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बर्फबारी के बीच बडगाम में मुठभेड़; सुरक्षाबलों ने 2 आतंकी मार गिराए


श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें जवानों ने दो आतंकियों को मार गिराया। मुठभेड़ के वक्त इलाके में भारी बर्फबारी हो रही थी। इसके बावजूद सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेर कर ढेर कर दिया।यहां अभी कुछ और आतंकियों छिपे हो सकते। उनकी तलाश जारी है।


पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह बडगाम के चरार-ए-शरीफ इलाके के हपतनार जंगलों में आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान आतंकियों ने जवानों पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी ढेर हो गए।


2018 में 257 आतंकी मारे गए
पिछले 4 सालों में सुरक्षाबलों ने 2018 में सबसे ज्यादा 257 आतंकी मार गिराए। सुरक्षाबलों ने 2017 में 213, 2016 में 150 और 2015 में 108 आतंकी मारे थे। 2018 में सेना ने 142 आतंकियों को 31 अगस्त तक ही मार गिराया था। अगस्त-2018 में सबसे ज्यादा 25 आतंकी मारे गए थे।



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Gunfight breaks out in Badgam J&K, militant killed 

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50 साल की महिला से शादी के लिए 80 साल तक के 6 लोग कतार में, इंटरव्यू भी दिया


सूरत (गुजरात). सूरत के वराछा में रविवार को वरिष्ठ नागरिक परिचय सम्मेलन में 50 साल की महिला भावना लाठेवाला को अपना जीवन साथी बनाने के लिए छह लोग कतार में खड़े रहे। इनमें 50 से लेकर 80 साल तक के लोग थे। मंच से भावना लाठेवाला की ओर इशाराकर जैसे ही कहा कि इनसे कौन शादी करना चाहता है तो छह लोगों ने हाथ उठा दिए। इसके बादभावना ने सबका इंटरव्यू लिया। आखिर में जीवन बंधन में बंधने के लिए ननजी जादव को चुना।

यह सम्मेलन अहमदाबाद की संस्था अनुबंध फाउंडेशन ने वराछा स्थित उमियाधाम के विश्वास भवन में किया। इसमें 45से लेकर 82 साल तक उम्र के 235 वरिष्ठ नागरिकोंने हिस्सालिया।

15 हजार से 95 हजार रुपए महीने इनकम वाले साथी की तलाश

  • सम्मेलनमें डॉक्टर, इंजीनियर, उद्योगपति और नौकरी पेशा से जुड़े लोग शामिल हुए। इनमें 180 पुरुष और 85 महिलाएं शामिलथीं।
  • यहां लोगों ने बताया कि वे ऐसे जीवन साथी की खोज में हैं, जिनकी इनकम 15 हजार से 95 हजार रुपए महीनेहै।
  • सूरत में ऐसा सम्मेलन पहली बार हुआ।कार्यक्रम स्थल पर सुबह 10 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक लोगों की भीड़ रही।

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शादी करने की शर्तें

  • कितने पुरुष या महिलाएं आपसे मिलने आती हैं?
  • संतानों की क्या स्थिति है, और वह कितने जिम्मेदार हैं?
  • स्वास्थ्य कैसा है?
  • दोनों के संतानें नए रिश्ते को मजूरी दे रहे हैं या नहीं?
  • शादी के बाद दोनों में से एक पात्र नहीं रहा तो क्या करेंगे?


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कुर्सी पर बैठीं भावना लाठेवाला ने इंटरव्यू लेने के बाद ननजी जादव को जीवनसाथी चुना।
परिचय सम्मेलन में 35 से लेकर 82 साल तक उम्र के 235 वरिष्ठ नागरिकों ने हिस्सा लिया।
 कार्यक्रम स्थल पर सुबह 10 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक लोगों की भीड़ रही।

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2018 में देश के अरबपतियों की संपत्ति हर दिन 2200 करोड़ रुपए बढ़ी


दावोस. देश के अरबपतियों की संपत्ति में पिछले साल हर दिन 2200 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। टॉप 1% में शामिल अमीरों की संपत्ति में 39% बढ़ोतरी हुई। जबकि, कम से कम दौलत वाली देश की 50% आबादी की संपत्ति सिर्फ 3% बढ़ी। सोमवार को ऑक्सफैम ने यह रिपोर्ट जारी की।

रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के अरबपतियों की संपत्ति में पिछले साल 12% (2.5 अरब डॉलर प्रतिदिन) का इजाफा हुआ। जबकि, गरीबों में शामिल दुनिया की आधी आबादी की दौलत 11% और घट गई।

  1. ऑक्सफैम की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल देश के अरबपतियों की लिस्ट में 18 नए नाम जुड़े। इनकी संख्या 119 हो गई। इनकी कुल संपत्ति का आंकड़ा पहली बार 28 लाख करोड़ रुपए (440.1 अरब डॉलर) तक पहुंच गया।

  2. देश के सबसे बड़े अमीर मुकेश अंबानी की दौलत 2.8 लाख करोड़ रुपए है। यह केंद्र और राज्य सरकारों के मेडिकल, जन स्वास्थ्य, और पानी आपूर्ति के राजस्व और खर्चों (2.08 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा है।

  3. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के 13.6 करोड़ लोग जो कि सबसे गरीब 10% आबादी में शामिल हैं, वो साल 2004 से लगातार कर्ज में फंसे हुए हैं।ऑक्सफैम का कहना है कि गरीबों और अमीरों के बीच बढ़ता फर्क, गरीबी मिटाने के प्रयासों को खोखला कर रहा है। यह अंतर अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहा है और दुनियाभर के लोगों में इससे गुस्सा बढ़ रहा है।

  4. इस साल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शामिल होने वाले राजनीतिज्ञ और कारोबारियों से ऑक्सफैम का कहना है कि अमीर-गरीब के बीच बढ़ते अंतर से निपटने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है। दावोस में मंगलवार से वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की शुरुआत होगी।

  5. ऑक्सफैम के इंटरनेशनल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर विन्नी ब्यानयिमा का कहना है कि यह नैतिक रूप से अपमानजनक स्थिति है कि कुछ अमीर भारतीयों की संपत्ति लगातार बढ़ रही है जबकि गरीब खाने और बच्चों की दवा के पैसों के लिए भी संघर्ष कर रहे है। इससे देश की सामाजिक-लोकतांत्रिक व्यवस्था को बड़ा नुकसान हो सकता है।



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      billionaires in India: OXFAM report says 1pc Indians got rich by 39 pc in 2018, bottom half rises by 3 pc

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ये है देश की सबसे साफ नदी, जहां बोट शीशे पर तैरती दिखती है


नेशनल डेस्क। शिलांग (वेरेटे लुकस पोहती). मेघालय की उमनगोत नदी को देश की सबसे साफ नदी का रुतबा हासिल है। पानी इतना साफ है कि नावें कांच पर तैरती सी नजर आती हैं। यह शिलांग से 85 किमी दूर भारत-बांग्लादेश सीमा के पास पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के दावकी कस्बे के बीच से बहती है। लोग इसे पहाड़ियों में छिपा स्वर्ग भी कहते हैं। इस सफाई की वजह यहां रहने वाले खासी आदिवासी समुदायों की पुरखों से चली आ रही परंपराएं हैं। सफाई इनके संस्कारों में है, बुजुर्ग जिसकी निगरानी करते हैं।

हर दिन नदी की सफाई करते हैं लोग
उमनगोत तीन गांवों में से बहती है- दावकी, दारंग और शेंनान्गडेंग। इन्हीं गांवों के लोगों के जिम्मे इसकी सफाई है। मौसम और पर्यटकों की संख्या के हिसाब से महीने में एक, दो या चार दिन कम्युनिटी डे के होते हैं। इस दिन गांव के हर घर से कम से कम एक व्यक्ति नदी की सफाई के लिए आता है।गांव में करीब 300 घर हैं और सभी मिलकर सफाई करते हैं। गंदगी फैलाने पर 5000 रु. तक जुर्माना वसूला जाता है।नवंबर से अप्रैल तक सबसे अधिक पर्यटक आते हैं। मानसून में बोटिंग बंद रहती है। उमनगोत के पास के गांव मावलिननॉन्ग को एशिया के सबसे साफ गांव का दर्जा हासिल है।



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country's cleanest river Ummagot Umngot river Indias cleanest river at Meghalaya

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कश्मीर-हिमाचल में बर्फबारी और नीमच में ओले गिरे; जैसलमेर में बूंदाबांदी


भोपाल. सोमवार को मौसम ने अचानक करवट बदली है। कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में जहां जमकर बर्फबारी हुई। बर्फबारी के कारण जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग बंद हो गया, वहीं हिमाचल प्रदेश के कई स्थानों का तापमान शून्य से भी नीचे पहुंच गया। इधर, मध्यप्रदेश के नीमच जिले के आधा दर्जन गांवों में बारिश के साथ 10 मिनट तक ओले गिरे। राजस्थान के जैसलमेर में भी बूंदाबांदी हुई। यहां के रामगढ़ क्षेत्र में भी ओले गिरे। पिछले एक सप्ताह से मौसम का मिजाज कुछ गर्म हो गया था, लेकिन इस बदलाव से ठंड एक बार फिर जल्द लौट सकती है।


जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग बंद
जम्मू-कश्मीर के बनिहाल में सोमवार को ताजा बर्फबारी के बाद जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग बंद कर दिया गया। परिवहन विभाग ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे जम्मू और श्रीनगर में यातायात हेल्पलाइन से स्थिति की जानकारी लिए बिना यात्रा न करें। मौसम विभाग का अनुमान है कि कश्मीर घाटी में मंगलवार तक सामान्य से लेकर भारी बर्फबारी और जम्मू संभाग में बारिश हो सकती है।


हिमाचल में ताजा बर्फबारी, बारिश के आसार
हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में रविवार रात जोरदार बर्फबारी हुई है। जिससे इन स्थानों पर तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने बुधवार तक राज्य में भारी बर्फबारी और बारिश का पूर्वानुमान जताया है। रविवार रात से कल्पा में 1.2 सेंटीमीटर और लाहौल-स्पीति जिले के मुख्यालय केलोंग में आठ सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई।

कल्पा और केलोंग में पारा शून्य से नीचे
राजधानी शिमला में बादल छाए हुए हैं और यहां सोमवार सुबह न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। केलोंग में न्यूनतम तापमान माइनस 3.2 डिग्री, कल्पा में माइनस 1.2 डिग्री, मनाली में 1.6 डिग्री, डलहौजी में 2.2, कुफरी में 3.1 और धर्मशाला में 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू, शिमला और चंबा जिलों की ऊंची पहाड़ियों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो रही है। आने वाले दो दिनों तक पूरे प्रदेश में मध्यम से भारी बर्फबारी हो सकती है। लोगों को ऊंची पहाड़ियों पर नहीं जाने की सलाह दी गई है।

नीमच में बारिश के साथ गिरे ओले
सोमवार सुबह करीब 7 बजे के करीब नीमच जिले में मनासा के मोया, रायसिंहपुरा, भदवा सहित आधा दर्जन गांवों में बारिश हुई। बारिश के साथ ही यहां करीब 10 मिनट तक ओले गिरे। कुछ समय से मौसम में ठंड का असर कम होने लगा था। सुबह बारिश और ओले की वजह से ठंड बढ़ गई। लोगों ने बताया कि रविवार को मौसम पूरी तरह से साफ था और ठंड भी कम थी। सोमवार सुबह सोकर उठे तो बारिश हो रही थाी। कुछ ही देर में चने के आकार के ओले गिरने शुरू हो गए। बेमौसम हुई इस बरसात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि खेतों में इस वक्त फसल खड़ी है और ओलों से नुकसान की आशंका है।

किसानों की चिंता बढ़ी
मौसम में अचानक आए बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ के चलते हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बनने के कारण पूरे प्रदेश में तापमान में बढ़ोतरी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने से हल्की बारिश की संभावना है, जिसका असर सोमवार सुबह नीमच के मनासा में दिखाई दिया। ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसल पर असर पड़ सकता है। इस समय फसलों में फूल आ गए हैं, जो ओलों के कारण झड़ सकते हैं।


11 से 13 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ का असर मध्यप्रदेश के तापमान पर दिखाई देने लगा है। मौसम विशेषज्ञ जीडी मिश्रा ने बताया कि 21 जनवरी के बाद मौसम बदलेगा। ऐसे में क्षेत्र में बादल छाए रहेंगे। क्षेत्र में हल्की बारिश की भी संभावना है। इसके बाद फिर से घना कोहरा छाने से सर्दी बढ़ेगी। आने वाले दिनों में 11 से 13 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। शुरू में उत्तर पूर्व की दिशा से हवाएं चलेंगी। इसके बाद पूर्व दिशा से हवाएं चलेंगी। फिर इन हवाओं की गति में बदलाव होगा। कुछ दिन पहले भी उत्तर दिशा से हवाओं के चलने से तेज सर्दी पड़ने लगी थी।

इसलिए पड़ेगी कड़ाके की ठंड
कश्मीर पहुंचने वाला सिस्टम सीजन का सबसे स्ट्रांग सिस्टम होगा। इस वजह से उत्तरी इलाकों में भारी बर्फबारी होगी। हवा का एक चक्रवात देश के पश्चिमी हिस्से अफगानिस्तान, पाकिस्तान से होता हुआ कश्मीर पहुंचता है। इसके कारण वहां मौसम बदलता है।

जैसलमेर में बूंदाबांदी के बीच हुआ सूर्योदय
चक्रवाती हवाओं के कारण मारवाड़ का मौसम सोमवार सुबह पूरी तरह से बदल गया। तन को भेदती तेज सर्द हवा के कारण मौसम में ठंडक घुल गई। जोधपुर के आसमान में बादल छाए हुए है। वहीं, सीमावर्ती जैसलमेर में सुबह हल्की बारिश के बीच सूर्योदय हुआ। बारिश के कारण यहां सर्दी बढ़ गई। जैसलमेर के रामगढ़ में बारिश के साथ ओले भी गिरे।

पाकिस्तान में चक्रवाती हवा का क्षेत्र
मौसम विभाग का कहना है कि एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी अफगानिस्तान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है। इस कारण पश्चिमी राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान में चक्रवाती हवा का क्षेत्र बना हुआ है। यह क्षेत्र अब पूर्वी दिशा की तरफ बढ़ रहा है। इस कारण पूरे मारवाड़ में कल देर रात से मौसम बदलना शुरू हो गया। तेज हवा के कारण एक बार फिर समूचे मारवाड़ में सर्दी बढ़ गई। मौसम विभाग ने मारवाड़ के कई हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना व्यक्त की है। अगले दो दिन तक मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान है।



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हिमाचल प्रदेश में बर्फवारी के बाद का दृश्य
हिमाचल प्रदेश में बर्फवारी के बाद का दृश्य
हिमाचल प्रदेश में बर्फवारी के बाद का दृश्य
हिमाचल प्रदेश में बर्फवारी के बाद का दृश्य
नीमच में गिरे ओले।
जैसलमेर के आसमान में छाए बादल

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69 साल से करा रही भाखड़ा से नंगल तक का सफर, सभी कोच लकड़ी के


रोपड़ (संदीप वशिष्ठ\वरिंदर प्रताप सिंह).भाखड़ा डैमसेनंगलतक चलने वाली दुनिया की शायद यह पहली ट्रेन होगी, जिसमें सफर करने के लिए किराया नहीं देना पड़ता।

देश के पहले और सबसे बड़े भाखड़ा-नंगल डैम के निर्माणमें कौन-कौन सी चुनौतियां पेश आईं। इस बारे में कम ही लोग जानते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि चट्‌टानों को काटकर दुर्गम रास्तों पर निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) ने एक ट्रेन भी चलाई थी, जो 69 साल से लगातार चल रही है। अब25 गांवों के लोगों को यह ट्रेन रोज मंजिल पर पहुंचाती है।

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  1. 1949 में शुरू की गई यह ट्रेन नंगल से डैम तक का सफर रोज दो बार तय करती है। बीबीएमबी का कहना है कि डैम का निर्माण कैसे हुआ, इसमें क्या चुनौतियां आईं, भावी पीढ़ी को यह बताने के लिए ही इसट्रेन का चलाया जा रहा है।

  2. हंडोला, अलींडा और स्वामीपुर के स्टूडेंट्स इसी ट्रेन से सफर करते हैं। नंगल में सिलाई-कढ़ाई सीख रहीं ज्योति, मनीषा, शानू और दीपू का कहना है कि उन्हें सबसे नजदीक शहर नंगल ही है। इसी ट्रेन के जरिये वे आसानी से रोज नंगल पहुंच पाती हैं।

  3. लोगों के लिए गांव आने-जाने के लिए कोई अन्य साधन नहीं हैं। हंडोला की रहने वाली वंदना औरअमनदीप कौर ने बताया कि वह भटोली कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा हैं, वह रोजाना इसी ट्रेन से आती-जाती हैं। ट्रेन में न तो कोई हॉकर और न ही टीटीई मिलेगा।

  4. भाखड़ा डैम के निर्माण कार्य में अहम योगदान देने वली इस ट्रेन में शुरुआती दौर में 10 बोगियां होती थीं। इसी ट्रेन से नंगल से सीमेंट औरऔजार समेत मजदूरों डैम साइट पर पहुंचते थे। डैम के लिए जमीन का अधिग्रहण करते वक्त मैनेजमेंट ने लोगों से वादा किया था कि उनकी सुविधा के लिए यह ट्रेन हमेशा चलती रहेगी। यह क्रम आज भी जारी है।

  5. ट्रेन चलाने के लिए बीबीएमबी हर साल बजट निर्धारित करता है। 2017-18 के लिए करीब साढ़े 57 लाख रुपए का बजट रखा गया था। रेलवे एक्सईएन आरके सिंगला ने बताया कि इस ट्रेन से लोगों को फायदा है इसलिए बीबीएमबी लगातार इसे चला रहा है।



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      डैम के लिए जमीन का अधिग्रहण करते वक्त मैनेजमेंट ने लोगों से वादा किया था कि उनकी सुविधा के लिए यह ट्रेन हमेशा चलती रहेगी।
      इंजन को छोड़ सभी डिब्बे लकड़ी से बने हुए हैं।

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मेघालय में देश की सबसे साफ नदी उमनगोत, जहां बोट शीशे पर तैरती दिखती है


शिलांग (वेरेटे लुकस पोहती). मेघालय की उमनगोत नदी कोदेश की सबसे साफ नदी का रुतबा हासिल है। पानी इतना साफ है कि नावें कांच पर तैरती सी नजर आती हैं। यह शिलांग से 85 किमी दूर भारत-बांग्लादेश सीमा के पास पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के दावकी कस्बे के बीच से बहती है। लोग इसे पहाड़ियों में छिपा स्वर्ग भी कहते हैं। इस सफाई की वजह यहां रहने वाले खासी आदिवासी समुदायों की पुरखों से चली आ रही परंपराएं हैं। सफाई इनके संस्कारों में है, बुजुर्ग जिसकी निगरानी करते हैं।

हर दिन नदी की सफाई करते हैं लोग

- उमनगोत तीन गांवों में से बहती है- दावकी, दारंग और शेंनान्गडेंग। इन्हीं गांवों के लोगों के जिम्मे इसकी सफाई है। मौसम और पर्यटकों की संख्या के हिसाब से महीने में एक, दो या चार दिन कम्युनिटी डे के होते हैं। इस दिन गांव के हर घर से कम से कम एक व्यक्ति नदी की सफाई के लिए आता है।

- गांव में करीब 300 घर हैं और सभी मिलकर सफाई करते हैं। गंदगी फैलाने पर 5000 रु. तक जुर्माना वसूला जाता है।

- नवंबर से अप्रैल तक सबसे अधिक पर्यटक आते हैं। मानसून में बोटिंग बंद रहती है। उमनगोत के पास के गांव मावलिननॉन्ग को एशिया के सबसे साफ गांव का दर्जा हासिल है।



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country's cleanest river Ummagot

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भूटान के प्रधानमंत्री ने कहा- हम योजनाएं बनाने में इंसान ही नहीं, पशुओं की भी खुशियां देखते हैं


थिंपू. भूटान के प्रधानमंत्री लोतेय त्शेरिंग बताते हैं, "मैंने 1970 से भूटान को बदलते देखा है। तब मैं दो साल का था। उस समय से आज तक मेरे देश में हुए बदलाव का आधार जीडीपी को बढ़ाने से ज्यादा जीएनपी (ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस) पर फोकस रहा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि स्कूल से लेकर सर्जन बनने तक मेरी जेब से एक भी पैसा पढ़ाई पर खर्च नहीं हुआ। यहां पढ़ाई और दवाई फ्री हैं। अगर ऐसा न होता तो मैं आज न प्रधानमंत्री होता और न डॉक्टर बन पाता।

"यह सिर्फ मेरी कहानी नहीं है, भूटान के बाकी लोगों की खुशी भी कुछ इसी रास्ते से होकर गुजरती है। पढ़ाई और दवाई फ्री होने से हर इंसान समान रूप से खुश रखने के काबिल बन पाता है। जीएनएच का मकसद भी तो यही है। और ये कुछ नया नहीं है। जैसे भारत में प्लानिंग कमीशन है, वैसे ही भूटान में जीएनएच है। इसके जरिए भूटान खुश रहने की ओर अग्रसर है। जरूरत और लालच के बीच फर्क समझना जरूरी है। यह सरकारी पॉलिसी के मूल में है।"

'प्रोजेक्ट जरूरत के मुताबिक हों'

त्शेरिंग के मुताबिक, "जीएनएच के जरिए हमने ऐसे पैरामीटर बनाए हैं, जो यह तय करते हैं कि प्रोजेक्ट्स नीड बेस्ड हों। न कि दिखावे के लिए। ऐसा न होने पर हम इन्हें अप्रूव नहीं करते हैं। मसलन अगर कोई प्रोजेक्ट आर्थिक तौर पर संभव हो पर प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाला हो तो रिजेक्ट कर दिए जाएंगे। फिर भले वो नुकसान सिर्फ इतना सा हो कि वो प्रोजेक्ट बाघ और हाथी जैसे पशुओं के रास्ते को प्रभावित कर रहा हो। इसके केंद्र में भी खुशी ही है।"

"अब शायद आपके दिमाग में एक सवाल और उठ रहा होगा कि खुशी के लिए भूटान इतना सब कर तो रहा है, पर पता कैसे करता है कि भूटान में लोग कितने खुश हैं?हमारे यहां सेंटर फॉर भूटान स्टडीज (सीबीएस) है। यह सेंटर लगातार सर्वे करके पता करता है कि जनता में हैप्पीनेस लेवल कितना है और इसे बढ़ाया कैसे जाए। फिर उस दिशा में काम होता है।"

'ऐसी परिस्थितियां बनाईं कि लोग खुशी तलाश सकें'

भूटान के प्रधानमंत्री कहते हैं- "हम जानते हैं कि सरकार लोगों को खुशहाली की गारंटी नहीं दे सकती पर ऐसी परिस्थितियां जरूर बनाई जा सकती हैं जिनके जरिए लोग अपनी खुशी तलाश सकें। यह परिस्थितियां तभी बनती हैं जब शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, जंगल और सामाजिक समरसता न सिर्फ बरकरार रहे बल्कि लगातार बढ़े भी। खुशियां बढ़ाने के लिए जीएनएच के जरिए भूटान का बस इसी पर फोकस है।"


"जीएनएच को लेकर 1979 का एक वाकया है जिसने दुनिया को पहली बार ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस से परिचित कराया। दरअसल, भूटान के चौथे राजा जिग्मे शिंग्ये वांगचुक एक समिट से वापस आ रहे थे, जब मुंबई एयरपोर्ट पर उनसे एक इंडियन जर्नलिस्ट ने पूछा कि भूटान का ग्रॉस नेशनल प्रोडक्ट (जीएनपी) क्या है? राजा ने जवाब दिया कि भूटान के लिए जीएनपी से ज्यादा जीएनएच यानी ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस अहम है। इसी के बाद खुशी इंटरनेशनल सब्जेक्ट बन गई।"

'खेती में क्वालिटी पर फोकस'
त्शेरिंग के मुताबिक- भूटान में 57% लोग खेती से जुड़े हैं। खेती के जरिए इनकी खुशी का लेवल बढ़ाने के लिए सरकार कमर्शियल खेती की ओर शिफ्ट हो रही है। साथ ही अब क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी के ऊपर फोकस है। एक टारगेट यह भी है कि भूटान का हर युवक मिनिमम ग्रेजुएट हो।

अभी हमारे यहां हर इंसान एवरेज मिनिमम 10वीं या 12वीं तक शिक्षित है। इसे इंश्योर करने के लिए हमने एजुकेशन और हेल्थ के लिए बजट का 30% हिस्सा दिया है। ताकि फ्री एजुकेशन और हेल्थ सर्विस मिलना जारी रहे। साथ ही समाज के सबसे कमजोर तबके की लाइफस्टाइल भी बेहतर हो सके।


आखिर में मैं न सिर्फ भूटान बल्कि दुनिया भर की यंग जनरेशन को यह कहना चाहूंगा वह SMART बनें। यहां स्मार्ट से मेरा मतलब है S फॉर सिंसियर (निष्ठावान), M फॉर माइंडफुल (होशियार), A फॉर एस्ट्यूट (निपुण), R फॉर रेजिलिएंट (हार न मानने वाला) और T फॉर टाइमलेस (हर समय में उपयोगी)।



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लोतेय त्शेरिंग, प्रधानमंत्री, भूटान।
भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक बच्चों को खुशी देने के लिए नंगे पैर फुटबॉल खेलते हुए।

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पीएनबी घोटाले के आरोपी चौकसी ने भारतीय नागरिकता छोड़ी, प्रत्यर्पण से बचने की कोशिश


नई दिल्ली. पीएनबी घोटाले के भगोड़े आरोपी मेहुल चौकसी ने भारतीय नागरिकता छोड़ दी है। उसने एंटीगुआ में भारतीय पासपोर्ट सरेंडर कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है। चौकसी ने वहां स्थित भारतीय उच्चायोग में 177 डॉलर की राशि भी जमा करवाई है। ऐसा माना जा रहा है कि चौकसी ने भारत प्रत्यर्पण से बचने की कोशिश में नागरिकता छोड़ी है।

भगोड़ों को वापस लाया जाएगा: राजनाथ सिंह

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून का हवाला देते हुए कहा है कि भले ही थोड़ा वक्त लग जाए लेकिन भगोड़ों को वापस लाया जाएगा।

  1. पिछले साल फरवरी में 13,700 करोड़ रुपए का पीएनबी घोटाला सामने आया था। चौकसी उससे पहले भी विदेश भाग गया था। भारत की अपील पर इंटरपोल ने पिछले महीने चौकसी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।

  2. चौकसी एंटीगुआ में रह रहा है। उसने पिछले साल जनवरी में वहां की नागरिकता हासिल कर ली थी। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि वह दोहरी नागरिकता नहीं रख सकता।

  3. मेहुल चौकसी और उसके भांजे नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई स्थित ब्रेडी हाउस ब्रांच के अधिकारियों की मिलीभगत से 13,700 करोड़ से ज्यादा का घोटाला करने का आरोप है।



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      PNB scam: mehul choksi surrenders indian passport in antigua

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Jacob Martin : जिंदगी की जंग लड़ रहा ये पूर्व भारतीय क्रिकेटर, इलाज के लिए पैसे नहीं थे तो परिवार ने मांगी मदद, BCCI ने आगे बढ़कर दिए पैसे


नेशनल डेस्क. BCCI comes forward to help Jacob Martin :टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज जैकब मार्टिन (Former India cricketerJacob Martin) का हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। वो रोड एक्सिडेंट (Road Accident) में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अभी लाइफ सपॉर्ट पर हैं। जैकब मार्टिन (Jacob Martin) के परिवार ने उनके इलाज के लिए फंड जुटाने की अपील की है, जिसके बाद बीसीसीआई (BCCI) ने पांच लाख रुपये की मदद दी है। बड़ौदा क्रिकेट संघ (Baroda Cricket Association) ने भी उन्हें तीन लाख रुपये दिए हैं। बडौदा के पूर्व क्रिकेटर जैकब मार्टिन(Jacob Martin) ने 90 के दशक में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 10 एकदिवसीय मैच खेले थे।

- मार्टिन(Jacob Martin) की गिनती 90 के दशक में अच्छे ऑलराउंडर में होती थी। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वह बडौदा टीम के कोच भी रहे हैं। उन्होंने1999 में वेस्टइंडीज के खिलाफ सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) की कप्तानी में भारत के लिए पहला वनडे खेला था।मार्टिन की कप्तानी में वडोदरा 2000-2001 सीजन में रणजी ट्रॉफी भी जीत चुकी है।

स्कूटर से जाते वक्त हुआ एक्सिडेंट : 46 साल के मार्टिन (Jacob Martin) का 28 दिसंबर को रोड एक्सिडेंट(Road Accident) हुआ। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके लंग्स और लीवर में चोटें आईं थीं और वह तब से वेंटीलेटर पर हैं। उनके परिवार के पास इलाज के लिए पैसे भी खत्म हो चुके हैं और परिवार को आर्थिक मदद की सख्त जरूरत है।

हॉस्पिटल ने बंद कर दी थीं दवाएं : बड़ौदा क्रिकेट संघ(Baroda Cricket Association) के एक अधिकारी के मुताबिक जब हमें पता चला तो तुरन्त मार्टिन(Jacob Martin) की मदद की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अस्पताल का बिल पहले ही 11 लाख रुपये के पार पहुंच चुका है और एक समय पर अस्पताल ने भी दवाएं देना बंद कर दिया था। बीसीसीआई (BCCI) ने इसके बाद पैसा भेजा और इलाज नहीं रुका।



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Jacob Martin on life support News update। bcci has given Rs.500000

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दलाई लामा ने कहा- नकारात्मकता दूर करने के लिए भावनात्मक स्वच्छता की जरूरत


नई दिल्ली. दलाई लामा ने कहा- "मुझे बेहद खुशी है कि दैनिक भास्कर जीवन में सकारात्मकता के महत्व को प्रमुखता से उठा रहा है। वास्तव में यही नजरिया हम सबके जीवन का दर्शन होना चाहिए। दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में मीडिया सत्य और तथ्यों के आधार पर लोगों को सूचना देने में अहम भूमिका निभा रहा है। आज जब सब लोग एक-दूसरे पर निर्भर होते जा रहे हैं, ऐसे में प्राचीन भारत की अहिंसा और करुणा का दर्शन अहम हो जाता है।"मैं भास्कर परिवार और उनके पाठकों कोशुभकामनाएंदूता हूं।

यह पहल लोगों को रास्ता दिखाएगी

  • उन्होंने कहा, "यह लोगों को खुशहाल समाज में रहने का रास्ता दिखाता है। अहिंसा जीने का मार्ग है और करुणा प्रेरणा है। हमें इनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। हम मूल रूप से एक ही हैं और हमें छोटी सी दुनिया में साथ रहना है। जैसे सेहत के लिए शारीरिक स्वच्छता जरूरी है, वैसे ही नकारात्मक भाव जैसे गुस्सा, ईर्ष्या और डर से मुकाबले के लिए भावनात्मक स्वच्छता जरूरी है।"
  • "अगर आप दूसरों की चिंता करेंगे तो झूठ-फरेब के लिए कोई जगह नहीं होगी। यही खूबी हमें भरोसेमंद बनाएगी। हम सब आत्महित से प्रेरित होते हैं, पर हमें दूसरों का हित भी देखना चाहिए। मैं युवाओं से कहता हूं कि वे अपने आंतरिक मूल्यों पर ध्यान दें। शांति रखें। इसी से इंसानों में एकता बनी रह सकती है।"


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Happy message of the Dalai Lama for readers of dainik bhaskar

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पढ़ें देश-विदेश की 9 पॉजिटिव खबरें


भोपाल. दैनिक भास्कर ने आज से 4 साल पहले ‘नो निगेटिव मंडे’ की शुरुआत की थी। यह पत्रकारिता की दुनिया में अपनी तरह का पहला प्रयोग था। उद्देश्य था हफ्ते का पहला दिन यानी, सोमवार सकारात्मक खबरों से शुरू हो। ताकि पूरा सप्ताह रचनात्मक बना रह सके। साथ ही उन तमाम खबरों को पर्याप्त जगह मिल सके, जहां व्यक्ति, समुदाय या संस्थाएं समाज के लिए अच्छा कर रही हैं। पिछले 4 वर्षों में पाठकों ने इस प्रयास को बहुत सराहा है। हम आगे भी आपकी उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करते रहेंगे।

  1. मुंबई. सचिन तेंडुलकर कहते हैं किनिगेटिव और निगेटिव मिलकर पॉजिटिव हो जाएं, ऐसा सिर्फ गणित में होता है। जीवन में दो निगेटिव मिलकर और भी ज्यादा निगेटिविटी फैला देते हैं। सही मायनों में निगेटिविटी से मेरा पहला वास्ता पाकिस्तान में डेब्यू मैच के दौरान पड़ा। इस टेस्ट में जल्दी आउट हो जाने की वजह से मुझे नकारात्मक भावनाओं ने घेर लिया। मुझे खुद की क्षमताओं पर संदेह होने लगा था। बार-बार यहख्याल आने लगा कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर के लायक हूं भी या नहीं। लेकिन, आसपास के पॉजिटिव लोगों के सहयोग से मैं निगेटिव विचारों से बाहर निकल आया। इसी दौरान मुझे धैर्य के साथ कठिन मेहनत करने की सीख मिली। निगेटिविटी हमेशा जल्दी हावी होती है। चुनौती यही है कि इसे करीब न भटकने दें। दैनिक भास्कर ‘नो निगेटिव मंडे’ की थीम पर डटा हुआ है और चार साल पूरे कर बाउंड्री लगाई है। यह बेहद सराहनीय है।

    'शॉर्टकट टिकाऊ नहीं होता'

    सचिन के मुताबिक, "कई बार ऐसी परिस्थितियां बनती हैं, जब लोग अपनी फिलॉसॉफी को छोड़ने या समझौता करने के लिए मजबूर हो जाते हैं। लेकिन, यही वे मौके होते हैं जब चरित्र की परीक्षा होती है। इसी संदर्भ से जुड़ी एक बात मुझे याद आती है। यह मेरे स्कूली दिनों की बात है। एक बार स्कोरर ने मेरे स्कोर में 6 रन अतिरिक्त जोड़ दिए। इस बात पर स्वर्गीय आचरेकर सर मुझसे काफी निराश हुए। उन्होंने कहा- मुझे फर्क नहीं पड़ता कि तुमने स्काेर किया या नहीं। लेकिन, शार्टकट लेने के लिए कभी प्रभावित मत होना। आज झटपट सफलता पाने के माहौल में शार्टकट लेने के प्रलोभन आकर्षक हो सकते हैं, लेकिन ये टिकाऊ नहीं होते।"

    'सही चीजों पर फोकस करें'
    सचिन ने बताया कि परिवार, दोस्त और मेरा स्टाफ मेरा सपोर्ट सिस्टम है। जब दुनिया मेरी आखिरी पारी पर बात कर रही होती थी, तब मेरा सपोर्ट सिस्टम और मैं अगली इनिंग पर फोकस कर रहे होते थे। इसलिए हमें हमेशा सही चीजों पर फोकस करना चाहिए। सकारात्मक रहना चाहिए।

    गणतंत्र दिवस के अंक में सचिन होंगे गेस्ट एडिटर :
    भास्कर हमेशा कुछ नया और अलग करने की कोशिश करता रहा है। इसी कड़ी में 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस पर सचिन तेंडुलकर भास्कर के गेस्ट एडिटर होंगे। सचिन की इच्छा है कि भारत खेल प्रेमी देश से खेलने वाला देश बने। इसलिए भास्कर विशेष कॉन्टेस्ट शुरू कर रहा है। अगर आपने खेल से जुड़े इन चार क्षेत्रों में लीक से हटकर कोई काम किया हो या आपका अनूठा अनुभव हो या आपके पास काेई नया आइडिया हो तो हमें भेज सकते हैं। ये क्षेत्र हैं- 1. बच्चों को खेलने की पूरी आजादी। 2. खेल के जरिए सामाजिक एकरूपता। 3. सेहत और फिटनेस के लिए खेल। 4. खेल से महिला सशक्तिकरण।

    अपनी एंट्री 23 जनवरी तक contest@dbcorp.in पर ईमेल या 7067423324 पर वॉटसएप कर सकते हैं।प्राप्त एंट्रीज को सचिन देखेंगे। इनमें से चुने गए लीक से हटकर किए काम, अनूठे अनुभव और चुनिंदा आइडिया भास्कर के 26 जनवरी के अंक में प्रकाशित किए जाएंगे। टॉप 10 विजेताओं को सचिन के हस्ताक्षर वाले विशेष गिफ्ट भी दिए जाएंगे।

  2. शिलांग (वेरेटे लुकस पोहती). मेघालय की उमनगोत नदी कोदेश की सबसे साफ नदी का रुतबा हासिल है। पानी इतना साफ है कि नावें कांच पर तैरती सी नजर आती हैं। यह शिलांग से 85 किमी दूर भारत-बांग्लादेश सीमा के पास पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के दावकी कस्बे के बीच से बहती है। लोग इसे पहाड़ियों में छिपा स्वर्ग भी कहते हैं। इस सफाई की वजह यहां रहने वाले खासी आदिवासी समुदायों की पुरखों से चली आ रही परंपराएं हैं। सफाई इनके संस्कारों में है, बुजुर्ग जिसकी निगरानी करते हैं।

    हर दिन नदी की सफाई करते हैं लोग

    - उमनगोत तीन गांवों में से बहती है- दावकी, दारंग और शेंनान्गडेंग। इन्हीं गांवों के लोगों के जिम्मे इसकी सफाई है। मौसम और पर्यटकों की संख्या के हिसाब से महीने में एक, दो या चार दिन कम्युनिटी डे के होते हैं। इस दिन गांव के हर घर से कम से कम एक व्यक्ति नदी की सफाई के लिए आता है।

    - गांव में करीब 300 घर हैं और सभी मिलकर सफाई करते हैं। गंदगी फैलाने पर 5000 रु. तक जुर्माना वसूला जाता है।

    - नवंबर से अप्रैल तक सबसे अधिक पर्यटक आते हैं। मानसून में बोटिंग बंद रहती है। उमनगोत के पास के गांव मावलिननॉन्ग को एशिया के सबसे साफ गांव का दर्जा हासिल है।

  3. पीओके हुंजा वैली (सैयद मेहंदी बुखारी). गिलगित बाल्टिस्तान। यानी पाकिस्तान का उत्तरी इलाका। दक्षिण में आजाद कश्मीर, पश्चिम में खैबर पख्तून, उत्तर में अफगानिस्तान के वखान, पूर्व और उत्तर पूर्व में चीन के शिनजियांग और दक्षिण-पूर्व में भारत के जम्मू-कश्मीर से सटा पाकिस्तान का कश्मीर। वह हिस्सा जिसे लेकर भारत-पाकिस्तान में विवाद है। संयुक्त राष्ट्र इसे पाक शासित कश्मीर यानी पीएके कहता है और भारत पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके। लेकिन, आज बात विवाद की नहीं, इसकी सबसे खूबसूरत घाटी हुंजा वैली की करते हैं।

    फोर्ब्स ने इसे 2019 के लिए दुनिया की दस सबसे कूलेस्ट प्लेस टू विजिट की लिस्ट में शामिल किया है। यह इलाका जितना सुंदर है, उतना ही सेहतमंद भी है। यहां लोग औसतन 100 साल से अधिक जीते हैं। जबकि, पाकिस्तान में यह औसत 66 साल है। साक्षरता दर भी यहीं सबसे ज्यादा है। पिछले 11 महीनों में यहां 12 लाख टूरिस्ट पहुंचे हैं। जबकि इससे ठीक एक साल पहले 5 लाख टूरिस्ट आए थे।

    पर्यटक इस घाटी के लिए पिछले कुछ सालों में 30 करोड़ रुपए का रेवेन्यू लेकर आए हैं। गिलगित बाल्टिस्तान टूरिज्म डिपार्टमेंट के असिस्टेंट डायरेक्टर मुबाशिर अयूब कहते हैं हम इस साल 25 लाख पर्यटक आने की उम्मीद कर रहे हैं। यदि सुविधाएं जुटा लीं जाएं तो हर साल यहां का बिजनस 100 करोड़ रु. को पार कर जाएगा।

    सरकार यहां नेशनल लेवल के इवेंट्स करवा रही है। जैसे विंटर एक्सपो, लोक विरसा टूरिज्म फेस्टिवल, सरफरंगा डेजर्ट जीप रैली जो सबसे ऊंचाई पर होने वाली पहली डेजर्ट जीप रैली है। गिलगित बाल्टिस्तान ही है, जहां हर मौसम के लिए एक खास टूरिज्म स्पॉट है। देओसाई में कल्चर से जुड़े अल्तीती और बलतीत फोर्ट हुंजा में ही हैं। शिगर फोर्ट और खापलू फोर्ट बाल्टिस्तान में है। स्कर्दू का मशहूर वॉटरफॉल, काराकोरम के साथ सटे दियामर में पत्थरों पर अवशेष और न जाने क्या कुछ। नलतार हुंजा वैली इलाके का स्कीइंग डेस्टिनेशन पाकिस्तान का सबसे ऊंचा स्कीइंग पाइंट हैै। यह 9680 फीट पर स्थित है।

    गर फिरदौस बर रुए जमीं अस्त, हमीं अस्तो, हमीं अस्तो, हमी अस्त...

    यानी धरती पर अगर कहीं स्वर्ग है तो यहीं है, यहीं है, यहीं है। मुगल बादशाह जहांगीर ने जब ये पंक्तियां कही थीं तब पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भी भारत का था। यह कहानी वहीं की है...

  4. अहमदनगर (अनिरुद्ध देवचक्के) . अहमदनगर से 17 किलोमीटर दूर है हरा-भरा हिवरे बाजार। गांव में न तो किसी राजनीतिक दल की शाखा है और न ही किसी पार्टी का कोई होर्डिंग। इच्छाशक्ति के साथ जनसहयोग हो तो बदलाव कैसे आता है, यह गांव ने बीते 24 साल में कर दिखाया।गांव के 70 परिवार करोड़पतिहैं। 47 प्राथमिक शिक्षक हैं। 68 युवक सेना में चुने गए हैं। गांव के लोगों में 3 डॉक्टर, 6 प्रोफेसर और 100से ज्यादा इंजीनियरिंग, फार्मा जैसे विषयों में उच्चशिक्षित लोग हैं, जो देशभर में अलग-अलग हिस्सों में काम

    1972-82 के बीच कई लोग गांव से चले गए

    एक हजार हेक्टेयर में बसे 1,650 लोगों के इस गांव में कुल 315 परिवार हैं। महीने की प्रति व्यक्ति आय औसतन 32 हजार रुपए है। स्थिति हमेशा ऐसी नहीं थी। 1972 से 1982 के बीच गांव के हालात बहुत खराब थे। प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 832 रुपए थी, तब लगातार तीन साल सूखा पड़ा। कई परिवार गांव तक छोड़कर चले गए।

    उसी दौरान पोपट पवार भी चौथी पढ़ने के बाद गांव छोड़कर चले गए। क्रिकेट के शौकीन पवार आगे जाकर राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेलने लगे। वेबीच-बीच में गांव आते और हालात देखकर दुखी होते रहते। 1989 में जब ग्राम पंचायत के चुनाव होने थे तो लोगों ने उन्हीं से चुनाव लड़ने का आग्रह किया। वो मान गए। पवार चुनाव लड़े और जीतकर सरपंच बने। तब गांव में हरियाली नज़र ही नहीं आती थी, इसलिए पास की पहाड़ियों पर लोगों के श्रमदान से पौधरोपण शुरू किया गया।

    26 जनवरी 1990 को गांव में पहली ग्रामसभा हुई, जिसमें पोपट पवार ने लोगों को गांव के कायाकल्प की पूरी रूपरेखा समझाई। वन संरक्षण के लिए गांव में कुल्हाड़ी पर पाबंदी लगा दी गई। तब किसानों का रुझान गन्ना, अनार, केले जैसी नकद फसल की ओर था, जिनमें बहुत पानी लगता। इसलिए भूमिगत जल लेने पर पाबंदी लगा दी गई।

    गांव में रोज होता है 5 हजार लीटर दूध का उत्पादन

    गांव में 350 कुएं और एक तालाब है। रिचार्जिंग से भू-जलस्तर बढ़ने लगा। शासन की मदद से बड़ी संख्या में स्टॉप डेम बनाए गए। इससे पालतू जानवरों को चारा मिलने लगा। दुग्ध व्यवसाय बढ़ने लगा। आज गांव में रोज 4-5 हजार लीटर दूध का उत्पादन होता है। स्कूल के छात्र पानी का ऑडिट करते हैं। कितनी वर्षा हुई। कितना पानी बह गया व कितना जमीन में गया?

    गांव के विकास को देखकर गांव से बाहर गए 70 परिवार लौट आए हैं। आज पास के गांवों को हिवरे बाजार से पानी की आपूर्ति की जाती है।

  5. नई दिल्ली.तिब्बती धर्मगुरुदलाई लामा ने कहा- "मुझे बेहद खुशी है कि दैनिक भास्कर जीवन में सकारात्मकता के महत्व को प्रमुखता से उठा रहा है। वास्तव में यही नजरिया हम सबके जीवन का दर्शन होना चाहिए। दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में मीडिया सत्य और तथ्यों के आधार पर लोगों को सूचना देने में अहम भूमिका निभा रहा है। आज जब सब लोग एक-दूसरे पर निर्भर होते जा रहे हैं, ऐसे में प्राचीन भारत की अहिंसा और करुणा का दर्शन अहम हो जाता है।"मैं भास्कर परिवार और उनके पाठकों कोशुभकामनाएंदूता हूं।

    यह पहल लोगों को रास्ता दिखाएगी

    • उन्होंने कहा, "यह लोगों को खुशहाल समाज में रहने का रास्ता दिखाता है। अहिंसा जीने का मार्ग है और करुणा प्रेरणा है। हमें इनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। हम मूल रूप से एक ही हैं और हमें छोटी सी दुनिया में साथ रहना है। जैसे सेहत के लिए शारीरिक स्वच्छता जरूरी है, वैसे ही नकारात्मक भाव जैसे गुस्सा, ईर्ष्या और डर से मुकाबले के लिए भावनात्मक स्वच्छता जरूरी है।"
    • "अगर आप दूसरों की चिंता करेंगे तो झूठ-फरेब के लिए कोई जगह नहीं होगी। यही खूबी हमें भरोसेमंद बनाएगी। हम सब आत्महित से प्रेरित होते हैं, पर हमें दूसरों का हित भी देखना चाहिए। मैं युवाओं से कहता हूं कि वे अपने आंतरिक मूल्यों पर ध्यान दें। शांति रखें। इसी से इंसानों में एकता बनी रह सकती है।"
  6. थिंपू. भूटान के प्रधानमंत्री लोतेय त्शेरिंग बताते हैं, "मैंने 1970 से भूटान को बदलते देखा है। तब मैं दो साल का था। उस समय से आज तक मेरे देश में हुए बदलाव का आधार जीडीपी को बढ़ाने से ज्यादा जीएनपी (ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस) पर फोकस रहा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि स्कूल से लेकर सर्जन बनने तक मेरी जेब से एक भी पैसा पढ़ाई पर खर्च नहीं हुआ। यहां पढ़ाई और दवाई फ्री हैं। अगर ऐसा न होता तो मैं आज न प्रधानमंत्री होता और न डॉक्टर बन पाता।

    "यह सिर्फ मेरी कहानी नहीं है, भूटान के बाकी लोगों की खुशी भी कुछ इसी रास्ते से होकर गुजरती है। पढ़ाई और दवाई फ्री होने से हर इंसान समान रूप से खुश रखने के काबिल बन पाता है। जीएनएच का मकसद भी तो यही है। और ये कुछ नया नहीं है। जैसे भारत में प्लानिंग कमीशन है, वैसे ही भूटान में जीएनएच है। इसके जरिए भूटान खुश रहने की ओर अग्रसर है। जरूरत और लालच के बीच फर्क समझना जरूरी है। यह सरकारी पॉलिसी के मूल में है।"

    'प्रोजेक्ट जरूरत के मुताबिक हों'

    त्शेरिंग के मुताबिक, "जीएनएच के जरिए हमने ऐसे पैरामीटर बनाए हैं, जो यह तय करते हैं कि प्रोजेक्ट्स नीड बेस्ड हों। न कि दिखावे के लिए। ऐसा न होने पर हम इन्हें अप्रूव नहीं करते हैं। मसलन अगर कोई प्रोजेक्ट आर्थिक तौर पर संभव हो पर प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाला हो तो रिजेक्ट कर दिए जाएंगे। फिर भले वो नुकसान सिर्फ इतना सा हो कि वो प्रोजेक्ट बाघ और हाथी जैसे पशुओं के रास्ते को प्रभावित कर रहा हो। इसके केंद्र में भी खुशी ही है।"

    "अब शायद आपके दिमाग में एक सवाल और उठ रहा होगा कि खुशी के लिए भूटान इतना सब कर तो रहा है, पर पता कैसे करता है कि भूटान में लोग कितने खुश हैं?हमारे यहां सेंटर फॉर भूटान स्टडीज (सीबीएस) है। यह सेंटर लगातार सर्वे करके पता करता है कि जनता में हैप्पीनेस लेवल कितना है और इसे बढ़ाया कैसे जाए। फिर उस दिशा में काम होता है।"

    'ऐसी परिस्थितियां बनाईं कि लोग खुशी तलाश सकें'

    भूटान के प्रधानमंत्री कहते हैं- "हम जानते हैं कि सरकार लोगों को खुशहाली की गारंटी नहीं दे सकती पर ऐसी परिस्थितियां जरूर बनाई जा सकती हैं जिनके जरिए लोग अपनी खुशी तलाश सकें। यह परिस्थितियां तभी बनती हैं जब शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, जंगल और सामाजिक समरसता न सिर्फ बरकरार रहे बल्कि लगातार बढ़े भी। खुशियां बढ़ाने के लिए जीएनएच के जरिए भूटान का बस इसी पर फोकस है।"


    "जीएनएच को लेकर 1979 का एक वाकया है जिसने दुनिया को पहली बार ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस से परिचित कराया। दरअसल, भूटान के चौथे राजा जिग्मे शिंग्ये वांगचुक एक समिट से वापस आ रहे थे, जब मुंबई एयरपोर्ट पर उनसे एक इंडियन जर्नलिस्ट ने पूछा कि भूटान का ग्रॉस नेशनल प्रोडक्ट (जीएनपी) क्या है? राजा ने जवाब दिया कि भूटान के लिए जीएनपी से ज्यादा जीएनएच यानी ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस अहम है। इसी के बाद खुशी इंटरनेशनल सब्जेक्ट बन गई।"

    'खेती में क्वालिटी पर फोकस'
    त्शेरिंग के मुताबिक- भूटान में 57% लोग खेती से जुड़े हैं। खेती के जरिए इनकी खुशी का लेवल बढ़ाने के लिए सरकार कमर्शियल खेती की ओर शिफ्ट हो रही है। साथ ही अब क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी के ऊपर फोकस है। एक टारगेट यह भी है कि भूटान का हर युवक मिनिमम ग्रेजुएट हो।

    अभी हमारे यहां हर इंसान एवरेज मिनिमम 10वीं या 12वीं तक शिक्षित है। इसे इंश्योर करने के लिए हमने एजुकेशन और हेल्थ के लिए बजट का 30% हिस्सा दिया है। ताकि फ्री एजुकेशन और हेल्थ सर्विस मिलना जारी रहे। साथ ही समाज के सबसे कमजोर तबके की लाइफस्टाइल भी बेहतर हो सके।


    आखिर में मैं न सिर्फ भूटान बल्कि दुनिया भर की यंग जनरेशन को यह कहना चाहूंगा वह SMART बनें। यहां स्मार्ट से मेरा मतलब है S फॉर सिंसियर (निष्ठावान), M फॉर माइंडफुल (होशियार), A फॉर एस्ट्यूट (निपुण), R फॉर रेजिलिएंट (हार न मानने वाला) और T फॉर टाइमलेस (हर समय में उपयोगी)।

  7. खेल डेस्क. यह कहानी यमन फुटबॉल टीम की स्पोर्ट्स स्पिरिट, उसके संघर्ष से निकली सकारात्मकता और सफलता को बताती है। यमन में पिछले चार साल से गृहयुद्ध चल रहा है। इसके बावजूद टीम ने एएफसी एशियन कप के लिए क्वालिफाई किया। वह भी तब, जब उसके कुछ खिलाड़ियों की हत्या कर दी गई। कुछ किडनैप किए गए। उनके पास खेलने के लिए स्टेडियम तक नहीं था। टीम को 2018 में तीन इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका मिला।

    खिलाड़ियों के पास कमाई का कोई जरिया नहीं है। इसलिए उन्हें टैक्सी और बस चलानी पड़ती है। कुछ खिलाड़ी किराने की दुकान में काम करते हैं। यमन की टीम पहली बार एएफसी कप में खेली। यह मौजूदा माहौल में इस देश के लिए सबसे सकारात्मक बात है, क्योंकि पिछले चार साल से यमन की घरेलू लीग नहीं खेली गई है। टीम ने अरब देशों के बीच 1970 से खेले जाने वाले गल्फ कप में अब तक कोई मैच नहीं जीता है। क्लब आर्थिक तंगहाली से जूझ रहे हैं। कई क्लब के पास स्टाफ और खिलाड़ियों को देने के लिए पैसे नहीं है।

    मीडिया ने कहा-एशियन कप में खेलना चमत्कार से कम नहीं
    यमन एएफसी एशियन कप में खेलने वाली सबसे निचली रैंक (135) वाली टीम है। टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है, लेकिन वहां की मीडिया इसे ‘सम्मानजनक हार’ कह रही है, क्योंकि ऐसे माहौल में यमन का एशिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट में खेलना किसी चमत्कार से कम नहीं है।

    गोलकीपर आयश और शुकरी तेल कंपनी में काम करते हैं
    टीम के कई खिलाड़ियों को अपने फुटबॉल के सपने को पूरा करने और परिवार पालने के लिए छोटे-मोटे काम करने पड़ते हैं। यमन टीम के गोलकीपर मोहम्मद आयश और शुकरी अल दहिया तेल कंपनी में काम करते हैं। सुलेमान हजम सड़कों पर आलू बेचते हैं। कुछ खिलाड़ी टैक्सी, बस और मोटर साइकल ड्राइवर हैं। कुछ अपने परिवार पर निर्भर हैं।

    यमन

    यमन के 3 खिलाड़ियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी
    युद्ध के दौरान कुछ खिलाड़ी सरकार के पक्ष में हो गए। सरकार विरोधी हौती विद्रोहियों ने अली घराबा, अब्दुल्ला एरेफ और अब्दुल्ला अल बेजाज की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी। एक खिलाड़ी क्वालिफिकेशन मुकाबला खेलकर घर लौट रहा था, तब उसे किडनैप कर लिया गया। उसे 48 घंटे बाद छोड़ा गया। इसलिए जब खिलाड़ी एक साथ ट्रेनिंग के लिए जाते हैं तो सुरक्षा के लिए उन्हें ट्रांसपोर्ट ट्रक में ले जाया जाता है। ताकि उन्हें कोई पहचान न सके।

    हौती विद्रोहियों ने देश के कई स्टेडियमों को भी तोड़ दिया। उन पर कब्जा कर लिया था और उन्हें अपना बेस बना लिया था। देश के 70 फीसदी स्टेडियम टूट चुके हैं। इसके बाद यमन टीम ने कुछ महीने कतर में भी प्रैक्टिस की थी।

    4 साल में 84 हजार लोग मारे गए, यूएन ने इसे सबसे बड़ा मानवीय संकट बताया

    • 32 लाख लोग बेघर हो चुके हैं यमन में 2015 से अब तक। इनमें 76% महिलाएं और बच्चे हैं।
    • 85 हजार बच्चे (5 साल से कम उम्र के) कुपोषण का शिकार हैं।
    • 84 हजार बच्चों की मौत भुखमरी से हुई है (सेव द चिल्ड्रन की रिपोर्ट)।
    • 1 करोड़ 4 लाख से ज्यादा लोगों पर अकाल का खतरा है। यह 100 साल में सबसे खराब है।
    • 98% तक बढ़ गए हैं खाने की चीजों के दाम। फ्यूल के दाम 110% तक बढ़े।
    • 55% लोगों की पहुंच पीने के साफ पानी और जरूरी हाईजीन तक नहीं है।
  8. न्यूयार्क.कहा जाता है कि सीखना एक कला है। लेकिन, अमेरिका की कैंडिस थिले को जिंदगी की चुनौतियों ने इतना सिखाया कि उन्होंने सीखने का विज्ञान जान लिया। आज की तारीख में कैंडिस दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी अमेजन में लर्निंग साइंस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर हैं। वे अमेजन के हर डिपार्टमेंट के लोगों को काम के नए तरीके सीखने का विज्ञान बताती हैं, ताकि कर्मचारी आगे बढ़ें और कंपनी को भी ऊंचा मुकाम दिलवाएं।

    11 साल की उम्र में सीखने की शुरुआत हुई
    कैंडिस के पिता इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे और लॉकहीड कंपनी में मिसाइल प्रोजेक्ट में काम करते थे। उन्होंने यह काम एक दिन अचानक यह सोच कर छोड़ दिया कि वे कोई ऐसी चीज बनाने में योगदान नहीं करेंगे जिसका इस्तेमाल युद्ध में हो। परिवार के पास आय का दूसरा जरिया नहीं था। हर सदस्य को काम शुरू करना पड़ा। कैंडिस के सीखने के सफर की शुरुआत 11 साल की उम्र में हुई।

    पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने घरों में काम करने और बेबी सीटिंग का काम शुरू किया। उन्होंने यह काम चार साल तक किया। कैंडिस को 15 साल की उम्र में दूसरी जॉब मिली। वे आर्ट एंड क्राफ्ट शॉप में काम करने लगीं। जल्दी ही वे क्राफ्ट के काम में इतनी माहिर हो गईं कि स्टोर ज्वाइन करने वाली नई लड़कियों को इसे सिखाने भी लगीं। उन्होंने इसका बिजनेस भी शुरू किया। इसके लिए कैंडिस को धागे की जरूरत पड़ती थी। उन्होंने धागा कातना भी सीख लिया। कैंडिस कहती हैं, ऐसा नहीं है कि वह काम मुझे पसंद था। मैंने उसे इसलिए सीखा क्योंकि वह काम अच्छे से करना चाहती थी।

    18 साल की उम्र में उन्होंने फिर काम बदला। इस बार वे लाइब्रेरियन बनीं। एक साल बाद वह सेक्स एजुकेटर के तौर पर काम करने लगीं। वे अपने से बड़ी उम्र के लोगों को सेक्स एजुुकेशन के बारे में बताती थीं। इस बीच उन्होंने यूसी बर्कले यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन पूरी की।

    इसके बाद कैंडिस ने पीट्सबर्ग (पेंसलवेनिया) में बेकरी में काम किया। इसके बाद वह रेप क्राइसिस सेंटर पर रेप विक्टम की काउंसिलिंग करने लगीं। यहां उन्होंने अस्पताल कर्मचारियों के लिए एक ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया। इसमें कर्मचारियों को यह सिखाया जाता था कि रेप विक्टिम से साक्ष्य सुरक्षित रूप से कैसे जुटाना चाहिए। उन्होंने चाइल्ड सेक्स एब्यूज रोकने के लिए भी मॉड्यूल तैयार किया।

    जिस कंपनी में रिसेप्शनिस्ट रहीं, उसमें वाइस प्रेसिडेंटबनीं

    24 साल की उम्र में कैंडिस ने एक मैनेजमेंट कंसल्टेंसी कंपनी में रिसेप्शनिस्ट का काम पकड़ा। इसमें उन्होंने 18 साल बिताए और रिसेप्शनिस्ट से वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजिंग पार्टनर के पद तक पहुंचीं। यहां उन्होंने सीखने के तरीकों पर पहला ई-लर्निंग कोर्स तैयार किया। यह कोर्स इस फलसफे पर आधारित था कि ह्यूमन लर्निंग को साइंस और टेक्नोलॉजी के जरिए रफ्तार दी जा सकती है।

    इसके बाद उन्होंने वह कंपनी छोड़कर ओपन लर्निंग इनिशिएटिव (ओएलआई) की शुरुआत की। इसे शुरू करने में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। इससे उनकी पहले साल की कमाई पिछली जॉब से भी कम रह गई थी। 2013 में कैंडिस ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ज्वाइन की। यहां वे लर्निंग साइंस की असिस्टेंट प्रोफेसर बनीं। बाद में उन्हें इस डिपार्टमेंट का डायरेक्टर भी बनाया गया।

    2018 में अमेजन ने उनकी सेवा लेने के लिए लर्निंग साइंस डिपार्टमेंट की शुरुआत की और कैंडिस को इसका डायरेक्टर बनाया। कैंडिस ने अभी स्टैनफोर्ड से इस्तीफा नहीं दिया है। वे वहां से छुट्टी लेकर अमेजन के लिए काम कर रही हैं। अमेजन के लिए दुनियाभर में पांच लाख 66 हजार लोग काम करते हैं।

    कैंडिस के 2 सूत्र वाक्य

    1. हर काम बड़ा होता है, बशर्ते आप अपने लिए पैमाना ऊंचा रखें।

    2. सबसे बड़ी सीख यह होती है कि कोई नया काम कैसे सीखा जाए।

  9. न्यूयॉर्क. एपल के पूर्व सीईओ स्टीव जॉब्स ने बताया, "मेरी बायोलॉजिकल मां कॉलेज ग्रेजुएट स्टूडेंट थीं। अविवाहित होने की वजह से उन्होंने मुझे गोद देने का फैसला लिया। लेकिन मेरी मां को पता चला कि मेरी नई मां कॉलेज ग्रेजुएट नहीं है और पिता ने तो हाई स्कूल भी पूरा नहीं किया है। उन्होंने अडॉप्शन पेपर्स पर हस्ताक्षर से इनकार कर दिया। फिर वे मेरे पैरेंट्स के इस वादे पर पिघलीं कि एक दिन उनका बेटा जरूर कॉलेज ग्रेजुएट होगा। 17 साल बाद मैं कॉलेज पहुंचा लेकिन, नादानी में बहुत महंगा कॉलेज चुन लिया। मेरे वर्किंग क्लास पैरेंट्स की पूरी कमाई और बचत मेरी ट्यूशन में जाने लगी। मैंने ड्रॉपआउट का फैसला किया। उस समय यह काफी डरावना लगा था, लेकिन आज लगता है यह मेरा सर्वश्रेष्ठ फैसला था।"

    " मैं एक दोस्त के कमरे में फर्श पर सोता था। खाने का इंतजाम करने के लिए मैं कोक की खाली बॉटल जमा करके बेचता था। हर रविवार रात सात मील चलकर हरे कृष्ण मंदिर तक पहुंचता था, क्योंकि वहां अच्छा खाना मिलता था। उस समय रीड कॉलेज में मैंने कैलीग्राफी सीखी। तब संभावना नहीं थी कि मेरे लिए इसकी व्यावहारिक उपयोगिता होगी। लेकिन दस साल बाद जब हम मैकिन्टौश कम्प्यूटर डिजाइन कर रहे थे तो यह हुनर काम आया। यह पहला कंप्यूटर था, जिसमें खूबसूरत टाइपोग्राफी थी।"

    "अगर मैं कॉलेज ड्रॉप आउट नहीं होता और कैलीग्राफी नहीं सीखता तो मैक में शायद सुंदर टाइपोग्राफी नहीं होती। कॉलेज में यह संभव नहीं था कि मैं भविष्य में देखकर इन डॉट्स को कनेक्ट कर पाता। इसलिए भरोसा रखें कि भविष्य में ज़िंदगी की असंबद्ध घटनाओं के डॉट्स कनेक्ट होंगे। आपको अपने दिल की आवाज, जीवन और कर्म पर भरोसा करना होता है। इस अप्रोच ने मुझे कभी निराश नहीं होने दिया।"

    एक ही चीज आगे बढ़ाती है, अपने काम से प्यार
    जॉब्स ने बताया," जब मैं 20 साल का हुआ तो पैरेंट्स के गैराज में एपल शुरू की। दस साल में ही एपल दो लोगों से बढ़कर 4 हजार कर्मचारियों की कंपनी बन गई। तभी मुझे बाहर कर दिया गया। जब एपल तरक्की कर रही थी तो हमने ऐसे व्यक्ति को हायर किया जो कंपनी चलाने में बहुत प्रतिभाशाली था। पहले कुछ साल के बाद हमारे विचार भिन्न होने लगे, हम असफल होने लगे। बोर्ड डायरेक्टर्स उसके पक्ष में हो गए। लेकिन, निकाल दिया जाना मेरे लिए अच्छा रहा। अगले पांच साल में मैंने नेक्स्ट और पिक्सर कंपनियां शुरू कीं। उस शानदार महिला के साथ प्रेम में पड़ा, जो मेरी पत्नी बनी।एपल ने नेक्स्ट को खरीद लिया और मैं एपल में लौट आया। जो टेक्नोलॉजी हमने नेक्स्ट में डेवलप की थी वही एपल की क्रांति का कारण बनी। अगर मैं एपल से निकाला नहीं जाता तो ऐसा नहीं होता। अपने काम से प्यार ने मुझे हमेशा आगे बढ़ाया। अगर आपको अभी तक वह काम नहीं मिला है, जिसे आप प्यार करते हैं तो उसकी तलाश कीजिए।"

    दिल की आवाज और इंट्यूशन को सुनने की हिम्मत पैदा करें
    उन्होंने बताया, "17 साल की उम्र में मैंने एक कोट पढ़ा था- हर दिन को ऐसे जियो जैसे यह आपका आखिरी दिन है। तब से हर सुबह मैंं खुद से पूछता हूं- अगर आज मेरे जीवन का आखिरी दिन होता तो क्या मैं वह करना चाहता, जो करने जा रहा हूं। जब कई दिनों तक जवाब 'ना' में मिले तो समझ जाता हूं कि कुछ बदलने की जरूरत है। कोई भी मरना नहीं चाहता है पर हम सभी की आखिरी मंजिल वही है। आपके पास समय कम है, इसलिए किसी और का जीवन जीने में इसे जाया मत कीजिए। किसी और के विचारों को अपने अंतरमन की आवाज़ पर हावी मत होने दीजिए। दिल की आवाज और इंट्यूशन को सुनने की हिम्मत पैदा कीजिए।"



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      monday positive news 4th anniversary dainik bhaskar

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पढ़ाई छूट जाना या एपल से निकाला जाना; जो भी निगेटिव हुआ, सब अच्छा हुआ


न्यूयॉर्क. एपल के पूर्व सीईओ स्टीव जॉब्स ने बताया, "मेरी बायोलॉजिकल मां कॉलेज ग्रेजुएट स्टूडेंट थीं। अविवाहित होने की वजह से उन्होंने मुझे गोद देने का फैसला लिया। लेकिन मेरी मां को पता चला कि मेरी नई मां कॉलेज ग्रेजुएट नहीं है और पिता ने तो हाई स्कूल भी पूरा नहीं किया है। उन्होंने अडॉप्शन पेपर्स पर हस्ताक्षर से इनकार कर दिया। फिर वे मेरे पैरेंट्स के इस वादे पर पिघलीं कि एक दिन उनका बेटा जरूर कॉलेज ग्रेजुएट होगा। 17 साल बाद मैं कॉलेज पहुंचा लेकिन, नादानी में बहुत महंगा कॉलेज चुन लिया। मेरे वर्किंग क्लास पैरेंट्स की पूरी कमाई और बचत मेरी ट्यूशन में जाने लगी। मैंने ड्रॉपआउट का फैसला किया। उस समय यह काफी डरावना लगा था, लेकिन आज लगता है यह मेरा सर्वश्रेष्ठ फैसला था।"

" मैं एक दोस्त के कमरे में फर्श पर सोता था। खाने का इंतजाम करने के लिए मैं कोक की खाली बॉटल जमा करके बेचता था। हर रविवार रात सात मील चलकर हरे कृष्ण मंदिर तक पहुंचता था, क्योंकि वहां अच्छा खाना मिलता था। उस समय रीड कॉलेज में मैंने कैलीग्राफी सीखी। तब संभावना नहीं थी कि मेरे लिए इसकी व्यावहारिक उपयोगिता होगी। लेकिन दस साल बाद जब हम मैकिन्टौश कम्प्यूटर डिजाइन कर रहे थे तो यह हुनर काम आया। यह पहला कंप्यूटर था, जिसमें खूबसूरत टाइपोग्राफी थी।"

"अगर मैं कॉलेज ड्रॉप आउट नहीं होता और कैलीग्राफी नहीं सीखता तो मैक में शायद सुंदर टाइपोग्राफी नहीं होती। कॉलेज में यह संभव नहीं था कि मैं भविष्य में देखकर इन डॉट्स को कनेक्ट कर पाता। इसलिए भरोसा रखें कि भविष्य में ज़िंदगी की असंबद्ध घटनाओं के डॉट्स कनेक्ट होंगे। आपको अपने दिल की आवाज, जीवन और कर्म पर भरोसा करना होता है। इस अप्रोच ने मुझे कभी निराश नहीं होने दिया।"

एक ही चीज आगे बढ़ाती है, अपने काम से प्यार
जॉब्स ने बताया," जब मैं 20 साल का हुआ तो पैरेंट्स के गैराज में एपल शुरू की। दस साल में ही एपल दो लोगों से बढ़कर 4 हजार कर्मचारियों की कंपनी बन गई। तभी मुझे बाहर कर दिया गया। जब एपल तरक्की कर रही थी तो हमने ऐसे व्यक्ति को हायर किया जो कंपनी चलाने में बहुत प्रतिभाशाली था। पहले कुछ साल के बाद हमारे विचार भिन्न होने लगे, हम असफल होने लगे। बोर्ड डायरेक्टर्स उसके पक्ष में हो गए। लेकिन, निकाल दिया जाना मेरे लिए अच्छा रहा। अगले पांच साल में मैंने नेक्स्ट और पिक्सर कंपनियां शुरू कीं। उस शानदार महिला के साथ प्रेम में पड़ा, जो मेरी पत्नी बनी।एपल ने नेक्स्ट को खरीद लिया और मैं एपल में लौट आया। जो टेक्नोलॉजी हमने नेक्स्ट में डेवलप की थी वही एपल की क्रांति का कारण बनी। अगर मैं एपल से निकाला नहीं जाता तो ऐसा नहीं होता। अपने काम से प्यार ने मुझे हमेशा आगे बढ़ाया। अगर आपको अभी तक वह काम नहीं मिला है, जिसे आप प्यार करते हैं तो उसकी तलाश कीजिए।"

दिल की आवाज और इंट्यूशन को सुनने की हिम्मत पैदा करें
उन्होंने बताया, "17 साल की उम्र में मैंने एक कोट पढ़ा था- हर दिन को ऐसे जियो जैसे यह आपका आखिरी दिन है। तब से हर सुबह मैंं खुद से पूछता हूं- अगर आज मेरे जीवन का आखिरी दिन होता तो क्या मैं वह करना चाहता, जो करने जा रहा हूं। जब कई दिनों तक जवाब 'ना' में मिले तो समझ जाता हूं कि कुछ बदलने की जरूरत है। कोई भी मरना नहीं चाहता है पर हम सभी की आखिरी मंजिल वही है। आपके पास समय कम है, इसलिए किसी और का जीवन जीने में इसे जाया मत कीजिए। किसी और के विचारों को अपने अंतरमन की आवाज़ पर हावी मत होने दीजिए। दिल की आवाज और इंट्यूशन को सुनने की हिम्मत पैदा कीजिए।"



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steve jobs leaving apple and not finishing education, steve says it has happened for good

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पीओके की हुंजा वैली; यह इलाका इतना सुंदर और सेहतमंद कि लोग 100 साल तक जीते हैं


पीओके हुंजा वैली (सैयद मेहंदी बुखारी). गिलगित बाल्टिस्तान। यानी पाकिस्तान का उत्तरी इलाका। दक्षिण में आजाद कश्मीर, पश्चिम में खैबर पख्तून, उत्तर में अफगानिस्तान के वखान, पूर्व और उत्तर पूर्व में चीन के शिनजियांग और दक्षिण-पूर्व में भारत के जम्मू-कश्मीर से सटा पाकिस्तान का कश्मीर। वह हिस्सा जिसे लेकर भारत-पाकिस्तान में विवाद है। संयुक्त राष्ट्र इसे पाक शासित कश्मीर यानी पीएके कहता है और भारत पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके। लेकिन, आज बात विवाद की नहीं, इसकी सबसे खूबसूरत घाटी हुंजा वैली की करते हैं।

फोर्ब्स ने इसे 2019 के लिए दुनिया की दस सबसे कूलेस्ट प्लेस टू विजिट की लिस्ट में शामिल किया है। यह इलाका जितना सुंदर है, उतना ही सेहतमंद भी है। यहां लोग औसतन 100 साल से अधिक जीते हैं। जबकि, पाकिस्तान में यह औसत 66 साल है। साक्षरता दर भी यहीं सबसे ज्यादा है। पिछले 11 महीनों में यहां 12 लाख टूरिस्ट पहुंचे हैं। जबकि इससे ठीक एक साल पहले 5 लाख टूरिस्ट आए थे।

पर्यटक इस घाटी के लिए पिछले कुछ सालों में 30 करोड़ रुपए का रेवेन्यू लेकर आए हैं। गिलगित बाल्टिस्तान टूरिज्म डिपार्टमेंट के असिस्टेंट डायरेक्टर मुबाशिर अयूब कहते हैं हम इस साल 25 लाख पर्यटक आने की उम्मीद कर रहे हैं। यदि सुविधाएं जुटा लीं जाएं तो हर साल यहां का बिजनस 100 करोड़ रु. को पार कर जाएगा।

सरकार यहां नेशनल लेवल के इवेंट्स करवा रही है। जैसे विंटर एक्सपो, लोक विरसा टूरिज्म फेस्टिवल, सरफरंगा डेजर्ट जीप रैली जो सबसे ऊंचाई पर होने वाली पहली डेजर्ट जीप रैली है। गिलगित बाल्टिस्तान ही है, जहां हर मौसम के लिए एक खास टूरिज्म स्पॉट है। देओसाई में कल्चर से जुड़े अल्तीती और बलतीत फोर्ट हुंजा में ही हैं। शिगर फोर्ट और खापलू फोर्ट बाल्टिस्तान में है। स्कर्दू का मशहूर वॉटरफॉल, काराकोरम के साथ सटे दियामर में पत्थरों पर अवशेष और न जाने क्या कुछ। नलतार हुंजा वैली इलाके का स्कीइंग डेस्टिनेशन पाकिस्तान का सबसे ऊंचा स्कीइंग पाइंट हैै। यह 9680 फीट पर स्थित है।

गर फिरदौस बर रुए जमीं अस्त, हमीं अस्तो, हमीं अस्तो, हमी अस्त...

यानी धरती पर अगर कहीं स्वर्ग है तो यहीं है, यहीं है, यहीं है। मुगल बादशाह जहांगीर ने जब ये पंक्तियां कही थीं तब पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भी भारत का था। यह कहानी वहीं की है...



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हुंजा वैली में आज तक किसी को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी नहीं हुई है।

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Bank Fixed Deposit : 1 साल की FD पर Bank देती हैं 8.5% तक Interest, आप लेने की सोच रहे तब ये रही बैंकों के Interest Rate की List


न्यूज डेस्क। यदि आप बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) लेने की सोच रहे हैं, लेकिन इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं कि किस बैंक में जाया जाए। तब हम आपको बैंकों द्वारा FD पर मिलने वाले इंटरेस्ट रेट के बारे में बता रहे हैं। ज्यादातर बैंक सीनियर सिटीजन को फिक्स्ड डिपोजिट पर 8.5% तक के इंटरेस्ट रेट के साथ अमाउंट रिटर्न करती हैं।

RBL Bank

> ये बैंक 1 साल की FD पर सालाना 8% इंटरेस्ट रेट के साथ रिटर्न करती है।
> सीनियर सिटीजन को 8.5% इंटरेस्ट रेट के साथ अमाउंट रिटर्न किया जाता है।

IndusInd Bank

> ये बैंक भी 1 साल की FD पर सालाना 8% इंटरेस्ट रेट के साथ रिटर्न करती है।
> सीनियर सिटीजन को 8.5% इंटरेस्ट रेट के साथ अमाउंट रिटर्न किया जाता है।

Lakshmi Vilas Bank

> ये बैंक 1 करोड़ रुपए से कम पर 1 साल की FD पर ईयरली 7.60% इंटरेस्ट रेट देता है।
> सीनियर सिटीजन के लिए 8.20% फीसदी ईयरली इंटरेस्ट रेट देता है।
> यदि अमाउंट 1 करोड़ रुपए से ज्यादा तब FD पर 7% ईयरली इंटरेस्ट रेट मिलेगा।




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Bank FD: Which Bank Gives the Best Interest Rate for One Year Fixed Deposit Investors?
Bank FD: Which Bank Gives the Best Interest Rate for One Year Fixed Deposit Investors?
Bank FD: Which Bank Gives the Best Interest Rate for One Year Fixed Deposit Investors?
Bank FD: Which Bank Gives the Best Interest Rate for One Year Fixed Deposit Investors?

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शाह की रैली कल; भाजपा की आपत्ति के बाद मालदा में हेलिकॉप्टर उतारने की मंजूरी मिली


कोलकाता.पश्चिम बंगाल के मालदा में 22 जनवरी यानी मंगलवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैली होनी है। इसके लिए भाजपा नेताओं ने एयरपोर्ट पर हेलिकॉप्टर उतारने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, मरम्मत और निर्माण कार्यों का हवाला देकर एडिशनल कलेक्टर ने इससे इनकार कर दिया था। यहीं पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी काहेलिकॉप्टर लैंड कराए जाने पर भाजपा ने आपत्ति जताई थी।

इसके बाद सोमवार को मालदा प्रशासन ने होटल गोल्डन पार्क के पास भाजपा को हेलिकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति दी। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कुछ दिन पहले ममता बनर्जी का हेलिकॉप्टर वहां उतारा गया था। हमारे पास इसकी तस्वीरें हैं। ममता सरकार प्रशानिक शक्तियों का दुरुपयोग कर रही है।

पहले 19 जनवरी को होनी थी शाह की रैली

मालदा में अमित शाह की रैली पहले 19 जनवरी को होनी थी। उन्हेंस्वाइन फ्लू होने से रैली आगे बढ़ाई गई। भाजपा पदाधिकारियों ने एयरपोर्ट पर हेलिकॉप्टर उतारने के लिए एडिशनल कलेक्टर को पत्र लिखा था। लेकिन स्थानीय प्रशासन ने कहा था कि कंस्ट्रक्शन मटेरियल पड़ा होने से यहां हेलिकॉप्टर उतारना सुरक्षित नहीं है।

सरकारी हेलिकॉप्टर उतरने पर भाजपा ने आपत्ति जताई

इसके बाद भाजपा नेताओं ने दूसरा पत्र कलेक्टर को लिखा। इसमें बताया कि 16 जनवरी को ही पश्चिम बंगाल सरकार का एक हेलिकॉप्टर एयरपोर्ट पर लैंड हुआ था। अगर यहां सुरक्षित लैंडिंग नहीं हो सकती तो सरकारी हेलिकॉप्टर क्यों उतारा गया?



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Amit Shah rally in malda 22 January BJP granted permission to land helicopter

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अंतरिम प्रमुख की नियुक्ति को चुनौती: चीफ जस्टिस ने खुद को सुनवाई से अलग किया


नई दिल्ली. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने एम नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम प्रमुख बनाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने कहा कि वे सीबीआई निदेशक का चयन करने वाली उच्चस्तरीय समिति के सदस्य हैं, ऐसे में उन्हें इस पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए। अब इस याचिका पर सुनवाई 24 जनवरी को दूसरी बेंच करेगी।

  1. इस याचिका में एम नागेश्वर को सीबीआई का अंतरिम प्रमुख बनाए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है। साथ ही सीबीआई निदेशक के चयन और नियुक्ति में पारदर्शिता लाने की मांग की गई है।

  2. यह याचिका एनजीओ कॉमन कॉज और आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज ने यह याचिका लगाई है। सीबीआई के नए निदेशक की नियुक्ति होने तक सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक राव को 10 जनवरी को अंतरिम प्रमुख का प्रभार सौंपा गया था।

  3. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त चयन समिति ने 10 जनवरी को आलोक वर्मा को सीबीआई चीफ के पद से हटा दिया था। वर्मा पर भ्रष्टाचार और कर्तव्य की उपेक्षा के आरोप

  4. 1979 की बैच के आईपीएस अफसर वर्मा को सिविल डिफेंस, फायर सर्विसेस और होम गार्ड विभाग का महानिदेशक बनाया गया था। हालांकि, उन्होंने सीबीआई चीफ के पद से हटाए जाने के अगले ही दिन नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। वर्मा का सीबीआई में कार्यकाल 31 जनवरी को खत्म हो रहा था।

  5. वर्मा को पद से हटाने वाली समिति में प्रधानमंत्री के अलावा लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के प्रतिनिधि के रूप में जस्टिस एके सिकरी थे।



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      चीफ जस्टिस रंजन गोगोई।
      एम नागेश्वर राव। -फाइल

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सचिन ने बताया- डेब्यू मैच में रन नहीं बनाए तो लगा किसी लायक नहीं, पॉजिटिव लोगों की वजह से आज यहां हूं


स्पोर्ट्स डेस्क।सचिन तेंडुलकर कहते हैं कि निगेटिव और निगेटिव मिलकर पॉजिटिव हो जाएं, ऐसा सिर्फ गणित में होता है। जीवन में दो निगेटिव मिलकर और भी ज्यादा निगेटिविटी फैला देते हैं। सही मायनों में निगेटिविटी से मेरा पहला वास्ता पाकिस्तान में डेब्यू मैच के दौरान पड़ा। इस टेस्ट में जल्दी आउट हो जाने की वजह से मुझे नकारात्मक भावनाओं ने घेर लिया। मुझे खुद की क्षमताओं पर संदेह होने लगा था। बार-बार यह ख्याल आने लगा कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर के लायक हूं भी या नहीं। लेकिन, आसपास के पॉजिटिव लोगों के सहयोग से मैं निगेटिव विचारों से बाहर निकल आया। इसी दौरान मुझे धैर्य के साथ कठिन मेहनत करने की सीख मिली। निगेटिविटी हमेशा जल्दी हावी होती है। चुनौती यही है कि इसे करीब न भटकने दें। दैनिक भास्कर ‘नो निगेटिव मंडे’ की थीम पर डटा हुआ है और चार साल पूरे कर बाउंड्री लगाई है। यह बेहद सराहनीय है।

'शॉर्टकट टिकाऊ नहीं होता'
सचिन के मुताबिक, "कई बार ऐसी परिस्थितियां बनती हैं, जब लोग अपनी फिलॉसॉफी को छोड़ने या समझौता करने के लिए मजबूर हो जाते हैं। लेकिन, यही वे मौके होते हैं जब चरित्र की परीक्षा होती है। इसी संदर्भ से जुड़ी एक बात मुझे याद आती है। यह मेरे स्कूली दिनों की बात है। एक बार स्कोरर ने मेरे स्कोर में 6 रन अतिरिक्त जोड़ दिए। इस बात पर स्वर्गीय आचरेकर सर मुझसे काफी निराश हुए। उन्होंने कहा- मुझे फर्क नहीं पड़ता कि तुमने स्काेर किया या नहीं। लेकिन, शार्टकट लेने के लिए कभी प्रभावित मत होना। आज झटपट सफलता पाने के माहौल में शार्टकट लेने के प्रलोभन आकर्षक हो सकते हैं, लेकिन ये टिकाऊ नहीं होते।"

'सही चीजों पर फोकस करें'


सचिन ने बताया कि परिवार, दोस्त और मेरा स्टाफ मेरा सपोर्ट सिस्टम है। जब दुनिया मेरी आखिरी पारी पर बात कर रही होती थी, तब मेरा सपोर्ट सिस्टम और मैं अगली इनिंग पर फोकस कर रहे होते थे। इसलिए हमें हमेशा सही चीजों पर फोकस करना चाहिए। सकारात्मक रहना चाहिए।

गणतंत्र दिवस के अंक में सचिन होंगे गेस्ट एडिटर :
भास्कर हमेशा कुछ नया और अलग करने की कोशिश करता रहा है। इसी कड़ी में 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस पर सचिन तेंडुलकर भास्कर के गेस्ट एडिटर होंगे। सचिन की इच्छा है कि भारत खेल प्रेमी देश से खेलने वाला देश बने। इसलिए भास्कर विशेष कॉन्टेस्ट शुरू कर रहा है। अगर आपने खेल से जुड़े इन चार क्षेत्रों में लीक से हटकर कोई काम किया हो या आपका अनूठा अनुभव हो या आपके पास काेई नया आइडिया हो तो हमें भेज सकते हैं। ये क्षेत्र हैं- 1. बच्चों को खेलने की पूरी आजादी। 2. खेल के जरिए सामाजिक एकरूपता। 3. सेहत और फिटनेस के लिए खेल। 4. खेल से महिला सशक्तिकरण।



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monday positive Sachin will be guest editor on Republic Day

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चिड़ियाघर में बाड़े की दीवार फांदकर अंदर घुसा युवक, शेर ने किया हमला; मौत


मोहाली. जीरकपुर स्थित छतबीड़ चिड़ियाघर में रविवार शाम शेरके हमले से युवक की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, युवकदीवार फांदकर बाड़े में घुस गया था, जिसके बाद शेरने उस पर हमला कर दिया। इससे वहबुरी तरह जख्मी हो गया। इसके बाद उसेअस्पताल ले जाया गया, जहांडॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि, अभीमृतक की पहचान नहीं हो पाई है।

चिड़ियाघर के डायरेक्टर एम सुधाकर ने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति रविवार शाम कोलायन सफारी की पीछे बांध वाली साइड से दीवार और जाली फांदकर अंदर घुस आया। इसके बादउस व्यक्ति पर शेरने हमला कर दिया। जू-कीपर ने अन्य कर्मियों की मदद से उसे छुड़वाया। इसके बाद उसे चंडीगढ़ के सेक्टर 32 अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी मौत हो गई।

सुधाकर ने बताया, ''लायन सफारी में 4 शेर हैं, जो खुले में रहते हैं और पर्यटकों को एक बंद बस में अंदर शेर दिखाने ले जाया जाता है। युवक परकितने शेरों ने हमला किया, अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।''



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a tourist gone killed while he reached in loin case by jumping the wall
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ये है पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का वो इलाका, जहां के लोग 100 साल तक जीते हैं, ये है खास वजह


# दुनिया की कुछ जगहें ब्लू जोन कहलाती हैं, जहां लाइफ एक्सपेक्टेंसी बहुत ज्यादा होती है। हुंजा वैली उसी ब्लू जोन में शामिल है।
#यहां के लोग खुद को ईसा पूर्व चौथी सदी में आए सिकंदर के सैनिकों के वंशज मानते हैं। ये बुरुशो कहलाते हैं।

पीओके हुंजा वैली (सैयद मेहंदी बुखारी). गिलगित बाल्टिस्तान। यानी पाकिस्तान का उत्तरी इलाका। दक्षिण में आजाद कश्मीर, पश्चिम में खैबर पख्तून, उत्तर में अफगानिस्तान के वखान, पूर्व और उत्तर पूर्व में चीन के शिनजियांग और दक्षिण-पूर्व में भारत के जम्मू-कश्मीर से सटा पाकिस्तान का कश्मीर। वह हिस्सा जिसे लेकर भारत-पाकिस्तान में विवाद है। संयुक्त राष्ट्र इसे पाक शासित कश्मीर यानी पीएके कहता है और भारत पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके। लेकिन, आज बात विवाद की नहीं, इसकी सबसे खूबसूरत घाटी हुंजा वैली की करते हैं।

यहां के लोग औसत 100 साल जीते हैं :फोर्ब्स ने इसे 2019 के लिए दुनिया की दस सबसे कूलेस्ट प्लेस टू विजिट की लिस्ट में शामिल किया है। यह इलाका जितना सुंदर है, उतना ही सेहतमंद भी है।इस इलाके में आज तक किसी को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी नहीं हुई है।यहां लोग औसतन 100 साल से अधिक जीते हैं। जबकि, पाकिस्तान में यह औसत 66 साल है। साक्षरता दर भी यहीं सबसे ज्यादा है। पिछले 11 महीनों में यहां 12 लाख टूरिस्ट पहुंचे हैं। जबकि इससे ठीक एक साल पहले 5 लाख टूरिस्ट आए थे।

-पर्यटक इस घाटी के लिए पिछले कुछ सालों में 30 करोड़ रुपए का रेवेन्यू लेकर आए हैं। गिलगित बाल्टिस्तान टूरिज्म डिपार्टमेंट के असिस्टेंट डायरेक्टर मुबाशिर अयूब कहते हैं हम इस साल 25 लाख पर्यटक आने की उम्मीद कर रहे हैं। यदि सुविधाएं जुटा लीं जाएं तो हर साल यहां का बिजनस 100 करोड़ रु. को पार कर जाएगा।

हर मौसम के लिए है खास टूरिज्म स्पॉट :सरकार यहां नेशनल लेवल के इवेंट्स करवा रही है। जैसे विंटर एक्सपो, लोक विरसा टूरिज्म फेस्टिवल, सरफरंगा डेजर्ट जीप रैली जो सबसे ऊंचाई पर होने वाली पहली डेजर्ट जीप रैली है। गिलगित बाल्टिस्तान ही है, जहां हर मौसम के लिए एक खास टूरिज्म स्पॉट है। देओसाई में कल्चर से जुड़े अल्तीती और बलतीत फोर्ट हुंजा में ही हैं। शिगर फोर्ट और खापलू फोर्ट बाल्टिस्तान में है। स्कर्दू का मशहूर वॉटरफॉल, काराकोरम के साथ सटे दियामर में पत्थरों पर अवशेष और न जाने क्या कुछ। नलतार हुंजा वैली इलाके का स्कीइंग डेस्टिनेशन पाकिस्तान का सबसे ऊंचा स्कीइंग पाइंट हैै। यह 9680 फीट पर स्थित है।

गर फिरदौस बर रुए जमीं अस्त, हमीं अस्तो, हमीं अस्तो, हमी अस्त...

यानी धरती पर अगर कहीं स्वर्ग है तो यहीं है, यहीं है, यहीं है। मुगल बादशाह जहांगीर ने जब ये पंक्तियां कही थीं तब पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भी भारत का था। यह कहानी वहीं की है...



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Hunza Valley Local Food and Things To Do in Heaven On Earth। Monday Positive4th Anniversary। News Update

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डेब्यू मैच में रन नहीं बनाए तो लगा मैं किसी लायक नहीं, पॉजिटिव लोगों की वजह से आज यहां हूं: सचिन


मुंबई. सचिन तेंडुलकर कहते हैं किनिगेटिव और निगेटिव मिलकर पॉजिटिव हो जाएं, ऐसा सिर्फ गणित में होता है। जीवन में दो निगेटिव मिलकर और भी ज्यादा निगेटिविटी फैला देते हैं। सही मायनों में निगेटिविटी से मेरा पहला वास्ता पाकिस्तान में डेब्यू मैच के दौरान पड़ा। इस टेस्ट में जल्दी आउट हो जाने की वजह से मुझे नकारात्मक भावनाओं ने घेर लिया। मुझे खुद की क्षमताओं पर संदेह होने लगा था। बार-बार यहख्याल आने लगा कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर के लायक हूं भी या नहीं। लेकिन, आसपास के पॉजिटिव लोगों के सहयोग से मैं निगेटिव विचारों से बाहर निकल आया। इसी दौरान मुझे धैर्य के साथ कठिन मेहनत करने की सीख मिली। निगेटिविटी हमेशा जल्दी हावी होती है। चुनौती यही है कि इसे करीब न भटकने दें। दैनिक भास्कर ‘नो निगेटिव मंडे’ की थीम पर डटा हुआ है और चार साल पूरे कर बाउंड्री लगाई है। यह बेहद सराहनीय है।

'शॉर्टकट टिकाऊ नहीं होता'

सचिन के मुताबिक, "कई बार ऐसी परिस्थितियां बनती हैं, जब लोग अपनी फिलॉसॉफी को छोड़ने या समझौता करने के लिए मजबूर हो जाते हैं। लेकिन, यही वे मौके होते हैं जब चरित्र की परीक्षा होती है। इसी संदर्भ से जुड़ी एक बात मुझे याद आती है। यह मेरे स्कूली दिनों की बात है। एक बार स्कोरर ने मेरे स्कोर में 6 रन अतिरिक्त जोड़ दिए। इस बात पर स्वर्गीय आचरेकर सर मुझसे काफी निराश हुए। उन्होंने कहा- मुझे फर्क नहीं पड़ता कि तुमने स्काेर किया या नहीं। लेकिन, शार्टकट लेने के लिए कभी प्रभावित मत होना। आज झटपट सफलता पाने के माहौल में शार्टकट लेने के प्रलोभन आकर्षक हो सकते हैं, लेकिन ये टिकाऊ नहीं होते।"

'सही चीजों पर फोकस करें'
सचिन ने बताया कि परिवार, दोस्त और मेरा स्टाफ मेरा सपोर्ट सिस्टम है। जब दुनिया मेरी आखिरी पारी पर बात कर रही होती थी, तब मेरा सपोर्ट सिस्टम और मैं अगली इनिंग पर फोकस कर रहे होते थे। इसलिए हमें हमेशा सही चीजों पर फोकस करना चाहिए। सकारात्मक रहना चाहिए।

गणतंत्र दिवस के अंक में सचिन होंगे गेस्ट एडिटर :
भास्कर हमेशा कुछ नया और अलग करने की कोशिश करता रहा है। इसी कड़ी में 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस पर सचिन तेंडुलकर भास्कर के गेस्ट एडिटर होंगे। सचिन की इच्छा है कि भारत खेल प्रेमी देश से खेलने वाला देश बने। इसलिए भास्कर विशेष कॉन्टेस्ट शुरू कर रहा है। अगर आपने खेल से जुड़े इन चार क्षेत्रों में लीक से हटकर कोई काम किया हो या आपका अनूठा अनुभव हो या आपके पास काेई नया आइडिया हो तो हमें भेज सकते हैं। ये क्षेत्र हैं- 1. बच्चों को खेलने की पूरी आजादी। 2. खेल के जरिए सामाजिक एकरूपता। 3. सेहत और फिटनेस के लिए खेल। 4. खेल से महिला सशक्तिकरण।

अपनी एंट्री 23 जनवरी तक contest@dbcorp.in पर ईमेल या 7067423324 पर वॉटसएप कर सकते हैं।प्राप्त एंट्रीज को सचिन देखेंगे। इनमें से चुने गए लीक से हटकर किए काम, अनूठे अनुभव और चुनिंदा आइडिया भास्कर के 26 जनवरी के अंक में प्रकाशित किए जाएंगे। टॉप 10 विजेताओं को सचिन के हस्ताक्षर वाले विशेष गिफ्ट भी दिए जाएंगे।



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सचिन कहते हैं कि निगेटिविटी जल्दी हावी होती है। इसे करीब न भटकने दें। (फाइल)

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दुनिया की महिलाएं साल में 710 लाख करोड़ रु के काम बिना वेतन करती हैं: ऑक्सफैम


दावोस. दुनिया की महिलाएं सालभर में 710 लाख करोड़ रुपए (10 लाख करोड़ डॉलर) के मेहनताने के बराबर ऐसे काम करती हैं जिनके लिए उन्हें कोई भुगतान नहीं मिलता। यह रकम (10 ट्रिलियन डॉलर) दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी एपल के सालाना टर्नओवर की 43 गुना है। ऑक्सफैम ने सोमवार को यह रिपोर्ट जारी की। इसके मुताबिक, भारत की महिलाएं घर और बच्चों की देखभाल जैसे बिना भुगतान वाले जो काम करती हैं उसकी वैल्यू देश की जीडीपी के 3.1% के बराबर है।

  1. ऑक्सफैम की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के शहरी इलाकों में महिलाएं रोजाना 312 मिनट का समय ऐसे कामों में लगाती हैं जिनके लिए उन्हें कोई भुगतान नहीं मिलता। ग्रामीण इलाकों की महिलाएं 291 मिनट ऐसे काम करती हैं। महिलाओं के मुकाबले शहरी इलाकों के पुरुष सिर्फ 29 मिनट और ग्रामीण इलाकों के 32 मिनट घर और बच्चों की देखभाल जैसे काम करते हैं।

  2. रिपोर्ट के मुताबिक भारत समेत दुनियाभर में आर्थिक असमानता बढ़ रही है। महिलाएं और लड़कियां इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। भारत में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को वेतन वाले काम मिलने के आसार कम रहते हैं। देश के 119 सदस्यीय अरबपति क्लब में सिर्फ 9 महिलाएं शामिल हैं।

  3. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में पुरुषों की तुलना में महिलाओं के वेतन में काफी अंतर है। इसलिए, महिलाओं की कमाई पर निर्भर परिवार गरीब रह जाते हैं। देश में महिला-पुरुषों के वेतन में 34% का फर्क है। यह भी सामने आया है कि जाति, वर्ग, धर्म, आयु और लैंगिक नजरिए जैसे कारक भी महिलाओं के प्रति असमानता को प्रभावित करते हैं।

  4. ऑक्सफैम की रिपोर्ट में ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स-2018 में भारत की 108वीं रैंकिंग का जिक्र भी किया गया है। साल 2006 के मुकाबले इसमें सिर्फ 10 पायदान की कमी आई है। इस मामले में भारत पड़ोसी देश चीन और बांग्लादेश से पीछे है। ग्लोबल एवरेज के मुकाबले भारत की रैंकिंग काफी कम है।



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      प्रतीकात्मक चित्र।

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11 की उम्र में घरों में काम किया, 39 साल में 12 तरह के काम सीख लिए, अब अमेजन में लर्निंग साइंस की डायरेक्टर हैं


न्यूयार्क.कहा जाता है कि सीखना एक कला है। लेकिन, अमेरिका की कैंडिस थिले को जिंदगी की चुनौतियों ने इतना सिखाया कि उन्होंने सीखने का विज्ञान जान लिया। आज की तारीख में कैंडिस दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी अमेजन में लर्निंग साइंस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर हैं। वे अमेजन के हर डिपार्टमेंट के लोगों को काम के नए तरीके सीखने का विज्ञान बताती हैं, ताकि कर्मचारी आगे बढ़ें और कंपनी को भी ऊंचा मुकाम दिलवाएं।

11 साल की उम्र में सीखने की शुरुआत हुई
कैंडिस के पिता इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे और लॉकहीड कंपनी में मिसाइल प्रोजेक्ट में काम करते थे। उन्होंने यह काम एक दिन अचानक यह सोच कर छोड़ दिया कि वे कोई ऐसी चीज बनाने में योगदान नहीं करेंगे जिसका इस्तेमाल युद्ध में हो। परिवार के पास आय का दूसरा जरिया नहीं था। हर सदस्य को काम शुरू करना पड़ा। कैंडिस के सीखने के सफर की शुरुआत 11 साल की उम्र में हुई।

पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने घरों में काम करने और बेबी सीटिंग का काम शुरू किया। उन्होंने यह काम चार साल तक किया। कैंडिस को 15 साल की उम्र में दूसरी जॉब मिली। वे आर्ट एंड क्राफ्ट शॉप में काम करने लगीं। जल्दी ही वे क्राफ्ट के काम में इतनी माहिर हो गईं कि स्टोर ज्वाइन करने वाली नई लड़कियों को इसे सिखाने भी लगीं। उन्होंने इसका बिजनेस भी शुरू किया। इसके लिए कैंडिस को धागे की जरूरत पड़ती थी। उन्होंने धागा कातना भी सीख लिया। कैंडिस कहती हैं, ऐसा नहीं है कि वह काम मुझे पसंद था। मैंने उसे इसलिए सीखा क्योंकि वह काम अच्छे से करना चाहती थी।

18 साल की उम्र में उन्होंने फिर काम बदला। इस बार वे लाइब्रेरियन बनीं। एक साल बाद वह सेक्स एजुकेटर के तौर पर काम करने लगीं। वे अपने से बड़ी उम्र के लोगों को सेक्स एजुुकेशन के बारे में बताती थीं। इस बीच उन्होंने यूसी बर्कले यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन पूरी की।

इसके बाद कैंडिस ने पीट्सबर्ग (पेंसलवेनिया) में बेकरी में काम किया। इसके बाद वह रेप क्राइसिस सेंटर पर रेप विक्टम की काउंसिलिंग करने लगीं। यहां उन्होंने अस्पताल कर्मचारियों के लिए एक ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया। इसमें कर्मचारियों को यह सिखाया जाता था कि रेप विक्टिम से साक्ष्य सुरक्षित रूप से कैसे जुटाना चाहिए। उन्होंने चाइल्ड सेक्स एब्यूज रोकने के लिए भी मॉड्यूल तैयार किया।

जिस कंपनी में रिसेप्शनिस्ट रहीं, उसमें वाइस प्रेसिडेंटबनीं

24 साल की उम्र में कैंडिस ने एक मैनेजमेंट कंसल्टेंसी कंपनी में रिसेप्शनिस्ट का काम पकड़ा। इसमें उन्होंने 18 साल बिताए और रिसेप्शनिस्ट से वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजिंग पार्टनर के पद तक पहुंचीं। यहां उन्होंने सीखने के तरीकों पर पहला ई-लर्निंग कोर्स तैयार किया। यह कोर्स इस फलसफे पर आधारित था कि ह्यूमन लर्निंग को साइंस और टेक्नोलॉजी के जरिए रफ्तार दी जा सकती है।

इसके बाद उन्होंने वह कंपनी छोड़कर ओपन लर्निंग इनिशिएटिव (ओएलआई) की शुरुआत की। इसे शुरू करने में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। इससे उनकी पहले साल की कमाई पिछली जॉब से भी कम रह गई थी। 2013 में कैंडिस ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ज्वाइन की। यहां वे लर्निंग साइंस की असिस्टेंट प्रोफेसर बनीं। बाद में उन्हें इस डिपार्टमेंट का डायरेक्टर भी बनाया गया।

2018 में अमेजन ने उनकी सेवा लेने के लिए लर्निंग साइंस डिपार्टमेंट की शुरुआत की और कैंडिस को इसका डायरेक्टर बनाया। कैंडिस ने अभी स्टैनफोर्ड से इस्तीफा नहीं दिया है। वे वहां से छुट्टी लेकर अमेजन के लिए काम कर रही हैं। अमेजन के लिए दुनियाभर में पांच लाख 66 हजार लोग काम करते हैं।

कैंडिस के 2 सूत्र वाक्य

1. हर काम बड़ा होता है, बशर्ते आप अपने लिए पैमाना ऊंचा रखें।

2. सबसे बड़ी सीख यह होती है कि कोई नया काम कैसे सीखा जाए।



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Interview with Candice Thiele, Director of Learning Science in Amazon

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यमन में खिलाड़ियों की हत्या हुई, स्टेडियम तोड़े गए; फिर भी पहली बार एशियन कप खेला


खेल डेस्क. यह कहानी यमन फुटबॉल टीम की स्पोर्ट्स स्पिरिट, उसके संघर्ष से निकली सकारात्मकता और सफलता को बताती है। यमन में पिछले चार साल से गृहयुद्ध चल रहा है। इसके बावजूद टीम ने एएफसी एशियन कप के लिए क्वालिफाई किया। वह भी तब, जब उसके कुछ खिलाड़ियों की हत्या कर दी गई। कुछ किडनैप किए गए। उनके पास खेलने के लिए स्टेडियम तक नहीं था। टीम को 2018 में तीन इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका मिला।

खिलाड़ियों के पास कमाई का कोई जरिया नहीं है। इसलिए उन्हें टैक्सी और बस चलानी पड़ती है। कुछ खिलाड़ी किराने की दुकान में काम करते हैं। यमन की टीम पहली बार एएफसी कप में खेली। यह मौजूदा माहौल में इस देश के लिए सबसे सकारात्मक बात है, क्योंकि पिछले चार साल से यमन की घरेलू लीग नहीं खेली गई है। टीम ने अरब देशों के बीच 1970 से खेले जाने वाले गल्फ कप में अब तक कोई मैच नहीं जीता है। क्लब आर्थिक तंगहाली से जूझ रहे हैं। कई क्लब के पास स्टाफ और खिलाड़ियों को देने के लिए पैसे नहीं है।

मीडिया ने कहा-एशियन कप में खेलना चमत्कार से कम नहीं
यमन एएफसी एशियन कप में खेलने वाली सबसे निचली रैंक (135) वाली टीम है। टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है, लेकिन वहां की मीडिया इसे ‘सम्मानजनक हार’ कह रही है, क्योंकि ऐसे माहौल में यमन का एशिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट में खेलना किसी चमत्कार से कम नहीं है।

गोलकीपर आयश और शुकरी तेल कंपनी में काम करते हैं
टीम के कई खिलाड़ियों को अपने फुटबॉल के सपने को पूरा करने और परिवार पालने के लिए छोटे-मोटे काम करने पड़ते हैं। यमन टीम के गोलकीपर मोहम्मद आयश और शुकरी अल दहिया तेल कंपनी में काम करते हैं। सुलेमान हजम सड़कों पर आलू बेचते हैं। कुछ खिलाड़ी टैक्सी, बस और मोटर साइकल ड्राइवर हैं। कुछ अपने परिवार पर निर्भर हैं।

यमन

यमन के 3 खिलाड़ियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी
युद्ध के दौरान कुछ खिलाड़ी सरकार के पक्ष में हो गए। सरकार विरोधी हौती विद्रोहियों ने अली घराबा, अब्दुल्ला एरेफ और अब्दुल्ला अल बेजाज की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी। एक खिलाड़ी क्वालिफिकेशन मुकाबला खेलकर घर लौट रहा था, तब उसे किडनैप कर लिया गया। उसे 48 घंटे बाद छोड़ा गया। इसलिए जब खिलाड़ी एक साथ ट्रेनिंग के लिए जाते हैं तो सुरक्षा के लिए उन्हें ट्रांसपोर्ट ट्रक में ले जाया जाता है। ताकि उन्हें कोई पहचान न सके।

हौती विद्रोहियों ने देश के कई स्टेडियमों को भी तोड़ दिया। उन पर कब्जा कर लिया था और उन्हें अपना बेस बना लिया था। देश के 70 फीसदी स्टेडियम टूट चुके हैं। इसके बाद यमन टीम ने कुछ महीने कतर में भी प्रैक्टिस की थी।

4 साल में 84 हजार लोग मारे गए, यूएन ने इसे सबसे बड़ा मानवीय संकट बताया

  • 32 लाख लोग बेघर हो चुके हैं यमन में 2015 से अब तक। इनमें 76% महिलाएं और बच्चे हैं।
  • 85 हजार बच्चे (5 साल से कम उम्र के) कुपोषण का शिकार हैं।
  • 84 हजार बच्चों की मौत भुखमरी से हुई है (सेव द चिल्ड्रन की रिपोर्ट)।
  • 1 करोड़ 4 लाख से ज्यादा लोगों पर अकाल का खतरा है। यह 100 साल में सबसे खराब है।
  • 98% तक बढ़ गए हैं खाने की चीजों के दाम। फ्यूल के दाम 110% तक बढ़े।
  • 55% लोगों की पहुंच पीने के साफ पानी और जरूरी हाईजीन तक नहीं है।


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सरकार विरोधी हाैती विद्रोहियों ने देश के लगभग 70% स्टेडियम तोड़ दिए हैं। यहां अपना बेस कैंप बनाया है।

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महाराष्ट्र के एक गांव ने पानी बचाकर अपनी आमदनी 38 गुना कर ली, आज यहां 70 परिवार करोड़पति


अनिरुद्ध देवचक्के,अहमदनगर (महाराष्ट्र) . अहमदनगर से 17 किलोमीटर दूर है हरा-भरा हिवरे बाजार। गांव में न तो किसी राजनीतिक दल की शाखा है और न ही किसी पार्टी का कोई होर्डिंग। इच्छाशक्ति के साथ जनसहयोग हो तो बदलाव कैसे आता है, यह गांव ने बीते 24 साल में कर दिखाया।गांव के 70 परिवार करोड़पतिहैं। 47 प्राथमिक शिक्षक हैं। 68 युवक सेना में चुने गए हैं। गांव के लोगों में 3 डॉक्टर, 6 प्रोफेसर और 100से ज्यादा इंजीनियरिंग, फार्मा जैसे विषयों में उच्चशिक्षित लोग हैं, जो देशभर में अलग-अलग हिस्सों में काम कर रहे हैं।

1972-82 के बीच कई लोग गांव से चले गए

एक हजार हेक्टेयर में बसे 1,650 लोगों के इस गांव में कुल 315 परिवार हैं। महीने की प्रति व्यक्ति आय औसतन 32 हजार रुपए है। स्थिति हमेशा ऐसी नहीं थी। 1972 से 1982 के बीच गांव के हालात बहुत खराब थे। प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 832 रुपए थी, तब लगातार तीन साल सूखा पड़ा। कई परिवार गांव तक छोड़कर चले गए।

उसी दौरान पोपट पवार भी चौथी पढ़ने के बाद गांव छोड़कर चले गए। क्रिकेट के शौकीन पवार आगे जाकर राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेलने लगे। वेबीच-बीच में गांव आते और हालात देखकर दुखी होते रहते। 1989 में जब ग्राम पंचायत के चुनाव होने थे तो लोगों ने उन्हीं से चुनाव लड़ने का आग्रह किया। वो मान गए। पवार चुनाव लड़े और जीतकर सरपंच बने। तब गांव में हरियाली नज़र ही नहीं आती थी, इसलिए पास की पहाड़ियों पर लोगों के श्रमदान से पौधरोपण शुरू किया गया।

26 जनवरी 1990 को गांव में पहली ग्रामसभा हुई, जिसमें पोपट पवार ने लोगों को गांव के कायाकल्प की पूरी रूपरेखा समझाई। वन संरक्षण के लिए गांव में कुल्हाड़ी पर पाबंदी लगा दी गई। तब किसानों का रुझान गन्ना, अनार, केले जैसी नकद फसल की ओर था, जिनमें बहुत पानी लगता। इसलिए भूमिगत जल लेने पर पाबंदी लगा दी गई।

गांव में रोज होता है 5 हजार लीटर दूध का उत्पादन

गांव में 350 कुएं और एक तालाब है। रिचार्जिंग से भू-जलस्तर बढ़ने लगा। शासन की मदद से बड़ी संख्या में स्टॉप डेम बनाए गए। इससे पालतू जानवरों को चारा मिलने लगा। दुग्ध व्यवसाय बढ़ने लगा। आज गांव में रोज 4-5 हजार लीटर दूध का उत्पादन होता है। स्कूल के छात्र पानी का ऑडिट करते हैं। कितनी वर्षा हुई। कितना पानी बह गया व कितना जमीन में गया?

गांव के विकास को देखकर गांव से बाहर गए 70 परिवार लौट आए हैं। आज पास के गांवों को हिवरे बाजार से पानी की आपूर्ति की जाती है।



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village of Maharashtra has done 38 times its income

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ब्रिटेन को पछाड़कर 2019 में दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत: पीडब्ल्यूसी


नई दिल्ली. ग्लोबल कंसल्टेंसीफर्म पीडब्ल्यूसी का मानना है कि 2019 में भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़कर विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। 2017 में भारत ने फ्रांस को पीछे छोड़कर छठा स्थान हासिल किया था। वैश्विक अर्थव्यवस्था की रैंकिंग में अमेरिका पहले नंबर पर है, चीन दूसरे और जापान तीसरे स्थान पर काबिज है। फिलहाल ब्रिटेन पांचवें पायदान पर है, लेकिन ब्रेग्जिट से बाहर निकलने का फैसला उसकी अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर डाल रहा है।

  1. पीडब्ल्यूसी के मुताबिक-फ्रांस और ब्रिटेन की आबादी लगभग बराबर है, वहीं विकास के मामले में भी दोनों एक जैसे हैं। इस वजह से दोनों एक दूसरे को अक्सर पछाड़ते रहते हैं, लेकिन 5वे नंबर पर आने के बाद भारत अपनी रैंकिंग को लंबे समय तक कायम रख सकता है।वैश्विक अर्थव्यवस्था में कोई बड़ी उथलपुथल न हुई और तेल की आपूर्ति ठीक रही तो 2019-20 में भारत की जीडीपी 7.6% रहने के आसार हैं। इस दौरान ब्रिटेन की जीडीपी ग्रोथ1.6%, फ्रांस की 1.7% रहने की संभावना है।

  2. पीडब्ल्यूसी के वरिष्ठ अर्थशास्त्री माइक जैकमेन का कहना है कि मौजूदा समय में भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। जनसंख्या के साथ अनुकूल जनसांख्यिकीभारत को मजबूती प्रदान करती है। उनका कहना है कि भारत की नई सरकार की नीतियां और जीएसटी विकास दर को तेज करने में सहायक होंगी। दूसरी तरफ 2018 और 2019 में ब्रिटेन की विकास दर में कमी देखी गई। यूरो के मुकाबलेपाउंड के कमजोर रहने से भी उसे नुकसान होगा।

  3. पीडब्ल्यूसी के विशेषज्ञ मानते हैं कि 2019 में वैश्विक स्तर पर मंदी रहने के आसार हैं, क्योंकि जी-7 देशों की विकास दर औसत ही दिखाई दे रही है। एजेंसी का मानना है कि 2016 के आखिर से 2018 की शुरुआत के बीच वैश्विक स्तर पर जो तेजी दिखाई दी थी वो अब थम चुकी है। विश्व की सारी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की जीडीपी 2019 में औसत के आसपास रहने के आसार दिख रहे हैं।

  4. 2017 में विश्व की टॉप 7 अर्थव्यवस्थाएं

    किस पायदान पर देश जीडीपी (लाख करोड़ रु में)
    1 अमेरिका 1381
    2 चीन 871
    3 जापान 347
    4 जर्मनी 261
    5 यूके 186
    6 भारत 184
    7 फ्रांस 183

  5. केंद्रीय वाणिज्य, नागरिक उड्‌डयन मंत्री सुरेश प्रभु का कहना है कि आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर उथलपुथल मचने के आसार हैं। इसका फायदा भारत को उठाना चाहिए। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल सम्मिट में उन्होंने कहा कि अभी निर्माण और सेवा क्षेत्र के साथ कृषि को मजबूत बनाने पर फोकस किया जा रहा है। भारत को अपना निर्यात दोगुना करना होगा। अफ्रीका और लैटिन अमेरिका देशों में भारत के लिए अच्छी संभावनाएं हैं। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार अपने घरेलू विमानन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए 4 अरब 63 करोड़ का निवेश करके 100 नए एयरपोर्ट बनाने जा रही है।

  6. प्रभु ने कहा कि अगले 7-8 साल में भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर (356 लाख करोड़ रुपए) की हो सकती है। साथ ही 2035 के पहले हमारी इकोनॉमी के 10 ट्रिलियन डॉलर (712 लाख करोड़ रुपए) होने की संभावना है। मैन्यूफेक्चरिंग सेक्टर को निर्यात को सपोर्ट करना चाहिए। इससे गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।आज हमारे पास एक्सपोर्ट बढ़ाने की बड़ा मौका है।



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      सिम्बॉलिक।

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दावोस समिट में नियमित जाने वाले 10 अरबपतियों की नेटवर्थ 10 साल में 12 लाख करोड़ बढ़ी


दावोस. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम हर साल दावोस में दुनियाभर के शीर्ष लीडर्स और बिजनेस हस्तियों का सम्मेलन आयोजित करता है। इसमें विश्व अर्थव्यवस्था और इसके सामने मौजूद चुनौतियों पर चर्चा होती है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2008 की मंदी के बाद से जो 10 अरबपति बिजनेसमैन इस सम्मेलन में नियमित तौर पर हिस्सा ले रहे हैं उनकी संपत्ति पिछले 10 सालों में कई गुना बढ़ी है।

  1. एशिया के सबसे बड़े अमीर मुकेश अंबानी का ही उदाहरण लें। साल 2009 में उनकी नेटवर्थ करीब एक लाख करोड़ रुपए थी। अब उनकी नेटवर्थ तीन लाख करोड़ से ज्यादा है। एक दशक में उनकी संपत्ति 174% बढ़ी है। 2009 में भाग लेने वाले टॉप-10 अरबपति व्यवसायियों की नेटवर्थ 10 साल में 12 लाख करोड़ बढ़ी है। 2009 में दुनियाभर के अरबपतियों (1 अरब डॉलर या अधिक नेटवर्थ वाले) के पास 238 लाख करोड़ की संपत्ति थी। 2017 में यह 623 लाख करोड़ हो गई।

  2. बिल गेट्स की नेटवर्थ 10 साल में 86% बढ़ी

    अरबपति 2009 में नेटवर्थ (हजार करोड़ रु) 2019 में नेटवर्थ (हजार करोड़ रु) बढ़ोतरी
    मार्क जकरबर्ग 21.3 417 1853%
    बिल गेट्स 361 673 86%
    मुकेश अंबानी 114 312 174%
    माइकल डेल 65 188 187%
    रुपर्ट मर्डोक 22 130 472%
  3. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम का आयोजन इस बार 22-25 जनवरी तक होना है। समिट में भारत की 100 हस्तियां शामिल होंगी। इनमें केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ भाग लेंगे। उद्योगपति मुकेश अंबानी, गौतम अदाणी, संजीव बजाज, एन. चंद्रशेखरन, सज्जन जिंदल, आनंद महिंद्रा, सुनील मित्तल भी शामिल होंगे।



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      davos billionaires: rich and influencers getting richer even after financial crisis

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एक्सपर्ट ने कहा- 80सी में छूट की सीमा बढ़े, 5-10 लाख की आय पर टैक्स घटे


नई दिल्ली. एक फरवरी को अंतरिम बजट आने वाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ सकती है। उन सेक्टर पर ध्यान दिया जा सकता है, जिन पर नोटबंदी का विपरीत असर पड़ा था। बैंक बाजार डॉट कॉम के सीईओ आदिल शेट्‌टी के अनुसार सरकार टैक्स में ज्यादा छूट देकर बचत को बढ़ावा दे सकती है।

शेट्टी का कहना है कि कई साल से 80सी में छूट की सीमा 1.5 लाख रु. से बढ़ाने की मांग हो रही है। इसे 2-2.5 लाख करना चाहिए। अभी 5% के बाद सीधे 20% टैक्स का स्लैब है। यह 5-10 लाख की आय पर लगता है। इसे ठीक किया जाना चाहिए।

  1. होम लोन पर ब्याज के लिए टैक्स छूट की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 4 लाख की जानी चाहिए। पिछले साल एक लाख रुपए से अधिक लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 10% टैक्स लगाया गया था। इसकी सीमा भी बढ़ाई जानी चाहिए।

  2. रियल्टी ने 2017 में जीडीपी में 6-7% योगदान दिया था। 2025 में यह 13% तक पहुंचने का अनुमान है। सुपरटेक के चेयरमैन आर.के.अरोड़ा ने कहा कि घरों पर जीएसटी कम होना चाहिए। सेक्टर को उद्योग का दर्जा मिले।

  3. जीएसटी की विशेष समिति घरों के लिए जीएसटी पर विचार कर रही है। काउंसिल की 10 जनवरी की बैठक में टैक्स रेट 12% से घटाकर 5% करने का प्रस्ताव आया था। सहमति नहीं बनने के कारण 7 सदस्यों वाली समिति बनाई गई है। अभी अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर 12% जीएसटी का प्रावधान है। जिन फ्लैट के लिए कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिल गया है, उन पर टैक्स नहीं लगता है।

  4. फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी कैश-ई के संस्थापक और चेयरमैन वी. रमन कुमार ने कहा कि यह सेक्टर ग्रोथ के लिए सरकार से उम्मीद कर रहा है। इसमें एंजेल टैक्स खत्म करना प्रमुख है। इस टैक्स से स्टार्टअप्स में निवेश बाधित हो रहा है। उन्होंने डिजिटल ट्रांजैक्शन में टैक्स में छूट और ई-केवाईसी नियमों में ढील की उम्मीद जताई। इससे डिजिटल ट्रांजैक्शन इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा।



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      वित्त मंत्री अरुण जेटली।

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50 फ्यूज बल्ब झालर में लगने से रोशनी नहीं होती- कुमार विश्वास की व्यंग्यात्मक शृंखला


‘लग गया, लग गया, लग गया! कुम्भ लग गया। दुबई के बाद अब कलकत्ता में लगा।’ हाजी पंडित मुझसे उलझना चाहते थे। मैंने भी मौका दिया, ‘ऐसा है हाजी, पहले भी कहा है मैंने, पचास फ्यूज बल्बों को एक झालर में लगा देने से रोशनी नहीं हो जाएगी।’ हाजी शायद यही सुनना चाहते थे। बोले, ‘यही तो बात है महाकवि! पचास फ्यूज बल्ब मिलकर रोशनी भले न कर सकें, लेकिन उन बल्बों को फोड़कर इतना मांझा तो बनाया जा सकता है जो पड़ोसी की पतंग काट सके!’

मैंने माथा पीटते हुए कहा, ‘मतलब अपने घर में रोशनी हो या न हो, पड़ोसी की पतंग काटना ज्यादामहत्वपूर्ण हो गया।’ हाजी के चेहरे पर ममता दीदी वाली गम्भीरता थी, ‘इसी का नाम सियासत है महाकवि! अपनी बचाओ सो बचाओ, दूसरे की जरूर काटो। बल्कि दूसरे की कटेगी नहीं, तो अपनी बचेगी नहीं। तभी कहता हूं यह काम तुम्हारे बस का है ही नहीं महाकवि। तुमसे न दूसरे की कटी, न अपनी बची।’ मैंने भी इस बार उतनी ही गंभीरता से जवाब दिया, ‘सब रिश्ते-नाते, दोस्ती-यारी भूल कर ही यह सब होगा, तो सच में मेरे बस की नहीं है हाजी। अच्छा जाने दो, तुम तो कोलकाता वाले कुंभ की बताओ। क्या-क्या नज़ारा रहा?’

हाजी बोले, ‘अरे महाकवि, पहले तो कई अखाड़े एक साथ इकट्ठे हो गए, कि साथ-साथ लोकशाही स्नान करेंगे। फिर पता चला कि गंगाजी की बजाय बंगाल की खाड़ी में डुबकी लगा आए। यह पता तब चला जब उनमें से एकाध ने बाद में अपना ही गाल चाटकर देखा, कि ये नमकीन सा क्यों है।’ मैंने इस अजीब सी बात पर पलटकर पूछा, ‘बाकी सब तो ठीक है हाजी, लेकिन कोई अपना गाल चाटकर कैसे देख सकता है? इतनी लंबी किसकी जीभ होती है?’

हाजी इसका जवाब भी अपनी जुबान पर धरे बैठे थे, ‘प्रधानमंत्री की कुर्सी को देखकर सोलह-सत्रह अखाड़ा-प्रमुखों की जीभ इतनी लटक गई है कि गाल तो क्या, पीठ तक भी पहुंच सकती है, और पीठ भी मैं सभ्यतावश बोल रहा हूं।’ मैंने कहा, ‘अच्छा! बात तो सही कहते हो हाजी। तीन राज्यों में सत्ता की रेत क्या फिसली, हर ऊंटिया खुद को शेख समझने लगा है।’ हाजी अभी कुंभ पर ही अटके थे, ‘अरे मजे की सुनो महाकवि! तुम्हारा वाला पीठाधीश भी पहुंचा था लोकशाही स्नान में।

कई लोगों ने समझाया कि नागा होने और नंगा होने में जमीन आसमान का फर्क है, लेकिन भाई लगा रहा काम पर। अंत तक चीख-चीख कर कोशिश करता रहा कि खुद की नंगई को आस्था सिद्ध कर दे, लेकिन अगल बगल के छद्‌म-अवधूतों ने होने न दिया। यार, सच बताऊं तो बड़ी पत्थर-सी बेशर्मी चाहिए कि कल तक जिनके खिलाफ आग उगली हो, आज उनके ही साथ बैठकर चिलम पीयो। क्रांति की आग से गांजा ठीक-ठीक सुलग जाता होगा महाकवि?’ मैंने बात को विराम दिया, ‘अमां जाने दो हाजी! जिसको जैसा सुहाता हो, उसको वैसा करने दो। लोकतंत्र है, जनता को जब, जो बताना है, वो बता ही देती है। समय-समय का फेर है। बकौल मुनव्वर जी,

‘बुलंदी देर तक किस शख़्स के हिस्से में रहती है

बहुत ऊंची इमारत हर घड़ी खतरे में रहती है’



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कुमार विश्वास

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राहुल का मोदी पर तंज- 100 दिन में लोगों को आपके अत्याचार से मुक्ति मिल जाएगी


नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महागठबंधन को लेकर कसे तंज पर पलटवार किया। राहुल ने मोदी को योर हाईनेस बताते हुए कहा-100 दिनों में देश को मोदी के अत्याचारों और अक्षमता से मुक्ति मिल जाएगी। दरअसल, मोदी ने शनिवार को कोलकाता में हुई विपक्ष की रैली पर कहा था कि लोकतंत्र का गला घोंटने वाले लोग आज बचाओ-बचाओ कह रहे हैं।

राहुलने मोदी की महागठबंधन पर तंज की खबर को शेयर करते हुए ट्वीट किया,''योर हाईनेस, मंच पर जो लोग चिल्ला रहे थे, वो लाखों बेरोजगार युवाओं, तनाव में चल रहे किसानों, दबाए जा रहे दलितों-आदिवासियों, जुल्म सह रहे अल्पसंख्यकों औरबर्बाद हो चुके छोटे कारोबारियों की मदद के लिएआवाज थी। वे लोग आपके अत्याचार और अक्षमता से आजादी की भीख मांग रहे हैं। 100 दिनों में उन्हेंमुक्ति मिल जाएगी।''

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मोदी ने कहा था-महागठबंधन मेरे खिलाफ नहीं, जनता के खिलाफ

ममता बनर्जी ने शनिवार को कोलकाता में रैली बुलाई थी। इसमें कांग्रेस समेत 15 से ज्यादा विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए थे। मोदी ने ममता की रैली को लेकर कहा था, "महागठबंधन मेरे खिलाफ नहीं, बल्कि देश की जनता के खिलाफ है। पं. बंगाल में राजनीतिक दल को कार्यक्रम करने से रोक लगा दी जाती है। लोकतंत्र का गला घोंटा जाता है। वहां भ्रष्ट जुटे हैं। जब वहां लोकतंत्र बचाने की बात होती है तो मुंह से निकलता है- वाह क्या सीन है। ये लोग कह रहे हैं कि बचाओ-बचाओ।’'



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In 100 days, India will be free from Modi's tyranny:Rahul

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जम्मू-कश्मीर में भाजपा चुनाव बाद गठजोड़ कर बनाएगी सरकार-राममाधव


जम्मू. जम्मू-कश्मीर में भाजपा के प्रभारी राम माधव ने कहा है कि पार्टी विधानसभा चुनाव अपने दम पर ही लड़ेगी, लेकिन चुनाव के बाद अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर स्थाई सरकार बनाएगी। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 फरवरी से राज्य में चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे। उनका दावा है कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव के बाद भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी।

  1. जम्मू-कश्मीर में अभी राष्ट्रपति शासन है। नवंबर में चुनाव आयोग ने कहा था कि राज्य में 6 माह के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। राम माधव ने उन आरोपों को खारिज किया जिनमें कहा गया है कि भाजपा जल्दी चुनाव नहीं चाहती।

  2. राम माधव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों के बारे में फैसला चुनाव आयोग को करना है। लोकसभा चुनाव अप्रैल-मई में होने हैं और अगर दोनों चुनाव एक साथ होते हैं तो भाजपा इसके लिए पूरी तरह से तैयार है। पार्टी राज्य में सभी सीटों पर चुनाव लड़कर विधानसभा में सबसे बड़ा दल बनकर उभरेगी।

  3. राम माधव ने कहा कि वे कश्मीरी पंडितों को फिर से जम्मू-कश्मीर में बसाने के पक्ष में हैं, लेकिन राज्य में शांति बहाल होने के बाद। उनको बसाने के लिए घाटी में 5 जगहें चिन्हित कर ली गई थीं। सुरक्षा कारणों से इसमें देर हो रही है।

  4. पीडीपी के निष्कासित नेता व पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी पर उनका कहना था कि वे इस पर कुछ नहीं कहना चाहते, लेकिन वह ये बात नहीं समझ पा रहे कि कुछ दिनों पहले तो अल्ताफ को संयुक्त विपक्ष (कांग्रेस, पीडीपी, नेकां) की सरकार में मुख्यमंत्री के तौर पर पेश किया जा रहा था। अचानक फिर क्या हुआ जो उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया।

  5. पश्चिमी पाकिस्तान से आए शरणार्थियों की परेशानियों पर उनका कहना था कि इन लोगों को विशेष पैकेज के तहत केंद्र से मिलने वाली सारी सुविधाएं दी जाएंगी। जैसे गुलाम कश्मीर से आए लोगों की मदद सरकार ने की थी वैसे ही इन लोगों की परेशानी को भी हल किया जाएगा।



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      BJP will form stable govt with 'some friends' in J&K: Ram madhav

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वेट लिफ्टिंग करते वक्त जिम में बिगड़ने लगी तबीयत, दोस्तों ने कहा थोड़ा आराम कर लो पर नहीं हुआ कोई असर, तुरंत हॉस्पिटल लेकर भागे


मुंबई. महाराष्ट्र के मुंबई में 28 साल के एक शख्स की जिम में एक्सरसाइज करते हुए जान चली गई। वर्कआउट के दौरान वेट लिफ्टिंग करते वक्त अचानक युवक की तबीयत बिगड़ने लगी और अस्पताल पहुंचने तक उसे मृत घोषित कर दिया गया। शुरुआती जांच में पुलिस ने हार्ट अटैक का शक जताया है। पर सटीक नतीजे पर पहुंचने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

वर्कआउट के दौरान बिगड़ी तबीयत
- पुलिस ने बताया कि लड़के का नाम प्रतीक परदेशी है, जो वेस्ट ठाणे के खाखर अले का रहने वाला है। वो नौपाड़ा इलाके में स्थित गोल्ड जिम में आने वाला सबसे पुराना मेंबर था।
- वर्कआउट के दौरान प्रतीक वेट लिफ्टिंग ही कर रहे थे कि तभी अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। लोगों ने उसे आराम करने की सलाह लेकिन कंडीशन बिगड़ती ही चली गई।
- जिम में उसके साथियों ने बताया कि हालत में सुधार न होने पर उसे तुरंत पास में मौजूद गोडबोले हार्ट केयर हॉस्पिटल में ले जाया गया। पर यहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हार्ट अटैक का शक
- पुलिस अफसरों ने कहा कि पहली नजर में ये हार्ट अटैक का मामला लग रहा है लेकिन अभी सटीक नतीजे तक पहुंचने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
- पुलिस ने ये भी बताया कि प्रतीक सब्जियों का होलसेल विक्रेता था। इस एक हफ्ते बाद जिम में वर्कआउट के लिए आया था, जब ये वाकया हुआ।
- पुलिस के मुताबिक, इस मामले को लेकर प्रतीक की फैमिली की तरफ से कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई गई है। पुसिस एक्सीडेंटल मौत का मामला दर्ज कर जांच कर रही है।



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28-year-old man feels uneasy after lifting weight at gym and dies in Thane
28-year-old man feels uneasy after lifting weight at gym and dies in Thane
28-year-old man feels uneasy after lifting weight at gym and dies in Thane

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डांट से नाराज हुई 10वीं की छात्रा ने पड़ोसी की 2 साल की बच्ची को गला घोंटकर मारा


ठाणे. यहां केतुलाई गांव में एक लड़की ने अपने पड़ोस में रहने वाली 2 साल की बच्ची को गला घोंटकर मार दिया। हत्या के बाद मासूम का शव उसने अपने घर में छिपा दिया था। लड़की 10वीं की छात्रा है। बच्चीकी मां ने लड़की को डांट दिया था, इसलिए वहबदला लेना चाहती थी।लड़की को गिरफ्तार कर लिया है। मुर्बाद थाने में उसके खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।

  1. दो साल की मनिष्का शनिवार शाम को लापता हो गई थी। वह अपने घर के बाहर खेल रही थी। परिजनने पुलिस को उसके लापता होने की खबर दी। पुलिस ने बच्ची को तलाश करने की कोशिश की पर उसका पता नहीं चल सका।

  2. जब बच्ची का कहीं पता नहीं चला तो पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले लोगों को शक के दायरे में लेकर पूछताछ की। उन्हें लड़की पर संदेह हुआ। उसके घर की तलाशी ली गई तो वहां से बच्चीका शव मिला। 16 साल की आरोपी ने बच्ची की हत्या करके शव अपने घर में छिपा दिया था।

  3. आरोपी लड़की ने केवल इस वजह से 2 साल की बच्ची को अपना निशाना बनाया, क्योंकि वह उसकी मां को सबक सिखाना चाहती थी। पुलिस का कहना है कि कुछ दिनों पहले बच्ची की मां ने आरोपी को डांट दिया था।



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      Angry over scolding, girl `kills' neighbour's 2-yr-old baby

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भाजपा विधायक ने कहा- मायावती किन्नर से बदतर; विवाद बढ़ने पर खेद जताया


नई दिल्ली. भाजपा की मुगलसराय से विधायक साधना सिंह ने बसपा प्रमुख मायावती पर आपत्तिजनकटिप्पणी की।उन्होंने शनिवार को चंदौली कीएक सभा में कहा- मायावती न महिलाहैं न पुरुष। वे किन्नर से भी बदतर हैं। उन्होंने लखनऊ के गेस्ट हाउस में हुआ उनका चीरहरण भूलकर सपा से गठबंधन किया है। उनके इस बयान पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने उनसे जवाब मांगा है। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने अपने बयान पर खेद जताया।

सोशल मीडिया पर साधना सिंह के भाषण का वीडियो वायरल हो गया

साधना सिंह ने चंदौली में एक सभा में कहा, ‘‘हमको पूर्व मुख्यमंत्री न तो महिला लगती हैं और न ही पुरुष। इनको अपना सम्मान ही समझ में नहीं आता। एक चीरहरण हुआ था द्रौपदी का, तो उन्होंने दुशासन से बदला लेने की प्रतिज्ञा ली। वो एक स्वाभिमानी महिला थी। और एक आज की महिला है, सबकुछ लुट गया और फिर भी कुर्सी पाने के लिए अपने सारे सम्मान को बेच दिया। ऐसी महिला मायावती जी का हम इस कार्यक्रम के माध्यम से तिरस्कार करते हैं। जो नारी जात पर कलंक है।''

उन्होंने आगेकहा, ‘‘जिस दिन महिला का चीरहरण होता है, उसका ब्लाउज फट जाए, पेटीकोट फट जाए, साड़ी फट जाए, वो महिला सत्ता के लिए आगे आती है तो वो कलंकित है। उसे महिला कहने में भी संकोच लगता है। वो किन्नर से भी ज्यादा बदतर है क्योंकि वो तो न नर है, न महिला है।''

विवाद बढ़ने पर साधना ने कहा- मेरी मंशा किसी को अपमानित करने की नहीं थी

विवाद बढ़ने पर साधना सिंह ने कहा, ''मेरी मंशा किसी को अपमानित करने की नहीं थी, बल्कि मेरी मंशा सिर्फ यही थी कि 2 जून 1995 को गेस्ट हाउस कांड में भाजपा ने जो मायावती की मदद की थी, उसे याद दिलाया जाए। अगर इन शब्दों से किसी को कष्ट हुआ है तो मैं खेद प्रकट करती हूं।''

सतीश मिश्रा ने कहा- भाजपा नेताओं को पागलखाने में भर्ती कराओ
साधना की टिप्पणी परबसपा ने पलटवार किया है। पार्टी के नेता सतीशचंद्र मिश्रा ने कहा, ‘‘साधना सिंह का बयान बीजेपी के स्तर को प्रदर्शित करता है। सपा और बसपा के गठबंधन के बाद बीजेपी नेताओं को दिमागी संतुलन गड़बड़ा गया है और उन्हें आगरा या बरेली के मेंटल हॉस्पिटल (मानसिक अस्पताल) में भर्ती करा देना चाहिए।''

अखिलेश यादव ने कहा- यह नैतिक दिवालियापन

अठावले ने बयान पर जताई असहमति

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा,‘‘हमारी पार्टी भाजपा के साथ है, लेकिन हम मायावती के खिलाफ भद्दी टिप्पणी से सहमत नहीं हैं। वे (मायावती) हमारे दलित समुदाय कीएक सशक्त महिला और बढ़िया प्रशासक हैं। हमारी पार्टी से कोई ऐसा करेगा तोहम निश्चित ही उस पर कार्रवाई करेंगे।’’

आप विधायक अलका लांबा ने कहा-मायावती 56 पर भारी



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मायावती। -फाइल फोटो

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2018 में 257 आतंकी मारे गए, बीते चार साल में सबसे ज्यादा


जम्मू. पिछले 4 सालों में सुरक्षाबलोंने 2018 में सबसे ज्यादा 257 आतंकीमार गिराए। एजेंसी के मुताबिक, सुरक्षाबलों ने2017 में 213, 2016 में 150 और 2015 में 108 आतंकी मारे थे। 2018 में सेना ने 142 आतंकियों को 31 अगस्त तक ही मार गिराया था। अगस्त-2018 में सबसे ज्यादा 25 आतंकी मारे गए थे।

  1. एजेंसी के मुताबिक,पिछले चार सालों के दौरान 2018 में सबसे ज्यादा 12 आतंकियों ने आत्मसमर्पण किया है। 2017 में हथियार डालने वाले आतंकियों की संख्या 2 थी, जबकि 2016 में केवल एक आतंकी ने हथियार डाले थे।वहीं, 2015 में एक भी आतंकी नेआत्मसमर्पण नहीं किया था।

  2. 2018 के दौरान सबसे ज्यादा हिंसक वारदातें देखी गईं। 2017 में इस तरह की 279, 2016 में 223 और 2015 में 143 वारदातें हुईं। 2018 में इनकी संख्या पिछले साल से डेढ़ गुना ज्यादा रही।

  3. एजेंसी ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि घाटी में अभी भी 300 से ज्यादा आतंकी सक्रिय हैं। इनकी हरकतें सबसे ज्यादा दक्षिण कश्मीर में देखी गई हैं। सोशल मीडिया के जरिए ये लोग युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारी का कहना है कि एक-47 आतंकियों का सबसे पसंदीदा हथियार है।



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      Most militants killed in J&K in 2018 in 4 years

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आंध्र प्रदेश में भाजपा विधायक ने पार्टी को कहा अलविदा, विधानसभा की सदस्यता से भी त्यागपत्र


अमरावती. आंध्रप्रदेश में भाजपा विधायक अकुला सत्यनारायण ने पार्टी को अलविदा कह दिया है। उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया है। पिछले कुछ समय से असंतुष्ट चल रहे अकुला अभिनेता पवन कल्याण की पार्टी जनसेना में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने अपना त्यागपत्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. लक्ष्मी नारायण के साथ विधानसभा के स्पीकर के. शिवप्रसाद राव को भी भेजा है। राज्य में पार्टी के चार विधायक हैं। एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में एक और विधायक के बागी होने के आसार हैं।

  1. पिछले कुछ समय से अकुला पार्टी के कामकाज से दूर थे। पेशे से चिकित्सक अकुला 2014 में पहली बार राजा महेंद्रवर्धनम (शहरी) विधानसभा क्षेत्र से चुने गए थे। तब भाजपा का गठबंधन तेदेपा से था और उसके कुल चार विधायक बने थे।

  2. विधायक ने अपने इस्तीफे का कारण स्पष्ट नहीं किया, लेकिन एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि वह भाजपा की वायदा खिलाफी से नाराज थे। उनका मानना था कि आंध्रप्रदेश के विभाजन के समय भाजपा ने जो वायदे किए थे, उनसे वह पीछे हट गई।

  3. विशाखापत्तनम (उत्तरी) के विधायक विष्णु कुमार राजू जल्दी पार्टी को अलविदा कह सकते हैं। हालांकि अभी यह पता नहीं लग सका है कि वे किस पार्टी में शामिल होंगे। अपने करीबी लोगों से उन्होंने कहा है कि वे विशाखापत्तनम (उत्तरी) से ही अगला चुनाव लड़ेंगे।



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      BJP MLA quits party in AP

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रिजॉर्ट में आपस में भिड़े कांग्रेस के दो विधायक, सिर में चोट लगने के बाद एक भर्ती: रिपोर्ट


बेंगलुरु. कर्नाटक में चल रहे सियासी नाटक के बीच रिजॉर्ट में ठहरे कांग्रेसी विधायकों में मारपीट का मामला सामने आया है। होस्पेट से विधायक आनंद सिंह को शनिवार रात को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आनंद सिंह पर जेएन गणेश ने बोतल से हमला किया। हालांकि, कांग्रेस ने इन खबरों को गलत बताया। उधर, भाजपा ने ट्वीट किया कि कांग्रेस के भीतर सब ठीक नहीं चल रहा।

  1. दरअसल, कांग्रेस और जेडीएसलगातार भाजपा पर उनके विधायक खरीदने की कोशिश करने का आरोप लगा रहीहैं। भाजपा द्वारा कांग्रेस-जेडीएससरकार को अस्थिर करने की कोशिशों की खबरों के बीच कांग्रेस ने शुक्रवार को विधायक दल की अहम बैठक बुलाई थी।

  2. इस बैठक में कांग्रेस के चार विधायक शामिल नहीं हुए। इसके बाद कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को एक रिजॉर्ट में भेज दिया था। पिछले दिनों दो निर्दलीय विधायकों ने भी कांग्रेस-जेडीएससरकार से समर्थन वापस ले लिया था।

  3. अस्पताल में भर्ती आनंद सिंह को देखने के लिए कांग्रेस के कई नेता पहुंचे। कांग्रेस नेता डीके सुरेश ने बताया कि आनंद सिंह को सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया।

  4. भाजपा ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्वीट किया, ''कांग्रेस के भीतर सब ठीक नहीं चल रहा है। इससे ज्यादा सबूत की क्या जरूरत? रिजॉर्ट में कांग्रेसी विधायकों के बीच मारपीट हुई। एक विधायक भर्ती है।''

  5. भाजपा ने सवाल किया- कब तक कांग्रेस अपनीआंतरिक लड़ाई को नकारेगीऔर नेताओं के बीच पैदा हुए अंतर के लिए भाजपा पर आरोप लगाएगी।

  6. भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएसयेदियुरप्पा ने शनिवार कोकहा था- भाजपा ने कभी भी गठबंधन सरकार को गिराने की कोशिश नहीं की। कांग्रेस नेता अपने विधायकों की नाराजगी दूर करने में नाकाम रहने पर हम पर आरोप लगा रहे हैं। हम किसी भी वजह से इस सरकार को अस्थिर करने की कोशिश नहीं करेंगे। वे डरें नहीं। हमलोग विपक्ष के तौर पर काम करेंगे। कांग्रेस-जेडीएसके नेताओं को इस बारे में कोई संदेह नहीं होना चाहिए।



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      शुक्रवार से इसी रिजॉर्ट में ठहरे हैं कांग्रेसी विधायक।

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ममता के मंच पर शरद यादव ने किया बोफोर्स का जिक्र, मोदी का तंज- सच जुबान पर आ ही जाता है


पणजी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार कोमहाराष्ट्र औरगोवा के भाजपा कार्यकर्ताओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिएसंवाद किया। इस दौरान उन्होंने कोलकाता में हुई मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली और महागठबंधन को लेकरविपक्ष पर निशाना साधा। मोदी ने लोकतांत्रिक जनता दलप्रमुख शरद यादव के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि कल कोलकाताके जिस मंच से ये लोग (विपक्ष) देश और लोकतंत्र बचाने की बात कर रहे थे, उसी मंच से एक नेता ने बोफोर्स घोटाले की याद दिला दी। आखिर सच्चाई कभी तो जुबान पर आ ही जाती है।


ममता बनर्जी ने शनिवार को कोलकाता में महारैली बुलाई थी। इसमें कांग्रेस समेत 15 पार्टियों के नेता शामिल हुए थे।इस दौरान शरद यादव ने बोफोर्स घोटाले का जिक्र कर दिया। उन्होंने कहा था, "बोफोर्स की लूट, फौज का हथियार और फौज का जहाज यहां लाने का काम हुआ है। ये जो सरकार है, भारत के लोग सीमा पर शहादत दे रहे हैं और डकैती डालने का काम बोफोर्स में हुआ, डकैती हो गई है।'' इसके बादटीएमसी नेता के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने अपनी गलती सुधारी। उन्होंने कहा- राफेल, माफ करना मैं गलती से बोफोर्स बोल गया था।


संवैधानिक संस्थाओं को बदनामकर रहा महागठबंधन- मोदी
मोदी ने कहा, "महागठबंधन वाले वही लोग हैं जो बिना सोचे समझे देश कीहर संवैधानिक संस्था को बदनाम करते हैं। उन्होंने एक दूसरे के साथ गठबंधन किया है तोहमने सवा सौ करोड़ देशवासियों के साथ गठबंधन किया है।''


'ये नामदारों, भाई-भतीजावाद का महागठबंधन'
प्रधानमंत्री ने कहा, "ये महागठबंधन एक अनोखा बंधन है। ये बंधन नामदारों का बंधन है। ये बंधन भाई-भतीजेवाद का बंधन है। ये बंधन भ्रष्टाचार और घोटालों का बंधन है। ये बंधन नकारत्मकता का बंधन है। अस्थिरता और असमानता का बंधन है।''


'देश में हर वक्त चुनाव होते हैं'
सवर्ण आरक्षण को लेकर मोदी ने कहा- जो लोग आरक्षण में 8 लाख रुपए लिमिट की बात कर रहें है, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि आयकर देने की लिमिट जो 2.50 लाख रुपए है वह व्यक्तिगत आय पर है, जबकि आरक्षण की लिमिट पूरे परिवार के लिए तय की गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा- जो लोग मुझे कहते हैं कि मैंने 10% आरक्षण का फैसला चुनाव के लिए किया, तो मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि देश में चुनाव कब नहीं होते? इससे पहले ये फैसला करता, तो लोग बोलते कि 5 राज्यों के चुनाव में फायदे के लिए किया। अगर हमारे 10% आरक्षण देने के निर्णय में ताकत न होती, तो विपक्षी दलों की नींद हराम न होती।

पर्रिकर की तारीफ की
मोदी ने कहा, "मैं प्रार्थना करता हूं कि मेरे दोस्त गोवा के लोकप्रिय मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर जल्दी ठीक हो जाएं। वे इस स्थिति में भी काम कर रहे हैं, उनका यह जुनून हमारे लिए प्रेरणादायक है।''



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PM Modi says they formed alliances with each other, We formed alliance with 125cr countrymen

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कुनमो एक्सप्रेस-वे पर गलत साइड में घुसा ट्रक, रनवे रैंप पर जा चढ़ा ट्रक, मौजूद थे दो लोग


इंटरनेशनल डेस्क। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें एक्सप्रेस-वे पर ट्रक गलत साइड में घुसा गया। ये ट्रक यहां बने रनवे रैंप पर जा चढ़ा। इसमें दो लोग मौजूद थे। रेस्क्यू ऑपरेशन कर दोनों को जिंदा बाहर निकाला। ट्रक रनवे पर रफ्तार कम होते-होते नीचे जा लटका। ये हादसा चीन के ग्वानदोन्ग के कुनमो एक्सप्रेस-वे पर हुआ है। जहां ये रनवे बनाया गया है। हादसों से बचने के लिए ये रैंप बनाया गया है। इसमें रेत और छोटे-छोटे पत्थर डाले गए हैं। जिससे गाड़ी की स्पीड कम हो जाती है। रनवे रैंप से अब तक 5 लोगों की जान बच चुकी है।

ऊपर दिए वीडियो में देखें रवने पर कैसे लटका ट्रक



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Dangerous Express-Way in China accident video

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अफसर के पैरों पर गिरकर इंसाफ की गुहार लगा रही थी महिला, वीडियो वायरल; जांच का आदेश


लखनऊ. जिले के गुडंबाथाने में इंसाफ की गुहार लगाने पहुंची महिला ने सुनवाई नहोते देख कोतवाल के पैर पकड़ लिए औरगिड़गिड़ाने लगी। बाद में कुर्सी पर बैठेपुलिस अधिकारी को महिला को ऐसा करने से रोकते देखा गया। इस दौरान किसी ने इसकावीडियो बना लिया। मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी ने कोतवाल को लाइन हाजिरकर जांच के आदेश दिए हैं।

मामला शनिवार का है। वीडियो मेंप्लाईवुड फैक्ट्री में हादसे का शिकार हुएमजदूर आकाश यादव उर्फ टिंकू यादव की मांहाथ जोड़कर प्रभारी निरीक्षक तेजप्रकाश सिंह के सामने आरोपीफैक्ट्री मालिक के खिलाफ कार्रवाई कीगुहार लगाती दिख रही हैं। जबकिकुर्सी परबैठे तेजप्रकाश सिर पर हाथ रखे आराम फरमाते दिखाईदे रहे हैं।वीडियो वायरल होने के बादएसएसपी कलानिधि नैथानी नेकार्रवाई की। ट्रेनी आईपीएस अभिषेक वर्मा को मामले की जांच सौंपी गई है।

मशीनसुधरवाने की कई बार मांग कर चुका था आकाश

गुडंबा थाना क्षेत्र में व्यवसायी अजय गुप्ता की प्लाईवुड फैक्ट्री में करीब दो सालों से बड़ाखेमपुर बीकेटी निवासी राकेश यादव का बेटाआकाश और पिंटूनौकरी करते थे। गुरुवार रात को दोनों भाई फैक्ट्री में काम करने गए। शुक्रवार सुबह आकाश मशीन में दब गया और उसकी मौत हो गई।पिंटू ने बताया किफैक्ट्री की मशीन बीते चार दिनों से खराब चल रही थी। मशीन को ठीक कराने के लिए मालिक से कहा गया था, लेकिन उसने कोई ध्यान नहीं दियाऔर काम करवाता रहा।



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कुर्सी पर बैठे कोतवाल के सामने गिड़गिड़ाती महिला

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ममता की रैली में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन आज, भाजपा ने शाह की सभा दो दिन टाली


कोलकाता.प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लोकसभा चुनाव से पहले अपनी ताकत दिखाने के लिए 19 जनवरी को एक रैली करेंगी। देशभर के विपक्षी दलों के नेताओं को इसमें आने का न्योता दिया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पत्र लिखकर ममता का समर्थन किया। उधर, भाजपा ने रैलियों का तीन दिवसीय कार्यक्रम दो दिन आगे बढ़ा दिया है। हालांकि, इसके लिए बंगाल भाजपा ने अमित शाह की बीमारी का हवाला दिया। बंगाल भाजपा यूनिट के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा- पार्टी अध्यक्ष शाह की तबीयत खराब है इसलिए हमने रैलियों का कार्यक्रम 20 जनवरी की बजाय 22 जनवरी से करने का फैसला किया है, ताकि वह इसमें शामिल हो सकें। शाह मालदा में होने वाली पहली सभा को संबोधित करेंगे।

  1. राहुल ने लिखा, ''पूरा विपक्ष एक है। मैं ममता दी को विपक्ष की एकता दिखाने के लिए समर्थन देता हूं। आशा है कि हम सब एकजुट भारत का शक्तिशाली संदेश देंगे।''राहुल ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा, ''पूरा विपक्ष एकजुट है, हमारा मानना है कि सच्चाराष्ट्रवाद और विकास ही लोकतंत्र, समाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षताके पिलर को बचा सकता है, जिसे भाजपा और मोदीबर्बाद करने पर तुले हैं।''

  2. राहुल गांधी और सोनिया गांधी ममता की इस रैली में शामिल नहीं होंगे।हालांकि, कांग्रेस की ओर से लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे इसमें शामिल हो सकते हैं। बसपा प्रमुख मायावती भी इस रैली में हिस्सा नहीं लेंगी। उनकी जगह पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद सतीश मिश्रा शामिल होंगे।

  3. कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भाजपा के खिलाफ होने वाली इस रैली में 20 के दलों के नेता शामिल हो सकते हैं। ममता बनर्जी ने इस रैली को भाजपा के लिए लोकसभा चुनाव में 'मौत की दस्तक' बता चुकी हैं।

  4. प. बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस का मानना है कि यह रैली ममता को एक ऐसे नेता के तौर पर पेश करने के लिए है, जो लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा के खिलाफ सभी दलों के नेताओं को एकसाथ लाएगी।

  5. ममता ने गुरुवार को कहा था कि लोकसभा चुनावों में क्षेत्रीय पार्टियों की भूमिका काफी अहम होगी। यह 'एकजुट भारत रैली' भाजपा के कुशासन के खिलाफ है। लोकसभा चुनाव में भाजपा 125 सीटों से आगे नहीं बढ़ पाएगी। क्षेत्रीय पार्टियों का प्रदर्शन भाजपा से बेहतर होगा। लोकसभा चुनाव के बाद ये पार्टियां निर्णायक साबित होंगी।

  6. पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, राकांपा प्रमुख शरद पवार, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शरद यादव, जेएमएम प्रमुख हेमंत सोरेन,द्रमुक नेता एमके स्टालिन, अरुणांचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंंत्री गेगांग अपांग शुक्रवार को ही कोलकाता पहुंच गए हैं।

  7. इनके अलावादिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, आंध्र के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, भाजपा सांसद शत्रुघ्‍न सिन्हा को रैली में आने का निमंत्रण भेजा गया है।

  8. इसके अलावा बसपा महासचिव सतीश मिश्रा, राकांपा प्रमुख शरद पवार, राष्ट्रीय लोकदल के अजीत सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी, पाटीदार नेता हार्दिक पटेल, जिग्नेश मेवाणी, झारखंड विकास मोर्चा के बाबूलाल मरांडी भी इस रैली में शामिल हो सकते हैं।



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      फोटो जुलाई में कोलकाता में हुई ममता की रैली की है।

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15 दलों के नेता पहुंचे; ममता ने कहा- सरकार का समय एक्सपायरी दवा की तरह खत्म


कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों की एकजुटता दिखाने के लिए शनिवार को कोलकाता में महारैली की। इसमें कांग्रेस, बसपा, राकांपा, राजद समेत 15पार्टियोंके नेताओं ने हिस्सा लिया।इस दौरान ममता बनर्जी ने कहा- अखिलेश यादव, आप उप्र से भाजपा को जीरो कर दो, हम बंगाल से कर देंगे। मोदी सरकार का समय एक्सपायरी दवा की तरह पूरा हो गया। यह जनता का फैसला है। उन्होंने कहा किकौन प्रधानमंत्री बनेगा इससे मतलब नहीं, बस भाजपा को जाना चाहिए।

इससे पहले अखिलेश ने कहा- जो बात बंगाल से चलेगी वो देश में दिखाई देगी। ये अच्छा हुआ कि 12 तारीख को सपा-बसपा और सहयोगी दलों का गठबंधन हो गया। देश में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। इस रैली के बाद भी देश की जनता में एक खुशी की लहर दौड़ जाएगी।

यशवंत सिन्हा ने कहा- मोदी को मुद्दा न बनाएं

यशवंत सिन्हा ने कहा कि हमारे लिए मोदी मुद्दा नहीं है, हमारे लिए देश के लोगों के मुद्दे ही मुद्दा हैं। वो चाहते हैं कि हम मोदी को मुद्दा बनाएं, लेकिन हमें इससे बचना होगा।यह पहली सरकार है जो आंकड़ों सेछेड़छाड़ करती है। भाजपा ने देश की हर संस्था को बर्बाद किया। सिन्हा ने कहा कि मंच पर मौजूद बैठे सभी ताकतवर नेताओं से आग्रह करता हूं कि मैं तो फकीरी की ओर हूं, मुझे कुछ नहीं चाहिए। बस मेरा एक ही लक्ष्य है कि इस सरकार को बाहर करें। इसके लिए जरूरी है कि सभी तय करें बीजेपी के प्रत्याशी के सामने हमारा एक ही उम्मीदवार खड़ा हो।

विपक्ष ने कहा- हमें भाजपा को हराना होगा

  • गुजरात सेकांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि विपक्ष केएकजुट होने काबड़ा संदेश है। 2019 में भाजपा और संघ को सत्ता से हटाने की चुनौती है।
  • झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन ने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों को क्षेत्रीय दल जवाब देंगे।ममता इस रैली को भाजपा के लिए आम चुनाव में ‘मौत की दस्तक’ बता चुकी हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ममता को चिट्ठी लिखकर रैली का समर्थन किया है।
  • राष्ट्रीय लोक दल के नेता जयंत चौधरी ने कहा कि हम साथ खड़े होंगे, साथ लड़ेंगे और भाजपा के शासन को उखाड़ फेकेंगे।
  • अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रीगेगांग अपांग ने कहा कि देश केलोकतंत्र को बचाने की जरूरत है। मैं यहां पर ममता दीदी के हाथों को मजबूत करने आया हूं।
  • हेमंत सोरेन ने कहा कि भाजपाकी इस सरकार में दलितों और आदिवासियों का शोषण हो रहा है। इसलिए क्षेत्रीय दलों को इन सांप्रदायिक ताकतों को जवाब देना पड़ेगा।
  • हार्दिक पटेल ने कहा कि मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि यह जनसैलाब एक ऐसी क्रांति लेकर आएगा, जिसकी कल्पना नहीं की गई होगी।
  • कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हम एक होकर एक नया भारत बनाएंगे। इसके लिए भाजपा को सत्ता से हटाना होगा। जनता भी यही चाहती है। वह कह रही है कि अब मोदी सरकार नहीं चाहिए। हमें जनता के इस सपने को पूरा करना है।
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने कहा कि भाजपा को रोकने के लिए हमें अर्जुन की तरह सिर्फ एक ही लक्ष्य रखना होगा और वह यह कि भाजपा को किसी भी हालत में सत्ता में हटाना है।
  • नेशनल कॉन्फ्रेंस फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि इस साल नई हुकूमत बनेगी, जो सबको साथ लेकर चलेगी। वहसभी संस्थाओं का सम्मान करेगी। आजदेश के हर हिस्से में आग लगाई जा रही है। इस आग को बुझाने के लिए हमेंइकट्ठे होना होगा।
  • लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव, "देश संकट में है। किसान तबाह है। नौजवान बर्बादी की कगार पर है। दुकानदारों का कारोबार जीएसटी की वजह से खत्म हो गया। आज इतिहास का बहुत बड़ा मौका है। हमें इसे छोड़ना नहीं चाहिए। मोदी सरकार को हटाना हमारा ध्येय होना चाहिए।"
  • दिल्ली के अरविंद केजरीवाल ने कहा, ''कुछ भी करो, मोदी-शाह की जोड़ी को सत्ता में न आने दो। 2019 का चुनाव प्रधानमंत्री बनाने का नहीं, मोदी-शाह को भगाने का चुनाव है। इस देश में सच्चा देशभक्त है, जो इस देश के बारे में सोचता है, एक बात ठान लो, कुछ भी करना पड़े, इन्हें भगाओ।''
  • द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा- लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान दूसरा स्वतंत्रता युद्ध होगा। मोदी को पता कि वे दोबारा प्रधानमंत्री नहीं चुने जाएंगे। मोदी जहां भी जाते हैं, विपक्ष पर निशाना साध रहे हैं, वे विपक्ष से डर रहे हैं। इसलिए हमें अपशब्द बोल रहे हैं। वे हमारी एकता से डरे हैं।

  • शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- मोदी के नोटबंदी के फैसले के चलते हजारों लोगों को अपने पैसे निकालने के लिए लाइन में लगना पड़ा। कई लोगों को दिल का दौरा पड़ गया। नोटबंदी के असर से जनता उबरी ही नहीं थी कि सरकार जटिल टैक्स व्यवस्था जीएसटी ले आई। राफेल पर मेरे तीन सवाल हैं- 126 विमान खरीदे जाने थे तो 26 क्यों खरीदे गए? 500 करोड़ की बजाय1600 करोड़ रुपए विमान क्यों खरीदे जा रहे? एचएएल को छोड़कर उस कंपनी (अनिल अंबानी की रिलायंस) को ठेका क्यों दिया गया जिस कंपनी ने साइकिल का चक्का तक नहीं बनाया।

  • शत्रुघ्न सिन्हा ने नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वह राफेल मुद्दे पर सफाई नहीं देंगे तो जनता कहेगी कि चौकीदार चोर है।

राहुल,सोनिया औरमायावतीनहीं पहुंचीं

  • रैली में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा (जेडीएस), राकांपा प्रमुख शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव, जेएमएम प्रमुख हेमंत सोरेन, राजद नेता तेजस्वी यादव,राष्ट्रीय लोक दल के नेता अजीत सिंह, डीएमके नेता एमके स्टालिन और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूकअब्दुल्ला शामिल हुए।
  • कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी रैली में शिरकत की।
  • गुजरात के कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी, पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल और बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा भी रैली में शामिल हुए।
  • कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधीऔर बसपा प्रमुख मायावती रैली में शामिल नहीं हुईं।
  • भाजपा के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा, पूर्व नेता यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और गेगांग अपांग भी मंच पर मौजूद थे।

14दल एकजुट हुए

पार्टी लोकसभा सीटें
कांग्रेस 45
तेदेपा 15
तृणमूल कांग्रेस 34
राकांपा 7
सपा 7
आम आदमी पार्टी

4

राजद 4
एआईयूडीएफ 3
जेडीएस 2
झारखंड मुक्ति मोर्चा 2
नेशनल कॉन्फ्रेंस 1
रालोद 1
द्रमुक 0
बसपा 0
लोकतांत्रिक जनता दल 0
कुल 121

ये दल नहीं पहुंचे, पर हो सकते हैं महागठबंधन का हिस्सा

दल लोकसभा में सीटें
बीजद 19
टीआरएस 10
रालोसपा* 03
पीडीपी 01
एआईएमआईएम 01
कुल 34

* एनडीए का हिस्सा रही रालोसपा बिहार में महागठबंधन के साथ है।



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बाएं से दाएं- बदरुद्दीन अजमल, अभिषेक मनु सिंघवी, हार्दिक पटेल, हेमंत सोरेन, शत्रुघ्न सिन्हा, यशवंत सिन्हा, एमके स्टालिन, सतीश मिश्रा, अखिलेश यादव, जयंत चौधरी, कुमारस्वामी, चंद्रबाबू नायडू, फारूक अब्दुल्ला, एच डी देवेगौड़ा, ममता बनर्जी, मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार अरविंद केजरीवाल, शरद यादव, अजीत सिंह, गेगांग अपांग और अन्य।
ममता की रैली में मंच पर मौजूद नेता।
TMC Mamata Banerjee To Hold Mega Rally Of Opposition IN KOLKATA
बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, नेशनल कांन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला और राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के नेता प्रफुल्ल पटेल (बाएं से दाएं)।
यशवंत सिन्हा ने शनिवार को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस की रैली में भाषण दिया।
ममता ने शुक्रवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव और डीएमके नेता एमके स्टालिन से मुलाकात की।
ममता की यूनाइटेड इंडिया ब्रिगेड रैली में उमड़ी भीड़।
लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव, डीएमके नेता एमके स्टालिन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (बाएं से दाएं)।
राष्ट्रीय लोकदल के नेता अजीत सिंह और जयंत चौधरी।
ममता बनर्जी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार और ममता बनर्जी।
भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा भी शुक्रवार को कोलकाता पहुंचे।
ममता की रैली में हिस्सा लेने शुक्रवार को कोलकाता पहुंचे जिग्नेश मेवाणी (बाएं) और हार्दिक पटेल।

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शिवराज का तंज- यह बिना दूल्हे की घोड़ी, आखिर कितना आगे जाएगी?


नई दिल्ली. भाजपा ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में युवा विजय संकल्प महारैली की। इस दौरान मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा चुनाव को लेकर बन रहे विपक्ष के महागठबंधन को बिन दूल्हे की बारात बताया। उन्होंने कहा, यहकितने आगे जाएगी, इसका कोई ठिकाना नहीं।

  1. शिवराज सिंह ने कहा, "सामने वाली सेना में सेनापति का पता नहीं, बाराती तैयार हैं। लेकिन घोड़ी परकौन बैठेगा,इसका कोई ठिकाना नहीं है? अगर इसपर 4-6 बैठ गए तो घोड़ी दुल्हन के पास पहुंचेगी भी या नहीं, इसका कोई ठिकाना नहीं।''

  2. पूर्व मुख्यमंत्री ने ममता की रैली का जिक्र करते हुए कहा- कलकोलकाताका दृश्य था, कई विपक्षीपार्टियां शामिल थीं। ये सब भाजपा और मोदी की बाढ़ से बचने के लिए एक ही पेड़ पर बैठ गए।

  3. शिवराज ने कहा,''अलग-अलग स्वर सुनाई दे रहे हैं। कोई कहता है अबकी बार राहुल सरकार। कोई बंगाल से कहता है ममता सरकार। तो कोई उप्र से कहता है कि नहीं-नहीं अबकी बार मायावती सरकार। कोई आंध्र से कहता है बाबू सरकार। केजरीवाल भी मंच परथे, वे पानी पी-पी कर कांग्रेस को कोसते थे, उनका जन्म ही कांग्रेस के विरोध से हुआ। ये सब मोदी से परेशान हैं।''

  4. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "मध्यप्रदेश का चुनाव अजीब हुआ। भाजपा को ज्यादा वोट मिले, लेकिनकांग्रेस को पांच सीटें ज्यादा मिलीं। सरकार वहां कांग्रेस की जरूर है, लेकिन बहुमत की नहीं है। आधी-अधूरी और लंगड़ी सरकार है। पता नहीं कितनी चले, कब गिर जाए? ऐसीसरकार चाहते तो हम भी बना लेते। लेकिन जब बनाएंगे, शानदार बहुमत की सरकार बनाएंगे।"



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      Shivraj Chouhan on opposition PM candidate, Samne wali sena mein senpati ka pata nahi

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एसपी रैंक के अफसर को अपहरण केस में उम्रकैद की सजा, फिरौती में मांगे थे 25 लाख रुपए


जलगांव. महाराष्ट्र की एकअदालत ने 2009 के एक अपहरण और वसूली मामले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) रैंक के अफसरमनोज लोहार और एक अन्य साथी को उम्रकैद की सजा सुनाई। मनोज वर्तमानमें होमगार्ड डिपार्टमेंट (मुंबई) में वरिष्ठ प्रशासनिक पद पर पदस्थ था। मामले में सजा पाने वाला दूसरा व्यक्ति धीरज यावले मनोज का रिश्तेदार है।

  1. जलगांव के जिला एवं सत्र अदालत केजजपीवाय लाडेकर ने मामले में सुनवाई करते हुए उम्रकैद की सजा के साथ प्रत्येक आरोपी पर 5-5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।

  2. लोहार 2009 में जलगांव जिले के चालीसगांव मेंअपर पुलिस अधीक्षक रहे थे। इस दौरान उन पर स्थानीय जिला परिषद सदस्य उत्तम महाजन का अपहरण करने और 25 लाख रुपये फिरौती मांगने का आरोप लगा था।

  3. अभियोजन पक्ष के मुताबिक सब इंस्पेक्टर विश्वराव निंबालकर ने महाजन का अपहरण किया था। 30 जून 2009 को वह महाजन को लेकर लोहार के ऑफिसगया था।

  4. आरोप था कि लोहार ने अपने ऑफिस सहित दो अन्य जगहों पर करीब तीन दिन तक उत्तम महाजन को बंधक बनाकर रखा। यहां महाजन को डराया गया कि अगर वह फिरौती की रकम नहीं देगा, तो उसके गलत कामों को सार्वजनिक कर दिया जाएगा।



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      सिम्बॉलिक।

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नीरव मोदी मामले में सरकार ने पंजाब नेशनल बैंक को 2 कार्यकारी निदेशकों को बर्खास्त किया


नई दिल्ली. नीरव मोदी मामले में सरकार ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के दो कार्यकारी निदेशकों (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर) को बर्खास्त कर दिया है। दोनों पर आरोप है कि वे बैंक की कार्यप्रणाली पर सही तरीके से नियंत्रण नहीं रख पाए। वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक- 18 जनवरी से दोनों अफसरों की सेवाएं खत्म कर दी गई हैं। नीरव फिलहाल यूके में रह रहा है। वह 13,700 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले का मुख्य आरोपी है।

  1. दोनों पर आरोप है कि वे रिजर्व बैंक की सलाह के मुताबिक सोसाइटी फॉर वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फाइनेंशियल टेलीकम्युनिकेशन (एसडब्ल्यूआईएफटी) को कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (सीबीएस) सिस्टम से जोड़ने में नाकाम रहे। इसको लेकर आरबीआई ने 2016 में सर्कुलर जारी किया था। कुछ बैंकों ने इसे लागू कर लिया जबकि पीएनबी समेत कुछ बैंकों ने इस पर अमल नहीं किया।

  2. केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक- दो एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केवी ब्रह्माजी राव और संजीव शरण को तुरंत प्रभाव से हटा दिया गया है। राव इसी महीने तो शरण मई में रिटायर होने वाले थे।

  3. पिछले साल अगस्त में नीरव मोदी केस में सरकार ने इलाहाबाद बैंक की उषा अनंतसुब्रह्मण्यम को नौकरी से हटा दिया था। इलाहाबाद बैंक ज्वाइन करने से पहले उषा पीएनबी में प्रबंध निदेशक (एमडी) और सीईओ के पद पर थीं।

  4. फरवरी 2018 में पीएनबी घोटाले का खुलासा हुआ था। इससे पहले ही नीरव विदेश भाग गया था। फिलहाल वह यूके में रह रहा है। नीरव और उसके मामा मेहुल चौकसी ने फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स के जरिए बैंकों से रकम लेकर विदेशों में ट्रांसफर की। सरकार दोनों के प्रत्यर्पण की कोशिशों में जुटी है। चौकसी एंटीगुआ की नागरिकता ले चुका है।

  5. पिछले महीने नीरव के वकील ने भी विशेष अदालत में सुरक्षा की दलील दी थी। उसने कहा था कि नीरव की वापसी इसलिए नहीं हो सकती क्योंकि भारत लौटने पर उसे मॉब लिंचिंग का खतरा है। कोर्ट ने इस दलील को मानने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि इसका हमारे मामले से कोई लेना-देना नहीं है। अगर कोई खतरा है तो नीरव को पुलिस से सुरक्षा मांगनी चाहिए।



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      पिछले साल फरवरी में पीएनबी घोटाला सामने आया था। (फाइल)
      पीएनबी घोटाले का मुख्य आरोपी नीरव मोदी यूके में रह रहा है। (फाइल)

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27 साल के निकोलेय नएदेव ने की ये हरकत, क्रूज पर बैठने पर हमेशा के लिए लग गया बैन



इंटरनेशनल डेस्क। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने के लिए लोग अपनी जान जोखिम में डाल देता है। ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक शख्स जहाज की 11वीं मंजिल से छलांग लगा देता है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आस-पास कुछ लोग खड़े और कुछ इसे चीयर्स कर रहे हैं और ये बिना डरे 11वीं मंजिल से छलांग लगाता है। इस शख्स का नाम निकोलेय नएदेव है जो वाशिंगटन का रहने वाला है। इसने रॉयल कैरेबियन शिप से सफर करने के दौरान किया ये स्टंट किया। रिपोर्ट के मुताबिक क्रूज स्टाफ ने स्टंट को लेकर शख्स पर जताई नाराजगी और स्टाफ ने निकोलेय को क्रूज पर बैठने पर हमेशा के लिए बैन लगा दिया।

इस शख्स ने वीडियो बनाने के लिए डाल दी जोखिम में जान



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Man jumped water directly 11th floor ship-video

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42 साल में देश में 5 बड़े गठबंधन हुए, सिर्फ दो ही 5 साल सरकार चला सके


देश में गठबंधन की राजनीति 70 दशक से शुरू हुई थी। पर यह राजनीति 1999 तक कभी कारगर नहीं हुई। इससे पहले 22 साल में 4 बड़े गठबंधन बने, जिनमें से कोई भी 5 साल तक सरकार नहीं चला सका। इनमें एनडीए भी शामिल थी। इसके बाद बनाभाजपा की अगुआईवालाएनडीए दोबार और कांग्रेस की अगुआई वालायूपीए भी दो बार 5-5 साल तक सरकार चला चुका है।

  1. कांग्रेस को हराया, पर 5 साल सरकार नहीं चली

    1977 देश में आपातकाल के बाद चुनाव हुआ। इंदिरा गांधी और कांग्रेस के खिलाफ जनता पार्टी ने 10 से ज्यादा दलों के साथ गठबंधन किया। नाम- जनता गठबंधन दिया। इसके 8 दलों को 343 सीट मिली। गठबंधन ने पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार बनाई थी। मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने। पर सरकार 2 साल और 128 दिन ही चल सकी।

  2. 7 दलों ने 143 सीट जीतीं, 2 साल में 2 प्रधानमंत्री बने

    1989 में चुनाव पूर्व 7 दलों ने नेशनल फ्रंट बनाया। इस गठबंधन को 143 सीटें और कांग्रेस को 197 सीटें मिलीं। लेफ्ट फ्रंट और भाजपा के सहयोग से वीपी सिंह प्रधानमंत्री बने। पर यह सरकार महज 343 दिन ही रही। इसके बाद समाजवादी जनता पार्टी से चंद्रशेखर सिंह प्रधानमंत्री बने। यह सरकार भी महज 243 दिन ही चल सकी।

  3. 13 दल मिलकर लड़े, सीट सिर्फ 46 जीत सके

    1996 में 13 दलों ने गठबंधन किया। नाम- यूनाइटेड फ्रंट दिया। गठबंधन को महज 46 सीटें मिलीं। चुनाव बाद फ्रंट में कई दल और शामिल हुए। इनमें 192 सांसद थे। कांग्रेस के समर्थन से जनता दल के देवेगौड़ा प्रधानमंत्री बने। पर सरकार महज 324 दिन ही चली। फिर जनता दल यू के गुजराल प्रधानमंत्री बने। वह भी 332 दिन पीएम रहे।

  4. 13 दलों का गठबंधन, सिर्फ 13 महीने सरकार

    12वीं लोकसभा के लिए 1998 में चुनाव हुए। भाजपा के नेतृत्व में 13 दलों ने गठबंधन किया। इनके 258 सांसद जीतकर संसद पहुंचे। एआईएडीएमके के सहयोग से एनडीए की ओर से अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने। पर यह सरकार भी महज 409 दिन यानी करीब 13 महीने ही चल सकी। इसके बाद आम चुनाव हुए।



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      तस्वीर 1975 की है। दिल्ली में जय प्रकाश नारायण ने इंदिरा सरकार के खिलाफ जनता गठबंधन रैली की थी।

      Click here to Read full Details Sources @ https://www.bhaskar.com/national/news/story-on-political-alliance-01479493.html

सरकार का आदेश- अफसर गणतंत्र दिवस समारोह में अनिवार्य रूप से शामिल हों


श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर सरकार ने राज्य के अफसरों को आदेश जारी किया है कि उन्हें गणतंत्र दिवस के मौके पर जम्मू यूनिवर्सिटी और शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में होने वाले समारोह में आवश्यक रूप से मौजूद रहना है। ऐसा नहीं हुआ तो इसे ड्यूटी में कोताही और सरकार के आदेश की अवहेलना माना जाएगा।

  1. यह आदेश डिप्टीसेक्रेटरी चंद्र प्रकाशकी ओर से जारी किया गया है। इसमें आगे लिखा गया है- राज्य सरकार के प्रशासनिक सचिव, विभाग के मुखिया, प्रबंध निदेशक औरसार्वजनिक उमक्रम के कार्यकारी प्रमुख यह सुनिश्चित करें की उनके अधीन काम करने वाले कर्मचारी भी समारोह में पहुंचें।

  2. इसके साथ ही राज्य परिवहन निगम और पर्यटन विकास निगम के निदेशकों को इन अफसरों और कर्मचारियों को समारोह स्थल तक पहुंचाने के लिए वाहनों का इंतजाम करने का निर्देश दिया गया है।



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      जम्मू स्थित सचिवालय।

      Click here to Read full Details Sources @ https://www.bhaskar.com/national/news/republic-day-in-kashmir-all-government-employeed-ordered-to-be-present-in-function-01479522.html

पंजाब का मामला : सर्दी से बचने के लिए कपल ने तसले में आग जलाकर रखी थी, सुबह दोनों मृत पाए गए, पोस्टमार्टम जांच में पता चला आग लगने नहीं बल्कि इस कारण से हो गई कपल की मौत, एक्सपर्ट बोले, अक्सर इस गलती के चलते अंग बंद कर देते हैं काम करना


फीचर डेस्क। पंजाब के जालंधर में दम घुटने से दंपति की मौत का मामला सामने आया है। दंपति ने सर्दी से बचने के लिए बेडरूम में तसले में आग जलाकर रखी थी। पोस्टमार्टम में मौत का कारण दम घुटना आया है। बेडरूम की जांच की गई तो ये बात भी सामने आई कि वहां कोई वेंटिलेशन नहीं था। एक खिड़की थी लेकिन वो भी सर्दी के चलते बंद थी। संभवत इसी कारण दंपति का दम घुट गया और मौत हो गई।

ये कोई पहला मामला नहीं है, जबकि किसी की कमरे में सोते हुए मौत हो गई हो। बल्कि अक्सर इस तरह के मामले सामने आते रहते हैं। कुछ समय पहले बेंगलुरु के राजराजेश्वरी नगर में एक कपल बाथरूम में मृत पाया गया था। पुलिस ने बताया था कि बाथरूम में लगे गैस गीजर से निकले कार्बन मोनो ऑक्साइड की वजह से कपल की मौत हुई। मार्च 2018 में ही गाजियाबाद में रहने वाली सिंघानिया दंपती की मौत का मामला भी सामने आया था।

ऐसे में ऑक्सीजन कम होने लगती है
डॉ. राजीव शर्मा के मुताबिक, जब कमरा बंद कर आग जलाई जाती है तो ऑक्सीजन खत्म होने लगती है। सिर्फ मोनो ऑक्साइड रह जाती है। बाथरूमों में लगे गैस गीजर से भी मोनो ऑक्साइड ही निकलती है। यह न्यूरो टॉक्सिक है जो नसों पर अटैक करती है। नसें निष्प्रभावी होने लगती हैं और व्यक्ति नींद में ही बेसुध हो जाता है। जब मोनोआक्साइड पूरी तरह खून में मिल जाती है तो अंग काम करना बंद कर देते हैं। नींद में ही मौत हो जाती है। अगर रात को कमरे में आग जलानी
हो तो हवा की वेंटिलेशन जरूर होनी चाहिए।

बाथरूम में गैस गीजर के चलते होता है ऐसा ही
- गवर्नमेंट होलकर साइंस कॉलेज, इंदौर के प्रोफेसर आरसी दीक्षित ने बताया कि गैस गीजर LPG की मदद से पानी को गर्म करते हैं। LPG ऑक्सीजन से संपर्क करने के बाद ही जलती है। एलपीजी में ब्यूटेन और प्रोपेन गैस होती है, जो जलने के बाद कार्बन डाईऑक्साइड (CO2) पैदा करती है। ऐसे में बाथरूम के छोटे होने पर ऑक्सीजन की मात्रा कम और CO2 की मात्रा बढ़ने लगती है, जिससे इंसान का दम घुटने लगता है और उसकी मौत भी हो सकती है।

- यशोदा अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि एलपीजी गीजर से पैदा होने वाली आग के कारण ऑक्सीजन की खपत में कमी आ जाती है। साथ ही कार्बन मोनोआक्साइड भी बनती है।

- पुणे के न्यूरोलॉजिस्ट राहुल कुलकर्णी द्वारा गैस गीजर के खतरों पर किए गए शोध के मुताबिक, गैस गीजर के बर्नर से पैदा होने वाली आग के कारण ऑक्सीजन की खपत अधिक होती है और कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है। कार्बन मोनोआक्साइड भी बनती है। यह रंगहीन और गंदहीन गैस होने के साथ-साथ बेहद जहरीली होती है। बिना वेंटिलेशन वाले बाथरूम में गैस गीजर से निकलने वाली गैस के कारण खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे लोगों की मौत हो जाती है।

किन बातों का ध्यान रखना जरूरी
- चिमनी, अंगीठी या अलाव खुले स्थान पर ही रखें।
- कमरे में अलाव है तो रोशनदान या खिड़कियां खुली रखें, ताकि ऑक्सीजन सप्लाई हो सके।
- घर के रोशनदान, खिड़कियों को गत्ते, कागज या पॉलीथिन लगाकर बंद नहीं करें।
- वहीं गैस गीजर में यूज होने वाले LPG सिलेंडर को हमेशा बाथरूम के बाहर रखें और गैस को मजबूत पाइप की मदद से बाथरूम के अंदर ले जाएं। साथ ही, सिलेंडर को ग्राउंड लेवल पर ही रखें, क्योंकि LPG भारी होती है।
- गैस सिलेंडर से गीजर में यूज होने वाले पाइप को हमेशा चेक करते रहें। कई बार पाइप कनेक्शन वाली जगह से टूटने लगता है। या फिर चूहे पाइप को काट देते हैं। ऐसे में गैस रिसने का खतरा हो जाता है।
- जब भी आप कोई गैस गीजर या सिलेंडर में यूज होने वाला पाइप खरीदते हैं तब उसमें ISI मार्क जरूर देखें। ये मार्क बेहतर क्वालिटी के प्रोडक्ट को ही दिया जाता है।
- गैस गीजर बाथरूम में है तो ताजी हवा के लिए एग्जॉस्ट लगाएं।
- गैस गीजर बाथरूम में होने पर नहाने से पहले ही पानी गर्म कर लें।
- गैस लीकेज हो तो गीजर ऑन न करें, वर्ना हादसा हो सकता है।
- गैस लीक होने की सूरत में खिड़कियां और दरवाजे खोल दें।
- कोई व्यक्ति इससे बेहोश हो जाए तो उसे तुरंत खुली हवा में ले आएं।
- बेहोश व्यक्ति को आनन-फानन में कोई भी लिक्विड न दें। बल्कि उसे तुरंत डाक्टर के पास लेकर जाएं।



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Jalandhar Punjab Latest News : Husband and wife Dead Body Found In Bedroom

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Shocking Video: हेलमेट न पहनने का अंजाम क्या होता है इस वीडियो से आप समझ सकते हैं, अब तक 1 करोड़ 40 लाख बार देखा गया वीडियो


नेशनल डेस्क। तेज रफ्तार कभी किसी का भला नहीं करती है। हादसे में तब और मुश्किल हो जाता है जब हेलमेट न हो। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक बाइक पर तीन लड़के सवार थे। तीनों ही बिना हेलमेट बाइक पर थे। इसी दौरान गाय सामने आने पर वो हादसे का शिकार हो गए। गनीमत रही की तीनों में से किसी को ज्यादा चोट नहीं आई। लोगों ने इन्हें हेलमेट पहनने की सीख दी। ये वीडियो अब तक 1 करोड़ 40 लाख बार देखा गया है।

ऊपर दिए वीडियो में देखें हादास



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What are the consequences of not wearing helmets? You can understand this video

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