Patrika : Leading Hindi News Portal - Religion #educratsweb
HOME | LATEST JOBS | JOBS | CONTENTS | STUDY MATERIAL | CAREER | NEWS | BOOK | VIDEO | PRACTICE SET REGISTER | LOGIN | CONTACT US

Patrika : Leading Hindi News Portal - Religion

http://api.patrika.com/rss/religion-news 👁 1282

गुरु का राशि परिवर्तन: इन 3 राशि वालों के लिए विवाह रहेगा वर्जित, जानिये सभी राशियों पर इसका असर


देवगुरु बृहस्पति 29 मार्च, शुक्रवार को राशि परिवर्तन करेंगे। नवग्रहों में गुरु का गोचर सभी राशियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। गोचर के दौरान गुरु अपनी राशि में एक साल के बाद प्रवेश करते हैं। गुरु, धनु व मीन राशि के स्वामी ग्रह हैं। गुरु ग्रह की स्थिति स्त्री जातकों की पत्रिका में बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। पंडित रमाकांत मिश्रा बताते हैं की ज्योतिष में स्त्री की कुंडली में पति का नैसर्गिक कारक गुरु को माना जाता है। जिन स्त्रियों की कुंडली में गुरु की स्थिति सही नहीं होती या गुरु अस्त, वक्री, निर्बल स्थित में होता है तो उसे पतिसुख नहीं मिल पाता। वहीं 29 मार्च को देव गुरु धनु राशि में प्रवेश करने जा रहे है। इस गोचर के कारण जिन स्त्री जातकों की राशि से गुरु अपूज्य स्थान गोचर करेंगे, उन स्त्री जातकों का विवाह 1 साल तक के लिए वर्जित रहेगा। इसके साथ ही जिन स्त्री जातकों की राशि से गुरु पूज्य स्थान में गोचर करेंगे, उनका विवाह गुरु शांति अनुष्ठान यानी पीली पूजा संपन्न करने के बाद किया जा सकता है।

29 मार्च 2019 को गुरु का गोचर इन राशियों की स्त्री जातकों के विवाह में उत्पन्न करेगा बाधा

1. अपूज्य- वृषभ, कन्या, मकर, (विवाह वर्जित)
2. पूज्य- धनु, तुला, कर्क, मीन (गुरु की शांति के उपरांत विवाह)

 

guru grah

मेष राशि
मेष राशि वालों के नवम भाव में गुरु का परिवर्तन शुभ फल प्रदान करेगा। भूमि, वाहन आदि सुखों की प्राप्ति होगी। केसर का तिलक बृहस्पतिवार के दिन माथे पर लगाएं। वैभव में वृद्धि एवं अविवाहितों के विवाह का योग बनेंगे।

वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के अष्टम भाव में गुरु का परिवर्तन स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां दे सकता है। भूमि-भवन से जुड़ी योजनाओं में बाधाएं उत्पन्न हो सकती है। वहीं व्यर्थ की चिंता बढ़ा सकती हैं। कार्य-व्यवहार में विशेष सावधानी बरतें।

मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के सप्तम भाव में गुरु का परिवर्तन शुभ फलदायक है। दांपत्य जीवन में शुभता आएगी। प्रभावशाली व्यक्तियों से संपर्क और लाभ प्राप्त होगा। विवाह योग्य युवक-युवतियों का विवाह संपन्न होगा।

कर्क राशि
कर्क राशि वालों के षष्ठम भाव में गुरु का परिवर्तन शत्रु भय, ऋण-रोग, आय से अधिक व्यय की परिस्थितियां पैदा करेगा। किसी से वाद-विवाद न करें। केले के पेड़ को जल चढ़ाएं।

सिंह राशि
सिंह राशि वालों के पंचम भाव में गुरु का परिवर्तन भाग्योदय का कारक है। विद्यार्थियों के लिए परीक्षा परिणाम मनोनुकूल रहेगा। इससे सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यापारियों के धन लाभ में बढ़ोतरी, समस्याओं का अंत होगा।

कन्या राशि
कन्या राशि वालों के चतुर्थ भाव में गुरु का परिवर्तन माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर परेशानी बढ़ा सकता है। इस दौरान आपको मानसिक अशांत एवं तनाव हो सकता है। वाहन धीमी गति से चलाऐं, निवेश आदि सोच-समझकर सावधानीपूर्वक करें।

तुला राशि
तुला राशि वालों के तृतीय भाव में गुरु का परिवर्तन मिश्रित फल प्रदान करेंगे। इस दौरान आपको बहुत ही कठिनाई से धन प्राप्त होगा। पराक्रम में वृद्धि लेकिन आकस्मिक खर्च, ट्रांसफर, व शारीरिक कष्ट हो सकता है।

वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के द्वितीय भाव में गुरु का परिवर्तन धनलाभ के योग बनाता है। स्थायी संपत्ति में वृद्धि, पुत्र सुख एवं यश प्राप्त होगा। मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

धनु राशि
धनु राशि वालों के प्रथम भाव में गुरु का परिवर्तन पहले से चली आ रही समस्याओं का निदान करेगा। हालांकि अज्ञात भय, ट्रांसफर, मानसिक उलझनें एवं संघर्षों के बाद धन लाभ एवं कार्य में प्रगति प्राप्त होगी।

मकर राशि
मकर राशि वालों के द्वादश भाव में गुरु का परिवर्तन ट्रांसफर, मनोरंजन कार्यों में धन का व्यय, निरंतर मानसिक अशांति एवं आंतरिक भय से मुक्ति पाने के लिए गुरुवार का व्रत करें व केले के वृक्ष के नीचे सायंकाल घी का दीपक प्रज्जवलित करें।

कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के एकादश भाव में गुरु का परिवर्तन भाग्योदय कारक है। मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ेगी। प्रमोशन, धन लाभ, अविवाहितों का विवाह संपन्न होगा।

मीन राशि
मीन राशि वालों के दशम भाव में गुरु का राशि परिवर्तन सामान्य फलदायी है। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन, नौकरीपेशा वालों को उच्चाधिकारियों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/guru-ka-rashi-parivartan-2019-know-effects-on-rashi-4332482/

इन 10 बातों का हमेशा रखें ध्यान, जीवन में बनी रहेगी सुख-शांति और समृद्धि


जीवन में समस्या तो बहुत ही आम बात है। आज के समय भागदौड़ भरे इस जीवन में कोई भी व्यक्ति सुखी नहीं है। किसी को धन संबंधी समस्याएं हैं तो किसी को अन्य समस्या। इन समस्याओं के उपाय हम पूरी दुनिया में ढ़ूंढते हैं लेकिन सच तो यह है की जबतक व्यक्ति खुद में बदलाव नहीं करता तब तक उसे समस्याएं घेरे रहती है। हमारे धर्म में ऐेसे कई नियम हैं जिनका पालन कर लेने मात्र से ही व्यक्ति की आधी समस्याएं हल हो सकती है। लेकिन बहुत से लोग इन धर्म के नियमों का पालन नहीं करते हैं, इसलिए उनके जीवन में दुख, असफलता और काफी सारी उथल पुथल मची रहती है। यदि आपके जीवन में भी दुख मुसीबतें हैं तो आप भी कुछ नियमों का पालन कर जीवन में आने वाले सभी दुखों से मुक्ति पाकर सफल बन सकते हैं। आइए जानते हैं वो 10 बातें जिनसे आप दुख मुक्त और सुखी जीवन जी सकते हैं.....

 

10 facts of life

इन 10 नियमों का पालन करें...

1. ईश्वर को हमेशा सर्वोपरि मानें और एकनिष्ठ बने रहें।

2. व्यक्ति को रोज़ मंदिर जाना चाहिए।

3. प्रतिदिन संध्या वंदन करें, सकारात्मकता बनी रहती है।

4. इस दस तरह के पापों से बचकर रहें।

(दूसरों का धन हड़पना, निषिद्ध कर्म, देह को सबकुछ मानना, कठोर वचन, झूठ बोलना, निंदा करना, बकवास करना, चोरी करना, दूसरों को दुख देना, पराए स्त्री-पुरुष से संबंध)।

5. वेद को साक्षी मानें और जब भी समय मिले गीता पाठ करें।

6. सात्विक जीवन का अनुसरण करें, आश्रमों के अनुसार जीवन को ढालें।

7. हर हिंदू के पांच नित्य कर्तव्यों को जानकर उसका पालन करें।

8. सभी को समान समझें और छुआछूत का भाव ना रखें।

9. हिंदुओं के 16 संस्कारों का पालन करें।

10. संयुक्त परिवार का हमेशा पालन करें।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/10-impotant-things-for-every-person-to-get-successful-life-4314236/

धन के देवता को ऐसे करें प्रसन्न, घर में कभी नहीं आएगी धन की कमी, हमेशा भरी रहेगी जेब


कुबेर को रावण के सौतेले भाई माना जाता है, लेकिन शास्त्रों में धन के देवता कुबेर को भगवान शिव का द्वारपाल भी बताया गया है। कुबेर जी को अपने ब्राह्मण गुणों के कारण देवता बनाया गया है। इसलिए उनकी पूजा की जाती है। धन लाभ के लिए लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है किंतु लक्ष्मी की पूजा के साथ-साथ कुबेर जी की पूजा से अत्यधिक लाभ प्राप्त होता है। पंडित रमाकांत मिश्रा बताते हैं की सिर्फ लक्ष्मी जी की पूजा मात्र से धन लाभ नहीं होता है। व्यक्ति को धन के देवता कुबेर को भी प्रसन्न करना होता है। धन के देवता कुबेर सच्चे मन से की गई प्रार्थना को जरुर ही स्वीकार कर धन वृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। तो आइए जानते हैं कुबेर जी को कैसे प्रसन्न किया जा सकता है, क्या है उपाय.....

 

kuber pooja and upay

घर में उत्तर-पूर्व दिशा में एक साफ़ जगह को गो मूत्र या गंगाजल से साफ कर लें। इसके बाद एक साफ़ लकडी का पाटा उस स्थान पर रख लीजिए। फिर एक चमेली के तेल की शीशी, 50 सफ़ेद मोमबत्ती और 50 हरी मोमबत्ती लें, इसके बाद पाटे को साफ़ कर उसपे एक हरी मोमबत्ती और एक सफ़ेद मोमबत्ती को चमेली के तेल में डुबोकर पाटे पर रख दें, दोनों को एक माचिस की तीली जलाकर एक दूसरे से 9 इंच की दूरी पर पाटे पर चिपका दें। ध्यान रहे पाटे पर बाईं तरफ़ हरी मोमबत्ती और दाहिनी तरफ़ सफ़ेद मोमबत्ती रखें और पहले हरी मोमबत्ती को जलाएं उसके बाद सफ़ेद मोमबत्ती को जलाएं...

 

kuber pooja and upay

दोनों मोमबत्तियों को देखकर मन में प्रार्थना करें, 'हे धन के देवता कुबेर, मुझे धन की अमुक (जिस काम के लिए धन की जरूरत हो उसका नाम) काम के लिए जरूरत है, मुझे ईमानदारी से धन को प्राप्त करने में सहायता करें। प्रार्थना करने के बाद मोमबत्ती को जलता हुआ छोड़ कर अपने काम में लग जाइए।

दूसरे दिन अगर मोमबत्ती पूरी जल गई है, तो उस जले हुये मोम को वहीं पर लगा रहने दें और नहीं जली है तो वैसी ही रहने दें। दूसरी मोमबत्तियों को पहले दिन की तरह से ले लीजिए और पहले जली हुई मोमबत्तियों से एक दूसरी के नजदीक लगाकर जलाकर पहले दिन की तरह से वही प्रार्थना करें। जितनी ही मोमबत्तियां पास आती जाएंगी। धन आने का साधन बनता चला जाएगा। ऐसा 50 दिनों तक एक निश्चित समय पर करें। धन आने के योग बन जाएंगे।

जब धन प्राप्त हो जाए तो पास के किसी धार्मिक स्थान पर या पास की किसी बहती नदी में उस मोमबत्तियों के पिघले मोम को ले जाकर बहा दें। ध्यान रखें की इस प्रकार से प्राप्त धन को किसी प्रकार के गलत काम में मत प्रयोग करिए, वरना नुकसान हो सकता है।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/totka-for-money-in-hindi-kuber-ko-prasanna-karne-ke-upay-4184316/

शुक्र का मकर राशि में प्रवेश, इन राशियों के लिए रहेगा भारी, तो अन्य राशियों पर बरसेगा धन


शुक्र का जातक की कुंडली में कमजोर या मजबूत होना बहुत मायने रखता है। क्योंकि शुक्र को चमकता सितारा कहा जाता है और जिस प्रकार शुक्र चमकता है वह यदि जातक की कुंडली में शुभ होतो वह जातक का व्यक्तित्व भी चमकदार बना देता है। व्यक्ति अपने जीवन में एक नई पहचान बनता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र का राशि परिवर्तन हर राशि के व्यक्ति के लिए बहुत ही अहम भूमिका रखता है। वहीं रविवार, 24 फरवरी 2019 से शुक्र राशि परिवर्तन कर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। आइए जानते हैं कि शुक्र का मकर राशि में प्रवेश सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव डालेगा...

 

shukra rashi parivartan

मेष राशि: शुक्र के गोचर से आपको शारीरिक कष्ट हो सकता है। व्यर्थ धनहानि होगी जिसके चलते मानसिक चिंता बनी रहेगी। इस गोचर के दौरान आपको कार्यक्षेत्र में कई रुकावटों का भी सामना करना पड़ सकता है। जीवनसाथी से मतभेद हो सकते हैं।

वृषभ राशि: शुक्र के गोचर से आपको धन संबंधि लाभ होगा इसके साथ ही मान-प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी। इस दौरान आपको हर कार्य में सफलता के साथ लाभ प्राप्त होगा। आपका स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। भाग्य का साथ प्राप्त होगा। धन की प्राप्ति होगी। प्रेम संबंध सफल होंगे।

मिथुन राशि: शुक्र के गोचर से आपको संपत्ति व वाहन सुख प्राप्त होगा। आर्थिक लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। सगे-संबंधियों से आपको भरपुर लाभ प्राप्त होगा। इस दौरान आपके पास धन के नए स्त्रोत प्राप्त होंगे।

कर्क राशि: शुक्र के गोचर से आपकी प्रतिष्ठा पर सवाल उठ सकते हैं। मूत्र संबंधी विकारों के कारण कष्ट होगा। व्यर्थ प्रवास व यात्राएं होंगी। जीवनसाथी से विवाद होगा। स्त्री जाति के कारण अपमानित होने की संभावना है। धनहानि होगी।

सिंह राशि: शुक्र के गोचर से आपके शत्रुओं में वृद्धि होगी वहीं उनके द्वारा आपको परेशानी हो सकती है। कार्यक्षेत्र में विघ्न और साझेदारी से हानि होगी। जीवनसाथी से मतभेद होंगे। दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका है।

कन्या राशि: शुक्र के गोचर के दौरान आपको धन प्राप्ति होगी। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। वहीं शत्रु हार मानेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त होगी। प्रेम संबंध सफल होंगे। शत्रु परास्त होंगे। अविवाहितों का विवाह होगा।

तुला राशि: इस गोचर के दौरान आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होगी। वहीं आर्थिक लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। भोग-विलास की सामग्री प्राप्त होगी। संपत्ति प्राप्ति के योग बनेंगे। वाहन सुख प्राप्त होगा। मन प्रसन्न व आनंदित रहेगा।

वृश्चिक राशि: इस गोचर के दौरान आपको हर कार्य में सफलता प्राप्त होगी। वहीं धनलाभ होगा। अधीनस्थों का सहयोग प्राप्त होगा। भाग्योदय होगा। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। प्रेम संबंध सफल होंगे। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।

धनु राशि: शुक्र के गोचर से आपको धनलाभ होगा। विद्यार्थी वर्ग को परीक्षाओं में सफलता प्राप्त होगी। विद्याध्ययन में रुचि बढ़ेगी। शत्रु पराभव होगा। स्त्री सुख प्राप्त होगा। नवीन वस्त्राभूषणों की प्राप्ति होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। संतान प्राप्ति का योग बनेगा।

मकर राशि: शुक्र के गोचर से आपको व्यापार में लाभ होगा। प्रत्येक कार्य में लाभ होगा। अविवाहितों का विवाह होगा। घर में संतान का जन्म होगा। व्यापार में लाभ होगा। विद्यार्थी वर्ग का विद्याध्ययन में मन लगेगा। स्त्री जाति से लाभ होगा।

कुंभ राशि: शुक्र के गोचर से आपको मित्रों से लाभ होगा। भोग-विलास की सामग्री प्राप्त होगी। संबंधियों से लाभ होगा। आर्थिक उन्नति होगी। भोग-विलास के संसाधनों की प्राप्ति होगी। उत्तम शैया सुख प्राप्त होगा। धनलाभ होगा।

मीन राशि: शुक्र के गोचर से आपको संपत्ति प्राप्ति के योग बनेंगे। वाहन सुख प्राप्त होगा। धनलाभ होगा। कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। प्रेम संबंध सफल होंगे। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/shukra-rashi-parivartan-in-makar-rashi-know-its-effects-on-12-rashi-4182784/

यदि आपके घर में दिखे ये चीजें तो समझो किसी की अचानक होने वाली है मौत


दुनिया में आए हर व्यक्ति के अच्छे व बुरे दिन दोनों आते हैं। कभी व्यक्ति बहुत ही प्रसन्न होता है , तो कभी बहुत ही दुखी। सभी भाव उसकी परिस्थ्तियों के अनुसार होते हैं। कुछ दुख इस तरह होते हैं जो की कुछ पलों या कुछ दिनों के लिए होते हैं। लेकिन दुख ऐसा भी होता है जो की इंसान को जिंदगी भर के लिए मिल जाता है, जैसे अचानक किसी व्यक्ति की मौत हो जाना। दुनिया का हर दुख व्यक्ति सहन कर सकता है किंतु किसी व्यक्ति का जिन्दगी से चले जाने से उसका दुख हमेशा बना रहता है।

bad signs

लेकिन शायद आप ये नहीं जानते के वयक्ति की जिंदगी में कोई भी बड़ा दुख अचानक नहीं आता, इससे पूर्व उसे संकेत मिलते रहते हैं और शायद व समझ नहीं पाता है। जी हां, ज्योतिषशास्त्र के अनुसार व्यक्ति जीवन में घटित हो रही घटनाओं से यह जाना जा सकता है की उसके जीवन में कुछ अच्छा होने वाला है या बुरा होने वाला है। ज्योतिषशास्त्र में शुभ और अशुभ संकेतों का वर्णन किया गया है, जोकी आने वाली विपत्तियों की ओर इशारा करती है। पंडित रमाकांत मिश्रा बताते हैं की जीवन में जब जो होना है वह होकर ही रहेगा उसे कोई भी नहीं बदल सकता है। इस बात का जिक्र रामायण में भी किया गया है। उसमें बताया गया है कि अयोध्या के राजा दशरथ को ज्ञात था कि उनकी मृत्यु पुत्र वियोग में होगी। आज पंडित जी आपको कुछ ऐसे संकेत के बारे में बताने जा रहे है जो आपको जीवन में बुरा समय आने के संकेत देते है। जानिए क्या है वे संकेत...

badsigns

1. बार-बार घर में सोने-चांदी के जेवरों का खोना शुभ नहीं होता। जेवरों का इस तरह से खोना आपको आने वाले समय में धन हानि और सेहत खराब होने का संकेत देती है।

2. घर में मधुमक्खी का छत्ता बनाना बिलकुल भी शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है की यदि मधुमक्खी बार-बार घर में छत्ता बनाए तो समझ लें की घर का कोई बुजुर्ग बीमार पड़ने वाला है।

3. सामान्यतः सभी घरों में छिपकलियां होती है, लेकिन जब अचानक छिपकलियों का ढेरा बन जाता हैं। यानि कई छिपकलियां रहने लगती है, तो उसे शुभ नहीं माना जाता है और यह धन की कमी की ओर ईशारा करती है।

4. घर के किचन में बिना वजह दूध का फटना इस बात का संकेत है कि आपके घर में कोई बड़ा क्लेश होने वाला है या फिर जल्द ही कोई बड़ी बीमारी आने की आशंका है।

5. अगर रात को कोई कुत्ता रोता है और आपको उसके रोने की आवाज आती है, तो समझ लें आपकी गली या मोहल्ले में किसी की अचानक मृत्यु होने वाली है। शास्त्रों के अनुसार कुत्ते को यमराज दिखाई देते हैं और होने वाली अनहोनी का पूर्वाभास हो जाता है। इसलिए वह रोना शुरु कर देता है।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/these-signs-that-indicates-your-bad-time-comes-near-4177950/

शनिवार को नहाते समय पानी में डाल लें ये एक चीज़, हो जाएंगे वारे-न्यारे


शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन आपको शनिदेव का पूजन करना चाहिए। शनिदेव को नौग्रहों में न्याय के देवता कहा जाता है। शनिदेव अपने गुस्से के लिए जाने जाते हैं और ज्योतिष के अनुसार कहा जाता है की शनिदेव जब भी किसी जातक की कुंडली में गलत भाव में बैठते हैं तो व्यक्ति को बहुत सी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं कठिनाईयों को कम करने के लिए हर पीड़ित व्यक्ति शनिदेव से जुड़े उपायों को करता है। इन उपायों को करने से शनिदेव प्रसन्न होकर आप पर कृपा दृष्टि बरसाएंगे और आपके जीवन से दुःख, कलेश, असफलता आदि को दूर करेंगे और अपनी कृपा आप पर बरसाएंगे। आइए जानते हैं उन उपायों के बारे में....

shanivaar upay in hindi

शनिवार के दिन किसी गरीब को एक जोड़ी काली चप्पल दान करें। इससे शनि दोष खत्म हो जाएगा और नकारात्मक प्रभाव भी खत्म होगा।

शनिवार के दिन अपनी लंबाई के बराबर एक काला धागा काट लें और उसे एक पानी वाले नारियल पर लपेटकर नदी में प्रवाहित कर दें। ऐसा करने से आपकी सभी समस्याएं जल्द ही दूर हो जाएगी।

शनि के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए एक काले कपड़े में भीगे हुए काले चने और कोयले का टुकड़ा बांधकर किसी नदी में बहा दें। ऐसा करने से शनि का प्रकोप कम होगा।

जिन लोगों पर शनि की महादशा चल रही है वे लोग इससे छुटकारा पाने के लिए आज के दिन अपनी मध्यमा अंगुली में काले घोड़े के नाल का बना छल्ला पहनना चाहिए। इसे पहनने से पहले इसे शुक्रवार की रात को गंगाजल एवं दूध में डूबोकर रखें।

मुसीबतों से छुटकारा पाने के लिए पीपल के पेड़ के चारों ओर कच्चा सूत लपेटें। सात बार यह क्रिया करने से शनि की टेढ़ी नजर से निजात मिलता है।

अगर आपके काम में रुकावटें आ रही हो तो आप शनिवार के दिन काले कुत्ते को काले तिल के बने सात लड्डू खिलाएं। इससे शनि देव प्रसन्न होंगे।

शनि के लिए तेल का दान करें। इसके लिए एक कटोरी में तेल लें और तेल में अपना चेहरा देखें। ऊँ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करें। इसके बाद तेल का दान करें। ये उपाय हर शनिवार को करना चाहिए।

जो लोग मकान का सुख लेना चाहते हैं उन्हें शनिवार के दिन, भो शनिदेवः चन्दनं दिव्यं गन्धादय सुमनोहरम् | विलेपन छायात्मजः चन्दनं प्रति गृहयन्ताम् | मंत्र का जाप करते हुए शनि देव को चंदन अर्पित करें।

शनिवार को नहाते समय पानी में थोड़े से काले तिल डाल लेना चाहिए। इस उपाय से बुरी नजर और शनि के दोष दूर हो सकते हैं।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/shaniavar-ko-shanidev-ke-achuk-upay-in-hindi-4174879/

तुलसी का पत्ता तोड़ते समय याद रखें ये बात, वरना शुभ फल की जगह मिल सकता है श्राप


हिंदू मान्यताओं के अनुसार तुलसी को बहुत ही पवित्र पौधा माना जाता है, इसके साथ ही तुलसी का पौधा लगभग हर घर में होता है। घरों में तुलसी के पौधे की पूजा की जाती है। तुलसी की पूजा भी की जाती है। विशेष रूप से जहां भगवान विष्णु की पूजा की जाती है, वहां पर तुलसी की पूजा भी होती है। ये सिर्फ पूजा के लिए ही नहीं बल्कि तुलसी एक एंटीबायोटिक के रुप में भी उपयोग की जाती है। माना जाता है की जो व्यक्ति रोज़ तुलसी का सेवन करते हैं, उसका स्वास्थ्य भी हमेशा अच्छा रहता है। तुलसी को भगवान के भोग के लिए भी उपयोग में लिया जाता है। लेकिन तुलसी जितनी फायदेमंद है उतनी ही खतरनाक भी साबित हो सकती है। कैसे आइए जानते हैं....

tulsi plant

धर्म ग्रंथों में कहा गया है की भगवान के भोग में तुलसी के पत्ते का होना अतिआवश्यक होता है। विष्णु जी को तुलसी के पत्ते के बिना भोग नहीं लगाया जाता है। वहीं दूसरी तरफ तुलसी का पौधा स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। लेकिन शास्त्रों के अनुसार बिना मंत्र बोले तुलसी के पत्ते तोड़ने से आपको श्राप मिल सकता है। माना जाता है की तुलसी पर बिना मंत्र बोले जल अर्पित नहीं करना चाहिए और न ही बिना मंत्र बोले तुलसी के पत्ते तोड़ने चाहिए, क्योंकि अगर कोई बिना मंत्रों का जाप किए तुलसी पर जल अर्पित करता है और पत्ते तोड़ता है तो उसे उस शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है जो मंत्र जाप के पश्चात होती है। शास्त्रों में कुछ मंत्र बताए गए है जोकी तुलसी पर जल अर्पित करते समय या तुलसी के पत्ते तोड़ते समय बोल दें, इससे सुख-समृद्धि और धन-संपदा व तुलसी मैय्या का आशीर्वाद बना रहता है....

tulsi plant

तुलसी के पत्ते तोड़ने से पहले तीन इस मंत्र को बोल दें

ॐ मातस्तुलसि गोविन्द हृदयानन्द कारिणी,
नारायणस्य पूजार्थं चिनोमि त्वां नमोस्तुते ।।

तुलसी पर जल चढ़ाते समय करें इस मंत्र का जाप

महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी,
आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते।।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/tulsi-plant-and-its-benefits-in-scientific-and-dharmik-reasons-4167983/

माघ पूर्णिमा के दिन स्वयं भगवान विष्णु आते हैं गंगा नदी में स्नान करने, पढ़े पौराणिक कथा


हिन्दू मान्यताओं के अनुसार पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। पूर्णिमा का दिन चन्द्रमा को सबसे प्रिय दिन होता है, इस दिन पूर्ण चंद्रमा आसमान में दिखाई देता है। हिंदू धर्म में पूर्णिमा के दिन स्नान-दान का दिन होता है। कहा जाता है की इस दिन नदी में स्नान कर दान करने से कई गुना फल मिलता है। इस दिन पूजा-पाठ करना और ब्रह्मण को भोजन भी कराया जाता है। बैशाख, कार्तिक और माघ की पूर्णिमा को तीर्थ स्नान और दान पुण्य दोनों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इस दिन पितरों का तर्पण करना भी शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार माघ मास की पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु स्वयं गंगा में स्नान करने आते हैं, इसलिए इस पूर्णिमा का अधिक महत्व माना जाता है। पंडित रमाकांत मिश्रा बताते हैं की इस दिन स्नान करके पूजा-पाठ के बाद पूर्णिमा की कथा भी पढ़नी चाहिए। आइए जानते हैं पूर्णिमा व्रत की पौराणिक कथा....

magh  <a href=Purnima 2019" src="https://new-img.patrika.com/upload/2019/02/18/magh_purnima02_4154155-m.jpg">

माघ पूर्णिमा व्रत कथा

पौराणिक कथा के मुताबिक नर्मदा नदी के तट पर शुभव्रत नामक विद्वान ब्राह्मण रहते थे, लेकिन वे काफी लालची थे। इनका लक्ष्य किसी भी तरह धन कमाना था और ऐसा करते-करते ये समय से पूर्व ही वृद्ध दिखने लगे और कई बीमारियों की चपेट में आ गए। इस बीच उन्हें अंर्तज्ञान हुआ कि उन्होंने पूरा जीवन तो धन कमाने में बीता दिया, अब जीवन का उद्धार कैसे होगा। इसी क्रम में उन्हें माघ माह में स्नान का महत्व बताने वाला एक श्लोक याद अाया। इसके बाद स्नान का संकल्प लेकर ब्राह्मण नर्मदा नदी में स्थान करने लगे। करीब 9 दिनों तक स्नान के बाद उऩकी तबियत ज्यादा खराब हो गई और मृत्यु का समय आ गया। वे सोच रहे थे कि जीवन में कोई सत्कार्य न करने के कारण उन्हें नरक का दुख भोगना होगा, लेकिन माघ मास में स्नान के कारण उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/magh-purnima-2019-know-its-date-importance-and-katha-4154155/

राहु का राशि परिवर्तन, इन राशि वालों के जीवन में होने वाला है बवाल


ज्योतिषशास्त्र में राहु और केतु को क्रूर ग्रह माना गया है। माना जाता है की राहु-केतु की काली छाया जब भी किसी व्यक्ति पर पड़ती है तो वह व्यक्ति अपनी जिंदगी में बुद्धिबल से कोई निर्णय नहीं ले पाता, उसकी बुद्धि भ्रष्ट व अस्थिर होती है। पंडित रमाकांत मिश्रा बताते हैं की राहु को शनि का ख़ास मित्र माना जाता है, इसलिए जैसे शनि के कुप्रभाव से व्यक्ति का नाश हो जाता है और शुभ दृष्टि से व्यक्ति को जमीन से आसमान तक पहुंचा देता है उसी प्रकार जब राहु की किसी भी जातक पर शुभ दृष्टि पड़ती है, तो इंसान अचानक भिखारी से राजा भी बन सकता है। वहीं राहु की कुदृष्टि होने से कई तरह की मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। ज्योतिषशास्त्र में राहु-केतु को हमारे जीवन के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव का मुख्य जिम्मेदार माना गया है। 7 मार्च 2019 की रात्रि में राहु का कर्क से मिथुन राशि में गोचर लगभग 2:48 बजे होगा और 23 सितंबर 2020 तक राहु मिथुन राशि में ही स्थित रहेगा।

 

rahu rashi parivartan

मेष राशि
आपकी राशि से राहु तीसरे भाव में गोचर करेगा। यह गोचर आपके लिए शुभ रहेगा। इस दौरान आपको नौकरी में सफलता मिलेगी। कार्यक्षेत्र में प्रमोशन और आर्थिक लाभ मिलने के योग हैं। लंबी यात्रा की योजना को टाल दें, छोटी यात्रा आपके लिए लाभदायक रहेगी। दोस्तों से पूरी मदद मिलेगी।

वृषभ राशि
आपकी राशि से राहु दूसरे भाव में गोचर करेगा। यह गोचर आपके लिए कष्टदायक हो सकता है। आपकी आर्थिक व्यवस्था गड़बड़ा सकती है। अपनी वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखें, अन्यथा किसी गलतफहमी के कारण घर का माहौल बिगड़ सकता है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, क्योंकि लापरवाही से शारीरिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।

मिथुन राशि
आपकी राशि से राहु लग्न भाव में स्थित होगा। इस भाव में राहु का स्थित होना अनुकूल नहीं माना जाता। ऐसे में आपको सावधानी बरतने और संभलकर चलने की जरुरत होगी। अपने स्वास्थ्य को लेकर भी सावधानी बरतें, क्योंकि लापरवाही से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

कर्क राशि
आपकी राशि से राहु बारहवें भाव में गोचर करेगा। यह खर्च का भाव होने के लिए इस अवधि में आपके ख़र्चों में काफी वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और कार्य में किसी प्रकार की रुकावट आ सकती है या उच्चाधिकारियों के साथ रिश्ते बिगड़ सकते हैं। इससे मानसिक तनाव हो सकता है, हालांकि इससे बिना घबराए अपना काम समय पर करते रहें।

सिंह राशि
आपकी राशि से राहु ग्यारवें भाव में गोचर करेगा। जोकी आपके लिए शुभकारी होगा और इसके सुखद परिणाम देखने को मिलेंगे। कार्य में सफलता और विभिन्न क्षेत्रों से लाभ प्राप्त होंगे। विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्य क्षेत्र में अपने वरीय अधिकारियों से रिश्ते बेहतर बनाना लाभकारी रहेगा।

कन्या राशि
आपकी राशि से राहु दसवें भाव में गोचर करेगा। आर्थिक क्षेत्र में फायदा जरुर होगा। विभिन्न स्रोतों से आय होगी और धन की बचत भी होगी। लक्ष्य को जल्द हासिल करने के लिए रास्ता न अपनाएं, नुकसान हो सकता है। कामकाजी लोगों की व्यस्तता बनी रहेगी और इसका असर व्यक्तिगत जीवन पर भी पड़ेगा।

तुला राशि
आपकी राशि से राहु नौवें भाव में गोचर करेगा। इस दौरान आपको भाग्य का साथ नहीं मिलेगा और परिणाम भी आशानुकूल नहीं होगा। पैसों की लेनदेन में सावधानी बरतें, अन्यथा हानि हो सकती है। किसी लंबी दूरी की यात्रा पर भी जा सकते हैं।

वृश्चिक राशि
आपकी राशि से राहु आठवें भाव में प्रवेश कर रहा है, जो आपके लिए अनुकूल नहीं है। अपनी सेहत का ध्यान रखें। आर्थिक क्षेत्र प्रभावित हो सकता है। इस अवधि में आपकी आय में कमी हो सकती है। ऐसे में सोच-समझकर ख़र्च करना उचित होगा। इसका असर स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है, इस कारण तनाव से दूर रहने का प्रयास करें।

धनु राशि
आपकी राशि से राहु सातवें भाव में गोचर कर रहा है, जो वैवाहिक जीवन में परेशनियां उत्पन्न कर सकता है। राहु का प्रतिकूल प्रभाव कार्यक्षेत्र पर भी पड़ेगा। इससे बचें और कार्य क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर करने का प्रयास करें। पैतृक संपत्ति संबंधी विवाद भी उभर सकता है।

मकर राशि
आपकी राशि से राहु छठे भाव में गोचर करेगा, जोकी आपके लिए अच्छा रहेगा। इस अवधि में आपको शुभ परिणाम मिलेंगे और इससे जीवन में खुशियां आएंगी। कॅरियर में सफलता मिलेगी। नौकरी में प्रमोशन और आय में बढ़ोत्तरी की भी संभावना है। विद्यार्थियों के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा।

कुंभ राशि
आपकी राशि से राहु पांचवें भाव में गोचर करेगा, आपके लिए ज्यादा अनुकूल नहीं है। इस दौरान आपको आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पैसों का लेनदेन और निवेश काफी सोच-समझकर करें। इस परिस्थिति से बचने के लिए अपने पार्टनर की भावनाओं को समझें और उन्हें पूरा समय दें।

मीन राशि
आपकी राशि से राहु चौथे भाव में गोचर करेगा, आपके लिए कष्टदायक हो सकता है। इसका असर पारिवारिक जीवन पर पड़ सकता है। माता का स्वास्थ्य कमजोर हो सकता है। उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में भी परेशानी होगी और व्यस्तता के कारण निजी जीवन में कम समय देंगे।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/rahu-ka-rashi-parivartan-2019-in-mithun-rashi-know-its-effects-4152400/

दुर्लभ संयोगों के बाद होते हैं इस फूल के दर्शन, खिलता हुआ देखने मात्र से हो जाती है मनोकामनाएं पूरी


भगवान को फूल चढ़ाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। कहा जाता है की धार्मिक कार्यो में या देवी देवताओं को पुष्प चढ़ाने से हमें आंतरिक अनुभूति कि शांति मिलती है और इससे सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रवाह होता है, घर के मंदिरों में भी देवी देवताओं को पुष्प अर्पित करना चाहिए इससे घर का वातावरण शुद्ध होता है मन शांत और प्रफुल्लित रहता है। सभी देवी-देवताओं को अलग-अलग फूल पसंद होते हैं। माता लक्ष्मी को कमल का फूल बेहत पसंद है। लक्ष्मी जी का आसन भी कमल का ही फूल है और माता लक्ष्मी कमल के फूल पर विराजमान रहती है। इसलिए लक्ष्मी जी की पूजा में लाल कमल के फूल अर्पित किए जाते हैं जिससे व प्रसन्न होती है और हमेशा धनवान रहने का आशीर्वाद देती है।

white lotus

इसके अलावा सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी भी कमल के आसन पर विराजमान रहते हैं। लेकिन ब्रह्मा जी सफेद कमल के आसन पर बैठते हैं। ब्रह्मा जी को सफेद कमल बहुत प्रिय होता है। कहा जाता है की सफेद कमल का फूल बहुत कम खिलता है और इसका महत्व बहुत अधिक माना जाता है क्योंकि शास्त्रों के अनुसार इस फूल को खिलता हुआ देख लेने मात्र से ही व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

 

lotus white

कहा जाता है की जिन लोगों को सफेद कमल का फूल खिलते हूए दिख जाता है वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली लोग होते हैं, पर ये बात भी सही है की इसे देखना बहुत कठिन है। क्योंकि ये हिमालय की पहाड़ियों में ही मिलता है। ब्रह्म कमल नाम से विख्यात सफेद रंग का ये फूल साल में एक बार रात के समय खिलता है और सुबह होने तक मुरझा जाता है। इसी वजह से इसे खिलता हुआ देख पाना संभव नहीं होता है। ब्रह्मकमल एकमात्र ऐसा फूल है जिसके खिलने के बाद उसकी पूजा की जाती है। माना जाता है कि दुर्लभ संयोगों के बाद ही इस फूल के दर्शन होते हैं।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/white-lotus-your-all-wishes-go-true-after-seeing-this-flower-4147953/

प्रदोष व्रत 2019: सभी रोगों से मुक्ति पाने के लिए करें प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और व्रत विधि


हिन्दू कैलेंडर के अनुसार त्रयोदशी के दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है। प्रदोष के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। इस व्रत को भगवान शिव और माता पार्वती को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस दिन श्रृद्धापूर्वक व्रत रखने से व्यक्ति को जीवन में सफलता प्राप्त होती है साथ ही साथ दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि औऱ सौभाग्य की प्राप्ति होती है। प्रदोष व्रत हर महीने में दो बार शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में आता है। इस बार शुक्ल पक्ष में 17 फरवारी 2019, रविवार को पड़ रहा है। पौराणिक मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत करने वाले साधक पर सदैव भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और रविप्रदोष व्रत रखने से व्यक्ति को निरोगी काया का आशीर्वाद प्राप्त होता है। विधि अनुसार पूजा करने से भगवान शिव से मनोवांधित फल व बेहतर परिणाम प्राप्त होते है....

pradosh vrat

प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त
17 फरवरी 2019 रविवार 18:08 से 20:43

प्रदोष व्रत विधि
त्रयोदशी के दिन साधक को सुबह उठकर स्नान-ध्यान के बाद इस व्रत का संकल्प करना चाहिए। पूरे दिन व्रत रखते हुए सायंकाल सूर्यास्त के बाद एक बार फिर स्नान करने के बाद भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन एवं साधना करना चाहिए। भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत पुत्र की कामना, कर्ज से से मुक्ति, सुख-समृद्धि-सौभाग्य और आरोग्य आदि की मनोकामनाओं के लिया जाता है।

pradosh vrat

वार के अऩुसार प्रदोष का मिलता है लाभ

1. रविवार के दिन व्रत रखने से अच्छी सेहत एवं उम्र लम्बी होती है।
2. सोमवार के दिन व्रत रखने से सभी मनोकामनाऐं पूर्ण होती है।
3. मंगलवार के दिन व्रत रखने से बीमारीयों से राहत मिलती है।
4. बुधवार के दिन प्रदोष व्रत रखने से सभी मनोकामनाऐं एवं इच्छाएं पूरी होती है।
5. बृहस्पतिवार को व्रत रखने से दुश्मनों का नाश होता है।
6. शुक्रवार को व्रत रखने से शादीशुदा जिंदगी एवं भाग्य अच्छा होता है।
7. शनिवार को व्रत रखने से संतान प्राप्त होती है।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/pradosh-vrat-2019-know-pooja-vidhi-and-muhurt-4143918/

शास्त्रों के अनुसार इन चीज़ों में होता है लक्ष्मी का वास, पूजन करने से प्रसन्न होती है देवी


देवी लक्ष्मी को धन की देवी माना गया है और धन की इच्छा सभी व्यक्तियों को होती है। हर व्यक्ति चाहता है की उसके पास धन की कभी कमी ना आए और वह दुनिया की सभी भौतिक सुख-सुविधाओं का भोग करे। लेकिन कहते हैं ना सभी की इच्छा पूरी हो यह संभव नहीं होता है। इसलिए जिन लोगों के जीवन में धन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है या फिर आर्थिक समस्याओं को झेलना पड़ता है तो उन लोगों को कुछ बाते जरुर जान लेनी चाहिए। जी हां, उन्हें माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय करना चाहिए। उपायों को करने से पहले मां लक्ष्मी की पसंद के अनुसार उपाय करना चाहिए। वहीं शास्त्रों के अनुसार शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी को समर्पित होता है। इस दिन पूरे विधि-विधान से माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय किए जाएं तो माता लक्ष्मी जल्द प्रसन्न होती हैं। इस दिन उन सभी चीजों की पूजा की जानी चाहिए जिसमें माता लक्ष्मी का वास होता है। आइए जानते हैं किन चीजों में होता है माता लक्ष्मी का वास....

 

laxmi upay

1. शास्त्रों में माना गया है की माता लक्ष्मी पीपल के पेड़ में निवास करती हैं और इसलिए शुक्रवार के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करना बहुत ही अच्छा माना गया है और इसका विशेष महत्व भी माना जाता है।

2. घर में स्थायी सुख-समृद्धि हेतु पीपल के वृक्ष की छाया में खड़े रहकर लोहे के बर्तन में जल, चीनी, घी तथा दूध मिलाकर पीपल के वृक्ष की जड़ में डालने से घर में लंबे समय तक सुख-समृद्धि रहती है और लक्ष्मी का वास होता है।

3. माता लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें और खीर का भोग लगाएं। भोग लगाने के बाद इस खीर को प्रसाद के रूप में वितरित करें।

4. मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार के दिन माता की तस्वीर या मूर्ति के सामने दीपक लगाएं और एक खास मंत्र का जप करें, इस मंत्र का जाप करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और मनोकामना पूरी करती है...ये है मंत्र

ओम श्रीं ओम और ओम ह्रीं ओम महालक्ष्मये नम:।

5. इस दिन दान देने का भी विशेष महत्व है इसलिए इस दिन जितना हो सके गरीबों को दान करें। सफेद रंग की वस्तु या खाद्य पदार्थ का दान करें तो और शुभ रहेगा।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/upay-for-money-in-chizon-me-niwas-karti-hai-maa-laxmi-4139563/

Ekadashi 2019: जया एकादशी व्रत, भूत-पिशाच योनि से मुक्ति पाने के लिए इस दिन करें व्रत


माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। जया एकादशी को अजा एकादशी भी कहा जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इस एकादशी व्रत को करने से व्यक्ति को समस्त पापों से मुक्ति तो मिलती है साथ ही व्यक्ति सभी नीच योनि जैसे भूत, प्रेत, पिशाच की योनि से मुक्त हो जाता है। इसका महत्व स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को बताया था। भगवान कृष्ण ने बताया था कि जया एकादशी बहुत ही पुण्यदायी होती है। इस साल जया एकादशी व्रत 16 फरवरी को रखा जाएगा।

jaya ekadashi vrat 2019

जया एकादशी पूजन विधि

जया एकादशी व्रत रखने के एक दिन पहले यानी दशमी तिथि को एक समय सात्विक भोजन करना चाहिए। इसके बाद एकादशी के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत होकर विष्णु जी का ध्यान कर उनकी तस्वीर या मूर्ति के सामने बैठ जाएं और धूप, दीप, चंदन, फल, तिल, एवं पंचामृत से उनकी पूजा करें। पूरे दिन व्रत रखें और संभव हो तो रात्रि में भी व्रत रखकर जागरण करें। अगर रात्रि में व्रत संभव न हो तो फलाहार कर सकते हैं। दूसरे दिन यानि द्वादशी दान पुण्य करने के बाद ही भोजन ग्रहण करें।

 

jaya ekadashi vrat 2019

जया एकादशी की व्रत कथा

प्राचीन समय में देवराज इंद्र का स्वर्ग में राज था। अन्य देवगण स्वर्ग में सुखपूर्वक रहते थे। एक समय नंदन वन में उत्सव चल रहा था और इंद्र अपनी इच्छानुसार नंदन वन में अप्सराओं के साथ विहार कर रहे थे। इस दौरान गंधर्वों में प्रसिद्ध पुष्पदंत और उसकी कन्या पुष्पवती, चित्रसेन और उसकी स्त्री मालिनी भी उपस्थित थे।

साथ ही मालिनी का पुत्र पुष्पवान और उसका पुत्र माल्यवान भी उपस्थित थे। उस समय गंधर्व गायन कर रहे थे और गंधर्व कन्याएं नृत्य प्रस्तुत कर रही थीं। सभा में माल्यवान नामक एक गंधर्व और पुष्पवती नामक गंधर्व कन्या का नृत्य चल रहा था। इसी बीच पुष्यवती की नज़र जैसे ही माल्यवान पर पड़ी वह उस पर मोहित हो गई और माल्यवान पर काम-बाण चलाने लगी।

पुष्यवती सभा की मर्यादा को भूलकर ऐसा नृत्य करने लगी कि माल्यवान उसकी ओर आकर्षित हो गया। माल्यवान गंधर्व कन्या की भाव-भंगिमा को देखकर सुध बुध खो बैठा और गायन की मर्यादा से भटक गया जिससे सुर-ताल उसका साथ छोड़ गए। इस पर इंद्रदेव को क्रोध आ गया और दोनों को श्राप दे दिया। श्राप से तत्काल दोनों पिशाच बन गए और हिमालय पर्वत पर एक वृक्ष पर दोनों का निवास बन गया। यहां पिशाच योनि में इन्हें अत्यंत कष्ट भोगना पड़ रहा था। दैव्ययोग से तभी माघ मास में शुक्ल पक्ष की जया नामक एकादशी आई माघ शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन दोनों अत्यंत दुखी थे।

उस दिन उन्होंने केवल फलाहार पर रहकर ही दिन व्यतीत किया और सायंकाल के समय महान दु:ख से पीपल के वृक्ष के नीचे बैठ गए। ठंड के कारण दोनों की मृत्यु हो गयी और अनजाने में जया एकादशी का व्रत हो जाने से दोनों को पिशाच योनि से मुक्ति भी मिल गई। अब माल्यवान और पुष्पवती पहले से भी सुन्दर हो गए और स्वर्ग लोक में उन्हें वापस स्थान मिल गया। श्रीकृष्ण ने अंत में राजा युधिष्ठिर से कहा कि इस जया एकादशी के व्रत से बुरी योनि छूट जाती है। जिस मनुष्य ने इस एकादशी का व्रत किया है उसने मानो सब यज्ञ, जप, दान आदि कर लिए।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/jaya-ekaashi-2019-vrat-katha-and-pooja-4133934/

जल्दी खत्म हो जाती है आपकी सैलरी, तो सोने से पहले जरूर करें ये उपाय


पैसा तो सभी कमाते हैं। चाहे वह नौकरी करके कमाएं या फिर खुद के व्यवसाय या व्यापार करके कमाएं, लेकिन पैसा हर व्यक्ति नहीं बचा पाता है। कुछ लोग अपनी सैलेरी आने के कुछ दिनों में ही पैसा खत्म कर देते हैं तो कुछ इसे आधा बचा लेते हैं। कई बार ऐसा भी होता है की व्यक्ति चाहकर भी पैसा नहीं बचा पाता है। वेतन आते ही सिर्फ कुछ ही दिनों में खत्म हो जाता है। ज्योतिषशास्त्र के अऩुसार इसका कारण जातक की कुंडली में कमजोर ग्रहों का होना होता है। जी हां, पंडित रमाकांत मिश्रा बताते हैं की जिन जातकों की कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर होती है, उन जातकों के पास हमेशा पैसों की कमी बनी रहती है। सूर्य की कुंडली में मजबूत स्थिति व्यक्ति को नाम, प्रसिद्धि और पैसा दिलवाती है। लेकिन इसके विपरित यह स्थिति उसे पैसों से लेकर कई जगहों पर नुकसान पहुंचाती है। लेकिन इससे बचने के लिए आपके पास कई उपाय है। तो आइए जानते हैं इस परिस्थिति से कैसे छुटकारा पाएं....

jyotish upay for salary

1. नियमित सूर्य की पूजा करनी चाहिए। सूर्य को अर्घ्य दें। तांबे के छोटे कलश में कुंकु डालकर एक रविवार से अगले रविवार तक सूर्य को चढ़ाएं इसके बाद सोमवार के दिन आदित्य ह्रदय स्तोत्र पढ़कर फिर से दूध में केसर डालकर अर्घ्य दें।

2. रात को सोने से ठीक पहले किसी ग्लास में दूध भरकर अपने सिर के पास रखें। अगले दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठें और नहाने आदि के बाद सूर्योदय के समय किसी भी बबूल के पेड़ की जड़ में यह दूध चढ़ा आएं। ऐसा करते हुए आपका मुंह सूर्य यानी की पूर्व की ओर होना चाहिए। इस उपाय से स्थिर लक्ष्मी का वरदान मिलेगा और सूर्य की मजबूत स्थिति आपकी जेब को खाली नहीं रहने देगी।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/according-to-jyotish-how-to-save-salary-for-future-4128249/

हनुमान जी की प्रतिमा के सामने करें ये उपाय, आर्थिक तंगी से मिलेगा छुटकारा


आर्थिक तंगी से परेशान व्यक्ति हर संभव प्रयास करता है। वह मेहनत से पैसा कमाने के साथ-साथ ज्योतिष व अन्य पंडितों द्वारा बताए गए उपाय करने का प्रयास करता है। लेकिन यदि आपको मेहनत करने के बाद भी व्यक्ति को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हो तो इसका एक कारण वास्तुदोष भी होता है। कभी-कभी घर में वास्तुदोष होने के कारण भी कड़ी मेहनत का उचित व सार्थक परिणाम प्राप्त नहीं होता। इसलिए घर में वास्तुदोष दूर करने के लिए उपाय किए जाएं तो व्यक्ति की सभी समस्याएं आसानी से दूर हो सकती है। आइए जानते हैं व्यक्ति किन-किन उपायों से वास्तुदोष दूर कर सकता है....

arthik samasya

1. घर में भगवान वास्तु, धन कुबेर और माता लक्ष्मी की प्रतिमा भी होनी चाहिए और नित्य इनकी पूजा की जानी चाहिए। इससे व्यक्ति को आर्थित तंगी नहीं झेलनी पड़ती है।

2. घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर लगाकर प्रतिदिन उसकी पूजा करने से भी धन संबंधि समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

3. अगर कोई व्यक्ति कर्ज के बोझ तले दबता ही जा रहा है, तो उसे चींटियों को शक्कर या आटा डालना चाहिए। ऐसा करने से कर्ज समाप्त होता है और उसे सुखी जीवन मिलता है।

4. ढाई सौ ग्राम काले तिल में सवा किलो उड़द की दार मिलाकर इसका आटा पिसवा लें। हर मंगलवार को इस आटे से एक दीपक बनाएं और उसमें सरसों के तेल का दीया जलाएं। ये दीया घर में बने पूजन घर में हनुमान जी के सामने या फिर हनुमान मंदिर जाकर उनकी मूर्ति के सामने जलाएं। हर मंगलवार को आपको दीपक की संख्‍या बढ़ाते जाना है। आपको ये उपाय 11 मंगलवार तक करना है। इस प्रकार पहले मंगलवार को एक दीपक, दूसरे मंगलवार को दो दीपक और आखिरी यानि 11वें मंगलवार को 11 दीपक हनुमान जी की मूर्ति के आगे जलाना है।

5. वास्तुशास्त्र के अनुसार मिट्टी के छोटे से घड़े में पानी भरकर उसे उत्तर दिशा में रख दें इससे घर का वास्तु सही रहता है और आमदनी के स्रोत बनने लगते हैं।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/arthik-tangi-dur-karne-ke-upay-in-hindi-4117443/

सोमवार को 11 अक्षत और इन मंत्रों का देखें चमत्कार, जरुर मिलेगा मनचाहा आशीर्वाद


सोमवार का दिन शिव जी को समर्पित दिन होता है। भोलेनाथ की भक्ति बहुत ही सरल और सहज मानी जाती है, कहा जाता है की भगवान में भोलेनाथ जी को प्रसन्न करना बहुत आसान होता है, क्योंकि वे अपने नाम के समान ही भोले होते हैं। अतः किसी भी भक्त की सच्ची श्रद्धा से चढ़ाए हुए एक लोटे जल से भी वे प्रसन्न हो जाते हैं और मनचाहा आशीर्वाद देते हैं। सोमवार के दिन कुछ चमत्कारी उपाय करने से शिव जी बहुत जल्द प्रसन्न होते हैं और मनचाहा आशीर्वाद देते हैं। पंडित रमाकांत मिश्रा जी बताते हैं की सोमवार के दिन सुबह सूर्योदय के 1 घंटे के अंदर ही स्नान करके शिवलिंग पर 11 चावन के दानें अर्पित करें, चावल अर्पित करते समय 'श्री राम' का उच्चारण करें और अपनी मनोकामनाओं का भी स्मरण करें। इस उपाय को 11 सोमवार को करने से आपकी मनोकामना निश्चित ही पूरी हो जाएगी।

somwar shiv pooja

सोमवार के दिन शिवलिंग की पूजा करें, उसके बाद कुश के आसन पर बैठ कर रुद्राक्ष की माला या मन में चमत्कारी मंत्रों का जप करें। ऐसा करने से विलक्षण सिद्धि व मनचाहा लाभ प्राप्त होगा। आइए जानते हैं वे चमत्कारी मंत्र....

ॐ अघोराय नम:

ॐ पशुपतये नम:

ॐ शर्वाय नम:

ॐ विरूपाक्षाय नम:

ॐ विश्वरूपिणे नम:

ॐ त्र्यम्बकाय नम:

ॐ कपर्दिने नम:

ॐ भैरवाय नम:

ॐ शूलपाणये नम:

ॐ ईशानाय नम:

ॐ महेश्वराय नम:


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/somvar-ke-chamatkari-upay-in-hindi-4116747/

सभी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए गुप्त नवरात्रि में कर लें बस ये एक उपाय, कष्टों से मिलेगी मुक्ति


नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा की पूजा की जाती है। सामान्यतः लोग दो मुख्य नवरात्रि के बारे में जानते हैं लेकिन पूरे साल में दो नहीं बल्कि 4 नवरात्रि होती है। हालांकि इन अन्य दो नवरात्रि में भी मां दुर्गा की आराधना होती है लेकिन गुप्त नवरात्रि में तांत्रिकों द्वारा सिद्धि प्राप्त करने के लिए साधना की जाती है। लेकिन इसके अलावा इसे दैवीय शक्ति प्राप्त करने के लिए भी माना जाता है। नौ दिनों तक नौ देवियों का पूजन करते हैं। इस साल की पहली माघ मास की गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 5 तारीख से हो चुकी है और 14 फरवरी तक चलेगी। इस दौरान आप समस्त कष्टों से मुक्ति पाने व धन, ऐश्वर्य, सुख, शांति प्राप्त करने के लिए नवरात्रि में सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करें। इस स्त्रोत का पाठ मनुष्य के जीवन में आ रही समस्या और विघ्नों को दूर होते हैं। आइए जानते हैं कुंजिका स्त्रोत पाठ.....

gupt navratri 2019

श्रीरुद्रयामल के गौरीतंत्र में वर्णित सिद्ध कुंजिका स्तोत्र

शिव उवाच

शृणु देवि प्रवक्ष्यामि कुंजिकास्तोत्रमुत्तमम्।
येन मन्त्रप्रभावेण चण्डीजाप: भवेत्।।

न कवचं नार्गलास्तोत्रं कीलकं न रहस्यकम्।
न सूक्तं नापि ध्यानं च न न्यासो न च वार्चनम्।।
कुंजिकापाठमात्रेण दुर्गापाठफलं लभेत्।
अति गुह्यतरं देवि देवानामपि दुर्लभम्।।

गोपनीयं प्रयत्नेन स्वयोनिरिव पार्वति।
मारणं मोहनं वश्यं स्तम्भनोच्चाटनादिकम्।
पाठमात्रेण संसिद्ध् येत् कुंजिकास्तोत्रमुत्तमम्।।4।।

अथ मंत्र :-
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ॐ ग्लौ हुं क्लीं जूं स:
ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल
ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा।''

।।इति मंत्र:।।

नमस्ते रुद्ररूपिण्यै नमस्ते मधुमर्दिनि।
नम: कैटभहारिण्यै नमस्ते महिषार्दिन।।
नमस्ते शुम्भहन्त्र्यै च निशुम्भासुरघातिन।।

जाग्रतं हि महादेवि जपं सिद्धं कुरुष्व मे।
ऐंकारी सृष्टिरूपायै ह्रींकारी प्रतिपालिका।।

क्लींकारी कामरूपिण्यै बीजरूपे नमोऽस्तु ते।
चामुण्डा चण्डघाती च यैकारी वरदायिनी।।

विच्चे चाभयदा नित्यं नमस्ते मंत्ररूपिण।।
धां धीं धू धूर्जटे: पत्नी वां वीं वूं वागधीश्वरी।
क्रां क्रीं क्रूं कालिका देविशां शीं शूं मे शुभं कुरु।।

हुं हु हुंकाररूपिण्यै जं जं जं जम्भनादिनी।
भ्रां भ्रीं भ्रूं भैरवी भद्रे भवान्यै ते नमो नमः।।

अं कं चं टं तं पं यं शं वीं दुं ऐं वीं हं क्षं
धिजाग्रं धिजाग्रं त्रोटय त्रोटय दीप्तं कुरु कुरु स्वाहा।।
पां पीं पूं पार्वती पूर्णा खां खीं खूं खेचरी तथा।।
सां सीं सूं सप्तशती देव्या मंत्रसिद्धिंकुरुष्व मे।।
इदंतु कुंजिकास्तोत्रं मंत्रजागर्तिहेतवे।

अभक्ते नैव दातव्यं गोपितं रक्ष पार्वति।।
यस्तु कुंजिकया देविहीनां सप्तशतीं पठेत्।
न तस्य जायते सिद्धिररण्ये रोदनं यथा।।

।इतिश्रीरुद्रयामले गौरीतंत्रे शिवपार्वती संवादे कुंजिकास्तोत्रं संपूर्णम्।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/gupt-navratri-2019-do-this-upay-to-get-money-4112434/

कुंभ 2019: दो करोड़ से अधिक लोग लगाएंगे आस्था की डुबकी, खास है रविवार का दिन


कुंभ में शामिल होने के लिए देश-विदेश से कई लोग आते हैं। विश्व के इस भव्य धार्मिक आयोजन कुंभ मेले में देश के लगभग कई हिस्सों से लोग स्नान करने आते हैं। इस समय प्रयागराज में कुंभ मेला लगा हुआ है। कुंभ का पहला शाही स्नान मकर संक्रांति पर किया गया था वहीं दूसरा शाही स्नान मौनी अमावस्या और सोमवती अमावस्या के दिन किया गया था। 10 फरवरी, रविवार को प्रयागराज कुंभ का तीसरा शाही स्नान किया जाएगा। इसलिए बसंत पंचमी के दिन शाही स्नान का होना बहुत अधिक महत्वों में होगा। शाही स्नान पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस महानिदेशक के अऩुसार इस दिन करीब 20,000 पुलिसकर्मियों, 6000 होमगार्ड तैनात किए गए हैं। कुंभ मेला अधिकारी का कहना है की कुंभ स्नान में करीब दो करोड़ से अधिक लोगों के डुबकी लगाने की संभावना है।

kumbh shahi snan 2019

बसंत पंचमी कुंभ का तीसरा और अंतिम शाही स्नान है। माना जाता है कि इस दिन तीन बार डुबकी लगा कर श्रद्धालुओं को गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का आर्शीवाद मिलता है। इसलिए श्रद्धालुओं के लिए इसका काफी महत्व है। बसंत पंचमी यानी सरस्वती पूजा के दिन संगम में स्नान बहुत ही पुण्यदायी माना गया है क्योंकि इसदिन संगम में स्नान से देवी सरस्वती की कृपा प्राप्त होती है। मान्यता है कि जो व्यक्ति मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या के बाद तीसरे शाही स्नान बसंत पंचमी पर भी त्रिवेणी स्नान करता है, उसे पूर्ण कुंभ स्नान का फल मिलता है।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/kumbh-2019-kumbh-ka-teesra-shahi-snan-2019-4109519/

Basant panchami: बसंत पंचमी पर राशि अनुसार देवी को चढ़ाएं चीज़, मिलेगा आशीर्वाद


माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस साल 10 फरवरी, रविवार को बसंत पंचमी पड़ रही है, इस दिन ज्ञान और विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। इस दिन संगीतकार, लेखक, गायक व विद्यार्थियों द्वारा मां सरस्वती की विशेष रुप से पूजा की जाती है। सभी कलाकारो द्वारा इस दिन देवी से आशीवाद प्राप्त करने के लिए उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। विद्यार्थी भी इस दिन ज्ञान बढ़ाने और बुद्धि प्राप्त करने के लिए मां सरस्वती की पूजा करते हैं। लेकिन पंडित रमाकांत मिश्रा के अनुसार यदि बसंत पंचमी के दिन राशि अनुसार पूजा की जाए तो उसका फल शीघ्र मिलता है....आइए जानते हैं राशि अऩुसार प्रयोग

basant panchami 2019

मेष राशि: इस राशि के जातकों को विद्या और बुद्धि प्राप्त करने के लिए इस दिन किसी बच्चे को पुस्तक दान करें।

वृषभ राशि: हर क्षेत्र में सफलता पाने के लिए इस राशि के जातकों को बसंत पंचमी के दिन इमली के 22 पत्ते लें 11 मां सरस्वती को चढ़ाएं और बाकी अपने पास रख लें। जरुर फायदा मिलेगा।

मिथुन राशि: बसंत पंचमी के दिन इस राशि के जातक विद्या और बुद्धि प्राप्त करने के लिए भगवान गणेशजी को 21 दूर्वा चढ़ाएं।

कर्क राशि: कर्क राशि के जातक इस दिन सफलता प्राप्त करने के लिए विद्या की देवी मां सरस्वती को आम के फूल चढ़ाएं।

सिंह राशि: इस बसंत पंचमी पर आपकी राशि के जातकों को गायत्री मंत्र का जप करें, मिलेगी हर बाधा से मुक्ति।

कन्या राशि: इस राशि के जातकों को मां सरस्वती को किताबें और स्टेशनरी दान करनी चाहिए। इससे आपको मां सरस्वती की कृपा प्राप्त होगी।

तुला राशि: इस राशि के जातकों को बसंत पंचमी के दिन किसी ब्राह्मण कन्या को सफेद वस्त्र दान देना चाहिए, इससे मां सरस्वती की कृपा आप पर बनी रहेगी।

वृश्चिक राशि: इस राशि के जातकों को बसंत पंचमी के दिन खासकर विद्यार्थीयों को मां सरस्वती की सफेद फूलों से पूजा करनी चाहिए, इससे आपको अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा।

धनु राशि: इस राशि के जातकों को बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती को सफेद चंदन चढ़ाना चाहिए, इससे आपको हर कार्य में सपलता मिलेगी।

मकर राशि: बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से पहले ब्राम्ही औषधि का सेवन करें, आपके बुद्धि का विकास व ज्ञान में वृद्धि होगी।

कुंभ राशि: कुंभ राशि के विद्यार्थी मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए मां सरस्वती का पूजन कर कन्याओं को खीर खिलाएं।

मीन राशि: बसंत पंचमी के दिन विधारा या अपामार्ग की जड़ दाहिनी भूजा पर बांधें, हर क्षेत्र में होंगे सफल।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/basant-panchami-2019-offer-things-according-to-rashi-4108816/

बसंत पंचमी के दिन भूलकर भी ना करें ये काम, मां सरस्वती हो सकती है नाराज़


मां सरस्वती को विद्या की देवी कहा जाता है और बसंत पंचमी का दिन मां सरस्वती के जन्मदिन के रुप में मनाया जाता है। माना जाता हे की इस दिन मां सरस्वती की पूजा करने से विद्या की प्राप्ति होती है। इसलिए इस यह दिन छात्रों के लिए विशेष माना जाता है। छात्र बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती से कुशाग्र बुद्धि का आशीर्वाद मांगते हैं। मां सरस्वती की पूजा में सभी पीली चीज़ें उपयोग ली जाती है। क्योंकि मां सरस्वती को पीली चीज़ें बहुत प्रिय होती होती है। इस दिन देवी मां को पीले फूल अर्पित किए जाते हैं और मां को पीली चीजों का भोग लगाया जाता है।

maa saraswati

इस बार 10 फरवरी, रविवार को बसंत पंचमी पर्व मनाया जाएगा। लेकिन इस दिन मां सरस्वती की पूजा में कुछ खास बातों का ध्यान रखना बहुत ही जरुरी होता है। क्योंकि हो सकता है की शायद आपकी गलती से मां नाराज़ हो जाएं और आपकी बुद्धि विद्या प्र उसका दु्ष्प्रभाव पड़े। तो आइए जानते हैं देवी मां की पूजा में किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए.....

1. बसंत पंचमी के दिन काले और लाल रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए।

2. मां सरस्वती विधा की देवी हैं और इन्हें मांस-मदिरा पसंद नहीं है, इसी कारण इस दिन इनका सेवन नहीं करना चाहिए।

3. बसंत पंचमी के दिन पेड़ों को नहीं काटना चाहिए और ना ही किसी से झगड़ा करना चाहिए।

4. बसंत पंचमी को काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। आज के दिन पीले वस्त्र पहनना चाहिए, शुभ माना जाता है।

5. सरस्वती पूजा के इस दिन शांत रहना चाहिए। किसी से वाद-विवाद नहीं करना चाहिए ऐसा करने से पितरों को कष्ट पहुंचता है।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/basant-panchami-2019-dont-do-this-things-on-this-day-4107666/

SHARE THIS


Subscribe via Email


Explore Jobs/Opportunities
West Bengal Jobs / Opportunities / Career
Sarkari Naukri Jobs / Opportunities / Career
Assam Jobs / Opportunities / Career
Explore Articles / Stories
Education
Government Schemes
News
Career
Admit Card
Study Material
Bihar
State Government Schemes
Technology
DATA
Public Utility Forms
Travel
Sample Question Paper
Exam Result
Employment News
Scholorship
Business
Astrology
Syllabus
Festival
Explore more
Main Page
Register / Login
Like our Facebook Page
Follow on Twitter
Subscrive Our Newsletter Via Nuzzle
Get Updates Via Rss Feed
Sarkari Niyukti
Free Online Practice Set
Latest Jobs
Feed contents
Useful Links
Photo
Video
Post Jobs
Post Contents
Supremedeal : India Business Directory
Find IFSC Code
Find Post Office / Pincode
Contact us
Best Deal

Disclaimer: we only provide job information. we are not associated with any job website. Although we take extreme care for accuracy of the information provided, but you must check the authenticity of the website before applying for the job. We are not responsible for your operation , once you leave our website and apply thereafter. Please recheck the genuineness of the job website from yourself also.

Copyright © 2018. Website template by WebThemez.com