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ईरानी चाय...


उपेन्द्र शर्मा

आजकल वैसे तो ईरान के पेट्रोल और चाबहार बन्दरगाह की चर्चा वैश्विक स्तर पर हो रही है लेकिन गुजरात से ईरान का रिश्ता थोड़ा न्यारा है। गुजरात में ईरानी चाय पिए बिना लाखों लोगों का एक दिन भी नहीं गुजरता है। ईरान का एक पुराना नाम आर्यान (आर्यों का स्थान भी है) और पारस (पर्शिया) भी है। आर्यों के जिस स्थान को प्रमाणिक मानने पर ज्यादातर विद्वान एकमत हैं वो ईरान ही है। महाभारत में नकुल और सहदेव की मां माद्री का पीहर ईरान ही बताया जाता है। सिंधु घाटी सभ्यता के जो अवशेष सिन्ध में मिले हैं उनका विस्तार पश्चिम में ईरान, दक्षिण-पूर्व में गुजरात (लोथल), पूर्व में राजस्थान (पीलीबंगा-कालीबंगा) और उत्तर में पंजाब तक मिलते हैं।
19वीं-20वीं सदी में पारस के व्यापारी गुजरात के बंदरगाहों पर उतरे थे तो अपने साथ लाए थे ईरानी चाय, बन मस्का, बिस्किट, ब्रेड, केक आदि। आज भी ईरान, अरब, सिन्ध और गुजरात के बीच में समन्दरी रास्तों से आवाजाही बनी हुई है। पारसियों (टाटा वाले भी) का व्यापारिक हुनर भी तभी यहां पंहुचा। गुजरातियों को यह सब चीजें ऐसी पसन्द आई कि मानों यहीं जन्मी हो।
पुराने अहमदाबाद शहर में एक ईरानी रेस्टोरेन्ट (तीन दरवाजा) है। यहां दिन भर में ईरानी चाय के हजारों कप लोग बड़े प्यार से खींचते हैं। साथ में खाते हैं बन (फूली हुई ब्रेड) और मस्का (मक्खन)। ईरानी चाय में चाय पत्ती थोड़ी कम होती है। थोड़ी-सी अतिरिक्त मीठी होती है और दूध व क्रीम (मलाई) से बनी होती है। मीठे के प्रति चूंकि गुजराती माणसों (मनुष्यों) का प्रेम पहले से ही था तो ईरानी चाय उनको भानी ही थी।
एक बड़ी खास बात यह है कि इस होटल के मालिक मुस्लिम हैं और खुद गायें पालते हैं। उन्हीं गायों के दूध से ईरानी चाय बनाते हैं और बन में लगाने के लिए मस्का (मख्खन) भी। इसलिये कह सकते हैं कि शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जाता है।
पुराने अहमदाबाद के ही लाल दरवाजा इलाके में एक लक्की होटल है जहां चाय पीने के सब से बड़े मुरीद थे मशहूर पेन्टर एम.एफ. हुसैन। यह लक्की होटल एक कब्रिस्तान में है और लोग कब्रों के इर्द-गिर्द बैठकर ही चाय पीते हैं।
गुजरात के अलावा ईरानी चाय मुंबई और हैदराबाद में भी खासी लोकप्रिय है। तो कभी इन जगहों पर जाना हो तो चुस्की खींचना मत भूलना, आखिर ईरान से नाता हजारों साल पुराना जो है.....

Ahmedabad Irani chay or bread

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आंबेडकर जयंती का आयोजन... चुनाव आयोग से मांगी अनुमति


इंदौर। डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर होने वाले आयोजन को लेकर जिला प्रशासन की नींद उड़ी हुई है। उस दिन महू में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के खाने-पीने और रहने की व्यवस्था कैसे करें, क्योंकि आचार संहिता जो लगी हुई है। जिला प्रशासन ने अब राज्य निर्वाचन आयोग से ही अनुमति व मार्गदर्शन मांग लिया है।

14 अप्रैल को डॉ. आंबेडकर की जयंती है जिसे मध्यप्रदेश सरकार हर साल धूमधाम से मनाती है। उनके दर्शन के लिए जन्म स्थली महू में देशभर से अनुयायी आते हैं। ये आंकड़ा लाखों में हो जाता है। उनके आने पर रहने, खाने और पीने के साथ में सभा की व्यवस्था जिला प्रशासन जुटाता है। हर काम का बकायदा ठेका दिया जाता है।

देखा जाए तो करोड़ों रुपए के खर्च होता है। इस बार जिला प्रशासन के माथे पर चिंता हैं, क्योंकि लोकसभा चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लगी हुई है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का इक_ा होना और उनकी व्यवस्था करना मुश्किल है। सवाल ये है कि प्रशासन व्यवस्थाएं करे या न करे श्रद्धालु तो आएंगे ही। ऐसे में व्यवस्था न होने पर बवाल की स्थिति भी निर्मित हो सकती है।

इसको लेकर कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव व अपर कलेक्टर दिनेश जैन ने राज्य निर्वाचन आयोग से अनुमति मांग ली है। आयोजन की रूपरेखा के साथ में होने वाले खर्चे का अनुमान भी बता दिया गया जो सरकार के खाते से जाएगा।

अब तक नहीं हुए टेंडर
गौरतलब है कि आंबेडकर जयंती को लेकर जनवरी से तैयारियां शुरू हो जाती हैं। आंबेडकर स्मारक से जुड़े नेता और प्रशासन के बीच में समन्वय बैठकों का दौर शुरू हो जाता है। उसके बाद जिला प्रशासन सारी व्यवस्थाओं के लिए टेंडर जारी कर देता है। कम कीमत में ज्यादा अच्छा काम करने वालो काम सौंप दिया जाता है।

भव्य आयोजन को देखते हुए प्रशासन टेंट व अन्य संबंधित काम तो तीन-चार दिन पहले ही पूरा करवा लेता है ताकि एक-दो दिन पहले आने वाले श्रद्धालुओं को भी दिक्कत न हो। इस बार मार्च भी खत्म होने को है, लेकिन किसी भी काम का ठेका नहीं दिया गया। सारा मामला आयोग की अनुमति पर टिका हुआ है।


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रोड पर माइन्स बिछाकर पुलिस वाहन उड़ाने वाला नक्सली मांझी अहमदाबाद से गिरफ्तार


अहमदाबाद. झारखंड के धनबाद जिले के राजगंज थाना इलाके में रोड पर माइन्स बिछाकर पुलिस वाहन को बम से उड़ा देने के मामले में वांछित नक्सली सीताराम मांझी (४५) को गुजरात एटीएस ने अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। यह छह साल से वांछित था। आरोपी पर झारखंड सरकार ने एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया है।
गुजरात एटीएस के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि झारखंड के धनबाद जिले के राजगंज थाना इलाके में छह साल पहले वर्ष २०१४ में लोकसभा चुनाव के दौरान वनस्थली गांव के रोड पर साथियों के साथ मिलकर रोड पर माइन्स बिछा दी थी। यहां से पुलिस वाहन के गुजरने पर उसे बम ब्लास्ट करके उड़ा दिया था। इस मामले में आरोपी वांछित था। वहां से भागकर आरोपी अहमदाबाद आ गया। इस पर झारखंड सरकार ने एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया है। आरोपी करीब चार साल से ओढव व्यापारी महामंडल में स्थित कांतिलाल शेठ की स्टील पतरे की फैक्ट्री मेंकाम कर रही था। बीते करीब एक डेढ़ साल से यह अहमदाबाद जिले की दस्क्रोई तहसील के रणोदरा गांव में स्थित मरकुरी इंडिया नाम की स्टील फैक्ट्री में काम कर रहा था। इसी फैक्ट्री में रहता भी था। इसके बारे में पुख्ता सूचना मिलने पर एटीएस की टीम ने इसे फैक्ट्री पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी ने कबूला कि वह झारखंड के धनबाद जिले की तोपचौंची तहसील के धोवटण नेरो गांव का रहने वाला है। वर्ष २००४ से धनबाद की क्रांतिकारी किसान कमेटी नाम की नक्सलवादी संस्था से जुड़ गया। २००९ में धनबाद के अंगर पतरा रेलवे पुलिस स्टेशन पर हमला करके वहां से दो एसएलआर कारतूस को लूटने के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। यह उसके गांव में स्कूल के निर्माण में ठगी के मामले में भी वांछित है। झारखंड के वांछित नक्सलियों की सूची में यह १४९ नंबर का वांछित आरोपी है।


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स्टेच्यू ऑफ यूनिटी देखने पहुंचे स्टूडेंट्स


आलीराजपुर. स्थानीय पटेल पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी एक दिवसीय शैक्षणिक यात्रा के लिए गुजरात के नर्मदानगर जिले में स्थित ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ सरदार सरोवर बांध को देखने पहुंचे।
विद्यालय के कक्षा 5वीं से कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए यात्रा का आयोजन किया गया था। इसमें 97 विद्यार्थी एवं 22 शिक्षकों का दल सम्मिलित था। इस यात्रा में विद्यार्थियों ने सरदार वल्लभ भाई पटेल (स्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमंत्री) के व्यक्तित्व एवं उनके योगदान एवं उनकी लौहपुरुष की छवि के बारे में शिक्षकों से जानकारी प्राप्त की। इस अध्ययन यात्रा की समाप्ति के पश्चात विद्यालय के चेयरमेन महेश पटेल, नपा अध्यक्ष सेना पटेल, प्राचार्य कृष्णचंद्र उपाध्याय ने विद्यार्थियों एवं पालकों को बधाई देते हुए भविष्य में भी इस तरह की ज्ञानवर्धक व ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा निरंतर करते रहने की सलाह दी।
ये है ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’
स्वतंत्र भारत के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल का स्मारक है ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ । गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2013 को सरदार पटेल की जयंती पर इस इसके निर्माण का शिलान्यास किया था। यह स्मारक सरदार सरोवर बांध से करीब सवा तीन किलोमीटर दूरी पर साधू बेट स्थान पर है। यह नर्मदा नदी का एक टापू है, जो भरुच के निकट नर्मदा जिले में है। इसके निर्माण की बोली लार्सन एंड टूब्रो कंपनी ने 2989 करोड़ लगाई जिसमें आकृति, निर्माण और इसका रखरखाव शामिल था। 31 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल के जन्मदिन पर इसका लोकार्पण किया।
विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति
‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति है। इसकी लंबाई 182 मीटर (597 फीट) है। इसके बाद विश्व की दूसरी सबसे ऊंची मूर्ति चीन में स्प्रिंग टेंपल बुद्ध है।

क्यों कहते हैं ‘सरदार’ और ‘लौह पुरुष’
बारडोली सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे वल्लभ भाई पटेल को सत्याग्रह की सफलता पर वहां की महिलाओं ने सरदार की उपाधि प्रदान की। आजादी के बाद विभिन्न रियासतों में बिखरे भारत के भू-राजनीतिक एकीकरण में केंद्रीय भूमिका निभाने के लिए पटेल को लौह पुरुष भी कहा जाता है


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एयर इंडिया ने कहा नहीं उड़ा सकते रात को फ्लाइट



सूरत
सूरत एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ान की उम्मीद कर रहे सूरतीओं की उम्मीद को धक्का लगा है। अभी तक सूरतीयों को उम्मीद थी कि कुछ दिनों में सूरत से शारजॉह से कुछ दिनों में विमान सेवा शुरू हो सकती है, लेकिन इस सपने पर एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पानी फेर दिया है। एयर इंडिया ने सूरत एयरपोर्ट से मिले रात के स्लोट पर विमान उड़ाने स इंकार कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार सूरत एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा शुरू करने के लिए लंबे समय से सूरती मांग कर रहे हैं। एयरपोर्ट ओथोरिटी से लेकर उड्डयन मंत्री तक गुहार लगाने के बाद छह महीने पहले सूरत एयरपोर्ट से शारजॉह के लिए विमान शुरू होने की बात चर्चा में आई थी। उस समय एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सूरत एयरपोर्ट से शारजॉह के लिए रात्रि स्लोट की मांग की थी, जो कि तब सभंव नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे एयरपोर्ट पर सुविधांए बढने के बाद दो बार नाइट स्लोट दिया गया, लेकिन अब वह रात्रि में फ्लाइट उड़ाने का इंकार कर रहे हैं।
वी वर्क फोर वर्किंग सूरत एयरपोर्ट के संजय जैन ने बताया कि सूरत एयरपोर्ट से शारजॉह के लिए की गई आरटीआई में एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बताया है कि रात्रि के समय में शारजॉह के फ्लाइट में उनके लिए व्यापारिक दृष्टिकोण से उचित नहीं हैं। इसलिए वह सबेरे का समय चाहते हैं। जो कि सूरत एयरपोर्ट पर टर्मिनल एक्सपांसन के बिना संभव नहीं है।

पांच हजार से अधिक मुलाकाती आने का दावा
चैम्बर ऑफ कॉमर्स की ओर से आयोजित एनर्जी इन्टरनेशनल एग्जिबिशन रविवार को समाप्त हुआ। चैम्बर के प्रमुख हेतल मेहता ने तीन दिवसीय एग्जिबिशन में पांच हजार से अधिक मुलाकाती आए होने का दावा किया।
सरसाणा के इन्टरनेशनल एग्जिबिशन एंड कन्वेन्शन सेन्टर में शुक्रवार से शुरू हुए एनर्जी इन्टरनेशनल एग्जिबिशन में सूरत समेंत गुजरात में ऊर्जा उपकरण बनाने वाली कई कंपनियों के स्टॉल थे। चैम्बर ने तीन दिन में ऊर्जा के भविष्य पर चर्चा करने के लिए देशभर से जानकार वक्ता बुलाए थे, जिन्होंने ऊर्जा से जुड़े जु़ड़़े अलग-अलग विषय पर जानकारी दी। चैम्बर प्रमुख हेतल मेहता ने बताया कि सूरत में पहली बार एनर्जी एग्जिबिशन का आयोजन किया गया था, जो कि सफल रहा।


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बकाया भुगतान की मांग को लेकर तेज हुआ गन्ना उत्पादकों का आंदोलन


बेंगलूरु/बेलगावी/बागलकोट. चीनी मिलों के पास बकाया राशि के भुगतान और चालू पेराई सत्र के लिए गन्ने का लाभाकारी मूल्य तय करने की मांग को लेकर राज्य में गन्ना उत्पादक किसानों का आंदोलन तेज होने लगा है।

शुक्रवार को बेलगावी मेंं लगातार दूसरे दिन भी किसानों का आंदोलन जारी रहा तो बागलकोट जिले का मुधोल कस्बा बंद रहा। इस बीच, मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने गन्ना उत्पादकों की समस्याओं को हल करने का भरोसा देते हुए 19 नवम्बर को किसानों के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया है।

विधानासौधा परिसर में एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद शुक्रवार को बेंगलूरु में पत्रकारों से बातचीत में कुमारस्वामी ने कहा कि वे सोमवार को बेलगावी में धरना दे रहे गन्ना उत्पादक किसानों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याओं को दूर करने की कोशिश करेंगे। कुमारस्वामी ने कहा कि किसानों के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया गया है।

किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि सड़क पर खड़े होकर समस्याओं को नहीं सुलझाया जा सकता। किसानों के बेलगावी में विधानमंडल का शीतकालीन अधिवेशन नहीं चलने देने की चेतावनी के बारे में ध्यान दिलाने पर उन्होंने कहा कि अधिवेशन नहीं चलने देने की बात करना किसान विरोधी रवैया है।

उन्होंने कहा कि किसानों को सरकार को समस्या को दूर करने के लिए मोहलत देने का काम नहीं करना चाहिए। किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।


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जिपं अध्यक्ष ने विद्यार्थियों के साथ किया संवाद


आलीराजपुर. शासकीय हाई स्कूल डोबलाझीरी में सुबह 10:30 से 11:30 बजे प्राप्त तक मप्र शासन के निर्देशानुसार मिल बांचें कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अनीता चौहान व आयुश चिकित्सा अधिकारी जितेंद्र मकवाना, डॉ. वरुण सराफ व प्रभारी प्राचार्य शासकीय हाई स्कूल डोबलाझिरी मनोजकुमार शर्मा मौजूद थे। इस दौरान शिक्षक याकूब खोखर, रतनसिंह रावत, राजू डावर, संजय जोशी, सुरभान सिंह डावर, ललित रावत, मुकेश भिंडे, बीएल राठौर, राहुल चौहान मौजूद थे।
पेन का वितरण : मिल बांचें कार्यक्रम के चलते जिपं अध्यक्ष अनिता चौहान व अन्य अतिथियों ने अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। इस अवसर पर अतिथियों ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप बालपेनों का वितरण किया। इस अवसर पर स्कूल के शिक्षकों ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। संचालन रतनसिंह रावत ने किया।
कलेक्टर, एसपी और एसडीएम कन्या शिक्षा परिसर पहुंचे
उदयगढ़. मिल बांचे कार्यक्रम के तहत कलेक्टर गणेश शंकर मिश्र, एसपी विपुल श्रीवास्तव व एसडीएम अखिल राठौर, खंड शिक्षा अधिकारी राम सिंह सोलंकी, आरआई बीएस मकवाना, मंडल अध्यक्ष राजू मुवेल प्रात:11 बजे कन्या शिक्षा परिसर उदयगढ़ में पहुंचे। छात्राओं से सीधा संवाद किया एवं छात्राओ से प्रेरक कहानिया सुनीं। एक कहानी का क्षेत्रीय भिलाली भाषा में रूपांतरण भी सुना।भविष्य में छात्राओं को लक्ष्य बनाकर पढऩे एवं जीवन में कैसे सफ लता प्राप्त की जाती है, इस बारे में समझाया। कार्यक्रम में सीएससी, बीएससी एवं कन्या शिक्षा परिसर का समस्त स्टाफ मौजूद था।
विधायक डावर ने विद्यार्थियों को बताया शिक्षा का महत्व
चंद्रशेखर आजाद नगर. राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान के रचियता कौन हैं? पूरे देश में स्वच्छता के लिए कौन सा अभियान चलाया जा रहा है? पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का देहावसान कब हुआ? पाई का मान क्या होता है? जैसे प्रश्न से विधायक माधोसिंह डावर ने उत्कृष्ट विद्यालय में मिल बांचें कार्यक्रम के तहत् अध्यापन के दौरान विद्यार्थियों से किए। इस पर छात्र-छात्राओं ने उत्तर दिए। विधायक डावर ने मिल बांचें कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए अपने जीवन के कई अनुभव बताते हुए अंग्रेजी शिक्षा का महत्व बताया। उन्होंने कहाकि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए संकल्प लेना जरूरी है। संकल्प से ही किसी भी कार्य में सफलता मिलती है। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष मनीष शुक्ला, चंदूलाल जायसवाल, प्राचार्य सतीशसिंह, बीआरसी राजशेखर कुलकर्णी, प्रधान अध्यापक भारतसिंह अजनार, वरिष्ठ शिक्षक सिराजुद्दीन शेख सहित विद्यालयीन स्टाफ उपस्थित था।

Aazadnagar

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दो सड़क हादसों में नौ जने घायल, एक ने उपचार के दौरान तोड़ा दम


चूरू.

चूरू व नागौर जिला क्षेत्रों में हुए सड़क हादसों में नौ जने घायल हो गए। वहीं सादुलपुर में करीब 15 दिन पहले हुए हादसे के उपचाराधीन घायल ने दम तोड़ दिया।

 

कार की टक्कर से बालक घायल
सरदारशहर. भानीपुरा थाने के गांव हरदेसर बस स्टैण्ड के पास मेगा हाइवे पर कार की टक्कर से एक बालक घायल हो गया। घायल बालक को एम्बुलेंस 108 के माध्यम से कस्बे के राजकीय अस्पताल लाया गया। जहां पर चिकित्साकर्मियों ने प्राथमिक उपचार कर बीकानेर रैफर कर दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार हरदेसर निवासी सुनील नायक बस स्टैण्ड पर मेगा हाइवे पार कर रहा था कि इस दौरान हनुमानगढ़ की ओर से आ रही कार चालक ने तेज गति एवं लापरवाही से चलाते हुए टक्कर मार दी। जिससे बालक घायल हो गया। बालक सुनील कक्षा 5 में पढ़ता था। टक्कर के बाद चालक कार सहित फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार की तलाश शुरू की।

 

भिड़ंत में आठ घायल
लाडनूं. गांव बादेड़ के पास हाइवे पर मंगलवा रात हुई बस व जीप की भिड़ंत में आठ जने घायल हो गए। जानकारी के अनुसार मंगलवार रात को बोलेरो जीप में सवार शौकत अली, दीन मोहम्मद, मोहम्मद जमाल, जावेद, शकील, गुलाब नबी, चांद मोहम्मद व मोहम्मद करीम डीडवाना की तरफ जा रहे थे। इस दौरान बादेड़ के पास एक निजी बस व बोलेरो जीप में भिड़ंत हो गई। हादसे में जीप में सवार उक्त लोग घायल हो गए। जिन्हें राजकीय अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने घायलों का उपचार किया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने हादसे की जानकारी ली। पीसीसी सदस्य रवि पटेल ने अस्पताल पहुंचकर घायलों की कुशलक्षेम पूछी।

 

दम तोड़ा
सादुलपुर. करीब १५ दिन पहले चूरू सड़क पर अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल व्यक्ति की उपचार के दौरान बुधवार को मौत हो गई। थानाधिकारी ने बताया कि इस संबंध में राघा छोटी निवासी मनोज कुमार ने बुधवार शाम मामला दर्ज करवाया कि १७ जून को वह बहनोई उम्मेद सिंह के साथ बाइक से गांव डोकवा से सादुलपुर आ रहे था। रात नौ बजे राधा स्वामी आश्रम के पास बाइक खड़ी कर लघुशंका के लिए गया। तभी चूरू की ओर से आ रही जीप ने बाइक व बहनोई को टक्कर मार दी। जिससे उन्हें गंभीर चोट लगी। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां चिकित्सकों ने गंभीर हालत देखते हुए चूरू रैफर कर दिया। बाद में चिकित्सकों ने चूरू से सीकर एवं सीकर से जयपुर रैफर कर दिया। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की है।


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सलमान खान के खास वकील अगर सही समय पर पहुंच गए होते तो फैसला कुछ और ही होता !


नई दिल्ली। काले हिरण के शिकार मामले में सलमान खान को पांच साल की सजा मिल चुकी है। वहीं उनके चार दोस्त सैफ अली खान , तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम को बरी कर दिया गया है। माना जा रहा है इस केस को अगर सलमान के खास वकील श्रीकांत शिवादे लड़ रहे होते तो फैसला कुछ और भी हो सकता था। मुंबई में एक रैली में फंसने के कारण वह जयपुर सही समय पर नही पहुंच सके।

ड्रंक और ड्राइव मामले में थे वकील

इससे पहले श्रीकांत सलमान को ड्रंक और ड्राइव मामले से भी बचा चुके हैं। 2002 की इस घटना में सलमान को पांच साल जेल की सजा हुई थी। मगर बाद में श्रीकांत ने केस लड़ा और सलमान सजा से बरी हो गए।

रैली में फंसने के कारण नहीं पहुंच सके

गौरलतब है कि जयपुर में जब सलमान का केस लड़ा जा रहा था तब श्रीकांत मुबंई थे। वह जयपुर के लिए रवाना भी हुए थे मगर एक रैली में गाड़ी फंस जाने के कारण वह सही समय पर नहीं पहुंच सके। 60 वर्षीय श्रीकांत शिवादे काले हिरन के शिकार मामले में सलमान के वकील नहीं हैं, मगर इससे जुड़े आमर्स एक्ट मामले में वह उनका केस लड़ रहे हैं।

क्या है मामला

गौरतलब है कि जोधपुर की अदालत ने दो काले हिरणों का शिकार करने के 20 साल पुराने मामले में सुपर स्टार सलमान खान को पांच साल की कैद की सजा सुनाई है । इसके साथ ही कोर्ट ने सलमान खान पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने 1998 में हुई इस घटना के संबंध में 28 मार्च को मुकदमे की सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था। जोधपुर कोर्ट के फैसला सुनाए जाने के समय सभी आरोपी कलाकार सलमान खान, सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम अदालत में मौजूद थे।


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खुशखबरीः कहीं से भी खरीदें प्रीपेड कूूपन, पब्लिक बूथ से 1 रुपए में मिलेगा वाईफाई


नई दिल्ली। आने वाले समय में आपको गांव के दूरदराज इलाकों में भी वाईफाई की सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए पीसीओ की तर्ज पर वाईफाई बूथ तैयार किए जाएंगे। इस बूथ पर कूपन के माध्यम से लोग वाईफाई की सुविधा ले सकेंगे। जिस तरह से मोबाइल को रिचार्ज करने के लिए लोग कूपन का इस्तेमाल करते हैं, वैसे ही अब वाईफाई सुविधा को पाने के लिए भी प्रीपेड कूपन होंगे। इसके लिए गांव-गांव में बूथ होंगे ,जहां से एक से लेकर 100 रुपये तक के कूूपन खरीदे जा सकेंगे।

एक रुपये में मिलेगा 5 मिनट

दूरसंचार विभाग के अनुसार एक रुपये के कूपन पर पांच मिनट के लिए वाई-फाई सुविधा मिल सकेगी। विभाग ने इस योजना की तैयारी पूरी कर ली है। ट्राई ने बेंगलुरु और दिल्ली में पीडीओ (पब्लिक डाटा आॅफिस) और प्री-पेड कूपन के माध्यम से वाई-फाई सुविधा मुहैया कराने की पायलट योजना चलाई थी। ट्राई के मुताबिक पायलट प्रोजेक्ट के दौरान कराए गए सर्वे में 85 फीसदी यूजर्स ने इस सेवा से खुद को संतुष्ट बताया।

पीसीओ की तर्ज पर पीडीओ

गांवों में वाई-फाई की सुविधा के लिए पीसीओ की तर्ज पर पीडीओ पब्लिक डाटा आॅफिस बनाए जाएंगे। ये पीडीओ कोई भी लगा सकेगा। इसके लिए उम्मीदवार के पास आधार और पैन कार्ड होना जरूरी होगा। पीडीओ को आप अपने फोन से कनेक्ट करके सस्ते दाम पर वाईफाई सुविधा ले सकेंगे। पीडीओ में पीसीओ की तरह सुविधा होगी। इसमें ग्राहक अपने कूपन के माध्यम से एक समय सीमा तक वाई-फाई का इस्तेमाल कर सकेगा। इसके बाद डाटा पूरा होने पर ग्राहक के लिए अलार्म बजेगा और उसे सुविधा आगे बढ़ाने का आॅप्शन दिया जाएगा।

भारत में महज 31 हजार पब्लिक वाई-फाई हॉटस्पॉट

ट्राई के मुताबिक पीडीओ लगाने व संचालित करने के काम में कई कंपनियां काम करेंगी। भारत में अभी तक सिर्फ 31 हजार पब्लिक वाई-फाई हॉटस्पॉट मौजूद हैं। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक नेट की सुविधा देने के लिए सरकार पीडीओ पर काम कर रही है।


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कावेरी जल विवाद : पूरे तमिलनाडु में दिखा बंद का असर, यातायात रहा ठप


नई दिल्ली। कावेरी जल विवाद को लेकर तमिलनाडु में बंद का असर दिखाई दिया। चेन्नई और उसके आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित रहा। बाजार में सभी दुकाने बंद रहीं। बुधवार को सरकार के साथ विपक्षी पार्टियां भी इस आंदोलन में शामिल हुईं। इस मामले में दक्षिण के सुपर स्टार कमल हासन ने ट्वीट करके पीएम नरेंद्र मोदी से गुजारिश की है कि जल्द से जल्द कावेरी वाटर मैनेमेंट बोर्ड का गठन किया जाए, ताकि 16 साल से चल रहे इस विवाद का अंत हो सके।

राजनीतिक साजिश का शिकार बताया

वहीं डीएमके के नेता एमके स्टालिन ने इस मुद्दे को राजनीतिक साजिश का शिकार बताया है। उन्होंने राज्य में चली रही पलानीस्वामी सरकार को बीजेपी का गुलाम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फरवरी 2016 के फैसले को लागू करवाने में नाकाम रही है। राज्य सरकार केंद्र पर दबाव बनाने की बजाय अपनी गद्दी को बचाने में लगी है।

मुख्यमंत्री अनशन पर बैठे

बुधवार को खुद मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी और डिप्टी सीएम ओ पन्नीरसेल्वम अनशन पर बैठे। इस दौरान सडकों पर डीएमके के कार्यकर्ताओं ने रबर के चहूओं को मुंह में दबाकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जगह—जगह प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि दोनों ही सरकारों ने इस समस्या के हल के लिए कुछ नहीं किया है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य सरकार ने अभी तक कावेरी वाटर मैनेजमेंट बोर्ड का गठन नहीं किया है। इस समस्या जस की तस बनी हुई है।

कई कार्यकर्ताओं को किया गिरफ्तार

बुधवार को ऋचि में प्रदर्शन के दौरान निर्दलीय पार्टी से विधायक टीटीवी दिनाकरन के साथ करीब 100 से अधिक लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान पुलिस कस्टडी में प्रदर्शनकारियों से डीएमके के नेता एमके स्टालिन भी मिलने भी पहुंचे।
क्या है विवाद
दशकों से चले आ रहे कावेरी जल विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि नदी के पानी पर किसी भी राज्य का मालिकाना हक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल विवाद ट्राइब्यूनल के फैसले के मुताबिक, तमिलनाडु को जो पानी मिलना था, उसमें कटौती की थी तो बेंगलुरु की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कर्नाटक को मिलने वाले पानी की मात्रा में 14.75 टीएमसी फीट का इजाफा किया था। कोर्ट ने कहा था कि कावेरी के पानी के मामले में उसका फैसला अगले 15 सालों के लिए लागू रहेगा।


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सरकारी बोरिंग का पानी अब फ्री नहीं


उत्तम राठौर . इंदौर. पानी की बर्बादी रोकने के लिए नगर निगम ने एक बड़ा फैसला लिया है। सार्वजनिक बोरिंग से पानी लेने का अब शुल्क लिया जाएगा, जो अब तक नि:शुल्क था। लोगों को हर महीने 160 रुपए चुकाने होंगे। इस पर एमआईसी ने मुहर लगाकर संकल्प पारित कर दिया है।

निगम सीमा में 5 हजार से ज्यादा सार्वजनिक बोरिंग हैं। बोरिंग का पानी देने के लिए निगम रोड के ऊपर से पाइप लाइन बिछाकर सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट यानी थोड़ी-थोड़ी दूरी पर नल कनेक्शन करता है, जिससे सभी पानी भर सकते हैं। पाइप लाइन डालने के साथ बिजली बिल भी निगम ही भरता है। इस व्यवस्था में निगम जलयंत्रालय एवं ड्रेनेज विभाग ने बदलाव किया है।

अब पानी लेने के लिए लोगों को घरों में अलग से नल कनेक्शन लेना होगा। निगम में पैसा जमा करवा कर कनेक्शन होने के बाद हर महीने 160 रुपए जमा कराने होंगे। पानी का अपव्यय रोकने के लिए निगम ने शुल्क लेने का फैसला लिया है। इस पर महापौर मालिनी गौड़ और एमआईसी मेंबर ने मंजूरी देते हुए संकल्प पारित कर दिया है, जिसे निगम परिषद में स्वीकृति दिलाई जाएगी।

नर्मदा से कम लगेंगे पैसे
सार्वजनिक बोरिंग के लिए निगम ने जो शुल्क तय किया है, वह नर्मदा के कनेक्शन से बहुत कम है। नर्मदा का कनेक्शन लेने पर गरीब-निचली बस्ती में 1100 रुपए और अन्य कॉलोनियों में 2550 रुपए लगते हैं। सार्वजनिक बोरिंग से नल कनेक्शन लेने पर 60 रुपए लगेंगे। नर्मदा की तरह नल कनेक्शन की सामग्री लोगों को स्वयं लाना होगी।

पीने लायक नहीं
बोरिंग का पानी कितना भी साफ आए, उसे पीने योग्य नहीं माना जाता। पानी की जांच होने पर नर्मदा का शुद्ध और बोरिंग का पानी अशुद्ध बताया जाता है, लेकिन नर्मदा की लाइन न होने से लोग बोरिंग का पानी पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

 

बंद हो जाएंगे सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट
सार्वजनिक बोरिंग का पानी देने के लिए लगे स्टैंड पोस्ट यानी नल बंद कर दिए जाएंगे, ताकि जिन्हें बोरिंग के पानी की जरूरत है, वे निगम में पैसा जमा कराकर व्यक्तिगत नल कनेक्शन लें।

गरीब बस्तियों को मिलेगी छूट
सार्वजनिक बोरिंग से सिर्फ घरेलू उपयोग के लिए कनेक्शन दिया जाएगा, व्यावसायिक नहीं। गरीब बस्तियों में कनेक्शन के शुल्क में छूट दी जाएगी।

पहले बना था प्रस्ताव
शुल्क लेने का प्रस्ताव पूर्व महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा के कार्यकाल में बनाया गया था। उस समय नर्मदा की तरह बोरिंग के पानी का शुल्क 200 रुपए प्रति माह लेने की बात रखी गई थी, लेकिन पानी पीने योग्य न होने पर 100 रुपए प्रति माह लेने को एमआईसी ने कहा। इस पर सहमति न बनने से मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।

सभी को देना होंगे, चाहे नर्मदा लाइन हो
महापौर-आयुक्त के निर्देश पर सार्वजनिक बोरिंग से लोगों को घरेलू कनेक्शन देने का प्रस्ताव बनाया गया। इसके लिए 60 रुपए और बोरिंग से पानी लेने पर 160 रुपए प्रति माह शुल्क तय किया है। यह सभी के लिए रहेगा, चाहे नर्मदा की लाइन हो या नहीं।
- संजीव श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री, नर्मदा प्रोजेक्ट

सार्वजनिक नल बंद
सार्वजनिक बोरिंग से संचालित की जा रही जलप्रदाय व्यवस्था में बदलाव किया है। अब सार्वजनिक बोरिंग से लोगों को व्यक्तिगत घरेलू कनेक्शन लेना होगा और हर महीने 160 रुपए जमा करने होंगे। इसको लेकर एमआईसी में फैसला हो गया है। बोरिंग से दिए गए सार्वजनिक नलों को जल्द बंद किया जाएगा।
- बलराम वर्मा, प्रभारी, जलयंत्रालय एवं ड्रेनेज विभाग


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ठेकेदार एवं अधिकारियों की मिलीभगत से रोड निर्माण में हो रहा भ्रष्टाचार


सालीचौका। मारेगांव से केंकरा पहुंच मार्ग का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत तीन करोड़ 24 लाख की लागत से किया जा रहा है, जो कि शुरू से ही विवादों में रहा है। जिन ग्रामों से होते हुए यह रोड बनाया जा रहा है। इन ग्रामों के व्यक्ति आजादी के बाद से अभी तक रोड से महरूम थे। लेकिन सरकार की कल्याणकारी योजना के तहत रोड निर्माण आरंभ हुआ। इसमें ग्रामीणों का आरोप है कि रोड का बेस बनाने के लिए रोड के ही बाजू की मिट्टी खोदकर डाल दी गई है। जिससे कि रोड के बाजू में खाईयां तैयार हो गई हैं, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। वहीं रोड का बेस बनाने में बजरा एवं गिट्टी की मोटाई 12 इंच होनी चाहिए, जो कि कहीं पर पांच इंच तो कहीं पर सिर्फ दो इंच ही है। अत: लोगों का कहना है कि इतने घटिया बेस के रोड की उम्र क्या होगी यह सभी जान सकते हैं। जीवन में पहली बार बनने वाला रोड क्या बनते ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा। इन सभी स्थितियों की शिकायत कुछ जागरूक व्यक्तियों द्वारा पीएमओ ऑफिस एवं ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा भी अधिकारियों को की गई है। लेकिन अधिकारियों द्वारा इसओर ध्यान न देना साफ करता है कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को ठेकेदारों एवं अधिकारियों द्वारा पलीता लगाया जा रहा है।
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यहां सड़क बनते ही उखडऩे लगी गिट्टी
ठेकेदार की लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश
कौंडिया। चिर्रिया से सडूमर मार्ग की सात किमी की नई नवेली सड़क बनने के बाद ही चंद दिनों में उखड़ गई। जिस पर संबंधित ठेकेदार कभी कभार थेगड़े लगाकर सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। लोगों के अनुसार सड़क निर्माण कार्य में ठेकेदार के गुणवत्ता विहीन और मनमानी पूर्ण कार्य के कारण सड़क पर जगह जगह गडढे हो गए हैं। जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, सड़क की नुकीली गिट्टी राहगीरों के लिए दुर्घटना का कारण भी बन रही है। यहां राव राजेंद्र सिंह, राव विक्रम सिंह, प्रमोद राव, कुवंर शैलेष सिंह, सुरेंद्र सिंह, राव राजेश सिंह आदि नागरिकों में ठेकेदार के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है। क्षेेत्र के तमाम आला अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी यहां के हाल से वाकिफ होने बाद भी जनता की समस्या से कोसो दूर हैं। ग्रामीणो ने प्रशासन के उच्चाधिकारियों से शीघ्र ही सड़क निर्माण कराने की अपेक्षा की है। सड़क की हालात बेहद खराब स्थिति में है। जनहित के लिए प्रशासन को इस दिशा में सुधार के प्रयास करना चाहिए।
वाहन चालकों को खतरा
वैैसे तो कौंडिया सडूमर मार्ग से अनेक ग्रामीणों तथा शासकीय कर्मचारियों का आना जाना लगा रहता है। मार्ग पर गडढों के कारण सडकों की स्थिति और भी दयनीय हो गई है, जगह जगह पानी भरने से कई स्थानों पर सड़क कट गई, कई गडढे तो खाईयों के रूप में तब्दील हो गए हैं। कौडिय़ा और महगवां के पास रानी अवंतीबाई नहर परियोजना में पानी निकासी के लिए पुलिया खोदी गई वह भी अधूरी पड़ी है।
ग्रामीणों में आक्रोश
वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर रास्त पार करना पडता है, जिसमें कभी भी गंभीर हादसे का भय बना रहता है। ग्राम की सरंपच मोना कोरव, हक्कू भैया, प्रदीप कौरव, चौ. गजेंद्र सिंह, रज्जू भैया, राजेंद्र अतरोलिया महगवां, अनिल ढिमोले, सेवा निवृत्त शिक्षक पंचम विश्वकर्मा, राममनोहर ढिमोले, रामशंकर ढिमोले आदि ने बताया मार्ग पर कौंडिय़ा-सडूमर के बीचोबीच पुलिया की हालात बेहद खराब स्थिति में है। जहा से दुपहिया वाहन निकालने में भारी परेशानी होती है,सड़कें सुधारने के लिए लोक निर्माण विभाग पूरी तरह से सुस्त है, जिसका खामियाजा वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है, जनहित के लिए सड़को में प्रशासन को सुधार के प्रयास करना चाहिए।


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पवनपुत्र हनुमान को लगेगा 121 प्रकार के मिष्ठान्नों का भोग


कौंडिय़ा। भक्त शिरोमणी श्रीराम भक्त हनुमानजी का प्रकटोत्सव गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में धर्ममय वातावरण में उल्लास के साथ मनाया जाएगा। धार्मिक उत्सव के संबंध में गत दिवस सांय श्रीहनुमान मंदिर में बैठक आहूत की गई। जिसमें गांव के समाजसेवी लोगों की उपस्थिति में आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा हुई। जिसमें बताया गया कि हनुमान ? जन्मोत्सव पर मंदिर में प्रात: आठ से 11 बजे हवन पूजन, 11 बजे प्रसादी भोग, तीन बजे शोभायात्रा एवं रात्रि आठ बजे सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। वही अन्य मंदिरों में हनुमान चालीसा, अखंड रामायण पाठ, सुंदरकांड पाठ, हवन पूजन, अभिषेक, चोलावंदन आदि धार्मिक अनुष्ठान सुबह से लेकर देर रात्रि तक चलेंगे। वही हनुमान मंदिर झिरना तिराहा से अखाड़ा प्रदर्शन व शोभायात्रा निकाली जाएगी। धार्मिक आयोजन में सुबह 10 बजे से 121 प्रकार मिष्ठान्नों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। जिसमें बताया गया कि हनुमान जन्मोत्सव पर मंदिर में प्रात: आठ से 11 बजे हवन पूजन, 11 बजे प्रसादी भोग, तीन बजे शोभायात्रा एवं रात्रि आठ बजे सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। वही अन्य मंदिरों में हनुमान चालीसा, अखंड रामायण पाठ, सुंदरकांड पाठ, हवन पूजन, अभिषेक, चोलावंदन आदि धार्मिक अनुष्ठान सुबह से लेकर देर रात्रि तक चलेंगे। वही हनुमान मंदिर झिरना तिराहा से अखाड़ा प्रदर्शन व शोभायात्रा निकाली जाएगी। धार्मिक आयोजन में सुबह 10 बजे से 121 प्रकार मिष्ठान्नों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।धार्मिक आयोजन में पं कृष्णचंद्र शर्मा व पं संतोष दुबे द्वारा हवन पूजन कराकर मंदिर में हनुमानजी को मिष्ठान्नों का भोग लगाया जाएगा। शोभायात्रा के दौरान किसानी मुहल्ला हनुमान मंदिर, भीलट दादा दरबार, बाजार मुहल्ला हनुमान मंदिर, प्राथमिक बालक शाला हनुमान मंदिर, जबाहर चौक बडा हनुमान मंदिर, शिवालय चौक हनुमान मंदिर सहित, रामनगर समेत गांव के सभी हनुमान मंदिरों में चोलावंदन किया जाएगा। शोभायात्रा में बैंडबाजो के साथ अखाड़ा प्रदर्शन भी होगा। इस मौके पर सभी हनुमान भक्तों एवं श्रृद्धालुओं से धार्मिक आयोजन में पहुंचने का आग्रह किया है। बैठक में आशीष दीक्षित, अवनेश पचौरी, अशोक पटैल, सुनील रघुवंशी, संजीव रघुवंशी, अविनाश दुबे, हेमराज सिंह राजपूत, चंद्रशेखर तिवारी, नीरज दुबे, मदन पाठक, सुनील अग्रवाल, दिनेश पचौरी, शिवम दुबे, प्रत्यांश हरदेनिया, सुमित अग्रवाल, अंचल मालवीय, नन्हेभाई पाली, सुमित अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।


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लाखों की लागत का अस्पताल तैयार : लोग इलाज शुरू होने का कर रहे इंतजार


सिहोरा-गाडरवारा। सरकार द्वारा गांव गांव में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने लाखों की लागत से अस्पताल बना रही है। लेकिन अनेक गांवों में लाखों के भवन खड़े शुभारंभ का इंतजार कर रहे हैं। इसी कड़ी में विधानसभा क्षेत्र तेंदूखेड़ा के प्रमुख ग्राम सिहोरा में 95 लाख रुपए की लागत से 20 बिस्तरीय सरकारी अस्पताल बनकर तैयार हो चुका है। ग्रामीण अंचलों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए, शासन ने ग्राम सिहोरा में इमारत बनाकर तो खड़ी कर दी। लेकिन अस्पताल में इलाज शुरू होने का इंतजार क्षेत्र की जनता कई महीनों से कर रही है। उपयोग न होने से बनी बनाई इमारत खंडहर सी पड़ी हुईं है। लोगों का कहना है कि नर्मदा जयंती के अवसर पर बरमान प्रवास के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा इसका लोकार्पण भी किया जा चुका है। अत: शासन को शीघ्र ही डॉक्टरों को तैनात कर इसे प्रारम्भ करना चाहिए। जिससे क्षेत्रवासियों को स्थानीय स्तर पर अच्छा इलाज मुहैया हो सके।

बोहानी में संविदा कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी
बोहानी-गाडरवारा। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बोहानी में स्वास्थ्य सुविधाएं वर्तमान में धराशाई सी हो गई हैं। गत 19 फरवरी 2018 से संविदा कर्मचारियों की अनिश्चित कालीन हड़ताल से ग्राम का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 19 फरवरी के पहले हर महीने में ओपीडी करीब 1000 लोगों की हुआ करती थी। जो वर्तमान में घटकर 50-60 ओपीडी रह गई है। इसी प्रकार प्रतिमाह प्रसव डिलिवरी जो 15 से 20 महिलाओं के प्रसव इस अस्पताल में हुआ करते थे। लेकिन अब 6-7 के आंकड़े पर प्रसव केस सिमट गए हैं। लोगों का कहना है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बोहानी का यही हाल रहा तो आने वाले कुछ दिनों में मरीज ही आना बंद हो जाएंगे। जिसका सीधा लाभ निजी चिकित्सकों को मिलेगा। वर्तमान में चार नियमित कर्मचारियों की इस केंद्र में ड्यूटी है। इनमें 22 मार्च को 11 बजे केंद्र का पत्रिका प्रतिनिधि द्वारा जायजा लेने पर सेक्टर सुपरवाइजर राकेश साहू केंद्र में नहीं मिले, जिससे मरीज परेशान होते रहे। स्वास्थ्य केंद्र में मात्र पिंकी दुबे लैब टेक्नीशियन मिलीं जिन्होंने बताया भारतीय रेडक्रास सोसायटी से संचालित टीबी के मरीजों की जांच की जाती है। उन्होंने अब तक छप्पन जांचें कीं हैं। जिनमें दो को दवाएं दी जा रही हैं। गौरतलब रहे कि स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के चलते ग्रामवासियों को उपचार का लाभ नहीं मिल रहा। लोग बाहर जाने मजबूर हैं। बार बार चक्कर लगाकर मायूस होने पर अनेक मरीजों ने तो अस्पताल आना ही छोड़ दिया है।
बीएमओ चांवरपाठा डॉ एसपी अहिरवार ने बताया कि संविदा कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण ओपीडी की संख्या घटी है। वर्तमान में 4 नियमित कर्मचारियों की ड्यूटी है। जिसमें दो कर्मचारी मंगलवार शुक्रवार को फील्ड देखते हैं। बाकी समय केंद्र में सेवा देते हैं।
सीएमएचओ डॉ गिरीश चौरसिया ने बताया कि मैं अभी वीडियो कान्फ्रेंस में हूं। इस बारे में बीएमओ से बात करता हूं।
सुपरवाइजर आरके साहू ने बताया कि में अभी फील्ड पर हूं, कुछ समय बाद केंद्र पर पहुंच जाऊंगा।

Óइनका कहना हैÓ
क्षेत्रीय जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभाग से मांग है कि अस्पताल में इलाज जल्द चालू कराया जाए।
हरीश पेठिया, उपसरपंच सिहोरा
पत्र के माध्यम से हमने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया है। जल्द ही अस्पताल में कार्य प्रारंभ होगा।
डॉ गिरीश चौरसिया, सीएचएमओ नरसिंहपुर
स्टाफ की नियुक्ति कर शीघ्र ही अस्पताल में इलाज प्रारम्भ होगा।कोई भी परेशान नहीं होगा, ग्रामीणों को उचित इलाज की सुविधा मिलेगी।
संजय शर्मा, विधायक तेन्दूखेड़ा


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जामवंत की तपोभूमि रिछावर में विकास को तरस रहे ग्रामवासी


गाडरवारा। तहसील के विकासखंड साईंखेड़ा के अंतर्गत आने वाला ग्राम रिछावर नर्मदा किनारे स्थित है। इस ग्राम के बारे में ऐसी मान्यता है कि प्राचीनकाल में यहां रामभक्त एवं सुग्रीव के सेनापति ऋ क्षराज जामवंत ने तपस्या की थी। जामवंत की तपोभूमि कहे जाने वाले रिछावर गांव में ग्राम विकास के कोई कार्य दिखाई नहीं दे रहे। ग्रामवासियों का कहना है एकओर केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा अनेक योजनाओं को आरंभ कर ग्राम विकास के द्वार पूरी तरह खोल दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर पंचायत की उदासीनता के चलते लोगों को असुविधाओं के बीच रहने को विवश होना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत रिछावर के लोगों के बताए अनुसार यहां का श्मशान घाट अधूरा पड़ा है। जिससे लोगों को मृतकों के अंतिम संस्कार करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी प्रकार ग्राम का खेल मैदान अधूरा होने से ग्रामीण प्रतिभावान बच्चे खेलकूद में जौहर नहीं दिखा पाते। इससे शासन की शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में गांव के बच्चों के नाम दर्ज नहीं हो पाते। गत वर्ष जुलाई माह में प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा पौधारोपण का महाभियान चलाया गया था। इसमें भी पौधारोपण के लिहाज से रिछावर गांव बेहद महत्वपूर्ण था। क्योंकि नर्मदा तट पर पौधारोपण नाममि देवी नर्मदे यात्रा के तहत बेहद आवश्यक था। लेकिन इसमें भी मनमानी के आरोप लोगों ने लगाए हैं। ग्रामवासियों के बताए अनुसार यहां पौधा लगाने की योजना में किसी भी ग्रामवासी को पैसे नहीं मिले और पौधे भी देखरेख के अभाव तथा पानी न मिलने के कारण सूख रहे हैं। पंचायत की इसी उदासीनता की अगली कड़ी में जहां देश के प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालयों पर जोर दे रहे हैं। इसमें भी स्कूलों में शौचालयों पर खास जोर है। लेकिन इस गांव में स्वच्छ भारत मिशन की भी खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए। बच्चों के स्कूल के शौचालय से भी पंचायत उदासीन बनी हुई है। स्कूल का शौचालय खुला पड़ा है। जबकि इस बारे में स्कूल के शिक्षक कई बार सरपंच सचिव से अनुरोध कर चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। परिणाम स्वरूप बच्चों को खुले में निस्तार हेतु जाना पड़ता है। ग्राम पंचायत रिछावर के अनेक ग्रामवासियों ने जनप्रतिनिधियों, उच्चाधिकारियों गांव की सुध लेकर रुके पड़े विकास कार्य तत्काल आरंभ कराने की मांग की है। ताकि वह भी विकास की मुख्यधारा में शामिल होकर सुविधाओं का लाभ ले सकें।
इनका कहना
ग्राम में विकास कार्य किए जा रहे हैं। श्मशानघाट की टीनें आ गई हैं, दूसरे काम भी जल्द से जल्द पूरे कराए जा रहे हैं।
हेमवतीबाई मेहरा, सरपंच ग्राम पंचायत रिछावर


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फीस न देने पर निजी स्कूल ने दिव्यांग छात्रा को निकाला, नहीं देने दी परीक्षा


साईंखेड़ा नगर में आए दिन नए नए मामले सामने आते हैं। ऐसा ही एक मामला नगर की बेटी को लेकर आया है जो एक प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ती थी। जिसको विगत दिवस स्कूली टाइम अनुसार 9:10 पर फीस न देने के कारण स्कूल से बाहर निकाला गया था। जिसको लेकर छात्रा राशि शर्मा बहुत दुखी हुई। छात्रा ने बार बार स्कूल संचालक से निवेदन किया कि मेरे पापा फीस भर देंगे, मुझे परीक्षा देने दो। लेकिन संचालक द्वारा छात्रा की एक न सुनी गई और उसे बाहर जाने के लिए मजबूर कर दिया गया। छात्रा के पिता महेंद्र शर्मा को जब मालूम पड़ा तो उन्होंने नगर के तहसील कार्यालय में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा है कि मेरे साथ अन्याय हुआ है मुझे न्याय चाहिए। मेरी बेटी 60 प्रतिशत अपंग, दिव्यांग है। उसको जब स्कूल से निकाला तो वह डरी हुई थी। इसी कारण पिता, बेटी ने स्कूल के खिलाफ लिखित शिकायत उप तहसील साईंखेड़ा में करके न्याय की उम्मीद जिला प्रशासन और नगर के अधिकारियों से की है। बेटी से मिली जानकारी अनुसार उसे दो दिन से पेपर नहीं देने दिए गए। पिता महेंद्र शर्मा ने प्रदेश के मुखिया, बेटियों के मामा शिवराज सिंह से न्याय की उम्मीद की है। क्योंकि एक बेटी के साथ ऐसा हुआ है कल भी किसी बेटी के साथ कोई भी स्कूल ऐसा पाप न करे, जैसा इस स्कूल ने किया है। मामले की जांच नायब तहसीलदार पटेल द्वारा की गई। उन्होंने पूरा आश्वासन दिया है कि बेटी के साथ न्याय होगा, स्कूल की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। संचालक द्वारा छात्रा की एक न सुनी गई और उसे बाहर जाने के लिए मजबूर कर दिया गया। छात्रा के पिता महेंद्र शर्मा को जब मालूम पड़ा तो उन्होंने नगर के तहसील कार्यालय में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा है कि मेरे साथ अन्याय हुआ है मुझे न्याय चाहिए। मेरी बेटी 60 प्रतिशत अपंग, दिव्यांग है। उसको जब स्कूल से निकाला तो वह डरी हुई थी। इसी कारण पिता, बेटी ने स्कूल के खिलाफ लिखित शिकायत उप तहसील साईंखेड़ा में करके न्याय की उम्मीद जिला प्रशासन और नगर के अधिकारियों से की है। बेटी से मिली जानकारी अनुसार उसे दो दिन से पेपर नहीं देने दिए गए। पिता महेंद्र शर्मा ने प्रदेश के मुखिया, बेटियों के मामा शिवराज सिंह से न्याय की उम्मीद की है। क्योंकि एक बेटी के साथ ऐसा हुआ है कल भी किसी बेटी के साथ कोई भी स्कूल ऐसा पाप न करे, जैसा इस स्कूल ने किया है। मामले की जांच नायब तहसीलदार पटेल साहब द्वारा की गई। उन्होंने पूरा आश्वासन दिया है कि बेटी के साथ न्याय होगा, स्कूल की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।


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कर्मचारियों की मनमानी से किसानों को हो रही परेशानी


गाडरवारा। एकओर सरकार द्वारा किसानों के हित में अनेक प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही हैं। आने वाले दिनों में सरकार द्वारा किसान सम्मानयात्रा निकाली जा रही है। सरकार हर प्रकार से किसानों के हित में योजनाएं चलाकर खेती को लाभ का धंधा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर किसानों के मंडियों में जमकर परेशान होना पड़ता है। जहां बीते दिनों किसानों को भावांतर एवं गेहूं के पंजीयन में जमकर परेशान होना पड़ा। इसी तर्ज पर मंडी में आवश्यक सुविधाओं के लिए भी किसानों को भटकना एवं कर्मचारियों का इंतजार करना पड़ता है। मंगलवार को मंडी के अनाज ग्रेडिंग केंद्र पर जब अनेक किसान ग्रेडिंग कराने पहुंचे तो यहां का कर्मचारी ग्रेडिंग क्लीनर सोबरन सोनी नदारद दिखा। किसानों द्वारा परेशानी बताए जाने, ग्रेडिंग केंद्र का जायजा लेने पर वहां मौजूद अन्य कर्मचारी ने बताया कि वह यहीं कहीं होंगे। वहीं उपस्थिति रजिस्टर देखने पर उक्त कर्मचारी के हस्ताक्षर किए गए हैं। किसानों एवं अन्य कर्मचारियों ने बताया कि उक्त कर्मचारी अक्सर हस्ताक्षर करके डयूटी टाइम में सेवा से गायब रहता है। मंगलवार को जब किसान उक्त कर्मचारी को तलाश कर रहे थे उसी दौरान वह एक निजी कम्प्यूटर सेंटर में बैठकर डयूटी टाईम में अपना निजी काम कर रहा था। जबकि यह लंच टाइम भी नहीं था। इस प्रकार डयूटी के समय मंडी के अधिकारी, कर्मचारियों के गायब होने से किसानों को आए दिन परेशान होना पड़ता है। कभी मंडी के शेड से अनाज की चोरी हो जाती है तो कभी किसान कर्मचारी न होने से अपने कामकाज के लिए भटकने मजबूर होते हैं। किसानों ने मंडी प्रबंधन से ऐसे गैर जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसानों को भटकने मजबूर न होना पड़े।
पत्रिका प्रतिनिधि द्वारा किसानों की मांग पर जब मंडी कर्मचारी सोनी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह प्रांगण में ही हैं। लेकिन जब यह बताया कि आप एक कम्प्यूटर सेंटर में बैठे हैं तो वह सकपका गया।
इनका कहना
यदि कोई कर्मचारी ऐसा कर रहे हैं तो दिखवा कर कार्रवाई की जाएगी।
एके दुबे, मंडी सचिव गाडरवारा


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मेनरोड किनारे के तिरछे पोल कर रहे सुधार की मांग


गाडरवारा। स्थानीय नगर परिषद चीचली के वार्ड नंबर दस में लगे बिजली के पोल बुरी तरह झुक कर दिनों दिन तिरछे होते जा रहे हैं। पूरे वार्ड में अनेकों पोल तिरछे एवं झुके हुए खड़े हैं। उक्त सभी पोल सीमेंट के हैं एवं मुख्य मार्ग किनारे लगे हुए हैं। जिनके तिरछे होने से टूटने पर किसी भी दिन गंभीर जानलेवा दुर्घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। यहां अकेले विद्युत पोल ही नहीं बल्कि ट्रांसफार्मर का पोल भी तिरछा हो रहा है। भारी भरकम केबल लाईन के बोझ से पोल तिरछे होते जा रहे हैं। यहीं से शासकीय अस्पताल जाने का मार्ग है, जिससे होकर प्रतिदिन सैकड़ों लोग एवं आसपास के ग्रामवासी अस्पताल जाते हैं। वहीं नागरिक, स्कूली बच्चे, महिलाएं सभी यहां से गुजरते हैं। सड़क किनारे तिरछे पोल लगे होने से कभी भी हादसा होने का खतरा बना हुआ है।
सपोर्ट लगाकर थामा ट्रांसफार्मर का पोल
यहां दो लोहे के पोल पर ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। जो बेहद पुराने होने एवं केबल लाईन के बोझ से झुक रहा है। जिन्हे गिरने से बचाने के लिए सपोर्ट में अतिरिक्त पोल लगाकर सम्हाला गया है। लेकिन सपोर्ट में लगाए पोल भी सीमेंट के हैं जो भी झुक रहे हैं। ट्रांसफार्मर एवं झुके पोल के ऊपर से केबल लाईन ही नहीं बल्कि हाईटेंशन लाईन भी ऊपर से गुजरी है। जिससे लोगों ने कोई अनहोनी होने पर खतरे की आशंका कई गुनी बढऩा बताया है। नागरिकों ने विभाग से चीचली नगर के सभी तिरछे, झुके एवं खतरनाक पोल बदलने एवं लटक रही केबल लाईन को ऊंची करने की मांग की है। ताकि लोग सुरक्षित आवागमन कर सकें तथा हादसे की आशंका न रहे। यहां दो लोहे के पोल पर ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। जो बेहद पुराने होने एवं केबल लाईन के बोझ से झुक रहा है। जिन्हे गिरने से बचाने के लिए सपोर्ट में अतिरिक्त पोल लगाकर सम्हाला गया है। लेकिन सपोर्ट में लगाए पोल भी सीमेंट के हैं जो भी झुक रहे हैं। ट्रांसफार्मर एवं झुके पोल के ऊपर से केबल लाईन ही नहीं बल्कि हाईटेंशन लाईन भी ऊपर से गुजरी है। जिससे लोगों ने कोई अनहोनी होने पर खतरे की आशंका कई गुनी बढऩा बताया है। नागरिकों ने विभाग से चीचली नगर के सभी तिरछे, झुके एवं खतरनाक पोल बदलने एवं लटक रही केबल लाईन को ऊंची करने की मांग की है। ताकि लोग सुरक्षित आवागमन कर सकें तथा हादसे की आशंका न रहे।


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ग्राम सड़कें झेल रही दुर्दशा, अनेक ग्राम सड़कों का हाल बेहाल


गाडरवारा। सड़कों को ग्राम विकास का प्रमुख जरिया माना जाता है। जिनसे होकर ही ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की मुख्य धारा पहुंचती है एवं ग्राम विकास की इबारत लिखी जाती है। लेकिन लोगों के बताए अनुसार क्षेत्र में अनेक ग्रामीण सड़कें जहां गुणवत्ताहीन हैं। वही संबंधित ठेकेदार की मनमानी के चलते सड़क निर्माण से लेकर बन जाने के बाद भी परेशानियां होने को मजबूर होना पड़ता है। बानगी के लिए सालीचौका रोड से आडेगांव, डुंगरिया ढिगसरा जाने वाला रोड प्रधानमंत्री सड़क के तहत बनाई गई है। लंबे अरसे में कियी प्रकार सड़क काम पूरा हुआ और सड़क बनते ही कुछ दिनों में कबाड़ा होकर अपनी गुणवत्ता की कहानी खुद बयां कर रही है। ग्रामवासियों के अनुसार दो तीन दिन पहले सड़क बनी और बनते ही जगह जगह गडढे दिखने लगे हैं।
करोड़ों की लागत से बनने वाली रोड में हो रही मनमानी
सालीचौका। पोड़ार तिगड्डा से सालीचौका होते हुए सूखाखैरी तक लगभग 70 करोड़ से ऊपर की लागत से सीसी रोड निर्माण मप्र डेवलपमेंट कारपोरेशन के तहत कराया जा रहा है। जिसमें लोगों के बताए अनुसार अर्थवर्क का काम इतना घटिया किया जा रहा है कि सीसी रोड कुछ ही समय में टूट जाएगा। अर्थवर्क के काम में जो खेतों की मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है वह गुणवत्ताविहीन है। जबकि यहां पर मुरम मिट्टी का उपयोग किया जाना था। गौरतलब रहे कि अर्थवर्क एवं बेस पर ही पूरी सड़क की जिंदगी निर्भर होती है। यदि बेस एवं अर्थवर्क ठीक नहीं रहेगा तो अच्छी से अच्छी सड़क भी कुछ महीनों में दम तोड़ सकती है। वहीं इस रोड पर मुरम के बजाय खेतों की मिटटी डाली गई एवं इस मिट्टी को ढंकने हेतु आनन फानन में मशीनों द्वारा मिट्टी को एक सा कर दूसरे ही दिन मिट्टी के ऊपर गिट्टी बिछाई जा रही है। जिससे अधिकारियों द्वारा यदि कोई जांच की जाती है तो यह मिट्टी न दिखाई पड़े। वहीं इस बेसमेंट को बगैर मजबूत किए इसी के ऊपर कच्चा सीसी बेस डालकर उसके ऊपर फ ाईनल रोड निर्माण किया जा रहा है।लोगों का कहना है कि अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि स्वयं समझ सकते हैं कि यह रोड कितने समय चलेगा। नागरिकों के अनुसार जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों द्वारा भी इस ओर ध्यान न देना आपसी मिलीभगत, भ्रष्टाचार का शक उत्पन्न करता है। लोगों ने मापदंडों के अनुरूप सड़क निर्माण कराने की मांग की है।


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