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सूर्य बदल रहें इन 3 राशियों की किस्मत, अगले एक महीने इनकम में होगी जबरदस्त वृद्धि


सूर्य वृषभ राशि में 15 मई को प्रवेश कर चुके हैं। सूर्य के इस राशि परिवर्तन का सभी 12 राशियों पर प्रभाव है। एक माह तक सूर्य इसी राशि में रहेंगे। वहीं सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश करने से 3 राशियों को बहुत ज्यादा फायदा होगा। इनकी किस्मत के तारे अचानक चमकने वाले हैं। पंडित रमाकांत मिश्रा बताते हैं की सूर्य जिस पर भी मेहरबान हो जाते हैं उस जातक को सरकारी नौकरी, मान सम्मान, प्रतिष्ठा सहित बहुत सी चीज़ें वरदान दे देते हैं। सूर्य का किसी जातक की कुंडली में शुभ होना उसकी तरक्की के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। वहीं सूर्य का गोचर वृषभ राशि में 3 राशियों के लिए बड़ी उपलब्धि लाया है। तो आइए जानते हैं इस माह सूर्यदेव किन 3 राशियों पर मेहरबान रहेंगें....

 

surya in vrashabh

मेष राशि
इस दौरान आपके धन प्राप्ति के शुभ योग बन रहे हैं। आपके लिए यह समय अनुकूल रहेगा। करियर के मामले में आपके लिए तरक्की के योग हैं, धैर्य रखें। पर्सनल लाइफ में भी स्नेह कायम रह सकता है। स्वास्थ्य भी सामान्य बने रहने के आसार हैं।

वृषभ राशि
सूर्य का प्रवेश आपकी राशि में ही हो रहा है। इस दौरान आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। धनलाभ होगा, कामकाज के लिए यह समय ठीक-ठाक रहने के आसार हैं। लेकिन इस दौरान आपको सेहत के प्रति सचेत रहना होगा। रोगोत्पत्ति हो सकती है।

सिंह राशि
सूर्य का राशि परिवर्तन आपके लिए कर्मक्षेत्र में उन्नति के रास्ते खोलेगा। इस समय वरिष्ठ अधिकारियों से भी प्रशंसा सुनने को मिल सकती है। जो जातक नौकरी बदलने के इच्छुक हैं उन्हें बेहतर अवसर मिल सकते हैं।


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यदि आप भी करते हैं ये 7 काम तो हो सकते हैं बर्बाद, पढ़ें ये खबर


हमने कई बार सुना है की लोग रातोंरात अरबपति बन गए तो कोई रातोंरात बर्बाद हो गया। ये दोनों ही बातें सही है, ऐसा होता है लेकिन अरबपति होना भी व्यक्ति की आदतों, गुण व आचरण पर निर्भर करता है और किसी व्यक्ति का बर्बाद होना भी उसके आचरण पर ही निर्भर करता है। हम जो भी कार्म करते हैं उसका परिणाम हमें जरुर देखने को मिलता है। हम जाने अनजाने में कई ऐसी गलतियां कर देते हैं जिनका हमारे घर परिवार, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति को बहुत प्रभावित करते हैं। तो आइए जानते हैं ऐसे कौन से कर्म हैं जो हमें बर्बादी की ओर ले जाते हैं।

 

barbaad

1. भोजन को लेकर ना करें ये बात
बासी भोजन करना, दक्षिण दिशा में मुंह करके खाना, भोजन के दौरान और बाद में पानी पीना, थाली में ही हाथ धोना, भोजन की नींदा करना, टूटी हुई थाली में भोजन करना आदि ऐसे कई काम है जो आपको गंभीर रोग हो सकते हैं और आपके घर की बरकत भी चली जाती है।

2. सोते समय ना करें ये गलतियां
भारतीय वास्तुशास्त्र के अनुसार द्वार के सामने पांव करके नहीं सोना चाह‌िए। इसके अलावा सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सोना शरीर को रागी बनाता है, इससे आपकी उम्र भी कम होती है। शास्त्रों के अनुसार टूटे हुए पलंग पर सोना भी बीमारियों को न्यौता देता है, इसलिए टूटे पलंग पर कभी ना सोएं। पैर पर पैर रखकर सोने या दक्षिण दिशा में पैर करके सोने से आपके भविष्य पर दुष्प्रभाव।

3.बाल कटवाना:
शास्त्रों के अनुसार कुछ विशेष दिन मंगल और शन‌िवार के द‌िन बाल कटवाना, बाल कटवाने के बाद स्नान नहीं करना, घर में ही बाल काट लेना, आदि ऐसे कई लक्षण हैं आपकी उम्र कम कर देते हैं।

4. कभी ना मांगे दूसरों के वस्त्र:
शास्त्रों के अनुसार दूसरों से कपड़े मांगकर पहनने वाले व्यक्ति के घर में दरिद्रता आती है। कहा जाता है की दूसरों से वस्त्र मांगकर पहनता है व दूसरों से अन्न मांगकर खाता है। उसके जीवन में कभी तरक्की नहीं होती। वह हमेशा दरिद्र ही बना रहता है। इसके अलावा रात के समय कभी कपड़े नहीं धोना चाहिए इससे आपको विपत्तियों का सामना करना पड़ सकता है।

5. शौचादि:
मूत्र, शौच, छींक, पाद और बगासी को रोकना घातक है। लेकिन यदि आप नदी के किनारे, पूल के उपर, खेत की मेड़ पर, किसी सिद्ध स्थान या पाल्या महाराज के पास मूत्रादि का त्याग करते हैं, तो आप भारी मुसीबत में पड़ सकते हैं। शौच का स्थान और शौच करने की दिशा भी नियुक्त है उसी का पालन करें।

6. नशा करना:

ज्योतिष अनुसार सूनसान इलाके या जंगल में ऐसे स्थानों पर भोजन करने से या फिर शराब पीने राहू और केतु का प्रकोप बढ़ जाता है तो वास्तु के अनुसार बरकत चली जाती है। वहीं इसके दुष्परिणाम भी भयानक होते हैं। लेकिन एक मान्यता अनुसार भूत-प्रेत सक्रिय होकर आपके जीवन में तूफान खड़ा कर देते हैं। याद रहे की आप कभी किसी तीज त्यौहारों जैसे होली, दीपावली या फिर किसी शुभ पर्व पर शराब पीने से बहुत बुरे परिणाम झेलने पड़ सकते हैं। किसी भी प्रकार का नशा करने से सुख, समृद्धि और सेहत सभी एक समय बाद नष्ट हो जाती है।

7. अंगुली या गर्दन चटकाना :

कई लोगों की आदत होती है कि वे अपनी अंगुलियां या गर्दन की हड्डी को चटकाते रहते हैं। इस खोड़ले लक्षण कहते हैं। इससे जहां उम्र कम होती है वहीं इससे दरिद्रता बढ़ती जाती है। शास्त्रों के अनुसार ऐसा करने से घर की लक्ष्मी चली जाती है। अन्य कारणों से देखा जाए तो हड्डी चटकाने से व्यक्ति के सभी ज्वाइंट ढीले पड़ जाते हैं और बुढ़ापे में उसकी शक्ति कम हो जाती है। फिर हाथों की अंगुलियों से चाय का कप पकड़ने पर वह हिलेगा।

 

 


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18 से 30 मई तक इस मुहूर्त में करें कोई भी शुभ काम, आपका हर सपना होगा साकार


हिंदू धर्म में हर शुभ कार्य को करने से पहले मुहूर्त देखा जाता है। वहीं शास्त्रों के हिसाब से जब भी घर में कभी वैवाहिक कार्यक्रम करना हो, गृहप्रवेश करना हे, कोई वाहन खरीदना हो या फिर जमीन यानी प्लॉट खरीदना हो तब सबसे पहले मुहूर्त देखा जाता है। क्योंकि मान्यताओं के अनुसार शुभ मुहूर्त में किये जाने वाले काम सफल माने जाते हैं। ऐसे में मई 2019 में 18 मई से लेकर 30 मई तक शुभ मुहूर्त हैं। अगर आप इस महिने कुछ शुभ कार्य या फिर नईं वस्तु खरीदने जा रहे हैं तो इन तिथियों के शुभ मुहूर्त में कर सकते हैं। इससे आपको सफलता मिलेगी औऱ यदि आप इस दौरान कोई नया बिजनेस शुरू करने जा रहे हैं तो आपकी तरक्की भी होगी। आइए जानते हैं तिथि में कौन से मुहूर्त में करें अपने कार्य की शुरूआत.....

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ये हैं मई 2019 के शुभ एवं खास मुहूर्त :

शनिवार, 18 मई- 05:29:03- 29:29:03

रविवार, 19 मई- 05:28:31- 25:44:36

मंगलवार, 28 मई- 13:32:35- 18:58:31

बुधवार, 29 मई- 21:18:10- 29:24:30

गुरुवार, 30 मई- 05:24:14- 16:39:43

विवाह के लिए शुभ मुहूर्त:

17 मई शुक्रवार, वैशाख शुक्ल त्रयोदशी

18 मई शनिवार, वैशाख पूर्णिमा

19 मई रविवार, ज्येष्ठ कृष्ण प्रतिपदा

23 मई गुरुवार, ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी

28 मई मंगलवार, ज्येष्ठ कृष्ण नवमी

29 मई बुधवार, ज्येष्ठ कृष्ण दशमी

30 मई गुरुवार, ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी


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Upay for money: लगातार 11 दिनों तक नियम से करें ये उपाय, कभी नहीं होगी धन की कमी


धन की जरूरत हर व्यक्ति को अपने जीवन में होती है और हर व्यक्ति यही चाहता है की उसके पास इतना धन हो की उसकी आवश्यकता की पूर्ति हो जाए। इसलिए दुनिया में हर मनुष्य कड़ी मेहनत कर धन कमाता है। लेकिन कई बार बहुत मेहनत करने के बावजुद भी वे धन कमा नहीं पाते या फिर कमाते भी हैं तो उनके पास धन ठहरता नहीं है। क्योंकि कुछ जातकों की कुंडली में कुछ ग्रहों की स्थिति या फिर गलत जगहों पर ग्रहों का होना इन चीज़ों का कारण होता है। लेकिन ज्योतिषशास्त्र में इसका उपाय भी है। आइए पंडित रमाकांत मिश्रा को अनुसार जानते हैं धन की कमी को दूर करने के लिए क्या उपाय करना चाहिए।

 

dhan upay in hindi

पंडित जी बताते हैं कि, हिंदू धर्म में शंख को बहुत महत्व होता है। मंदिरों में, कथा में या कुछ लोग रोजाना घर की पूजा व आरती में शंख का उपयोग करते हैं। शंख ना सिर्फ शुभ माना जाता है वल्कि वास्तु की दृष्टि से भी यह बहुत अच्छा माना जाता है। इसके घर में होने से भगवान की कृपा भी परिवार के सदस्यों पर हमेशा बनी रहती है। लेकिन शंख अलग-अलग प्रकार के होते हैं। उनमें से एक खास प्रकार है मोती शंख। यह बहुत ही खास और शुभ माना जाता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार अगर इस शंख की विधि-विधान से पूजा कर इसे घर या ऑफिस की तिजोरी में रखा जाए, तो व्यक्ति को कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती है। इस शंख को तिजोरी में रखते समय कुछ खास नियमों को ध्यान में रखना चाहिए, आइए जानते हैं...

 

dhan upay in hindi

मोती शंख पर केसर से स्वस्तिक का चिह्न बनाएं, इसके बाद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नमः मंत्र का जाप करें।

मंत्रोच्चार के साथ एक-एक चावल इस शंख में डालें, ध्यान रखें की शंख में डालने वाले चावल टूटे हुए ना हों।

सभी चावलों को एक सफेद रंग के कपड़े की थैली में रखें और 11 दिनों के बाद चावल के साथ शंख को भी उस थैली में रखकर तिजोरी में रखें।

लगातार 11 दिनों तक नियम पूर्वक इस उपाय को करने से घर में कभी धन की कमी नहीं होगी।


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सृजन से लेकर विनाश का वर्णन करता है भगवान शिव का ये स्वरूप


हिमालय पर रहने वाले भगवान शिव बहुत ही भोले और जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता माने जाते हैं। भगवान शिव की भक्ति सच्चे मन से करने पर वे जल्दी प्रसन्न होकर अपने भक्त को मनचाहा आशीर्वाद देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं भगवान शिव का एक स्वरूप ऐसा भी है जो कि सृजन से लेकर विनाश का वर्णन करता है। महादेव के इस स्वरूप के बारे में कहा जाता है कि यह रूप घर में नहीं रखना चाहिए। ना ही इस स्वरूप की पूजा की जाती है। परंतु क्यों आइए जानते हैं भगावन शिव के इस स्वरूप की विस्तृत जानकारी....

 

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भगवान शिव का एक स्वरूप नटराज है। नटराज का अर्थ नट यानी नृत्य और राज का अर्थ राजा से निकाला गया है, अर्थात नटराज का मतलब नृत्य के राजा है। इस स्वरूप में भगवान शिव नृत्य अवस्था में रहते हैं। इस स्वरूप में शिव जी नृत्य के अपने दिव्य कार्य के माध्यम से व्यक्ति के मन से अज्ञानता को दूर करते हैं। नटराज के रूप में भगवान शिव को पहली बार चोल कांस्य की मूर्तियों में चित्रित किया गया था, जहां उन्हें आग की लपटों पर नाचते हुए दिखाया गया था, जिसमें एक पैर बौना और दूसरा हवा में था। बौने को अज्ञानता का प्रतीक माना जाता है। ऊपरी दाहिने हाथ में एक 'डमरू' पकड़े हुए यह दर्शाता है कि वह सृजन का स्रोत है। निचला दायां हाथ आशीर्वाद देने के लिए है जो सुरक्षा प्रदान करता है।

सृजन से लेकर विनाश का वर्णन करता है ये स्वरूप

प्राचीन आचार्यों के मतानुसार शिव के आनन्द तांडव से ही सृष्टि अस्तित्व में आती है तथा उनके रौद्र तांडव में सृष्टि का विलय हो जाता है। भगवान शिव के इस स्वरूप में ऊपरी बाएं हाथ में ब्रह्मांड के अंतिम विनाश के लिए साधन आग होती है। वहीं निचले बाएं हाथ बाएं पैर की ओर इशारा करते हैं, यह दर्शाता है कि उसके पैर व्यक्तिगत आत्माओं की एकमात्र शरण हैं। उठा हुआ पैर मुक्ति की तरफ इशारा करता है की वह भ्रम से मुक्ति के लिए खड़ा है। इसी प्रकार नटराज का पूरा स्वरूप सृजन से लेकर विनाश का पूरा वर्णन करता है।


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सूर्य का राशि परिवर्तन: इन राशि के जातकों को मिलने वाली है अपार तरक्की


ग्रहों के राजा सूर्य का राशि परिवर्तन होने वाला है। गोचरवश सूर्य मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करने वाले हैं। वृषभ राशि में सूर्य के इस परिवर्तन का सभी राशियों पर असर पड़ेगा। वृषभ राशि में सूर्य का राशि परिवर्तन 15 मई, बुधवार के दिन होगा। सूर्य के राशि परिवर्तन का सभी 12 राशियों पर बहुत असर पड़ेगा, वहीं कुछ राशियों के लिए यह परिवर्तन तरक्की के मार्ग खोलेगा वहीं कुछ राशियों के लिए बहुत तकलीफें लेकर आएगा। आइए जानते हैं किस राशि पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा...

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मेष राशि
इस दौरान आपके धन प्राप्ति के शुभ योग बन रहे हैं। आपके लिए यह समय अनुकूल रहेगा। करियर के मामले में आपके लिए तरक्की के योग हैं, धैर्य रखें। पर्सनल लाइफ में भी स्नेह कायम रह सकता है। स्वास्थ्य भी सामान्य बने रहने के आसार हैं।

वृषभ राशि
सूर्य का प्रवेश आपकी राशि में ही हो रहा है। इस दौरान आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। धनलाभ होगा, कामकाज के लिए यह समय ठीक-ठाक रहने के आसार हैं। लेकिन इस दौरान आपको सेहत के प्रति सचेत रहना होगा। रोगोत्पत्ति हो सकती है।

मिथुन राशि
इस दौरान आपको धनहानि हो सकती है, इसलिए खर्चे के प्रति सचेत रहें। आपकी यात्राओं के योग बन रहे हैं। गले व स्किन संबंधी समस्याएं आ सकती है, इसलिए सेहत के मामले में सतर्क रहें।

कर्क राशि
इस दौरान आपके कार्योन्नति के योग बन रहे हैं। धन लाभ की उम्मीद पूरी उम्मीद है, साथ ही आपके मान-सम्मान में भी वृद्धि होने के आसार हैं। नया व्यवसाय, नई नौकरी शुरु करने के अवसर मिल सकते हैं।

सिंह राशि
सूर्य का राशि परिवर्तन आपके लिए कर्मक्षेत्र में उन्नति के रास्ते खोलेगा। इस समय वरिष्ठ अधिकारियों से भी प्रशंसा सुनने को मिल सकती है। जो जातक नौकरी बदलने के इच्छुक हैं उन्हें बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

कन्या राशि
पूर्व में हूई बीमारी से छुटकारा मिलेगा। आत्मबल मजबूत बना रहेगा। पैतृक संपत्ति से भी आपको लाभ मिलने के आसार हैं। रोमांटिक लाइफ में भी पार्टनर से आपकी खूब पटेगी।

तुला राशि
तन मन और धन यानि हर तरफ से आपको सावधान रहने की आवश्यकता है। घर से लेकर दफ्तर तक किसी से भी उलझने का प्रयास न करें। शांत बने रहने में ही भलाई है।

वृश्चिक राशि
इस समय आपको बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। विवाहित जातकों के वैवाहिक जीवन में अशांति का वातावरण बन सकता है। विशेषकर अपने प्रेमजीवन के प्रति आपको अतिरिक्त सावधान रहने की आवश्यकता है।

धनु राशि
यह समय आपके लिए मिलाजुला रहेगा। लेन-देने के मामलों में सतर्कता बरतें। इस समय आपको सफलता पाने के लिये काफी पसीना बहाने की आवश्यकता रहेगी। आपकी आय में वृद्धि होगी और आय के साधन बढ़ेंगे। मित्रों और संबंधियों से झगड़ा ना हो, इस बात का ध्यान रखें।

मकर राशि
कार्यक्षेत्र में भी आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। धन प्राप्ति के प्रबल योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य लाभ मिलने के पूरे आसार मिल रहे हैं। पुरानी कोई बात सामने आकर आपको परेशानी या खुशी दे सकती है।

कुंभ राशि
दोस्तों परिजनों की मदद से आपको राहत मिलेगी। जो जातक लंबे समय से वाहन खरीदने के लिए प्रयासरत हैं वे नई गाड़ी लेकर घर आ सकते हैं। स्वास्थ्य व रोमांटिक लाइफ भी बेहतर बनी रहने के आसार हैं।

मीन राशि
समय आपके पराक्रम में वृद्धि करने वाला है। यह परिवर्तन सौभाग्यशाली रहने के आसार हैं। रोमांटिक लाइफ में भी रिश्ते मधुर बने रहेंगे।


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भूलकर भी ना बताएं किसी को ये 5 बातें, हमेशा गोपनीय रखें ये राज़


पुराने जमाने में ऋषि-मुनियों ने जीवन जीने के कई तरीके व कुछ विशेष बातें बताईं हैं। आज के समय में उन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए जीना बहुत फायदेमंद है। उन्हीं बातों का अनुसरण करने से व्यक्तियों की सभी परेशानियां हल हो जाती हैं। हिंदू दर्शन बहुत ही व्यवहारिक माना जाता है और हिंदू दर्शन के अनुसार, हर किसी को इसके अनुसार बताई गई कुछ बातें ऐसी है जिसको हर इंसान को खुद तक ही सीमित रखना चाहिए। किसी दूसरे से ये बातें शेयर करना आपके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। तो आइए जानते हैं, कौन सी हैं ये बातें...

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1. घर-परिवार की बातें
कई बार हमलोग भावुकता में आकर अपने घर-परिवार की बातों को अपने मित्र, रिश्तेदार या किसी परिचित से शेयर कर देते हैं। लेकिन ये गलती नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे घर के सदस्यों के बीच आपसी मनमुटाव बढ़ता है और विवाद की संभावनाएं बढ़ती हैं। घर की बातें हमेशा घर में ही रखना चाहिए। जीवन सुखमय बना रहता है। अपने परिवार की बातें हमेशा गुप्त रखें, वरना लोग आपके मजे लेकर हट जाएंगे और आप पछताएंगे।

2. घर का रहस्य
एक बात हमेशा ध्यान रखें की अपन घर क्या चल रहा है क्या नहीं, इस बात को किसी बाहरी व्यक्ति से साझा ना करें। घर में आने वाले हर वयक्ति को घर में हर जगह जाने आने या हर चीज़ बताने की अनुमति ना दें। कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने घर में हर किसी की एंट्री कर देते हैं और घर के कोने-कोने से सभी को अवगत करा देते हैं। लेकिन ऐसा बिलकुन नहीं करना चाहिए। पुराने समय में लोग संयुक्त परिवार में रहते थे और उनके घर भी बहुत बड़े होते थे। उसी समय से यह धारणा प्रचलित है की किसी को अपने घर का रहस्य नहीं बताना चाहिए।

3.किसी को ना बताएं आपका धन और इनकम
आज के समय में हर कोई एक दूसरे की इनकम जानने में बहुत ही रुची रखते हैं। लेकिन हर किसी व्यक्ति को अपनी आय नहीं बताना चाहिए। इस बात को आप गोपनीय रखें तो आपके लिए बहुत ही अच्छा रहेगा। क्योंकि धन को अपने परिचित या रिश्तेदारों से गोपनीय ही रखने की सलाह दी जाती है, लेकिन ध्यान रखें अपनी पत्नी से गोपनीय रखेंगे तो आपके लिए वही धन दुखदायक साबित होगा।

4. अपनी योजनाओं को दूसरों से शेयर ना करें
हमें कभी भी किसी भी शख्स को अपनी भावी योजनाओं को नहीं बताना चाहिए चाहे वह कितना भी करीबी ही क्यों ना हो. हमें नहीं पता होता कि समय के साथ उस शख्स के साथ हमारे रिश्तों में कैसे बदलाव आ सकता है.

5.अपनी अयोग्यता या कमजोरी
किसी भी व्यक्ति को अपनी अयोग्यता या कमजोरी कभी नहीं बतानी चाहिए। क्योंकि इसे उजागर करने से आपको लोग कमजोर समझकर आपके साथ गलत व्यवहार करने लगेंगे या आपको मानसिक रूप से दबाने लगेंगे। इसीलिए इस बारे में आप अच्छे से विचार कर लें कि कब, कहां कौन-सी कमजोरी गोपनीय रखना है। कमजोरी और अयोग्यता में फर्क करना भी सीखें।

 


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शत्रुओं का नाश करती हैं मां बगलामुखी, देवी के साधकों को होती है मोक्ष प्राप्ति


मां बगलामुखी देवी के दस महाविद्या का स्वरूप मानी जाती हैं। बगलामुखी का रूप पीली आभा से युक्त है कहा जाता है की माता के इस स्वरूप की पूजा में सभी पीली वस्तुओं का विशेष रूप से प्रयोग होता है। पुराणों के अनुसार मां के इस इस स्वरूप का अवतार भगवान विष्णु की तपस्या के कारण हुआ था। एक बार सौराष्ट्र में महातूफान प्रकट हुआ था जिसे शांत करने के लिए भगवान विष्णु ने देवी की तपस्या की थी और इसी तपस्या के फलस्वरूप मां बगलामुखी प्रकट हुई थीं। इन्हें स्तंभन शक्ति की देवी माना जाता है। शत्रु और विरोधियों को शांत करने के लिये तथा मुकदमे में विजय पाने के लिये मां बगलामुखी की उपासना की जाती है। इस बार मां बगलामुखी जयंती 12 मई 2019 को मनाई जाएगी।

maa baglamukhi

ऐसा है मां बगलामुखी का स्वरूप

देवी बगलामुखी, समुद्र के मध्य में स्थित मणिमय द्वीप में अमूल्य रत्नों से सुसज्जित सिंहासन पर विराजमान हैं। देवी त्रिनेत्रा हैं, मस्तक पर अर्ध चन्द्र धारण करती है, पीले शारीरिक वर्ण युक्त है, देवी ने पीला वस्त्र तथा पीले फूलों की माला धारण की हुई है। देवी के अन्य आभूषण भी पीले रंग के ही हैं तथा अमूल्य रत्नों से जड़ित हैं। देवी, विशेषकर चंपा फूल, हल्दी की गांठ इत्यादि पीले रंग से सम्बंधित तत्वों की माला धारण करती हैं।

 

maa baglamukhi

शत्रुओं की जीभ पकड़कर रखती हैं मां बगलामुखी

देवी अपने बाएं हाथ से शत्रुओं या दैत्यों की जीभ को पकड़ कर खींचे हुए हैं। वहीं उनके दाएं हाथ में गदा उठाए हुए है। देवी के इस प्रकार जीभ पकड़ने का तात्पर्य है की देवी वाक् शक्ति देने और लेने के लिए पूजी जाती हैं। वे चाहें तो शत्रु की जिव्हा ले सकती हैं और भक्तों की वाणी को दिव्यता का आशीष दे सकती हैं। देवी वचन या बोल-चाल से गलतियों तथा अशुद्धियों को निकाल कर सही करती हैं। कई स्थानों में देवी ने मृत शरीर या शव को अपना आसन बना रखा हैं तथा शव पर ही आरूढ़ हैं तथा दैत्य या शत्रु की जीभ को पकड़ रखा हैं।

मां बगलामुखी तामसी गुण से सम्बंधित है, आकर्षण, मारण तथा स्तंभन कर्म तामसी प्रवृति से सम्बंधित हैं क्योंकि इस तरह के कार्य दूसरों को हानि पहुंचाने हेतु ही किए जाते हैं। सबसे पहले देवी मां की आराधना ब्रह्मा जी द्वारा की गई थी, इसके बाद उन्होंने बगला साधना का उपदेश सनकादिक मुनियों को दिया, इसके बाद देवर्षि नारद ने भी देवी बगलामुखी की साधना की। देवी के दूसरे उपासक स्वयं भगवान विष्णु हुए और तीसरे भगवान परशुराम। शांति कर्म में, धन-धान्य के लिए, पौष्टिक कर्म में, वाद-विवाद में विजय प्राप्त करने हेतु तथा शत्रु नाश के लिए देवी उपासना व देवी की शक्तियों का प्रयोग किया जाता हैं। देवी का साधक को भोग और मोक्ष की प्राप्ति होती है।


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जीवन का हर दुख और परेशानियां हो जाएंगी खत्म, घर के आंगन में बस कर लें ये एक काम


परेशानियां हर व्यक्ति के जीवन में होती है। कारण अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में पूरी तरह से सुखी नहीं है। किसी को पैसों की समस्या तो किसी को सुख शांति नहीं है। वहीं कुछ लोगों के पास पैसा है तो वे मानसिक परेशानियों से घिरे हैं। परंतु प्रसन्नता तो मानसिक शांति से ही आती है। इसलिए मानसिक शांति और समृद्धि पाने के लिए ज्योतिश के अनुसार कुछ उपाय किये जाते हैं। यदि आपके जीवन में भी तनाव और चिंता है, तो आप इन 6 तरह के फूलों के पौधे घर-आंगन में लगा लें। इन उपायों को करके अपने जीवन की सभी परेशानियों से मुक्ति पा सकते हैं। आइए जानते हैं वे उपाय....

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1. चंपा के फूल
अधिकतर मंदिरों में आपने चंपा के फूल लगे देखे होंगे। चंपा का वृक्ष मंदिर के वातावरण को शुद्ध करने के लिए लगाया जाता है। पूजा में उपयोग किये जाने वाले इस फूल को घर में लगाने से घर का वातावरण शुद्ध होता है और हमेशा सकारात्मकता बनी रहती है। चंपा के खूबसूरत, मंद, सुगंधित हल्के सफेद, पीले फूल अक्सर पूजा में उपयोग किए जाते हैं। चंपा का वृक्ष वास्तु की दृष्टि से सौभाग्य का प्रतीक माना गया है।

2. पारिजात का फूल
पारिजात के फूलों को हरसिंगार और शैफालिका भी कहा जाता है। पारिजात के फूल आपके जीवन से तनाव हटाकर खुशियां ही खुशियां भर सकते है। परिजात के फूलों की खालियत होती है कि ये सिर्फ रात के समय ही खिलते हैं और सुबह होते ही मुरझा जाते हैं। मान्यताओं के अनुसार इस फूल को छूने मात्र से ही व्यक्ति की दिनभर की थकान मिट जाती है। जिसके भी आंगने में ये फूल खिलते हैं उस घर में हमेशा सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

3. रातरानी के फूल
रातरानी के फूल को चांदनी के फूल भी कहते हैं। रातरानी के फूल साल में 5 या 6 बार आते हैं। हर बार 7 से 10 दिन तक अपनी खुशबू बिखेरते हैं। कहा जाता है जो भी व्यक्ति इसकी सुगंध लेता है उसके जीवन के सारे दुख दर्द और चिंता खत्म हो जाती है। इसलिए इसे घर के आंगन में लगाना बहुत अच्छा माना जाता है।

4. रजनीगंधा
रजनीगंधा का पौधा भारत के लगभग हर हिस्से में होता है। इसके फूल ती किस्तों में होते हैं। मैदानी क्षेत्रों में अप्रैल से सितंबर के बीच तथा पहाड़ी क्षेत्रों में जून से सितंबर माह के बीच होते हैं। रजनीगंधा के फूलों का उपयोग माला और गुलदस्ते बनाने में किया जाता है। इसकी लंबी डंडियों को सजावट के रूप में उपयोग में लिया जाता है। इसे अपने घर आंगन में लगाने से घर का वातावरण शुद्ध हो जाता है और घर में होने वाले क्लेश भी दूर होते हैं।

5. मोगरा
मोगरे के फूल गर्मियों में खिलते हैं। इसकी भीनी-भीनी महक से तन और मन को ठंडक का अहसास होता है। इसका फूल सफेद रंग का होता है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, इसकी सुगंध आपको गर्मी के अहसास से दूर रखती है। मोगरा कोढ़, मुंह और आंख के रोगों में लाभ देता है।

 


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यदि आपने घर में लगा रखी है हनुमान जी की ऐसी तस्वीर, तो जरुर पढ़ें ये खबर


तस्वीर लगभग हर घर में होती है, कहीं खुद की या फिर कहीं भगवान की तस्वीर। घरों में लोग यूं तो श्रद्धाभाव से तस्वीर लगा लेते हैं, लेकिन क्या आपको पता है घर में लगी तस्वीर भी आपके लिए नुकसान का कारण बन जाती है। शास्त्रों के अनुसार भगवान के कुछ स्वरूप ऐसे हैं जिन्हें घर में रखना निषेध माना जाता है। जैसे हनुमान जी की तस्वीर, समान्यतः हर घर में हनुमान जी की तस्वीर और मूर्ति लगी होती है। बजरंगबली के कुछ रूपों को घर में रखना अच्छा नहीं माना जाता है। कहा जाता है की बजरंगबली के कुछ स्वरूपों की तस्वीर को घर में रखने से घर में क्लेश और अशांति रहती है। तो आइए जानते हैं कौन सा स्वरूप घर में कभी नहीं रखना चाहिए....

hanuman ji photo

- शास्त्रों के अनुसार हनुमान जी की मूर्ति की पूजा हमेशा स्थिर अवस्था में ही करनी चाहिए। इसलिए जिस तस्वीर में हनुमान जी संजीवनी संजीवनी लिए हवा में उड़ रहे हों ऐसी तस्वीर लगनान बहुत अशुभ माना जाता है। ऐसी तस्वीर घर में ना लगाएं।

- घर पर भगवान हनुमान जी की ऐसी तस्वीर या मूर्ति को कभी भी नहीं रखना चाहिए जिसमें उन्होंने अपनी छाती को चीर रखा हो।

- राक्षसों का संहार करते हुए या फिर हनुमान जी द्वारा लंका दहन की तस्वीरों को घर में नहीं लगाना चाहिए। ऐसी तस्वीरों से जीवन में सुख और समृद्धि की कमी रहती है और हनुमान जी की कृपा नहीं मिल पाती।

घर में रखें ऐसी मूर्ति या तस्वीर, बनी रहेगी सुख और समृद्धि

- हनुमान जी की युवा अवस्था में पीले रंग के वस्त्र पहने हुए चित्र लगाना शुभ होता है।

- घर के स्टडी रूम में या बच्चे के कमरे में हनुमानजी की लंगोट पहने वाली तस्वीर लगाना चाहिए। इससे पढ़ाई में एकाग्रता बनी रहेगी।

- जिस तस्वीर में हनुमान जी भगवान राम की सेवा कर रहें हों उस तस्वीर को घर में लगाना अच्छा माना जाता है। ऐसी तस्वीर लगाने से घर में धन की कभी कमी नहीं होती है।


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छोटे से व्यवसाय से आप भी बन सकते हैं बड़ी कंपनी के मालिक, जरूर करें ये काम


जब भी कभी हम कोई भी नया काम शुरू करते हैं, तो चाहते हैं की हमारा कार्य पूरी तरह सफल हो और काम के बीच में कोई अड़चनें ना आए। उसी प्रकार जब कोई व्यक्ति अपना नया व्यापार शुरू करता है तो वह तरक्की की चाह रखता है। वह चाहता है की उसका व्यापार और व्यापार से आऩे वाला मुनाफा दोगुना होता जाए। व्यापार शुरू करने से पहले पूजा-पाठ, वास्तुशांति कराई जाती है और दुकान या कंपनी का नाम भी सोचा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी व्यापार को शुरू करने से पहले जितना महत्व पूजा-पाठ का होता है। उतना ही महत्व उस कारोबार या दुकान का नाम भी रखता है। जी हां, ज्योतिषाचार्य गुलशन अग्रवाल के अनुसार कारोबार का नाम उसी अक्षर से रखना चाहिए जो उसकी राशि हो और राशि के अनुसार किस व्यक्ति को कौन से अक्षर का चयन करना चाहिए, आइए जानते हैं....

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मेष राशि:
जिन व्यक्तियों की मेश राशि है और वे अपना नया कारोबार प्रारंभ करने जा रहे हैं, तो वे लोग अ,म,ध,ह अक्षरों से शुरू होता हुआ नाम रख सकते हैं, इससे आपका व्यापार अच्छा चलेगा साथ ही आपको तरक्की भी करवाएगा।

वृषभ राशि:
वहीं यदि आपकी राशि वृषभ है तो इस राशि के जातकों को अपने व्यापार का नाम प,ज,व अक्षरों से रखना चाहिए। आपको व्यापार में मुनाफा तो होगा ही साथ ही आप एक से कई व्यापार कर सकते हैं। हो सकता है आप किसी बड़ी कंपनी के मालिक बन जाएं।

मिथुन राशि:
मिथुन राशि के जातकों को अपना व्यापार क,र,स अक्षर से शुरू करना चहिए। इससे उन्हें बहुत लाभ मिलेगा। व्यापार में हमेशा आमदानी बढ़ेगी और नाम भी होगा।

कर्क राशि:
कर्क राशि के जातकों को अपने व्यापार का नाम ह,न,ज,द अक्षर से शुरू करना चाहिए। इस राशि के जातकों की आय में बढ़ोतरी होगी।

सिंह राशि:
इस राशि के जातक अपने व्यापार का नाम म,ध,अ अक्षर पर रख सकते हैं। बहुत फायदेमंद होगा।

कन्या राशि:
इस राशि के जातकों को प,ज,द,व अक्षर में से किसी एक पर व्यापार का नाम रखने से लाभ होता है। आमदानी में बढ़ोतरी होगी और चारों तरफ से सफलता मिलेगी।

तुला राशि:
इस राशि के जातक यदि अपना नया व्यापार शुरू कर रहे हैं तो उन्हें व्यापार का नाम र,स,क अक्षर से शुरू होता हुआ रखना चाहिए, इससे उन्हें शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।

वृश्चिक राशि:
वृश्चिक राशि के जातकों को अपने व्यापार का नाम द,ह,न अक्षर पर रखने से लाभ होता है। व्यापार में तरक्की के साथ धनलाभ भी होगा।

धनु राशि:
धनु राशि के जातकों को अ,म,क अक्षर से शुरू होता हुआ व्यापार का नाम रखना चाहिए। आपको बहुत अधिक फायदा मिलेगा और व्यापार में लाभ होगा।

मकर राशि:
इस राशि के जातक यदि अपना नया व्यापार शुरू कर रहे हैं तो उन्हें व्यापार का नाम प,व,र अक्षर से शुरू होता हुआ रखना चाहिए। व्यापार में हमेशा बढ़ोतरी होगी और अच्छि आमदानी होगी।

कुंभ राशि:
कुंभ राशि के जातकों को र,म,क अक्षर से शुरू होता हुआ व्यापार का नाम रखना चाहिए। आमदानी में बढ़ोतरी होगी और चारों तरफ से सफलता मिलेगी।

मीन राशि:
इस राशि के जातक यदि अपना नया व्यापार शुरू कर रहे हैं तो उन्हें व्यापार का नाम ह,न,प अक्षर से शुरू होता हुआ रखना चाहिए। इससे उन्हें खूब तरक्की मिलेगी।


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नहाते समय पानी में डाल लें ये एक चीज़, मिलेगा जबरदस्त लाभ


हर व्यक्ति चाहता है की समाज में उसकी इज्जत बनी रहे और सब उसका सम्मान करें। हम चाहते हैं कि जहां भी हम जाएं वहां हमारे ही चर्चे हों और सभी लोग हमें इज्जत दें। लेकिन जब परिस्थितियां आपके अनुरूप नहीं होती हैं तब आपका मान सम्मान किसी कारण वश गिरता चला जाता है। ज्योतिषशास्त्र में आपकी हर बात का समाधान है, यदि आपकी भी परिस्थितियां विपरित चल रही है और आपके मान-सम्मान में कभी है और आप चाहते हैं कि लोग आपकी इज्जत करें तो आपको मान सम्मान प्राप्ति के उपाय करना चाहिए। आइए जानते हैं वे उपाय...

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मान-सम्मान पाने के लिए करें ये उपाय

1. सुबह नहाते के पानी में इन 7 चीज़ों में से कोई एक चीज़ गुड़, सोने की कोई वस्तु, हल्दी, शहद, शक्कर, नमक, पीले फूल डाल दें, ऐसा करने से व्यक्ति को मनचाहे सम्मान की प्राप्ति होती है।

2. हर दिन सुबह स्नान करने के बाद तांबे के पात्र में जल भरकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें।

3. दुर्गा सप्तशती के द्वादश अध्याय का नियमित पाठ करें, इस उपाय को नियमित रूप से करने पर व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।

4. प्रतिदिन पक्षियों को दाना खिलाएं, ऐसा करने से भी सम्मान में वृद्धि होती है।

5. रात में सोते समय अपने पलंग के नीचे एक बर्तन में थोड़ा सा पानी रख लें और सुबह इस पानी को घर के बाहर डाल दें। ऐसा करने से भी खूब प्रतिष्ठा और यश की प्राप्ति होती है।

6. समाज में मान सम्मान की प्राप्ति के लिए कबूतरों/चिड़ियों को चावल-बाजरा मिश्रित करके डालें, बाजरा शुक्रवार को खरीदें व शनिवार से डालना शुरू करें।

7. समाज में उचित मान सम्मान प्राप्ति के लिए रात में सोते समय सिरहाने तांबे के बर्तन में जल भरकर उसमें थोड़ा शहद के साथ कोई भी सोने/चांदी का सिक्का या अंगूठी रख लें फिर सुबह उठकर प्रभु का स्मरण करने के बाद सबसे पहले बिना कुल्ला किए उस जल को पी लें। इस उपाय को करने से जल्दी ही आपकी यश, कीर्ति बढ़ने लगेगी।


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घर में कभी भूलकर भी ना करें ये काम, वरना हो जाएंगे बर्बाद


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जीवन के कई नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। वहीं ज्यातिषशास्त्र में लाल किताब भी एक अहम भूमिका रखता है, जिसमें लाल किताब के अपने अलग नियम हैं जिनके अनुसार हर व्यक्ति को अपने जीवन में उसका पालन करना चाहिए। लाल किताब में कुछ कार्यों को करने की मनाही है, यदि फिर भी आप इस कार्यों को करते हैं तो आपका सारा धन बर्बाद हो सकता है और कभी कभी तो ऐसी नौबत भी आ जाती है की व्यक्ति को दवाखाना, पागलखाना या जेलखाना तक पहुंचा देती है। तो अगर आप अपने घर में इस गलतियों को करते हैं तो संभल जाएं। आइए जनते हैं वो आदतें....

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1. लाल किताब के अनुसार जो व्यक्ति अपने घर में मदिरा और तामसिक भोजन का सेवन करते हैं, उस घर में राहु का प्रकोप बढ़ जाता है। तब ऐसे व्यक्ति या तो दवाखाना जाते हैं या फिर जेलखाना जाते हैं। क्योंकि मदिरा या शराब का सेवन करने से शनि खराब हो जाता है। वहीं ता‍मसिक भोजन करने से मंगल खराब होता है।

2. शनि के प्रकोपों से सभी डरते हैं लेकिन क्या आपको पता है लाल किताब के अनुसार ब्याज का धंधा करना करना बहुत बड़ा पाप माना जाता है। जब ब्याज का धंधा करने वाले व्यक्ति को शनि का दंड मिलता है तो वह चारों खाने चीत हो जाता है।

3. स्त्री को घर की लक्ष्मी कहा जाता है। इसलिए लाल किताब के अनुसार जिस घर में स्त्री का अपमान, देवी और देवताओं का अपमान, मंदिर का अपमान और अनैतिक कृत्यों को महत्व दिया जाता है, उनका धन या तो दवाखाने में या जेलखाने अथवा पागलखाने में ही खर्च होता रहता है और अंत में वे बुरी तरह बर्बाद हो जाते हैं।

4. लाल किताब के अनुसार घर में किसी भी जानवर को पालने से पहले किसी ज्योतिषाचार्य को अपनी कुंडली दिखवा लें, वरना आपको इसका भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्योंकि लाल किताब के अनुसार हर व्यक्ति को पशु पालना शुभ नहीं होता है, कुछ लोगों के लिए कुत्ता पालन वर्जित माना गया है और कुछ लोगों के लिए कुत्ता पालना लाभदायक होता है।

5.घर में क्रोध, कलह और रोना-धोना आर्थिक समृद्धि व ऐश्वर्य का नाश कर देता है इसलिए घर में कलह-क्लेश पैदा न होने यदि आप घर के मुखिया है तो आपकी जिम्मेदारी है कि सभी से प्यार करें और उनकी जरूरतों को समझें।

6. घर में शौचालय और बाथरूम अलग अलग होना चाहिए और यह जितने साफ सुधरे रहेंगे उतना ही राहु और शुक्र अच्छी स्थिति में रहेगा। घर में सीढ़ियां वस्तु के अनुसार होना चाहिए और वह भी साफ सुधरी रखें। घर में सीढ़ियों को पूर्व से पश्चिम या उत्तर से दक्षिण की ओर ही बनवाएं।

8. गाय, कुत्ते, तोता, कौवे या अन्य किसी भी प्राणी मारना, दूसरे के बेटे या भतीजे से छल-कपट करना बहुत बुरा होता है। इसका दुष्परिणाम झेलना ही होता है। लाल किताब के अनुसार इससे कुदरती ऋण लगता है। यदि यह आपकी कुंडली में पूर्व से ही स्थापित हो तो इसका उपाय करना चाहिए।


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Rashi parivartan: बुध का राशि परिवर्तन, इन 3 राशि वाले जातकों का बदल रहा भाग्य


ग्रहों का परिवर्तन हर राशि पर प्रभाव डालता है। ज्योतिषशास्त्र में बुध को बुद्धि का कारक ग्रह माना जाता है। कुंडली में बुध की स्थिति भी बहुत महत्वपूर्ण होती है और 3 मई 2019 की शाम बुध ने अपना राशि परिवर्तन कर लिया है। बुध ने मेश राशि में प्रवेश कर लिया और इस राशि में बुध 18 मई तक रहेंगे। अब तक बुध मीन राशि में नीच की स्थिति में गोचर कर रहे थे। ऐसे में बुध का मेष राशि में प्रवेश इस राशि के लिए बहुत ही फायदेमंद रहेगा। अन्य राशियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा आइए जानते हैं...

 

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मेष राशि
आपकी राशि वालों के लिए बुध शुभ फल देने वाला है। इस समय आपका भाग्य आपका पूरा साथ देगा। आपको धन लाभ होगा। घर-परिवार में सुखद वातावरण रहेगा।

वृषभ राशि
इस राशि वाले जातकों के लिए यह समय बहुत अशुभ रहेगा। विपरित परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। अपने कार्यों में सावधानी बरतें, वरना हानि हो सकती है। वाद-विवाद से बचें।

मिथुन राशि
मिथुन राशि के लोगों को इस परिवार्तन से लाभ होगा वहीं आपकी आय में बढ़ोतरी भी होगी। नौकरी में अधिकारियों की मदद से जल्द ही कोई बड़ी उपलब्धि हासिल होगी।

कर्क राशि
इन लोगों को पिता की ओर से मदद मिलेगी साथ ही पूरा आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। पिता के साथ सुखद समय व्यतीत करेंगे। नौकरी करने वाले लोगों के लिए काम की अधिकता रहेगी।

सिंह राशि
सिंह राशि वाले जातकों के लिए समय अनुकूल रहेगा। बुध का राशि परिवर्तन आपके लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होगा, वहीं आपके भाग्य में वृद्धि होगी। संतान सुख मिलेगा और घर में शांति बनी रहेगी। आपके मन में हमेशा प्रसन्नता बनी रहेगी।

कन्या राशि
कन्या राशि वाले जातकों के लिए यह समय बहुत ही अशुभ रहेगा। इन लोगों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बनेंगे और धन संबंधी कार्यों में आपको हानि हो सकती है। धैर्य से काम करें, क्रोध से बचें।

तुला राशि
आपकी राशि के जातकों के लिए यह समय बहुत ही लाभदायक रहेगा और इस राशि के लोगों के लिए बुध धन लाभ करवाएगा। साथ ही आपको प्रेम में सफलता मिलेगी और अविवाहित लोगों को विवाह के प्रस्ताव प्राप्त होंगे।

वृश्चिक राशि
यह समय बहुत ही संबेदनशील है, आपको कोई बड़ी हानि हो सकती है। वृश्चिक राशि के लोगों को सावधान होकर काम करना होगा। बुध की वजह से आपको कोई अनहोनी हो सकती है।

धनु राशि
यह समय आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण रहेगा। इस दौरान आपके भाग्योदय का समय है। कम मेहनत में भी कोई बड़ी उपलब्धि मिल सकती है। धन-संपत्ति में बढ़ोतरी होगी। सुख बना रहेगा।

मकर राशि
इस राशि वाले जातकों को इस दौरान अशुभ फल मिलेंगे। वहीं आपकी मानसिकता में बदलाव होगा। तनाव बढ़े सकता है और कार्य की अधिकता होगी और बाधाओं का सामना करना पड़ेगा।

कुंभ राशि
इस राशि के लोगों के पराक्रम में वृद्धि होगी यानी कार्यों का अच्छा प्रदर्शन रहेगा। भाई की मदद से धन लाभ मिलेगा। परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।

मीन राशि
मीन राशि के लोगों के संचित धन में वृद्धि के योग हैं। शुभ बुध की वजह से सभी कामों में सफलता के साथ मान-सम्मान मिलेगा।


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लड़ाई-झगड़ों का कारण बनेंगे मंगल-राहू, आने वाले 45 दिन रहेंगे बहुत खतरनाक


मंगल का 7 मई 2019 को मिथुन राशि में गोचर होगा। इस राशि में राहु पहले से ही विराजमान है। मिथुन राशि में मंगल और राहू का एक होना अंगारक योग बनाएगा। जिन लोगों की जन्मकुंडली में मंगल अशुभ स्थिति में हैं, जिन्हें मंगल दोष है या जिन्हें अशुभ मंगल की महादशा चल रही है, वे जातक इस योग के कारण बहुत परेशान रहेंगे। मानसिक रूप से इनकी स्थिति गड़बड़ रहेगी। ये कोई भी फैसला नहीं कर पाएंगे। अंगारक योग का असर सभी राशियों पर उनके भाव के अनुसार पड़ेगा। कुंडली के 12 भावों में इस योग के प्रभाव भी अलग-अलग हो सकते हैं। बड़े पैमाने पर देखा जाए तो अनेक देशों में युद्ध जैसे हालात भी बन सकते हैं। यह योग 22 जून तक चलेगा।

angarak yog

मंगल और राहु की युति से होंगे नुकसान

मंगल और राहु की युति से नुकसान होने के साथ ही झगड़ा, दुर्घटना, तनाव और कई तरह की परेशानियां होती हैं। ज्योतिष में मंगल को क्रोध, वाद-विवाद, लड़ाई-झगड़ा, हथियार, दुर्घटना, अग्नि, विद्युत आदि का तो राहु को आकस्मिक घटनाएं, शत्रु, षडयंत्र, नकारात्मक ऊर्जा, तामसी प्रवृत्ति, बुरे विचार, छल-कपट, और बुरी आदतों का कारक ग्रह माना गया है। यही कारण है कि ज्योतिष में मंगल और राहु के योग को अधिक नकारात्मक और दुष्परिणाम देने वाला योग माना गया है।

मंगल और राहु बनाते हैं अंगारक योग

कुंडली के जिस भाव में यह योग बन रहा है, उस भाव को ये पीड़ित कर देते हैं। इससे व्यक्ति के जीवन में लड़ाई-झगड़े की स्थिति बनी रहती है। अंगारक योग के कारण व्यक्ति का स्वभाव आक्रामक, हिंसक तथा नकारात्मक हो जाता है। इस समय अपने रिश्तेदारों, मित्रों व अन्य भाइयों के साथ आपके संबंध खराब हो जाते हैं। धन संबंधित परेशानियां भी बनी रहती है।

 


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अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए जरुर करें ये एक काम


मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए लोग बहुत से उपाय करते हैं। वैसे तो शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित होता है और इस दिन लोग व्रत, उपवास पूजा पाठ भी करते हैं। लेकिन इसके अलावा भी साभर में कई ऐसे विशेष दिन आते हैं जिनमें माता लक्ष्मी को प्रसन्न किया जा सकता है और उनसे मनचाहा वरदान मांगा जा सकता है। सालभर में आने वाले उन्हीं विशेष दिनों में से एक अक्षय तृतीया का दिन है। अक्षय तृतीया के दिन लोग सोना खरीदते हैं और अक्षय पुण्य की प्राप्ति के लिए कई उपाय करते हैं। वहीं जो लोग धन-वैभव, सुख-समृद्धि आदि की कमी के कारण धनाभाव में जी रहे हैं और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने का उपाय ढ़ूढ़ रहे हैं तो इस दिन श्री महालक्ष्मी अष्टकम् स्तोत्र का पाठ जरुर करें, आपको लाभ जरुर होगा। क्योंकि देवी मां महालक्ष्मी को श्री महालक्ष्मी अष्टकम् स्तोत्र पाठ बहुत प्रिय है।

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श्री महालक्ष्मी अष्टकम् स्तोत्र पाठ

श्री गणेशाय नमः

नमस्तेस्तु महामाये श्री पीठे सुर पूजिते!
शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तुते!!
नमस्तेतु गरुदारुढै कोलासुर भयंकरी!
सर्वपाप हरे देवी महालक्ष्मी नमोस्तुते!!

सर्वज्ञे सर्व वरदे सर्व दुष्ट भयंकरी!
सर्वदुख हरे देवी महालक्ष्मी नमोस्तुते!!

सिद्धि बुद्धि प्रदे देवी भक्ति मुक्ति प्रदायनी!
मंत्र मुर्ते सदा देवी महालक्ष्मी नमोस्तुते!!
आध्यंतरहीते देवी आद्य शक्ति महेश्वरी!
योगजे योग सम्भुते महालक्ष्मी नमोस्तुते!!

स्थूल सुक्ष्मे महारोद्रे महाशक्ति महोदरे!
महापाप हरे देवी महालक्ष्मी नमोस्तुते!!

पद्मासन स्थिते देवी परब्रह्म स्वरूपिणी!
परमेशी जगत माता महालक्ष्मी नमोस्तुते!!
श्वेताम्भर धरे देवी नानालन्कार भुषिते!
जगत स्थिते जगंमाते महालक्ष्मी नमोस्तुते!!

महालक्ष्मी अष्टक स्तोत्रं य: पठेत भक्तिमान्नर:!
सर्वसिद्धि मवाप्नोती राज्यम् प्राप्नोति सर्वदा!!

एक कालम पठेनित्यम महापापविनाशनम!
द्विकालम य: पठेनित्यम धनधान्यम समन्वित:!!
त्रिकालम य: पठेनित्यम महाशत्रुविनाषम!
महालक्ष्मी भवेनित्यम प्रसंनाम वरदाम शुभाम!!

।।इतिंद्रकृत श्रीमहालक्ष्म्यष्टकस्तव: संपूर्ण:।।


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शनि हो गए हैं वक्री, 18 सितंबर 2019 तक इन राशि वाले जातकों को रहना होगा सावधान


ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनिदेव को न्यायाधीश कहा जाता है। शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। शनिदेव धनु राशि में वक्री हो गए हैं। इस राशि में शनि वक्री होकर 18 सितंबर 2019 तक रहेंगे। इसके बाद धनु राशि में फिर से मार्गी होंगे। शनि का वक्री और मार्गी होना दोनों ही असर डालता है। सभी 12 राशियों पर वक्री शनि का प्रभाव बहुत असरकारी होगा। आइए जानते हैं शनि की इस चाल से किस राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा...

 

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मेष राशि
इस राशि के जातकों के लिए शनि की वक्री चाल लाभदायक रहेगी। शनि आपके भाग्य स्थान में वक्री हो रहे हैं। जब तक शनि धनु राशि में वक्री हैं तब तक आपको हर क्षेत्र में इसका लाभ मिलेगा। जॉब में लाभ के साथ ही संतान सुख की प्राप्ति होगी। इस दौरान आपको हर कार्य में सफलता प्राप्त होगी।

वृषभ राशि
इस राशि के जातकों के लिए वक्री शनि शुभ रहेगा। इस दौरान शनि आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचाएगा। किसी से भी बहस करने से बचें, वरना बने बनाएं काम बिगड़ सकते हैं। नौकरीपेशा वालों के लिए साल के आखिरी में समय शुभ रहने वाला है। जीवनसाथी के साथ संबंधों में खटास आ सकती है।

मिथुन राशि
इस राशि के जातकों के लिए वक्री शनि शुभ नहीं रहेगी। इस दौरान आपका कार्य बहुत अधिक प्रभावित होगा। आर्थिक स्थिति में बहुत सी दिक्कतें आ सकती है। इस समय को धैर्य से गुजारें। हर काम में जल्दबाज़ी ना करें। बीते कई समय से चली आ रही बड़ी समस्याएं थोड़ा ओर झेलनी पड़ सकती है।

कर्क राशि
इस राशि के जातकों के लिए वक्री शनि अच्छा नहीं है। हो सके तो नए काम टालने का प्रयास करें, क्योंकि काम अटक-अटक कर पूरे होंगे। इस पूरे समय शनि आपकी परीक्षा लेगा। परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के साथ विवाद होने के योग हैं।

सिंह राशि
शनि की वक्री चाल के कारण इस राशि के जातकों का पारिवारिक जीवन बहुत प्रभावित होगा। लाभ के अवसर कम मिलेंगे और जमा पूंजी खर्च होगी। मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में इजाफा बढ़ोतरी होगी।

कन्या राशि
शनि की वक्री चाल के कारण इस राशि के लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित होगा। इस दौरान आपको सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। यह समय आपके स्थान परिवर्तन के भी योग बना रहा है। इस समयावधि में नई योजनाएं बनेंगी और फलीभूत होंगी।

तुला राशि
शनि की वक्री गति से तुला राशि के जातकों के काम बहुत चुनौतियों के बाद बनेंगे। इस दौरान आपको अपने गुस्से पर संयम रखना होगा। क्योंकि आपको बात-बात पर गुस्सा आ सकता है। धन के मामले में बेहद ध्यान रखने की जरूरत है।

वृश्चिक राशि
शनि की वक्री गति के कारण आपको बहुत सतर्क रहना होगा। इस दौरान आपको अपनी मां के स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा। आपको मिलने वाले लाभ में अटकलें आ सकती है। पैतृक संपत्ति में हिस्सा मिलने से जीवन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

धनु राशि
शनि की वक्री गति की अवधि में आपको काफी सावधानी बरतने की जरुरत है। इस समय लाइफ पार्टनर के साथ बहस बाज़ी हो सकती है। घरेलू मसलों में आपका ध्यान नहीं लगेगा। कार्यस्थल पर भी माहौल उत्साहजनक नहीं रहेगा।

मकर राशि
इस राशि वालों के लिए वक्री शनि सामान्य रहेगी। इस दौरान आप दुर्व्यसनों में फंस सकते हैं। बच्चों और घर के लोगों को लेकर चिंता बनी रहेगी। नौकरी या बिजनेस में भी बदलाव हो सकता है जिससे आपकी तकलीफ और बढ़ सकती है।

कुंभ राशि
शनि का वक्री होना कुंभ राशि वालों के लिए थोड़ी परेशानी भारा हो सकती है। जल्दबाज़ी में धन कमाने के लालच से बचें। पार्टनर के साथ अनबन हो सकती है। ऑफिस के काम में मन नहीं लगेगा।

मीन राशि
शनि का वक्री होना इस राशि के जातकों के लिए लाभदायक नहीं रहेगी। इस दौरान आपको हर काम के लिए बहुत इंतजार करना होगा। दुर्घटनाओं से बचें, वाहन संभालकर चलाएं। दांपत्य जीवन में पार्टनर के साथ बहस हो सकती है। चुप रहने का प्रयास करें और ज्यादा खर्चा ना करें।

 


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इस विशेष दिन हुए थे भगवान विष्णु के 3 अवतार, जानें क्या है इसका महत्‍व


अक्षय तृतीया का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन सोना खरीदने व खरीदारी करना का दिन माना जाता है। वहीं पुराणों के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु के 3 अवतार हुए थे। वैशाख शुक्ल की तृतीया तिथि के दिन परशुराम जयंती भी मनाई जाती है और इसे पौराणिक दृष्टि से मंगलकारी भी माना जाता है। अक्षय तृतीया का दिन बहुत से मायनों में शुभ होता है। दान-पुण्य करने वाले व्यक्ति को इस दिन क्षय पुण्य यानी कभी खत्म ना होने वाले पुण्य की प्राप्ति होती है। तो आइए अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु के अवतारों के बारे में जानते हैं...

 

bhagwan vishnu avtar

नर-नारायण अवतार

भगवान विष्‍णु ने 24 अवतार लिए हैं, इन्हीं 24 अवतारों में से चौथा अवतार नर-नारायण का है। पुराणों के अनुसार नर-नारायण की उत्पत्ति धर्म की पत्नी मूर्ति के गर्भ से हुई थी। भगवान विष्णु ने यह जन्म धर्म की स्‍थापना के लिए था। कहा जाता है, बदरीनाथ दो पहाड़ियों के बीच स्थित है। एक पर भगवान नारायण ने तपस्या की थी जबकि दूसरे पर नर ने। नारायण ने द्वापर युग में श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया, वहीं नर नें अर्जुन के रुप में अवतार लिया था। नारायण का तप भंग करने के लिए इंद्र ने अपनी सबसे सुंदर अप्सरा रंभा को भेजा था।

हयग्रीव अवतार

भगवान विष्णु का 16वां अवतार है हयग्रीव अवतार। भगवान विष्णु ने यह अवतार धर्म की रक्षा के लिए लिया था। पुराणों के अनुसार एक दिन मधु-कैटभ नाम के दैत्‍य ब्रह्माजी से उनके वेदों को चुराकर रसातल में ले गए थे। बहुत कोशिशों के बाद भी ब्रह्मा जी को वेद नहीं मिले तब ब्रह्माजी परेशान होकर भगवान विष्‍णु की शरण में गए। यही कारण था की भगवान विष्णु ने धर्म की रक्षा के लिए हयग्रीव का अवतार लिया। उसके बाद उन्होंने दैत्‍यों का वध करके ब्रह्माजी को उनके वेद सकुशल लौटा दिए।

परशुरामजी अवतार

भगवान विष्‍णु 18वें अवतार बहुत ही प्रमुख अवतार माने जाते हैं। पुराणों में उनकी उ‍त्‍पत्ति को लेकर यह कथा मिलती है। प्राचीनकाल में महिष्‍मती नगरी में सहस्‍त्रबाहु नामक क्षत्रिय शासक का राज था। उसे अपनी शक्तियों पर बहुत घमंड था। एक बार अग्निदेव ने उससे भोजन कराने का आग्रह किया। तब सहस्‍त्रबाहु ने घमंड चूर होकर कहा आप कहीं से भी भोजन प्राप्‍त कर सकते हैं, चारों ओर मेरा ही राज है। अग्निदेव ने जंगलों को जलाना शुरू कर दिया। जंगल में एक कुटिया में ऋषि आपव तपस्‍या कर रहे थे। अग्नि ने उनके आश्रम को भी जला डाला। जब उन्‍होंने सहस्‍त्रबाहु को शाप दिया कि उसका सर्वनाश होगा। भगवान विष्‍णु ने महर्षि जमदग्नि के पांचवें पुत्र के रूप में जन्‍म लिया और यह परशुराम कहलाए। परशुराम ने समस्‍य क्षत्रिय कुल का नाश कर दिया।


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शनि अमावस्या के दिन करें ये विशेष उपाय, शनि दोषों और धन संबंधी समस्याओं का होगा अंत


शनि अमावस्या पर शनि दोषों से मुक्ति पाने के लिए कई उपाय किए जाते हैं। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि अमावस्या बहुत अच्छा माना जाता है। कहा जाता है इस दिन न्याय के देवता शनि की विशेष कृपा प्राप्त होती है और वे आपके दुखों को खत्म भी करते हैं। इस बार शनि अमावस्या 4 मई, शनिवार के दिन पड़ रही है। इस मौके पर देशभर के प्रमुख शनि मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए भीड़ देखी जाती है। अमावस्या के दिन दान, स्नान और पुण्य का महत्व माना जाता है। वहीं शनि अमावस्या के दिन स्नान, पूजा पाठ कर शनि संबंधी दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। व्यक्ति को शनि दोषों, साढ़ेसाती या ढैय्या के कारण आ रही सभी क्षेत्रों की समस्या दूर होती है। तो आइए जानते हैं शनि अमावस्या के उपाय....

shani amavasya 2019

1. शनि अमावस्या के दिन शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल के कम से कम नौ दीपक जलाएं। इसके बाद पीपल के पेड़ के उतने ही अनुपात में परिक्रमा करें और शनिदेव से नौकरी के लिए प्रार्थना करें। यह उपाय सच्चे मन से करने पर जातक को अच्छी नौकरी मिलने के योग बनेंगे।

2. शनि अमावस्या के दिन सुबह स्नान करने के बाद शनि मंदिर जाएं और वहां जाकर शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करें। मंदिर से बाहर आकर काले तिल और काले वस्त्रों का दान करें।

3. शनि अमावस्या के दिन शाम के समय काले कपड़े में सिक्के रखकर दान करने से आपकी धन संबंधी समस्या का अंत होता है और आय के स्त्रोतों में बढ़ेतरी होती है।

3. शनि अमावस्या के दिन शाम को मंदिर जाकर शनिदेव को काल तिल अर्पित करें और मंदिर में बैठकर ही "ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः" का जाप करें। इस उपाय को करने से आपके व्यापार में वृद्धि होगी और आपको लाभ होगा।

4. परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए शनि अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और घर लौट आएं। इस दिन चींटियों को आटा खिलाने से भी बहुत फायदा मिलता है।

5. शनि अमावस्या के दिन एक बरतन में सरसों का तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखकर इस तेल को गरीबों को दान कर दें। नजदीक के शनि मंदिर में जाकर लोहे का छल्ला लें और अपने बाएं हाथ की मध्यमा उंगली में शनि मंत्र का जाप करते हुए पहन लें। इस उपाय को करने से आपके जीवन में हो रही दुर्घटनाओं से आपको मुक्ति मिलेगी।

6. शनिदेव की साढ़ेसाती और ढैया वाले शनि अमावस्या के दिन शनिदेव की विधिवत पूजा अर्चना करें। शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और घर आकर कम से कम 11 माला "ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः" का जाप करें। ऐसे लोगों के लिए सलाह है कि वो शनिवार को नियमित तौर पर शनिदेव का जाप करें जिससे साढ़ेसाती और ढैया का प्रभाव कम होता है।


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अगर सपने में दिखे जलता दिया तो समझ जाएं मिल गई आपको लक्ष्मी की कृपा, जल्द होगा धनलाभ


सपने हर व्यक्ति को आते हैं, लेकिन इन सपनों को कोई नजरअंदाज कर देता है तो कोई इसके पीछे का संकेत जानने की कोशिश करता है। क्योंकि स्वप्नशास्त्र के अनुसार व्यक्ति को आने वाले सपने कुछ ना कुछ इशारा जरुर करते हैं। ये इशारे या तो बहुत अच्छे होते हैं या फिर बहुत बुरे। लेकिन यह किसी भी व्यक्ति के जीवन में होने वाले घटनाक्रम का पूर्वाभास करवा देता है। सपने कहीं न कहीं बदलने वाले वक्‍त, आने वाली परेशानियों या फिर सुख-समृद्धि का संकेत देते हैं। ऐसे ही कुछ सपने हैं जो की व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और शुभता का संकेत देते हैं। तो आइए जानते हैं उन सपनों के बारे में....

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सपने में जलता हुआ दिखे घर
यदि आपको सपने में अपना घर जलता हूआ दिखाई देता है तो यह आपके लिए शुभ होता है। यह सपना आपको संकेत देता है की आपको सर्वगुण संपन्न संतान प्राप्त होने वाली है। यदि आप कुंवारे हैं और आपको इस तरह का सपना दिखाई देता है तो इसका मतलब आपको जल्द ही मनचाहा जीवनसाथी मिलने वाला है।

स्वयं को आग में जलता हुआ देखना
यदि आप खुद को आग में जलता हुआ देखना चाहते हैं तो यह इस बात का संकेत होता है की आपका आने वाला समय शानदार होने वाला है। इसी के साथ आप विदेश यात्रा पर सकते हैं।

सपने में जलता हुआ दिया देखना
यदि आपको सपने में जलता हुआ दिया दिखाई दे रहा है तो यह आपके लिए बहुत ही शुभ है। कहा जाता है की सपने में जलता हुआ दिया देखने का मतलब आपकी बढ़ती उम्र और आपकी किस्मत के चमकाने का संकेत होता है। इस सपने का अर्थ आपके उपर मां लक्ष्‍मी की कृपा और सुख-समृद्धि हमेशा बनी रहने वाली है।

सपने में धुआं देखने का मतलब
यदि आपको सपने में धुंआ दिखाई देता है तो वह आपके दुश्‍मनों की संख्‍या में इजाफा होने का संकेत देता है। इस सपने का मतलब आपको व्यापान में हानि उठाने की ओर इशारा भी करता है। अतः यह संकेत अशुभ माना जाता है।

सपने में खुद को पुजा करते हुए देखना
यदि आप सपने में खुद को पूजा करते हुए देखते हैं तो यह आपके लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इस सपने का अर्थ होता है की जल्द ही आपकी सभी परेशानिया दूर होने वाली है और आप पर ईश्‍वर की कृपा होने वाली है। आपको अपने जीवन में सुख और शांति मिलने वाली है।

यदि आप सपने में किसी को आग में जलता देखते हैं तो
यदि आप आग में किसी को जलता हुआ देखते हैं, तो इसका मतलब समझ जाएं की आपको व्यापार में नुकसान होने वाला है। वहीं अगर आप किसी वस्‍तु को आग में जलता हुआ देखते हैं तो आपको रोग होने की संभावनाएं होती है।


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