुजुर्गों के लिए भी कुछ अच्छी घोषणाएं करे। जहां तक वरिष्ठ नागरिकों की बात है, उन्हें पेंशन या अन्य आय के स्रोत पर लाभ मिलना चाहिए। 

- सुनील दत्त, वरिष्ठ नागरिक


 

किचन का रखें ख्याल

सरकार को किचन के खर्च पर लगाम लगाना चाहिए। बचत का बड़ा हिस्सा कर के रूप में चला जाता है। बजट में किचन की रंगत बरकरार रहना चाहिए। 

- रीता दत्त, गृहणी

 


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Budget 2017: सभी की पहुंच में आए होम व एजुकेशन लोन,रिमोट एरिया के लिए खुले खजाना


जबलपुर। आम बजट से उम्मीदों को लेकर पत्रिका कार्यालय में सोमवार को शिक्षाविद्, अर्थशास्त्री, उद्योगपति और कारोबारियों ने मंथन किया। अलग-अलग सेक्टर पर विचार रखे। अगले वित्तीय वर्ष में   जीएसटी लागू होने के कारण  उद्योगपति एवं कारोबारी यह आशा लगा रहे हैं कि करों की दरों में इजाफा नहीं होगा। उन्हें सहूलियत मिलेगी। नोटबंदी के बाद कैशलेस अर्थव्यवस्था के लिए जमीनी स्तर पर पर प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। करों की दर यथावत रखने की उम्मीद जताई। साइबर सिक्योरिटी, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा, स्किल डवलपमेंट और इनकम टैक्स के स्लैब में वृद्धि की संभावना भी जताई गई। 

ये कह रहे एक्सपर्ट 

नोटबंदी के बाद उद्योग एवं व्यापार प्रभावित रहा। इस नुकसान की भरपाई हो। निर्यात बढ़ाने  भी विशेष प्रयास हों। इनकम टैक्स दरें बढ़ाई जाएं। रेल और आम बजट एकसाथ करने से नुकसान होगा। रक्षा एवं रक्षा उत्पादन बजट इसका उदाहरण है। 
रवि गुप्ता, अध्यक्ष महाकोशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री

इनकम टैक्स का स्लैब बढ़ाने से कुछ नहीं होगा। यह कर सरकार के राजस्व का मुख्य हिस्सा नहीं है। रियल इस्टेट को बढ़ाने के लिए होम लोन दरें और कम की जाएं। जीएसटी आ रहा है। इसलिए दीगर करों की दरें भी नहीं बढ़ाई जानी चाहिए।
शंकर नाग्देव, प्रवक्ता महाकोशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री

&अर्थव्यवस्था को गति देने का इससे बेहतर समय नहीं हो सकता। जीएसटी जितनी जल्दी हो सके लाया जाए। नोटबंदी से सरकारी खजाना भरा है। बड़ी योजनाओं पर काम किया जा सकता है। निजी सेक्टर को बढ़ावा देने कारगर योजनाओं की घोषणा हो।
पंकज माहेश्वरी, कोषाध्यक्ष जबलपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री

टैक्स लगाने का काम हर सरकार करती है, लेकिन उसे वसूलने की व्यवस्था में सुधार पर ध्यान नहीं दिया जाता। यदि वह दुरुस्त कर ली जाएं तो फिर राजस्व जुटाना कठिन नहीं होगा। इससे सरकार बड़ी योजनाओं के लिए ठोस कदम उठा सकती है। 
तरुण आनंद, सेवानिवृत्त अधीक्षण यंत्री जेडीए 

सरकार का प्रयास डिजीटल इंडिया की तरफ है। एेसे में जरूरी है कि वित्तीय एवं तकनीकी साक्षरता पर जोर दिया जाए। प्राथमिक शिक्षा के साथ इसे जोड़ा जाए। स्कूल और कॉलेजों को अलग से बजट दिया जाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा जरूरत है।
डॉ. आशीष मिश्रा, प्राध्यापक, जीएस कॉलेज 

इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव जरूरी है। बुजुर्ग और महिलाओं को आयकर में विशेष छूट दी जानी चाहिए। कैशलेस के लिए व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं। इस बजट में एेसा प्रावधान हो जिससे यह व्यवस्था आसान हो जाए। 
हेमराज अग्रवाल, महामंत्री, मिष्ठान विक्रेता संघ

बजट के प्रावधान का क्रियान्वयन बहुत आवश्यक है। देश में कई तरह के कर में तकनीकी खामियां हैं। यदि उन्हें दूर किया जाता है तो कर चुकाना कठिन नहीं होगा। डिजीटल इंडिया अभियान में लक्ष्य आधारित कार्य कि ए जाएं।
तरुण परवानीसचिव, जबलपुर सीए ब्रांच 

भ्रष्टाचार रोकने बजट में प्रावधान किया जाना चाहिए। चिकित्सा सुविधाओं में इजाफा हो। गरीबों को रियायत मिलनी चाहिए। हर शहर में शिक्षा के बेहतर इंतजाम हों, ताकि छात्रों को दूसरी जगहों का मुंह न ताकना पडे़। 
नरिंदर सिंह पांधे, सचिव, जबलपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री

कैशलेस प्रणाली में सुरक्षा अहम है। इस पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। राजस्व में वृद्धि के लिए सरकार को बेहतर बचत योजनाएं लानी चाहिए। ब्याज दरें ऊंची होनी चाहिए। बिजनेस मैन के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए जाने चाहिए।
सौरभ जैन, चार्टर्ड अकाउंटेंट 

रेल और सड़क यातायात को समृद्ध बनाना चाहिए। पर्याप्त और अच्छी बसें हों तो सड़कें और रख-रखाव की व्यवस्था भी अच्छी हो। ई-रिक्शा को बढ़ावा देने वाली योजना से श्रमिक वर्ग को रोजगार मिलेगा। 
शीतल उपाध्याय, डिप्टी सीईओ, जेसीटीएसएल

देश में करों के सरलीकरण की प्रक्रिया धीमी है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है। लोग कर तो चुकाना चाहते हैं लेकिन इसके लिए कई प्रक्रियाओं से होकर गुजरना पड़ता है। जो नियम बनाए जाएं उनका क्रियान्वयन भी उसी गति में होता तो बेहतर होगा। 
आशीष चावला, चार्टर्ड अकाउंटेंट 

अभी  निर्माण क्षेत्र में आगे बढऩे की आवश्यकता है। नॉलेज इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना की घोषणा होनी चाहिए। इसके अलावा सरकार को स्किल डवलपमेंट की योजना पर तेजी के साथ काम करना होगा।  
धर्मेन्द्र वर्मा, संचालक राज्य वन अनुसंधान संस्थान 

देश में हर आदमी टैक्स से केवल इसलिए बचता है कि इसमें कई औपचारिकताएं करनी पड़ती हैं। आज सरल स्वकर योजना को बढ़ावा दिया जाना उचित होगा। जीएसटी के कारण उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र पर कर बढ़ाना उचित नहीं। 
अनुराग रावत, चेयरमैन जबलपुर सीए ब्रांच

आम आदमी को राहत देने वाला बजट होना चाहिए। घर-गृहस्थी और जरूरत की वस्तुएं सस्ती होनी चाहिए। किसान और मजदूर की तरक्की के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया जाना जरूरी है। रेलवे में किराया ज्यादा नहीं बढ़ाया जाए।  
अनिल कुमार सोनी, अधिवक्ता

एक राष्ट्र है इसलिए एक बजट हो। इसका विभाजन नहीं होना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र का पढ़ा-लिखा युवा वहां तभी रुकेगा जब रोजगार के संसाधन मिलें। उम्मीद है कि इस बजट में गांव और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर होगा। शिक्षा प्रगति का सबसे बड़ा माध्यम होता है। इसके लिए विशेष बजट मिल सकता है। स्किल डेवलपमेंट पर पूर्व के बजट में भी प्रावधान था। उसमें इजाफा हो सकता है।  हमारे विश्वविद्यालय ने इस दिशा में काम किया है। युवाओं के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं। 
प्रो. केडी मिश्र, कुलपति रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय 

आयकर की सीमा बढऩी चाहिए।  यदि एेसा नहीं हुआ तो आश्चर्य होगा। चिकित्सा क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। उम्मीद है कि निजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोलने के लिए सब्सिडी मिलेगी। इससे इलाज आसान हो सकेगा। मल्टी स्पेशलिटी सेंटर खोलने के लिए विशेष सुविधाएं मिलने के आसार हैं। बजट में निजी अस्पतालों में कैशलेस ट्रांजेक्शन अनिवार्य कर देना चाहिए। इससे लेनदेन में पारदर्शिता बढेग़ी साथ ही मेडिक्लेम भी आसान होंगे। राज्य बीमारी सहायता योजनाओं में ज्यादा आर्थिक सहयोग मिल सकता है। केन्द्र सरकार भी कोई नई घोषणा कर सकती है। 
डॉ. आरएस शर्मा, कुलपति मेडिकल यूनिवर्सिटी

Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/mp-budget-news/accessible-to-home-and-education-loans-for-all-from-the-budget-2017-news-in-hindi-1499991/

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