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यहां हैं किसानों के सपनों के खेत, बिना खाद पानी के होती हैं भरपूर फसलें


अजय खरे। नरसिंहपुर । खेत में बीज डालो और भूल जाओ। न पानी देने की झंझट और न किसी तरह की खाद डालने की जरूरत। जब फसल पके तो काटने पहुंच जाओ। यह बात किसानों के लिए केवल कल्पना ही हो सकती है पर नरसिंहपुर जिले के कलमेटा हार में यह एक सच्चाई है। किसानों के सपनों के खेत यहां देखने को मिलते हैं। यहां न केवल एशिया की सबसे ज्यादा उपजाऊ भूमि है बल्कि ऐसी अनमोल भूमि के बड़े लैंडलॉर्ड भी हैं जहां एक परिवार के पास २५० एकड़ तक जमीन है। मिट्टी की क्वालिटी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लोग सीधे दंत मंजन और शैंपू की तरह इस्तेमाल करते हैं।कुछ लोग यहां की मिट्टी भी बाहर बेचते हैं जिसे लोग साबुन की तरह उपयोग करते हैं।

देश में सर्वाधिक कृषि उत्पादकता वाले नरसिंहपुर जिले के कलमेटा हार की करीब ३५० एकड़ भूमि एशिया की सर्वाधिक उत्पादक भूमि मानी गई है। यहां सैकड़ों साल से बिना पानी और जैविक व रासायानिक खाद के प्राकृतिक खेती होती आ रही है। एशिया की ऐसी अनमोल भूमि के सबसे बड़े लैंडलॉर्ड भी इसी नरसिंहपुर जिले में रहते हैं जिसमें महाजन परिवार के पास लगभग २५० एकड़ भूमि है। यह हार जिला मुख्यालय से करीब ५५ किमी दूर राजमार्ग के पास स्थित है।

जबलपुर के सेठ गोविंददास की मालगुजारी भूमि थी कलमेटा हार
देश की आजादी से पहले जबलपुर के सेठ गोविंददास यहां के मालगुजार थे और यह कलमेटा हार उन्हीं का था। बाद में उन्होंने मालगुजारी भवानीप्रसाद महाजन को सौंप दी तभी से पीढ़ी दर पीढ़ी यह भूमि महाजन परिवार के पास है। महाजन परिवार के अखिलेश महाजन ने बताया कि करीब १०० एकड़ भूमि उनके दादा, परदादा ने दूसरे लोगों को बेच दी थी जिसके बाद अब २५० एकड़ भूमि उनके परिवार के पास बची है।

नर्मदा नदी के वरदान स्वरूप मानी जाने वाली नर्मदा कछार की इस मिट्टी की विशेषता यह है कि यहां उपचारित बीज काम नहीं करते और देसी व परंपरागत खेती ही सफल मानी गई है। तीन माह तक कलमेटा हार की कृषि भूमि पानी में डूबी रहती है। खेतों में ३ से ४ फीट तक पानी भरा रहता है। प्रमुख रूप से यहां गुलाबी चना, मसूर और बटरी की फसलें ली जाती हैं। यहां की भूमि में एक एकड़ में चना का उत्पादन १० से १५ क्विंटल, मसूर का १५ से २५ क्विंटल और बटरी का ८ से १० क्विंटल तक प्राप्त किया गया है। कंकड़ रहित इस मिट्टी का उपयोग लोग दंत मंजन बनाने में और शैंपू की तरह भी करते हैं। यहां के किसान बीज डालने से लेकर फसल पकने तक किसी तरह के रासायनिक खाद और पानी का उपयोग नहीं करते।

कलमेटा बना ब्रांड
चना, मसूर और बटरी के व्यापारियों के बीच कलमेटा एक ब्रांड बन चुका है। यहां का गुलाबी चना अपने स्वाद और गुणवत्ता के कारण पूरे देश में प्रसिद्ध है। मसूर की क्वालिटी और अच्छे उत्पादन की वजह से कोलकाता की एक कंपनी ने कलमेटा के आसपास तीन दाल मिलें स्थापित कर दी हंै। यहां का चना, मसूर और बटरी कलमेटा ब्रांड के नाम से जाने जाते हैं।
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सर्दियों में पीएं सूप और काढ़ा, बढ़ेगी इम्युनिटी


जयपुर. लोग रात को हल्का खाने के लिए मिक्स वेज सूप का प्रयोग करते हैं। सूप में बारीक कटी सब्जियां पत्ता गोभी, गाजर, ब्रोकोली, पनीर ले सकते हैं। इसे गाढ़ा बनाने के लिए कॉर्न-फलेक्स और उबले हुए मक्का का प्रयोग भी कर सकते हैं। इससे शरीर को जरूरी पौष्टिक तत्त्वों की पूर्ति होगी और वजन नियंत्रण में भी फायदा मिलेगा।

पेट भरता, वजन भी कम होता

मौसम बदलने से सर्दी, खांसी, जुकाम में फायदेमंद है। इसके साथ ही यह एनीमिया के मरीजों में भी कारगर है।
बीपी : फल व सब्जियों में प्रचुर मात्रा में पोटैशियम होता है, जो ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है।
कैंसर : सब्जियों में बीटा-कैरोटीन होता है। यह कैंसर जैसी बीमारियों से बचाता है।
मधुमेह : रोगी टमाटर, घीया, पालक का सूप पीएं। गाजर, आलू का प्रयोग डॉक्टर की सलाह से करें।
एनीमिया : टमाटर, चुकुंदर युक्त सूप से खून की कमी दूर होती है। शरीर को स्फूर्ति, ऊर्जा मिलती है।
बुखार : सूप में प्रयुक्त लौंग से एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल तत्त्व मिलते हैं। ये बुखार से बचाते हैं।
थकान : इसमें कार्बोहाइड्रेट, विटामिन्स, मिनरल्स और आयरन शरीर को तुरंत एनर्जी देते हैं।
वजन घटाना : वेज सूप कैलोरी में कम, पोषक तत्त्वों से भरपूर होता है। पेट भरता है वजन भी कम होता है।

ऐसे बनाएं सूप

दाल सूप

इस सूप से कब्ज, दस्त या बार-बार पेशाब आने की समस्या दूर होती है। मूंग की छिलके वाली दाल, मसूर की बिना छिलके वाली दाल नमक व काली मिर्च डालकर उबालें, इसमें पानी की ज्यादा मात्रा रखें नहीं तो सूप गाढ़ा बनेगा और शरीर को पचाने में समय लगेगा।

मिक्सड वेज

गाजर, पालक, टमाटर, शिमला मिर्च, मटर, छिलके वाली मूंग की दाल मिलाएं। तेजपत्ता, लौंग, प्याज, लहसुन व पानी डालकर उबालें। ठंडा होने पर मिक्सी में मैश कर नमक व काली मिर्च डालकर परोसें। रोग प्रतिरोधकता बढ़ाता है। तनाव कम करता है।

टमाटर

टमाटर का सूप बनाने के लिए टमाटर, नमक, काली मिर्च और अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर उबाल लें। इसे पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। कब्ज में आराम मिलता है। टमाटर में लाइकोपीन होता है जो त्वचा के लिए सनस्क्रीन का काम करता है।

पालक मिक्स

इसको बनाने के लिए पालक में टमाटर, नमक डालकर उबालें। थोड़ा पानी लें क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से पानी होता है। इसमें पत्ता गोभी व लौकी डाल सकते हैं। सूप में फाइबर की मात्रा बढ़ जाएगी। आयरन, कैल्शियम शरीर में खून की मात्रा बढ़ाता है।

सर्दी-बुखार में कारगर है काढ़ा

सर्दी-खांसी व बुखार हो जाए तो पूरा शरीर जकड़ सा जाता है। घर पर ही काढ़ा बनाएं। इससे बीमारियां दूर होंगी और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।

ऐसे बनाएं

अदरक, गुड़
उबलते पानी में पिसी लौंग, काली मिर्च, इलायची, अदरक व गुड़ डाल दें। थोड़ी देर बाद तुलसी की पत्तियां डाल दें। उसके बाद चायपत्ती डालें। जब पानी आधा रह जाए तो गैस बंद कर पानी को छान लें। इसे गर्म पीना ही फायदेमंद रहेगा।

काली मिर्च, नींबू
एक चम्मच काली मिर्च, ४ चम्मच नींबू का रस व एक कप पानी में मिलाकर गर्म करें और सुबह-सुबह रोजाना पीएं। काढ़ा ठंडा होने के बाद इसमें शहद भी डाल सकते हैं। सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है। शरीर की चर्बी भी कम होती है।

अजवायन, गुड़
एक गिलास पानी उबलने के लिए रख दें। जब उबाल आने लगे तो थोड़ा सा गुड़ डाल दें और एक चम्मच अजवायन डाल दें। आधा ग्लास होने तक उबालें। इसे छानकर गुनगुना कर लें और पीएंं। खांसी, पेट दर्द में आराम मिलता है।

दालचीनी
एक गिलास पानी में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर डालकर धीमी आंच पर 10 मिनट तक पकाएं। ठंडा होने पर एक चम्मच शहद डालकर पीएं। जुकाम व खांसी में फायदा मिलता है।

सावधानी जरूरी

सूप हमेशा ढंककर पकाएंं। गाढ़ा करने के लिए मक्खन व मैदा न मिलाएं। कैलोरी की मात्रा बढ़ती है। रेडीमेड सूप न लें क्योंकि मिश्रण को सूखा बनाने की प्रक्रिया में विटामिन बी व सी नष्ट हो जाता है। मधुमेह रोगी विशेषज्ञ की सलाह से सूप में सब्जियों का इस्तेमाल करें।

विशेषज्ञ से परामर्श जरूरी:

सर्दियों में इसे दिन में एक बार पी सकते हैं। काढ़े की तासीर थोड़ी गर्म होती है इसलिए किसी आयुर्वेद विशेषज्ञ की परामर्श से पीएं।

डॉ. काशीनाथ समगंडी
आयुर्वेद एवं योग विशेषज्ञ,
एनआइए जयपुर

अनामिका सेठ
डायटीशियन, जयपुर

 


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सहेली के घर पर लड़की ने बुलाया बॉयफ्रेंड को और चली गई कमरे में, फिर अचानक वायरल होने लगा MMS


कोरबा/रायपुर. सहेली का घर खाली था तो लड़की ने अपने बॉयफ्रेंड को वहां बुला लिया। सहेलियों को छोड़कर वो बॉयफ्रेंड के साथ कमरे में चली गई। उसके बाद कमरे में क्या - क्या पूरी दुनिया को पता चल गया। सहेलियों ने ही उसे धोखा दे दिया। आइए जानते है क्या हुआ ?

ये था पूरा मामला
पुलिस ने बताया कि 4 लड़कियों का एक ग्रुप है। जिनमे से एक लड़की के माता-पिता घर से बाहर गए हुए थे। मकान में लडक़ी अकेली थी। इस बीच एक दिन लड़की ने अपनी सहेलियों को घर बुला लिया। अब घर में 4 लड़कियां थी। उनमे से एक लड़की ने अपने ब्वॉय फ्रेंड को भी सहेली के घर बुला लिया। जिसके बाद बातचीत के बहाने दोनों ने खुद को एक कमरे मेंं बंद कर लिया। थोड़ी देर बाद कमरे से बाहर निकले।जिसके बाद सब लड़कियां अपने अपने घर चली गई।

वायरल हो गया MMS
घटना के कुछ दिन बाद कमरे में उनकी बातचीत और शारीरिक संबंधों का एक अश्लील वीडियो वायरल हुआ। मामले की जानकारी पीड़ित लड़की के परिवार तक पहुंच गई। जिसके बाद उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी गई।

पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ आइपीसी की धारा 376 दुष्कर्म, 376 डी (घर पर मौजूद व्यक्ति की सहमति से दुष्कर्म), 506 बी धमकी, 509 ख लडक़ी को अपमानित करना, 120 बी साजिश और लैंगिक अपराध से बालको का संरक्षण अधिनियम की धारा चार और छह के तहत केस दर्ज किया है। आरोपियों में चार लड़कियां भी शामिल हैं। सभी आरोपी कक्षा नौवीं के छात्र हैं।

इलेक्ट्रानिक डिवाइज का उपयोग
पुलिस केस दर्जकर मामले की जांच कर रही है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस को प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वीडियो मोबाइल कैमरे से बनाया गया था। पुलिस मोबाइल हैंडसेट की तलाश कर रही है। ताकि सबूत जुटकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

पतासाजी कर रहे
अश्लील वीडियो वायरल करने का मामला सामने आया है। इस मामले में केस दर्ज कर पतासाजी की जा रही है।
पुष्पेन्द्र बघेल, सीएसपी, दर्री


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जनवरी से शुरू हो जाएगा शादियों का मुहूर्त, सोने की कीमतों में आई इतने रुपए की गिरावट


धमतरी. शादी का सीजन शुरू होने के साथ ही सराफा बाजार ग्राहकों से गुलजार हो गया है। बाजार में शादी और सगाई के लिए सोना और चांदी से बने जेवरात की डिमांड बनी हुई है। इसके अलावा कपड़ा और फैंसी सामानों की बिक्री बढ़ गई है।सराफा बाजार में सोना की कीमत में 2 सौ रूपए की कमी बताई गई है।ज्योतिषयों की मानें तो शादी के लिए जनवरी-2019 से दिसंबर तक करीब 47 शुभ मुहूर्त बन रहा है।

बता दे कि 19 नववंबर को प्रबोधनी एकादशी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इसी के साथ ही शादी का सीजन भी शुरू हो गया है। हालांकि जनवरी-2019 से ही शादी के लिए शुभ मुहूर्त बन रहा है। इसके एक माह पहले ही शादी योग्य युवक-युवतियों के परिजनों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है, जिसके चलते कपड़ा, फैंसी और सराफा व्यापार में तेजी आ गई है।


ग्राम सनौद के गणेशराम साहू ने बताया कि घर में वैवाहिक कार्यक्रम है, जिसके लिए वे अभी से तैयारी में लगे हुए हैं। सराफा व्यापारी अनिल पारख, धनराज लुनिया ने बताया कि 22 कैरेट सोना 29 हजार 890 रूपए प्रति तोला और 24 कैरेट सोना 31 हजार 3 सौ में बिक रहा है।24 कैरेट सोना की कीमत में 2 सौ रूपए की कमी आई है।


फैंसी आभूषण कर रही महिलाएं पसंद
वर्तमान में सोने से बने फैंसी मराठा मंगलसूत्र समेत अन्य समानोंं की डिमांड ज्यादा है। इसी तरह चांदी 385 रूपए प्रति तोला बिक रही है। चांदी से बने फैंसी पायल, करधन, चाबी गुच्छा की डिमांड ज्यादा है। इसके अलावा सगाई के लिए अंगूठी और रस्म के लिए फैंसी चांदी से बने हैड घड़ी की भी डिमांड है।

पिंक कलर की साड़ी पहली पसंद
इसी तरह फैंसी और कपड़ा दुकानों में भी खरीददारी के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई है। कपड़ा व्यवसायी हरेश आहुजा ने बताया कि शादी के लिए सिफॉन, कॉटन और फैंसी वर्क वाली साडिय़ों की मांग ज्यादा है। उन्होंने बताया कि शादी और सगाई के लिए ज्यादातर मेहरून रेड, यलो और पिंक कलर की साड़ी महिलाओं की पहली पसंद बनी हुई है, जो 15 सौ से लेकर 10 हजार की रेंज में उपलब्ध हैं।


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मी-टू: एमजे. अकबर ने खबर पर चर्चा के लिए होटल में बुलाया फिर मेरे साथ रेप किया


एम.जे अकबर जिन्हें मैं जानती हूं और वे अंग्रेजी अखबार द एशियन एज के एडिटर इन चीफ होने के साथ एक बेहतरीन और तेज तर्रार पत्रकार थे। उन्होंने अपने पद का इस्तेमाल मेरे लिए गलत ढंग से किया। मेरी जिंदगी की सबसे दर्दनाक कहानी है जिसे आज दुनिया के सामने रख रही हूं जिसे मैने 23 साल पहले सहा था। हाल ही कुछ दिन पहले मैं अमरीका स्थित अपने घर पर थी। खबरों में देखा कि कुछ महिला पत्रकार एम.जे अकबर द्वारा किए गए यौन शोषण का खुलासा कर रही हैं। इसे देख मेरा सिर चकरा गया और मैने भारत में रहने वाली दो दोस्तों को फोन किया। मेरे इन दोनों दोस्तों को अच्छे से पता था कि अकबर ने मेरे साथ क्या किया था और मैने उस पीड़ा को कैसे सहा था। दोस्तों के बाद जिससे मेरी शादी होने वाली थी उनसे मुलाकात के कुछ हफ्तों बाद ये वाक्या बताया था और फूट फूट कर रोई थी।

मैं जब एशियन एज अखबार में काम कर रही थी उस वक्त मेरी उम्र महज 22 साल थी जहां महिलाओं की संख्या अधिक थी। अधिकतर लोगों ने अखबार कॉलेज खत्म होते ही जॉइन किया था। ये वे दौर था जब किसी को पत्रकारिता और खबरों की समझ नहीं थी। दिल्ली में अकबर के साथ काम करना सभी के लिए सौभाग्यशाली मौका था क्योंकि तेज तर्रार पत्रकार होने के साथ उन्हें राजनीति पर दो किताबें लिखने का भी अनुभव था। इसी का नतीजा रहा कि उन्होंने बहुत कम समय में भारत में संडे मैगजीन, द टेलीग्राफ जैसे अखबारों की सफल लॉन्चिंग की। अंतरराष्ट्रीय स्तर के अखबार द एशियन एज उनका आखिरी अखबार था जिसमें उन्होंने काम किया था।

अकबर उस वक्त 40 की उम्र में थे जो पत्रकारिता की दुनिया में आने वाले नए लोगों को तराशने का काम करते थे। वे हमारी लिखी खबरों को मॉन्ट ब्लैंक कंपनी के लाल पेन से गलतियों को मार्क करते थे। कई बार वे खबरों के प्रिंट को मोड़ कर कूड़े के ढेर में फेंक देते थे। ऐसा कोई दिन नहीं जाता था जब वे अपनी ऊंची आवाज में चिल्लाते नहीं थे। हम बहुत मुश्किल से ही उनकी उम्मीदों पर खरा उतर पाते थे।

जब वे भुनभुनाते थे तो मैं समझती थी कि वे क्या बोल रहे हैं। काश मैं वो सब लिख पाती कि कैसे वे अपशब्दों का इस्तेमाल करते थे। फिर भी मैं यही सोचती थी कि मैं एक अच्छे व्यक्ति से कुछ सीख रही हूं और सब सहती चली गई। 23 साल की उम्र में मुझे एशियन एज अखबार के संपादकीय पृष्ठ के साथ आने वाले ओप-एड पेज का संपादक बना दिया गया। इसके बाद मुझे देश के जाने माने टिप्पीणीकारों, लेखकों और देश के चुनिंदा राजनेताओं के साथ संपर्क साधकर काम करने का मौका मिला। इसमें जसवंत सिंह, अरुण शौरी, नलिनि सिंह जैसे बड़े नाम थे जो मेरे जैसे युवा पत्रकार के लिए एक बड़ी बात थी।

जब मुझे इसके लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ी

कम उम्र में कामयबी की कीमत मुझे बहुत जल्दी चुकानी पड़ी। मेरी दोस्त तुशिता को इसके बारे में अच्छे से पता है। ये बात 1994 की है। मैं उनके दफ्तर जिसका दरवाजा अक्सर बंद रहता था उसमें ओप-एड पेज दिखाने के लिए गई जिसे मैने अच्छे से तैयार किया था और हैडिंग अपने हिसाब से बेहतर लगाई थी। उन्होंने मेरी तारीफ की और मुझे चूमने के लिए मेरी तरफ बढ़ गए। मैं हैरान रह गई। मैं जल्दबाजी में ऑफिस से बाहर निकली। मेरा चेहरा लाल था, मैं पूरी तरह से असमंजस की स्थिति में थी। अपाानित महसूस करने के साथ पूरी तरह टूट चुकी थी। तुशिता को याद है कि उस दिन कैसे मेरा चेहरा लाल हो गया था क्योंकि मैने उसी के साथ इस घटना को साझा किया था।

कुछ महीने बाद फिर से मुंबई में हुई दूसरी कोशिश

अकबर ने दूसरी बार मेरे साथ घिनौनी हरकत पहली घटना के कुछ महीने बाद की। मुझे एक मैगजीन की लॉन्चिंग के लिए मुंबई बुलाया गया था। उन्होंने मुझे ताज होटल के कमरे में मैगजीन के ले-आउट के साथ बुलाया था। वहां भी उन्होंने मुझे चूमने की कोशिश की। इसके बाद मैं उनके साथ लड़ी और धक्का दे दिया। मैं वहां से भागने लगी तो उन्होंने मेरा चेहरा नोच दिया। मैं वहां से रोते हुए भाग निकली। मेरी दोस्त ने चेहरे के दाग के बारे में पूछा तो बताया कि मैं होटल के सीढिय़ों पर फिसल गई थी जिस वजह से चोट लग गई।

दिल्ली आई तो नौकरी से निकालने की धमकी

जब मैं मुंबई से दिल्ली वापस आई तो अकबर मेरे ऊपर काफी गुस्सा थे। उन्होंने मुझे धमकी दी कि दोबारा मैने उनका विरोध किया तो नौकरी से निकाल दिया जाएगा। इसके बाद भी मैने नौकरी नहीं छोड़ी। मैं सुबह आठ बजे ही दफ्तर पहुंच जाती थी। ये वो वक्त था जब दफ्तर में बहुत कम लोग आते थे। जल्दी जाने का मेरा लक्ष्य ओप-एड पेज को सुबह ग्यारह बजे से पहले तैयार कर लेना था। इसके बाद मैं रिपोर्टिंग पर जाने के लिए दफ्तर छोड़ देती थी।

जयपुर में हुई घटना ने मुझे तोडकऱ रख दिया

मुंबई की घटना के बाद एक खबर करने के लिए मुझे दिल्ली से दूर एक गांव गई थी। यहां पर एक प्रेमी जोड़े को फांसी पर लटका दिया गया था क्योंकि वे दोनों अलग-अलग जाति धर्म के थे। खबर जयपुर में जाकर पूरी हुई। अकबर ने मुझे कहा कि वे जयपुर के होटल में आएं वे खबर को लेकर कुछ चर्चा करना चाहते हैं। होटल के कमरे में मैने उनके साथ संघर्ष किया लेकिन वे शारीरिक रूप से मुझसे काफी मजबूत थे इसलिए मैं उनके सामने थक गई। उन्होंने मेरे कपड़े फाड़ दिए और मेरा रेप किया। मैने शर्म के मारे पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी। इस घटना के बारे में मैने किसी को कुछ नहीं बताया क्योंकि मुझे लगता था कि कोई मेरी बात पर विश्वास नहीं करेगा। मैने अपने आप को दोषी माना और खुद से कहा कि मैं क्यों होटल के कमरे में गई थी।

इसके बाद उन्होंने मुझे काफी प्रताड़ित किया

अकबर का दुव्र्यवहार मेरे खिलाफ समय के साथ बढ़ता ही चला गया। मैने उनके साथ लडऩा छोड़ दिया। मैं पूरी तरह असहाय महसूस कर रही थी। वे लगातार मुझे कोसते रहे। कुछ महीने तक उन्होंने भावनात्मक रूप से, मौखिक रूप और यौन रूप से शोषण किया। अगर वे मुझे किसी हम उम्र पुरुष साथी के साथ बात करते हुए देखते थे तो तेज आवाज में चिल्लाकर गुस्सा करते थे जो मेरे लिए काफी डरावना था।

मैं बता नहीं सकती वे मुझपर कैसे हावी हो गए

मैं उनके इस बर्ताव पर लड़ क्यों नहीं सकी? मैं हमेशा से हर परिस्थिति में खुद से लडऩे को तैयार थी लेकिन मैं अब ये नहीं बता सकती की वे मुझपर कैसे इतना हावी हो गए जिसका विरोध मैं नहीं कर सकी। मैं उस वक्त मरणासन्न स्थिति में कैसे चली गई। क्या वे मुझसे ताकतवर थे इसलिए मेरे साथ ऐसा हुआ। क्या ये कारण था कि मुझे स्थिति से निपटने का तरीका नहीं पता था। या इसलिए उस इंसान को लेकर ऐसा सोचा ही नहीं था कि वो ऐसा हो सकता है। क्या मुझे नौकरी खोने का डर था? मैं अपने अभिभावकों को ये कैसे बताती जो मुझसे काफी दूर थे। मुझे बस यही पता था कि मुझे खुद से नफरत हो गई थी। मैं धीरे-धीरे घुट-घुट कर मर रही थी।

दफ्तर से दूर रहने के लिए बाहर जाने का मौका तलाशती थी

मैं दफ्तर से बाहर रहने के लिए रिपोर्टिंग से जुड़े कार्यक्रम की तलाश में रहती थी जिससे मैं अकबर से दूर रह सकूं। मुझे याद है जब 1994 के चुनावों को कवर करने का मौका मिला था। दिल्ली से दूर कर्नाटक में मैने रैली कवर कर खबरें लिखीं। इन दिनों मैने बड़े राजनेताओं के साक्षात्कार किए और ग्रामीणों से बात कर खबरें लिखी। ये तजुर्बा मेरे लिए बेहद खास था जब मैने राजनीतिक घटनाक्रम को कवर किया। चुनाव की कवरेज मेरे लिए खास इसलिए थी क्योंकि मैं ही वे रिपोर्टर थी जिसने उस समय हुए चुनाव के परिणाम का सटीक विश्लेषण किया था।

जब अकबर ने मुझे विदेश जाने का मौका दिया

चुनाव परिणाम आने के बाद मेरे काम से खुश होकर अकबर ने मुझे अमरीका या ब्रिटेन भेजने के लिए कहा था। मुझे दोनों देशों स काम का वीजा मिल गया। मैं इसको लेकर काफी रोमांचित थी। मैं आश्वस्त हो गई कि अब दिल्ली ऑफिस से बाहर निकलने के बाद मेरे साथ हो रहा शारीरिक और मानसिाक शोषण बंद हो जाएगा। हालांकि मुझे इसका भी डर था कि वे मुझे इसलिए विदेश भेज रहे हैं जिससे मेरे पास खुद का बचाव करने का कोई आधार न रहे। वे जब चाहें अनजान शहर में आएं और मेरे साथ वो करें जो वे चाहते हैं।

लंदन ऑफिस में जब अकबर ने मुझे मारा

मुझे याद है कि जब वे एक बार लंदन ऑफिस आए थे और मैं अपने एक पुरुष दोस्त के साथ थी। वहां उन्होंने मुझसे बड़े अच्छे से बात की। शाम को जब मेरा दोस्त दफ्तर से चला गया तो अकबर ने मुझे मारा और टेबल पर रखे सामान को इधर से उधर फेंकना शुरू कर दिया। इसमें कैंची, पेपरवेट और दूसरी चीजें थीं जो हाथ में आया उसे फेंक दिया। मैं दफ्तर से भाग गई और हाइड पार्क में करीब एक घंटे तक छुपी रही। अपनी दोस्त तुशिता को ये कहानी अगले दिन बताई। इसके बाद मैने अपनी मां और बहन से भी बात की लेकिन उनसे कोई बात साझा नहीं की। मैं उन्हें नहीं बताना चाहती थी कि मैं किसी परेशानी में हूं ताकि वे मुझे वापस बुलाने लगे। मैं भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुकी थी। मुझे अहसास हो गया था कि अब मुझे लंदन छोडऩा होगा। तुशिता के अलावा इस पूरी घटना की जानकारी अपनी दोस्त सूपर्णा को भी बताया और कहा कि मैं इस कष्ट से दूर भागना चाहती हूं। मेरे पास अमरीका के लिए विदेश संवाददाता का वीजा था। मेरे साथ कुछ वरिष्ठ संपादक थे जिनके साथ मैं काम करती थी। लेकिन अकबर प्रभारी थे इसलिए उन्होंने मुझे बिना देर किए मुंबई तलब कर लिया लेकिन इस बार मैं अच्छे के लिए बच गई।

जब न्यूयॉर्क में मुझे रिपोर्टिंग की नौकरी मिली

इसके बाद मुझे न्यूयॉर्क के डॉजोन्स प्रकाशन में रिपोर्टिंग असिस्टेंट की नौकरी मिल गई और वहां पर मैने काम करना शुरू किया। आज मेरे पास अमरीकी नागरिकता है। मैं एक पत्नी के साथ एक मां हूं और पत्रकारिता के लिए प्रेम आज भी बना है। मैने अपनी जिंदगी को टुकड़े-टुकड़े में पूरी मेहनत के साथ एकत्र किया है। इसी का नतीजा है कि डॉजोन्स के बाद बिजनेस वीक, यूएसए टुडे, एसोसिएटेड प्रेस से होते हुए सीएनएन के लिए काम किया। आज मैं नेशनल पब्लिक रेडियो (एनपीआर) की लीडर हूं। मुझे ये अच्छे से पता है कि नौकरी पाने और सफल होने के लिए किसी को अपमानित करने और किसी पर हमला करने की जरूरत नहीं है।

अकबर कानून और न्याय से ऊपर हैं

कई वर्षों के बाद भी अकबर से कोई बात नहीं हुई। मुझे हमेशा लगता रहा है कि अकबर कानून और न्याय से ऊपर हैं जिनपर ये दोनों लागू नहीं होते। मुझे लगता था कि उन्हें इसके लिए कभी कीमत नहीं चुकानी पड़ेगी जो उन्होंने मेरे साथ किया था।

अकबर ने मी-टू के खिलाफ दी सफाई

मालूम हो कि दो हफ्ते पहले एमजे. अकबर ने मी-टू अभियान के तहत लगे आरोपों के बाद केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने इसपर सफाई देते हुए कहा था कि उनके ऊपर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं और साजिश के तहत लगाए जा रहे हैं। अकबर ने अपने ऊपर लगे आरोप के बाद एक महिला पत्रकार पर मानहानि का केस भी किया है। अकबर के इस फैसले से मैं हैरान नहीं हूं। वे मानते हैं कि वे सच अपने हिसाब से तैयार करते हैं। उन्हें लगता है कि हमारे शरीर को इस्तेमाल करने का अधिकार प्राप्त है।

मुझे पता है मेरे बोलने से कोई फायदा नहीं होगा

मुझे पता है कि मेरे बोलने से मेरा कोई फायदा नहीं होगा। लेकिन ये दिल दहलाने वाला है क्योंकि जो लोग मेरे करीब हैं उन्हें मेरे दर्द का अहसास होगा। अकबर ने ऐसी कई महिलाओं को धमकाया होगा लेकिन उम्मीद है वे भी आगे आएंगी और उनके खिलाफ और घिनौने सच दुनिया के सामने होंगे। मैं ये इसलिए लिख रही हूं क्योंकि मुझे बेहतर ढंग से पता है कि अकबर जैसे शक्तिशाली लोग कैसे किसी का शोषण करते हैं। मैं ये लेख उन महिलाओं के आरोपों को सही साबित करने के लिए लिख रही हूं जो मेरी जैसी ही पीड़ा से गुजरी हैं। मैं अपनी बेटी और बेटे के लिए लिख रही हूं ताकि वे सिख सकें कि अगर उन्हें कोई परेशान करें तो अपना बचाव कैसे करना है। 23 साल पहले हुई घटना के काले सच से मैं बाहर निकल चुकी हैं और अब निरंतर आगे बढऩा चाहती हूं।

लेख पर अकबर की ओर से सफाई

वाशिंगटन पोस्ट ने जब इस खबर पर एमजे. अकबर से सफाई मांगी तो उनके वकील संदीप कपूर ने लिखित में कहा कि मेरे मुवक्किल ने इन आरोपों को गलत बताया है और सिरे से खारिज किया है।

पल्लवी गोगोई की आपबीती उन्हीं की जुबानी (वाशिंगटन पोस्ट से विशेष अनुबंध के तहत)


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तेल की कीमत और सरकार की मंशा समझ चुकी है जनता


भारत में पिछले दिनों जो कुछ घटित हुआ है उसपर ध्यान देना लाजिमी है। देश की जनता को पता चला कि देश की समस्या कितनी गहरी और गंभीर है। कैसे सरकार ने कुछ खास बिंदुओं को दरकिनार कर दिया है। केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का वो निर्णय जिसमें उसने ब्याज दरों पर रोक लगा दी वे भी उस स्थिति में जब रुपया डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर होता चला गया।

दूसरा सरकार की तेल की बढ़ती कीमतों को दबाने के प्रयास और चुप्पी ने सभी को इन परिस्थितियों पर सोचने को मजबूर कर दिया। क्या ये कहा जाए कि ब्याज दरों पर रोक आरबीआई ने इसलिए लगाया क्योंकि बैंकों के लक्ष्य पूरे नहीं हो पाते ? इसके लिए कोई राजी नहीं होगा। पर सवाल उठता है कि क्या केंद्रीय बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी क्या वो काम कर रही है जो उसे करना चाहिए। बढ़ावा आरबीआइ के फैसले से मिला और रुपया कमजोर हुआ। उम्मीद थी कि ब्याज दरें बढ़ेंगी तो विदेशी निवेशक अपनी रुपए वाली संपत्तियों को नहीं बेचेंगे पर ऐसा कुछ नहीं हो सका।

पर बहुत देर हो गई

तेल सस्ता करने के लिए सरकार ने टैक्स कम किया है लेकिन इससे सरकारी राजकोष को घाटा होना तय है। बीजेपी शासित कई राज्यों में चुनाव होने हैं। केंद्र के फैसले के बाद राज्य सरकारें भी अपने स्तर से तेल की कीमतें कम करने में लगी हैं। हालांकि इसमें बहुत देर हुई और जनता को तेल की कीमत और सरकार की मंशा का गणित काफी हद तक समझ में आ चुका है। 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार में मोदी ने पिछली सरकार को तेल पर ही घेरा था। लोकसभा चुनावों में भारी मतों से जीत के बाद जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट आई तो मोदी ने इसका पूरा श्रेय लिया, पर अब वे खुद घिर गए हैं।

तेल पर विपक्ष के तेवर

विपक्ष सरकार से सस्ते तेल और रुपए की मजबूती की मांग कर रहा है और सरकार दावा कर रही है कि वे दोनों मुहैया करा रही है जबकि हकीकत को दबाया जा रहा है। तेल की कीमतें बढ़ेंगी रुपया कमजोर होगा और तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव का दौर जारी रहेगा। सरकार को रेनेयूबल एनर्जी, डैम और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर ध्यान देना होगा जिससे परेशानी कम होगी। जब भी तेल की कीमतें बढ़ेंगी रुपया कमजोर होगा और तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव का दौर ऐसे ही जारी रहेगा। ऐसे में केंद्रीय बैंक को महंगाई दर को लेकर हमेशा चिंचित रहना पड़ेगा।

मिहिर शर्मा, ब्लूमबर्ग ओपिनियन,वाशिंगटन पोस्ट से विशेष अनुबंध के तहत


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घर में तैयार करें स्वादिष्ट कप केक, महज 20 मिनट में हो जाते हैं तैयार


नई दिल्ली: आप सभी ने कपकेक खाया होगा, यह केक हर किसी को बेहद पसंद होता है। वैसे तो लोग इस केक को खरीदकर ही खाते हैं लेकिन आप अगर चाहें तो इसे अपने घर पद ही बना सकते हैं। आज हम आपको इस केक को घर में बनाने की रेसिपी बताने जा रहे हैं जो आपको काफी पसंद आएगी। यह केक आसानी से जाते हैं और देखने में भी काफी अच्छे लगते हैं। ऐसे में आज जान लीजिए कि कैसे बनाते हैं ये केक।

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घर में तैयार करें स्वादिष्ट कप केक, महज 20 मिनट में हो जाते हैं तैयार

सामग्री

मैदा 120 ग्राम
चीनी आधा कप
बेकिंग सोडा आधा छोटी चम्‍मच
बेकिंग पाउडर आधा चम्‍मच
मक्खन (पिघला हुआ) 85 ग्राम
2 अंडे का सफेद भाग
दही एक चौथाई कप
दूध एक चौथाई कप
नमक आधा छोटी चम्‍मच
वैनिला एसेंस 1 चम्‍मच

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विधि
सबसे पहले माइक्रोवेव ओवन को 180 डिग्री सेल्सियस पर पहले से ही गर्म कर लें। एक बड़ा कटोरा लें उसमें मैदा, चीनी, चुटकीभर नमक और बेकिंग पाउडर, बेकिंग सोडा, 2 अंडे का सफेद भाग, दूध, दही, वैनिला एसेंस, और मक्खन डालकर अच्छी तरह से सभी सामग्री को मिलाएं।

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डिस्पोजल कप केक मोल्ड लें और बनाए हुए मिक्सचर को उसमें डाल कर ओवन में 25 मिनट के लिए रखें और 20-25 मिनट बाद आप का सुन्दर कपकेक बनके तयार हो जाएगा। ठंडा होने के बाद इन्‍हें सभी को सर्व करें।

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शरीर में विटामिन की कमी करना चाहते हैं पूरी तो जरूर खाएं ये चीज


शरीर की विटामिन की जरूरत सप्लीमेंट्स से पूरी करने की बजाए इसे अच्छे खान पान से पूरा करें। इसके लिए आपको अपनी डायट में ऐसी चीजें शामिल करनी होंगी जिनमें भरपूर मात्रा में विटामिन पाया जाता है। आप अपनी डायट में कच्चा केला भी शामिल कर सकते हैं। यहां पढ़ें कच्चे केले से बनी खस्ता पूरी की रेसिपी -

सामग्री -

गेहूं का आटा - 1.5 कप (225 ग्राम)
कच्चा केला - 6 (500 ग्राम)
हरा धनिया - 2-3 टेबल स्पून
हरी मिर्च - 2 (बारीक कटी हुई)
हल्दी पाउडर - ½ छोटी चम्मच
लाल मिर्च पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच
अजवायन - ½ छोटी चम्मच
नमक - 1 छोटी चम्मच या स्वादानुसार
तेल - पूरी तलने के लिए

विधि -

कच्चे केले को पानी से धोकर कुकर में डाल दीजिए और साथ ही थोड़ा स अपानी डल कर कुकर में 1 सीटी आने तक पका लीजिए। इसके बाद कुकर का प्रैशर खत्म होने के बाद केलों को कुकर से निकाल लीजिए और केले को छीलकर ले लीजिए।

छीले हुए केले को कद्दूकस कर लीजिए इन्हें चारों ओर से कद्दूकस करके इनके बीच का काला भाग (पार्ट) हटा लीजिए।

प्याले में आटा निकाल लीजिए और इसमें कद्दूकस किया हुआ केला डाल दीजिए। साथ ही इसमें बारीक कटा हरा धनिया, बारीक कटी हरी मिर्च, लल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर और अजवायन डाल कर सभी को अच्छे से मिक्स कर लीजिए। अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए पूरी के लिए सख्त आटा गूंथकर तैयार कर लीजिए। (इतनी मात्रा का आटा गुंथने में 1/2 कप पानी का उपयोग हुआ है।) आटे को ढककर 20 से 25 मिनिट के लिए रख दीजिए ताकि आटा फूलकर सैट हो जाए।

20 मिनिट में आटा सैट होकर तैयार है। हाथों पर थोड़ा सा तेल लगाइए और आटे को मसल-मसल कर चिकना कर लीजिए। आटे को चिकना करने के बाद, इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर लोइयां बना लीजिए। इन्हें बनाने के लिए, पहले लंबाई में आटे को बढ़ा लीजिए और फिर छोटे आकार की लोइयां तोड़ते जाइए। (लोइयों का साइज छोटा या बड़ा अपनी इच्छानुसार रख सकते हैं)

कढ़ाई में पूरियां तलने के लिए पर्याप्त मात्रा में तेल डालकर गरम होने भी रख दीजिए। एक लोई उठाकर हथेलियों से मसल लीजिए। इसे गोल-गोल करते हुए थोड़ा सा दबाकर चिकना पेड़ा तैयार कर लीजिए। इसी तरह, सभी लोइयों को गोल और बाद में, हल्का सा चपटा करके पेड़े बना लीजिए। तैयार पेड़ों को ढककर रख दीजिए जिससे कि ये सूखे नहीं।

बेलन और चकले पर थोड़ा सा तेल लगाकर चिकना कर लीजिए। एक पेड़ा उठाकर चकले पर रख लीजिए। इसे पूरी के जैसा पतला बेलकर बना लीजिए। (पूरी को किनारे से बेलिए, ताकि पूरी बीच में से पतली और किनारों से मोटी न रह जाए। पूरी एक जैसी बेली हुई होनी चाहिए।)

जब तक पूरी बेलकर तैयार हुई, तब तक तेल भी गरम हो गया है। इसे चैक करने के लिए, थोड़ा सा आटा तोड़कर गरम तेल में डाल दीजिए। अगर यह तैरकर ऊपर आ जाए, तो तेल अच्छे से गरम हो चुका है। अब, कढा़ई में पूरी डाल दीजिए। इसे फुलाने के लिए कलछी से हल्का सा दबा-दबा कर सेक लीजिए। पूरी को पलट-पलट कर गोल्डन ब्राउन होने तक फ्राय कर लीजिए।

जब तक यह पूरी तलकर तैयार हो, तब तक बिल्कुल पहले वाली पूरी की तरह ही दूसरी पूरी भी बेल लीजिए। बीच-बीच में, कढा़ई में सिक रही पूरी को चैक करते रहिए। दोनों तरफ से गोल्डन ब्राउन होने के बाद, पूरी को एक प्लेट में निकाल लीजिए। (पूरी को प्लेट में निकालते समय पूरी को कलछी पर तिरछा करके कड़ाई के किनारे पर रखिए ताकि पृ्री से अतिरिक्त तेल कड़ाई में ही निकल जाए।) इसी प्रकार सभी पूरियों को बेलकर व तलकर तैयार कर लीजिए। गरम-गरम केले केले की मसाला पूरियां बनकर तैयार हैं। इतने आटे से लगभग 18 पूरियां बन कर तैयार हो जाती हैं।

स्वाद से भरपूर गरमागरम कच्चे केले की मसाला पूरियों को दही, रायता, चटनी, अचार या अपनी मनपसंद सब्जी के साथ परोसिए और मजे से खाइए व खिलाइए।

अगर आप भी खाना बनाने के शौकीन हैं और कुछ ऐसी डिशेज बनाते हैं जिन पर आपको हर बार तारीफें मिलती हैं तो अब हम आपको अपनी इस कला के प्रदर्शन के लिए प्लैटफॉर्म देने जा रहे हैं। आप अपनी खास रेसिपीज पत्रिका डॉट कॉम के साथ शेयर कर सकते हैं। कंमेंट बॉक्स में अपनी रेसिपी हमें लिख भेजें। आप अपनी रेसिपी का वीडियो भी हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। चुनिंदा रेसिपीज को पत्रिका डॉट कॉम पर फीचर भी किया जाएगा। तो देर किस बात की, लिख भेजिए हमें अपनी स्पेशल रेसिपी।


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कुकर में भी बना सकते हैं टेस्टी खरवस


खरवस पारंपरिक माहराष्ट्रीयन डिश है। यह खाने में बहुत ही स्वादिष्ट लगती है। आप चाहें तो इसे मेहमानों को भी परोस सकते हैं। यहां पढ़ें टेस्टी खरवस बनाने की रेसिपी -

सामग्री -

दूध - 1 कप (250 ग्राम)
हंग कर्ड - 1 कप (250 ग्राम)
कंडेन्स मिल्क - 1 कप (250 ग्राम)
कॉर्न फ्लोर - 2 टेबल स्पून
जायफल - 1/4 छोटी चम्मच से कम
इलायची - 1/4 छोटी चम्मच
पिस्ते - 6-7 (बारीक पतले कटे हुए)
केसर - 6-7 धागे

विधि -

छलनी में सूती का कपड़ा रख कर इसमें दही डाल कर इससे दही का पानी निचोड़ लीजिए कुछ देर दही को कपड़े में ही बांध कर लटका दीजिए और एक प्याला उसके नीचे रख दीजिए ताकि दही से पानी निचुड़कर प्याले में ही गिरे। दही से पानी निकल जाने के बाद टंगे हुए दही (हंग कर्ड) को एक बड़े से प्याले में निकाल लीजिए।

मिक्सर जार में हंग कर्ड को डाल दीजिए साथ ही इसमें कार्न फ्लोर डाल कर मिक्सर बंद कीजिए और चला दीजिए। अब मिक्सर जार को खोलें इसमें दूध और कंडेन्स मिल्क डाल कर सभी चीजों को मिक्सर जार में चला कर अच्छी तरह मिक्स कर लीजिए (ध्यान रहे की मिक्सर में गांठें नहीं बननी चाहिए एकदम चिकना मिक्सर बनना चाहिए)।

अब एक ढोकला बनाने जैसा बरतन लीजिए उसमें इस मिक्सर को डाल दीजिए। अब इस मिश्रण में 1/4 छोटी चम्मच इलायची पाउडर बुरक दीजिए। 1/4 छोटी चम्मच से भी कम कद्दूकस किया हुआ जायफल भी इस पर बुरक दीजिए। पतले पतले कटे हुए पिस्ते भी इस पर डाल दीजिए और केसर के धागे को भी इस पर डाल दीजिए।

अब एक कुकर लीजिए, कुकर में 2 कप पानी डाल दीजिए और इसे गैस पर रख कर पानी गरम होने लगे इसमें अच्छी भाप बनने लगे तब तक कुकर को ढक कर इसे गरम कर लीजिए।

पानी में भाप बनने लगी है कुकर का ढक्कन हटा दीजिए और कुकर के अंदर जाली स्टैंड रख दीजिए। अब मिश्रण वाले बरतन को जाली स्टैंड के ऊपर रख दीजिए और कुकर को ढक्कन से ढक दीजिए। आंच मीडियम और मीडियम हाई ही रखिये और मिश्रण को 30 मिनट तक पकने दीजिए। इसे चैक कीजिए। अब खरवस में चाकू गड़ा कर देख लीजिए, अगर चाकू में मिश्रण नहीं चिपकता है, तब खरवस पक गया है। गैस बंद कर दीजिये और मिश्रण के बर्तन को बाहर निकालकर जाली स्टैंड पर रख दीजिए ताकि यह जल्दी से ठंडा हो जाए।

मिश्रण के ठंडा हो जाने पर इसे १ घंटे के लिए फ्रिज में रख दीजिए यह सैट हो जाएगा। 1 घंटे के बाद इसे फ्रिज से निकाल करे अपने मन पसंद के टुकड़ों में काट कर सर्व कीजिए। स्वाद से भरपूर खरबस आप खाएं ओर खिलाएं आपको इसका स्वाद बहुत पसंद आएगा।

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डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था फिर बेपटरी होने लगी है, सरकार को इसपर ध्यान देना होगा


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले को करीब दो साल होने को हैं। इस कठिन निर्णय से लोगों को फायदा तो सीमित हुआ लेकिन परेशानियों का सामना अधिक करना पड़ा। नोटबंदी की यादों पर अब धूल की परत जम चुकी है। लोगों को जिन परेशानियों का सामना करना पड़ा था वे कुछ हद तक धुंधली भी पड़ गई हैं लेकिन राजनीतिक भूचाल और कुछ आर्थिक विश्लेषकों की रिपोर्ट इस जख्म को हरा कर देती है। इस फैसले का सबसे बड़ा कारण कालाधन व जाली नोट पर अंकुश लगाना था जो गैरकानूनी ढंग से बाजार में लेनदेन का जरिया बनी थी।

रिपोर्टों और विश्लेषकों की मानें तो सरकार को उसमें सफलता नहीं मिली जिसकी योजना उसने बनाई थी। गैरकानूनी ढंग से बाजार में आए पैसे के इस्तेमाल को रोकना ही उसका पहला मकसद था लेकिन उसमें वह सफलता नहीं मिल पाई जैसी उम्मीद प्रधानमंत्री मोदी और देश की जनता ने की थी। हालांकि दूसरी तरफ इसका बड़े पैमाने पर फायदा भी हुआ। देश में टैक्स जमा करने वालों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। घर में पैसा रखने का प्रचलन भी कुछ हद तक कम हुआ है। डिजिटल पेमेंट से भुगतान की व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। इसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा जो उसके लिए काफी सकारात्मक है।

86 फीसदी भारतीय मुद्रा को अवैध करार दिया
नवंबर 2016 में लागू नोटबंदी से बाजार में प्रचलन वाली 86 फीसदी भारतीय मुद्रा अवैध घोषित हो गई थी। उम्मीद यह थी कि जिन लोगों ने काला धन अपने पास जमाकर रखा है वे उसे नए नोट से बदलने के लिए बैंकों तक न पहुंचे। हालांकि हुआ इसके उलट। 500 और 1000 के 99.7 फीसदी नोट वापस बैंकों में पहुंच गए जबकि करोड़ों की रकम विभिन्न एजेंसियों ने छापेमारी में जब्त की। इससे स्पष्ट है कि उद्देश्य पूरा नहीं हो सका।

आर्थिक सुधार
नोटबंदी को लेकर देश के पूर्व वित्त मंत्री और अर्थव्यवस्था के जानकार पी. चिदंबरम का कहना था कि बाजार में नकदी की कमी से अर्थव्यवस्था में भूचाल जैसी स्थिति बन गई और जून 2017 की तिमाही में अर्थव्यवस्था अपने न्यूनतम स्तर 5.7 फीसदी पर पहुंच गई थी हालांकि बाद में अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ और पिछली तिमाही में 8.2 फीसदी तक पहुंच गई।

कर राजस्व
भारत में कर वसूली की व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है। वित्तीय वर्ष मार्च 2017 के आंकड़ों के अनुसार व्यक्तिगत आयकर जमा करने वालों की संख्या में 27 फीसदी का इजाफा हुआ। पिछले कई दशकों से ये आंकड़ा 21 फीसदी के करीब था। मोदी सरकार में करदाताओं की संख्या का बढऩा अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है। सरकार को ध्यान देना होगा।

काला धन
2014 के आम चुनावों में कालेधन के इस्तेमाल को देखते हुए संभवत: नोटबंदी का फैसला लिया गया। देश की जनता ने इसे सकारात्मक कदम बताया भले ही उसे बैंकों और एटीएम के बाहर लाइन में लगना पड़ा था। इस उम्मीद में कि इस फैसले से भ्रष्टाचार से पैसा कमाने वालों की रकम पूरी तरह डूब गई लेकिन उम्मीद के अनुसार जैसा कुछ खास नहीं हुआ।

डिजिटल भुगतान
नोटबंदी के बाद लोगों के पास कोई विकल्प नहीं था तो डिजिटल भुगतान को अपनाया। ये व्यवस्था फिर से बेपटरी होने लगी है जिसको लेकर सरकार को ध्यान देना होगा। भारत में नकद लेनदेन का चलन है। एक रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी से पहले जनता के पास 17 लाख करोड़ रुपए की रकम कैश में थी जो इस वर्ष अगस्त में 18 लाख करोड़ तक पहुंच गई है।

नकली नोटों का भंडार हुआ पूरी तरह खत्म
सरकार ने संसद में पिछले महीने बताया था कि नोटबंदी के बाद असली नोट को सीज करने का प्रतिशत भी कम हुआ है। जिन एजेंसियों ने नोट को सीज करने की कार्रवाई की थी उसमें से अधिकतर नोट स्कैन या फोटोकॉपी किए हुए थे। कैश बैन ‘अल्पकालीन लाभ’ की स्थिति थी जिसमें नकली नोटों का भंडार देश मे इस फैसले से पूरी तरह खत्म हुआ था।


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प्रोटीन व कैल्शियम से भरपूर है यह रोटी


अगर आप नैचुरल तरीके से शरीर में कैल्शियम और प्रोटीन की कमी को पूरा करना चाहते हैं, तो आपको अपनी डायट में रागी रोटी को शामिल करना चाहिए। यह न केवल पाचन के लिए अच्छी है, बल्कि यह आपको कई पोष्टिक तत्व भी देती है। आप दिन के एक मील में रागी रोटी को शामिल कर सकते हैं। इसे बेलने में आपको अगर परेशानी आती है तो आप रागी आटे में थोड़ा सा गेंहू का आटा मिला सकते हैं। इससे आपके लिए रागी रोटी बेलना आसान हो जाएगा। इसे आप तवे पर कुरकुरा करने के बाद खाएंगे तो आपको यह ज्यादा स्वादिष्ट लगेगी। यहां पढ़ें रागी रोटी की रेसिपी -

सामग्री -

1/2 कप रागी आटा
1/4 कप बारीक कटा हुआ हरा प्याज का सफेद भाग
1/4 कप कसे हुए गाजर
1 1/2 टेबल-स्पून लो फैट दही
1/2 टी-स्पून हरी मिर्च की पेस्ट
नमक , स्वादानुसार
रागी का आटा , बेलने के लिए

विधि -

- एक गहरे बाउल में सारी सामग्री मिलाकर प्रर्याप्त पानी का उपयोग करके नरम आटा गूंथ लीजिए।
- गूंथे हुए आटे को 4 बराबर भागों में बांट लीजिए।
- आटे के एक भाग को थोडे रागी के आटे का प्रयोग करते हुए 100 मि। मी। (4 इंच) व्यास के गोल आकार में बेल लीजिए।
- बेली हुई रोटी को एक गरम नॉन-स्टिक तवे पर रख दीजिए और कुछ सेकंड बाद पलट दीजिए।
- दूसरी तरफ रोटी को कुछ और सेकंड तक पका लीजिए।
- रोटी को चिमटे से उठाकर सीधे आच पर रखकर दोनों तरफ से सुनहरे दाग पड़ने तक पका लीजिए।
- विधि को दोहराकर 3 और रोटी बना लीजिए।
- तुरंत परोसिए।

अगर आप भी खाना बनाने के शौकीन हैं और कुछ ऐसी डिशेज बनाते हैं जिन पर आपको हर बार तारीफें मिलती हैं तो अब हम आपको अपनी इस कला के प्रदर्शन के लिए प्लैटफॉर्म देने जा रहे हैं। आप अपनी खास रेसिपीज पत्रिका डॉट कॉम के साथ शेयर कर सकते हैं। कंमेंट बॉक्स में अपनी रेसिपी हमें लिख भेजें। आप अपनी रेसिपी का वीडियो भी हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। चुनिंदा रेसिपीज को पत्रिका डॉट कॉम पर फीचर भी किया जाएगा। तो देर किस बात की, लिख भेजिए हमें अपनी स्पेशल रेसिपी।


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अगर नाश्ते में खाएंगे ये चीज तो पा सकते हैं कटरीना कैफ जैसी पतली कमर


साउथ इंडियन व्यंजन न केवल स्वादष्टि होते हैं, बल्कि यह सेहत के लिहाज से भी बहुत फायदेमंद होते हैं। ज्यादातर साउथ इंडियन व्यंजनों की खासियत है कि इससे वजन नहीं बढ़ता, हालांकि खाने में तेल या घी के इस्तेमाल और आप कितनी मात्रा में इसे खा रहे हैं, इसका भी फर्क पड़ता है। यहां आज हम आपको टेस्टी साउथ इंडियन ब्रेकफास्ट अवियल की रेसिपी बताने जा रहे हैं। यह बहुत ही स्वादिष्ट बनती है और यह बहुत हैल्दी भी है। यहां पढ़ें अवियल की रेसिपी -

सामग्री -

पीसकर मुलायम पेस्ट बनाने के लिए
3/4 कप ताजा कसा हुआ नारियल
1 टी-स्पून जीरा
4 हरी मिर्च , कटी हुई
1/4 कप पानी

अन्य सामग्री

1/2 कप सहजन फल्ली , 25 मिमी (1 इंच) के टुकड़ो में कटी हुई
1/2 कप चवली , 25 मिमी (1 इंच) के टुकड़ो में कटी हुई
1/2 कप गाजर , 25 मिमी (1 इंच) के टुकड़ो में कटी हुई
1/2 कप रतालू , 25 मिमी (1 इंच) के टुकड़ो में कटी हुई
1/4 कप कद्दू के टुकड़े
1 कचा केला , छिलकर 25 मिमी (1 इंच) के टुकड़ो में कटा हुआ
1/2 कप ताजे हरे मटर
1/2 कप बैंगन के टुकड़े
1/4 टी- स्पून हल्दी पाउडर
नमक स्वादअनुसार
1/2 कप ताजा दही , फेंटा हुआ (ऐच्छिक)
2 टेबल- स्पून नारियल का तेल/ अन्य तेल
1 टी- स्पून जीरा
7-8 कड़ी पत्ता

विधि -

- सहजन फल्ली को 1/4 कप पानी के साथ मिलाकर, मध्यम आंच पर, ढ़ककर उनके आधे पक जाने तक पका लें।
- बची हुई सब्जियां, हल्दी पाउडर, जरूरत हो तो पानी और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें और सब्जियों के नरम होने तक, धिमी आंच पर ढ़ककर पका लें (लगभग 12 से 15 मिनट के लिए)।
- तैयार पेस्ट और 1/4 कप पानी डालकर अच्छी तरह मिला लें और धिमी आंच पर 12 से 15 मिनट या मिश्रण के आधे सूख जाने तक उबाल लें।
- दही, तेल, जीरा और कड़ी पत्ता डालकर 2 से 3 मिनट तक धिमी आंच पर उबाल लें।
- गरमा गरम परोसें।

अगर आप भी खाना बनाने के शौकीन हैं और कुछ ऐसी डिशेज बनाते हैं जिन पर आपको हर बार तारीफें मिलती हैं तो अब हम आपको अपनी इस कला के प्रदर्शन के लिए प्लैटफॉर्म देने जा रहे हैं। आप अपनी खास रेसिपीज पत्रिका डॉट कॉम के साथ शेयर कर सकते हैं। कंमेंट बॉक्स में अपनी रेसिपी हमें लिख भेजें। आप अपनी रेसिपी का वीडियो भी हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। चुनिंदा रेसिपीज को पत्रिका डॉट कॉम पर फीचर भी किया जाएगा। तो देर किस बात की, लिख भेजिए हमें अपनी स्पेशल रेसिपी।


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अगर चाहते हैं स्किन पर नेचुरल ग्लो, तो खाएं ये चीज


दाल में प्रोटीन और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जिसके सेवन से स्किन हैल्दी होती है और इस पर नेचुरल ग्लो आता है। दाल को अगर आप पारंपरिक तरीके से पका कर नहीं खाना चाहते तो आप इसके कटलेट बना कर खा सकते हैं। मसूर दाल के कटलेट बहुत ही स्वादिष्ट बनते हैं और यह झटपट तैयार भी हो जाते हैं। यहां पढ़ें मसूर दाल की रेसिपी -

सामग्री -

साबुत मसूर दाल - ½ कप (100 ग्राम) (भीगो कर ली हुई)
आलू - 2 (150 ग्राम) (उबले हुए)
पनीर - 100 ग्राम
पुदीने के पत्ते - 1/4 कप (बारीक कटे हुए)
हरा धनिया - 1/4 कप (बारीक कटा हुआ)
भुने चने - 1/4 कप
तेल - 1/4 कप
हरी मिर्च - 2 बारीक कटी हुई
अदरक - 1 इंच टुकडा़ (कद्दूकस किया हुआ)
गरम मसाला - 1/4 छोटी चम्मच
लाल मिर्च पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच
अमचूर - 1/4 छोटी चम्मच
धनिया पाउडर - 1 छोटी चम्मच
जीरा - ½ छोटी चम्मच (भूना हुआ)
नमक - 1 छोटी चम्मच

विधि -

आधा कप छिलके वाली साबुत मसूर दाल को अच्छे से साफ करके धोकर साफ पानी में 7-8 घंते के लिए भीगो कर रख दीजिए इसके बाद इसमें से अतिरिक्त पानी हटा कर इसे ले लीजिए।

दाल को कुकर में डाल दीजिए और 1/4 कप पानी डालकर कुकर का ढक्कन बंद कर दीजिए ओर दल को 1 सीटी आने तक पकने दीजिए। कुकर में सीटी आने पर गैस बंद कर दीजिए और कुकर का प्रैशर खत्म होने पर कुकर का ढक्कन खोलिए। दाल में पानी होने पर इसे छान लीजिए जिससे की दाल का पानी अलग हो जाए।

मिक्स जार में भुने हुए, छिले हुए चने डल कर बारीक पाउडर बना लीजिए। उबले हुए आलू को छील कर कद्दूकस कर लिजिए। आलू में ही पनिर को कद्दूकस कर लिजिए अब इसमें दाल डाल दीजिए, साथ में बारीक कटा हुआ पुदीना, बारीक कटा हरा धनिया, बारीक कटी हरी मिर्च, कद्दूकस किया हुआ अदरक, गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर, अमचूर पाउडर, धनिया पाउडर, भुना जीरा पाउडर, नमक और भुने चने का पाउडर डाल कर सभी चीजों को अच्छे से मिक्स कर लीजिए। टिक्की बनाने के लिए मिश्रण तैयार है।

टिक्की शैलो फ्राई करने के लिए पैन में 2-3 टेबल स्पून तेल डाल कर गरम कीजिए। अब हाथ पर थोडा़ सा तेल लगा कर हाथ को चिकना कर लीजिए और थोडा़ सा मिश्रण निकालिए, हाथ से दबाकर, गोल आकार देकर हथेली से दबा कर टिक्की का शेप दीजिए और प्लेट में रख दीजिए। सारी टिक्की इसी तरह बनाकर तैयार करके, प्लेट में रख लीजिए।

तेल गरम होने पर गैस धीमा कीजिए और पैन में टिक्की सिकने के लिए एक-एक करके लगा दीजिए। धीमी मध्यम आंच पर टिक्की को नीचे से गोल्डन ब्राउन होने तक सिकने दीजिए।

टिक्की को चैक कीजिए लगभग 5 मिनिट में टिक्की नीचे से गोल्डन ब्राउन होकर सिक कर तैयर है इसे पलट दीजिए ओर 4 मिनिट इस ओर से भी इसे गोल्डन ब्राउन होने तक सिकने दीजिए। टिक्की दोनों ओर से अच्छी गोल्डन ब्राउन सिक कर तैयार है। टिक्की को सिकने में 10 मिनिट क असमय लगा है। टिक्की को प्लेट में निकाल लीजिए। अब बाकी की टिक्की भी इसी तरह से सेक कर तैयार कर लीजिए।

इतने मिश्रण में लगभग 15 टिक्की बन कर तैयार हो जाती हैं। मसूर दाल की स्वादिष्ट क्रिस्पी टिक्की बनकर तैयार हैं। मसूर दाल से बनी टिक्की को हरे धनिए की चटनी या टमैटो सॉस के साथ परोस सकते हैं। इन टक्की को चाहें तो बर्गर में सैंडविच में या चपाती, परांठे में भी लपेट कर खाने के लिए दे सकते हैं। परोसिए और खाईए आप सभी को इस का स्वाद बहुत पसंद आएगा।

अगर आप भी खाना बनाने के शौकीन हैं और कुछ ऐसी डिशेज बनाते हैं जिन पर आपको हर बार तारीफें मिलती हैं तो अब हम आपको अपनी इस कला के प्रदर्शन के लिए प्लैटफॉर्म देने जा रहे हैं। आप अपनी खास रेसिपीज पत्रिका डॉट कॉम के साथ शेयर कर सकते हैं। कंमेंट बॉक्स में अपनी रेसिपी हमें लिख भेजें। आप अपनी रेसिपी का वीडियो भी हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। चुनिंदा रेसिपीज को पत्रिका डॉट कॉम पर फीचर भी किया जाएगा। तो देर किस बात की, लिख भेजिए हमें अपनी स्पेशल रेसिपी।


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जैम के स्वाद से दोगुना हो जाएगा आपके खाने का मजा


जैम किसी फल या कई फलों के गूदे और रस से तैयार किया जाता है। इससे फल अधिक समय तक प्रिजर्व भी रहते हैं। खासकर बच्चों को जैम बहुत पसंद है।

स्ट्रॉबेरी जैम

सामग्री -

स्ट्रॉबेरी - 300 ग्राम
चीनी पिसी हुई- 200 ग्राम या स्वादानुसार
एक नींबू मध्यम आकार का।

बनाने का तरीका -

- स्ट्रॉबेरी को धोकर डंठल निकालकर पोंछ लें।
- इसे या तो बारीक टुकडों में काट लें या मिक्सी में पेस्ट बना लें।
- नॉनस्टिक पैन गर्म कर स्ट्रॉबेरी डालकर हल्की आंच पर पकाएं।
- पक जाए, तब उसमें चीनी डालकर दस-बारह मिनट धीमी आंच पर पकाएं, जिससे चीनी घुल-मिल जाए।
- चूल्हे से उतार कर इसमें नींबू का रस मिलाएं।
- जैम को प्लेट में टपकाकर देखें। प्लेट में गिरने पर जैम फैलता नहीं है और वहीं ठहर जाता है, तो यह एकदम तैयार है।
- ठंडा करके जार में भरकर रखें।

मिक्स फ्रूट जैम

सामग्री -

सेब- 5
केले- 3 अनानास- मध्यम आकार
पपीता-1
अंगूर-1 किलोग्राम
नींबू का रस 1 टेबलस्पून
चीनी-1 किलोग्राम
सिट्रिक एसिड -4 टेबलस्पून
नमक- स्वादानुसार

बनाने का तरीका

- सभी फल धो लें।
- अनानास, पपीते और सेब को छीलकर काट लें। दस मिनट तक इन्हें पानी में नरम होने तक पका लें।
- बाकी फल मिक्सी में पीस लें।
- नॉनस्टिक कढ़ाही में फलों का पेस्ट डालकर भूनें। चीनी और नमक डालकर धीमी आंच पर पकाएं।
- पक जाने पर सिट्रिक ऐसिड व नींबू का रस मिलाएं।

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दीपिका पादुकोण जैसा फिगर चाहिए तो नाश्ते में जरूर खाएं ये चीज


यह तो सब जानते हैं कि दीपिका साउथ इंडियन हैं और उन्हें उपमा, डोसा, इडली बहुत पसंद है। वे अपने नाश्ते में भी इसे जरूर शामिल करती हैं। यह न केवल लाइट रहता है, बल्कि उन्हें फिट रहने में भी मदद करता है। इसे खाने से उनका वजन भी नहीं बढ़ता, हालांकि सही मात्रा में और सही समय पर खाना बहुत जरूरी है। यहां पढ़ें उपमा इडली उपमा की रेसिपी। इसे आप बची हुई इडलियों से भी बना सकते हैं।

सामग्री-

5 से 6 इडली मसली हुई
1 चम्मच तेल
½ चम्मच सरसों
½ चम्मच जीरा
½ चम्मच उड़द दाल
5 से 6 करी पत्ते
½ चम्मच बारीक कटा अदरक
1 हरी मिर्च कटा
1 सूखी लाल मिर्च
हींग की एक चुटकी
1 छोटा प्याज कटा हुआ
नमक स्‍वादअनुसार
1 से 2 चम्मच कटा हुआ हरा धनिया

बनाने की विधि-

सबसे पहले इडली को हाथों से मसल लें और किनारे रख दें। फिर पैन में १ चम्‍मच तेल गरम करे और उसमें राई डालें। जब राई फूट जाए तब उसमें उरद दाल और जीरा डालें। फिर करी पत्‍ते, अदरक, सूखी लाल मिर्च और चुटकीभर हींग डालें। इसे चलाइए और फिर इसमें कटी प्‍याज डालें। फिर मसली हुई इडली और ऊपर से नमक छिड़किए। इसे दो मिनट के लिए अच्‍छी तरह से मिक्‍स करें। आखिर में आंच बंद कीजिए और ऊपर से २ चम्‍मच हरी धनिया छिड़किए। अगर आप चाहें तो ऊपर से घिसा हुआ नारियल भी डाल सकती हैं। इसे नारियल चटनी या नींबू के अचार के साथ सर्व करें।

सुझाव -

अगर आप ताजी मटर डाल रहे हैं तो उन्हें थोडा़ सा उबाल कर नरम कर लीजिए इसक बाद इसका उपयोग कीजिए।
आप इडली उपमा में अपनी पसंद अनुसार जो भी सब्जी डालना चाहें डाल सकते हैं।

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डिनर में खाएंगे ये चीज, तो सुबह पेट होगा पूरी तरह साफ


कोफ्ते कई तरह से बनाए जा सकते हैं, फिर चाहे आप आलू पनीर के बनाएं, लौकी के बनाएं या फिर कच्चे केले से बनाएं। कच्चे केले से बने कोफ्ते बहुत ही स्वादिष्ट बनते हैं और यह सबको पसंद भी आएंगे। यहां पढ़ें कच्चे केले के कोफ्ते की रेसिपी -

सामग्री -

कच्चे केले - 5 (400 ग्राम)
टमाटर - 2 (200 ग्राम)
हरी मिर्च - 2
मूंगफली के दाने - 2 टेबल स्पून
अदरक - 1 इंच टकडा़
बेसन - 2 टेबल स्पून
तेल - 2 टेबल स्पून
हरा धनिया - 2-3 टेबल स्पून (बारीक कटा हुआ)
जीरा - 1/2 छोटी चम्मच
हल्दी पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच
धनिया पाउडर - 1 छोटी चम्मच
लाल मिर्च पाउडर - 3/4 छोटी चम्मच
अदरक - 1/2 छोटी चम्मच पेस्ट
हरी मिर्च - 2 (बारीक कटी हुई)
कसूरी मेथी - 1 छोटी चम्मच
गरम मसाला - 1/4 छोटी चम्मच से कम
नमक - 1.25 छोटी चम्मच या स्वादानुसार

विधि -

केलों को अच्छे से धोकर सुखा कर ले लीजिए। केले का डंठल काट कर हटा दीजिए और केले को मोटा-मोटा टुकड़ों में काट लीजिए।

कटे हुए केले के टुकड़ों को उबालने के लिए कुकर में डाल दीजिए। साथ ही 1 कप पानी डाल दीजिए। कुकर को गैस पर रखें, कुकर का ढक्कन बंद करके केले को उबलने दीजिए। कुकर में 1 सीटी आने पर गैस धीमी कर दीजिए और धीमी आंच पर केले को 2 मिनिट उबलने दीजिए।

2 मिनिट बाद गैस बंद कर दीजिए ओर कुकर का प्रैशर खत्म जोने पर कुकर को खोलें। और केले के टुकड़ों को छलनी में डाल कर सारा पानी अलग कर दीजिए। केले को थोड़ा सा ठंडा होने दीजिए इसके बाद इन्हें छील लीजिए और प्लेट में रखते जाएं। सारे छिले हुए केले के टुकड़ों को अच्छे से मैश कर लीजिए। अब इन मैश किए हुए केले में बेसन, 1/2 छोटी चम्मच नमक, लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटी चम्मच अदरक का पेस्ट, बारीक कटी हरी मिर्च, 1/4 छोटी चम्मच से कम गरम मसाला और बारीक कटा हरा धनिया डाल कर सभी चीजों को अच्छे से मिक्स कर लीजिए। कोफ्ते बनाने के लिये मिश्रण तैयार है।

कढ़ाई में तेल डाल कर गरम कीजिए। तैयार मिश्रण में से कोफ्ते बनाने के लिए हाथ को थोडा़ तेल लगाकर चिकना कीजिए और थोडा़ सा मिश्रण निकाल कर, हथेली की मदद से गोल कीजिए, तैयार गोले को प्लेट में रख दीजिए इसी प्रकार से बाकी के मिश्रण से गोले बना कर तैयार कर लीजिए।

गोले को गरम तेल में डाल कर चैक कर लीजिए की कोफ्ता सिक रहा है या नहीं और तेल सही से गरम हुआ है या नहीं। अगर गोला अच्छे से सिक रहा है। तब गरम तेल में कोफ्ते के गोले तलने के लिए डाल दीजिए। कोफ्ते तलने के लिए अच्छा गरम तेल चाहिए और आग भी तेज होनी चाहिए। कोफ्तों को पलट-पलट कर अच्छे गोल्डन ब्राउन होने तक तलिए। कोफ्ते अच्छे गोल्डन ब्राउन होने पर तले हुए कोफ्ते को निकाल कर प्लेट में रखिए। कोफ्ते तलने में लगभग 8 मिनिट का समय लग गया है। सब्जी बनाने के लिए कोफ्ते तैयार है।

मसाला तैयार करें

टमाटर, अदरक, हरी मिर्च और मूंगफली को मिक्सर जार में डाल कर पेस्ट तैयार कर लीजिए। पैन में 2 टेबल स्पून तेल डालकर गरम कीजिए। तेल गरम होने पर जीरा, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, कसूरी मेथी डालकर मसाले को थोड़ा भून लीजिए।

अब इसमें टमाटर, अदरक, हरी मिर्च और मूंगफली का पेस्ट डाल दीजिए और लाल मिर्च पाउडर डाल कर, मसाले को तब तक भूनिये जब तक कि मसाले के ऊपर तेल न तैरने लगे। मसाले में से तेल अलग होने पर इसमें 1.5 कप पानी, नमक, गरम मसाला पाउडर और थोड़ा सा हरा धनिया डाल कर मिक्स कीजिए।

ग्रेवी में उबाल आने पर इसमें केले के कोफ्ते डाल दीजिए। ग्रेवी को ढककर के 2 मिनिट धीमी आंच पर पकने दीजिए। 2 मिनिट बाद सब्जी बनकर तैयार है, गैस बंद कर दीजिए और सब्जी को प्याले में निकालिए। सब्जी को हरे धनिए से गार्निश कीजिए। कच्चे केले कोफ्ता करी को आप परांठे, चपाती, नान या चावल किसी के भी साथ परोसिए और खाइए।

अगर आप भी खाना बनाने के शौकीन हैं और कुछ ऐसी डिशेज बनाते हैं जिन पर आपको हर बार तारीफें मिलती हैं तो अब हम आपको अपनी इस कला के प्रदर्शन के लिए प्लैटफॉर्म देने जा रहे हैं। आप अपनी खास रेसिपीज पत्रिका डॉट कॉम के साथ शेयर कर सकते हैं। कंमेंट बॉक्स में अपनी रेसिपी हमें लिख भेजें। आप अपनी रेसिपी का वीडियो भी हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। चुनिंदा रेसिपीज को पत्रिका डॉट कॉम पर फीचर भी किया जाएगा। तो देर किस बात की, लिख भेजिए हमें अपनी स्पेशल रेसिपी।


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वजन नियंत्रण में कारगर और गर्भावस्था में भी है फायदेमंद ये चीज


विटामिन, प्रोटीन, बीटा कीरोटिन, आयरन, कैल्शियम से भरपूर सहजन वजन नियंत्रित करने में मददगार है। यहां पढ़ें सहजन के साग की रेसिपी -

सामग्री -

एक गुच्छी सहजन के पत्ते सुखाए
जीरा एक छोटा चम्मच
5 से 7 लाल मिर्च
धुली चना दाल व उड़द दाल आधा छोटा चम्मच
एक चौथाई छोटा चम्मच सरसों
एक टुकड़ा इमली पानी में भीगा हुआ
कद्दूकस किया एक चौथाई नारियल
नमक स्वादानुसार
तेल 2 बड़़े चम्मच

ऐसे बनाएं -

कढ़ाई में एक बड़ा चम्मच तेल गर्म करके जीरा, लाल मिर्च, दालें को अच्छे से भूने। दूसरी कढ़ाई में एक चम्मच तेल में सहजन की पत्ती मिलाएं। अब इसे नरम होने दें और ठंडा कर लें। मिक्सी में मिर्च, सहजन, इमली, नरियल, और नमक डालकर दरदरा पीस ले। दालें और जीरा मिलाकर भी पेस्ट बना लें। सहजन की चटनी रोटी के साथ सर्व करने के लिए तैयार है। विटामिन, प्रोटीन, बीटा कीरोटिन, आयरन, कैल्शियम से भरपूर सहजन से वजन नियंत्रित रहता है।

पनीर का पेड़ा पाचन को रखता ठीक

केले में पोटैशियम, फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। अस्थमा, कैंसर, हाई बीपी, मधुमेह में फायदेमंद हैै। सिंघाड़ा गर्भवती के लिए भी फायदेमंद है।

सामग्री -

350 ग्राम पनीर
200 ग्राम मिल्क्मेड
थोड़ी केसर दूध में भीगी
पिसी इलाइची
साबुत पिस्ता

ऐसे बनाएं -

धीमी आंच पर कढ़ाई में मिल्क्मेड को थोड़ा गाढ़ा होने तक पकाएं। अब उसमें पनीर, इलाइची पाउडर और केसर मिला कर अच्छे से हिलाएं। जब मिश्रण कढ़ाई से चिपकना बंद कर दे और कढ़ाई छोडऩे लगे तो गैस बन्द कर दें। ठंडा होने पर मिश्रण के पेड़े बना लें और पिस्ते से सजाकर पेड़े खाने के लिए तैयार है। प्रोटीन, कैल्शियम, प्रोटीन, फॉस्फोरस युक्त पनीर खाने से हड्डियां मजबूत और पाचन तंदरुस्त रहता है।

फ्रूट क्रीम है एनर्जी बूस्टर

क्रीम में कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन ए, बी2, बी12 और सी भरपूर मात्रा में होता है। ये शरीर को एनर्जी देता है। इससे दिनभर स्फूर्ति बनी रहती है। इसके साथ ही त्वचा के लिए ये फायदेमंद होता है।

सामग्री -

एक बड़ी कटोरी क्रीम
दो बड़े चम्मच पीसी चीनी
एक बड़ी कटोरी मिक्स फूट पपीता
आम
केला
अनानास
चेरी
काजू
बादाम
किशमिश
एक चुटकी इलायची पाउडर

ऐसे बनाएं -

क्रीम में हल्के हाथ से चीनी मिलाएं। बाद में इसमें बारीक कटे फल, ड्राई-फूट, इलायची पाउडर को मिलाएं। अच्छे से मिलने के बाद फ्रिज मे ठंडा करने के लिए रखें। ठंडा होने के बाद इसे सर्व किया जा सकता है। क्रीम मे कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन ए, बी2, बी12 और सी भरपूर मात्रा में होता है। ये शरीर को भी एनर्जी देता है। इससे दिनभर स्फूर्ति बनी रहती है। इसके साथ ही क्रीम त्वचा के लिए भी फायदेमंद है।

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पार्टी में परोसें यह फ्रेंच स्वीट डिश


चॉकलेट चिली फॉनड्यू मीठी होने के साथ थोड़ी तीखी भी होती है। इसे एनिवर्सरी या दूसरे खास मौकों पर बनाया जा सकता है। अगर आप किसी को अपनी कुकिंग के जरिए इम्प्रेस करने की सोच रहे हैं तो एक बार इसे जरूर बनाएं। अगर घर की पार्टी, फंक्शन या दूसरे खास मौकों पर देसी मिठाई बनाकर और खाकर बोर हो गए हैं तो यह डिश आपके जायके को बदल कर रख देगी।

ताजे फल भी डालें

- स्वादिष्ट मीठी डिश को बनाने के लिए पिघली हुई चॉकलेट का होना जरूरी है।
- इसके साथ रेडीमेड केक, फ्रेश क्रीम, सूखी अदरक और लाल मिर्च का इस्तेमाल इसमें होता है।
- इसे सर्व करते वक्त इसमें ताजे कटे फलों को भी डालें।

सामग्री -

एक कप क्रीम
एक कप डार्क चॉकलेट
एक टेबल स्पून लाल मिर्च पाउडर
एक बारीक कटा सेब
एक चॉकलेट केक (स्लाइस किए हुए)
एक वनीला केक (स्लाइस किए हुए)

बनाने की विधि -

सबसे पहले फ्रेश क्रीम को गर्म नॉन स्टिक पैन में डालें। उसे तब तक चलाते रहें जब तक अच्छी तरह से मिक्स न हो जाए। अब एक दूसरे बाउल में चॉकलेट डालें। जैसे ही क्रीम उबल जाए उसे डार्क चॉकलेट के बाउल में डाल दें। इसे अच्छी तरह मिक्स करें। जितनी अच्छी तरह इसे मिक्स करेंगे उतना ही परफेक्ट फॉन्ड्यू तैयार होगा। अब इसमें लाल मिर्च पाउडर मिलाएं।

इसके बाद इस पूरे मिक्सर को अपने मनपसंद सर्विंग बाउल में डालें। इसके ऊपर कटे सेब और केक स्लाइस डालें। बस आपकी स्वीट डिश तैयार है। इसे अपनों को प्यार से परोसें।

पहले से कर के रखें तैयारी

घर पर पार्टी होने पर सभी मेहमानों की लिस्ट तो पहले तैयार हो जाती है। मगर रसोई की व्यवस्था ठीक कर लेना भी जरूरी है। जैसे तैयार स्नैक्स को सेंकना, माइक्रोवेव करना आदि। ऐसा करने से अकारण रसोई के भी कम चक्कर लगेंगे।

- मेहमानों के आने से पहले खाने और दूसरी चीजों की पूरी तैयारी करके रखें।
- सर्विंग ग्लास, बोतल, कोल्ड ड्रिंक आदि पहले से ट्रे में रख लें। जब तक मेहमान स्नैक्स लेंगे। तब तक आप सूप या दूसरी डिशेज सर्व कर सकें, इससे आपको भी बाकी के कामों के लिए समय मिल जाएगा।
- खाना टेबल पर इस तरह सजाएं कि खाना टेबल पर चरण दर चरण आता रहे और मेहमान अपनी जगह पर बैठे रहते हैं। पुलाव, चावल आदि में माइक्रोवेव में गर्म कर सकते हैं।
- मेन कोर्स के लिए रोटियां आदि की तैयारी पहले से कर लेना बेहतर है।

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ऐसे बनांए बच्चों के लिए पोटेटो चीज नगेट्स


बच्चों को पोटेटो चीज नगेट्स बहुत पसंद आते हैं, वहीं किसी भी पार्टी में इसे स्टार्टर के रूप में परोसा जा सकता है। इसे बनाना आसान है और यह बहुत ही स्वादिष्ट बनते हैं। यहां पढ़ें पोटेटो चीज नगेट्स बनाने की रेसिपी -

सामग्री -

उबले हुए आलू- 4 (300 ग्राम)
सूजी- ½ कप (100 ग्राम)
शिमला मिर्च- 1 (बारीक कटी हुई)
हरा धनिया- 3 से 4 टेबल स्पून (बारीक कटा हुआ)
मोज़रिला चीज़- 50 ग्राम
अदरक- 1 इंच टुकड़ा (बारीक कटा हुआ)
हरी मिर्च- 2 (बारीक कटी हुई)
काली मिर्च- 1/4 छोटी चम्मच या 8 से 10 (दरदरी कुटी हुई)
अमचूर- ½ छोटी चम्मच
धनिया पाउडर- 1 छोटी चम्मच
नमक- 3/4 छोटी चम्मच या स्वादानुसार
तेल- तलने के लिए

विधि -

नगेट्स बनाने के लिए आलू को छीलकर कद्दूकस करके रख लीजिए।

सूजी पकाइए
भगोने में 1.25 कप पानी, अदरक और हरी मिर्च डालकर बर्तन को ढककर पानी उबलने रख दीजिए। उबाल आने पर आंच धीमी कर दीजिए और पानी में सूजी, शिमला मिर्च डालकर मिक्स कर दीजिए। फिर, इसमें काली मिर्च, अमचूर, धनिया पाउडर और नमक डालकर मिक्स कर दीजिए। गैस बंद कर दीजिए। इसे ढककर 5 मिनिट के लिए रख दीजिए ताकि सूजी फूलकर तैयार हो जाए। सूजी के फूलने पर आलू में सूजी डाल दीजिए और साथ ही हरा धनिया भी। सारी चीजों को अच्छे से मिक्स कर लीजिए। चीज को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लीजिए।

नगेट्स बनाइए
नगेट्स बनाने के लिए पहले हाथ को थोड़े से तेल से चिकना कर लीजिए। फिर, थोड़ा सा मिश्रण लेकर गोल कीजिए। इसके अंदर चीज का टुकड़ा रखिए और इसे बंद करके नगेट को गोल और लंबा आकार दे दीजिए। सारे नगेट्स बनाकर रख लीजिए।

नगेट्स तलिए
कढ़ाही में गरम कीजिए। गरम तेल में एक नगेट डालकर देख लीजिए, यह अच्छा गोल्डन ब्राउन तलकर तैयार हो जाए, तब इसे निकालकर 3 से 4 नगेट्स तलने के लिए डालिए और इनको घुमा घुमाकर अच्छा गोल्डन ब्राउन होने तक तेज आंच पर तल लीजिए। इतने मिश्रण से 35 नगेट्स बनकर तैयार हो जाते हैं। इनको तलने में 4 से 5 मिनिट लगते हैं।

टेस्टी पोटेटो चीज नगेट्स बाल्स को हरे धनिए की चटनी, टमैटो सॉस या अपनी पसंद की किसी भी चटनी के साथ गरमागरम सर्व कीजिए।

अगर आप भी खाना बनाने के शौकीन हैं और कुछ ऐसी डिशेज बनाते हैं जिन पर आपको हर बार तारीफें मिलती हैं तो अब हम आपको अपनी इस कला के प्रदर्शन के लिए प्लैटफॉर्म देने जा रहे हैं। आप अपनी खास रेसिपीज पत्रिका डॉट कॉम के साथ शेयर कर सकते हैं। कंमेंट बॉक्स में अपनी रेसिपी हमें लिख भेजें। आप अपनी रेसिपी का वीडियो भी हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। चुनिंदा रेसिपीज को पत्रिका डॉट कॉम पर फीचर भी किया जाएगा। तो देर किस बात की, लिख भेजिए हमें अपनी स्पेशल रेसिपी।


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कूकर में ऐसे बनाएं जीरा राइस


जीरा राइस तो आमतौर पर सब ही घर में बनाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि अगर आप जीरा राइस कूकर में बनाते हैं तो यह बहुत जल्दी पक जाते हैं और इनका स्वाद भी अलग आता है। यहां पढ़ें जीरा राइस की रेसिपी -

सामग्री -

बासमती चावल - ½ कप से थोडा़ ज्यादा (125 ग्राम)
घी - 1.5-2 टेबल स्पून
नमक - ½ छोटी चम्मच या स्वादानुसार
जीरा - 1 छोटी चम्मच
दालचीनी - 1 टुकडा़
बडी़ इलायची - 1 (छील कर दाने निकाल लीजिए)
लौंग - 2
काली मिर्च - 5-6
हरा धनिया - 1 टेबल स्पून (बारीक कटा हुआ)

विधि -

चावल को साफ कीजिए और धोकर ½ घंटे के लिए पानी में भिगो दीजिए। आधा घंटे बाद चावल से अतिरिक्त पानी निकाल कर हटा दीजिए।

कुकर में घी डालकर गरम कीजिए, घी गरम होने पर जीरा डालकर हल्का सा भूनिए, साबुत मसाले- दाल चीनी, काली मिर्च, लौंग और इलायची के बीज निकाल कर डाल दीजिए और हल्का सा भून लीजिए, अब भीगे हुए चावल डाल दीजिए।

चावलों को मसाले में मिलाते हुए और चमचे से लगातार चलाते हुए भून लीजिए। अब 1 कप पानी डाल दीजिए, नमक भी डाल दीजिए और अच्छी तरह मिला दीजिए।

कुकर का ढककन लगाकर चावलों को सीटी आने से पहले तक पकने दीजिए (लगभग 2.5 मिनिट में कुकर में सीटी का प्रैशर बन जाता है) और जैसे ही प्रैशर बने गैस बंद कर दीजिए।

कुकर का प्रैशर खत्म होने पर चावलों को खोलिये और चावलों को चैक कीजिए। चावल नरम और लम्बे हो गए हैं, चावलों को अच्छी तरह चला दीजिए। चावल बन चुके हैं इन्हें प्याले में निकाल लीजिए। जीरा राइस के ऊपर हरा धनिया डालकर सजा दीजिए। खिले-खिले जीरा राइस तैयार हैं, इन्हें आप किसी भी ग्रेवी वाली सब्जी या दाल के साथ परोसिए और खाइए।

अगर आप भी खाना बनाने के शौकीन हैं और कुछ ऐसी डिशेज बनाते हैं जिन पर आपको हर बार तारीफें मिलती हैं तो अब हम आपको अपनी इस कला के प्रदर्शन के लिए प्लैटफॉर्म देने जा रहे हैं। आप अपनी खास रेसिपीज पत्रिका डॉट कॉम के साथ शेयर कर सकते हैं। कंमेंट बॉक्स में अपनी रेसिपी हमें लिख भेजें। आप अपनी रेसिपी का वीडियो भी हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। चुनिंदा रेसिपीज को पत्रिका डॉट कॉम पर फीचर भी किया जाएगा। तो देर किस बात की, लिख भेजिए हमें अपनी स्पेशल रेसिपी।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/indian-regional/jeera-rice-recipe-3436518/

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