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वेब सीरीज पर नहीं दिखाया जाएगा आपत्तिजनक और भड़काऊ कंटेंट, वीडियो प्लेटफॉर्म ने साइन किया सेल्फ-सेंसरशिप कोड


गैजेट डेस्क. ऑनलाइन वीडियो प्लेटफॉर्म पर वेब सीरीज के माध्यम से दिखाए जाने वाले आपत्तिजनक और भड़काऊ कंटेंट को अब नहीं दिखाया जा सकेगा। दरअसल, नेटफ्लिक्स, हॉटस्टार, जियो, वूट, जी5, अरे, सोनीलिव, आल्ट बालाजी और इरोस नाउ ने सेल्फ-सेंसरशिप कोड साइन किया है, जिसके तहत इन प्लेटफॉर्म्स पर अब आपत्तिजनक और भड़काऊ कंटेंट नहीं दिखाया जा सकेगा। हालांकि, अमेजन, गूगल और फेसबुक ने इस कोड पर साइन करने से मना कर दिया है।


इस कोड के ड्राफ्ट को इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) ने तैयार करने में मदद की है, जिसके तहत न सिर्फ ऑनलाइन वीडियो प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ और आपत्तिजनक कंटेंट दिखाने पर रोक लगाई जा सकेगी बल्कि लोगों की शिकायतों को दूर करने के लिए भी एक प्रणाली बनाई जाएगी। अगर इन नियमों पर सख्ती से पालन होता है तो अब नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर आने वाली वेब सीरीज में अश्लील कंटेंट नहीं दिखाया जाएगा।


इस तरह का कंटेंट नहीं दिखाया जा सकेगा
इस कोड के लागू होने के बाद ऑनलाइन वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर वो कंटेंट नहीं दिखाया जा सकेगा, जिसे भारतीय कोर्ट ने बैन किया हुआ हो। इसके अलावा, राष्ट्रीय प्रतीक और तिरंगे का अपमान करने वाला कंटेंट, आतंकवाद या हिंसा को बढ़ावा देने वाला कंटेंट और चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ा कंटेंट दिखाना भी बैन होगा।

netflix


अगले गुरुवार को आएगा ड्राफ्ट, कुछ बदलाव भी संभव
ऑनलाइन वीडियो प्लेटफॉर्म के कंटेंट पर सेंसरशिप लगाने वाले इस ड्राफ्ट को तैयार करने वाले आईएएमएआई के अध्यक्ष सुभा रे ने बताया कि, इस ड्राफ्ट को अगले गुरुवार को सार्वजनिक किया जाएगा और इसमें अभी कुछ बदलाव भी किए जा सकते हैं। इसके साथ ही आईएएमएआई का ये भी कहना है कि इस कोड में भी इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि कंटेंट क्रिएटर्स और आर्टिस्ट की रचनात्मक आजादी न छिने, साथ ही लोगों की व्यक्तिगत अभिव्यक्ति की आजादी का भी पालन हो।


अमेजन ने नहीं किए साइन, कहा- मौजूदा कानून ही पर्याप्त
हालांकि, प्राइम वीडियो सर्विस देने वाले अमेजन ने इस ड्राफ्ट पर साइन करने से मना कर दिया है। इसके पीछे कंपनी का कहना है कि जब तक सरकार की तरफ से कोई रेगुलेशन कोड नहीं आ जाता, तब तक वो ऐसे किसी कोड का पालन नहीं करेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेजन ने इस ड्राफ्ट पर साइन नहीं करने के पीछे मौजूदा कानून को ही पर्याप्त बताया है।



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netflix hotstar jio and others sign self censorship code

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तीन महीने में 864 करोड़ जीबी डेटा की खपत, एक यूजर ने हर महीने औसतन 10.8 जीबी डेटा खर्च किया


गैजेट डेस्क. मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2018 तक) की रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट के मुताबिक, जियो यूजर्स ने तीसरी तिमाही में 864 करोड़ जीबी डेटा का इस्तेमाल किया है। इस हिसाब से एक यूजर ने हर महीने औसतन 10.8 जीबी डेटा खर्च किया। वहीं, दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में जियो यूजर्स ने 771 करोड़ जीबी डेटा खर्च किया था, जिसमें हर यूजर ने एक महीने औसतन 11 जीबी डेटा खर्च किया था।


हर महीने यूजर ने 794 मिनट वॉयस कॉलिंग की
जियो की तरफ से दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, तीसरी तिमाही में हर एक जियो यूजर ने 794 मिनट वॉयस कॉलिंग पर खर्च किए, जबकि दूसरी तिमाही में यही समय प्रति यूजर 761 मिनट था। इसी तरह से वीडियो कंजम्पशन भी तेजी से बढ़ा है। दूसरी तिमाही में जियो यूजर्स ने 410 करोड़ घंटे वीडियो देखने में खर्च किए थे, जबकि तीसरी तिमाही में ये समय बढॉकर 460 करोड़ घंटे पर पहुंच गया।


तीसरी तिमाही में जियो ने जोड़े 2.79 करोड़ ग्राहक
इसके साथ ही तीसरी तिमाही में रिलायंस जियो के ग्राहकों की संख्या भी 2 करोड़ 79 लाख बढ़कर 28.10 करोड़ पहुंच गई। हालांकि, दूसरी तिमाही में जियो ने 3 करोड़ 70 लाख से ज्यादा का इजाफा हुआ था। जून 2018 तक रिलायंस जियो के ग्राहकों की संख्या 25.30 करोड़ थी, जो दिसंबर 2018 तक बढ़कर 28.10 करोड़ हो गई।



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reliance jio users consumes 864 crore gb data in three months

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चैलेंज के नाम पर निजी डेटा जुटा रहा फेसबुक, ताकि चेहरा पहचानने की तकनीक बेहतर कर सके


गैजेट डेस्क. फेसबुक-इंस्टाग्राम और ट्विटर पर इन दिनों #10YearChallenge नाम से एक चैलेंज चल रहा है जिसके तहत लोग 10 साल पुरानी और आज की फोटो को जोड़कर शेयर कर रहे हैं। लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं कि इस चैलेंज को फेसबुक ने शुरू किया ताकि लोगों का डेटा जुटाया जा सके और उसका इस्तेमाल फेशियल रिकग्निशन एल्गोरिदम को बेहतर बनाने में किया जा सके। टेक जर्नलिस्ट केट ओ'नील ने wired.com पर एक आर्टिकल लिखा है, जिसमें उन्होंने इस चैलेंज के जरिए लोगों की प्राइवेसी के साथ समझौता होने की आशंका जताई है।

  1. केट ने सबसे पहले 13 जनवरी को ट्वीट कर लिखा, ‘‘10 साल पहले फेसबुक और इंस्टाग्राम पर चल रहे इस एजिंग मीम के साथ मैं शायद खेलती,लेकिन अब मैं सोच रही हूं कि फेशियल रिकग्निशन एल्गोरिदम को इंप्रूव करने के लिए एज प्रोग्रेसन और एज रिकग्निशन के डेटा का कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है?" wired.com में लिखे आर्टिकल में केट ने कहा किइस ट्वीट के जरिए उनका इरादा इस मीम (चैलेंज) को खतरनाक बताने का नहीं था, पर फेशियल रिकग्निशन के बारे में जानने के बाद लोगों को इस बारे में पता होना भी जरूरी है।’’

  2. "लेकिन कुछ लोग अपनी प्रोफाइल पिक्चर में कार्टून्स, वर्ड इमेज या अलग-अलग पेंटिंग्स और फिल्टर का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में उनका सही डेटा मिलना काफी मुश्किल हो सकता है। इसके साथ ही ये भी पता नहीं चलता कि फेसबुक पर पोस्ट की गई प्रोफाइल फोटो किस दिन ली गई है, इसमें मेटा-डेटा भी सही तारीख को एक्सेस नहीं कर पाता क्योंकि कई बार लोग फोटो को स्कैन कर उसे ही प्रोफाइल पिक्चर बना लेते हैं या फिर एक ही फोटो को कई बार अपलोड कर देते हैं।"

  3. केट ने लिखा, "फेसबुक के #10YearChallenge में लोग अपनी फोटो के साथ साल भी लिख रहे हैं, जैसे 'मी इन 2008 और मी इन 2018।' इसके अलावा कुछ यूजर्स अपनी फोटो की लोकेशन भी बता रहे हैं, जिससे एक चैलेंज के जरिए ही एक बड़ा डेटा तैयार हो गया है कि लोग 10 साल पहले और अब कैसे दिखते हैं।’’ उन्होंने बताया कि इस डेटा का इस्तेमाल फेशियल रिकग्निशन एल्गोरिदम को ट्रेन्ड करने में किया जाता है।

  4. फेसबुक ने इन दावों को खारिज किया है। उसने इसेयूजर जनरेटेड मीम बताया है। फेसबुक का कहना है कि, ‘‘हमने यह चलन शुरू नहीं किया।मीम में इस्तेमाल किए गए फोटो फेसबुक पर पहले से ही मौजूद हैं। फेसबुक को इस मीम से कुछ नहीं मिल रहा। फेसबुक यूजर्स फेशियल रिकग्निशन को कभी भी ऑन या ऑफ कर सकते हैं।’’



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      फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग का 10 साल पुराना फोटो (बाएं) और अभी का फोटो (दाएं)।

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वेबसाइट का दावा: दुनियाभर के 77 करोड़ से ज्यादा ईमेल एड्रेस हैक, 2.1 करोड़ पासवर्ड लीक


गैजेट डेस्क. साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर ट्रॉय हंट ने दावा किया है कि दुनियाभर के 77.3 करोड़ ईमेल एड्रेस और 2.1 करोड़ पासवर्ड हैक हुए हैं। ट्रॉय ने अपनी वेबसाइट पर इस बात की जानकारी देते हुए एक ब्लॉग पोस्ट भी लिखा है, जिसमें बताया है कि ये 2019 का सबसे बड़ा डेटा लीक का मामला साबित हो सकता है। ट्रॉय हंट के मुताबिक, कलेक्शन #1 में ईमेल और पासवर्ड का एक सेट है, जिसमें 2.69 अरब(2,69,28,18,238) पंक्तियां हैं। उन्होंने बताया कि इसे अलग-अलग डेटा लीक के जरिए तैयार किया गया है।


कलेक्शन में 12 हजार से ज्यादा फाइलें मौजूद
ट्रॉय हंट ने बताया, "पिछले हफ्ते कई लोगों ने हमसे संपर्क किया और क्लाउड सर्विस मेगा की एक बड़ी फाइल के बारे में जानकारी दी। इस कलेक्शन में 12 हजार से ज्यादा फाइलें मौजूद हैं, जिनका साइज 87 जीबी है। मेरा खुद का ई-मेल एड्रेस और पासवर्ड भी वहां मौजूद है, जो सही भी है। मैं सालों पहले यही ईमेल एड्रेस और पासवर्ड इस्तेमाल करता था।"


हंट की वेबसाइट बताती है, पासवर्ड-ईमेल हैक तो नहीं हुआ
रिसर्चर ट्रॉय हंट एक वेबसाइट haveibeenpwned.com भी चलाते हैं और इस वेबसाइट के जरिए चेक किया जा सकता है कि आपका ईमेल एड्रेस या पासवर्ड हैक तो नहीं हुआ। इसके लिए सबसे पहले haveibeenpwned.com पर जाकर डायलॉग बॉक्स में अपना ईमेल एड्रेस डालना होगा। ईमेल आईडी डालने पर अगर 'Good News- no pwnage found' लिखा आता है, तो आईडी हैक नहीं हुई है, लेकिन अगर 'Oh No- pwned' लिखा आया तो आपकी ईमेल आईडी हैक हो चुकी है और पासवर्ड बदलने की जरूरत है। इसी तरह से https://haveibeenpwned.com/Passwords पर जाकर पासवर्ड हैकिंग की जानकारी भी ले सकते हैं।



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773 million email id and 21 million password leak

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चांद पर उगा पहला कपास का पौधा नष्ट हुआ, वजह- तापमान -170 डिग्री तक गिरा


गैजेट डेस्क. चीन ने मंगलवार को ही चांद पर पहली बारकपास का पौधा उगाने का ऐलान किया था, लेकिन अगले ही दिन इस पौधे के मरने की खबर आ गई। द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, चांद पर उगाया गया पहला कपास का पौधा रात में तापमान माइनस 170 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की वजह से मर गया।

सूरज की रोशनी में तो ये पौधा अच्छी तरह बढ़ रहा था, लेकिन रात होते ही तापमान गिरने की वजह से मर गया। चांद पर एक रात दो हफ्ते की होती है। इस दौरान वहांतापमान गिर जाता है।

दिन के समय यही तापमान 120 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है।


चीन ने 3 जनवरी को भेजे थे आलू, कपास के बीज
चीन ने 3 जनवरी को रोवर चांगी-4 के साथ कपास, आलू और सरसों के बीज के अलावा मक्खी के अंडे भी भेजे थे। लेकिन इनमें से सिर्फ कपास का ही पौधा चांद पर पनप पाया।बाकी पौधों में कोई ग्रोथ नहीं हुई थी। हालांकि, वैज्ञानिकों ने आलू और सरसों के बीज भी अंकुरित होने की उम्मीद जताई थी। इसीके साथ चीन पहला ऐसा देश बन गया था, जिसने चांद पर किसी पौधे को उगाया था।


रविवार से शुरू हो गई थी चांद पर रात
चीन के इस प्रोजेक्ट को लीड करने वाले वैज्ञानिक शाई गेंगशिन ने कहा कि हमें पहले से ही इस पौधे के जल्दी मरने की आशंका थी क्योंकि रात के समय वहां किसी भी पौधे के लिए बच पाना नामुमकिन है। गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने बताया कि, लैंडिंग के बाद रविवार को चांद पर पहली रात थी और रविवार से ही चांगी-4 रोवर 'स्लीप मोड' में चला गया था।

चांद पर नहीं डालेंगे प्रतिकूल असर

शाई का कहना है कि धीरे-धीरे पौधे और बीज चांद पर डिकम्पोज हो जाएंगे और इससे चांद के वातावरण पर कोई प्रतिकूल असर नहीं होगा। उन्होंने कहा, "चांद पर पौधे उगाने का प्रयोग हमने पहली बार किया था और हमें इसका कोई अनुभव भी नहीं था कि चांद पर किस तरह का वातावरण होता है।


डिब्बे में भरकर चांद पर भेजे गए थे बीज
चीन के वैज्ञानिकों ने बताया था कि, रोवर चांगी-4 में पानी और मिट्टी से भरे एक डिब्बे को भेजा गया थाजो 18 सेंटीमीटर का था। इस डिब्बे के अंदर कपास, आलू और सरसों के बीज के साथ-साथ फ्रूट फ्लाय के अंडे और यीस्ट भेजे गए थे। इसके साथ ही इसमें दो छोटे कैमरे और एक हीट कंट्रोल सिस्टम भी था, ताकि बीज के अंकुरित होने की फोटो मिलती रहे।



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कपास के अंकुरित पौधे।

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फेसबुक पर चुनावी विज्ञापन के लिए देनी होगी पूरी डिटेल, 7 साल तक ऑनलाइन लाइब्रेरी में रहेगा डेटा


गैजेट डेस्क. सोशल नेटवर्किंग साइटों पर आरोप लगते रहते हैं कि उनके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल चुनावों को प्रभावित करने वाले प्रोपगेंडा और फेक न्यूज फैलाने में इस्तेमाल होता है। भारत में अप्रैल-मई में आम चुनाव होने हैं। इस बार फेसबुक ने ऐसे आरोपों से बचने के लिए विशेष तैयारी की है। कंपनी फरवरी से भारत में चुनावी विज्ञापनों के लिए ऑनलाइन लाइब्रेरी बनाएगी।


इसमें विज्ञापन देने वालों की पूरी डिटेल होगी। साथ ही जो विज्ञापन देगा उसे अपना प्रमाण देना होगा। उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति चुनावी विज्ञापन देना चाहता है तो उसे प्रमाण के तौर पर सरकार द्वारा जारी आईकार्ड की कॉपी देनी पड़ेगी। देश के बाहर से चुनावी विज्ञापन नहीं चलाए जा सकेंगे।

कई देशों में भी फेसबुक बना चुका है ऑनलाइन लाइब्रेरी

  • फेसबुक चीन को छोड़कर दुनिया के लगभग हर देश में सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट है। पिछले कुछ सालों में राजनीतिक पार्टियों और उनके विज्ञापनदाताओं द्वारा इसका इस्तेमाल प्रोपगेंडा और फेक न्यूज फैलाने में भी जमकर हुआ है।
  • फेसबुक के प्रोडक्ट मैनेजमेंट डायरेक्टर रॉब लीथर्न ने कहा, 'फेसबुक का मानना है कि विज्ञापनों को ऑनलाइन लाइब्रेरी में सात साल तक रखना चुनावों को प्रभावित होने से रोकने की लड़ाई का अहम हिस्सा है। यह लाइब्रेरी उन आर्काइव की तरह होगी जो पिछले साल अमेरिका, ब्राजील और ब्रिटेन में लाई गई थी।'


रूस पर फेसबुक से अमेरिकी चुनाव प्रभावित करने का आरोप
रूस पर आरोप लग रहे हैं कि उसने फेसबुक के जरिए 2016 में अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों को प्रभावित किया। रूसी सरकार की इंटरनेट रिसर्च एजेंसी ने फेक अकाउंट के जरिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के बीच इस बारे में बातचीत की भी खबरें हैं। ट्रंप और रूस आरोपों को गलत बताया है।



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facebook tightens political advertising rules ahead of lok sabha election

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ड्रग से भी ज्यादा खतरनाक है पबजी गेम, 10वीं-12वीं का रिजल्ट बिगाड़ सकता है: स्टूडेंट एसोसिएशन


गैजेट डेस्क. जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने 10वीं-12वीं क्लास की बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए पबजी गेम पर बैन लगाने की मांग की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टूडेंट एसोसिएशन ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलकर जल्द से जल्द पबजी गेम पर बैन लगाने की मांग की है। स्टूडेंट एसोसिएशन का कहना है कि इस गेम की वजह से 10वीं और 12वीं क्लास के बच्चों का रिजल्ट बिगड़ सकता है, इसलिए इसपर बैन लगाया जाए।


ड्रग से भी ज्यादा खतरनाक है पबजी गेम
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष अबरार अहमद बट ने पबजी गेम को भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाला बताया। वहीं, एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राफीक मखदूमी ने इस गेम को ड्रग से भी ज्यादा खतरनाक बताया है। राफीक ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए कहा, "पबजी पर हमें तुरंत बैन लगा देना चाहिए क्योंकि इससे 10वीं और 12वीं क्लास के बच्चों की परफॉर्मेंस पर असर पड़ रहा है।" उन्होंने कहा, "इस गेम की लत ड्रग की लत से भी ज्यादा खतरनाक है क्योंकि आजकल युवा 24 घंटे मोबाइल में लगे रहते हैं और पबजी खेलने के अलावा कुछ नहीं करते।"


राज्य में पहले भी उठ चुकी है पबजी पर बैन लगाने की मांग
जम्मू-कश्मीर में इससे पहले भी कई बार पबजी गेम पर बैन लगाने की मांग उठ चुकी है। पिछले हफ्ते ही लगातार 10 दिन तक पबजी खेलने की वजह से एक फिजिकल ट्रेनर अपना मानसिक संतुलन खो बैठा था, जिसके बाद भी इस गेम पर बैन लगाने की मांग स्थानीय लोगों ने की थी। जम्मू-कश्मीर में पबजी गेम की वजह से खुदको नुकसान पहुंचाने के 6 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि देश के कई हिस्सों से कई बार पबजी पर बैन लगाए जाने की मांग भी उठती रहती है।


गेम खेलना भी मानसिक रोग होता है

  • पिछले साल ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गेम खेलने की लत को मानसिक रोग की श्रेणी में शामिल किया है, जिसे 'गेमिंग डिसऑर्डर' नाम दिया गया है। शट क्लीनिक के अनुसार टेक एडिक्शन वालों में 60 फीसदी गेम्स खेलते हैं। 20 फीसदी पोर्न साइट देखने वाले होते हैं। बाकी 20 फीसदी में सोशल मीडिया, वॉट्सएप आदि के मरीज आते हैं।
  • शट (सर्विसेस फॉर हेल्दी यूज ऑफ टेक्नोलॉजी) क्लीनिक के डॉक्टर मनोज कुमार शर्मा का कहना है कि गेम खेलने की वजह से खुद का खुद पर नियंत्रण खत्म हो रहा है। गेम खेलते हैं तो खेलते ही रहते हैं। जीवन शैली में एक ही एक्टिविटी रह गई है। उनका कहना है कि गेम खेलने से होने वाले नुकसान की जानकारी भी होती है, लेकिन उसके बावजूद आप खेलते रहते हैं।


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jammu kashmir students association demands government ban of pubg ahead of exam

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एपल ने 2018 में 1 करोड़ से ज्यादा आईफोन की बैटरी बदलीं, इससे कंपनी को 70 हजार करोड़ का नुकसान


गैजेट डेस्क. एपल ने 2018 में बैटरी रिप्लेसमेंट प्रोग्राम के जरिए 1.10 करोड़ से ज्यादा आईफोन की बैटरियों को रिप्लेस किया, जबकि इस प्रोग्राम के जरिए एपल को 20 लाख बैटरियों को रिप्लेस करने का अनुमान था। इस बात की जानकारी एपल पर करीब से नजर रखने वाले डॉन ग्रूबर ने दी। उन्होंने दावा किया कि, एपल के सीईओ टीम कुक ने आईफोन की बैटरी रिप्लेस करने के आंकड़े एक इंटरव्यू में बताए थे।


इससे एपल को 77 हजार करोड़ का नुकसान, लेकिन 22 अरब का फायदा भी

  • एपल के बैटरी रिप्लेसमेंट प्रोग्राम के तहत आईफोन यूजर सिर्फ 29 डॉलर में बैटरी रिप्लेस करवा सकते थे। द वर्ज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोग्राम के तहत कई यूजर्स ने 1,000 डॉलर (करीब 70 हजार रुपए) का नया आईफोन खरीदने की जगह अपने पुराने आईफोन की ही बैटरी को बदलवा लिया। इस कारण एपल को 11 बिलियन डॉलर (करीब 77 हजार करोड़ रुपए) का नुकसान उठाना पड़ा।
  • हालांकि, एक बात ये भी है कि एपल के 1.10 करोड़ यूजर्स ने अपने पुराने आईफोन की बैटरी को 29 डॉलर में रिप्लेस करवाया, जिससे कंपनी को बैटरी रिप्लेसमेंट प्रोग्राम से ही 319 मिलियन डॉलर (करीब 22.66 अरब रुपए) का फायदा भी हुआ।


एपल ने पिछले साल शुरू किया था बैटरी रिप्लेसमेंट प्रोग्राम

एपल पर कई बार पुराने आईफोन की बैटरी लाइफ और परफॉर्मेंस को स्लो करने के आरोप लगे थे, जिसके बाद कंपनी ने बैटरी रिप्लेसमेंट प्रोग्राम शुरू किया था। इस प्रोग्राम के तहत कोई भी यूजर अपने पुराने फोन की बैटरी को सिर्फ 29 डॉलर में रिप्लेस करवा सकता था। जबकि भारत में इस प्रोग्राम को साल के आखिरी में शुरू किया गया था, जिसके तहत भारतीय यूजर्स 2 हजार रुपए में अपने आईफोन की बैटरी को रिप्लेस कर सकते थे, जबकि आम दिनों में बैटरी रिप्लेस करने पर 6,500 रुपए तक का खर्च आता था।


सॉफ्टवेयर के जरिए आईफोन की बैटरी लाइफ कम करती थी एपल

  • एपल पर दो साल पहले नए आईफोन की बिक्री बढ़ाने के लिए पुराने आईफोन की परफॉर्मेंस और बैटरी लाइफ स्लो करने का आरोप लगा था। दरअसल, एपल ने 2017 में आईओएस 11 में परफॉर्मेंस मैनेजमेंट फीचर दिया था, जिससे आईफोन 7 प्लस से नीचे के मॉडल की परफॉर्मेंस स्लो हो गई, साथ ही बैटरी लाइफ भी पहले के मुकाबले कम हो गई। इसके बाद 2018 में एपल ने आईओएस 12 लॉन्च किया, जिससे आईफोन 8, 8 प्लस और X की परफॉर्मेंस और बैटरी लाइफ पर असर पड़ा।
  • एपल पर जब पुराने आईफोन स्लो करने का आरोप लगा था, तो उसने कहा था कि वो ऐसा पुराने मॉडल की लाइफ बढ़ाने के लिए ऐसा करती है। एपल का कहना था कि, सॉफ्टवेयर अपडेशन के जरिए यूजर्स को बेहतर एक्सपीरियंस दिया जाता है। एपल का तर्क था, जैसे-जैसे डिवाइस पुराना हो जाता है, वैसे-वैसे उसकी बैटरी लाइफ भी कम हो जाती है और इसी वजह से डिवाइस अपने आप शटडाउन हो जाता है। हालांकि, एपल पर आरोप लगा था कि लोग नए आईफोन खरीदने के लिए मजबूर हों, इसलिए पुराने मॉडल की परफॉर्मेंस को कमजोर कर दिया जाता है।


बैटरी लाइफ कम करने के आरोप में एपल पर 84 करोड़ का जुर्माना लगा
सॉफ्टवेयर अपडेशन के जरिए पुराने फोन को जानबूझकर स्लो करने के आरोप में इटली की कंज्यूमर अथॉरिटी ने एपल और सैमसंग पर 124 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। इसमें एपल पर 10 मिलियन यूरो (83.46 करोड़ रुपए) और सैमसंग पर 5 मिलियन यूरो (41.73 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया गया है। जबकि, जून 2007 में जब पहला आईफोन लॉन्च हुआ था, तो उस वक्त कंपनी ने दावा किया था कि ज्यादातर आईफोन यूजर्स को बैटरी बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।



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apple replaces 11 million iphone batteries under 2018 battery replacement programme

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हर साल 50 किमी खिसक रहे हैं धरती के चुंबकीय ध्रुव, इससे फोन के जीपीएस पर होता है असर


गैजेट डेस्क. धरता के चुंबकीय ध्रुव बर साल 50 किलोमीटर तक खिसकते जा रहे हैं, जिसका असर हमारे नेविगेशन सिस्टम पर पड़ रहा है। दरअसल, धरती एक चुंबक है जिसके दो सिरे होते हैं और इन दो सिरों को ही धरती के चुंबकीय ध्रुव कहा जाता है। ये ध्रुव अपनी-अपनी जगहों से खिसकते रहते हैं। जिसको लेकर हर 5 साल में एक रिपोर्ट जारी की जाती है, लेकिन वैज्ञानिकों ने इस बार धरती के मैग्नेटिक मॉडल को एक साल पहले ही अपडेट करने और रिपोर्ट जारी करने की सोची। इस रिपोर्ट को 15 जनवरी को आना था, लेकिन अमेरिका में शटडाउन होने की वजह से इस रिपोर्ट को पेश नहीं किया गया।


गूगल मैप्स से लेकर जहाजों पर इस्तेमाल होने वाले कुतुबनुमा तक पर असर

  • अब सवाल कि ध्रुवों के खिसकने की रिपोर्ट ना आने से हम पर क्या असर पड़ेगा? हमारे फोन के गूगल मैप, जीपीएस से लेकर जहाजों पर इस्तेमाल होने वाले कुतुबनुमा तक पर असर होगा। दरअसल, ध्रुवों के खिसकने का असर हर उस डिवाइस पर होता है, जो दिशा बताती है..रास्ता बताती है। ये सारी डिवाइस चुंबकीय ध्रुवों से खुद को को-ऑर्डिनेट करके ही दिशाएं या रास्ते बताती हैं। हर 5 साल में रिपोर्ट जारी कर इन ध्रुवों की नई स्थिति से तमाम नेविगेशन सिस्टम को को-ऑर्डिनेट किया जाता है।
  • अब रिपोर्ट देर से आने से नेविगेशन सिस्टम अपडेट नहीं हो पाएंगे। ऐसे में जीपीएस के बताए रास्ते भी आपको गलत मंजिल तक पहुंचा सकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि लोग गूगल मैप्स जैसे एप्लीकेशन्स और ऐसे ही अन्य नेविगेशन सिस्टम पर पूरी तरह भरोसा करते हैं। ये सटीक रास्ते भी बताते हैं क्योंकि इनका ध्रुवों से सटीक को-ऑर्डिनेशन रहता है।


पृथ्वी के भीतर ढेर सारा लिक्विड आयरन है

  • अगर यह अपनी सटीक स्थिति का आकलन नहीं कर पाए तो नेविगेशन सिस्टम फेल होने लगेंगे। दरअसल पृथ्वी के भीतर ढेर सारा लिक्विड आयरन है, यानी तरल लौह पदार्थ। इसकी ढलान से ही चुंबकीय क्षेत्र की दिशा तय होती है। अब ग्लेशियर की बर्फ लगातार पिघलने से इस लिक्विड आयरन पर दबाव बढ़ गया है और इसकी ढलान अनियमित हो गई है। इसी वजह से चुंबकीय ध्रुव भी खिसक रहे हैं।
  • पृथ्वी की चुंबकीय थ्योरी 17वीं सदी के दार्शनिक विलियम गिलबर्ट की दी हुई है। ब्रिटिश खोजकर्ता जेम्स रॉस क्लार्क ने 1831 में बताया कि कुछ हिस्सों में चुंबकीय ध्रुव बढ़ गया है। इसके बाद नार्वे के वैज्ञानिक रोनाल्ड अमुंडसेन ने पाया कि ध्रुवों की स्थिति ही बदल रही है।


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earth magnetic field is moving faster which affects our navigation system

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दिसंबर में जियो की डाउनलोडिंग स्पीड सबसे ज्यादा, अपलोडिंग में आइडिया आगे


गैजेट डेस्क. टेलीकॉम रेगुलेटरी ट्राई ने मंगलवार को दिसंबर 2018 को आंकड़े जारी कर दिए, जिसके मुताबिक एक बार फिर डाउनलोडिंग स्पीड में रिलायंस जियो और अपलोडिंग स्पीड में आइडिया टॉप पर रही। ट्राई के मुताबिक, दिसंबर में जियो की डाउनलोडिंग स्पीड 18.7Mbps रही जबकि नवंबर में यही स्पीड 20.3Mbps थी। ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में भारती एयरटेल को छोड़कर किसी भी टेलीकॉम कंपनी की डाउनलोडिंग स्पीड में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।


एयरटेल की स्पीड बढ़ी, लेकिन वो भी थोड़ी
ट्राई की रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर में भारती एयरटेल की डाउनलोडिंग स्पीड में थोड़ा सुधार हुआ। नवंबर में एयरटेल की स्पीड 9.7Mbps थी जो दिसंबर में थोड़ी बढ़कर 9.8Mbps हो गई। वहीं, वोडाफोन की डाउनलोड स्पीड 6.8Mbps से घटकर 6.3Mbps रह गई और आइडिया की स्पीड भी गिरकर 6Mbps पर जा पहुंची। हालांकि, वोडाफोन और आइडिया में मर्जर हो चुका है और अब दोनों एक ही कंपनी है, लेकिन ट्राई ने दिसंबर में भी दोनों के अलग-अलग आंकड़े जारी किए हैं।


अपलोडिंग में आइडिया आगे, लेकिन उसकी भी स्पीड गिरी
वहीं, अगर अपलोडिंग स्पीड की बात करें तो इस मामले में आइडिया ने एक बार फिर 5.3Mbps की स्पीड के साथ टॉप किया है, लेकिन नवंबर में इसकी अपलोडिंग स्पीड 5.6Mbps थी। इसी तरह से दिसंबर में वोडाफोन की अपलोडिंग स्पीड 5.1Mbps और जियो की अपलोडिंग स्पीड 4.3Mbps रही। जबकि भारती एयरटेल की अपलोड स्पीड में भी गिरावट देखी गई है और दिसंबर में ये 3.9Mbps रही।

कंपनी डाउनलोडिंग स्पीड अपलोडिंग स्पीड
नवंबर दिसंबर नवंबर दिसंबर
रिलायंस जियो 20.3Mbps 18.7Mbps 4.5Mbps 4.3Mbps
भारती एयरटेल 9.7Mbps 9.8Mbps 4Mbps 3.9Mbps
वोडाफोन 6.8Mbps 6.3Mbps 4.9Mbps 5.1Mbps
आइडिया 6.2Mbps 6Mbps 5.6Mbps 5.3Mbps

  • डाउनलोडिंग स्पीड: वीडियो देखने, इंटरनेट पर ब्राउजिंग करने, ईमेल एक्सेस करने के लिए डाउनलोडिंग स्पीड होती है।
  • अपलोडिंग स्पीड: फोटो, वीडियो या कोई डॉक्यूमेंट और फाइल को शेयर करने के लिए अपलोडिंग स्पीड की जरुरत होती है।


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reliance jio tops in download speed idea in upload in december 2018 says trai

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तीन महीने बाद भारत आया Honor 10 Lite, इसमें है 24 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा; कीमत 13,999 से शुरू


गैजेट डेस्क. चीनी कंपनी हुवावे के सब-ब्रांड ऑनर ने मंगलवार को भारत में Honor 10 Lite लॉन्च कर दिया। इसमें 6.21 इंच की स्क्रीन दी गई है, जो ड्यूड्रॉप डिस्प्ले डिजाइन के साथ आती है और ये कंपनी का पहला फोन है जिसमें ड्यूड्रॉप डिस्प्ले दिया गया है। इस फोन को नवंबर में ही चीन में लॉन्च कर दिया गया था, जिसे तीन महीने बाद भारत लाया गया है।

  1. Honor 10 Lite को खासतौर से सेल्फी लवर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है और इसके फ्रंट में 24 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा दिया गया है। जबकि इसके रियर पर ड्युअल कैमरा सेटअप मिलता है जिसका प्राइमरी सेंसर 13 मेगापिक्सल और सेकंडरी सेंसर 2 मेगापिक्सल का है।

  2. इस फोन में किरीन 710 प्रोसेसर दिया गया है और इसे दो वैरिएंट में लॉन्च किया गया है। इसके 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वैरिएंट की कीमत 13,999 रुपए रखी गई है, जबकि 6 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वाले वैरिएंट की कीमत 17,999 रुपए है। इन दोनों ही वैरिएंट की बिक्री 20 जनवरी से फ्लिपकार्ट पर शुरू होगी।

  3. डिस्प्ले 6.21 इंच
    प्रोसेसर किरीन 710
    रैम 3 जीबी/ 4 जीबी
    स्टोरेज 32 जीबी/ 64 जीबी
    फ्रंट कैमरा 24 मेगापिक्सल
    रियर कैमरा 13+2 मेगापिक्सल
    सिक्योरिटी फिंगरप्रिंट सेंसर
    बैटरी 3400mAh


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      honor 10 lite with 24 megapixel selfie camera launched know price specification

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गूगल पर कमलनाथ, ट्विटर पर शिवराज आगे; दोनों नेताओं की जाति सर्च कर रहे यूजर्स


गैजेट डेस्क. मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (@ChouhanShivraj) के ट्विटर पर 85 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स बढ़ गए। वहीं, मुख्यमंत्री कमलनाथ (OfficeOfKNath) के 40 हजार फॉलोअर्स बढ़े। हार के बाद शिवराज ने जहां एक महीने में 300 से ज्यादा ट्वीट किए, वहीं कमलनाथ ने इस दौरान 100 से भी कम ट्वीट किए। ये आंकड़े 11 दिसंबर 2018 से 11 जनवरी 2019 तक के हैं। 11 जनवरी तक शिवराज के कुल फॉलोअर्स की संख्या जहां 50.53 लाख रही, वहीं कमलनाथ के 1.59 लाख फॉलोअर्स रहे।

shiv kamal

शिवराज: 12 दिसंबर को इस्तीफा दिया, अगले दिन 5,442 फॉलोअर्स बढ़े
11 दिसंबर को चुनावी नतीजे सामने आने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने 12 दिसंबर को हार स्वीकारते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके अगले ही दिन 13 दिसंबर को शिवराज के 5,442 फॉलोअर्स बढ़ गए। वहीं, 13 दिसंबर को शिवराज ने सबसे ज्यादा 32 ट्वीट किए।11 दिसंबर से 11 जनवरी के बीच शिवराज के सबसे कम 1,531 फॉलोअर्स 11 दिसंबर को ही बढ़े। इसी दौरान उनके फॉलोअर्स की संख्या में रोजाना औसतन 2,500 का इजाफा हुआ।

हार के बाद शिवराज काट्वीट

कमलनाथ: 13 को मुख्यमंत्री के लिए नाम तय हुआ, 14 को 5,352 फॉलोअर्स बढ़ गए
कमलनाथ का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए 13 दिसंबर को तय हुआ था। अगले ही दिन 14 दिसंबर को उनके 5,352 फॉलोअर्स बढ़ गए। इसके बाद उनके सबसे ज्यादा 5,735 फॉलोअर्स 18 दिसंबर को बढ़े, क्योंकि 17 दिसंबर को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और किसानों की कर्जमाफी की फाइल पर साइन किए। कमलनाथ के भी सबसे कम 236 फॉलोअर्स 11 दिसंबर को ही बढ़े। 11 दिसंबर को कमलनाथ के ट्विटर पर फॉलोअर्स की संख्या 1,18,718 थी जिनकी संख्या 9 जनवरी तक बढ़कर 1,58,77 हुई।

जीत के बाद कमलनाथ का ट्वीट

शिवराज V/S कमलनाथ: गूगल पर किसकी ज्यादा सर्चिंग?

गूगल ट्रेंड्स के मुताबिक, शिवराज सिंह चौहान के मुकाबले कमलनाथ के बारे में लोगों ने ज्यादा सर्च किया। 11 दिसंबर से 6 जनवरी तक शिवराज की एवरेज सर्चिंग जहां 11 प्वॉइंट्स रही, वहीं कमलनाथ की एवरेज सर्चिंग 30 प्वॉइंट्स रही।

google


गूगल ट्रेंड्स के मुताबिक, 11 दिसंबर को (नतीजे वाले दिन) शिवराज को कमलनाथ से ज्यादा सर्च किया गया, लेकिन 13 दिसंबर के बाद से गूगल पर कमलनाथ की सर्चिंग शिवराज से कहीं ज्यादा रही। गूगल पर लोगों ने इन दोनों ही नेताओं की जाति के बारे में ज्यादा सर्च किया।

13 को शिवराज तो 14 को कमलनाथ की जाति के बारे में ज्यादा सर्चिंग हुई

shivraj caste

शिवराज की जाति के बारे में सबसे ज्यादा बार 13 दिसंबर को ही सर्च किया, जबकि इसके एक दिन पहले ही उन्होंने इस्तीफा दिया था। इसके बाद 21 दिसंबर और 28 दिसंबर को भी लोगों ने गूगल पर शिवराज की जाति सर्च की।

kamal nath caste

वहीं, मुख्यमंत्री के लिए नाम तय होने के बाद अगले ही दिन 14 दिसंबर को कमलनाथ की जाति के बारे में सबसे ज्यादा सर्चिंग हुई। इसके बाद 17 दिसंबर को एक बार फिर लोगों ने उनकी जाति सर्च की। 17 तारीख को ही कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और किसानों की कर्जमाफी की फाइल पर साइन किए थे।



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shivraj singh chouhan and kamal nath twitter follower comparison

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यूट्यूब बंद करने जा रहा है शेयर एक्टिविटी फीचर, इससे ट्विटर पर ऑटोमैटिकली पोस्ट नहीं होंगे वीडियो


गैजेट डेस्क. वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब उस फीचर को बंद करने जा रहा है, जिसके जरिए यूजर्स अपनी यूट्यूब एक्टिविटी को ट्विटर पर शेयर करते हैं। यूट्यूब इस सर्विस को 31 जनवरी से बंद कर देगा, जिसके बाद यूट्यूब एक्टिविटी को ट्विटर पर ऑटोमैटिकली शेयर नहीं कर पाएंगे। इस फीचर की मदद से यूजर्स जब भी यूट्यूब पर कोई वीडियो पोस्ट करते थे, तो वो ऑटोमैटिकली ट्विटर पर भी पोस्ट हो जाता था।


अब वीडियो शेयर करने के लिए 'शेयर बटन' का इस्तेमाल करना होगा
अभी तक यूट्यूब वीडियो को ट्विटर पर ऑटोमैटिकली शेयर करने का ऑप्शन मिलता था, जिसके लिए यूट्यूब की सेटिंग में जाकर 'कनेक्टेड ऐप्स' में 'शेयर योर पब्लिक एक्टिविटी टू ट्विटर' के ऑप्शन को चुनना होता था। हालांकि, इस फीचर के बंद होने के बाद ये ऑप्शन भी बंद हो जाएगा, जिसके बाद यूट्यूब वीडियोज़ को शेयर करने के लिए 'शेयर बटन' का ही इस्तेमाल करना होगा। यूट्यूब का भी कहना है कि अगर कोई यूजर अपने यूट्यूब चैनल के वीडियो को ट्विटर पर शेयर करना चाहता है, तो वो शेयर बटन का इस्तेमाल करे।


इस फैसले से पहले शेयर किए वीडियो पर नहीं पड़ेगा असर
हालांकि, यूट्यूब ने ये भी साफ किया है कि नया अपडेट आने के बाद पहले से ट्विटर पर शेयर हो चुके वीडियोज़ पर कोई असर नहीं पड़ेगा और पहले ही पोस्ट हो चुके वीडियो ट्विटर पर बने रहेंगे। 31 जनवरी के बाद यूजर्स सोशल मीडिया से लिंक्स लेकर उनके यूट्यूब चैनल पर जोड़ सकते हैं और यूट्यूब पेज से ही वीडियो शेयर कर सकते हैं।



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youtube to stop auto sharing activity on twitter feature from 31 january

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मोबाइल ऐप से पता चलेगा, मेले के आसपास कैसा रहेगा मौसम; आज ही बता देगा तीन दिन बाद का हाल


गैजेट डेस्क. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में मंगलवार से शुरू हो रहे अर्धकुंभ मेले में मौसम की जानकारी देने के लिए एक खास तरह की मोबाइल ऐप को लॉन्च किया गया है। इस मोबाइल ऐप को सोमवार को केंद्रीय विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सिंह ने लॉन्च किया, जिसका नाम 'कुंभ मेला वेदर सर्विस' रखा गया है। इस ऐप का सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि इसकी मदद से तीन दिन पहले ही प्रयागराज के आसपास के मौसम का हाल पता चल सकेगा।


प्रयागराज के पास चार जगहों पर मौसम केंद्र बनाए गए
कुंभ मेला वेदर सर्विस को खासतौर से कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की मदद के लिए लॉन्च किया गया है। इस ऐप के जरिए श्रद्धालुओं को मौसम का हाल बताने के लिए प्रयागराज में चार अलग-अलग जगहों पर मौसम केंद्र बनाए गए हैं। प्रयागराज में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, दिल्ली पब्लिक स्कूल, जीबी पंत इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस और सैम हिगिनबॉटम यूनिवर्सिटी में ऑटोमैटिक मौसम केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों को चारों दिशाओं में बनाए गए हैं, जो अपने आसपास के 5-10 किलोमीटर के रेडियस के मौसम की जानकारी देंगे।


तीन दिन पहले ही पता चलेगा मौसम का हाल
इस ऐप की मदद से श्रद्धालु तीन दिन पहले ही मौसम का हाल पता कर सकेंगे। डॉ. हर्षवर्धन के मुताबिक, इस ऐप के जरिए टेंपरेचर (तापमान), ह्यूमिडिटी (आर्द्रता), रेनफॉल (वर्षा) और विंड्स (हवाओं) का पूर्वानुमान और चेतावनी तीन दिन पहले ही मिल जाएगी। इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।



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prayagraj kumbh mela 2019 weather mobile app launched for pilgrims

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इसी महीने भारत में लॉन्च हो सकता है LG V40 ThinQ, इसमें हैं 5 कैमरे; सिर्फ अमेजन पर मिलेगा


गैजेट डेस्क. दक्षिण कोरियाई इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी एलजी भारत में अपना अगला फ्लैगशिप स्मार्टफोन V40 ThinQ लॉन्च करने की तैयारी कर रही है और इसे जनवरी के आखिरी तक लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। माय स्मार्ट प्राइस ने अपनी रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी है। इस स्मार्टफोन की खास बात ये है कि इसके रियर पर ट्रिपल कैमरा और फ्रंट में ड्युअल कैमरा सेटअप दिया गया है। ये कंपनी का पहला स्मार्टफोन है, जिसमें ट्रिपल रियर कैमरा दिया गया है। हालांकि इससे पहले सैमसंग, हुआवे जैसी कंपनियां ट्रिपल कैमरे वाला फोन लॉन्च कर चुकी हैं।


स्नैपड्रैगन 845 प्रोसेसर के साथ 6 जीबी रैम

  • LG V40 ThinQ में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 845 प्रोसेसर के साथ 6 जीबी रैम दी गई है। साथ ही इसमें 64 जीबी का इनबिल्ट स्टोरेज मिलता है, जिसे माइक्रो एसडी कार्ड के जरिए 2TB तक बढ़ाया जा सकेगा।
  • इसमें 6.4 इंच का QHD+OLED डिस्प्ले दिया गया है, जो नॉच के साथ आता है। इसके रियर पर होरिंजोंटल ट्रिपल कैमरा है और उसके नीचे फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है।
  • LG V40 ThinQ में 3300mAh की बैटरी है, जो क्विक चार्जिंग 3.0 के साथ-साथ वायरलैस चार्जिंग को भी सपोर्ट करती है। साथ ही इसमें फेस अनलॉक का फीचर भी मिलता है।

स्पेसिफिकेशन

डिस्प्ले 6.4 इंच
प्रोसेसर स्नैपड्रैगन 845
रैम 6 जीबी
स्टोरेज 64 जीबी
फ्रंट कैमरा 8+5 मेगापिक्सल
रियर कैमरा 12+16+12 मेगापिक्सल
बैटरी 3300mAh
सिक्योरिटी फेस अनलॉक/ फिंगरप्रिंट सेंसर

45 हजार तक होगी कीमत, सिर्फ अमेजन पर बिकेगा
माय स्मार्ट प्राइस की रिपोर्ट के मुताबिक, V40 ThinQ की कीमत भारत में 45 हजार रुपए के आसपास हो सकती है। ग्लोबली इस फोन को 900 डॉलर की कीमत के साथ उतारा गया था। इसके अलावा भारत में इस फोन को एक्सक्लूसिव तौर पर सिर्फ अमेजन पर ही बेचा जाएगा।



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lg v40 thinq to launch in india in this month as an amazon exclusive

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इंस्टाग्राम पर एक साधारण अंडे को मिले 2.5 करोड़ से ज्यादा लाइक, एक्ट्रेस काइली जेनर का रिकॉर्ड टूटा


गैजेट डेस्क. हॉलीवुड एक्ट्रेस और सबसे अमीर सेलेब्रिटी में से एक काइली जेनर को सोशल मीडिया परएक अंडे ने पीछे छोड़ दिया है। दरअसल, वर्ल्ड रिकॉर्ड नाम के इंस्टाग्राम पेज पर इस अंडे की फोटो पोस्ट की गई थी, जिसे अब तक 2.5 करोड़ से ज्यादा बार लाइक मिल चुके हैं। वहीं, पिछले साल काइली की ओर से पोस्ट किया गया उनकी बेटी के फोटो को1.80 करोड़ लाइक मिले थे। 21 साल की काइली 6,300 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ दुनिया की 5वीं सबसे अमीर सेलेब्रिटी हैं।



इस अकाउंट पर सिर्फ अंडे की ही फोटो
2.5 करोड़ से ज्यादा लाइक्स पाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाले इस अंडे की फोटो को @world_record_egg से पोस्ट किया गया है। खास बात ये है कि इस अकाउंट से अभी तक सिर्फ इसी फोटो को पोस्ट किया गया है और पहली ही फोटो को इतने ज्यादा लाइक मिल गए। इस अकाउंट के 30 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स भी हैं।

अंडे की फोटो के रिकॉर्ड तोड़नेकी वजह
इस अंडे की फोटो को पोस्ट करते हुए अकाउंट होल्डर ने बजफीड, डेलीमेल, सीएनएन, प्यूडाईपाई, द सन, द एलन शो जैसी बड़ी-बड़ी वेबसाइट को टैग किया था। इस फोटो को पोस्ट करते हुए काइली जेनर को चैलेंज किया गया था। अकाउंट होल्डर ने इसे पोस्ट करते हुए लिखा, "नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हैं और इसे इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा लाइक की जाने वाली फोटो बनाते हैं। मौजूदा वर्ल्ड रिकॉर्ड जो काइली जेनर के नाम है, उसे तोड़कर दिखाते हैं।"

stormi webster 👼🏽

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काइली ने भी लिखा था कुछ ऐसा ही मैसेज
काइली ने फरवरी 2018 में जो बेटी का फोटो पोस्ट किया था उस पर लिख था, "चलो मिलकर एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हैं और इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा लाइक की जाने वाली पोस्ट बनाते हैं।"

काइली ने सड़क पर अंडा फोड़कर दिया जवाब

एक साधारण अंडे की पोस्ट पर 28 मिलियन से ज्यादा लाइक आने के बाद काइली जेनर ने भी प्रतिक्रिया दी। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें वे सड़क पर वैसा हीअंडा फोड़ते नजर आ रही हैं। अंडा फोड़ने से पहले वे सड़क को छूकर देखती हैं और कहती हैं कि दोस्तों, सड़क सचमुच बेहद सख्त हैऔर, इसके बाद अंडे को फोड़ती हैं।

Take that little egg

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most liked photo on instagram is egg breaks kylie jenner record

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बिजली के साथ पीने का शुद्ध पानी भी देगा सोलर पैनल, एक पैनल पर 1.4 लाख रु. का खर्च


गैजेट डेस्क. जीरो मास वाटर नाम के स्टार्टअप ने ऐसा सोलर पैनल बनाया है जो हवा से वाष्प सोखकर पीने के लिए पानी देता है। यह पानी की अशुद्धियां भी दूर कर देता है। कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो में स्टार्टअप ने इस पैनल के लिए नया सेंसर लांच किया,जिससे पानी की क्वालिटी को जांचा जा सकता है। इसके आंकड़े जीरो मास वाटर एप पर देखे जा सकेंगे। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि दुनियाभर में 210 करोड़ लोगों को पीने के लिए शुद्ध पानी नहीं मिल पाता है।


एक पैनल पर 1.4 लाख रुपए का खर्च : इस स्टार्टअप पर माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति जेफ बेजोस समेत कई बड़े निवेशकों ने 7 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया है। इस एक सोलर पैनल को लगाने पर 1.4 लाख रुपए का खर्च आता है,जबकि एक दिन में ये पीने के लिए 5 लीटर शुद्ध पानी उपलब्ध करा सकता है।



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this solar panel produces upto 5 liters of driniking water from the air
this solar panel produces upto 5 liters of driniking water from the air

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इस साल आने वाले OnePlus 7 की फोटो सामने आई; नॉच नहीं मिलेगा इसमें, स्लाइडर कैमरा मिलने की उम्मीद


गैजेट डेस्क. चीनी कंपनी वनप्लस के अगले फ्लैगशिप स्मार्टफोन OnePlus 7 की एक फोटो सामने आई है। इस फोटो को एक टेक वेबसाइट स्लैशलीक ने जारी किया है। इसके मुताबिक, कंपनी OnePlus 7 की डिजाइन को पूरी तरह से बदलने की तैयारी कर रही है। लीक फोटो को देखा जाए तो इसमें नॉच नहीं दिखाई दे रहा है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि इसमें स्लाइडर कैमरा मिल सकता है।


पहले भी कई फोन में मिल चुका है स्लाइडर कैमरा

  • फ्रंट कैमरे को स्लाइडर के साथ पहले भी कई फोन में दिया जा चुका है। ओप्पो, वीवो और श्याओमी जैसी चीनी कंपनियां स्लाइडर कैमरे के साथ फोन उतार चुकी हैं। क्योंकि OnePlus 7 की कथित लीक फोटो में भी फ्रंट कैमरा नहीं दिखाई दे रहा है, इसलिए इसमें भी स्लाइडर होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • इससे पहले कहा जा रहा है कि OnePlus 7 में 24 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा होगा जो डिस्प्ले के अंदर ही मौजूद होगा, लेकिन लीक फोटो में ऐसा नहीं दिख रहा है। इसके अलावा, इसके रियर पर 24+12+8 मेगापिक्सल का ट्रिपल कैमरा मिल सकता है। इसके साथ ही इसमें इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर भी मिलने की उम्मीद है।


5G सपोर्ट भी नहीं मिलेगा
कंपनी के सीईओ पेटे लाऊ ने एक कॉन्फ्रेंस में कहा था कि कंपनी अगले साल तक 5G सपोर्ट वाला फोन लॉन्च कर देगी, जिससे माना जा रहा था कि OnePlus 7 में 5G कनेक्टिविटी मिल सकती है। लेकिन Cnet से बातचीत में कंपनी के एक प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि OnePlus 6T के अगले फ्लैगशिप स्मार्टफोन में 5G सपोर्ट नहीं मिलेगा।



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oneplus 7 photo leaked online design revealed

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अचानक अपने आप डिलीट हो रही है वॉट्सऐप चैट, बैकअप नहीं होने से हो सकता है ऐसा


गैजेट डेस्क. वॉट्सऐप पर अब एक नई तरह की समस्या देखने को मिल रही है। दरअसल, भारत मिश्रा नाम के यूजर ने दावा किया है कि उनके फोन से अपने-आप वॉट्सऐप की चैट डिलीट हो रही है। भारत का कहना है कि, वे मोटो जी4 प्लस इस्तेमाल करते हैं और कई दिनों से उनकी चैट ऑटोमैटिकली डिलीट हो रही है। उन्होंने बताया कि वे 5 बार ऐप का री-इंस्टॉल भी कर चुके हैं, लेकिन ये समस्या फिर भी बनी हुई है। उनकी शिकायत को वॉट्सऐप के फीचर्स पर नजर रखने वाली वेबसाइट WABetaInfo ने भी शेयर किया है।


भारत का दावा: 25 बार मेल किया, फिर भी जवान नहीं मिला

  • भारत ने अपनी शिकायत में लिखा, "पिछले महीने से मेरी वॉट्सऐप चैट की हिस्ट्री अपने आप गायब हो रही है, लेकिन अब हर सुबह ही मेरे फोन से एक या दो चैट हिस्ट्री गायब हो रही है। मैंने जब गूगल पर इस बारे में सर्च किया तो पता चला कि पहले भी कई यूजर्स के साथ ऐसा हो चुका है।"
  • उन्होंने बताया कि, वे 25 से ज्यादा बार वॉट्सऐप सपोर्ट टीम को मेल कर चुके हैं, लेकिन वॉट्सऐप की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। उन्होंने बताया कि वे 5 बार वॉट्सऐप को री-इंस्टॉल और फोन को कई बार रीसेट भी कर चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद ये समस्या ठीक नहीं हुई।
  • 'पिछले महीने से मेरी वॉट्सऐप चैट हिस्ट्री अपने आप गायब हो रही है। अब हर सुबह दिखता है कि मेरे फोन में एक या दो चैट हिस्ट्री गायब हो गई हैं। मैंने मोटो जी4 प्लस फोन में इस प्रॉब्लम को फेस किया है, और देखा है कि गूगल सर्च करने पर कई यूजर्स इसके शिकार हुए हैं। मैंने सपॉर्ट टीम को 25 से जयादा मेल किए हैं, लेकिन वॉट्सऐप की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।' उन्होंने लिखा कि मैं पांच बार ऐप को री-इंस्टॉल कर चुका हूं, फिर भी यह ठीक नहीं हुआ।


बैकअप नहीं लेने से हो सकता है ऐसा
आशंका जताई जा रही है कि अपने आप वॉट्सऐप चैट हिस्ट्री बैकअप नहीं लेने की वजह से डिलीट हो सकती है। दरअसल, वॉट्सऐप ने पिछले साल अगस्त में ऐप का बैकअप गूगल ड्राइव पर करने का ऐलान किया था। जिसके मुताबिक, अगर सालभर में वॉट्सऐप अकाउंट का बैकअप नहीं लिया जाता है, तो पहले से लिया बैकअप डेटा गूगल ड्राइव से अपने आप डिलीट हो जाएगा। हो सकता है कि भारत मिश्रा ने अपनी चैट का बैकअप एक साल से ज्यादा समय से नहीं लिया हो।



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whatsapp chat history mysteriously disappearing

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ओलंपिक गेम्स के दौरान पर्यटकों को रास्ता बताएगी एरिसा रोबोट, 4 भाषाओं में बात करेगी


गैजेट डेस्क. जापान ने टोक्यो में अगले साल होने वाले ओलंपिक गेम्स की तैयारियां शुरू कर दी हैं। यहां आने वाले पर्यटकों की मदद करने के लिए 6 फीट की एक रोबोट बनाया गया है। इसका नाम एरिसा है। एरिसा लोगों को रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की जानकारी देने के अलावा रास्ता बताने में भी मदद करेगी। जापान में 56 साल बाद 2020 में ओलंपिक गेम्स का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें लाखों लोगों के आने की उम्मीद है।


चार भाषा में बात कर सकती है एरिसा रोबोट

जापान की टेक कंपनी अरुज गेमिंग और अमेरिका की टीएचके ने मिलकर इस रोबोट को तैयार किया है। यह जापानी, चीनी, अंग्रेजी और कोरियन भाषा में बात कर सकती है। इसके साथ ही इसमें एक टच स्क्रीन मॉनिटर भी लगा है। इस रोबोट को मेट्रो स्टेशन और ऐसी जगहों पर तैनात किए जाने की तैयारी है, जहां पर्यटकों को ट्रेन की जानकारी देने के अलावा रास्ता बताने में भी मदद हो सके।

arisa

दो मेट्रो स्टेशन पर टेस्ट कामयाब

टोक्यो के दो मेट्रो स्टेशन यूनो-ओकाचिमाची और तोचोमाए सबवे पर एरिसा रोबोट का टेस्ट कामयाब रहा। जापान की यूथ स्पोर्ट्स ऑर्गनाइजेशन के डायरेक्टर क्योसुके तनाका का कहना है कि 2020 के ओलंपिक गेम्स में एरिसा की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने बताया, "एरिसा रोबोट नेक्स्ट जनरेशन का रोबोट है। मैंने जितनी उम्मीद की थी, ये उससे भी ज्यादा तेजी से प्रतिक्रिया करतीहै।" अधिकारियों का कहना है कि फरवरी तक इस रोबोट को 5 अन्य स्टेशनों पर भी ट्रायल किया जाएगा। इसके साथ ही इसका इस्तेमाल और कहां-कहां किया जा सकता है। इस पर भी विचार किया जा रहा है।



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japanese company launches robot arisa to help visitors ahead of 2020 olympic games

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कहीं आपने तो नहीं बदला अपना मोबाइल नंबर? क्योंकि कोई भी पढ़ सकता है आपकी वॉट्सऐप चैट


गैजेट डेस्क. अमेजन में काम करने वालीं एबी फ्यूलर ने ट्वीट कर बताया कि जब उन्होंने अपने नए नंबर से वॉट्सऐप पर अकाउंट बनाया तो उनके वॉट्सऐप पर किसी दूसरे व्यक्ति की ही चैट रिस्टोर हो गई। एबी के मुताबिक, उनके वॉट्सऐप पर जिस व्यक्ति की चैट हिस्ट्री खुली, वो उसकी है जिसके पास पहले उनका नंबर था। एबी के दावे के बाद भारतीय टेक वेबसाइट प्यूनिकावेब (Piunikaweb) ने इस बग की पहचान की।


दरअसल, जब कोई नंबर बंद कर देता है, तो वही नंबर किसी दूसरे व्यक्ति को दे दिया जाता है। जिसके बाद अगर कोई व्यक्ति उस नंबर से वॉट्सऐप लॉग-इन करता है, तो उसमें उस व्यक्ति की पुरानी चैट आ सकती है जो उस नंबर का पहले इस्तेमाल करता था।


एबी किसी दूसरे की चैट पढ़ पा रहीं थीं, अब उन्हें इसी का डर

  • एबी फ्यूलर ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने जब अपने नए फोन में नया सिम डालकर वॉट्सऐप पर लॉग-इन किया तो वो उस व्यक्ति की चैट हिस्ट्री को पढ़ सकती थीं, जिसके पास पहले ये मोबाइल नंबर था। एबी के मुताबिक, चैट हिस्ट्री प्लेन टेक्स्ट में थी।
  • एबी को भी अब इसी बात का डर है, उन्होंने ट्विट कर बताया कि कहीं उनके पुराने नंबर की वॉट्सऐप चैट को किसी ने पढ़ न लिया हो। एबी ने ये भी बताया कि उनका स्मार्टफोन भी एकदम नया था। प्यूनिकावेब के मुताबिक, ऐसा वॉट्सऐप के बग की वजह से हुआ है।


45 दिन में डिलीट हो जाता है वॉट्सऐप का डेटा

  • वॉट्सऐप ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है, "अगर आप अपना नंबर बदल रहे हैं तो वॉट्सऐप की चैट डिलीट करना न भूलें। हालांकि, अगर आप डिलीट करना भूल गए हैं और पुराने नंबर से वॉट्सऐप एक्सेस नहीं हो रहा है तो 45 दिन के बाद उस नंबर का सारा वॉट्सऐप डेटा ऑटोमैटिकली डिलीट हो जाता है।"
  • इसका मतलब हुआ कि कोई यूजर अपना नंबर बंद करता है और अगर वही नंबर किसी दूसरे नए यूजर को 45 दिन बाद मिलता है, तो उस नंबर से जुड़ा पुराना वॉट्सऐप डेटा डिलीट हो जाएगा। लेकिन एबी ने दावा किया है कि उनके पास ये नया नंबर 45 दिन से ज्यादा समय से है पर फिर भी उन्हें पुराने यूजर की चैट हिस्ट्री दिखाई दे रही है।


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new whatsapp bug exposes chat history of previous number in plain text

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नए मॉडल की बिक्री उम्मीद से कम, इसलिए एपल का फोकस नए फीचर्स पर; अगले आईफोन में ट्रिपल कैमरा देगी


गैजेट डेस्क. एपल पिछले दो साल की तरह ही इस साल भी तीन नए आईफोन लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई। इस रिपोर्ट के मुताबिक, एपल पहली बार अपने आईफोन में ट्रिपल रियर कैमरा देगी, हालांकि ये फीचर सिर्फ प्रीमियम मॉडल में भी होगा। बाकी के दो मॉडल में ड्युअल कैमरा ही मिलेगा। इसके साथ ही ये भी सामने आया है कि, 2019 में एपल आखिरी बार एलसीडी स्क्रीन के साथ आईफोन लॉन्च करेगी।

  1. वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि, आजकल यूजर्स को कैमरा फीचर्स काफी पसंद आते हैं और लोग अब कैमरा क्वालिटी और फीचर्स देखकर स्मार्टफोन खरीदते हैं, लेकिन कैमरा फीचर्स के मामले में एपल अभी भी बाकी कंपनियों से पीछ है।

  2. सैमसंग ने पिछले साल चार रियर कैमरा के साथ गैलेक्सी ए9 लॉन्च किया था, वहीं हुवावे ने भी ट्रिपल कैमरा के साथ मैट 20 प्रो और पी20 प्रो लॉन्च किया था। इसी वजह से एपल का फोकस भी अब कैमरा फीचर्स पर है। यही कारण है कि एपल भी अब ट्रिपल रियर कैमरा के साथ आईफोन लाने पर काम कर रही है।

  3. एपल के लिए चीन हमेशा से बड़ा बाजार रहा है लेकिन पिछले साल आए आईफोन XS, XS Max और XR की बिक्री चीन में उम्मीद के मुताबिक काफी कम रही है। वहीं अमेरिका-चीन के बीच चल रहे ट्रेड वार की वजह से भी आईफोन की बिक्री पर असर पड़ा है। इसलिए एपल अब चीन के यूजर्स को ध्यान में रखकर आईफोन में नए फीचर्स देने की तैयारी कर रहा है।

  4. हालांकि, टेक एक्सपर्ट का मानना है कि एपल की इस रणनीति का ज्यादा फायदा चीन में नहीं होगा। क्योंकि, चीनी स्मार्टफोन कंपनियां कम कीमत में ही आईफोन से ज्यादा बेहतरीन फीचर्स दे रही हैं। इसलिए ट्रिपल कैमरा और नए फीचर्स से चीनी यूजर्स को लुभा पाना एपल के लिए इतना आसान नहीं होगा।

  5. एपल पहले एलसीडी स्क्रीन के साथ ही आईफोन लॉन्च किया करती थी लेकिन 2018 में कंपनी ने आईफोन XS और XS Max को ओएलईडी डिस्प्ले के साथ उतारा था जबकि आईफोन XR को एलसीडी स्क्रीन के साथ ही लॉन्च किया था।

  6. वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, 2019 में भी एपल आईफोन XS और XS Max के अपग्रेडेड वर्जन को ओएलईडी स्क्रीन के साथ जबकि आईफोन XR के अपग्रेडेड वर्जन को एलसीडी स्क्रीन के साथ लॉन्च करेगी। हालांकि, ये एपल का आखिरी एलसीडी स्क्रीन वाला आईफोन होगा और 2020 में कंपनी सिर्फ ओएलईडी स्क्रीन के साथ ही फोन उतारेगी।



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      apple plans to launch three new iphones this year

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1400 साल बाद बदली टूथब्रश की डिजाइन, बटन दबाकर सिर्फ 10 सेकंड में साफ हो सकेंगे दांत


गैजेट डेस्क. अमेरिका के लास वेगास में चार दिन तक चले कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो (सीईएस) में फ्रैंच कंपनी फास्टिश (FasTeesH) ने नई वाय (Y) आकार की डिजाइन के साथ एक ऐसा इलेक्ट्रिक टूथब्रश पेश किया है जो सिर्फ 10 सेकंड में ही दांतों को पूरी तरह से साफ कर देगा। कंपनी के मुताबिक, इस स्मार्ट टूथब्रश को दांतों में फिट किया जा सकेगा, जिसके बाद सिर्फ बटन दबाकर ही दांतों को साफ किया जा सकेगा। ये टूथब्रश वाइब्रेट होता है और दांतों को साफ कर देता है।

toothbrush

आम टूथब्रश से 15% ज्यादा किटाणु हटाएगा

  • वाय शेप के बने इस टूथब्रश में छोटे-छोटे नायलॉन के ब्रिसल्स लगे हुए हैं। इसकी खास बात ये है कि इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ये दांतों में आसानी से फिट हो जाता है।
  • इस टूथब्रश में टूथपेस्ट लगाकर पहले 5 सेकंड निचले दांत और अगले 5 सेकंड ऊपरी दांत में फिट करना होता है। इसके बाद पावर बटन दबाते ही ये वाइब्रेट करने लगता है और दांत साफ हो जाते हैं।
  • इस तरह से ये टूथब्रश सिर्फ 10 सेकंड में ही दांत साफ कर देता है, जबकि डेंटिस्ट रोजाना कम से कम 2 मिनट तक टूथब्रश करने की सलाह देते हैं। हालांकि, कंपनी का दावा है कि ये टूथब्रश न सिर्फ आम ब्रश के मुकाबले ज्यादा तेजी से दांत साफ करेगा बल्कि उससे 15% ज्यादा कीटाणु साफ करने में भी सक्षम है।

toothbrush

9 हजार रुपए है इसकी कीमत, अप्रैल से बिकेगा

  • इस स्मार्ट टूथब्रश की कीमत भी आम ब्रश से कई गुना ज्यादा है। कंपनी ने इसकी कीमत 125 डॉलर (करीब 9 हजार रुपए) रखी है, जिसकी बिक्री इसी साल अप्रैल से शुरू हो जाएगी।
  • सॉफ्ट प्लास्टिक से बने इस टूथब्रश को बच्चों से लेकर बड़ों तक के दांतों के खांचे को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इस ब्रश को चार्ज करना होता है।

toothbrush

1400 साल बाद बदली टूथब्रश की डिजाइन

  • आज हम जिस डिजाइन का टूथब्रश इस्तेमाल करते हैं, वैसी ही डिजाइन का टूथब्रश करीब 1400 साल से इस्तेमाल होता आ रहा है। माना जाता है कि 619 ईस्वी में चीन में टूथब्रश का आविष्कार हुआ था। उस वक्त चीन के लोग दो बांस के डंडियों के बीच में जानवरों के बाल लगाकर दांत साफ किया करते थे।
  • भारत में भी प्राचीन समय में लोग नीम की दातून बनाकर दांत साफ करते थे, जिसका इस्तेमाल आज भी किया जाता है। हालांकि, टूथब्रश में समय-समय पर कई तरह के इनोवेशन हुए हैं, लेकिन इसकी डिजाइन को कभी बदला नहीं गया। अब जाकर टूथब्रश को एक नई डिजाइन के साथ पेश किया गया है।


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electric toothbrush can clean teeth in 10 seconds

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20 फरवरी को लॉन्च होगा सैमसंग गैलेक्सी S10, पंच-होल सेल्फी कैमरा मिलेगा


गैजेट डेस्क. सैमसंग अगले महीने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में 'गैलेक्सी अनपैक्ड' इवेंट करने जा रही है, जिसमें गैलेक्सी S10 को लॉन्च किया जाएगा। कंपनी की तरफ से ट्विटर पर एक टीजर वीडियो भी जारी किया गया है। 20 फरवरी को होने वाले इस इवेंट में कंपनी गैलेक्सी S10 सीरीज से पर्दा उठाया जाएगा। टेक रिपोर्ट्स के मुताबिक, गैलेक्सी S10 के चार मॉडल- S10 Lite, S10 और S10+ लॉन्च किए जा सकते हैं जबकि चौथे मॉडल को 'Beyond X' के नाम से लॉन्च किया जा सकता है, जिसमें 5G का सपोर्ट भी मिलेगा। हालांकि, इस बारे में कंपनी की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।


गैलेक्सी S10 : टेक रिपोर्ट्स और अफवाहें क्या कहती हैं?

  • सैमसंग की अपकमिंग गैलेक्सी S10 को लेकर पिछले कई महीनों से कई तरह की रिपोर्ट्स और अफवाहें सामने आ चुकी हैं। टेक रिपोर्ट्स के मुताबिक, गैलेक्सी S10 के तीन मॉडल को इसी इवेंट में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है जबकि Beyond X मॉडल की लॉन्चिंग कुछ महीनों बाद हो सकती है।
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, गैलेक्सी S10 Lite में 5.8 इंच का डिस्प्ले हो सकता है, जिसके फ्रंट पैनल पर ही होम बटन में फिंगरप्रिंट सेंसर हो सकता है जबकि बाकी के दो मॉडल- S10 और S10+ में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर मिल सकता है। S10 में 6.1 इंच और S10+ में 6.4 इंच का डिस्प्ले मिलेगा जबकि Beyond X को 6.7 इंच के डिस्प्ले के साथ उतारा जा सकता है।

samsung

  • इसके अलावा, गैलेक्सी S10 को पंच-होल सेल्फी कैमरा के साथ आने की उम्मीद है, जिसे सैमसंग ने इन्फिनिटी-ओ डिस्प्ले टेक्नोलॉजी नाम दिया है। इसमें S10 और S10+ को ड्युअल फ्रंट कैमरा और चार रियर कैमरे के साथ लॉन्च किया जा सकता है जबकि S10 Lite में सिंगल फ्रंट कैमरा और ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा।
  • इसके साथ ही कई रिपोर्ट्स में इस तरह का दावा भी किया गया कि कंपनी इन फोन के डिस्प्ले में एक ऐसी टेक्नोलॉजी देने वाली है जिससे स्क्रैच आने पर इसकी स्क्रीन आटोमैटिकली ठीक हो जाएगी। टेक रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैमसंग ने इस टेक्नोलॉजी का पेटेंट 2017 में कराया था।


8 मार्च से शुरू हो सकती है बिक्री, 60 हजार से ज्यादा होगी कीमत
पिछले महीने एक टेक वेबसाइट गिज्मोडो यूके ने अपनी रिपोर्ट में गैलेक्सी S10 के तीनों मॉडल्स की कीमतें लीक की थीं। उसके मुताबिक, S10 Lite की कीमत 669 ग्रेट ब्रिटेन पाउंड (करीब 60,500 रुपए) और S10 की कीमत 799 ग्रेट ब्रिटेन पाउंड (करीब 72,200 रुपए) से शुरू हो सकती है, जबकि S10+ के शुरुआती वैरिएंट की कीमत 899 ग्रेट ब्रिटेन पाउंड (करीब 81,200 रुपए) हो सकती है। गिज्मोडो यूके के मुताबिक, इन तीनों मॉडल की बिक्री 8 मार्च से शुरू हो सकती है।



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samsung galaxy s10 to launch on 20 february

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लगातार 10 दिनों तक गेम खेलने से फिटनेस ट्रेनर की मानसिक हालत बिगड़ी, अब अस्पताल में


गैजेट डेस्क. ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया के सबसे पॉपुलर गेम में से एक पबजी की वजह से जम्मू-कश्मीर के एक फिटनेस ट्रेनर को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। दरअसल, यह ट्रेनर लगातार 10 दिन से पबजी खेल रहा था, जिस वजह से उसके दिमाग पर इस गेम का असर इस कदर हावी हो गया कि वो अपना मानसिक संतुलन खो बैठा। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


उसके दिमाग ने काम करना बंद किया

  • फिटनेस ट्रेनर की पहचान तो जाहिर नहीं की गई है, लेकिन बताया जा रहा है कि उसने 10 दिन पहले ही पबजी गेम डाउनलोड किया था।
  • लगातार इतने दिनों तक गेम खेलने की वजह से उसकी दिमागी हालत बिगड़ती चली गई और गेम का एक राउंड पूरा करने के बाद वो खुद को नुकसान पहुंचाने लगा।
  • फिटनेस ट्रेनर का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने मीडिया को बताया कि उसकी हालत अभी भी गंभीर बनीहै।उसका मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि वो लोगोंको पहचान तो रहा है, लेकिन उसके दिमाग पर अभी भी गेम का असर है। डॉक्टरों के मुताबिक, उसका दिमाग ठीक तरह से काम नहीं कर पा रहा है।


अब तक 6 मामले आए, गेम पर बैन लगाने की मांग
जम्मू-कश्मीर में पबजी गेम की वजह से इस तरह के अब तक 6 मामले सामने आ चुके हैं, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलकर इस गेम पर बैन लगाने की मांग की है।


pubg

गेम खेलना भी मानसिक रोग होता है

  • पिछले साल ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गेम खेलने की लत को मानसिक रोग की श्रेणी में शामिल किया है, जिसे 'गेमिंग डिसऑर्डर' नाम दिया गया है। शट क्लीनिक के अनुसार टेक एडिक्शन वालों में 60 फीसदी गेम्स खेलते हैं। 20 फीसदी पोर्न साइट देखने वाले होते हैं। बाकी 20 फीसदी में सोशल मीडिया, वॉट्सएप आदि के मरीज आते हैं।
  • शट (सर्विसेस फॉर हेल्दी यूज ऑफ टेक्नोलॉजी) क्लीनिक के डॉक्टर मनोज कुमार शर्मा का कहना है कि गेम खेलने की वजह से खुद का खुद पर नियंत्रण खत्म हो रहा है। गेम खेलते हैं तो खेलते ही रहते हैं। जीवन शैली में एक ही एक्टिविटी रह गई है। उनका कहना है कि गेम खेलने से होने वाले नुकसान की जानकारी भी होती है, लेकिन उसके बावजूद आप खेलते रहते हैं।


दुनियाभर में 2.3 अरब गेमर्स, इनमें से 22 करोड़ भारत में

  • गेमिंग एनालिटिक्स फर्म न्यूज़ू के मुताबिक दुनियाभर में आज गेमिंग इंडस्ट्री की कमाई 138 अरब डॉलर (करीब 9700 अरब रुपए) से ज्यादा की हो चुकी है। इसमें लगभग 51 फीसदी हिस्सेदारी मोबाइल सेगमेंट की है।
  • वहीं, गेमिंग रेवेन्यू के मामले में भारत टॉप 20 देशों में आता है। 2021 तक गेमिंग मार्केट की कमाई 100 अरब डॉलर से अधिक होने की संभावना है। न्यूज़ू के मुताबिक पूरी दुनिया में 2.3 अरब गेमर्स हैं। इसमें 22 करोड़ गेमर्स भारत से हैं।


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fitness trainer loses mental balance after playing pubg in jammu kashmir

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भारत आया हुवावे Y9 (2019), इसमें दोनों तरफ है ड्युअल कैमरा; कीमत 15,990 रुपए


गैजेट डेस्क. चीनी कंपनी हुवावे ने गुरुवार को भारत में अपना नया स्मार्टफोन हुवावे Y9 (2019) लॉन्च कर दिया। इस फोन की कीमत 15,990 रुपए रखी गई है जिसकी बिक्री 15 जनवरी से एक्सक्लूसिव तौर से अमेजन पर शुरू होगी और इसे खरीदने पर 2,990 का बोट रॉकर्स स्पोर्ट ब्लूटूथ हेडफोन फ्री मिलेगा। ये फोन पिछले साल लॉन्च हुए हुवावे Y9 (2018) का अपग्रेडेड वैरिएंट है। इसके रियर पर फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है, जिसको लेकर कंपनी का दावा है कि इससे सिर्फ 0.3 सेकंड में ही फोन अनलॉक हो सकेगा।


रियर और फ्रंट दोनों जगह ड्युअल कैमरा
हुवावे Y9 (2019) की सबसे बड़ी खासियत इसका कैमरा फीचर्स ही है। इसके रियर और फ्रंट दोनों ही जगह ड्युअल कैमरा सेटअप दिया गया है। इस फोन के फ्रंट में 13+2 मेगापिक्सल जबकि रियर पर 16+2 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है। फ्रंट और रियर दोनों ही कैमरे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) फोटोग्राफी फीचर्स के साथ आते हैं।


इसमें है 4000mAh की बैटरी
इस फोन में 4000mAh की बैटरी दी गई है, जो फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। कंपनी के मुताबिक, इसकी बैटरी 65 घंटे का म्यूजिक और 9 घंटे का वीडियो प्लेबैक दे सकती है। इसके अलावा इसमें 6.5 इंच का नॉच डिस्प्ले दिया गया है। इसमें किरीन 710 प्रोसेसर के साथ 4 जीबी रैम और 64 जीबी का स्टोरेज है, जिसे 256 जीबी तक बढ़ाया जा सकता है।


स्पेसिफिकेशन

डिस्प्ले 6.5 इंच
प्रोसेसर किरीन 710
रैम 4 जीबी
स्टोरेज 64 जीबी
फ्रंट कैमरा 13+2 मेगापिक्सल
रियर कैमरा 16+2 मेगापिक्सल
बैटरी 4000mAh
सिक्योरिटी फिंगरप्रिंट सेंसर/ फेस अनलॉक
ओएस एंड्रॉयड 8.1 ओरियो
कनेक्टिविटी 4G LTE, वाई-फाई, ब्लूटूथ



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huawei y9 2019 with 4 gb ram launched know price and specification

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48 मेगापिक्सल कैमरे के साथ रेडमी नोट 7 लॉन्च, इसमें 4000mAh की बैटरी जो 10 दिन से ज्यादा चलेगी


गैजेट डेस्क. चीनी कंपनी श्याओमी ने अपने रेडमी सब-ब्रांड के तहत नया स्मार्टफोन रेडमी नोट 7 गुरुवार को चीन में लॉन्च कर दिया। श्याओमी और रेडमी अब दो अलग-अलग ब्रांड हैं। इस फोन की सबसे बड़ी खासियत है इसका रियर कैमरा। इसके रियर पर ड्युअल कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसका प्राइमरी सेंसर 48 मेगापिक्सल और सेकंडरी सेंसर 5 मेगापिक्सल का है। वहीं, इसके फ्रंट में 13 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है, जो फेस अनलॉक फीचर को भी सपोर्ट करता है।


10 दिन से ज्यादा चलेगी इसकी बैटरी
रेडमी नोट 7 में 4000mAh की बैटरी दी गई है, जो क्विक चार्ज 4 को सपोर्ट करती है। कंपनी का दावा है कि एक बार की चार्जिंग में इसकी बैटरी 251 घंटे का स्टैंडबाय टाइम दे सकती है, यानी इसकी बैटरी 10 दिन से ज्यादा चल सकती है। इसके अलावा, इसकी बैटरी से 23 घंटे का टॉकटाइम, 13 घंटे का वीडियो प्लेबैक और 7 घंटे तक गेमिंग की जा सकती है।


सिर्फ 10,300 रुपए है इसकी शुरुआती कीमत
इस फोन को कंपनी ने तीन वैरिएंट में उतारा है। पहला वैरिएंट 3 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज के साथ आता है जिसकी कीमत 999 युआन (करीब 10,300 रुपए) रखी गई है जबकि 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वैरिएंट की कीमत 1,199 युआन (करीब 12,400 रुपए) है। वहीं, 6 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वाले वैरिएंट को 1,399 युआन (करीब 14,500 रुपए) में उतारा गया है।


स्पेसिफिकेशंस

डिस्प्ले 6.3 इंच
प्रोसेसर स्नैपड्रैगन 660
रैम 3/4/6 जीबी
स्टोरेज 32/64 जीबी
फ्रंट कैमरा 13 मेगापिक्सल
रियर कैमरा 48+5 मेगापिक्सल
सिक्योरिटी फेस अनलॉक/ फिंगरप्रिंट सेंसर
बैटरी 4000mAh
ओएस एंड्रॉयड 8.1 ओरियो
कनेक्टिविटी 4G VoLTE, वाई-फाई, ब्लूटूथ



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xiaomi redmi note 7 with 48 megapixel camera launched price specification

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101 रुपए देकर घर ले जा सकते हैं Vivo के नए स्मार्टफोन्स, रीटेल आउटलेट पर करना होगा विजिट


यूटिलिटी डेस्क. वीवो ने अपने ग्राहकों को न्यू ईयर ऑफर दिया है। ऑफर का नाम है न्यू फोन, न्यू यू ऑफर। इसके तहत आप केवल 101 रुपए की डाउन पेमेंट करके वीवो का नया स्मार्टफोन घर ले जा सकते हैं। बाकी का अमाउंट आपको 6 आसान इंस्टालमेंट में पे करना होगा।

ले सकते हैं 10 हजार से ऊपर की कोई भी डिवाइस:यह ऑफर ऑफलाइन अवेलेबल है। इसके लिए आपको अपने नजदीकी वीवो आउटलेट पर जाना होगा। ऑफर के तहत आप Vivo NEX, V11Pro, V11, Y95, Y83Pr0 और Y81(4G) स्मार्टफोन खरीद सकते हैं। इसके अलावा आप 101 रुपए का अग्रिम भुगतान करके 10 हजार से अधिक कीमत वाली वीवो की कोई भी डिवाइस खरीद सकते हैं। यह ऑफर 20 दिसंबर 2018 से शुरू है और इसकी वैलिडिटी 31 जनवरी तक है।

फोन की कीमत के अतिरिक्तहोगा 101 रुपए: इस ऑफर के लिए कंपनी ने बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक पेपर फाइनेंस, होम क्रेडिट, एचडीबी और कैपिटल फर्स्ट नाम की फाइनेंस कंपनियों से टाईअप किया है। अगर आप इस खरीदारी के लिए एचडीएफसी बैंक के डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो बैंक की तरफ से आपको 5% का कैशबैक भी दिया जाएगा। हालांकि, यहां यह ध्यान देना चाहिए कि अग्रिम भुगतान किया गया 101 रुपए का यह अमाउंट गैजेट की कीमत के अतिरिक्त होगा। यानी कि गैजेट की कीमत में से 101 रुपए डिडक्ट नहीं किए जाएंगे।



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vivo new year offer get new smartphone in just 101 rs down payment

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10 लोगों को फ्री मिलेगा रियलमी यू1 और ईयरफोन; 7 जनवरी से शुरू होगी रियलमी यो डेज सेल


यूटिलिटी डेस्क. बजट मोबाइल निर्माता कंपनी रियलमी ने रियलमी यो डेज नाम से स्पेशल सेल की घोषणा की है। यह सेल 7 जनवरी से 9 जनवरी तक चलेगी। इस सेल के दौरान ग्राहकों को कंपनी के स्मार्टफोन्स और एसेसरीज पर विशेष छूट दी जाएगी। सेल के दौरान ग्राहक पहली बार रियलमी बड्स इयरफोन, रियलमी U1 स्मार्टफोन का फेयरी गोल्ड वेरियंट खरीद सकेंगे।

  1. सेल के दौरान रीयलमी यू1 स्मार्टफोन के 4 रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरियंट की खुली बिक्री की जाएगी। इस दौरान रियलमी यू1 के फेयरी गोल्ड स्मार्टफोन को खरीदने वाले प्रथम 500 ग्राहकों को उपहार स्वरूप रिमलमी बड्स ईयरफोन दिया जाएगा। इसके अलावा 3 जनवरी से 6 जनवरी तक सेल के लिए रजिस्टर करने वाले ग्राहकों में से हर दिन 10 ग्राहकों को रियलमी बड्स ईयरफोन गिफ्ट के तौर पर दिया जाएगा।

  2. सेल के दौरान ग्राहकों को 1 रुपए में रियलमी बैकपैक्स खरीदने का मौका भी मिलेगा। इस दौरान पहले 100 ग्राहकों को रियलमी टेक बैकपैक केवल एक रुपए की कीमत पर उपलब्ध होंगे। इन बैगपैक्स की वास्तविक कीमत 2,399 रुपये है। इस सेल में रीयलमी 2, रीयलमी सी1, रीयलमी यू1 और रीयलमी 2 प्रो की खुली बिक्री होगी। सेल के दौरान कोई भी रियलमी प्रोडक्ट खरीदने और उसके लिए मोबीक्विक से पेमेंट करने पर ग्राहकों को उनके वॉलेट में 15% का सुपरकैश मिलेगा।

  3. सेल के दौरान रियलमी की तरफ से R Power चैलेंज नाम से एक कॉन्टेस्ट भी आयोजित किया जाएगा। इस कॉन्टेस्ट में जीतने वाले पहले 10 प्रतिभागियों को रियलमी यू1 स्मार्टफोन फ्री में दिया जाएगा। इसके अलावा 11वें से 60वें स्थान पर रहने वाले कंटेस्टेंट को इस स्मार्टफोन की खरीद पर 50% छूट दी जाएगी। वहीं, 61वें से 160वें स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को रियलमी यू1 की खरीद पर 20% की छूट दी जाएगी। इसके अलावा 161 से 560वें स्थान पर रहने वाले कंटेस्टेंट को रियलमी बड्स ईयरफोन की खरीद पर 50% का डिस्काउंट दिया जाएगा।



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      realme yo days sale will start from 7 january get backpacks in just 1 rupee

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नेटफ्लिक्स का पासवर्ड दोस्तों से शेयर करना होगा मुश्किल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से इसे रोका जाएगा


गैजेट डेस्क. अब नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम वीडियो जैसी वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस का पासवर्ड दोस्तों से शेयर करना मुश्किल हो सकता है। दरअसल, लास वेगास में चल रहे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो (सीईएस) में वीडियो सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर कंपनी सिनामीडिया ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित एक सिस्टम पेश किया है, जिसकी मदद से वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस देने वाली कंपनी यूजर के अकाउंट को ट्रैक कर सकेंगे। कंपनी के मुताबिक, ये सॉफ्टवेयर ये पता लगाने में सक्षम होगा कि कौन से यूजर लॉग इन हैं और उन्होंने अपना अकाउंट-पासवर्ड कहां शेयर किया है।


पासवर्ड शेयरिंग से कंपनियों को नुकसान
हाल ही में रिसर्च फर्म मैगिड (Magid) ने अपनी रिसर्च में दावा किया था कि 26% लोग वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस का अकाउंट-पासवर्ड दूसरे लोगों के साथ शेयर करते हैं। वहीं पार्क्स एसोसिएट ने अपनी रिसर्च में अनुमान लगाया था कि, अकाउंट-पासवर्ड शेयरिंग की वजह से 2021 तक पे-टीवी के रेवेन्यू में 9.9 बिलियन डॉलर और ओवर-द-टॉप (ओटीटी) के रेवेन्यू में 1.2 बिलियन डॉलर की कमी आ सकती है।

  1. सिनामीडिया का कहना है कि इस सॉफ्टवेयर की मदद से कंपनियों को अपने नुकसान में कमी लाने में मदद मिलेगी। कंपनी के मुताबिक, ये सॉफ्टवेयर अकाउंट-पासवर्ड शेयरिंग एक्टिविटी पर नजर रखने के लिए बिहेवियरल एनालिटिक्स और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करता है।

  2. कंपनी का कहना है कि एआई आधारित इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर कंपनियां तय कर सकेंगी कि एक अकाउंट का कितने यूजर इस्तेमाल कर सकते हैं, ताकि यूजर अपना अकाउंट-पासवर्ड अपने परिवार के साथ शेयर कर सके।

  3. इसके अलावा, किसी भी तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए ये सॉफ्टवेयर सब्सक्राइबर डेटाबेस की निगरानी कर सकता है। कंपनी के मुताबिक, इससे पता लगाया जा सकेगा कि अकाउंट का इस्तेमाल कहां और कैसे किया जा रहा है।

  4. कंपनी ने समझाया कि, उदाहरण के लिए स्ट्रीमिंग सर्विस कंपनियां इस सॉफ्टवेयर से पता लगा सकेंगी कि यूजर अपने अकाउंट का इस्तेमाल अपने घर पर ही कर रहा है या कहीं और। साथ ही परिवार के अलावा किसी दूसरे व्यक्ति से अकाउंट-पासवर्ड शेयर करने की जानकारी भी इस सॉफ्टवेयर से मिल जाएगी।

  5. कंपनी के मुताबिक, एआई आधारित इस सॉफ्टवेयर की मदद से यूजर की लोकेशन और यूसेज पैटर्न को ट्रैक किया जाएगा।

  6. पासवर्ड शेयरिंग के आधार पर यूजर को 1 से 10 तक की रेटिंग मिलेगी। 1 का मतलब होगा यूजर ने किसी से पासवर्ड शेयर नहीं किया वहीं 10 का मतलब होगा कि पासवर्ड ज्यादा लोगों को दिया जा रहा है।

  7. इसके बाद इस डेटा के आधार पर यूजर को अलर्ट मैसेज के जरिए ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी जा सकेगी।

  8. सिनामीडिया का कहना है कि, अकाउंट-पासवर्ड शेयरिंग को अनदेखा करना स्ट्रीमिंग सर्विस देने वाली कंपनियों को बहुत महंगा पड़ रहा है। कंपनी ने बताया कि उनका नया सॉफ्टवेयर कंपनियों को ऐसे यूजर के खिलाफ एक्शन लेने की क्षमता देता है।

  9. कंपनी के मुताबिक, सॉफ्टवेयर के जरिए पता लगा जाएगा कि एक अकाउंट को कितने लोगों के साथ शेयर किया जा रहा है, अगर अकाउंट ज्यादा लोगों को शेयर किया जा रहा है तो उसके लिए प्रीमियम सब्सक्रिप्शन दिया जाएगा। इस सब्सक्रिप्शन को लेने के बाद ही यूजर अपने अकाउंट को ज्यादा लोगों तक शेयर कर सकेगा।



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      artificial intelligence will stops you from sharing netflix password with friends

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जनवरी से मार्च तक 4 से 4.3 करोड़ आईफोन का ही प्रोडक्शन होगा, पिछले साल इसी दौरान 5.21 करोड़ फोन बने थे


गैजेट डेस्क. एपल ने 2019 की पहली तिमाही के लिए अपने राजस्व अनुमान में कटौती के एक सप्ताह बाद जनवरी-मार्च तिमाही के लिए आईफोन का प्रोडक्शन 10% कम करने का फैसला किया है। निक्केई एशिया रिव्यू ने बुधवार को यह जानकारी दी। पिछले दो महीनों में यह दूसरी बार है जब आईफोन निर्माता ने फ्लैगशिप डिवाइस के प्रोडक्शन में कटौती की है। एपल ने पिछले महीने सप्लायर्स से प्रोडक्शन कम करने को कहा है।

  1. आईफोन के सभी नए मॉडल एक्सएस मैक्स, एक्सएस और एक्सआर का प्रोडक्शन कम किया जाएगा। हर सप्लायर के लिए प्रोडक्शन में कमी का स्तर अलग-अलग रखा गया है। कुल मिलाकर कटौती 10% की है।

  2. अब नए और पुराने आईफोन मॉडल मिलाकर जनवरी-मार्च क्वाटर के लिए 4 करोड़ से 4.3 करोड़ यूनिट का प्रोडक्शन होगा। पहले 4.7-4.8 करोड़ यूनिट का प्रोडक्शन होना था।

  3. जनवरी-मार्च 2018 की तुलना में प्रोडक्शन में 20% की कमी होगी। पिछले साल इस क्वार्टर में 5.21 करोड़ आईफोन का प्रोडक्शन हुआ था। पूरे मामले पर एपल की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

  4. एपल के सीईओ टिम कुक ने 2 जनवरी को निवेशकों को भेजे एक पत्र में कहा था कि 2018-19 की आखिरी तिमाही में कंपनी को 84 अरब डॉलर राजस्व मिलने की उम्मीद है। पहले यह अनुमान 89 से लेकर 93 अरब डॉलर तक का था।

  5. कुक ने कहा था कि अमेरिका के साथ चीन के चल रहे व्यापार तनाव के कारण कंपनी के राजस्व पर असर हुआ है। साथ ही चीन की अर्थव्यवस्था में मंदी ने भी कंपनी के राजस्व को प्रभावित किया है।

  6. उन्होंने कहा था कि कंपनी ने कुछ उभरते हुए बाजार में चुनौतियों का अनुमान लगाया था। लेकिन, ग्रेटर चाइना में मंदी का अनुमान नहीं लगा पाई थी। आईफोन के सप्लाई चेन में शामिल अन्य कंपनियों पर भी पड़ रहा है।

  7. एपल इन दिनों भले ही मुश्किलों से जूझ रही हो, लेकिन इसके सीईओ टिम कुक का पैकेज पिछले साल 22% बढ़ा। अब कुक का सालाना पैकेज 15.7 मिलियन डॉलर (करीब 110 करोड़ रुपए) हो गया है। यह जानकारी सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज में दायर फाइलिंग से सामने आई है। कुक की बेसिक सैलरी 21 करोड़ रुपए है। उन्हें 85 करोड़ रुपए का बोनस और चार करोड़ रुपए अन्य मद में दिए गए हैं। लगातार दूसरे साल कुक के पैकेज में बढ़ोतरी की गई है।



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      apple cutting iphone production by 10 percent between january march

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चेहरे से कंट्रोल हो जाएगी व्हीलचेयर, जीभ निकालकर या मुस्कुराकर रोक सकेंगे


गैजेट डेस्क. अमेरिका के लास वेगास में चल रहे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो (सीईएस) में एक ऐसी किट पेश की गई है, जिसकी मदद से किसी मोटराइज्ड व्हीलचेयर कोचेहरे के हाव-भाव के जरिए नियंत्रित किया जा सकेगा।यह किट ब्राजील की रोबोटिक्स कंपनी हूबॉक्स ने इंटेल के साथ मिलकर तैयार की है। इसमें इंटेल की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित फेशियल रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। किट का नाम 'व्हीली 7' रखा गया है, जिसे चेहरे के 10 अलग-अलग एक्सप्रेशन के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है।

कंपनी के मुताबिक, इससे उन लोगों को मदद मिलेगी, जो व्हीलचेयर में लगी मोटर को अपने हाथों से नियंत्रित नहीं कर सकते। कंपनी ने बताया कि जीभ निकालकर या किसी भी तरह के फेशियल एक्सप्रेशन से व्हीलचेयर को नियंत्रित किया जा सकता है। इस किट का फिलहाल प्रोटोटाइप पेश किया गया है, इसलिए इसकी कीमत के बारे में कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी है।


10 तरह के हावभावपहचान सकेगी व्हीलचेयर किट
इंटेल ने सीईएस के दौरान लास वेगास कन्वेंशन सेंटर में अपनी इस व्हीलचेयर किट का डेमो दिया, जिसमें दिखाया कि अलग-अलग दिशाओं में व्हीलचेयर को नियंत्रित करने के लिए 10 तरह के हावभाव का इस्तेमाल किया जा सकता है। इंटेल के मुताबिक, चेहरे के हावभावसे ही व्हीलचेयर को चला भी सकते हैं और रोक भी सकते हैं। इंटेल ने बताया कि, ये पूरा सिस्टम एक ऐप की मदद से संचालित होता है। इससेव्हीलचेयर की रफ्तारतय की जा सकती है। व्हीलचेयर कोअलग-अलग दिशाओं में ले जाने के लिए चेहरे के अलग-अलग हावभाव को रिकॉर्ड किया जा सकता है।

इंटेल की 3 तकनीकों का हुआ इस्तेमाल
इसमें इंटेल के 3डी इंटेल रियलसेंस डेप्थ कैमरा SR300, इंटेल कोर प्रोसेसर और ओपनवीनो टूलकिट का इस्तेमाल किया गया है। व्हीलचेयर को नियंत्रित करने के लिए यूजर 10 चेहरे के हावभाव को चुन सकते हैं। जैसे- हंसकर, जीभ निकालकर, चेहरे को हिलाकर औरआंख मटकाकर व्हीलचेयर को चला सकते हैं, रोक सकते हैं या मोड़ सकते हैं।



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intel ai wheelchair can be controlled by facial expression
intel ai wheelchair can be controlled by facial expression
intel ai wheelchair can be controlled by facial expression

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आप कितना खाना पचा रहे हैं या कितनी कैलोरी जला रहे हैं? स्मार्टफोन ऐप से चलेगा पता


गैजेट डेस्क. अमेरिका के लास वेगास में चल रहे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो (सीईएस) में दो हेल्थ केयर गैजेट पेश किए गए हैं, जो लोगों की सांस का विश्लेषण कर बताते हैं कि उन्हें अपनी डाइट में किस तरह का सुधार करना चाहिए। पहले गैजेट का नाम लुमेन और दूसरे गैजेट का नाम फूडमार्बल है और दोनों ही बहुत छोटे आकार के हैं, जिन्हें जेब में भी रखा जा सकता है। ये दोनों ही गैजेट एक स्मार्टफोन ऐप से जुड़े होते हैं और जैसे ही आप इनपर फूंक मारेंगे, वैसे ही पता चल जाएगा कि आप कितना खाना पचा रहे हैं या आप कितनी कैलोरी जला रहे हैं।


लुमेन बताएगा, आपने कितनी कैलोरी जलाई?

  • लुमेन एक इनहेलर के आकार का गैजेट है जो लोगों की सांस में कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर को मापता है। इसे तैयार करने वाली कंपनी इंडिगोगो का कहना है कि लुमेन व्यक्ति के मेटाबॉलिज्म की निगरानी करता है। कंपनी के मुताबिक, इस गैजेट से पता चलेगा कि इस खाने को खाने के बाद व्यक्ति ने कितनी कैलोरी जलाई?
  • इसमें फूंक मारने पर स्मार्टफोन ऐप पर आपका डेटा सामने आएगा जिसमें पता चलेगा कि आपने कितनी कैलोरी या फैट जलाया? इसके साथ ही ये ऐप ऐसी रेसिपी के बारे में बताएगा जो फैट जलाने में मदद करेगी। साथ ही, ये भी बताएगा कि आपके लिए कौनसा खाना सबसे बेहतर है?
  • कंपनी ने लुमेन की कीमत 299 डॉलर (करीब 21 हजार रुपए) रखी है, जिसकी बिक्री मार्च के बाद शुरू होगी। कंपनी के मुताबिक, एक साल तक ऐप फ्री रहेगी, लेकिन इसके बाद इसका सब्सक्रिप्शन लेना होगा।


फूडमार्बल से पता चलेगा, आपने कितना खाना पचाया

  • फूडमार्बल भी लुमेन की तरह ही काम करता है। फूडमार्बल में भी व्यक्ति को फूंकना पड़ता है, जिससे उसके हाइड्रोजन स्तर को मापा जाता है। कंपनी की संस्थापक लिजा रुतलेज ने बीबीसी को बताया, हाइड्रोजन से पता चल सकता है कि व्यक्ति को खाना पचाने में परेशानी हो रही है।
  • लिजा के मुताबिक, ऐसा आंतों में फर्मेंटेशन की वजह से होता है और इस प्रक्रिया में हाइड्रोजन बाहर निकलती है। उन्होंने बताया कि, इस गैजेट से उन लोगों को मदद मिलेगी जिन्हें अक्सर पेट दर्द, आंतों में सूजन या गैस की शिकायत होती है।
  • फूडमार्बल के जरिए लोग हाइड्रोजन गैस की वजह से होने वाली परेशानियों का पता लगा सकते हैं। कंपनी ने बताया इस गैजेट से लोगों को हेल्दी डाइट लेने में भी मदद मिलेगी।


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lumen and foodmarble breath sniffing gadgets can improve your diet

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फिंगरप्रिंट से ही अनलॉक हो सकेगा वॉट्सऐप, आईओएस के बाद एंड्रॉयड के लिए भी शुरू हुई इस फीचर की टेस्टिंग


गैजेट डेस्क. इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप की एंड्रॉयड ऐप पर यूजर्स जल्द ही फिंगरप्रिंट के जरिए चैट को अनलॉक कर सकेंगे। WABetaInfo की रिपोर्ट में इस फीचर के बारे में जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, आईओएस के बाद वॉट्सऐप एंड्रॉयड ऐप के लिए भी फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन फीचर पर काम कर रहा है। इस फीचर को वॉट्सऐप की एंड्रॉयड ऐप के बीटा वर्जन 2.19.3 पर देखा गया है।

  1. अभी तक वॉट्सऐप में चैट सिक्योर रखने के लिए कोई इनबिल्ट फीचर नहीं दिया गया है। एंड्रॉयड यूजर्स थर्ड पार्टी ऐप्स की मदद से वॉट्सऐप को लॉक रखते थे, लेकिन इस फीचर के आने के बाद वॉट्सऐप को फिंगरप्रिंट के जरिए अनलॉक किया जा सकेगा।

  2. WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन का फीचर वॉट्सऐप की सेटिंग>अकाउंट>प्राइवेसी के अंदर अवेलेबल होगा। इसको इनेबल कर फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन शुरू किया जा सकेगा।

    whatsapp

  3. इस फीचर के आने के बाद जब वॉट्सऐप को ओपन करेंगे, तो ऐप फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन मांगेगी और उसके बाद ही अनलॉक होगा। इस फीचर के जरिए किसी खास चैट को सिक्योर नहीं किया जा सकेगा, क्योंकि इससे सिर्फ ऐप ही सिक्योर होगी।

  4. इससे पहले अक्टूबर में WABetaInfo ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि, वॉट्सऐप की आईओएस ऐप के लिए कंपनी फेस आईडी और टच आईडी फीचर पर काम कर रही है, जिसकी मदद से आईफोन-आईपैड में वॉट्सऐप को अनलॉक किया जा सकेगा।

    whatsapp

  5. ये फीचर पुराने आईफोन जैसे- आईफोन 5एस, 6 प्लस, 6, 6एस, 7 प्लस, 7, 8 और 8 प्लस में टच आईडी को सपोर्ट करेगा। जबकि आईफोन X, XS, XS Max और XR में फेस आईडी को सपोर्ट मिलेगा।



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      whatsapp is working on fingerprint authentication for android app

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6 जीबी रैम के साथ ओप्पो R15 प्रो लॉन्च, 5 मिनट की चार्जिंग में मिलेगा 3 घंटे का टॉकटाइम


गैजेट डेस्क. चीनी कंपनी ओप्पो ने मंगलवार को भारत में अपना नया स्मार्टफोन R15 प्रो लॉन्च कर दिया। इस फोन की खास बात ये है कि इसमें स्नैपड्रैगन 660 के साथ 6 जीबी रैम और 128 जीबी का स्टोरेज दिया गया है। इसके साथ ही इसमें 3,400mAh की बैटरी है जो कंपनी की VOOC फ्लैश चार्जिंग को सपोर्ट करती है और कंपनी का दावा है कि सिर्फ 5 मिनट की चार्जिंग में इससे 3 घंटे का टॉकटाइम मिलेगा।

  1. ओप्पो R15 प्रो में रियर पर ड्युअल कैमरा सेटअप दिया गया है जिसका प्राइमरी सेंसर 20 मेगापिक्सल और सेकंडरी सेंसर 16 मेगापिक्सल का है। इसके फ्रंट में 20 मेगापिक्सल का कैमरा मिलता है जो फेस अनलॉक को भी सपोर्ट करेगा।

  2. इस फोन को भारत में एक ही वैरिएंट (6 जीबी+128 जीबी) में लॉन्च किया गया है, जिसकी कीमत 25,990 रुपए रखी गई है। इसकी बिक्री अमेजन पर बुधवार (9 जनवरी) से शुरू हो चुकी है।



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      oppo r15 pro with 6gb ram launched in india know price specification

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चांसलर एंजेला मार्केल समेत कई राजनेताओं का डेटा लीक करने वाला हैकर गिरफ्तार, नेताओं के बयानों से था नाराज


गैजेट डेस्क. जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल और राष्ट्रपति फ्रैंक-वॉल्टर स्टीनमायर समेत कई राजनेताओं, पत्रकारों, सेलेब्रिटी का निजी डेटा ट्विटर पर लीक करने वाले हैकर को गिरफ्तार कर लिया गया है। जर्मनी पुलिस के मुताबिक, हैकर जर्मनी का ही रहने वाला है और उसकी उम्र सिर्फ 20 साल है। पुलिस ने बताया कि, आरोपी ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल किया है, साथ ही ये भी बताया कि इस डेटा लीक में वो अकेला था और ऐसा करने के लिए उसे किसी ने मजबूर नहीं किया।


नेताओं के बयान से था नाराज, इसलिए किया ऐसा

  • टेलीग्राफ ने पुलिस के बयान के हवाले से बताया है कि, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वो नेताओं और सेलेब्रिटी के बयानों से नाराज था और इसी वजह से उसने इन सभी लोगों का डेटा हैक कर उसे ट्विटर पर लीक कर दिया।
  • पुलिस ने बताया कि, गिरफ्तार हैकर ने कम्प्यूटर इंजीनियरिंग में कोई प्रोफेशनल कोर्स नहीं किया है, लेकिन फिर भी वो आईटी में स्किल्ड है। पुलिस के मुताबिक, डेटा लीक में गिरफ्तार किया गया युवक जर्मनी का ही है और वो अपने माता-पिता के साथ रहता है।


इसमें थर्ड पार्टी का हाथ नहीं: पुलिस

  • शुरुआती जांच में इस डेटा लीक के मामले में रूस के शामिल होने की आशंका जताई जा रही थी, क्योंकि इससे पहले भी रूस पर जर्मनी में साइबर अटैक करने का आरोप लगा है।
  • रूस के अलावा जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) पर भी इसका संदेह था, क्योंकि इस अटैक में दक्षिणपंथी पार्टी के किसी भी नेता को टारगेट नहीं किया गया था।
  • हालांकि, पुलिस ने अपने बयान में कहा कि शुरुआती पूछताछ में इस मामले में किसी भी थर्ड पार्टी के शामिल होने की बात सामने नहीं आई है।


क्या है पूरा मामला?

  • दरअसल, जर्मन सांसदों, पत्रकारों और सेलिब्रिटी का डेटा 1 दिसंबर से रोजाना ट्विटर अकाउंट @_Orbit पर लीक किया जा रहा था, लेकिन इस बारे में 3 जनवरी को पता चल सका। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर की शुरुआत में टीवी एंकर और फिर रैपर्स का डेटा लीक किया गया, लेकिन 20 दिसंबर के बाद से राजनेताओं का डेटा लीक होना शुरू हुआ।
  • द गार्जियन ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि इस डेटा लीक में क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स (सीडीयू) और क्रिश्चियन सोशल यूनियन (सीएसयू) के 405, सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी (एसपीडी) के 294, ग्रीन पार्टी के 105, लेफ्ट पार्टी के 82 और फ्री डेमोक्रेटिक पार्टी (एफडीपी) के 28 सांसदों की निजी जानकारी को ऑनलाइन लीक किया गया था।
  • जर्मनी मीडिया का कहना था कि, चांसलर एंजेला मार्केल के कुछ जरूरी दस्तावेज, उनका ईमेल एड्रेस और फैक्स नंबर तक ऑनलाइन लीक हुआ है, लेकिन सरकार ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि कोई संवेदनशील जानकारी लीक नहीं हुई है।


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20 year old suspect arrested in germany massive political data leak

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इस साल लॉन्च होगा पहला रोलेबल टीवी, इसे फोल्ड कर रख सकेंगे


गैजेट डेस्क. अमेरिका के लास वेगास में दुनिया के सबसे बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो (सीईएस 2019) की शुरुआतसे पहले यहांदक्षिण कोरियाई इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी एलजी ने दुनिया का पहलारोलेबल टीवी पेश किया है। एलजी ने इस टीवी को ओएलईडी टीवी-आर सीरीज के तहत पेश किया है। इसेतीन मोड में इस्तेमाल कर सकते हैं। एलजी ने शो में बताया कि इस टीवी की बिक्री इसी साल शुरू हो जाएगी। कंपनी ने इसकी कीमत के बारे में अभी खुलासा नहीं किया है।


65 इंच के इस टीवी को आप जब चाहें, तब देख सकते हैं, लेकिन अगर आप चाहें तो इस टीवी को छिपा भी सकते हैं। इस टीवी को पोस्टर की तरह लपेटकर डिब्बे में रखा जा सकता है। इस टीवी का प्रोटोटाइप पिछले साल सीईएस में ही पेश किया गया था।


इन तीन मोड में इस्तेमाल कर सकते हैं

  1. फुल व्यू : इस मोड में ओएलईडी टीवी पूरा दिखाई देगा।
  2. लाइन व्यू : कंपनी के मुताबिक, इस मोड में टीवी का ज्यादातर हिस्सा एक स्पीकर बॉक्स के अंदर रहेगा और इसका थोड़ा सा ही हिस्सा दिखाई देगा, जिसमें म्यूजिक, क्लॉक, फ्रेम, होम डैशबोर्ड और मूड जैसे आइकन दिखाई देंगे।
  3. जीरो व्यू : इस मोड में टीवी पूरी तरह से स्पीकर बॉक्स के अंदर चला जाएगाऔर इसका कुछ भी हिस्सा दिखाई नहीं देगा। हालांकि, इस मोड में भी यूजर म्यूजिक या ऑडियो कंटेंट को सुन सकेंगे।


lg tv

अलेक्सा और सिरी से भी कंट्रोल हो सकेगाटीवी

  • एलजी का कहना है कि इस टीवी को लोगों की जरूरत के हिसाब से तैयार किया गया है, क्योंकि लोग अब टीवी के रूप में एक बड़ा सा ब्लैक बॉक्स नहीं चाहते। कंपनी ने इस शो में बताया कि इस ओएलईडी टीवी को अमेजन के अलेक्सा वॉयस असिस्टेंट से भी कमांड दे सकते हैं और कंट्रोल कर सकते हैं।
  • कंपनी के मुताबिक, टीवी के रिमोट पर दिए गए प्राइम वीडियो बटन दबाकर अलेक्सा को एक्टिवेट कर सकते हैं और प्राइम वीडियो का कंटेंट टीवी पर ही देख सकते हैं।
  • इसके अलावा एलजी ने इस टीवी में एपल एयर प्ले वीडियो, ऑडियो और होमकिट इंटिग्रेशन भी दिया है। एलजी ने बताया, एयरप्ले 2 की मदद से यूजर अपनी एपल डिवाइस, आईट्यून्स या अन्य वीडियो-ऑडियो ऐप्स के जरिए टीवी पर ही फोटो, वीडियो या ऑडियो प्ले कर सकते हैं। इसके साथ ही होमकिट सपोर्ट के जरिए, यूजर एलजी टीवी को होम ऐप या सिरी की मदद से कंट्रोल कर सकेंगे।


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lg unveils worlds first rollable oled tv in ces 2019

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जियो फोन में भी आया हॉटस्पॉट का फीचर, अब इंटरनेट कर सकेंगे शेयर; ऐसे करें इस्तेमाल


गैजेट डेस्क. रिलायंस जियो के सस्ते फीचर फोन- जियोफोन में भी वाई-फाई हॉटस्पॉट का फीचर आ गया है। हालांकि, इस बारे में कंपनी की तरफ से अभी कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया जा रहा है कि जियोफोन में भी हॉटस्पॉट का फीचर आ गया है, जिसकी मदद से अब इंटरनेट शेयरिंग की जा सकेगी। यानी, जियोफोन के जरिए ही दूसरे किसी फोन में इंटरनेट चलाया जा सकेगा।


सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए मिलेगा फीचर
जियोफोन और जियोफोन 2 में हॉटस्पॉट का फीचर सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए यूजर्स को भेजा जाएगा। हालांकि, इस फीचर को कब तक सभी यूजर्स के लिए रोलआउट कर दिया जाएगा, इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आया है। हॉटस्पॉट फीचर का इस्तेमाल करने के लिए फोन का सॉफ्टवेयर अपडेट होना जरूरी है।

  1. फोन की 'सेटिंग' में जाकर 'नेटवर्क एंड कनेक्टिविटी' मेनू के अंदर 'इंटरनेट शेयरिंग' के ऑप्शन पर टैप करें।

  2. यहां पर 'वाई-फाई हॉटस्पॉट' का ऑप्शन दिखेगा, जिसपर टैप कर 'ऑन' या 'ऑफ' कर सकते हैं।

  3. यहीं पर अपने हॉटस्पॉट नेटवर्क का नाम और पासवर्ड बदलने का ऑप्शन भी मिलेगा।



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      jiophone hotspot feature how to use wifi hotspot on jiophone

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चार दिन में 4,500 कंपनियां प्रोडक्ट पेश करेंगी, 5G, फोल्डेबल फोन और 8K टीवी पर नजर


गैजेट डेस्क. कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो (सीईएस) 2019 मंगलवार से अमेरिका के लास वेगास में शुरू हो रहा है। यह 11 जनवरी तक चलेगा। इससे पहले प्रेस-डे का आयोजन किया गया। शो में करीब 4,500 कंपनियां स्मार्टफोन, कंप्यूटर, टीवी, ड्रोन, टेलीकॉम, ट्रांसपोर्टेशन, स्मार्ट होम आदि से जुड़े इनोवेटिव प्रोडक्ट पेश करेंगी जो आने वाले दिनों में टेक्नोलॉजी मार्केट की दिशा तय करेंगे।


कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो का आयोजन 1967 से हो रहा है। प्रोडक्ट एक्जीबिशन के लिए 27.5 लाख स्क्वायर फीट का एक्जीबिशन स्पेस है। 1.80 लाख से ज्यादा लोग शो देखने आएंगे। इनमें 6500 मीडिया कर्मी होंगे। ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन कंज्यूमर टेक्नोलॉजी एसोसिएशन (सीटीए) इसका आयोजन करता है।

  1. samsung tv

    मुख्य इवेंट से एक दिन पहले कई कंपनियों के प्रेस शो हुए। इसमें कुछ रोचक प्रोडक्ट भी मीडिया के सामने पेश किए गए। एक ऐसा ही प्रोडक्ट सैमसंग ने माइक्रो एलईडी वाले टीवी के रूप में सामने रखा। यह टीवी 75 इंच का है। हालांकि, इसे जरूरत और इच्छा के अनुसार छोटा किया जा सकता है। माइक्रो एलईडी का इस्तेमाल बिलबोर्ड में किया जाता था। पहली बार यह टीवी में इस्तेमाल हुआ है।

  2. 5G

    शो में सबसे ज्यादा चर्चा 5जी टेक्नोलॉजी और इससे जुड़े प्रोडक्ट की है। चिप मेकर, डिवाइस मेकर से लेकर टेलीकॉम ऑपरेटर तक इस टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रोडक्ट पेश करेंगे। ये प्रोडक्ट स्मार्टफोन तक सीमित नहीं रहेंगे। इसका इस्तेमाल करने वाले अन्य सेक्टर के गैजेट्स भी लॉन्च होंगे।

  3. foldable smartphone

    कई कंपनियां इस बार फोल्डेबल डिवाइस पेश कर सकती हैं। सैमसंग ने 2018 के आखिर में गैलेक्सी एफ डिवाइस की एक झलक दिखाई थी। सीईएस-2019 में एलजी, रोयोल और श्याओमी भी अपने फोल्डेबल हैंडसेट पेश कर सकती हैं।

  4. google vs amazon

    गूगल और अमेजन की जंग भी दिख सकती है। गूगल असिस्टेंट और अमेजन एलेक्सा के बीच स्मार्ट होम का ऑपरेटिंग सिस्टम बनने की होड़ है। फ्रिज, एसी, लाइटिंग, माइक्रोवेव में अपना वॉयस कमांड शामिल कराने के लिए दोनों ने कई कंपनियों से टाई-अप किया है। इनसे संबंधित प्रोडक्ट पेश किए जाएंगे। इसके अलावा दोनों अपने-अपने वॉयस कमांड वाले स्पीकर सिस्टम की लेटेस्ट वर्जन भी लॉन्च कर सकती हैं। एलेक्सा के स्पीकर सिस्टम का नाम इको है, जबकि गूगल के सिस्टम का नाम गूगल होम है।

  5. tv

    टेलीविजन के आविष्कार के करीब नौ दशक बीत जाने के बावजूद इसमें टेक्नोलॉजी का विकास हो रहा है। शो में 8के रिजॉल्यूशन वाले टीवी पेश किए जाएंगे। सैमसंग व एलजी के 8के टीवी की चर्चा ज्यादा है। मूविंग स्पीकर वाले टेलीविजन सेट भी शो के दौरान लॉन्च हो सकते हैं।

  6. लेक्सन कंपनी ने अपने प्रेस शो के दौरान ओबियो चार्जर पेश किया। यह डिवाइस चार्जिंग के दौरान पर्पल अल्ट्रावायलेट किरणों के जरिए बाहर से फोन की सफाई भी करता रहेगा।

  7. ces

    सेल्फ ड्राइविंग कार से जुड़ी टेक्नोलॉजी लगातार उन्नत हो रही है। इसमें काम आने वाले कई तरह के प्रोडक्ट लॉन्च होंगे। इस साल 11 बड़े कार निर्माता अपने प्रोडक्ट पेश कर सकते हैं। कुछ कॉन्सेप्ट कार भी नजर आएंगी। चिप, सेंसर, डिस्प्ले और वॉयस टेक वेंडर भी आर रहे हैं।



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      consumer electronic show ces 2019 starts know everything about it

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जियो ने उतारा 'कुंभ जियोफोन', मेले से जुड़ी हर जानकारी मिलेगी; लापता लोगों की लोकेशन भी ट्रैक कर सकेंगे


गैजेट डेस्क. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 15 जनवरी से अर्धकुंभ शुरू होने जा रहा है, जिसके लिए रिलायंस जियो ने 'कुंभ जियोफोन' पेश किया है। इस फोन की खास बात ये है कि इसमें कुंभ मेले से जुड़ी हर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा कुंभ में आने वाले श्रद्धालु इस फोन की मदद से ट्रेन और बस स्टेशन की जानकारी के साथ-साथ किस दिन, कौनसा स्नान होना है, इसकी जानकारी भी हासिल कर सकेंगे। इसके साथ ही इस फोन में कुंभ से जुड़ी हर जानकारी लेने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर '1991' भी है।


इससे टिकट भी बुक कर सकेंगे
कुंभ जियोफोन में कई तरह के खास फीचर्स दिए गए हैं, जो यहां आने वाले श्रद्धालुओं की मदद करेंगे। कुंभ जियोफोन से न सिर्फ ट्रेन और बस की रियल-टाइम ट्रेवल इन्फोर्मेशन मिलेगी, बल्कि इससे टिकट भी बुक कर सकेंगे। इसके साथ ही इस फोन से रास्ते और नक्शे भी देख सकेंगे।


लापता लोगों को भी ढूंढने में मदद करेगा
कुंभ जियोफोन में 'फैमिली लोकेटर' नाम से एक फीचर दिया गया है, जो लापता लोगों को ढूंढने में मदद करेगा। इस फीचर की मदद से लोग अपने रिश्तेदारों की लोकेशन पता कर सकेंगे। इसके अलावा कुंभ के विशेष आयोजनों और कार्यक्रमों का जियोटीवी पर भी देखा सकेगा, साथ ही कुंभ रेडियो पर 24X7 भक्ति गीत और भजन सुन सकेंगे।इसके साथ ही कुंभ से जुड़े अलर्ट भी इस फोन पर मिलेंगे।

kumbh jiophone


गूगल का वॉयस असिस्टेंट भी है इसमें
कुंभ जियोफोन में गूगल का वॉयस असिस्टेंट भी दिया गया है, ताकि बिना कुछ टाइप किए, सिर्फ बोलकर ही फोन को कमांड दी जा सकेगी। इसके अलावा इसमें डेली क्विज भी खेल सकते हैं, जिसमें कुंभ से जुड़े सवालों के जवाब देकर पुरस्कार भी जीत सकते हैं। इसके साथ ही इसमें जियो सिनेमा, जियो सावन म्यूजिक, जियो गेम्स, फेसबुक, वॉट्सऐप, फेसबुक, यूट्यूब और गूगल मैप्स समेत कई तरह के ऐप्स भी मौजूद हैं।


सिर्फ 501 रुपए में खरीद सकते हैं इसे
कुंभ जियोफोन, रिलायंस जियो के 1500 रुपए वाला फीचर फोन है, लेकिन इसमें कुंभ से जुड़ी सारी जानकारी मिलेगी। कंपनी के मुताबिक, इस फोन को एक्सचेंज ऑफर के तहत सिर्फ 501 रुपए में खरीद सकते हैं। ऑफर के तहत, इस फोन को खरीदने पर 501 रुपए रिफंडेबल सिक्योरिटी के रूप में और 594 रुपए का रिचार्ज कराना होगा, जिसमें 6 महीने के लिए अनलिमिटेड कॉलिंग और डेटा मिलेगा।



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reliance launches kumbh jiophone to help pilgrims

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फ्रैंच कंपनी ने बनाया स्मार्ट इनर वियर, हार्ट अटैक आने से पहले फोन पर भेजेगा अलर्ट


गैजेट डेस्क. अमेरिका के लास वेगास में 8 जनवरी को दुनिया के सबसे बड़े टेक शो कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो (सीईएस 2019) की शुरुआत से पहले एक ऐसी स्मार्ट वेस्ट पेश की गई है, जो समय से पहले ही हार्ट अटैक की जानकारी दे देगी। इस वेस्ट को मेडिकल हेल्थकेयर प्रोडक्ट बनाने वाली फ्रैंच कंपनी क्रोनोलाइफ ने पेश किया है। कंपनी का दावा है कि इस स्मार्ट वेस्ट की मदद से ईसीजी और हार्ट अटैक अलर्ट समेत 6 तरह की जानकारी मोबाइल ऐप पर ही हासिल की जा सकेगी।

इस तरह बनी है स्मार्ट वेस्ट
इस स्मार्ट वेस्ट को कॉटन और लाइक्रा से बनाया गया है, जिसे रोज धोया भी जा सकता है। वेस्ट में खास तरह के सेंसर लगे हैं, जो हार्ट, ब्रीथिंग, बॉडी टेम्परेचर और सामान्य फिजिकल एक्टिवटी की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी पर नजर रखते हैं। इस वेस्ट की मदद से यूजर का जो भी डेटा लिया जाएगा, उसे मोबाइल ऐप पर देखा जा सकेगा। इस वेस्ट को पहनने वाला यूजर अपने डॉक्टर को भी डेटा भेज सकेगा।

इसे इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत भी नहीं
आमतौर पर किसी भी तरह के स्मार्ट गैजेट या स्मार्ट क्लोथ को इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत होती है लेकिन कंपनी के मुताबिक, इस स्मार्ट वेस्ट को इंटरनेट की जरूरत नहीं होती, क्योंकि ये वेस्ट यूजर के शरीर पर नजर रखती है। इसके अलावा इस वेस्ट को चार्जिंग की जरूरत नहीं होती, साथ ही इसे धोते समय इसके सेंसर को निकालना भी नहीं पड़ता। कंपनी के मुताबिक, इसका डेटा क्लाउड सर्विस में स्टोर रहता है।

करीब 16 हजार रुपए है इसकी कीमत
इस वेस्ट की अभी बिक्री शुरू नहीं हुई है, क्योंकि अमेरिकी बाजार में इस वेस्ट को बेचने के लिए एफडीए और यूरोपीय बाजार में बेचने के लिए सीई की मंजूरी लेनी होगी। हालांकि, कंपनी के मुताबिक, जब इसकी बिक्री शुरू होगी तो इसे 230 डॉलर (करीब 16 हजार रुपए) में खरीदा जा सकेगा।



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this smart vest can predicts your next heart attack before its too late

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चीन में 6जी की तैयारियां शुरू, भारत में 5जी आने में ही दो से तीन साल और लगेंगे


गैजेट डेस्क. चीन ने इंटरनेट डेटा ट्रांसफरकी 5जी तकनीक से आगे निकलते हुए 6जी की भी तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन भारत को अभी 4जी से ही काम चलाना होगा। देश में टेलीकॉम इंडस्ट्री खराब दौर में है। लिहाजा 2020-21 से पहले 5जी शुरू होने की संभावना नहीं है।

चीन की आईटी मिनिस्ट्री के साथ काम कर रहे 5जी वर्किंग ग्रुप के मुताबिक, 2020 तक 6जी के ट्रायल शुरू हो जाएंगे। 2019 में चीन का पूरा ध्यान 5जी के विस्तार पर है। इसके लिए देशभर में साढ़े तीन लाख नए टॉवर लगाए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में डेटा वॉर की वजह से कंपनियों का मुनाफा कम हो रहा है। भारत में स्पेक्ट्रम प्राइस भी ज्यादा है। हालांकि, सरकार 2020 तक देश में 5जी सर्विस शुरू करने की तैयारी कर रही है, लेकिन इंडस्ट्री सूत्रों की मानें तो ऐसा होना मुश्किल है।

टेलीकॉम इंडस्ट्री पर 7.80 लाख करोड़ का कर्ज

  • भारत मेंटेलीकॉम इंडस्ट्री पर अभी 7.80 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है, इसलिए कंपनियों की हालत ऐसी नहीं है कि वे 5जी कनेक्विटी के मकसद से बुनियादी ढांचा खड़ा करने के लिए निवेश कर सकें।
  • इसके अलावा कंपनियां 5जी स्पेक्ट्रम की महंगी कीमतें भी नहीं चुका सकतीं। इस वजह से कंपनियों ने हाल ही में टेलीकॉम डिपार्टमेंट से 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी 2020 से पहले नहीं करने का अनुरोध भी किया है।
  • मोबाइल ऑपरेटर एसोसिएशन का कहना है कि टेलीकॉम इंडस्ट्री नाजुक दौर से गुजर रही है, ऐसे में 5जी में बड़ा निवेश करना मुश्किल है।

बुनियादी ढांचा खड़ा करने में भी समस्या

  • 5जी कनेक्टिविटी के लिए 80% मोबाइल टॉवरों को नेक्स्ट जनरेशन ऑप्टिकल फाइबर से लैस करने की जरूरत होती है। भारत में अभी ऐसे सिर्फ 15% टॉवर ही हैं। टेलीकॉम इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों और एक्सपर्ट्स ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि देश में टॉवरों और ऑप्टिकल फाइबर की कमी के चलते 4जी सर्विस भी सही तरीके से शुरू नहीं हो पाई है, ऐसे में 5जी में समय लगना तय है।
  • एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 5जी का इस्तेमाल कई जगहों पर होना है। जैसे- स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में औरइंटरनेट ऑफ थिंग्स में। ऐसे में अगर 5जी कनेक्टिविटी इस साल या अगले साल तक आ भी जाती है तो भी भारत में इसे शुरू होने में वक्त लगेगा। भारत में 2020 तक ही 5जी स्मार्टफोन्स आने की उम्मीद है।

भारत में 5जी स्पेक्ट्रम काफी महंगा, कंपनियां नीलामी से दूर

  • भारत में 2019 के आखिर तक 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी होने की बात कही जा रही है। इस नीलामी में रिलायंस जियो के ही शामिल होने की संभावना है।
  • इस नीलामी में कुल 275Mhz स्पेक्ट्रम बिकने वाला है। इसकी प्रति यूनिट कीमत 492 करोड़ रुपए है। जबकि कोरिया में यही स्पेक्ट्रम 65 करोड़ रुपए प्रति यूनिट में बिका है, जो भारत के मुकाबले 7 गुना कम है। टेलीकॉम एक्सपर्ट ने बताया, एक सर्किल में 5जी के लिए 5Mhz यूनिट की जरूरत होती है और 22 सर्किल के लिए 110Mhz की जरूरत पड़ेगी।

5जी सर्विस के लिए क्या कर रही है सरकार?

  • मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार 5जी सर्विस के लिए 3300-3600 Mhz बैंड के 8,293 Mhz यूनिट की नीलामी करेगी।
  • सितंबर 2018 में सरकार ने नई टेलीकॉम पॉलिसी ‘नेशनल डिजिटल कम्युनिकेशन पॉलिसी (एनडीसीपी 2018)' को मंजूरी दी थी। इस पॉलिसी के तहत टेलीकॉम सेक्टर में 100 अरब डॉलर का निवेश आने की उम्मीद है, जिससे इस सेक्टर में 40 लाख नई नौकरियां पैदा होने का अनुमान भी है। इसके अलावा, इसके तहत 2020 तक सभी ग्राम पंचायतों को 1Gbps और 2022 तक 10Gbps की इंटरनेट कनेक्टिविटी देने का लक्ष्य भी रखा गया है।

5जी के लिए क्या कर रही हैं टेलीकॉम कंपनियां?

  • देश में 5जी कनेक्टिविटी के लिए टेलीकॉम कंपनियों की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन भारत में स्पेक्ट्रम की कीमत ज्यादा है, इसलिए वोडाफोन-आइडिया और भारती एयरटेल के इस नीलामी में शामिल होने के आसारकम हैं। हालांकि, अगर स्पेक्ट्रम की कीमत कम की जाती है, तो सभी कंपनियां इसमें आ सकती हैं।
  • वहीं, जियो के एक अधिकारी का कहना है कि उनकी कंपनी ने जब 4जीकी शुरुआत की थी, तो उसे 5जी के हिसाब से ही सेटअप किया गया था, इसलिए जियो को इसमें ज्यादा खर्चा करने की जरूरत नहीं है। जियो का ये भी कहना है कि नीलामी होने के कुछ ही महीने के अंदर 5जी सर्विस को शुरू कर दिया जाएगा।

4जी सर्विसेस के मामले में भारत 65वें स्थान पर
इंटरनेट स्पीड पर नजर रखने वाली ग्लोबल फर्म ऊकला की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 4जी सर्विसेस में 15% का सुधार हुआ है, लेकिन दुनिया के मुकाबले देश बहुत पीछे है। 4जी सर्विसेस की ग्लोबल रैंक में भारत 65वें स्थान पर है। ट्राय के टेली डेन्सिटी आंकड़ों के मुताबिक, अभी भी देश में करीब 35% हिस्सा 4जी कवरेज से बाहर है। सिस्को कंपनी के मुताबिक, पूरे देश में 90% टेली डेंसिटी के लिए अभी दो साल का समय और लगेगा।



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5g in india will introduce after 2-3 years

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इस साल आने वाले आईफोन 11 के रेंडर्स लीक, पहली बार रियर पर मिलेगा ट्रिपल कैमरा


गैजेट डेस्क. अमेरिकी टेक कंपनी एपल ने कुछ महीनों पहले ही तीन फोन- आईफोन XS, XS Max और XR लॉन्च किए थे और इसके साथ ही कंपनी अब अगली जनरेशन के आईफोन पर काम कर रही है। टेक वेबसाइट डिजिट की रिपोर्ट के मुताबिक, आईफोन 11 के रेंडर्स लीक हुए हैं जिसमें इसके रियर पर ट्रिपल कैमरा सेटअप दिख रहा है और ये पहली बार होगा जब एपल के किसी आईफोन में ट्रिपल कैमरा मिलेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, आईफोन 11 को XI के नाम से लॉन्च किया जा सकता है।


स्क्वैयर शेप में मिलेगा ट्रिपल कैमरा सेटअप
लीक्ड रेंडर्स में एपल के अगले आईफोन का सिर्फ रियर पैनल ही सामने आया है, जिसमें इसका ट्रिपल कैमरा सेटअप दिखाई दे रहा है। ये कैमरा सेटअप स्क्वैयर शेप में दिखाई दे रहा है, जिसके ऊपर एलईडी फ्लैश भी दिख रहा है। डिजिट ने ऑनलीक्स के हवाले से लिखा है कि एपल का अपकमिंग आईफोन इंजीनियरिंग वैलिडेशन टेस्ट (ईवीटी) स्टेज पर है और ये फाइनल डिजाइन नहीं है, इसलिए इसमें अभी बदलाव भी हो सकता है।


छोटा नॉच और 3डी कैमरा भी मिलने की उम्मीद
वहीं, फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एपल के अगले आईफोन मॉडल में छोटा नॉच और 3डी कैमरा भी मिल सकता है। दरअसल, 3डी कैमरा सेंसर के लिए एपल सोनी के साथ मिलकर काम कर रही है, साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि इस 3डी कैमरा सेंसर को फ्रंट में भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे न सिर्फ नॉच को छोटा किया जा सकेगा बल्कि एपल के फेस आईडी फीचर को भी बेहतर किया जा सकेगा।


इन नामों से लॉन्च हो सकते हैं नए आईफोन
टेक रिपोर्ट्स के मुताबिक,पिछले दो साल की तरह ही इस साल भी एपल एक बार में तीन नए आईफोन लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इन तीन में से एक आईफोन को iPhone XI के नाम से लॉन्च किया जा सकता है, जबकि दूसरे मॉडल को iPhone XI Max के नाम से उतारा जा सकता है। इसके साथ ही, तीसरे मॉडल आईफोन XR का अपग्रेडेड वर्जन हो सकता है। इन तीनों ही फोन को सितंबर में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है, जबकि भारत में इन्हें अक्टूबर में लॉन्च किया जा सकता है।



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apple iphone 11 renders leaked shows it has triple rear camera
apple iphone 11 renders leaked shows it has triple rear camera

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2019 में 5जी, एआई टेक्नोलॉजी बदल देंगे जीवन स्तर


ब्रायन एक्स चेन, कंज्यूमर टेक्नोलॉजी राइटर
एक ऐसे भविष्य की कल्पना कीजिए जहां आप कभी भी अकेले नहीं होंगे। यहां तक कि जब आपका जीवनसाथी किसी व्यावसायिक यात्रा पर है या आपके बच्चे समर कैंप से दूर हैं, तो भी आपके पास बातचीत करने के लिए हमेशा कोई न कोई या कुछ न कुछ होगा। सुबह नाश्ते के वक्त आप माइक्रोवेव को एक कटोरी दलिया गर्म करने के लिए कह सकते हैं। अपनी कार में स्टीरियो को 90 के दशक का म्यूजिक या गाने चलाने के लिए कह सकते हैं। और जब आप दफ्तर जाते हैं, तो अपने स्मार्टफोन से पूछ सकते हैं, 'आज मेरे कैलेंडर में क्या-क्या है?

भविष्य की चीजों को लेकर अगले हफ्ते लास वेगास में एक कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेड शो होगा, जो सालभर में आने वाले हॉटेस्ट टेक ट्रेंड्स की विंडो के तौर पर काम करता है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई जिस पर सबकी नज़रें रहेंगी। इनमें बड़ी और छोटी कंपनियों के आवाज से नियंत्रित होने वाले रोबोट वैक्यूम, अलार्म क्लॉक, रेफ्रीजिरेटर और कार एसेसरीज़ जैसे उपकरण दिखाने की उम्मीद है। अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक इनमें से अधिकांश उत्पाद सबसे लोकप्रिय एआई अमेज़न के एलेक्सा या गूगल असिस्टेंट से संचालित होंगे। सीईएस का आयोजन करने वाले कंज्यूमर टेक्नोलॉजी एसोसिएशन के प्रमुख गैरी शैपिरो कहते हैं, 'एआई इस शो का महत्वपूर्ण विषय होगा और ये ही इसे गति देगा।'

एआई पिछले साल की ही तरह ट्रेंड में है, लेकिन टेक्नोलॉजी कंपनियां पूरी तरह से कुछ नया लेकर आने की तैयारी में हैं। अन्य टेक्नोलॉजी ट्रेंड में जो सबसे आगे हैं उनमें पांचवीं पीढ़ी का सेलुलर नेटवर्क यानी 5जी शामिल है। जो मोबाइल इंटरनेट की स्पीड काफी तेज कर देगा। होम नेटवर्क के लिए साइबर सिक्योरिटी प्रोडक्ट्स भी बढ़ रहे हैं, जो अब एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है।


दरअसल, दुनिया भर में यह तेजी से बढ़ रहा है टेक्नोलॉजी कंपनियां ऐसी डिवाइस बना रही है जो आपकी आवाज पर काम करते हो यानी वॉयस कमांड को समझते हो। खास बात यह है कि 2019 में कंपनियां इस दिशा में आपके लिए और भी बेहतर करने वाली हैं। गूगल और अमेज़न आपका गो टू डिजिटल साथी बनने की कोशिश में थर्मोस्टैट, डोरबेल, लाइट बल्ब और कार एसेसरीज़ जैसे उपकरणों निर्माताओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। आज उपभोक्ताओं के पास कई डिवाइस हैं, जो इंटरनेट से जुड़ सकते हैं। लेकिन जैसा कि अक्सर होता है, अत्यधिक आशावादी तकनीक के बारे में भी बात होगी, जिन्हें अभी पूरा किया जाना है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कुछ सबसे अधिक बहुप्रचारित तकनीक- विशेष रूप से सेल्फ-ड्राइविंग कारें वास्तविकता से इतनी दूर हैं कि आप उन्हें फिलहाल स्टोर या डीलरशिप में नहीं देख पाएंगे।

© The New York Times
दैनिक भास्कर से विशेष अनुबंध के तहत



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AI technology and 5G network will change the lifestyle

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फेसबुक-वॉट्सऐप का डेटा हैक कर रहे थे 6 ऐप्स, पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा भारतीय प्रभावित


गैजेट डेस्क. जापानी साइबर सिक्योरिटी कंपनी ट्रेंड माइक्रो ने एक ऐसे स्पायवैयर का पता लगाया है, जिसकी मदद से 6 एंड्रॉयड ऐप्स यूजर्स के फेसबुक, वॉट्सऐप और स्नैपचैट का डेटा को एक्सेस कर रहे थे। ट्रेंड माइक्रो के मुताबिक, इस स्पाइवैयर का नाम 'ANDROIDS_MOBSTSPY' है और ये स्पाइवैयर गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद फ्लैपी बीर, फ्लैपी बीर डॉग, फ्लैशलाइट, एचजेडपरमिस प्रो अरेब, विन7सिमुलेटर और विनलॉन्चर ऐप्स के जरिए यूजर्स का डेटा हैक कर रहा था। हालांकि, ये रिपोर्ट आने के बाद गूगल प्ले स्टोर से इन ऐप्स को हटा दिया गया है।


इस तरह हैक किया जाता था यूजर्स का डेटा

  • ट्रेंड माइक्रो ने बताया कि, जैसे ही कोई यूजर इन स्पाइवैयर वाले ऐप्स को अपने डिवाइस पर डाउनलोड करता था, तो ये स्पाइवैयर उस डिवाइस के इंटरनेट कनेक्शन को हैक कर अपने कमांड और कंट्रोल सर्वर से जोड़ देता था।
  • इस कनेक्शन के होते ही डिवाइस की लैंग्वेज, रजिस्टर्ड कंट्री और मैनुफैक्चरर जैसी बेसिक जानकारी को हैक कर लिया जाता था। इसके बाद हैकर्स उस डिवाइस के और डेटा को हासिल करने के लिए यूजर्स के डिवाइस पर फेक नोटिफिकेशन और कमांड भेजना शुरू कर देते थे।
  • ट्रेंड माइक्रो के रिसर्चर के मुताबिक, ये स्पाइवैयर डिवाइस की सभी जानकारियों को हैक करने में सक्षम था। इस स्पाइवैयर के जरिए यूजर्स के कॉल लॉग, कॉन्टैक्ट, पर्सनल मैसेज, ऑडियो-वीडियो फाइल और फोटोज के अलावा वॉट्सऐप, फेसबुक और स्नैपचैट के डेटा को भी एक्सेस किया जा सकता था।


इस स्पाइवैयर से सबसे ज्यादा भारतीय प्रभावित
साइबर सिक्योरिटी कंपनी ने अपनी रिसर्च में पाया कि इस स्पाइवैयर के जरिए दुनियाभर के 196 देशों के यूजर्स का डेटा हैक किया गया, जिसमें सबसे ज्यादा प्रभावित भारतीय यूजर्स हुए। इस स्पाइवैयर की मदद से भारतीयों के बाद सबसे ज्यादा रूस, पाकिस्तान, बांग्लादेश और फिर इंडोनेशिया के यूजर्स का डेटा एक्सेस किया गया।


स्पाइवैयर से प्रभावित होने वाले टॉप-10 देश

भारत 31.77%
रूस 7.54%
पाकिस्तान 4.81%
बांग्लादेश 4.71%
इंडोनेशिया 3.42%
ब्राजील 3.26%
इजिप्ट 3.04%
यूक्रेन 2.62%
तुर्की 1.67%
अमेरिका 1.53%


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these 6 malicious apps can be stole data of facebook whatsapp

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सैमसंग इसी महीने लाएगी एम सीरीज के फोन, कीमत 10 हजार रुपए से शुरू


गैजेट डेस्क. सैमसंग इस महीने एम सीरीज के फोन लॉन्च करेगी। एम10 और एम20 मॉडल इसी महीने लॉन्च होंगे। एम30 फोन अगले महीने आ सकता है। बजट और मिड रेंज फोन में श्याओमी से सैमसंग को कड़ी टक्कर मिल रही है। काउंटरप्वाइंट के रिसर्च डायरेक्टर नील शाह के अनुसार ग्लोबल लॉन्चिंग भारत में होने से कंपनी को लाभ मिलेगा।


कंपनी बजट फोन में पहली बार नॉच डिस्प्ले लेकर आएगी
सैमसंग के इन तीनों फोन में इनफिनिटी वी या इनफिनिटी यू सीरीज का नॉच डिस्प्ले होगा। नॉच डिस्प्ले आम तौर पर सैमसंग के हाई एंड फोन में होते थे।

स्पेसिफिकेशन

सैमसंग एम10 सैमसंग एम 20
डिस्प्ले 6.02 इंच 6.13 इंच
प्रोसेसर ऑक्टा-कोर आईक्सीनॉस 7870 ऑक्टा-कोर आईक्सीनॉस 7870
रैम 3 जीबी 3 जीबी/ 4 जीबीौ
स्टोरेज 16 जीबी/ 32 जीबी 32 जीबी/ 64 जीबी
फ्रंट कैमरा 5 मेगापिक्सल 5 मेगापिक्सल
रियर कैमरा 13 मेगापिक्सल 13 मेगापिक्सल
बैटरी 3400mAh 5000mAh
ओएस एंड्रॉयड 8.1 ओरियो एंड्रॉयड 8.1 ओरियो
कीमत 10,000 रुपए 15,000 रुपए



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samsung to lauch m series smartphone in january know price and specification

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दुनिया में फेसबुक सबसे पसंदीदा, वॉट्सऐप चौथे नंबर पर; यूट्यूब के यूजर्स इन दोनों से ज्यादा


गैजेट डेस्क. डेटा लीक और यूजर्स की प्राइवेसी से समझौता होने के आरोपों के बाद भी फेसबुक दुनिया का सबसे पसंदीदा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बना हुआ है। रिसर्च फर्म ग्लोबल वेब इंडेक्स ने सोशल मीडिया ट्रेंड्स पर एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि दुनियाभर में जितने लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हैं, उनमें से 85% मेंबर्स फेसबुक पर हैं। हालांकि, इसका रोजाना इस्तेमाल करने वालों की संख्या 79% है। इस मामले में दूसरे नंबर पर यूट्यूब है। सोशल मीडिया पर मौजूद कुल यूजर्स में इसके मेंबर्स की संख्या 79% है, लेकिन 86% लोग इस पर वीडियो देखने आते हैं।

वॉट्सऐप चौथे और इंस्टाग्राम पांचवें नंबर पर
ग्लोबल वेब इंडेक्स के मुताबिक, फेसबुक मैसेंजर के 72% मेंबर्स हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 55% लोग ही इसका इस्तेमाल करते हैं। इस लिस्ट में चौथे नंबर परवॉट्सऐप है। इसके 66% मेंबर्स हैं। 63% मेंबर्स के साथ इंस्टाग्राम 5वें नंबर पर है।

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भारत में रोजाना ढाई घंटे सोशल मीडिया का इस्तेमाल

  • इस रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में लोग रोजाना औसतन 2 घंटे 22 मिनट सोशल मीडिया और मैसेजिंग पर बिताते हैं, जबकि 2017 में यह समय 2 घंटे 15 मिनट था। सबसे ज्यादा देर तक सोशल मीडिया का इस्तेमाल फिलीपींस के लोग करते हैं। यहां के लोग 4 घंटे 11 मिनट औसत सोशल मीडिया पर खर्च करते हैं।
  • वहीं, इस मामले में भारतीय 13वें नंबर पर हैं। 2017 में सोशल मीडिया पर भारतीय यूजर्स रोजाना औसतन 2 घंटे 25 मिनट खर्च करते थे। 2018 में यह 5 मिनट बढ़कर ढाई घंटे हो गया। जापान के लोग सिर्फ 39 मिनट सोशल मीडिया पर बिताते हैं, जबकि 2017 में वे 46 मिनट इस पर बिताते थे।

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खबरें पढ़ने के लिए सोशल मीडिया पहली पसंद

  • करंट अफेयर्स और खबरों के लिए अब ज्यादातर लोग सोशल मीडिया की मदद लेते हैं। करीब 45% लोगों ने माना कि वे न्यूज के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं, इनमें 47% पुरुष और 42% महिलाएं हैं।
  • ग्लोबल वेब इंडेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूज पढ़ने के लिए लोग सबसे ज्यादा ट्विटर (50%) और फिर फेसबुक (43%) का इस्तेमाल करते हैं जबकि न्यूज वीडियो देखने के लिए 29% लोग यूट्यूब पर आते हैं।

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facebook is the most popular social sites youtube second
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चांसलर एंजेला मार्केल समेत कई राजनेताओं का निजी डेटा ट्विटर पर लीक, एक महीने बाद सरकार को चला पता


गैजेट डेस्क. जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल और राष्ट्रपति फ्रैंक-वॉल्टर स्टीनमायर समेत 100 से ज्यादा राजनेताओं, सेलेब्रिटी, पत्रकारों का निजी डेटा लीक होने का मामला सामने आया है। जर्मनी मीडिया के मुताबिक, इस डेटा को ट्विटर अकाउंट @_Orbit पर लीक किया गया था, जिसे बाद में सस्पेंड कर दिया गया है। इस डेटा में राजनेताओं के फोन नंबर, ईमेल, सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड और निजी फोटो समेत कई तरह की जानकारी शामिल है। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इस हैकिंग में रूसी हैकर्स का हाथ हो सकता है। इस डेटा लीक को जर्मनी का अब तक का सबसे बड़ा डेटा लीक बताया जा रहा है।


एक को छोड़कर सभी पार्टियों के नेताओं का डेटा लीक
द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में जर्मनी की सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता का डेटा लीक हुआ है, हालांकि वहां कि राष्ट्रवादी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) के नेताओं का डेटा लीक नहीं हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स (सीडीयू) और क्रिश्चियन सोशल यूनियन (सीएसयू) के 405, सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी (एसपीडी) के 294, ग्रीन पार्टी के 105, लेफ्ट पार्टी के 82 और फ्री डेमोक्रेटिक पार्टी (एफडीपी) के 28 सांसदों का निजी डेटा लीक हुआ है।

कैसे हैक किया गया डेटा?
आंतरिक मंत्री सीहोफर ने बताया कि डेटा क्लाउड सर्विस, ईमेल एड्रेस या सोशल नेटवर्क के गलत उपयोग के जरिए हैक किया गया था। बीबीसी ने एक साइबर एनालिस्ट के हवाले से बताया है कि हैकर्स ने ईमेल सॉफ्टवेयर में कमजोरियोंका फायदा उठाया होगा, ताकि वे उस पासवर्ड को ले सकें जिसका इस्तेमाल सोशल मीडिया अकाउंट पर भी किया गया था। ये डेटा धीरे-धीरे लीक किया गया। दिसंबर की शुरुआत में टीवी एंकर और फिर रैपर्स का डेटा लीक किया गया, लेकिन 20 दिसंबर के बाद से राजनेताओं का डेटा लीक होना शुरू हुआ।

इस डेटा लीक के पीछे रूस का हो सकता है हाथ
जर्मनी में हुए अब के सबसे बड़े डेटा लीक का आरोप वहां की दक्षिणपंथी पार्टी के साथ-साथ रूस पर भी लग रहा है। जर्मन साइबर सिक्योरिटी एनालिस्ट स्वेन हर्पीग ने बीबीसी को बताया कि, चुनावों में दखलंदाजी का आरोप रूस पर लगता रहा है और इस साल जर्मनी में चार राज्यों के चुनाव के साथ-साथ यूरोपिय संसद के चुनाव भी होने हैं। उन्होंने बताया कि रूस पर पहले भी जर्मनी में साइबर अटैक करने का आरोप लगा है। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि इस अटैक में दक्षिणपंथी पार्टी के किसी भी नेता को टारगेट नहीं किया था, लिहाजा हो सकता है कि इसके पीछे दक्षिणपंथी पार्टी का हाथ हो।

मीडिया ने कहा- जरूरी दस्तावेज भी लीक, सरकार ने नकारा
इस डेटा लीक पर जर्मनी मीडिया का कहना है कि चांसलर एंजेला मार्केल के कुछ जरूरी दस्तावेज, उनका ईमेल एड्रेस और फैक्स नंबर तक ऑनलाइन लीक हुआ है, लेकिन सरकार ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि कोई संवेदनशील जानकारी लीक नहीं हुई है। सरकारी प्रवक्ता मार्टिना फिट्ज का कहना है कि इस डेटा लीक से यूरोपियन, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय संसद के राजनेता प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और इसकी जांच की जा रही है। वहीं, शुरुआती जांच में निजी डेटा लीक होने की बात कही जा रही है, लेकिन बिल्ड अखबार के एक रिपोर्टर का दावा है कि उसे इस लीक से कई राजनीतिक घोटालों के सबूत मिले हैं।


1 दिसंबर से ही रोजाना लीक हो रहा था डेटा
टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जर्मन सांसदों का डेटा 1 दिसंबर से रोजाना ट्विटर पर लीक किया जा रहा था, लेकिन सरकार ने इसकी तरफ ध्यान नहीं दिया। टेलीग्राफ का कहना है कि इस डेटा लीक के बारे में सरकार को 3 जनवरी को पता चला। जर्मनी के आईटी सिक्योरिटी अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उनका ये भी कहना है कि फिलहाल सरकारी नेटवर्क को किसी भी तरह का खतरा नहीं है।



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german politicians personal data leaked online

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2019 में मोबाइल फोन में पंच होल स्क्रीन्स का रहेगा क्रेज, मल्टीपल कैमरा भी मिलेंगे


गैजेट डेस्क. 2018 में जो उभरते हुए टेक ट्रेंड्स थे, वो 2019 में स्टैंडर्ड हो जाएंगे। सबसे ज्यादा असर मोबाइल फोन्स के कैमरों में दिखेगा। ड्यूल कैमरा कॉन्फिगरेशन तो अब बेहद सामान्य बात है, आश्चर्य मत कीजिएगा अगर ट्रिपल और क्वॉड कैमरा भी नए साल में हर दूसरे फोन में नजर आने लगें। कैमरों के अलावा "पंच होल' भी खासा असर पैदा करेगा।

  1. हुआवे, ओप्पो और सैमसंग ने पहले से ही मल्टीपल कैमरा स्मार्टफोन्स लॉन्च किए हुए हैं। अब अन्य कंपनियां इस राह को अपनाएंगी और ज्यादा कैमरा वाले फोन लाएंगी। नोकिया की फ्लैगशिप डिवाइस में भी पांच लेंस आने की उम्मीद है। ज्यादा कैमरे वाले फोन को इस साल का "मार्केटिंग हुक' भी कहा जा रहा है। 2019 में कई कंपनियां कोशिश करेंगी की 44 मेगापिक्सल कैमरा उनकी डिवाइस में नजर आए।

  2. ऐसा नहीं है कि 3डी कैमरा को कंपनियों ने स्मार्टफोन्स में डालने की कोशिश ही नहीं की है, लेकिन यह टेक्नोलॉजी ठीक से काम नहीं कर पाई है। 2019 में 3डी कैमरा सेंसर्स को कई स्मार्टफोन्स के पीछे पाएंगे। तय है कि कुछ कंपनियां अपने फ्लैगशिप फोन्स में 3डी कैमरा सेटअप देने वाली हैं। इससे 3डी सीन कैप्चरिंग की जा सकेगी। एआर (ऑगमेंटेड रिअलिटी) के नए आयाम नजर आएंगे और गेमिंग पर भी असर दिखेगा। शॉपिंग में भी ये काफी मदद करेंगे।

  3. 2018 में नॉच का राज रहा है। हालांकि इस साल भी ये दिखेंगे लेकिन असर कम होने लगेगा। 2019 में बात होंगी "पंच होल" स्क्रीन्स की। हुआवे ने अनाउंस कर दिया है कि "नोवा 4" और "व्यू20" में पंच होल स्क्रीन्स दिखेंगी। चर्चा है कि आस्युस के नए स्मार्टफोन्स में भी पंच होल है। स्मार्टफोन्स की स्क्रीन्स की क्वालिटी में इस साल कोई खास फर्क नहीं दिखेगा, सिर्फ लुक और फील बदलेगा। लेकिन ये छोटे-से छेद नॉच को हटा देंगे या कम कर देंगे।



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      punch hole display becomes the most popular feature in smartphones in 2019

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माइक्रोसॉफ्ट प्रोजेक्ट 'बाली' पर काम कर रहा, इससे यूजर को अपने डेटा पर कंट्रोल मिलेगा


गैजेट डेस्क. आज की तारीख में मोबाइल और कम्प्यूटर इस्तेमाल करने वाले लोगों के डेटा की सुरक्षा बड़ा मुद्दा है। सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों के साथ कई तरह के एप पर यूजर का डेटा चुराने और अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने के आरोप लगते रहते हैं। ऐसे में माइक्रोसॉफ्ट ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है जो हर यूजर को उससे जुड़े डेटा पर पूरा कंट्रोल देगा। इस प्रोजेक्ट का नाम बाली रखा गया है। टेक्नोलॉजी के जुड़े पोर्टल जेडडी-नेट ने इसका खुलासा किया है।


प्रोजेक्ट बाली यूजर को इनवर्स प्राइवेसी से बचाएगा

  • प्रोजेक्ट बाली के तहत ऐसा इकोसिस्टम डेवलप किया जा रहा है जो अभी चलन में मौजूद इनवर्स प्राइवेसी से यूजर को बचाएगा। इनवर्स प्राइवेसी का मतलब ऐसे डेटा से है जो हमारे लिए प्राइवेट है लेकिन उन पर हमारा नियंत्रण नहीं होता है।
  • इसे इस तरह से समझा जा सकता है कि मोबाइल और कम्प्यूटर इस्तेमाल करने के साथ-साथ, वर्क प्लेस, शॉपिंग सेंटर, अस्पताल आदि में हमारी डिजिटल गतिविधियों से कई तरह के डेटा जेनरेट होते हैं। ये डेटा काम करने के हमारे तरीके, शॉपिंग की पसंद, दवाओं की जरूरत आदि से जुड़े होते हैं।
  • कोई कंपनी इन डेटा की मदद से यूजर के मुताबिक पर्सनलाइज्ड और कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट तैयार कर सकती है। प्रोजेक्ट बाली यूजर को उसके डेटा पर इतना कंट्रोल देगा कि वह इसे खुद मैनेज और शेयर कर सके। साथ ही यूजर अपने डेटा को मोनेटाइज भी कर सकता है। यानी वह चाहे तो इसे खुद बेच सकता है।
  • इनवर्स प्राइवेसी पर सबसे पहले 2014 में यूरी गुरेविच, एफिम हुडिस और जेनाटे विंग ने 2014 में एक रिसर्च पेपर जारी किया था। ये तीनों उस समय माइक्रोसॉफ्ट में काम कर रहे थे। इन तीनों ने माइक्रोसॉफ्ट में इस प्रोजेक्ट पर काम चलने की बात स्वीकार की है।


दुनिया में 2.5 अरब जीबी डेटा रोज जेनरेट होता है
आज की तारीख में रोजाना 2.5 अरब जीबी डेटा जेनरेट होता है। अब तक जितने डेटा जेनरेट हुए हैं उसका 90% पिछले तीन साल में जेनरेट हुए हैं। दुनियाभर की कंपनियां अपने प्रोडक्ट या सर्विस को बेहतर बनाने के लिए यूजर्स के डेटा की तलाश में रहती हैं। इसके लिए वे बड़ी राशि भी खर्च करती हैं।


कंटेंट मोनेटाइजेशन के बाद अब डेटा मोनेटाइजेशन की बारी आएगी

  • अभी गूगल, फेसबुक और यूसी जैसी कंपनियां यूजर को कंटेंट मोनेटाइजेशन का विकल्प देती हैं। इन कंपनियों के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर यूजर कंटेंट जेनरेट करता है और उसे उस पर आने वाले विज्ञापन की रकम में हिस्सेदारी मिलती है।
  • इसे ऐसे समझा जा सकता है- अगर कोई यूट्ब पर कंटेंट जेनरेट करता है तो गूगल एडसेंस के तहत उस कंटेंट पर विज्ञापन आते हैं। गूगल उस चैनल पर विज्ञापन के जरिए होने वाली आय का करीब 45% खुद रखता है और 55% यूजर को देता है।


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microsoft project bali to give users more data control

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